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यूपी मंत्री ओपी राजभर का अजीब बयान! महंगाई पर कही ऐसी बात कि छिड़ी नई बहस

लखनऊ यूपी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा है कि बाइक हर गांव में आ गई। यहां तक कि लगभग हर गांव में 20 फीसदी तक फोर व्हीलर गाड़ियां तक आ गईं हैं। जबकि शहरों में 70 से 80 प्रतिशत चार पहिया वाहन हो गए हैं। ओपी राजभर का ये बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने महंगाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जो चौंकाने वाला है। मीडिया से बात करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि हर गांव में 25-50 मोटरसाइकिल आ गई। महंगाई बढ़ने से हर गांव में 20 परसेंट फोर व्हीलर गाड़ी आ गई। शहरों में 70 से 80 प्रतिशत फोर व्हीलर हो गए। वहीं, एक पत्रकार ने पूछा कि क्या महंगाई और अधिक हो जाए तो लोग हेलिकॉप्टर भी ले लेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हम यह थोड़ा कह रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि महंगाई है तो इतना तगड़ा मोटरसाइकिल क्यों खरीद रहे हैं?' ओपी राजभर ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल और गैस का दाम बढ़ता है तो यहां भी बढ़ता है। ये कोई नई बात नहीं है। पश्चिम बंगाल के रिजल्ट के बाद उम्मीद है कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे? इस सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि वह वहां के कैबिनेट में नहीं हैं। जिससे उन्हें कोई जानकारी हो। जब तेल के रेट बढ़ेंगे तो वह सबको पता चल जाएगा। मोदी ने झालमुड़ी खरीदी तो पेट में दर्द होने लगा इससे पहले पंओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को विधान सभा में महिला आरक्षण के मसले पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा था कि पहले तो प्रधानमंत्री के लिए कहते थे कि ये बेच दिया, वो बेच दिया। अभी जब उन्होंने दस रुपये की झालमुड़ी खरीदी तो इनके पेट में दर्द होने लगा है। राजभर ने कहा कि हमने देखा कि विपक्ष के साथी आरक्षण की तख्तियां लिए खड़े थे यानी ये बताना चाहते हैं कि ये आरक्षण चाहते हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि अगर आरक्षण चाहते हैं तो जब सरकार में थे तो क्यों नहीं पास किया था? मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात करते हैं। यह हमारे संविधान में नहीं है। गाजीपुर के मसले पर सपा के लोग बहुत हंगामा करते हैं। कहते हैं कि रेप हुआ। गलत बात है। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री के इतना कहते ही सपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके बयान का विरोध किया। इस पर मंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाराबंकी और देवरिया जैसी जगहों पर जहां इनके सजातीय लोग आरोपियों में शामिल थे, वहां सपा का प्रतिनिधिमंडल नहीं गया। ये महिलाओं के सशक्तीकरण का दावा करते हैं, लेकिन बसपा के समय में महिलाओं के नाम पर बने जिले कानपुर और हाथरस का नाम बदल दिया।

महादेव की भक्ति में निकले राइडर, देशभर के ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचेगा सफर

