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करोड़ों का करियर छोड़ रचा इतिहास, दीपक को मिला संवाद लेखन का राष्ट्रीय पुरस्कार

बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा के दीपक किंगरानी को साल 2023 के लिये राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन का पुरस्कार मिला है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश का मान बढ़ा है। मनोरंजन जगत में हर्ष की लहर है। छोटे से कस्बे भाटापारा से ताल्लुक रखने वाले दीपक मानते हैं कि सिनेमा सीखने का सबसे सही तरीका है, अच्छा सिनेमा देखना। उनकी लिखी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ इन पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार की दौड़ में शामिल रही। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके सिनेमा में अपनी किस्मत आजमाने मुंबई पहुंचे दीपक किंगरानी ने लंबे संघर्ष के बाद सफलता देखी है और इसके लिए वह उन सबका एहसान मानते हैं जिन्होंने उनके सपने को साकार किया। उनकी लिखी फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ साल 2023 की रिलीज हिंदी फिल्मों में सबसे अच्छी फिल्म मानी गई थी।  राष्ट्रीय फिल्म जीत चुके हैं दीपक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके दीपक किंगरानी ने कहीं से भी स्क्रिप्ट राइटिंग जैसा कोई कोर्स नहीं किया है। उन्होंने 27 मई 2023 को अमर उजाला में दिये अपने साक्षात्कार में कहा था कि तमाम अंग्रेजी फिल्मों की पटकथाओं ने मेरी मदद की। भारत में अभी इसकी अधिक उपलब्धता नहीं है लेकिन विदेश में रिलीज हो चुकी फिल्मों की पटकथाएं आसानी से मिल जाती हैं, तो पहले मैं एक फिल्म देखता था। फिर उस फिल्म को दोबारा देखता था, उसकी पटकथा को अपने लैपटॉप पर खोलकर। मैं दोनों चीजें समझता और ये समझता कि किसी दृश्य को जमाने, उसे आगे बढ़ाने और फिर एक दृश्य से दूसरे दृश्य तक जाने का खास बिंदु क्या होगा। बस, मैंने पटकथा लेखन ऐसे ही सीखा, मैं कभी किसी फिल्म स्कूल नहीं गया।” शौक के लिये छोड़ी थी लाखों पैकेज की नौकरी भाटापारा और रायपुर से स्कूल और ग्वालियर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले दीपक को सिनेमा का शौक शुरू से ही रहा है। सिनेमा कैसे बनता है, इसमें उनकी दिलचस्पी इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने जगाई। इंजीनियरिंग करने के बाद वो लंबे समय तक नौकरी के सिलसिले में विदेश में रहे। हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ लेखक हबीब खान ने उनके लेखन पर भरोसा जताया। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से आने वालों के लिए रूमी जाफरी हमेशा एक लाइट हाउस की तरह रहे हैं। उनसे वो खूब मिलते रहते थे। वह किंगरानी की कहानियां सुनते और उनका हौसला बढ़ाते रहते थे। अनीस बज्मी ने भी उनके संघर्ष के दिनों में उनकी हिम्मत बनाए रखी।  स्पेशल ऑप्स’ ने दी सही दिशा 7 नवंबर 1982 को भाटापारा में जन्में दीपक किंगरानी अमरीकन कंपनी में लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़कर मुंबई चले गये और मशहूर पटकथा लेखक बने। उन्हें हॉटस्टार स्पेशल जासूसी थ्रिलर सीरीज,  कोर्ट रूम ड्रामा, सिर्फ एक बंदा काफी है (2023), वेब सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’(2020)  मिशन रानीगंज 2023,  भैया जी 2024  लिखी है। बतौर संवाद लेखक उनकी पहली फिल्म ‘वॉर छोड़ ना यार’ 2013, पागलपंती (2019) रिलीज हुई थी ।  हालांकि ‘स्पेशल ऑप्स’ ने उन्हें एक सही दिशा दी।  ट्रस्ट का बिजनेस है फिल्म इंडस्ट्री दीपक कहते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री ट्रस्ट का बिजनेस है। जब तक आपने कुछ लिखा नहीं है, तब तक कोई भरोसा नहीं करता। हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर रोजाना कई कहानियां सुनते हैं, ऐसे में आपको खुद को साबित करना होता है। शुरुआत में सबसे जरूरी है लगातार लिखते रहना। लोगों से मिलते रहना और अपने विचार साझा करते रहना।   

