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टाइगर सफारी फर्जीवाड़ा: रणथंभौर में गाइडों पर सख्ती, वनकर्मी पर नरमी से विवाद

 सवाई माधोपुर  विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) में फर्जी टिकट के जरिए टाइगर सफारी कराने के गंभीर मामले में वन प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. डीएफओ मानस सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए दो नेचर गाइडों के पार्क में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग के ही एक कर्मचारी को मिली 'राहत' ने विभाग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. 30 मार्च को हुआ था फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ यह पूरा मामला 30 मार्च 2026 की सुबह की पारी का है. जोन नंबर 1 में गश्ती दल ने जब कैंटर नंबर RJ-25-TA-1862 की जांच की, तो उसमें दो पर्यटक बिना किसी वैध टिकट के सफारी करते पाए गए. डीएफओ मानस सिंह के निर्देश पर एसीएफ महेश शर्मा ने जब मौके पर जांच की, तो पर्यटकों ने खुलासा किया कि उन्होंने एक एजेंट को 8000 रुपये देकर सफारी बुक की थी और उसकी रसीद भी पेश की. जांच में सामने आया कि इन पर्यटकों को फर्जी तरीके से पार्क में प्रवेश कराया गया था. गाइडों पर एक्शन, गार्ड पर मेहरबानी? सहायक वन संरक्षक (ACF) निखिल शर्मा की जांच रिपोर्ट में नेचर गाइड हरविंदर सिंह और जगदीश को वाइल्डलाइफ नियमों की अनदेखी और फर्जीवाड़े का दोषी माना गया. इसके आधार पर डीएफओ ने दोनों पर पार्क में प्रवेश का प्रतिबंध लगा दिया. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसी जांच में दोषी पाए गए फॉरेस्ट गार्ड भीम सिंह चौधरी को महज 17 सीसी (17CC) की चार्जशीट देकर छोड़ दिया गया. इतना ही नहीं, दोषी गार्ड को रणथंभौर के महत्वपूर्ण 'जोगी महल' प्रवेश द्वार पर तैनात कर अतिरिक्त चार्ज भी सौंप दिया गया है. विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल फर्जी टिकट जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में नेचर गाइडों पर तो सख्त गाज गिरी है, लेकिन विभाग के अपने कर्मचारी पर दिखाई गई इस 'मेहरबानी' से अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह है कि जब जांच में गार्ड द्वारा 'सिंह द्वार' से पर्यटकों को अवैध रूप से बैठाने की बात साबित हो चुकी है, तो उसे दंडित करने के बजाय इनाम के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई?

जयपुर: ई-चालान व्यवस्था सख्त, नकद भुगतान पूरी तरह खत्म

जयपुर  राजस्थान की सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक चालान के भुगतान को लेकर एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। 27 अप्रैल को जारी एक गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राजस्थान में ट्रैफिक चालान का नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब अगर आपका चालान कटता है, तो आपको अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही जुर्माना भरना होगा। भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता पर जोर सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और मैनुअल हैंडलिंग को खत्म करना है। अक्सर सड़कों पर पुलिसकर्मी और वाहन चालकों के बीच लेन-देन को लेकर होने वाले विवाद और भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब हर ट्रांजेक्शन का एक डिजिटल रिकॉर्ड होगा, जिससे विभाग के पास सटीक डेटा रहेगा कि कितना जुर्माना वसूला गया और किस उल्लंघन के लिए वसूला गया। ITMS पोर्टल पर होगा भुगतान परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वाहन मालिकों और चालकों को अब अपने ई-चालान का भुगतान सीधे ITMS (Intelligent Traffic Management System) पोर्टल के माध्यम से करना होगा।' इस ऑनलाइन सिस्टम से न केवल जुर्माना जमा करना आसान होगा, बल्कि अधिकारियों के लिए भी इसकी निगरानी करना सरल हो जाएगा। किसे मिला चालान काटने का अधिकार? नए नियमों के तहत अधिकारियों की शक्तियों में भी फेरबदल किया गया है। अब पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल और उससे ऊपर के रैंक के पुलिसकर्मी ही ट्रैफिक उल्लंघन पर चालान काटने के लिए अधिकृत होंगे। उनके साथ परिवहन विभाग के अधिकृत अधिकारी भी यह कार्रवाई कर सकेंगे। शिकायत निवारण के लिए नए प्रावधान अक्सर लोग गलत चालान कटने की शिकायत करते हैं, लेकिन उन्हें समाधान नहीं मिलता था। नई व्यवस्था में इसका भी ध्यान रखा गया है। अधिकारी ने बताया कि यदि किसी को अपने चालान को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो इसके लिए नामित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी शिकायतों की सुनवाई करेंगे, जिससे जनता के लिए विवाद सुलझाना आसान हो जाएगा। क्या अब राजस्व की चोरी रुकेगी? यह आदेश केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 के तहत लागू किया गया है। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल शिफ्ट से न केवल राजस्व की चोरी रुकेगी, बल्कि जनता को भी रसीद कटवाने और दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। तो अब अगली बार जब आप घर से बाहर निकलें, तो सुनिश्चित करें कि आपके मोबाइल में डिजिटल पेमेंट की सुविधा चालू हो, क्योंकि अब राजस्थान की सड़कों पर 'नकद' की रसीद नहीं कटेगी।  