जमशेदपुर कहते हैं जब महादेव बुलाते हैं, तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं. इसी आस्था और हिम्मत के साथ जमशेदपुर के राहरगोड़ा निवासी युवा राइडर आशीष झा ने अपने साथी विष्णु शर्मा के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों की 50 दिन की यात्रा शुरू की है. रविवार को जब वे जमशेदपुर से निकले, तो उनके चेहरे पर भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा और भरोसा साफ दिख रहा था. राहरगोड़ा स्थित उनके आवास और रवानगी स्थल पर परिवार, दोस्त और शुभचिंतकों ने उन्हें माला पहनाकर और तिलक लगाकर शुभ यात्रा की शुभकामनाएं दी. 12 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी तय होने का अनुमान यह 50 दिन की यात्रा होगी, जिसमें लगभग 12 हजार किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की जाएगी. इस दौरान आशीष देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित शिवधामों में जाकर मत्था टेकेंगे. इस यात्रा में वे मुश्किल रास्तों से गुजरेंगे और साथ ही पूरे देश में सनातन संस्कृति और साहसिक जीवनशैली का संदेश भी देंगे. सनातन संस्कृति और पर्यटन का संदेश आशीष झा ने बताया कि इस यात्रा के जरिए वे भारत की अलग-अलग जगहों की भौगोलिक विविधता और सांस्कृतिक एकता को करीब से देखना चाहते हैं. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक एडवेंचर ट्रिप नहीं है, बल्कि इसका मकसद युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक पर्यटन और साहसिक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है. उनके इस कदम की पूरे शहर में तारीफ हो रही है. खासकर राहरगोड़ा के लोग इसे गर्व की बात मान रहे हैं. राहरगोड़ा से केदारनाथ तक, कुछ इस तरह तय होगी 12 ज्योतिर्लिंगों की दूरी जमशेदपुर के राइडर आशीष झा और उनके साथी विष्णु शर्मा की 50 दिन की बाइक यात्रा किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है. इस यात्रा की शुरुआत झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक से होगी. इसके बाद वे उत्तर प्रदेश जाएंगे और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे. मध्य भारत की परिक्रमा: इसके बाद यह सफर मध्य प्रदेश के हृदय स्थल की ओर मुड़ेगा. शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर (उज्जैन) और नर्मदा किनारे बसे ओंकारेश्वर में मत्था टेकने के बाद महाराष्ट्र की ओर प्रस्थान करेंगे. महाराष्ट्र के तीन पड़ाव: पश्चिम भारत में प्रवेश करते ही सबसे पहले भीमाशंकर की पहाड़ियों को नापा जाएगा. जिसके बाद नासिक स्थित त्रयंबकेश्वर और फिर एलोरा के समीप घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की बारी आएगी. दक्षिण की ओर बढ़ते कदम: महाराष्ट्र की यह यात्रा सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं के बीच रोमांच से भरी होगी. महाराष्ट्र से आशीष दक्षिण भारत का रुख करेंगे. कृष्णा नदी के तट पर बसे मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) का दर्शन करने के बाद यह सफर देश के अंतिम छोर तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम पहुंचेगा. यहां समुद्र तट पर पूजा-अर्चना के बाद यह यात्रा पश्चिम की ओर मुड़ेगी. पश्चिम से हिमालय की ऊंचाई तक: गुजरात के समुद्र तट पर बसे प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ और द्वारका स्थित नागेश्वर का आशीर्वाद लेने के बाद आशीष सीधे हिमालय की वादियों की ओर करेंगे. इस 50 दिवसीय महायात्रा का समापन उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ियों में स्थित केदारनाथ के कपाट पर होगा. जहां जलाभिषेक के साथ इस संकल्प की पूर्णाहूति होगी.

मंडी में फंसा किसानों का अनाज: करनाल में बोरियों के ढेर से बढ़ी परेशानी

करनाल/चंडीगढ़. तरावड़ी अनाज मंडी में इन दिनों अव्यवस्था चरम पर है। एजेंसियों द्वारा उठान लिफ्टिंग नहीं किए जाने से मंडी में अनाज के ढेर लग गए हैं। इससे आढ़ती और किसान दोनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है उठान ठप होने के कारण किसानों को उनकी फसल की पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रही है। मंडी में कई दिनों से अनाज की खरीद तो हो रही है, लेकिन उसका उठान नहीं हो रहा। इसके चलते मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है और नई फसल की आवक भी प्रभावित हो रही है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुप्ता ने प्रशासन और फूड एंड सप्लाई विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा जब एजेंसियों के पास अनाज रखने की पर्याप्त जगह ही नहीं थी, तो खरीद प्रक्रिया शुरू ही क्यों की गई। उन्होंने कहा उठान न होने से पूरा सिस्टम चरमरा गया है और इसका खामियाजा सीधे किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द उठान की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि मंडी में व्यवस्था बहाल हो सके और किसानों को उनकी मेहनत का पैसा समय पर मिल सके। मंडी में लगातार बढ़ रहे अनाज के ढेर और किसानों की लंबी कतारें यह साफ संकेत दे रही हैं यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। किसान और आढ़ती अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उनकी समस्या का समाधान होगा।

दिल्ली पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य-ब्रजेश पाठक, यूपी कैबिनेट विस्तार जल्द संभव