अखिलेश यादव का बीजेपी पर वार – ‘शिक्षा से दुश्मनी कर रही है सरकार’

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव स्कूलों के मर्जर को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है. अखिलेश यादव ने शुक्रवार को करारा हमला बोला था. अखिलेश यादव ने कहा था कि शिक्षा का अधिकार अखंड होता है और रहेगा. प्राइमरी स्कूलों को बंद करने जा रही भाजपा सरकार का नया फरमान उसकी शिक्षा विरोधी नीति की नैतिक हार है. यह पीडीए पाठशाला आंदोलन की महाजीत है. अब अखिलेश ने एक बार फिर से भाजपा पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा है कि ‘उत्तर प्रदेश की जनता समझ गई है कि स्कूल बंद करना दरअसल पीडीए समाज के खिलाफ भाजपा की एक बहुत बड़ी साजिश है. जिससे एकतरफ पीडीए समाज के लोग पढ़ न पाएं और मानसिक रूप से भाजपा का विरोध न कर पाएं, दूसरी तरफ इन स्कूलों में बनने वाले बूथ न बन पाएं. जिससे पीडीए समाज वोट न डाल सके. भाजपा का ये सामाजिक-मानसिक और राजनीतिक षड्यंत्र हम कभी सफल नहीं होने देंगे. भाजपा जाए तो शिक्षा आए.’ बता दें कि अखिलेश यादव पहले भी कह चुके हैं कि भाजपा चाहती है कि गरीब, पिछड़े, दलित शिक्षा से दूर रहें. अगर वे पढ़ लिख जाएंगे तो भाजपा की गलत नीतियों का विरोध करेंगे और सवाल पूछेंगे. भाजपा सवालों से डरती है. लोगों को शिक्षित करने के बजाय उन्हें अशिक्षित बनाए रखना चाहती है.

60 लाख नए सदस्य जोड़े, भाजपा नेताओं को मिला सम्मान, सीएम हाउस बना मेगा इवेंट का गवाह

