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पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही, सपा की बयानबाजी का चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा- राजभर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव और सपा नेताओं पर तीखा हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि सपा के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक यह मान चुके हैं कि 2027 में उनकी सरकार नहीं बनने जा रही है। इसी वजह से वे अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनता का गुस्सा सपा के खिलाफ दिन दूना, रात चौगुना बढ़ता दिखाई देगा। पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कहना तानाशाही: राजभर कैबिनेट मंत्री ने रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और पुलिस के बीच हुए विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष ने जिस तरह पुलिस को चूड़ी पहनने की बात कही, वह अनुचित है। समाजवादी पार्टी के नेता अभी सत्ता में नहीं हैं, इसके बावजूद उनका रवैया तानाशाहीपूर्ण है। इस तरह की बयानबाजी से उनकी मानसिकता का पता चलता है और प्रदेश में सपा के लोग गांवों, सड़कों और चौराहों पर अभी से बांह फटकार रहे हैं कि सरकार आने पर वे सबको सबक सिखाएंगे। संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का लगाया आरोप ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव किसी भी संवैधानिक संस्था को नहीं मानते हैं। वह चुनाव आयोग और एएसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाते हैं। अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि किसान खुशहाल क्यों हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी चाहती है कि लोग बदहाली में रहें, ताकि वह इसका राजनीतिक लाभ उठा सके।  जातिवाद फैलाने का लगाया आरोप ओपी राजभर ने सपा नेताओं पर जातिवाद का जहर फैलाने का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी समेत अन्य नेताओं की कथित टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, जाट, गुर्जर और राजपूत समाज को लेकर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से सवर्णों को प्रदेश से खदेड़ने जैसी बातें भी कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताती थी, फिर इसमें आधी आबादी, अगड़ा, पंडित और अहिर जैसे अर्थ जोड़ने लगी। राजभर ने आरोप लगाया कि पार्टी का नेतृत्व और उसके नेता अपनी राजनीतिक दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं।  ओपी राजभर ने साधा निशाना ओपी राजभर ने कहा कि सपा नेताओं की बयानबाजी और धमकी भरे रवैये से जनता में नाराजगी बढ़ रही है, जिसका असर 2027 के चुनाव में दिखाई देगा। निषाद समाज और भगवान राम को लेकर कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के लोग अपने सांसद का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी धार्मिक आस्था के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त करेंगे। गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों ने सांसद से कहा कि वे उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन धर्म के खिलाफ इस तरह की अनर्गल बयानबाजी नहीं करें।

पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

अखिलेश ने शिवपाल से छीनी लोहिया ट्रस्ट की कमान, राजभर बोले- भरोसा नहीं; मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी उठाए सवाल पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं लखनऊ  सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक इसकी कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के हाथों थी। शिवपाल सिंह यादव से कमान लिए जाने को लेकर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा है। योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनसे ट्रस्ट की कमान ले ली गई। ओपी राजभर ने साधा निशाना, भरोसे पर उठाया सवाल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने इस बदलाव को लेकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है। राजभर ने शिवपाल के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव जी पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शिवपाल यादव अखिलेश यादव को छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। उस दौरान उन्होंने सपा को क्या-क्या नहीं कहा। चोर-उचक्कों की पार्टी बताया, शराब-माफियाओं की पार्टी, जमीन हड़पने वाली पार्टी तक बताया था। ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे ट्रस्ट करेंगे? इसीलिए उन्होंने शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट की कमान ले ली है। मंत्री नरेंद्र कश्यप बोले- सपा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है। नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि आगे चलकर शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट चलाएं, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली। बता दें कि शिवपाल और अखिलेश के बीच राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है। शिवपाल सिंह यादव अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में ट्रस्ट का जिम्मा उनके हाथों से निकलकर अखिलेश के पास जाना सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी की मौजूदा शक्ति-संरचना के बीच भरोसे को लेकर भी देखा जा रहा है। अखिलेश के पास अब पार्टी, लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की कमान शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट लिए जाने और उसकी कमान खुद के हाथों में लेने के बाद अब अखिलेश के पास सपा के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है। बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन सपा के गठन से पहले हुआ था। इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।

‘सिर्फ यादव जी और खान साहब ही चाहिए क्या PC में?’ अखिलेश से ओपी राजभर के तीखे सवाल