  लखनऊ  उत्‍तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्‍तार जल्‍द ही हो सकता है। पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद योगी आदित्‍यनाथ सरकार में कुछ नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। शनिवार को दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, तीनों राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। इससे यूपी में बड़े बदलावों की चर्चा फिर तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कई बदलावों पर मंत्रणा हो सकती है। चुनाव की तैयारी, यूपी मंत्रिमंडल विस्तार के साथ क्षेत्रीय संतुलन पर मंथन हो सकता है। खासतौर से पश्चिमी यूपी के समीकरण साधने और क्षेत्रीय संतुलन पर चर्चा होगी। मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे पश्चिम बंगाल चुनाव निपटाने के बाद भाजपा का पूरा ध्‍यान अब उत्‍तर प्रदेश पर है। सूत्रों का कहना है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सके हें। मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही पंकज चौधरी के नेतृत्‍व वाली यूपी बीजेपी संगठन में भी एक नई टीम देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि जिन नेताओं ने संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है, उनको सरकार में जगह मिल सकती है। इसके अलावा संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्‍तर पर पकड़ बनाने और चुनावी मुद्दों को धार देने पर चर्चा होगी। अप्रैल में विनोद तावड़े ने सीएम योगी से की थी मुलाकात बीते अप्रैल में भाजपा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। माना गया कि तावड़े ने सीएम से प्रदेश भाजपा की नई टीम, निगम-आयोग में खाली पदों पर नियुक्ति के साथ मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को लेकर चर्चा की। वह वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा से भी मिले थे। खराब कामकाज वाले मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है कई मंत्रियों के कामकाज से संगठन खुश नहीं है। माना जा रहा है कि जिनका काम खराब है, उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है। कुछ को केंद्रीय संगठन और कुछ को प्रदेश संगठन में मौका मिल सकता है। वहीं, संगठन में जिन्हें एमएलसी या विधायक बनाया जा चुका है, उन्हें संगठन के काम से मुक्त किया जा सकता है।

री-अपीयर स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी: PSEB ने बढ़ाई तारीख, अब 8 मई तक फ्री आवेदन

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार आठवीं परीक्षा फरवरी 2026 में जिन विद्यार्थियों के नतीजे री-अपीयर घोषित किए गए थे उन्हें बोर्ड द्वारा राहत दी गई है। इन विद्यार्थियों के लिए जून 2026 में फिर परीक्षा करवाने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में बोर्ड ने पत्र जारी कर री-अपीयर वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फॉर्म और फीस जमा करवाने का शेड्यूल जारी किया है। ये प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 8 मई 2026 तक विद्यार्थी बिना किसी लेट फीस के आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 15 मई तक 500 रूपए लेट फीस और 22 मई तक 1500 रूपए लेट फीस के साथ आवेदन किया जा सकता हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि तय तारीख के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम

मंत्रालय वल्लभ भवन में हुआ अल्पविराम कार्यक्रम निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति के टिप्स दिए भोपाल  पुलिस कर्मियों को बिना स्ट्रेस के आनंदपूर्वक अपनी सेवा देने के उद्देश्य से मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अल्पविराम प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयं की स्वयं से बात में विशेषज्ञों ने कई टिप्स दिए। निजी जीवन और कार्यस्थल पर सरल कार्य संस्कृति पर विशेष बल दिया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रतिभागी अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी जीवन एवं कार्य स्थल पर आनंद के महत्व को बताया गया। जीवन में आंतरिक आनंद के महत्व को बताया गया सभी ने जीवन के विभिन्न पहलुओं में उत्साह और ऊर्जा के विभिन्न आयामों पर विमर्श किया और कार्य स्थल पर टिप्स को अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर मंत्रालय के रजिस्ट्रार श्री मनोज श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा, आनंद विभाग के मास्टर ट्रेनर श्रीमती अंजना श्रीवास्तव, मुकेश, अजीत एवं समन्वयक के रूप में आनंद विभाग के श्री मनु दीक्षित भी उपस्थित रहें।  

‘खेला’ बनाम ‘कमल’: पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर डिप्टी CM साव का जोरदार दावा

रायपुर. पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम की उलटी गिनती शुरू हो गई है. 4 मई को  पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने बड़ा दवा किया है. उन्होंने कहा कि 4 मई का पूरा देश प्रतीक्षा कर रहा है, 5 राज्यों के चुनाव के परिणाम आने वाले हैं. चुनाव परिणामों में जनता का रुझान स्पष्ट रूप से बीजेपी को बड़ी सफलता का संकेत दे रहा है. TMC के साथ खेला होगा और बंगाल में कमल खिलेगा. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि असम और पांडुचेरी में बीजेपी की सरकार बनेगी. निश्चित रूप से पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी की सरकार बनने वाली है. पश्चिम बंगाल की जनता ने TMC के साथ खेला कर दिया है. पश्चिम बंगाल की जनता की जगह घुसपैठियों के साथ खड़े होने का काम ममता बनर्जी ने किया है.  कांग्रेस के महंगाई पर प्रदर्शन डिप्टी सीएम ने बोला हमला प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में आज कांग्रेस महंगाई को लेकर प्रदर्शन करने जा रही है. इसे लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पाकिस्तान के लिए प्रेम उजागर होता है. पाकिस्तान में कांग्रेस नेता हीरो बनते हैं. महंगाई की बात कर रहे हैं तो अपने पसंदीदा देश पाकिस्तान से पूछ लें. उन्होंने कहा मोदी के नेतृत्व में दुनिया की तुलना में देश में महंगाई कम है.