रायपुर भारतीय जनता पार्टी में छत्तीसगढ़ से 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ने पर भाजपा रायपुर में विशेष कार्यक्रम करने जा रही है। इस अभियान में सक्रिय रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं का CM साय सम्मान करेंगे। यह समारोह नवा रायपुर स्थित CM हाउस में होगा। इतनी बड़ी संख्या में नए सदस्य जुड़ने पर पार्टी इसे जश्न की तरह मनाएगी। पार्टी के आला नेताओं ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। सम्मान पाने वालों की लिस्ट में सांसद, विधायक, पार्षद, जिला संयोजक और कार्यकर्ता शामिल हैं। अब पढ़े किस विधायक ने सदस्य बनाने में किया टॉप, किस जिलों से कितने सदस्यों का सम्मान होगा। बीजेपी ने नवंबर में इसे अपने सोशल मीडिया पेज में शेयर किया था। बीजेपी ने नवंबर में इसे अपने सोशल मीडिया पेज में शेयर किया था। सबसे पहले पढ़े सदस्यता अभियान कब शुरू हुआ छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने 3 सितंबर 2024 को सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी। अध्यक्ष ने सीएम विष्णुदेव साय को पहली सदस्यता दिलाई थी। सीएम के बाद प्रदेश स्तर पर अभियान चला। कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने मिलकर 60 लाख नए सदस्यों को जोड़ा। इस अभियान को लेकर किरण सिंहदेव ने भाजपा के सभी नगर अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों और सदस्यता अभियान प्रभारियों को निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में स्पष्ट था, कि पार्टी का सदस्य बनाते वक्त पूरी सावधानी बरतें। सदस्यता अभियान के दौरान बीजेपी नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों और मंडलों में बैठक लेकर केंद्र प्रभारी, बूथ प्रभारी और मंडल स्तर के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की थी। सदस्य बनाने में टॉप-3 में आए ये MLA संगठन के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, संगठन में नए सदस्य जोड़ने पर बीजेपी विधायक रिकेश सेन, भावना बोहरा और अजय चंद्राकर टॉप 3 श्रेणी में आए है। वहीं रायपुर शहर से 12 नेता हैं, जिन्होंने 3 हजार से अधिक सदस्य बनाए हैं। इनमें विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, सहित अन्य लोग शामिल हैं। कार्यकर्ताओं के तप को हम सबका प्रणाम- किरण सिंह देव किरण सिंहदेव ने किया कार्यकर्ताओं का अभिनंदन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने कहा कि, प्रदेशभर के सभी कार्यकर्ताओं ने निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा सदस्य बनाकर भाजपा के सांगठनिक आधार को दृढ़ करके कमाल कर दिखाया है। सदस्यता अभियान के लक्ष्य को आसानी से निर्धारित समय में हासिल करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि 60 लाख के लक्ष्य से भी अधिक सदस्य बनाने वाले सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान समारोह कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और उत्साह को कई गुना बढ़ाएगा। इस तरह बीजेपी ने बनाए सदस्य भारतीय जनता पार्टी ने सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए 2 सितंबर से ऑनलाइन माध्यम से काम शुरू कर दिया था। अभियान के तहत नए सदस्यों को जोड़ने के लिए मिस्ड कॉल, नमो एप, वेबसाइट और क्यूआर कोड स्कैन जैसे डिजिटल तरीकों का सहारा लिया गया। पार्टी के नियमों के मुताबिक, बीजेपी की सदस्यता की अवधि 5 साल होती है। इस अवधि के बाद सदस्यता समाप्त हो जाती है, और व्यक्ति को दोबारा सदस्यता लेनी होती है। इसी प्रक्रिया के तहत पार्टी हर पांच सालों में सदस्यता अभियान चलाकर पुराने सदस्यों का नवीनीकरण और नए सदस्यों को जोड़ने का कार्य करती है। इन जिलों में भी अलग-अलग नेताओं को दी गई थी जिम्मेदारी     सुकमा में ओजस्वी मंडावी, अरुण सिंह भदौरिया और हूंगाराम मरकाम, जी. वेंकट और सुखलाल पुजारी।     दंतेवाड़ा में श्रीनिवास राव मद्दी, विजय तिवारी, कुमार सिंह भदौरिया।     नारायणपुर में दिनेश कश्यप, बृजमोहन देवांगन और गौतम गोलछा।     कोंडागांव में महेश कश्यप, प्रवीण सिंह बदेशा और मनोज जैन, महावीर सिंह राठौर, निरंजन सिन्हा और सुमित्रा मारकोले।     बालोद में भोजराज नाग, प्रीतम साहू और यशवंत जैन।     बलौदाबाजार में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा और श्याम बाई साहू।     महासमुंद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूनम चंद्राकर और डॉ विमल चोपड़ा को जिम्मेदारी दी गई है।     जांजगीर-चांपा में विधायक धरमलाल कौशिक, कमला देवी पाटले, सौरभ सिंह और अंबेश जांगड़े।     सक्ती में प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, मेघाराम साहू और जगन्नाथ पाणिग्रही।     मुंगेली में सांसद कमलेश जांगड़े और विधायक पुन्नूलाल मोहले।     कोरबा में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और ननकीराम कंवर।     सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मंत्री टंकराम वर्मा और निर्मल सिन्हा।     जशपुर में राधेश्याम राठिया और रणविजय सिंह जूदेव।     बलरामपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उद्धेश्वरी पैकरा।     सूरजपुर में सांसद चिंतामणि महाराज और रामसेवक पैकरा।     ​​​​​​कोरिया में विधायक रेणुका सिंह और भैयालाल राजवाड़े।     मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और चंपादेवी पावले।     खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, कोमल जंघेल और विक्रांत सिंह।     मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी में प्रदेश उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव, प्रदेश महामंत्री भरतलाल वर्मा और संजीव शाह     राजनांदगांव में विधायक अमर अग्रवाल, खूबचंद पारख और अशोक शर्मा।     बेमेतरा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक ईश्वर साहू, लाभचंद बाफना, विधायक दीपेश साहू और प्रदेश मंत्री अवधेश चंदेल को को जिम्मेदारी दी गई है।