ऑनलाइन सट्टे की लत ने बनाया चोर: बिलासपुर में एसी मिस्त्री ने गहने गिरवी रख उड़ाए पैसे, पुलिस ने पकड़ा

 बिलासपुर सूने मकानों में सिलसिलेवार चोरी करने वाले शातिर एसी मिस्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसीसीयू और सिविल लाइन पुलिस तीन सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उस तक पहुंची है। आरोपित सट्टे की लत के कारण अपराध की राह पर चला था। एसएसपी रजनेश सिंह ने सिलसिलेवार चोरी का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपित सूरज काछी मंगला क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर एसी रिपेयरिंग के बहाने घरों की रेकी करता था। वह सुने मकानों को चिन्हित कर टोपी और मास्क पहनकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपित ने शहर में कुल आठ चोरियां करना स्वीकार किया है। चोरी को अंजाम देने बाद आरोपित गहनों को गोल्ड लोन कम्पनी में गिरवी रख रुपये ले लिया करता था। खाते में रकम आने पर वह परी मैच ऐप पर करीब 30 लाख रुपये की बड़ी रकम हार चुका था। पुलिस ने आरोपित से 252 ग्राम सोना, चांदी और चोरी की रकम से खरीदे गए घरेलू सामान सहित 45.84 लाख का माल बरामद किया है। एसी रिपेयरिंग के दौरान करता था सूने मकान की रेकी आरोपित पेशे से एसी मिस्त्री था, जिसका फायदा उठाकर वह पाश कॉलोनियों में सर्विसिंग के बहाने घुसता था। इस दौरान वह उन मकानों की सूची तैयार करता था जहां ताला लगा होता था। वह वारदात से पहले भागने के रास्तों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का पूरा अवलोकन कर लेता था, ताकि पकड़ा न जा सके। इन आठ बड़ी चोरियों का हुआ पर्दाफाश (सामान राशि के साथ)     कुदुदंड 15 अक्टूबर 2025- सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात लगभग तीन लाख पार किए।     यमुना नगर 3 नवम्बर 2025- ताला तोड़कर चांदी के जेवरात और नकदी 50 हजार की चोरी की।     नंद विहार 23 नवम्बर 2025- सोने की चेन, बाली व 65 हजार नगद सहित करीब 4.65 लाख का सामान     गीतांजलि पार्क 5 दिसम्बर 2025- मंगलसूत्र, लाकेट व नगद सहित करीब 1.85 लाख की चोरी।     इन्द्रसेन कॉलोनी 9 दिसम्बर 2025- आलमारी तोड़कर चांदी के जेवर व पांच हजार नकद सहित कुल 25 हजार का सामान।     गुलमोहर पार्क 11 दिसम्बर 2026- सोने का हार, टाप्स व चांदी के जेवर सहित करीब 1.90 लाख की चोरी।     27 खोली में फरवरी 2026- कंगन, तीन चेन व छह अंगूठी सहित कुल 15.50 लाख के जेवर पार।     नेहरू नगर 20 अप्रैल 2026- अस्पताल के पास से सोने का नेकलेस, चेन व नकदी सहित करीब 3.10 लाख की चोरी। ऑनलाइन सट्टा ऐप में बेटिंग करने के लालच में बना चोर सूरज काछी को परी मैच एप में ऑनलाइन सट्टा ऐप की लत लग गई थी। ऐप पर बेटिंग के दौरान वह करीब 30 लाख रुपये हार गया, जिसकी भरपाई के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना। वह चोरी के सामान से मिलने वाली रकम को वापस सट्टे में लगाकर हार को जीत में बदलने का प्रयास करता था। पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय, नई टीम को सफलता एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय हो चुकी थी। नई एसीसीयू का गठन किया गया है। इस नई टीम की तकनीकी दक्षता और सक्रियता के कारण ही शहर में हो रही सिलसिलेवार चोरियों पर अंकुश लगा है और आरोपित पकड़ा गया है। पुलिस को चकमा देने कपड़ो का उपयोग आरोपित सूरज कांछी काफी शातिर चोर है। वह पुलिस व लोगों को धोखा देने के लिए बैग में दो से तीन कपड़े साथ लेकर चलता था। चोरी की वारदात को अंजाम देने बाद वह अपने कपड़े वही बदल लिया करता था, ताकि पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की जांच के दौरान एक कपड़े में दिखाई न देने पर शंका न हो। वहीं फोन पर बात करने का दिखावा करता था लेकिन काल नहीं करता, जिससे डम्प लोकेशन से उसे ट्रैस न किया जा सके।     आरोपित सट्टे की लत को पूरा करने के लिए चोरी करता था। एसी रिपेयरिंग के लिए जाने के दौरान वह सूने मकानों की रेकी किया करता और फिर रात में जाकर उन मकानों का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया करता था।     रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर  