Negligence Rises During Boating at Jharkhand’s Dams; Failure to Wear Life Jackets Emerges as a Leading Cause of Accidents

 रांची  डैम और जलाशयों में बोटिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद भी लोग सबक लेने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन और बोट संचालकों द्वारा लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है, लेकिन पर्यटक बीच पानी में पहुंचते ही सेल्फी लेने के लिए जैकेट उतार देते हैं। यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रांची में भी ऐसे हादसों का इतिहास रहा है। करीब 12 वर्ष पहले बाड़ा तालाब में नाव डूबने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जहां कई लोग लाइफ जैकेट नहीं पहने हुए थे। इसी तरह धुर्वा डैम में भी वर्षों पहले लोग डूबे थे, हालांकि उस घटना में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बावजूद लोग अब भी लापरवाही बरत रहे हैं। 17 जुलाई 2022 को पंचखेरो डैम में नाव पलटने से एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई थी। कई पर्यटक केवल दिखावे के लिए जैकेट पहनते हैं या उसे ठीक से बांधते भी नहीं हैं, जिससे दुर्घटना के समय वह बेकार साबित हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। लाइफ जैकेट की गुणवत्ता और जांच पर भी सवाल डैमों पर उपलब्ध लाइफ जैकेट की नियमित जांच नहीं होती। यह भी सुनिश्चित नहीं किया जाता कि किस व्यक्ति के वजन के अनुसार कौन-सी जैकेट दी जानी चाहिए। कई जैकेट खराब हालत में हैं, लेकिन उनकी समय पर जांच और रखरखाव नहीं हो रहा है। लोगों को सही तरीके से जैकेट पहनने की जानकारी भी नहीं दी जाती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। बरगी हादसे के बाद पलामू में सख्ती, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बरगी डैम हादसे के बाद पलामू जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीम बैराज डैम, काशी सोत डैम और मुरमा मलय डैम पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोटिंग की अनुमति नहीं दी जा रही। बोट संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। कोडरमा में 8 मौतों के बाद भी ढिलाई, नियमों की उड़ रही धज्जियां जबलपुर हादसे के बाद कोडरमा जिले के तिलैया और पंचखेरो डैम में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। 17 जुलाई 2022 को पंचखेरो डैम में नाव पलटने से एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में भी किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। आज भी आम दिनों में लाइफ जैकेट का उपयोग बेहद कम देखने को मिलता है। निरीक्षण के दौरान ही नियमों का पालन होता है, जबकि सामान्य दिनों में लापरवाही जारी रहती है। पतरातू डैम में सख्त नियम, बिना लाइफ जैकेट नहीं मिलेगी एंट्री रांची के पास स्थित पतरातू डैम में सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। नाविक संघ की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोटिंग नहीं कराई जाएगी। नाविकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें गोताखोरी और लाइफ सेविंग तकनीक शामिल है। टिकट काउंटर से लेकर बोट तक हर जगह लाइफ जैकेट के उपयोग को लेकर जागरूकता संदेश लगाए गए हैं। डैम और जलाशयों में सुरक्षा के लिए नियम तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनका पालन तभी संभव है जब पर्यटक खुद जिम्मेदारी दिखाएं।

रांची होटल कारोबार पर महंगाई की मार, गैस सिलेंडर महंगा होने से मेन्यू तक हुआ महंगा

