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बालक आश्रम में मिली लापरवाही: सांसद के निरीक्षण में प्रधान अध्यापक नशे में धुत

कांकेर विकासखंड दुर्गुकोंदल अंतर्गत बालक आश्रम सुरूंगदोह में पदस्थ प्रधान अध्यापक एवं प्रभारी अधीक्षक ओकेश्वर चुरेन्द्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने आश्रम का औचक निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान चुरेन्द्र को नशे की हालत में पाया गया। सांसद की जानकारी पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंडल संयोजक द्वारा जांच कर रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके आधार पर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कांकेर ने पाया कि अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (उप-नियम 1, 2, 3) के विरुद्ध है। इसके फलस्वरूप उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान चुरेन्द्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है। इस संबंध में कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी देते हुए बताया कि सांसद के निरीक्षण में अधीक्षक को नशे की हालत में पाया गया था, जिसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी आश्रम छात्रावासों की औचक जांच के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी बच्चों को उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

रेत ढोने पर कार्रवाई: 18 ट्रैक्टर जब्त, पीएम आवास योजना की छूट का हवाला देकर एसडीएम दफ्तर पहुंचे वाहन मालिक

गरियाबंद देवभोग तहसील में बहने वाले तेल नदी से अवैध रेत परिवहन में लगे 18 ट्रैक्टरों को आज माइनिंग विभाग की टीम ने जब्त किया. जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई. सभी जब्त वाहनों को देवभोग थाना के सुपुर्द किया गया है. इस कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर वाहन मालिकों ने कार्रवाई का विरोध भी किया है. समाधान के लिए एसडीएम दफ्तर भी पहुंचे पर नियम का हवाला देकर अफसरों ने कार्रवाई को जायज ठहराया. पीएम आवास के लिए मिली थी छूट कार्रवाई रुकवाने एसडीएम दफ्तर पहुंचे ट्रैक्टर मालिक प्रह्लाद बीसी, सुशील पांडे ने कहा कि ट्रैक्टर मालिकों की दलील है कि सरकार ने खुद विधानसभा से पीएम आवास के लिए रेत परिवहन को छूट देने का ऐलान किया था, लेकिन कार्रवाई क्यों की जा रही है. सिनापली के विद्याधर ध्रुव समेत कुछ चालकों ने पंचायत का वह प्रमाण पत्र भी दिखाया, जिसमें आवास हितग्राहियों के लिए परिवहन का जिक्र किया गया था, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं हुई. एकतरफा कार्रवाई का आरोप, भंडारण पर उठा सवाल 10 जून को रेत परिवहन बंद होने के बावजूद यहां कुछ रेत गिरोह द्वारा प्रति ट्रैक्टर 300 रुपए की अवैध उगाही की जा रही थी. कुछ को 600 रुपए की भंडारण रॉयल्टी पर्ची दी गई, लेकिन परिवहन भंडारण स्थल के बजाए रेत घाट से हो रही थी. यहां तक कि पुरना पानी घाट में रात के अंधेरे में फोकलेन लगाकर हाइवा से बेधड़क सप्लाई हो रही थी. इसकी शिकायत ऊपर तक हुई. इस शिकायत के बाद एक गुट ने ट्रैक्टर में हो रहे परिवहन की शिकायत कर दी. आज माइनिंग की टीम दो शिकायतों के आधार पर कार्यवाही करने पहुंची पर भंडारण और अवैध उगाही की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की. जिला खनिज अधिकारी बोले – अवैध उगाही पर भी कार्रवाई करेंगे मामले में जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू ने दो प्रकार से हुई शिकायत की पुष्टि की है. रोहित साहू ने कहा कि फिलहाल कुम्हड़ाई घाट पर अवैध परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है. आगे पुरना पानी घाट में होने वाले अवैध उगाही की भी जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे. ट्रैक्टर के चलते बंद हो गया था हाईवा कारोबार ट्रैक्टरों के दौड़ने से हाईवा वाले बड़े रसूखदारों का कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया था. इन दिनों ज्यादातर निर्माण पीएम आवास का चल रहा है. ऐसे में गांव गांव में छोटे हितग्राही कम कीमतों पर आसानी से रेत हासिल कर रहे थे. अब ट्रैक्टरों पर लगी रोक के बाद रात के अंधेरे का बड़ा अवैध कारोबार फिर से शुरू हो जाएगा. प्रति हाईवा 10 से 15 हजार के बीच सप्लाई की जाएगी. देवभोग में जिस समय भंडारण की अनुमति दी गई उस समय तक वैध खदान शुरू नहीं हो सका था, लेकिन बंद होने से पहले महज 10 दिनों तक वैध खदान जारी रहा. नियम अनुसार विभाग ने भंडारण स्थल का पूर्व और खदान बंद होने के बाद का सत्यापन कैसे किया है. इस पर भी ट्रैक्टर मालिकों ने सवाल खड़ा कर दिया है.