इंदौर के डायल 112 हीरोज सतर्कता और संवेदनशीलता से भटकी बालिका को सुरक्षित घर पहुँचाया

भोपाल  इंदौर के थाना मल्हारगंज क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलतासे घर का रास्ता भटकी10 वर्षीय बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से बालिका को सुरक्षित संरक्षण मिल सका और परिजनों की चिंता भी दूर हुई। 30 अप्रैल 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना मल्हारगंज क्षेत्र अंतर्गतबड़ा गणपतिके पास एक 10 वर्षीय बालिका अकेली मिली है, जो घर का रास्ता भटक गई है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही मल्हारगंज थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  मनीष सलोने, आरक्षक  डोंगरे सिंह एवं पायलट  नेमीचंद पटेलने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बालिका से पूछताछ की। पूछताछ करने पर बालिका ने बताया कि वहकृष्ण पार्क कॉलोनीकी निवासी है। डायल-112 टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालिका कोएफआरव्ही वाहनसे लेकर कृष्ण पार्क कॉलोनी पहुँचकर आसपास पूछताछ की, जहाँ बालिका के परिजन उसे ढूंढते हुए मिले। डायल 112 ने पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया।अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत महसूस की और डायल-112 सेवा एवं पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा बच्चों की सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है और हर परिस्थिति में तत्परता से सहायता पहुँचाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।  

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में सोराइटिक-आर्थराइटिस रोग के लिए उपचार उपलब्ध

भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल, एम्स भोपाल एवं केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में वर्ष 2021 से संचालित सोरायसिस विशेषज्ञ इकाई में नवीन शोध एवं उपचार व्यवस्था की गई है। उक्त इकाई में अब सोराइटिक आर्थराइटिस नामक रोग के उपचार की व्यवस्था भी की गई है। यह इकाई रोग के कारण, पहचान एवं होम्योपैथी से प्रभावी उपचार एवं प्रबंधन पर कार्य करेगी और मरीजों को जागरूक करेगी। सोराइटिक आर्थराइटिस जोड़ों से जुडी एक गंभीर बीमारी है, जो त्वचा रोग सोरियासिस से जुडी होती है और धीरे-धीरे जोड़ों को प्रभावित करती है। इस रोग में त्वचा का लाल, मोटी एवं पपड़ीदार दिखाई देना शामिल है, जिनमें खुजली एवं जलन हो सकती है एवं मरीजों को जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पडता है। यह रोग मुख्यतः 30 से 50 वर्ष आयु में अधिक देखा जाता है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है, पुरुष और महिलाएँ दोनो समान रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इसकी गंभीरता हल्की से लेकर अत्यंत गंभीर तक हो सकती है, जहाँ समय पर उपचार न मिलने पर स्थायी रूप से जोड़ों की क्षति हो सकती है। सोरियासिस और आर्थराइटिस के बीच के संबंध का कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी को माना जाता है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करती है, जिसमें रोग की पुनरावृत्ति को नियंत्रित करने एवं समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने पर सहायता मिलती है। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव  शोभित जैन के निर्देश अनुरूप इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के अधिक से अधिक सोराइटिक आर्थराइटिस के रोगियों को लाभान्वित करना है। इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भोपाल के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के अनुसंधान विभाग द्वारा एक विशेष शोध इकाई की स्थापना की गई है, जिसमें पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर 8853203416 पर कार्यालयीन समय (प्रातः10:00 से सायं 5:00) बजे तक संपर्क किया जा सकता है।  

किसानों को राहत: मध्य प्रदेश में अब फीके गेहूं की भी होगी खरीदी

भोपाल अब प्रदेश में 50 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं भी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इतना ही नहीं 10 प्रतिशत की सीमा तक सिकुड़े दाने वाला गेहूं भी मान्य किया जाएगा। क्षतिग्रस्त दानों की सीमा छह प्रतिशत तक मान्य की गई है। प्रदेश में अतिवर्षा और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की चमक प्रभावित हुई थी। इस तरह के गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीदने का कोई प्रविधान नहीं था। इससे किसान परेशान हो रहे थे। उनकी परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया। भारतीय खाद्य निगम ने टीम भेजकर गुणवत्ता की जांच कराई और इसके बाद उक्त निर्णय लिए गए। जिले में कहीं भी उपज बेच सकेंगे किसान इसके साथ ही अब पंजीकृत किसान जिले में कहीं भी अपनी उपज बेचने के लिए पात्र हैं। अभी तक वह अपनी तहसील के उपार्जन केंद्र में ही उपज बेच सकते थे। प्रदेश को एक करोड़ टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य केंद्र सरकार से मिला है। इस बार 19 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है। अभी तक 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख टन गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। इनमें से 5,08,657 किसान 22 लाख 70 हजार टन गेहूं बेच भी चुके हैं और 3,575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। स्लॉट बुकिंग की अवधि नौ मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। सरकार को उम्मीद है कि मापदंडों में छूट मिलने से सभी पात्र किसानों से उपार्जन हो जाएगा। सर्वर डाउन होने से स्लॉट बुकिंग और भुगतान प्रभावित सर्वर डाउन, स्लॉट बुकिंग की गति धीमी: सरकार ने भले ही छोटे-बड़े सभी किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग खोल दी हो लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। वहीं, भुगतान भी प्रभावित हो रहा है। दरअसल, जब गेहूं तुलकर गोदामों में पहुंच जाता है तब बिल जनरेट होते हैं और फिर भुगतान किया जाता है। सर्वर डाउन होने के कारण यह काम प्रभावित हो रहा है। किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का हल्लाबोल सात मई को चक्का जाम करेगी कांग्रेस: उधर, बारदाने की कमी, स्लॉट की बुकिंग न होना, खाद की किल्लत सहित किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस सात मई को चक्काजाम करने की तैयारी में है। यह आंदोलन सेंधवा, बड़वानी, खरगोन, धार, देवास, शाजापुर, गुना, राजगढ़, शिवपुरी, मुरैना और ग्वालियर सहित सभी प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी में अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है।  

खराब मौसम ने बिगाड़ा तेंदूपत्ता सीजन, बारिश और ओलों से गुणवत्ता और संग्रहण दोनों पर असर

