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2017 तक एक भी जिला ओडीएफ नहीं, योगी सरकार ने बनवाए 3.31 करोड़ से अधिक शौचालय

योगी सरकार आने पर पकड़ी केंद्रीय योजनाओं ने रफ्तार  2017 तक एक भी जिला ओडीएफ नहीं, योगी सरकार ने बनवाए 3.31 करोड़ से अधिक शौचालय खाली सिलेंडरों के दौर से निकलकर अब होली-दिवाली पर मुफ्त रिफिल का तोहफा लखनऊ,   प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद आमजन को सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वर्ष 2017 से पहले ऐसा नहीं था, क्योंकि पिछली सरकारें राजनीतिक कारणों से केंद्रीय योजनाओं को लागू करने में रोड़े अटकाती थीं। इतना ही नहीं, कई योजनाओं के मिलते-जुलते नाम रखकर लोगों को बरगलाने की भी चेष्टा की जाती थी। नतीजा यह कि उत्तर प्रदेश की जनता मोदी सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रहती थी। लेकिन, जैसे ही 2017 में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, केंद्र सरकार की योजनाओं पर लगे ताले खुल गए। इससे केंद्र व राज्य, दोनों सरकारों की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा।          प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को मिला सहारा केंद्र सरकार ने देश के हर गरीब को पक्का मकान देने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की थी। हालांकि प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को उत्तर प्रदेश में गति देने के बजाय अपनी समाजवादी आवास योजना और लोहिया ग्रामीण आवास योजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया था। इसके बाद आरोप लगे कि पूर्ववर्ती सरकार ने केंद्र को लाभार्थियों की सूची भेजने और मैचिंग ग्रांट (राज्य का हिस्सा) जारी करने में ढिलाई बरती। स्थिति यह थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2014 से 2017 तक वह सरकार 50 हजार आवास भी नहीं बना पाई। बाद में योगी सरकार आने पर इस कार्य को 'डबल इंजन' की रफ्तार दी गई। योगी सरकार ने 9 वर्षों में 62 लाख से अधिक परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया है। पीएम फसल बीमा योजना में 6,283 करोड़ से अधिक भुगतान  किसानों को सूखे, बाढ़ या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र ने 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) लॉन्च की थी। इस योजना में राज्य सरकार की ओर से भी प्रीमियम का एक हिस्सा दिया जाना था और राज्य की एजेंसियों को सक्रिय भूमिका निभानी थी। हालांकि 2017 से पहले की सरकार की उदासीनता के कारण करीब 3 प्रतिशत किसानों का ही बीमा हो सका था, जिससे यूपी के किसान केंद्रीय मुआवजे से वंचित रह गए। वहीं उस समय के दौरान भाजपा शासित राज्यों में जहां 60-70 प्रतिशत किसानों को इसका लाभ मिल चुका था। योगी सरकार में इस योजना के तहत पिछले 9 वर्षों में 79 लाख से अधिक कृषकों को 6,283 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान किया जा चुका है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 100 प्रतिशत लक्ष्य 2014 में शुरू हुआ स्वच्छ भारत मिशन पीएम मोदी के सबसे बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट्स में एक था, जिसका उद्देश्य देश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाना था। इस योजना के तहत शौचालयों के निर्माण के लिए केंद्र से फंड जारी होना था, लेकिन इसके लिए राज्य को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना था और अपनी हिस्सेदारी तय करनी थी। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखाई। वह इस योजना की ब्रांडिंग के खिलाफ थी, क्योंकि वह इसे भाजपा की योजना मानती थे। नतीजा यह हुआ कि 2014-2017 के बीच यूपी में शौचालय निर्माण की गति बेहद धीमी रही और राज्य ओडीएफ रैंकिंग में काफी पीछे छूट गया। मार्च 2017 तक उत्तर प्रदेश का ग्रामीण स्वच्छता दायरा महज 35 प्रतिशत के आस-पास ही पहुंच पाया था। वहीं प्रदेश का एक भी जिला पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त घोषित नहीं हो सका था। दूसरी तरफ वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के आने पर अब तक प्रदेशभर में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 3.31 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत उत्तर प्रदेश 100 प्रतिशत ओडीएफ राज्य घोषित किया गया। वहीं 94 हजार से अधिक गांव ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों के साथ ओडीएफ प्लस घोषित किए गए। यह सब 2017 में लगभग नामुमकिन लग रहा था। उज्जवला योजना में घर-घर पहुंचे गैस सिलेंडर पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान बेहद कम संख्या में महिलाओं को मुफ्त कनेक्शन (सिलेंडर व रेगुलेटर) मिले। इनमें भी लगभग 35-40 प्रतिशत परिवारों ने पहला सिलेंडर खत्म होने के बाद दूसरा सिलेंडर नहीं भरवाया, क्योंकि उस वक्त रिफिलिंग पर राज्य सरकार की तरफ से कोई अतिरिक्त वित्तीय मदद या सब्सिडी टॉप-अप नहीं मिलता था। दूसरी तरफ योगी सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर पिछले 9 वर्षों में प्रदेश की लगभग 1.86 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन का लाभ दिया। इसके साथ ही होली और दीपावली पर दो सिलिंडर मुफ्त रिफिल किए जा रहे हैं।

सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी प्रदर्शनी : मंत्री सारंग

सहकारी सप्ताह के अंतर्गत राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी प्रदर्शनी : मंत्री सारंग प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर अग्रसर भोपाल सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी का शुभारंभ गुरुवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंत्री सारंग ने फीता काटकर प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी संगठनों, शासकीय विभागों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं उत्पादक संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित उत्पादों, नवाचारों एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा सहकारिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। मंत्री सारंग ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में विकास, जनकल्याण और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर नए-नए प्रकल्पों पर कार्य कर रहे हैं। सहकारिता इस विकास यात्रा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम है। इसी दृष्टि से प्रधानमंत्री मोदी ने देश में पृथक सहकारिता मंत्रालय का गठन किया तथा देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। आज सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 29 जून से 5 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में ‘सहकारी सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहकारिता की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी भी इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण आयोजन है। मंत्री सारंग ने कहा कि यह प्रदर्शनी सहकारिता से जुड़े सभी प्रमुख आयामों की व्यापक झलक प्रस्तुत करती है। इसके माध्यम से प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों, नवाचारों और योजनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएँ नवाचार के माध्यम से जो गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं, उनका प्रदर्शन भी इस प्रदर्शनी में किया जा रहा है। इससे सहकारी संस्थाओं को नए बाजार उपलब्ध होंगे, उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा तथा प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलेगी। मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, कारीगरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहकारी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहकारिता के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं से नवाचार, गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए अपने उत्पादों एवं सेवाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ सहकारी संस्थाओं को विपणन का प्रभावी मंच उपलब्ध कराने के साथ उपभोक्ताओं और उत्पादकों के बीच विश्वास को सुदृढ़ करती हैं तथा नई पीढ़ी को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं। मंत्री सारंग ने हस्तशिल्प कारीगरों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन स्वरूप सिलाई मशीन सहित विभिन्न टूल किट एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा उत्पादक संगठनों द्वारा कृषि, दुग्ध, बीज, उर्वरक, मत्स्य, वनोपज, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, हस्तशिल्प, उद्यमिता विकास, एफपीओ, सौर ऊर्जा तथा ग्रामीण आजीविका से संबंधित उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन (सांची), मार्कफेड, इफको, कृभको, नेफेड, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक), जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), नाबार्ड सहित अनेक प्रमुख सहकारी संस्थाओं ने अपने स्टॉल स्थापित किए हैं। कार्यक्रम में प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ अभिजीत अग्रवाल, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक महेंद्र दीक्षित, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ सहित विभिन्न विभागों एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएँ, कृषक, उद्यमी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी 4 जुलाई 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में सहकारी संस्थाओं द्वारा निर्मित उत्पादों, नवाचारों एवं सेवाओं का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। यह आयोजन प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति प्रदान करने तथा “सहकार से समृद्धि” के राष्ट्रीय अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  

विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाला लखनऊ साइबर रैकेट पकड़ा गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमरिका, कनाडा समेत कई अन्य देशों के नागरिकों को झांसे में लेकर अरबों की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया। गिरोह विभूतिखंड इलाके में स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर दो कार्यालय (कॉल सेंटर खोलकर) करीब सवा साल से ठगी कर रहे थे। गिरोह, विदेशी नागरियों को डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट में समस्या होने पर मदद करने और खरीदारी का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरोह के लोग मुख्य रूप से डॉलर एप और आईबीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ठगी करते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर के 27 लड़कियां, दो प्रोग्राम मैनेजर समेत 119 लोगों को हिरासत में ले लिया। साइबर, क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें अलग-अलग पूछताछ कर गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। पुलिस टीम ने मंगलवार देर रात कार्यालय में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर के दोनों कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने गेट को लाक कर दिया, जिससे कोई भाग न पाए। कार्रवाई के दौरान समिट बिल्डिंग के गेट पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पकड़े गए आरोपियों में गुजरात के अहमदाबाद जनपद का रहने वाला ललित खैराजानी (हाल पता गोमतीनगर विस्तार) और उसका साथी विक्रम सिंह परमार है। दोनों कार्यालय में ऑपरेशन मैनेजर के पद पर तैनात थे। बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और आसाम व अन्य राज्यों की 27 लड़कियां व 92 लड़के हैं। सभी टीमों से पूछताछ की जा रही है। शहर में इतना बड़ा कॉल सेंटर पकड़े जाने की सूचना पर संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार, डीआईजी साइबर क्राइम, पुलिस उपायुक्त पूर्व डॉ. दीक्षा शर्मा, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। बरामदगी : 100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, कालिंग डेटा, हजारों बैंकों की ई-वॉलेट डिटेल व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पकड़े गए 119 लोगों से पूछताछ की जा रही संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर के लोग मुख्य रूप से अमेरिकन नागरिकों को ठगते थे। गिरोह डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट करेप्ट होने का भय दिखाकर और कई अन्य तरीके से ठगी करते थे। पकड़े गए 119 लोगों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह का नेटवर्क खंगाला जा रही है। जालसाजों से पूछताछ कर अन्य साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।

डेटा एनालिटिक्स से खुला कर चोरी का खेल, अवैध बिलिंग पर राज्य कर विभाग की सख्ती

जयपुर  राज्य में कर चोरी, अवैध बिलिंग एवं  इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित एक विशेष सत्यापन अभियान संचालित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर विसंगति मिली।  60 में से 32 पंजीकरण निकले अवैध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम विश्लेषण के आधार पर प्रदेशभर में चिन्हित संदिग्ध जीएसटी पंजीकरणों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस अभियान के तहत कुल 60 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच की गई, जिसमें प्रारंभिक सत्यापन में ही 32 पंजीकरण अवैध एवं अस्तित्वहीन पाए गए। शेष चिन्हित प्रकरणों में जांच अभी निरंतर जारी है।  15.73 करोड़ रुपए की राजस्व हानि रोकी गई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15.73 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अवरुद्ध किया जा चुका है। शेष प्रकरणों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूर्ण होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  डेटा आधारित प्रणाली की उपलब्धि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता विभाग द्वारा विकसित डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम आधारित चयन प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाती है। संदिग्ध लेन-देन एवं असामान्य व्यापारिक गतिविधियों जैसे विश्लेषणात्मक संकेतकों के आधार पर चिन्हित मामलों में इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरणों में विसंगति का पकड़ा जाना विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने बताया कि अवैध बिलिंग एवं आईटीसी के माध्यम से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार के डेटा आधारित विशेष अभियान निरंतर संचालित किए जाएंगे। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इसके साथ ही विभाग ने समस्त करदाताओं से अपील की है कि वे राज्य के विकास में सहभागी बनते हुए केवल वास्तविक एवं विधिसम्मत व्यापारिक लेन-देन करें तथा अवैध बिलिंग व आईटीसी जैसी गतिविधियों से दूर रहें।

मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा, आशीष के अकाउंट में आए ₹16 लाख पर उठे सवाल

भिवानी. पहाड़ी माता मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब आर्थिक पहलुओं तक पहुंच गई है। पुलिस जांच में आरोपित आशीष के बैंक खाते में करीब 16 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपित इस राशि के स्रोत के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच तेज कर दी है। साथ ही खाते को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि जांच पूरी होने तक राशि के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बैंक खाते में जमा राशि का मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। इससे पहले पुलिस आरोपी की निशानदेही पर करीब 2.50 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और चांदी के कई बर्तन बरामद कर चुकी है। अब जांच का केंद्र बैंक खाते, वित्तीय लेनदेन और संभावित आर्थिक कड़ियों पर आ गया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आरोपित के खातों में धनराशि किन माध्यमों से पहुंची और क्या इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है।

