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हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में की सुरक्षा बहाल करने की मांग, HC ने केंद्र और पंजाब सरकार को दिया नोटिस

लुधियाना  राज्यसभा सांसद और क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा वापिस बहाल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस भीड़ ने उनके घर के बाहर गद्दार लिखा था, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सहित पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सरकार को आदेश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।  इसके बाद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने शनिवार को हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा प्रदान की. अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा।  हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर 2022 में शुरू हुआ. क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की. मार्च 2022 में AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया. वे बिना विरोध के निर्वाचित हुए और 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली. AAP में उनकी पारी चार सालों की रही. सीएम भगवंत मान को 24 अप्रैल को जब पता चला कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं तो उन्होंने सबसे पहले हरभजन सिंह को फोन लगाया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कई बार कॉल लगाने के बावजूद हरभजन ने सीएम का कॉल नहीं उठाया. हरभजन सिंह आईपीएल के लिए कमेंट्री कर रहे हैं और इस वक्त वे मुंबई में हैं।  अब सुनवाई के दौरान क्या हुआ, पांच प्वाइंटों में जानिए – 1. किस आधार पर सिक्योरिटी वापस ली हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि आखिर किस “थ्रेट परसेप्शन” (खतरे के आकलन) के आधार पर अचानक सुरक्षा वापस ली गई। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सुरक्षा प्रदान करना राज्य का कर्तव्य है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हों। 2. सरकार ने रूटीन प्रक्रिया बताया पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने सुरक्षा वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए इसे रूटीन प्रक्रिया बताया। हालांकि, कोर्ट ने राजनीतिक बदलाव (AAP से BJP में जाने) और उसके तुरंत बाद सुरक्षा हटाए जाने के समय पर सवाल उठाए। 3. केंद्र की तरफ से सिक्योरिटी दी गई कोर्ट को बताया गया कि राज्य पुलिस की सुरक्षा हटने के बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को CRPF का सुरक्षा कवर दिया है, जो फिलहाल उनके जालंधर स्थित निवास पर तैनात है। 4. गद्दार लिखने का संज्ञान भी लिया कोर्ट ने हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों और उनकी दीवार पर “गद्दार” लिखे जाने की घटनाओं का भी संज्ञान लिया। 5. विस्तार से हलफनामा देना होगा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें सुरक्षा समीक्षा की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

Punjab में सुरक्षा पर सियासत तेज, Harbhajan Singh की Z सिक्योरिटी हटी, केंद्र सरकार ने संभाली जिम्मेदारी

चंडीगढ़. पंजाब की राजनीति में उठापटक के बीच मान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली है। रविवार सुबह जालंधर स्थित उनके आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया। इस कदम ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर टूट और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा वापस लेने का निर्णय हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर लिया गया है। इससे पहले आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा में भी बदलाव किया गया था। बाद में उन्हें केंद्र की ओर से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल गई थी। अब हरभजन सिंह को भी केंद्र सरकार ने तुरंत सुरक्षा दे दी है।  दरअसल, राघव चड्ढा ने दावा किया था कि आप के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी शामिल बताया गया। हालांकि, हरभजन सिंह ने इस पूरे मामले पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, आप नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि केवल तीन सांसदों ने ही पार्टी छोड़ी है। इधर, पार्टी छोड़ने की खबरों के बीच आप कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। जालंधर, लुधियाना और फगवाड़ा में कुछ सांसदों के आवास और संस्थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए। दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए, जिससे माहौल और गरमा गया। पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन प्रदर्शन को लेकर सख्ती कम नजर आई। राष्ट्रपति से मिलने के लिए सीएम मान ने मांगा समय राजनीतिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वे पार्टी बदलने वाले सांसदों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई की मांग उठा सकते हैं। दूसरी ओर, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर इन सांसदों की सदस्यता रद करने की मांग करेंगे। पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को चुनावी मोड में ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की उठापटक को बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संकट गहराता है तो इसका असर पार्टी के संगठन और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। फिलहाल, हरभजन सिंह की चुप्पी और सुरक्षा वापसी के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वे इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और पंजाब की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Punjab Politics: इस्तीफों से गरमाई सियासत, Harbhajan Singh के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन

जालंधर. सात राज्यसभा सदस्यों के आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पंजाब की राजनीति में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जालंधर में राज्यसभा सांसद व क्रिकेटर रहे हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दीवारों पर नारे लिखे और विरोध जताते हुए गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के घर के बाहर दीवार पर ‘गद्दार’ लिख दिया, जिससे पूरे इलाके में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सिर पर काले कपड़े बांध रखे थे, जो उनके विरोध का प्रतीक माना जा रहा है। उन्होंने नारेबाजी करते हुए इस्तीफा देने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं को फूटा गुस्सा जानकारी के अनुसार, हाल ही में सात राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। उनका आरोप है कि जिन नेताओं को जनता और पार्टी ने सम्मान दिया, उन्होंने अचानक दल बदलकर भरोसे को ठेस पहुंचाई है। इसी गुस्से के चलते कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। हालांकि किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने की अपील की। मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है। पार्टी के अंदर और बाहर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी विरोध जारी रखेंगे और पार्टी नेतृत्व से सख्त कदम उठाने की मांग करेंगे। फिलहाल जालंधर में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि इस्तीफों का असर केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

‘एक जगह बैठना इनके बस की बात नहीं’ — हरभजन सिंह ने आशीष नेहरा पर खोला राज

नई दिल्ली हरभजन सिंह ने गुजरात टाइटंस (जीटी) के हेड कोच आशीष नेहरा के कोचिंग स्टाइल की तुलना एक फुटबॉल कोच से की है। उन्होंने नेहरा की लगातार एनर्जी और खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने के तरीके का खास तौर पर जिक्र किया। जियो स्टार के एक्सपर्ट हरभजन ने जियो हॉटस्टार के 'चैंपियंस वाली कमेंट्री' पर कहा, "आशीष नेहरा ही एकमात्र ऐसे इंसान हैं जो कहीं भी, कभी भी माहौल को आरामदायक बना देते हैं। वह जहां भी जाते हैं, अपने आस-पास मौजूद हर किसी को सहज महसूस कराते हैं। सिर्फ खुद को ही नहीं, बल्कि हर उस इंसान को जो उनके साथ काम करता है। वह उन बेहतरीन इंसानों में से एक हैं जिनसे आप कभी मिलेंगे। अगर आप उनके साथ हैं, तो आपका समय अच्छा बीतेगा, इसकी पूरी गारंटी है। 'आशीष नेहरा एक जगह टिककर नहीं बैठते' हरभजन ने आगे कहा, ''गुजरात टाइटंस में उनका सबसे बड़ा योगदान सभी को एकजुट रखना है। यही हैं आशीष नेहरा। वह एक फुटबॉल कोच की तरह हैं। वह कभी एक जगह टिककर नहीं बैठते। पूरे मैच के दौरान वह किसी न किसी खिलाड़ी को ढूंढ़ लेते हैं और उससे बात करते रहते हैं। नेहरा जी को खेल की बहुत अच्छी समझ है। गुजरात टाइटंस के साथ उन्होंने जो काम किया है, वह तारीफ के काबिल है।" जियो स्टार के एक्सपर्ट सुरेश रैना ने आईपीएल में कार्तिक त्यागी और अशोक शर्मा की सफलता के पीछे की कड़ी मेहनत और कुर्बानियों पर बात करते हुए कहा,"कार्तिक त्यागी ने अपने खेल पर बहुत कड़ी मेहनत की है। पिछले साल उन्हें चोट लगी थी, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और यूपी टी20 लीग के दूसरे सीजन में बहुत अच्छी गेंदबाजी की। उनकी फिटनेस और काम करने का तरीका बहुत बढ़िया है और अब उनकी वह मेहनत रंग ला रही है।'' 'दोनों युवा भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा संकेत' रैना ने कहा, ''मिनी-ऑक्शन में केकेआर ने त्यागी को चुना और वह टीम के मुख्य गेंदबाज बन गए हैं। फिर हैं अशोक शर्मा, जो इस आईपीएल सीजन में गेंदबाजी के क्षेत्र में एक नई खोज हैं। उनके बड़े भाई ने अपने क्रिकेट खेलने के सपने को छोड़ दिया, क्योंकि परिवार के पास दोनों को सहारा देने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। बड़े भाई ने इसलिए कुर्बानी दी ताकि अशोक अपने सपने को पूरा कर सकें। अब इसके नतीजे सबके सामने हैं। अशोक शर्मा टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर गुजरात टाइटंस के लिए अपना हुनर दिखा रहे हैं। ये दोनों युवा तेज गेंदबाज भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत अच्छा संकेत हैं। भारत के तेज गेंदबाज़ी आक्रमण का भविष्य बहुत उज्ज्वल नजर आ रहा है।" उमेश यादव ने बताया कि कार्तिक त्यागी ने चोट की समस्याओं से निपटने के लिए अपने खेल में किस तरह के बदलाव किए। '145-150 की रफ्तार से गेंदबाजी आसान नहीं' उमेश ने कहा, "चोटें हर तेज गेंदबाज के सफर का एक हिस्सा होती हैं। 145-150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करना शरीर के लिए आसान नहीं होता। कार्तिक त्यागी ने चोट से जुड़ी अपनी समस्याओं को संभालने के लिए अपने खेल में कई बदलाव किए हैं। उन्होंने अपने गेंदबाजी के एक्शन को सुधारा है और अपने रनअप पर काम किया है। मुझे याद है जब मैं उनसे पहली बार 2021 में मिला था। उनकी स्ट्राइड (कदमों की लंबाई) बहुत ज्यादा थी। लेकिन बाद में उन्होंने उसे छोटा कर लिया। उन्हें पिंडली में बार-बार चोट की समस्या होती थी और उन्हें काफी दर्द सहना पड़ता था। इस वजह से, वह कई मैच नहीं खेल पाए और अक्सर उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ता था। लेकिन अब उन्हें देखिए। वह केकेआर के गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं। उन सभी बदलावों से कार्तिक त्यागी को साफ तौर पर बहुत फायदा हुआ है। किसी युवा भारतीय तेज गेंदबाज को इस तरह से वापसी करते देखना बहुत अच्छा लगता है।"