युवक पर भालू का हमला, सूरजपुर के ग्रामीण दहशत में

सूरजपुर सूरजपुर जिले के तमोर पिंगला के ग्राम रमकोला निवासी 40 वर्षीय रामफल जंगल में किसी काम से गया हुआ था। तभी उसका भालू और उसके शावकों से सामना हो गया। इससे पहले की रामफल वहां से भाग पाता भालू ने उसे नोच डाला। जंगल में रामफल बुरी तरह जख्मी हो गया। इसी बीच आसपास के ग्रामीणों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो उसे तुरंत उपस्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालत नाजुक होने पर उसे प्राथमिक उपचार उपरांत युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया। वर्तमान में उनका इलाज अम्बिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था। उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया है। ग्रामीणों ने जंगल में गश्त बढ़ाने की मांग तमोर पिंगला अभ्यारण्य कुल 608.52 वर्ग किलोमीटर में फैला है। जंहा भालू, तेंदुआ, सांभर, हाथी समेत अन्य वन्य जीवों का निवास करते है। इस अभ्यारण्य के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जानवरों का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में वन्य जीवों का आना-जाना आम हो गया है, उन्होंने वन विभाग से जंगल में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों के बीच इस हादसे से फैल दहशत इस घटना के बाद रमकोला और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता संग्रहण और अन्य कार्यों के लिए जंगल पर उनकी आजीविका निर्भर है, लेकिन ऐसी घटनाएं उनकी जान जोखिम में डाल रही हैं।

निजी स्कूलों को झटका: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, फीस रेगुलेशन एक्ट को बताया संविधानसम्मत