 रांची  कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में लगातार हो रही भारी वृद्धि ने रांची के होटल और रेस्टूरेंट कारोबार को संकट में डाल दिया है। बढ़ती लागत के कारण संचालकों ने अब गैस की जगह कोयले का सहारा लेना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि गैस सिलिंडर का उपयोग अब केवल छौंक लगाने तक सीमित रह गया है। शहर में 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत (Commercial Gas Cylinder Price) बढ़कर 3250.50 रुपये पहुंच गई है। एक मई को केंद्र सरकार द्वारा कीमत में 994 रुपये की भारी बढ़ोतरी (LPG Price Hike May 2026) की गई, जिससे होटल व्यवसायियों की चिंता और बढ़ गई। जनवरी 2026 में यह कीमत 1733 रुपये थी, जो महज चार महीनों में दोगुनी हो गई है। कमर्शियल गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों ने होटल उद्योग की कमर तोड़ दी है। यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो इसका असर न सिर्फ कारोबार, बल्कि आम ग्राहकों की जेब पर भी लगातार पड़ता रहेगा। वहीं कुछ होटल व रेस्टूरेंट संचालकों ने बताया कि स्थिति में अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो होटल व रेस्टूरेंट बंद करना भी पड़ सकता है। हर महीने बढ़ती रहीं कीमतें गैस सिलिंडर की कीमतों में हर महीने इजाफा हुआ है। जनवरी और फरवरी में 111.50 रुपये, मार्च में 144 रुपये, अप्रैल में 218.50 रुपये और मई में अचानक 994 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह 47.5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत भी बढ़कर 8120 रुपये हो गई है। कोयले पर बढ़ी निर्भरता गैस की बढ़ती कीमतों के चलते होटल संचालकों ने अब कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। रांची के बाजार में 20 किलो कोयले की बोरी 260 से 300 रुपये (Coal Price in Ranchi) में मिल रही है। रेस्टूरेंट व होटल संचालकों ने बताया कि एक सप्ताह में लगभग 1500 रुपये और महीने में 4000 से 5000 रुपये तक का कोयला जलाया जा रहा है। मेन्यू महंगा, ग्राहकों पर बोझ बढ़ती लागत का असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। होटल और रेस्टूरेंट संचालकों ने खाने के हर आइटम पर 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया है। होटल संचालकों का आरोप है कि पहले से ही कमर्शियल गैस सिलिंडर की उपलब्धता एक बड़ी समस्या थी। कई बार उन्हें ब्लैक में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदना पड़ता था। अब कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यह समस्या और गंभीर हो गई है। बड़े होटल अभी कर रहे मंथन शहर के बड़े होटलों ने फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। उनका कहना है कि उनके पास अभी पुराना स्टाक मौजूद है। स्टाक खत्म होने के बाद ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कई शहर के बड़े होटल संचालकों ने बताया कि उनके पास पीएनजी की सर्विस है, जिसके कारण उन्हें एजपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।     गैस सिलिंडर महंगा होने के बाद लोग कोयला पर निर्भर हो गए है। लेकिन अगर कोयला की कीमत में भी इजाफा हुआ तो लोग दुकान बंद करने पर मजबूर होंगे। मध्य दर्जे के रेस्टूरेंट गैस सिलिंडर की संकट से जूझ रहे हैं। – प्रसंजीत मंडल, मैनेजर, बिरियानी बाय ब्रोस, बहुबाजार  

लक्ष्मी गामड़ की पोस्ट पर बवाल, ‘सामने वाले को थप्पड़ मारने वाला असिस्टेंट’ की मांग से हड़कंप

 भोपाल मध्य प्रदेश अजब है, सबसे गजब है ये बात एक बार फिर सही साबित हो रही है. इस बार गजब खबर राजधानी भोपाल से सामने आई है. भोपाल में पदस्थ मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा की लेडी अधिकारी लक्ष्मी गामड़ का एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें उनको एक ऐसे असिस्टेंट की तलाश है जो उनके इशारे पर जरूरत के हिसाब से सामने वाले को दो चमाट (थप्पड़) रसीद कर सके।  लक्ष्मी गामड़ ने सोशल मीडिया पर इसकी वैकेंसी ओपन बताते हुए संपर्क करने के लिए कहा है. उनकी इस पोस्ट पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जा रहा है. एक यूजर ने लिखा कि आप प्रशासनिक अधिकारी हैं. आपको ऐसे पोस्ट मीडिया में डालने से बचना चाहिए. हालांकि, वहीं कई यूजर्स बोले बताइए मैडम जी कब से ज्वाइन करना है नौकरी?  बाद में डिलीट कर दिया पोस्ट सोशल मीडिया पर जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई तो महिला अधिकारी ने चुपचाप इसे डिलीट कर दिया. आपको बता दें कि लक्ष्मी अलग-अलग रील बनाकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहती हैं. गामड़ की फेसबुक पोस्ट पर अलग-अलग रील देखने को मिलेगी. जिसमें कई पब्लिक स्पॉट पे रील बनी हैं. लेकिन अभी तक इस पोस्ट को लेकर उनकी सफाई सामने नहीं आई है।  वहीं 1 मई को मजदूर दिवस की बधाई देते हुए उन्होंने पोस्ट किया था. जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. जिसमें उन्होंने लिखा था कि ऐसा बिल्कुल नहीं कि बीवियां सिर्फ खून पीती हैं. हम भी कभी-कभी मजदूरों पर तरस खाकर खून भी दान देते हैं।  कौन है लक्ष्मी गामड़ लक्ष्मी गामड़ राज्य सेवा प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. नीमच में अपर कलेक्टर रह चुकी हैं. फिलहाल उनकी तैनात भोपाल स्थित एमपी गवर्नमेंट प्रेस में अपर नियंत्रक पद पर है।