हरभजन सिंह का बांग्लादेश पर कड़ा हमला: ‘भारत में स्वागत, लेकिन वहां जो हुआ…!’

जालंधर  बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और भारतीय क्रिकेट के बीच चल रहा टकराव इन दिनों सुर्खियों में है. मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से रिलीज किए जाने के बाद ये विवाद तब और गहरा गया जब बांग्लादेश ने भारत में होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकी दी. भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह ने अब इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. हरभजन ने साफ किया कि भारत हर टीम की मेज़बानी के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि अंतिम फैसला बांग्लादेश और आईसीसी के हाथ में है. क्या बोले हरभजन सिंह सोमवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में जो-जो घटनाएं हुई हैं, उनकी वजह से बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता. बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, वह गलत है. आईसीसी को उनके अनुरोध पर फैसला लेना चाहिए. हम भारत में सभी का स्वागत करते हैं, लेकिन वे यहां आना चाहते हैं या नहीं, यह उनकी पसंद है.' बांग्लादेश भारत में खेलना नहीं चाहता हरभजन की यह टिप्पणी उस समय आई, जब बीसीबी ने औपचारिक रूप से आईसीसी को पत्र लिखकर भारत से बाहर अपने सभी टी20 वर्ल्ड कप 2026 मैचों को शिफ्ट करने की मांग की. बीसीबी ने इसके पीछे गंभीर सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है. यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होना तय है, लेकिन बांग्लादेश अब चाहता है कि उसके सभी मैच पूरी तरह श्रीलंका में कराए जाएं. बीसीबी का यह फैसला शनिवार को हुई आपात बोर्ड बैठक के बाद लिया गया. यह बैठक तब बुलाई गई थी, जब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के युवा एवं खेल सलाहकार डॉ. आसिफ नज़रुल ने मौजूदा हालात में टीम को भारत न भेजने की सलाह दी. भारत-विरोधी रुख को और मज़बूत करते हुए बांग्लादेश ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. मुस्तफिजुर से कूटनीतिक और क्रिकेट विवाद इस टकराव की तात्कालिक वजह बीसीसीआई द्वारा केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ करने का निर्देश देना रहा. मुस्तफिजुर को आईपीएल नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, जो किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि थी. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह फैसला “हालिया घटनाक्रम” के कारण लिया गया और यह भी पुष्टि की कि केकेआर को रिप्लेसमेंट लेने की अनुमति दी जाएगी. इसके बाद हालात और बिगड़ते चले गए. बांग्लादेश सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि देश में आईपीएल 2026 के प्रसारण को “अगले आदेश तक” निलंबित किया जा रहा है. वहीं, सितंबर में होने वाला भारत का बांग्लादेश दौरा भी फिलहाल टाल दिया गया है. हालांकि, खबरों के मुताबिक बीसीसीआई ने बांग्लादेश की वेन्यू बदलने की मांग को लॉजिस्टिक तौर पर नामुमकिन बताया है, लेकिन अब आईसीसी एक संवेदनशील भू-राजनीतिक और खेल संबंधी दुविधा के केंद्र में आ गया है. वर्ल्ड कप शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं और ऐसे में बांग्लादेश के मैचों का भारत के बाहर होना तय माना जा रहा है. इसका मतलब यह होगा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान, ये दो टीमें होंगी जो भारत में अपने मैच नहीं खेलेंगी. बता दें कि बांग्लादेश को भारत में कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर 3 मैच खेलने हैं जबकि मुंबई के वानखेड़े में उसका वर्ल्ड कप का एक मैच होना है.  