शिवसेना महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष समेत पूरी टीम कांग्रेस में हुई शामिल, दीपक बैज ने किया स्वागत

 रायपुर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत शिवसेना महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम ने आज कांग्रेस पार्टी में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। यह शामिल कार्यक्रम राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में हुआ, जहां सभी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात की। दीपक बैज ने इस अवसर पर सभी नवप्रवेशी सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “शिवसेना महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम का कांग्रेस में शामिल होना हमारे लिए गर्व का विषय है। निश्चित रूप से इससे कांग्रेस पार्टी की ताकत और व्यापकता में वृद्धि होगी।” उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी की रीति-नीति व विचारधारा से प्रभावित होकर लिया गया है। दीपक बैज ने विश्वास जताया कि महिला विंग की भागीदारी से कांग्रेस की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक शक्ति को मजबूती मिलेगी, जिससे आगामी समय में पार्टी और अधिक सशक्त रूप से उभरेगी।

मंत्री पटेल ने कहा- मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन जल संकट की आहट को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पंचायत प्रतिनिधियों को नियत और न्याय की भावना से स्वीकार करना होगा। मंत्री श्री पटेल धार में आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि सांसद रहते हुए उन्होंने सदैव कृषि और ग्रामीण विकास विषयक संसदीय समितियों में रहकर देश भर में इन विषयों को गहराई से समझने का प्रयास किया। प्रदेश में मंत्री के रूप में उन्हें इन नीतियों को लागू करने का अवसर मिला है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, वृक्षारोपण और योजनाओं का रिकॉर्ड पारदर्शिता से रखें। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का आहवान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन जल संकट की आहट को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। जल संरक्षण के लिये वृक्षारोपण ही सबसे स्थायी उपाय है। उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण का आहवान किया और कहा कि “जो पौधा आप लगाते हैं, उसकी देखभाल भी आपकी व्यक्तिगत जवाबदेही है।” उन्होंने कहा कि “वृक्षारोपण अभियान 2025” में महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को भी बल मिलेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पुराने, जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवनों को तोड़कर 48 लाख और 37 लाख रुपये की लागत से नए भवनों की मंजूरी दी गई है। कोई भी पंचायत अब भवन विहीन नहीं रहेगी। धार जिले में इस वर्ष 81 पंचायत भवन और 85 पुलियों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। चौथे चरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत अब मजरे-टोले को भी जोड़ा जा सकेगा, जिसके लिए राजस्व ग्राम की शर्त हटा दी गई है। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सवित्री ठाकुर ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का कार्य करें और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में जुट जाएँ। सम्मेलन में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेढ़ा, विधायक नीना वर्मा और कालूसिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव,नीलेश भारती एवं चंचल पाटीदार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में अधिकारी सहित बड़ी संख्या में सरपंच व पंच उपस्थित रहे। 

छत्तीसगढ़ में मलेरिया के खिलाफ निर्णायक बढ़त — 61.8% बिना लक्षण वाले मरीज समय पर पहचाने गए

  बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा-सुकमा में शासन की रणनीति सफल — दूरस्थ अंचलों में भी पहुँच रही स्वास्थ्य सेवा सक्रिय निगरानी, घर-घर स्क्रीनिंग और सामुदायिक भागीदारी से गढ़ा नया स्वास्थ्य मॉडल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान (12वां चरण) की अब तक की प्रगति से स्पष्ट है कि राज्य शासन की घर-घर स्क्रीनिंग रणनीति और सक्रिय जनसंपर्क के माध्यम से मलेरिया की जड़ पर प्रहार किया जा रहा है। 25 जून से 14 जुलाई 2025 तक हुए सर्वेक्षण में 1884 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई, जिनमें से 1165 मरीज (61.8%) बिना लक्षण (Asymptomatic) वाले थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—बीमारी की प्रतीक्षा मत करो, बीमारी से पहले पहुँचो। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह अभियान राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। कुल 1,39,638 लोगों की मलेरिया जांच की गई। 1884 लोग पॉजिटिव पाए गए, जिनमें से 1165 (61.8%) बिना किसी लक्षण के थे — यानी यदि ये स्क्रीनिंग नहीं होती, तो संक्रमण आगे बढ़ता। कुल मामलों में से 75% से अधिक बच्चे हैं, जो विशेष रूप से संवेदनशील वर्ग हैं। 92% से अधिक मलेरिया केस Plasmodium falciparum (Pf) प्रकार के हैं — जिसकी त्वरित पहचान से गंभीर जटिलताओं को टाला गया। दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिले में 12.06% लक्ष्य प्राप्ति दर और 706 मलेरिया पॉजिटिव मामलों की पहचान एक बड़ी सफलता है। खास बात यह है कि इनमें से 574 मरीज बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) थे, जिन्हें शासन की सक्रिय रणनीति के कारण समय रहते उपचार उपलब्ध कराया गया। यह दिखाता है कि जंगल क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य तंत्र की पहुँच, निगरानी, और सेवा वितरण प्रभावशाली तरीके से हो रहा है। सुकमा में 15,249 व्यक्तियों की जांच के दौरान 372 मलेरिया पॉजिटिव केस मिले, जिनमें से 276 मरीज बिना लक्षण वाले थे। यह आँकड़ा स्पष्ट रूप से बताता है कि शासन की प्रो-एक्टिव स्क्रीनिंग के चलते साइलेंट संक्रमण के चक्र को तोड़ा जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में भी मेडिकल एक्सेस और सामुदायिक भागीदारी के चलते संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा रहा है — यह प्रशासन की रणनीतिक सफलता है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 12वें चरण अंतर्गत 27266 घरों में स्क्रीनिंग टीमों की पहुँच हुई। 1247 गर्भवती महिलाओं की जाँच की गई, जिनमें से मात्र 10 पॉजिटिव पाई गईं – यानी केवल 0.08%। LLIN (लार्ज लास्टिंग मच्छरदानी) का उपयोग 92% घरों में सुनिश्चित हुआ। Indoor Residual Spray कवरेज 68.73% तक पहुँचा। 614 घरों में मच्छर लार्वा मिलने पर त्वरित कार्रवाई की गई। यह अभियान दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवा सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि जागरूकता, समयबद्धता और पहुँच का नाम है। शासन द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से स्क्रीनिंग, मच्छर नियंत्रण, जागरूकता और फॉलोअप व्यवस्था के संयुक्त प्रयास से ही संभव हो सका है कि 61.8% बिना लक्षण वाले मरीजों को इलाज मिला और संक्रमण की कड़ी टूट सकी। छत्तीसगढ़ सरकार आने वाले समय में इस मॉडल को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य को मलेरिया मुक्त बनाना सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि वास्तविकता बने।

पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर रोक, MP हाईकोर्ट करेगा व्यापक जांच और जवाबदेही तय

भोपाल /जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान एक अहम् फैसला सुनाते हुए पैरामेडिकल कॉलेजों को दी जा रही मान्यता प्रक्रिया पर रोक लगा दी है , इस आदेश के बाद कॉलेज संचालकों में हड़कंप मच गया है, बता दें मध्य प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों को लंबे इन्तजार के बाद मान्यता मिलने जा रही थी जिसे हाई कोर्ट ने रोक दिया है। नर्सिंग घोटाले के बाद अब पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता और एडमिशन में गड़बड़ियों को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर की डिवीज़नल बेंच ने एक महत्वपूर्ण स्थगन आदेश पारित किया है। लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा दाखिल की गई नर्सिंग मामले की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पिछले दिनों एक आवेदन पेश कर कोर्ट को बताया गया था कि नर्सिंग की तरह पैरामेडिकल कॉलेजों के मान्यताओं में भी अनियमितताएँ की जा रही है। 2023-24 एवं 2024-25 सत्र के लिए मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल दे रहा मान्यता  याचिका में कहा गया कि एमपी पैरामेडिकल काउंसिल द्वारा निकल चुके एकेडमिक सत्रों (2023-24 एवं 2024-25) की मान्यता भूतलक्षी प्रभाव से दी जा रही है और बगैर मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त किए सरकारी तथा निजी पैरामेडिकल कॉलेजों के द्वारा अवैध रूप से छात्रों के प्रवेश दिए जा रहे हैं, नर्सिंग घोटाले की जांच में जिन कॉलेजों को सीबीआई ने अनसूटेबल बताया है उन्हीं बिल्डिंग में पैरामेडिकल काउंसिल अब पैरा मेडिकल कॉलेजों की मान्यता दे रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूरी मान्यता प्रक्रिया पर रोक लगाई   पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता के आवेदन पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने इसे अलग जनहित याचिका (PIL) के रूप में पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने इस गंभीर विषय पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल के चेयरमैन व रजिस्ट्रार को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए थे, आज की सुनवाई में हाई कोर्ट ने राज्य शासन के उस आदेश पर रोक लगा दी है जो पैरामेडिकल काउंसिल को एकेडमिक सत्रों (2023-24 एवं 2024-25) की मान्यता भूतलक्षी प्रभाव से देने की अनुमति देता था। 24 जुलाई को होगी अगली सुनवाई  मामले में पैरामेडिकल काउंसिल के चेयरमैन और रजिस्ट्रार को पक्षकार बनाया गया है बताते चलें कि मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ला, पैरामेडिकल काउंसिल के पदेन चेयरमैन हैं । इस मामले की अगली सुनवाई सभी नर्सिंग मामलों के साथ 24 जुलाई को होगी ।