सुकमा. जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण पर इस बार मौसम का स्पष्ट असर देखने को मिल रहा है। हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण कई क्षेत्रों में पत्तों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिसके चलते मानक से कम पत्तों को अलग किया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में खरीदी प्रक्रिया लगातार जारी है। सुकमा में कुल 727 फड़ संचालित हैं, जिनमें से 350 फड़ सक्रिय हो चुके हैं। अब तक 35 हजार से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। विभाग के अनुसार दूरस्थ इलाकों में संग्रहण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्रों में देरी को सामान्य बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है और संग्राहकों को उचित लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आगामी एक सप्ताह में सभी संग्रहण केंद्रों के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। विभाग का लक्ष्य गुणवत्ता के साथ अधिकतम तेंदूपत्ता संग्रहण सुनिश्चित करना है, ताकि मौसम की चुनौतियों के बावजूद व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 के लिए आवेदन 1 मई से

रायपुर छत्तीसगढ़ में संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन, लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के लिए लेखा प्रशिक्षण आयोजित करता है, जिसका उद्देश्य वित्तीय नियमों और ट्रेजरी कार्यों में दक्षता बढ़ाना है। 3 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके नियमित लिपिक आवेदन कर सकते हैं, जो रायपुर/बिलासपुर में आयोजित आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिये 01 मई 2026 से 29 मई 2026 के मध्य आवेदन स्वीकार किये जायेंगें।         संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के आदेशानुसार सरकारी विभागों के लिपिकों को लेखा संबंधी नियमों, वित्तीय प्रबंधन और लेखापरीक्षा में सक्षम बनाना है। ऐसे लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिन्होंने 3 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो। प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र जुलाई 2026 से अक्टूबर 2026 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते हैं। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन- पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र ही मान्य होगा।        यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला,नगर घड़ी चौक रायपुर को 29 मई  2026 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए। मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए। आवेदन का निर्धारित प्रारूप एवं निर्देश रायपुर संभाग के समस्त जिला कोषालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किये जा सकते हैं।

श्रमिकों के कल्याण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री  पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव  संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव  एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में की सुरक्षा बहाल करने की मांग, HC ने केंद्र और पंजाब सरकार को दिया नोटिस

लुधियाना  राज्यसभा सांसद और क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा वापिस बहाल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस भीड़ ने उनके घर के बाहर गद्दार लिखा था, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सहित पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सरकार को आदेश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।  इसके बाद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने शनिवार को हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा प्रदान की. अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा।  हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर 2022 में शुरू हुआ. क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की. मार्च 2022 में AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया. वे बिना विरोध के निर्वाचित हुए और 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली. AAP में उनकी पारी चार सालों की रही. सीएम भगवंत मान को 24 अप्रैल को जब पता चला कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं तो उन्होंने सबसे पहले हरभजन सिंह को फोन लगाया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कई बार कॉल लगाने के बावजूद हरभजन ने सीएम का कॉल नहीं उठाया. हरभजन सिंह आईपीएल के लिए कमेंट्री कर रहे हैं और इस वक्त वे मुंबई में हैं।  अब सुनवाई के दौरान क्या हुआ, पांच प्वाइंटों में जानिए – 1. किस आधार पर सिक्योरिटी वापस ली हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि आखिर किस “थ्रेट परसेप्शन” (खतरे के आकलन) के आधार पर अचानक सुरक्षा वापस ली गई। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सुरक्षा प्रदान करना राज्य का कर्तव्य है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हों। 2. सरकार ने रूटीन प्रक्रिया बताया पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने सुरक्षा वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए इसे रूटीन प्रक्रिया बताया। हालांकि, कोर्ट ने राजनीतिक बदलाव (AAP से BJP में जाने) और उसके तुरंत बाद सुरक्षा हटाए जाने के समय पर सवाल उठाए। 3. केंद्र की तरफ से सिक्योरिटी दी गई कोर्ट को बताया गया कि राज्य पुलिस की सुरक्षा हटने के बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को CRPF का सुरक्षा कवर दिया है, जो फिलहाल उनके जालंधर स्थित निवास पर तैनात है। 4. गद्दार लिखने का संज्ञान भी लिया कोर्ट ने हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों और उनकी दीवार पर “गद्दार” लिखे जाने की घटनाओं का भी संज्ञान लिया। 5. विस्तार से हलफनामा देना होगा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें सुरक्षा समीक्षा की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।