थानों में कबाड़ बने 7,402 जब्त वाहन हटाए, पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने राज्यभर के पुलिस थानों में लंबे समय से खड़े जब्त और लावारिस वाहनों के निपटारे के लिए चलाए गए विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस अभियान के तहत पिछले एक महीने में 7402 वाहनों का निपटारा किया गया है। इससे पुलिस थानों में वर्षों से जमा वाहनों के कारण बढ़ रहे दबाव में कमी आई है और थानों में जगह की समस्या से भी राहत मिलने लगी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार अभियान शुरू होने से पहले राज्यभर के विभिन्न पुलिस थानों और यूनिटों में कुल 55,721 वाहन पुलिस हिरासत में थे। इसी दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कामकाज के खिलाफ चलाए गए सघन जांच अभियान के चलते 3355 और वाहन जब्त किए गए। इसके बाद कुल संख्या बढ़कर 59,076 तक पहुंच गई थी। हालांकि, एक महीने के भीतर 7402 वाहनों का निपटारा होने के बाद अब पुलिस हिरासत में कुल 51,674 वाहन शेष रह गए हैं। लंबित मामलों का हो रहा निपटारा डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस प्रशासन लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहनों की सघन जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके साथ जब्त वाहनों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि बेहतर समन्वय और पेशेवर फॉलोअप के कारण कम समय में बड़ी संख्या में वाहनों का निपटारा संभव हो सका। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 8121 वाहनों से संबंधित आवेदन कानूनी जांच के अधीन हैं। इसके अलावा मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत 1276 आवेदन ऐसे हैं जिनमें इन्वेंट्री और फोटोग्राफी के कानूनी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। इन मामलों में अदालतों और संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे की कार्रवाई होगी। जालंधर पुलिस ने हटाए सर्वाधिक वाहन जिला और कमिश्नरेट स्तर पर भी इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिला। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने 5993 वाहनों में से 779 वाहनों का निपटारा किया। मोगा पुलिस ने 2367 में से 697 वाहन हटाए, जबकि बठिंडा में 3008 में से 631 वाहनों का निपटारा किया गया। फिरोजपुर में 2649 में से 586 वाहन, लुधियाना ग्रामीण में 1618 में से 538 वाहन तथा लुधियाना कमिश्नरेट में 7471 में से 460 वाहनों का निपटारा किया गया। इसके अलावा तरनतारन में 2033 में से 302 और फाजिल्का में 2216 में से 283 वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रिलीज या डिस्पोज किया गया। और तेज होगी मुहीम स्पेशल डीजीपी ला एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि पंजाब पुलिस का लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी प्रभावी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में हिरासत में खड़े वाहनों की रिहाई और निपटारे की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि पुलिस थानों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों का बोझ कम हो और पुलिस संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

पार्किंग को लेकर जगदलपुर में बवाल, युवक ने बुजुर्ग गार्ड को घसीटकर पीटा

जगदलपुर. शहर के धरमपुरा स्थित विशाल मेगा मार्ट में कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पार्किंग में तैनात एक बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड को युवक ने जमीन पर गिराया और फिर घसीट-घसीटकर पीटा। घटना का पूरा घटनाक्रम मेगा मार्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग वायरल हो रहे वीडियो में बुजुर्ग गार्ड खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि युवक लगातार उनके साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। गार्ड की बेटी ने आरोपी युवक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वीडियो बना चर्चा का विषय इस घटना ने सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती हिंसा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, 30 जुलाई वोटिंग और 3 अगस्त को मतगणना