रायपुर  छत्तीसगढ़ में अब निजी स्कूल (Private Schools) मनचाही फीस नहीं वसूल सकेंगे। सरकार इसको लेकर नियम लागू कर सकती है। हाईकोर्ट (High Court) ने राज्य सरकार के “छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2020” (Chhattisgarh Non-Government School Fee Regulation Act, 2020) और उससे जुड़े नियमों को पूरी तरह संवैधानिक करार देते हुए, निजी स्कूल संघ की याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) में आती है। राज्य सरकार को निजी स्कूलों की फीस तय करने का पूरा अधिकार है। याचिका में उठाए गए तर्क खारिज निजी स्कूलों ने अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 (Right to Equality) और 19(1)(g) (Right to Practice Profession) का उल्लंघन बताया था। लेकिन कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक संघ है, न कि व्यक्तिगत नागरिक। इसलिए वे इन अनुच्छेदों का हवाला नहीं दे सकते। हाईकोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से राज्य के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके तहत फीस बढ़ाने के लिए जिला समिति की अनुमति आवश्यक होगी। अधिनियम की धारा 10 के तहत कोई भी स्कूल बिना जिला शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति के फीस नहीं बढ़ा सकता। साथ ही प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने साल 2020 में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम लागू करने का निर्णय लिया था। इसके लागू होने के बाद प्रदेश में संचालित निजी स्कूलों के एसोसिएशन ने साल 2021 में हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसमें कहा कि वे गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह अधिनियम उनकी स्वायत्तता (ऑटोनॉमी) में हस्तक्षेप करता है। फीस तय करने का अधिकार केवल प्रबंधन के पास होना चाहिए, इसमें सरकारी हस्तक्षेप अनुचित है। प्राइवेट स्कूलों ने बताया समानता के अधिकार का उल्लंघन याचिका में प्राइवेट स्कूल की तरफ से बताया गया कि अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 यानी समानता का अधिकार और 19(1)(g) व्यवसाय करने की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए अधिनियम को असंवैधानिक बताया। वहीं, राज्य सरकार ने तर्क दिया कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में आती है। अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता और न्यायोचित शुल्क तय करना है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजी स्कूल भी इस नियम से मुक्त नहीं हो सकते। हाईकोर्ट ने कहा- संघ है याचिकाकर्ता, नागरिक नहीं हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता संघ नागरिक नहीं हैं, ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देकर संवैधानिक अधिकारों का हवाला नहीं दिया जा सकता। फीस के लिए नियम तय करना राज्य सरकार का अधिकार है। अधिनियम का उद्देश्य केवल फीस में पारदर्शिता लाना है। कोई अधिनियम केवल इस आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी को असुविधा हो रही है। फैसले से छात्रों और अभिभावकों को मिलेगी राहत हाईकोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले से राज्य के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब निजी स्कूलों को फीस तय करने में जवाबदेही और पारदर्शिता बरतनी होगी। इसमें अभिभावकों की भागीदारी और जिला स्तरीय समिति की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही प्राइवेट स्कूलों के लिए राज्य शासन के निर्देशों के तहत ही फीस ली जा सकती है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगेगा लगाम हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य शासन प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगा सकती है। इसके तहत शासन प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने की सीमा तय भी कर सकेगी। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान भी अधिनियम में शामिल किया गया है। अधिनियम के तहत जिला और राज्य स्तर पर फीस निर्धारण समितियों का गठन अनिवार्य होगा। जिलों में कलेक्टर इसके अध्यक्ष होंगे, जबकि राज्य स्तर पर स्कूल शिक्षा मंत्री समिति के प्रमुख होंगे। ये समितियां निजी स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस की नीति तय करेंगी। जानिए अधिनियम में क्या है प्रावधान अधिनियम की धारा 10 के अनुसार, कोई भी निजी स्कूल बिना समिति की अनुमति के फीस नहीं बढ़ा सकता। अगर फीस बढ़ानी हो, तो स्कूल प्रबंधन को कम से कम 6 महीने पहले प्रस्ताव देना होगा। समिति को 3 महीने में निर्णय लेना होगा। फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 8 फीसदी तय की गई है। वहीं, अभिभावक संघ भी फीस वृद्धि पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। समिति को ऐसी आपत्तियों पर सुनवाई करनी होगी। समितियों को सिविल कोर्ट जैसे अधिकार दिए गए हैं, जिससे वे स्कूल से रिकॉर्ड मांग सकते हैं और सुनवाई कर सकते हैं। शिकायत पर हो सकती है कार्रवाई अब स्कूलों को फीस रजिस्टर, वेतन, व्यय, उपस्थिति, भवन किराया से संबंधित दस प्रकार के रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग इसकी जांच कर सकता है। वहीं, अगर कोई स्कूल समिति की अनुमति से अधिक फीस वसूलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली बैठक खत्म, बस्तर विकास और कैबिनेट विस्तार पर हुआ मंथन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।

PM मोदी ने दिया ट्रंप को जवाब, कहा- भारत बन रहा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