बिजली चोरी के सूचनादाताओं को पारितोषिक की 5 फीसदी राशि का तुरंत भुगतान

अब तक 5 सूचनादाताओं के खाते में पहुंचाई राशि भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बिजली चोरी की रोकथाम के लिए पारितोषिक योजना चला रही है। योजना में बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। संशोधित प्रावधानानुसार पांच प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर कर दिया जाता है। अंतिम निर्धारण आदेश के बाद शेष पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली के बाद दी जा रही है। योजना में एक अप्रैल से अब तक 5 सफल सूचनादाताओं को 11 हजार 500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में जमा कराए गए हैं। इसके साथ ही जांच एवं वसूली की कार्यवाही करने वाले संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को भी 3 हजार रुपये प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान उनके मासिक वेतन में जोड़कर किया गया है। कंपनी ने ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के पहले कुल 63 प्रकरणों में 7 सफल सूचनादाताओं को उनके खाते में पूर्ण भुगतान के रूप में 2 लाख 18 हजार रूपये की प्रोत्‍साहन राशि दी गई है। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनादाता के रूप में शामिल किया गया है, परंतु उसे सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्‍साहन राशि दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्‍वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ जांच एवं वसूली के कार्य में शामिल बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी परितोषिक योजना में दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि सभी संबंधितों को समान रूप में दी जा रही है। पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग, भुगतान से संबंधित गतिविधियां पूरी तरह से गोपनीय और ऑनलाइन है। अब सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्‍त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान के रूप में आधार अथवा पेन कार्ड देना अनिवार्य है। योजना में सूचनादाता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित के बैंक खाते में हस्तांतरित की जा रही है। योजना में क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी भी रखी जा रही है। पोर्टल अथवा उपाय एप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है एवं उपाय एप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी नागरिकों के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाए और कंपनी को सहयोग दें।

श्योपुर की उभरती खेल प्रतिभाएँ, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर परचम लहरा रहे खिलाड़ी

भोपाल  श्योपुर जिले की प्रतिभाएँ अब सीमित दायरे में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपना लोहा मनवा रही हैं। खेल के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयों को छूते हुए श्योपुर जिले के खिलाड़ी जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। हाल ही में दो खिलाड़ियों मिक्स मार्शल आर्ट में मोहम्मद हुसैन और कुश्ती में सुखमन कौर ने अपनी उपलब्धियों से पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। गत 12 और 13 जुलाई को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मिक्स मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में श्योपुर के मोहम्मद हुसैन ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मैडल हासिल किया। देशभर के 18 राज्यों से आए प्रतिभागियों में हुसैन ने विभिन्न मुकाबलों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई और महाराष्ट्र के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। मोहम्मद हुसैन ने बताया कि मिक्स मार्शल आर्ट एक तकनीक, ताकत और आंतरिक बल का खेल है और यह भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। श्योपुर की बेटी सुखमन कौर ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया। किर्गिस्तान में आयोजित एशियन अंडर-15 कुश्ती चैम्पियनशिप में उन्होंने मंगोलिया और कजाकिस्तान की खिलाड़ियों को 10-0 के अंतर से हराकर काँस्य पदक हासिल किया। सुखमन की इस जीत पर श्योपुर कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में उनका स्वागत और सम्मान किया। साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने एकलव्य अवॉर्ड के लिए सुखमन कौर का नाम अनुशंसा करने के लिए खेल अधिकारी को निर्देशित किया। इसके अंतर्गत दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। सुखमन की यह उपलब्धि कोई पहली नहीं है। वर्ष 2022 से लेकर अब तक उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते हैं। इसमें अंडर-14, अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग की प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। श्योपुर जैसे सीमावर्ती जिले में इन प्रतिभाओं की सफलता यह दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि संकल्प और समर्पण हो तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। मोहम्मद हुसैन और सुखमन कौर जैसे खिलाड़ी न केवल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं, बल्कि श्योपुर को खेलों की नई पहचान भी दिला रहे हैं।  