‘सत्ता में तो कब्रिस्तान दिख रहा था, आज सम्राट अशोक की बात कर रहे हो’- अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर ‘सिर्फ यादव जी और खान साहब ही चाहिए क्या PC में?’ अखिलेश से ओपी राजभर के तीखे सवाल 'आपके सामने ही आजम खान ने उड़ाया था बाबा साहब का मजाक, तब किस नशे में थे?’ अखिलेश पर ओपी राजभर का हमला लखनऊ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में अगर कोई पत्रकार तीखा सवाल कर दे तो तिलमिला जाते हैं। पीसी में भी सिर्फ यादव जी और ख़ान साहब ही चाहिए क्या? ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक पोस्ट के जरिए सवाल किया कि “क्या मित्र अखिलेश यादव जी, एसी में बैठकर अपने खासम-खास यूट्यूबर्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते है और गलती से कोई ढ़ंग का पत्रकार कड़ा सवाल पूछ दें तो 'मिसरा जी-मिसरा जी' करने लगते हैं। क्या पीसी में भी सिर्फ यादव जी और ख़ान साहब ही चाहिए क्या?  राजभर ने 8 सितंबर को हुई अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस को लेकर कहा, “आपकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। इसमें आप बहुत लंबा चौड़ा फेंक रहे थे कि सरकार आई तो सम्राट अशोक की जयंती पर अवकाश देंगे, बौद्ध स्थल वर्ल्ड क्लास बना देंगे।” सत्ता में थे तो क़ब्रिस्तान पर ख़र्च कर रहे थे- राजभर राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि अशोक-बुद्ध जी का नाम लेते हुए यह भी बता दिये होते कि जब आप सत्ता में थे तब आपको कब्रिस्तान दिख रहा था। तब तो जनता के सारे पैसे तो क़ब्रिस्तान में ख़र्च कर रहे थे। ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि जब सपा सरकार थी तब बहुजन महापुरुषों के नाम पर बने जिलों और संस्थानों का नाम मिटाए जा रहे थे। यूपी कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा कि आपकी सरकार में भीम नगर, फुले नगर, कांशीराम नगर, रमाबाई नगर, संत रविदास नगर का नाम बदला गया। आंबेडकर जी के नाम पर चलने वाली सब योजना हटा दी गई। राजभर ने आरोप लगाया, “आप मंच पर बैठे रहे और आपके आजम खान बाबा साहब की प्रतिमा का मजाक उड़ाते रहे, तब आप किस नशे में थे? उन्होंने कहा कि यूपी जनता आपसे सवाल पूछ रही है कि आपने सत्ता में रहते बहुजनों के लिए क्या, जवाब ज़रूर दीजिए। इससे पहले राजभर बोल चुके हैं अखिलेश पर हमला बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमला बोला है। इससे पहले उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल खड़े किए थे। राजभर ने कहा था कि आखिर अखिलेश यादव कबतक हवाबाजी करेंगे और एसी और पीसी से ही चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने तंज कसते हुए सपा प्रमुख को जमीन पर आने की बात कही थी। इससे पहले राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा था कि आइए जमीन पर उतरिए और दो-दो हाथ हो जाएं। एकतरफा चुनाव में मजा नहीं आता है।'