वाराणसी  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' बताया था. उनके इस तंज के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से करारा संदेश दिया और कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. पीएम मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया और कहा कि अब समय आ गया है कि हर भारतीय, हर खरीदारी में देशहित को प्राथमिकता दे. प्रधानमंत्री ने साफ कहा- अब भारत भी हर चीज को परखने के लिए सिर्फ एक ही तराजू इस्तेमाल करेगा- वो है, भारतीय पसीने से बनी चीजें. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब देश का हर नागरिक, हर दुकानदार और हर उपभोक्ता इस मंत्र को अपनाए कि हम वही खरीदेंगे जो भारत में बना हो, जिसे भारतीय हाथों ने गढ़ा हो और जिसमें हमारे देश का पसीना हो. वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह सिर्फ सरकार की नहीं, हर भारतवासी की जिम्मेदारी है. प्रधानमंत्री का कहना था कि आज दुनिया की अर्थव्यवस्था कई आशंकाओं से गुजर रही है. अस्थिरता का माहौल है. ऐसे में दुनिया के देश अपने-अपने हितों पर फोकस कर रहे हैं. भारत भी दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. इसलिए भारत को भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना ही है. भारत को भी अपने किसानों, लघु उद्योगों, युवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी होगी. उन्होंने आगे कहा, भारत को अब सजग रहना होगा. कौन सी चीज खरीदनी है, इसका सिर्फ एक ही तराजू होगा- वो जिसमें भारत के किसी नागरिक का पसीना बहा हो. हम वही चीजें खरीदेंगे जो भारत में बनी हों. भारतीय कौशल से बनी हों, भारतीय हाथों से बनी हों. यही हमारे लिए असली स्वदेशी है. 'हर नागरिक बने स्वदेशी का प्रचारक' प्रधानमंत्री मोदी ने इस संकल्प को सिर्फ सरकार या राजनीतिक दलों तक सीमित ना रखकर हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा, सरकार इस दिशा में हर प्रयास कर रही है. लेकिन देश के नागरिक के रूप में हमारे कुछ दायित्व हैं. ये बात सिर्फ मोदी नहीं, हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को हर पल बोलते रहना चाहिए- दूसरे को कहते रहना चाहिए. जो देश का भला चाहते हैं, जो देश को तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनाना चाहते हैं, उसे अपने संकोच को छोड़कर देशहित में हर पल देशवासियों के अंदर एक भाव जगाना होगा- वह संकल्प है, हम स्वदेशी को अपनाएं. मोदी ने साफ किया कि 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' को अब केवल नारा नहीं, व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा. 'व्यापारी सिर्फ स्वदेशी माल बेचें, यही सच्ची देशसेवा' प्रधानमंत्री ने देश के व्यापारियों और उद्योगजगत से विशेष आग्रह किया और कहा, अब समय आ गया है कि सिर्फ और सिर्फ स्वदेशी उत्पादों को ही बेचा जाए. उन्होंने कहा, मैं व्यापार जगत से जुड़े भाइयों को आगाह करता हूं- अब हमारी दुकानों पर सिर्फ स्वदेशी सामान बिकना चाहिए. यही देश की सच्ची सेवा होगी. जब हर घर में नया सामान आए तो वो स्वदेशी ही हो, यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक व्यापारिक दबाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन से आयात पर बहस और अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा के केंद्र में हैं.  

भोपाल में अपराधियों पर शिकंजा, मछली गैंग से जुड़े लोगों के गन लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

भोपाल  एमडी ड्रग्स में पकड़े गए यासीन अहमद और उसके परिवार के सदस्यों के शामिल होने के बाद क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मछली परिवार से जुड़े 15 लोगों के नाम भेजे हैं। जिनके नाम शस्त्र लाइसेंस हो सकते हैं। पत्र मिलने के बाद शस्त्र शाखा ने भी रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके तहत पांच लोगों के शस्त्र मिलने का पता चला है, जिनको आठ शस्त्र रखने की अनुमति दी गई है। इन शस्त्र लाइसेंस को निलंबित करने से पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, अब तक शस्त्र शाखा को सोहेल, शहरयार, शफीक, शाहिद और शावेज के नाम शस्त्र लाइसेंस मिले हैं। जिन पर आठ शस्त्र चढ़े हैं। कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के बाद अपराधों में लिप्त लोगों का रिकार्ड सर्च किया जा रहा है। जिनके नाम मिलेंगे, उनके शस्त्र निलंबित किए जाएंगे। जिले में अपराधों में लिप्त लोगों के लाइसेंस निलंबित किए जाते हैं। सरकारी जमीन पर बनी कोठी भी तोड़ेंगे जिला प्रशासन की टीम ने मछली परिवार के सरकारी जमीनों पर बने मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, कारखाना, वेयरहाउस, बकरा और मुर्गी फार्म, मदरसे को जमींदोज करने के बाद सील की गई कोठी को भी तोड़ने की तैयारी कर ली है। एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया का कहना है कि सरकारी जमीन पर बनी कोठी को तोड़ने के लिए दोबारा से टीम जाएगी। प्रशासन कार्रवाई कर रहा है     एमडी ड्रग्स मामले के आरोपितों की शस्त्र लाइसेंस संबंधी जानकारी पता कर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। आरोपितों के नाम से शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी मिलती है तो निलंबित की कार्रवाई की जाएगी। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त  

