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छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया वालों के लिए मौका: भुगतान पर मिलेगी बड़ी छूट

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गुरुवार को रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार बिजली बिल भुगतान पर भारी छुट दी है। योजना के तहत 29 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। लगभग 75% तक बिजली बिल माफ किया जाएगा। मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल के समय आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से बहुत से लोग बिजली बिल नहीं भर पाए थे। जिस वजह से उनका बिजली बिल धीरे-धीरे करके बढ़ते चल गया। सरकार ऐसे लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उन्हें छूट देगी। यदि उपभोक्ता की बिजली बिल राशि अधिक है और उसे वह भुगतान नहीं कर पता है तो उसे किस्तों में भी पटाने की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ 29 जून 2026 तक दिया जाएगा। बिजली बिल का भुगतान करने के लिए उपभोक्ताओं को विभाग वेबसाइट पर पंजीयन करना होगा।

प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग की सब-इंस्पेक्टर नियुक्ति रद्द

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों के आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में नियुक्ति निरस्त करने के पीछे की ठोस वजहों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है। तकनीकी कारणों का हवाला, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पदों पर कार्यालयीन आदेश से जारी नियुक्ति को “तकनीकी कारणों” के चलते निरस्त किया जाता है। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से चयनित उम्मीदवारों के साथ-साथ विपक्षी दल भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 85 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में कुल 85 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल की शुरुआत में अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों की जांच, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। लेकिन नियुक्ति आदेश निरस्त होने से अब इन सभी युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। युवाओं में नाराजगी, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग नियुक्ति रद्द होने की खबर सामने आते ही चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई उम्मीदवारों ने सरकार से तत्काल स्पष्ट कारण बताने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस तरह का फैसला न केवल मानसिक आघात पहुंचाने वाला है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।

तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशियों की लहर, छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर शुरू की चरणपादुका योजना, 12.40 लाख वनवासियों को मिला लाभ

रायपुर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, जिसमें संग्रहण लाभ का 80% हिस्सा, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर (दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता पर), और विभिन्न वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होता है l छत्तीसगढ़ में 5500 सौ रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक और राजमोहिनी देवी योजना के तहत लाभ दिए जा रहे हैं l छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए चरणपादुका योजना को पुनः शुरू किया है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई यह जनहितैषी योजना अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उनकी संवेदनशीलता के कारण फिर से शुरू की गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की "गारंटी" के अनुरूप गरीब हितैषी शासन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस योजना को तेज गति और पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू किया है। 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ  वितरित हुई उच्च गुणवत्ता की चरणपादुकाएं        वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिला मुखिया को उच्च गुणवत्ता वाली चरणपादुकाएं प्रदान की गईं। इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये व्यय किए। इस कदम से जंगलों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिली हैं। वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी मिलेगा लाभ            वन मंत्री श्री कश्यप के विशेष प्रयासों से सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी चरणपादुका प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह निर्णय संग्राहक परिवारों के लिए ऐतिहासिक और लाभकारी सिद्ध होगा। पारदर्शी प्रक्रिया — खरीदी जेम पोर्टल से                सरकार ने चरणपादुकाओं की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त रहे। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को वितरित की जा रही चरणपादुकाएं उच्च गुणवत्ता पूर्ण हैं और उन पर एक वर्ष की वारंटी भी दी जा रही है। यह सरकार की गुणवत्ता और लाभार्थी हितों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।           वनांचल क्षेत्रों में उमंग, सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत मुख्यमंत्री श्री साय और वन मंत्री श्री कश्यप के इस निर्णय से वनांचल क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है। चरणपादुका योजना सीधे उन मेहनतकश तेंदूपत्ता संग्राहकों तक राहत पहुँचा रही है, जो कठिन परिस्थितियों में जंगलों में कार्य करते हैं और अपनी आजीविका जुटाते हैं।          यह योजना न केवल सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि वनवासियों को सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही है जो सुशासन और अंत्योदय की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बन गई है।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम आवास के 1073 हितग्राहियों को नये आवास की चाबी सौंपी

सुहेला में 195 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन सुहेला में खुलेगा शासकीय महाविद्यालय बलौदाबाजार में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, तिल्दा में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में 195.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 1073 हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत तीन हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत पाँच हजार किसानों को अधिकार अभिलेख तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ध्येय है कि हर घर में पक्का मकान, शौचालय, शुद्ध पेयजल और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए हमारी सरकार जनता के हित में वचनबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बने 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें हम एक-एक कर पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये कर दी गई है। किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस भी प्रदान किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत हर घर को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में बड़ी मात्रा में सब्सिडी भी मिल रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोग अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर लाभ उठाएँ। उन्होंने जिले में प्रशासन की ‘हम होंगे कामयाब’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षित कर उनके बेहतर भविष्य के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनसे अब तक 500 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और बड़े-बड़े कार्य सहजता से पूरे हो रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अकेले 100 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों की  स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान सुहेला में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, तिल्दा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, बलौदाबाजार में शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन एवं नवीन व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने जिले के 50 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए 10-10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा सुहेला तिगड्डे में तीनों सड़कों पर एक-एक किलोमीटर तक डिवाइडर निर्माण एवं लाइट लगाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 12.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1073 आवास, तथा लगभग 7.74 करोड़ रुपये की लागत से आमाकोनी, हथबंद, पौसरी, सेम्हराडीह और खपराडीह में निर्मित जल प्रदाय योजनाएँ शामिल हैं। भूमिपूजन के प्रमुख कार्यों में 49.17 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार–रिसदा–हथबंद मार्ग मजबूतीकरण, 20.98 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार के रिसदा बायपास मार्ग, 15.59 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, 8.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 717 आवास तथा 8.04 करोड़ रुपये की लागत से कोल्हान नाले के पार सुंगेरा एनिकट निर्माण शामिल हैं। कार्यक्रम में 5 करोड़ रुपये से अधिक की हितग्राहीमूलक सामग्री एवं चेक वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से सायबर फ्रॉड प्रकरण के 27 लाख रुपये की वापसी, श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में 83 लाख रुपये का वितरण, 8333 छात्रों को 4.25 करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, महिला स्व सहायता समूहों एवं ‘सक्षम’ योजना अंतर्गत 16 महिलाओं को 25 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 10 हितग्राहियों को 9.69 लाख रुपये तथा ‘हम होंगे कामयाब’ योजना अंतर्गत 60 हितग्राहियों को 6.81 लाख रुपये का भुगतान शामिल है। इस अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष सिमगा दौलत पाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ का मॉडल — वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण की मिसाल