दतिया  मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना छह जुलाई को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद तीन अगस्त को मतगणना होगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, चार अगस्त तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण हो रहा उपचुनाव बता दें कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती विधायक थे। उन्हें एक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे। आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार अब दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। मतदान सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा। विजयवर्गीय बोले- बीजेपी ही जीतेगी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- दतिया उपचुनाव में निश्चित रूप से भाजपा ही जीतेगी।इस सवाल पर कि क्या बीजेपी के उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा ही होंगे, विजयवर्गीय बोले- ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। जो उम्मीदवार आएगा, आपको बताया जाएगा। विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म हुई थी दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट खाली घोषित कर दी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत की गई। जानें क्या था मामला? दतिया के भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़े 25 साल पुराने घोटाले में अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी पाया गया था। आरोप था कि बैंक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर कर अधिक ब्याज का लाभ लिया गया था। कोर्ट ने आईपीसी की धाराओं 120B, 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हुई थी हार गौरतलब है कि 2023 में दतिया की विधानसभा सीट हुए चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी ने राजेंद्र भारती ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर वो इस सीट से विधायक चुने गए थे। राजेंद्र भारती को 88977 वोट मिले थे। जबकि नरोत्तम मिश्रा को 81235 वोट ही मिले थे। बैंक एफडी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला साल 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई। इसके आधार पर 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेन्द्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। बाद में मामले की जांच हुई और आरोपपत्र दायर किया गया। 1 अप्रैल को कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 28 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया। दोषसिद्धि के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें 3 वर्ष के कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत दी, लेकिन उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही। इसी दिन मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी। साथ ही दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी गई। विधानसभा ने तुरंत सीट रिक्त क्यों घोषित की? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर वह अयोग्य हो जाता है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद ऐसी स्थिति में सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करने से सदस्यता बहाल नहीं होती। इसके लिए उच्च अदालत को दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगानी होती है। अब जानिए क्यों हारे नरोत्तम मिश्रा और ढाई साल में राजेंद्र भारती ने क्या किया? पिछला चुनाव: क्यों नहीं दोहराया गया ‘बसई चमत्कार’ 2023 में नरोत्तम मिश्रा की हार में बसई का शहरी क्षेत्र सबसे बड़ी वजह रहा। 13 राउंड में से वे सिर्फ 3 राउंड में बढ़त बना पाए। 10वें राउंड तक राजेंद्र भारती 8 हजार वोटों से आगे थे। बीजेपी को 2018 जैसा 'चमत्कार' दोहराने की उम्मीद थी, जब बसई से मिले वोटों ने मिश्रा को जीत दिलाई थी। 2023 में 11वें और 12वें राउंड में वे क्रमशः 866 और 379 वोटों से पीछे रहे। आखिरी राउंड में 735 वोटों की बढ़त भी नाकाफी रही और नरोत्तम 7,742 वोटों से चौथा चुनाव हार गए। जनता की राय: ओवर कॉन्फिडेंस और भीतरघात बना हार का कारण एडवोकेट इतरत अली जैदी के अनुसार विकास कार्य हुए, लेकिन मिश्रा के करीबी लोगों की कार्यशैली से जनता नाराज थी। वे 2022 के नगर पालिका चुनाव में कथित धांधली और स्थानीय समस्याओं के समाधान में देरी को हार की प्रमुख वजह मानते हैं। उदाहरण के तौर पर ‘लाला का तालाब’ की टूटी दीवार अब तक नहीं बनने का मुद्दा आज भी लोगों में नाराजगी पैदा करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मिश्रा को संगठन के भीतर ही नुकसान पहुंचा। परसराम श्रीवास्तव और राजू त्यागी के अनुसार कार्यकर्ता जरूरत के मुताबिक जमीन पर सक्रिय नहीं रहे। वे अति आत्मविश्वास में रहे। बीजेपी कार्यालय प्रभारी रोहित दुबे भी मानते हैं कि कार्यकर्ता जीत को लेकर जरूरत … Read more

उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना–उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा रायपुर, ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।           केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।          उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।          पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।          कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति         उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। मानव श्रृंखला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण          कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप … Read more

स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में फायरिंग की साजिश रच रहे चार गिरफ्तार

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय राजधानी में बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक ये सभी पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसके निर्देश पर दिल्ली में फायरिंग जैसी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी विदेशी फोन नंबरों और एन्क्रिप्टेड माध्यमों से अपने पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में रहते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभदीप सिंह (23), गुरजंत सिंह (22), साजन सिंह (28) और गगनप्रीत (24) के रूप में हुई है। इनमें तीन आरोपी पंजाब के और एक दिल्ली से पकड़ा गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो विदेशी पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। क्या-क्या बरामद हुआ?     दो विदेशी निर्मित पिस्तौल।     नौ जिंदा कारतूस।     पांच मोबाइल फोन, जिनमें अहम डिजिटल सबूत मिलने की संभावना है। ड्रोन से पहुंचते थे हथियार और नशा     पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हथियार और मादक पदार्थ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर भेजे जाते थे।     इसके बाद इन्हें अलग-अलग राज्यों में पहुंचाने का काम किया जाता था। दिल्ली में की थी रेकी     पुलिस के अनुसार आरोपी गगनप्रीत ने दिल्ली के कई पुलिस थानों और धार्मिक स्थलों की रेकी की थी।     उसे राजधानी में फायरिंग की घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच का दायरा बढ़ा     स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।     जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मॉड्यूल के देश के अन्य राज्यों में भी संपर्क थे या नहीं। हाल के महीनों में शाहजाद भट्टी से जुड़े कई मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।