‘मछली गैंग’ का पर्दाफाश जारी, आरोपी यासीन पर एक और गंभीर आरोप दर्ज

भोपाल  बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता शफीक मछली के भाई शाहवर अहमद और भतीजे यासीन अहमद पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। पहले से ही ड्रग्स तस्करी और मारपीट के मामले में जेल में बंद शाहवर और यासीन पर एक और कार्रवाई की गई है। यासीन अहमद उर्फ मछली पर रेप की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी पर अब तक 6वां मामला दर्ज हुआ है। दरअसल, एमपी नगर थाने में दर्ज नए प्रकरण में पीड़िता ने कहा है कि यासीन ने शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक उसका यौन शोषण किया। यासीन मछली ने पहले एमपी नगर के एक फाइव स्टार होटल में रेप किया। फिर उसके बाद अलग-अलग जगहों पर युवती के साथ ज्यादती की गई। उसने आरोप लगाया है कि यासीन बेरहमी से पीटता था और उसने मारपीट के वीडियो भी बनाए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर पुलिस ने युवती की पहचान की और उसकी काउंसलिंग के बाद एफआईआर दर्ज की। मछली परिवार की बढ़ रही मुसीबतें इससे पहले भी अरेरा हिल्स और महिला थाने में यासीन के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी के केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार पीड़िता प्राइवेट नौकरी करती है। वहीं, ड्रग तस्कर यासीन से उसकी मुलाकात एक पब में हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद एक दूसरे से दोस्ती हो गई थी। दोनों ने एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर शेयर किए थे। इसके बाद यासीन ने युवती को मिलने के लिए एक फाइव स्टार होटल में बुलाया, जहां उसने शादी करने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। उसके बाद से वह लगातार युवती का शोषण कर रहा था। जब पीड़िता ने शादी की बात की तो उसने इनकार कर दिया। इतना ही नहीं मारपीट कर वीडियो भी बना लिया।

45 दिन में आत्महत्या का पांचवां मामला, अधीक्षका ने की आत्महत्या से सनसनी

बलरामपुर रामानुजगंज बलरामपुर रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 3 में रिंग रोड में स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में आज सुबह दुपट्टा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली इसकी जानकारी विद्यालय के अन्य स्टाप को लगी तो तत्काल दरवाजा को जोर से धक्का देकर उसे फांसी से उतारा गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा पिता संजय कुमार उम्र 25 वर्ष पटना बिहार की रहने वाली थी। वह पिछले वर्ष 27 जून 2024 को कन्या छात्रावास अधीक्षका के रूप में पदभार ग्रहण किया था। एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य राजू सिंह ने बताया कि नेहा व्यवहार कुशल एवं अपने कर्तव्य के प्रति कर्मठ कर्मचारी थी। कल रात तक उसने अपना ड्यूटी का निर्वहन किया आज सुबह 10:30 बजे के करीब विद्यालय के अन्य स्टाप से मुझे आत्महत्या कर लेने की जानकारी मिली जिसके बाद इसकी सूचना थाने में दी गई। विद्यालय के अन्य सहयोगी कर्मचारी ने बताया कि सुबह तक वह ठीक-ठाक लोगों से बात विचार कर रही थी एकाएक घटना से सभी स्तब्ध हैं। घटना के बाद लगातार बज रहा है मोबाइल पर घंटी घटना के बाद विद्यालय के कर्मचारियों के द्वारा यहां फांसी से शव को निकल गया। वही नेहा का लगातार मोबाइल बज रहा था। इंस्टाग्राम के माध्यम से नेहा के दूसरे सहयोगि विद्यालय स्टाप को घटना की सूचना किसी युवक के द्वारा दी गई। 45 दिनों में आत्महत्या की यह पांचवीं घटना रामानुजगंज क्षेत्र में बीते 45 दिनों में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की यह पांचवीं घटना है। फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले सभी लोगों की उम्र 18 से लेकर 30 वर्ष के बीच है एवं सभी अविवाहित थे।