रायपुर : विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध – छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल रायपुर भारतीय संस्कृति के केंद्र में हमारे बुजुर्ग हैं – जिनके अनुभव समाज को दिशा देते हैं और जिनकी स्मृतियाँ हमारी सभ्यता की नींव हैं, लेकिन बदलते सामाजिक परिदृश्य में पारिवारिक संरचना और सामाजिक दायरे सिमटने लगे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता बन जाता है। इसी भावना को साकार करती है – छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील नीतियाँ और सशक्त क्रियान्वयन। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान दिया है। उनका मानना है “माता-पिता की पूजा ही ईश्वर की पूजा है।” इसी सोच के साथ राज्य में ऐसे प्रकल्पों का विस्तार हो रहा है जो बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं। एक अक्टूबर अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित करने तथा असहाय बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रायपुर में उपकरण सर्विस सेंटर खोलने की घोषणा की। इसी के साथ राज्य में “सियान गुड़ी” जैसे सामाजिक-आध्यात्मिक केंद्रों का विस्तार बुजुर्गों को मानसिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहारा प्रदान कर रहा है। छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजन केंद्रित कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कहना है “संवेदनशील शासन का अर्थ है, हर बुजुर्ग तक सेवा और सुरक्षा पहुँचाना।” राज्य में 35 वृद्धाश्रम सक्रिय रूप से संचालित हैं, जहाँ लगभग 1049 वरिष्ठ नागरिक भोजन, आवास, स्वास्थ्य, परामर्श और मनोरंजन की सुविधाएँ प्राप्त कर रहे हैं। गंभीर रोगों या असहाय स्थिति में रह रहे बुजुर्गों के लिए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, रायगढ़, बालोद और बेमेतरा इन 6 जिलों में प्रशामक देखभाल गृह संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 128 वरिष्ठजनों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ और नियमित स्वास्थ्य देखभाल मिल रहा है। वरिष्ठजनों की समस्याओं के निवारण हेतु स्थापित हेल्पलाइन सेवा द्वारा अब तक 2 लाख 70 हजार से अधिक प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है। यह सेवा न केवल उनकी पहुँच बढ़ाती है, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षा बोध भी जगाती है। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम – 2007 का राज्य में सख्ती से पालन किया जा रहा है। अनुविभाग स्तर पर – भरण-पोषण अधिकरण, जिला स्तर पर – अपीलीय अधिकरण इन व्यवस्थाओं ने बुजुर्गों को संपत्ति, सुरक्षा और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित पेंशन सहायता प्रदान की जा रही है 60 से 79 वर्ष तक की आयु के बुजुर्गों को 500 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठजनों को 650 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जा रही है। वर्तमान में 14 लाख से अधिक बुजुर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सहायता उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा का आधार बनती है। राज्य सरकार की योजनाएँ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के अधिकार को सुदृढ़ कर रही हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के तहत 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार मिला है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 50 हजार से अधिक बुजुर्गों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, चश्मा जैसे उपकरण प्रदान किए गए हैं। आध्यात्मिक संतोष बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक, 278 व्यक्ति तीर्थयात्राओं का लाभ ले चुके हैं। यात्रा के दौरान भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर वृद्धजन दिवस राज्य और जिला स्तर पर मनाया जाता है। इन कार्यक्रमों से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल एक सामाजिक मूल्य नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध किया है कि संवेदनशील शासन, सुचारु क्रियान्वयन और मानवीय दृष्टिकोण मिलकर बुजुर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ     डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक जनसंपर्क विभाग  

गोवर्धन पूजा: छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषित किया सरकारी अवकाश

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के कर्मचारियों और आम जनता के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. शासन ने आगामी गोवर्धन पूजा पर्व (21 अक्टूबर 2025, मंगलवार) के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. यह अवकाश पूरे राज्य में सरकारी दफ्तरों और बैंकों पर लागू रहेगा. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर की ओर से अधिसूचना जारी की गई है. इसके पहले 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी. निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित हुआ अवकाश जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अवकाश “निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881” की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश के रूप में रहेगा. इसका अर्थ है कि इस दिन राज्य शासन के सभी शासकीय कार्यालयों, बैंकों और अन्य सरकारी संस्थानों में कार्य नहीं होगा.