यूपी मंत्री ओपी राजभर का अजीब बयान! महंगाई पर कही ऐसी बात कि छिड़ी नई बहस

लखनऊ यूपी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा है कि बाइक हर गांव में आ गई। यहां तक कि लगभग हर गांव में 20 फीसदी तक फोर व्हीलर गाड़ियां तक आ गईं हैं। जबकि शहरों में 70 से 80 प्रतिशत चार पहिया वाहन हो गए हैं। ओपी राजभर का ये बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने महंगाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जो चौंकाने वाला है। मीडिया से बात करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि हर गांव में 25-50 मोटरसाइकिल आ गई। महंगाई बढ़ने से हर गांव में 20 परसेंट फोर व्हीलर गाड़ी आ गई। शहरों में 70 से 80 प्रतिशत फोर व्हीलर हो गए। वहीं, एक पत्रकार ने पूछा कि क्या महंगाई और अधिक हो जाए तो लोग हेलिकॉप्टर भी ले लेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हम यह थोड़ा कह रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि महंगाई है तो इतना तगड़ा मोटरसाइकिल क्यों खरीद रहे हैं?' ओपी राजभर ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल और गैस का दाम बढ़ता है तो यहां भी बढ़ता है। ये कोई नई बात नहीं है। पश्चिम बंगाल के रिजल्ट के बाद उम्मीद है कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे? इस सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि वह वहां के कैबिनेट में नहीं हैं। जिससे उन्हें कोई जानकारी हो। जब तेल के रेट बढ़ेंगे तो वह सबको पता चल जाएगा। मोदी ने झालमुड़ी खरीदी तो पेट में दर्द होने लगा इससे पहले पंओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को विधान सभा में महिला आरक्षण के मसले पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा था कि पहले तो प्रधानमंत्री के लिए कहते थे कि ये बेच दिया, वो बेच दिया। अभी जब उन्होंने दस रुपये की झालमुड़ी खरीदी तो इनके पेट में दर्द होने लगा है। राजभर ने कहा कि हमने देखा कि विपक्ष के साथी आरक्षण की तख्तियां लिए खड़े थे यानी ये बताना चाहते हैं कि ये आरक्षण चाहते हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि अगर आरक्षण चाहते हैं तो जब सरकार में थे तो क्यों नहीं पास किया था? मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात करते हैं। यह हमारे संविधान में नहीं है। गाजीपुर के मसले पर सपा के लोग बहुत हंगामा करते हैं। कहते हैं कि रेप हुआ। गलत बात है। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री के इतना कहते ही सपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके बयान का विरोध किया। इस पर मंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाराबंकी और देवरिया जैसी जगहों पर जहां इनके सजातीय लोग आरोपियों में शामिल थे, वहां सपा का प्रतिनिधिमंडल नहीं गया। ये महिलाओं के सशक्तीकरण का दावा करते हैं, लेकिन बसपा के समय में महिलाओं के नाम पर बने जिले कानपुर और हाथरस का नाम बदल दिया।

सपा की सियासत पर ओपी राजभर का हमला— यादव और मुस्लिमों तक सिमटी पार्टी

लखनऊ  मुरादाबादयूपी सरकार के मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एसआईआर विरोध के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि साल 2027 के चुनाव में एनडीए रिकार्ड जीत दर्ज करेगा। प्रदेश में अगला चुनाव सपा के लिए निर्णायक हो सकता है। मुझे तो यह लगता है कि सपा विपक्ष में बैठने लायक भी नहीं रहेगी। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा, सपा यादव और मुस्लिमों में ही फंस गई है। पीडीए का नारा मजाक से अधिक कुछ नहीं है। बोले, सदन में बसपा के एक और कांग्रेस के दो विधायक हैं। कहा, प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से होंगे। मतदान पत्र की छपाई हो रही है। मतदाता सूची सुधार पर जोर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को संगठन की ओर से बधाई दी। जबकि, दिल्ली में कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली की खिल्ली उड़ाई। बोले, सरदार बल्लभ भाई पटेल से कम मत पाने के बाद भी पं.जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बन गए। राजनारायण से हारने के बाद भी इंदिरा गांधी ने ऐसा ही किया।   कहा, असल में यही वोट चोरी है। जबकि, राजीव गांधी ने देश में ईवीएम से चुनाव की पहल की। उसके बाद दो बार देश में कांग्रेस की सरकार बनी। अब राहुल गांधी की ओर से ईवीएम पर दोष मढ़ा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अति पिछड़ों को उनका हक मिलने जा रहा है। पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में पिछड़े, अति पिछड़े और सर्वाधिक पिछड़े अपना हक पाएंगे। राज्य सरकार तैयार है। सफाईकर्मियों ने सौंपे ज्ञापन उधर, सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ के जिलाध्यक्ष जबर सिंह की अगुवाई में मांग पत्र सौंपा। तड़के मुरादाबाद पहुंचे मंत्री शाम को रेल मार्ग से लखनऊ प्रस्थान कर गए। वहीं, विभागीय अधिकारियों की बैठक में मंत्री ने सरकार के प्रमुख संकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत भवन सेवा, सफाई और ओएसआर की समीक्षा की। ‘अपने दम पर पंचायत चुनाव लड़ेगी पार्टी’ अमरोहा के कैलसा पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा व बसपा ने मुस्लिमों का वोट लेकर उनको ठगा है। आज तक किसी भी मुस्लिम को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। पंचायत चुनाव पार्टी अपने दम पर लड़ेगी और विधानसभा चुनाव 2027 भाजपा के साथ ही लड़ेगी। रविवार को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कैलसा रोड स्थित एक निजी इंस्टीट्यूट में विशाल जनसभा को संबोधित किया। कहा कि सुभासपा का प्रयास है कि सभी को समान शिक्षा का अधिकार लागू कराया जाए।