अगर भारत नहीं आना तो… बांग्लादेश विवाद पर हरभजन सिंह का दो टूक जवाब

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के चलते देशभर में मुस्तफिजुर को आईपीएल 2026 से बहार करने की मांग उठ रही थी। कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस बांग्लादेशी गेंदबाज को 9.2 करोड़ रुपए में खरीदा था। इस मुद्द की गंभीरता को समझते हुए बीसीसीआई ने केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने को कहा। बीसीसीआई का यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को पसंद नहीं आया। उन्होंने बीसीसीआई के इस फैसले पर रिएक्ट करते हुए भारत में अगले महीने होने वाले अपने टी20 मैच को बाहर शिफ्ट करने के लिए आईसीसी से मांग कर डाली। बीसीबी ने आईसीसी को खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला दिया।   इन सभी घटनाओं पर अब टीम इंडिया के पूर्व वर्ल्ड कप विनिंग स्पिनर हरभजन सिंह ने बयान दिया है। भज्जी का कहना है कि बांग्लादेश में जो कुछ हुआ वह गलत है। हम भारत में सबका स्वागत करते हैं, लेकिन अगर बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता तो यह उनकी मर्जी है। मीडिया से बात करते हुए हरभजन सिंह ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में हुई अलग-अलग घटनाओं की वजह से बांग्लादेश भारत नहीं आना चाहता। बांग्लादेश में जो कुछ हुआ वह गलत है। ICC को उनकी रिक्वेस्ट पर फैसला लेना चाहिए। हम भारत में सबका स्वागत करते हैं, लेकिन वे (बांग्लादेश) यहां आना चाहते हैं या नहीं, यह उनकी मर्जी है।" बता दें, टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रही है। बांग्लादेश ने इस टूर्नामेंट के लिए स्क्वॉड का भी ऐलान कर दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार उनके तीन मैच कोलकाता में तो एक मुकाबला मुंबई में आयोजित है। हालांकि रिपोर्ट्स है कि बीसीसीआई बीसीबी की रिक्वेस्ट के बाद नए शेड्यूल पर काम कर रहा है।  

शमी की गैरमौजूदगी पर सवाल, बुमराह निर्भरता पर हरभजन सिंह की टीम इंडिया को दो टूक सलाह