सांसद की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित

सड़क सुरक्षा हेतु ट्रफिक नियमो का सख्ती से पालन कराये  : सांसद डॉ मिश्र   सिंगरौली सांसद सीधी सिंगरौली डॉ. राजेश मिश्र के अध्यक्षता एवं राज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती राधा सिंह, सिंगरौली विधासभा के विधायक राम निवास शाह, देवसर विधानसभा के विधायक राजेन्द्र मेश्राम, धौहनी विधानसभा के विधायक श्री कुवर सिंह टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह,कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला, प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, के उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरंक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई बैठक के प्रारंभ पूर्व बैठक में किए गए निर्णय के पालन प्रतिवेदन से अवगत होने के पश्चात सांसद डॉ. मिश्र ने कहा कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओ को मुख्य कारण यातायात नियमो का सही ढंग से पालन नही कराया जाना है। उन्होने निर्देश दिए कि जिले में ट्रफिक नियमो का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि इसकी मानीटरिंग किया जाये कि दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गाड़ी  नही चलाये। उन्होने निर्देश दिए कि सभी वाहन सीमित गति से ही सड़क पर चले । उन्होने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमिति चेकिंग लगाकर वाहनो की फिटनेस, बीमा, रजिस्ट्रेसन की जॉच करे। यह सुनिश्चित करे कि सभी छोटे बड़े वाहनो के नम्बर प्लेट सही ढंग से लगे हो। साथ यह भी जॉच करे कि वाहन चालक शराब के नशे में तो वाहन नही चला रहे है। नियमो का उल्लघन करने वालो के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करे। सांसद ने निर्देश दिये कि किसी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाए हुई उसकी जानकारी से अवगत कराने के साथ उस क्षेत्र को रेड जोन में चिन्हित करे।सांसद ने निर्देश दिए कि सड़को में बनने वाले स्पीड ब्रेकर सही माप दण्ड के अनुसार बनाया जाये। तथा बड़े वाहनो में आगे तथा पीछे की ओर स्पष्ट अक्षरो मे वाहन का नम्बर लिया रहे। उन्होने कहा कि सड़को में लगने वाले संकेत भी उचित प्रकार से लगाया जाये। बैठक के दौरान राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क के पटरियो में लगने वाले बाजरो के लिए  स्थाल चिन्हित  बाजार के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करे  ताकि सड़क मे होने वाले भीड़ भाड़ को कम किया जा सके।  बैठक में विधायक सिंगरौली एवं धौहनी ने सुझाव दिया कि जिले के सड़को में किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही किया जाये। इसके साथ ही सड़को में भवन निर्माण के लिए सामंग्री रखी दी जाती है उसको हटाने के साथ ही खराब सड़को की मरम्मत कराई जाये। बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, एसडीएम देवसर अखिलेश सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष बरगवा प्रमिला बर्मा, जनपद अध्यक्ष देवसर प्रणव पाठक, जनपद अध्यक्ष चितरगी सिया दुलारी, जनपद अध्यक्ष बैढ़न एसडीएम माड़ा राजेश शुक्ला, आयुक्त नगर निगम डी.के शर्मा, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी, जिला परिवहन अधिकारी बिक्रम सिंह राठौर, सीएसपी पीएस परस्ते सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मैड्रिड में श्री बेनीतेज़ ने की सौजन्य भेंट

आपसी सहयोग और निवेश संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार दिवसीय आधिकारिक स्पेन प्रवास के पहले दिन मैड्रिड में स्पेन के विदेश मामलों, यूरोपीय संघ और सहयोग मंत्रालय के उप महानिदेशक (दक्षिण एशिया) श्री एमिलियो कोंत्रेरास बेनीतेज़ से सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान भारत और स्पेन के मध्य आपसी सहयोग, निवेश संभावनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक भागीदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश-अनुकूल वातावरण, पर्यटन, कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। श्री बेनीतेज़ ने मध्यप्रदेश के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए भविष्य में आपसी हित के क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।