नई दिल्ली  पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभनज सिंह ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लगातार भारतीय टीम से बाहर रखने पर सवाल उठाया है। शमी आखिरी बार मार्च में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की ओर से खेले थे। तब से शमी को किसी भी भारतीय स्क्वॉड में नहीं चुना गया है। 35 वर्षीय गेंदबाज इन दिनों सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेल रहा है। उन्होंने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में अच्छा परफॉर्म किया लेकिन फिर भी राष्ट्रीय टीम में वापस नहीं बुलाया गया। वह 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। हरभजन ने साथ ही भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह के बिना जीतने की कला सीखने की सलाह दी है। उन्हें इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका तीन मैचों की वनडे सीरीज में आराम दिया गया है।   हरभजन ने रायपुर वनडे में हार के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''शमी कहां हैं? मुझे नहीं पता कि शमी क्यों नहीं खेल रहे? ठीक है, आपके पास प्रसिद्ध कृष्णा हैं, अच्छे बॉलर हैं लेकिन बहुत कुछ सीखना है। आपके सो जो अच्छे गेंदबाज हैं, थोड़ा-थोड़ा करके आपने उन्हें साइडलाइन कर दिया। बुमराह का साथ और बगैर बॉलिंग अटैक बिलकुल अलग है। हमें जसप्रीत बुमराह के बिना भी मैच जीतने की कला सीखनी होगी। इंग्लैंड में बुमराह के बगैर मोहम्मद सिराज ने अविश्वसनीय, शानदार थे। भारत ने वे सभी टेस्ट जीते जिनमें बुमराह नहीं खेले। लेकिनं छोटे फॉर्मेट में हमें कहीं ना कहीं ऐसे लोगों को ढूंढना होगा जो आपको मैच जिता सकें, चाहे वो फास्ट बॉलिंग हो या स्पिन। एक-दो ऐसे स्पिनर लाइए जो आकर विकेट ले सकें। कुलदीप यादव हैं, लेकिन बाकी का क्या?'' वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत को रायुपर में खेले गए दूसरे मैच में ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा। भारतीय गेंदबाज 359 का टारगेट चेज नहीं कर पाए। यह वनडे में भारत के खिलाफ टारगेट चेज करते हुए संयुक्त रूप से सबसे बड़ी जीत है। रायपुर में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने 8.2 ओवर के स्पेल में 85 रन लुटाकर दो विकेट हासिल किए। उन्होंने रांची में पहले मैच में 7.2 ओवर में 28 रन देकर एक विकेट चटकाया। भारत को रांची वनडे में 350 का टारगेट देने के बाद 17 रनों से करीबी जीत नसीब हुई थी। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला शनिवार को विशाखापट्टनम में होगा।  

हरभजन का बड़ा दावा: रोहित-विराट के करियर का फैसला कौन कर रहा, बताया पूरा अंदरूनी सच!

शारजाह  पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह को यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों का भविष्य ऐसे लोग तय कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जोड़ी 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलती रहेगी। रोहित 38 वर्ष के हैं और विराट कोहली 37 वर्ष के तथा यह दोनों अब केवल वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं। वह वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे या नहीं इसको लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने इस बात पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है कि यह दोनों वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे या नहीं। हरभजन ने शारजाह में कहा, ‘‘यह मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा क्योंकि मैं खुद एक खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं वह मेरे साथ भी हुआ है। मेरे कई साथियों के साथ ऐसा हुआ है, लेकिन यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इस बारे में बात नहीं करते या इस पर कोई चर्चा नहीं करते।’’ भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार के संदर्भ में कहा, ‘‘जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे लोग उनके भविष्य के बारे में फैसला कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया है।’’ वनडे विश्व कप में अभी एक समय साल से भी अधिक समय है लेकिन हरभजन ने रोहित और कोहली का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस विश्व कप के दौरान शानदार फॉर्म में रहेंगे और अगली पीढ़ी के लिए मानक स्थापित करेंगे। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं, जबकि रोहित ने पिछली चार पारियों में दो अर्द्धशतक और एक शतक लगाया है। हरभजन ने कहा, ‘‘उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए शुरू से ही अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं। मुझे वास्तव में अच्छा लग रहा है कि वह दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं और यह दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है। इसलिए सही उदाहरण पेश करने के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को बधाई।’’