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Indore अपहरण कांड में सनसनी, कॉल रिकॉर्डिंग से बच्चों को नुकसान पहुंचाने की साजिश का खुलासा

इंदौर. गीता नगर से नैतिक सोनकर और सम्राट जयदेव का अपहरण कर फिरौती मांगने वाले आरोपी बच्चों को फेंकने की तैयारी में थे। एक काम में रुपये मिलते तो दो-चार वारदात आगे भी कर देते। यह पर्दाफाश आरोपितों के मोबाइल में मिली कॉल रिकॉर्डिंग से हुआ है। पलासिया पुलिस ने 25 से ज्यादा रिकॉर्डिंग सुनी हैं। आरोपित विनीत प्रजापति (तिलक नगर), राधिका प्रजापति (तिलकनगर) और ललित सेन उर्फ लल्ली (दत्तनगर), तनीषा उर्फ तन्नू सेन (दत्तनगर) को पुलिस ने रिमांड पर ले रखा है। पलासिया टीआई सुरेंद्रसिंह रघुवंशी और एसीपी तुषारसिंह पूछताछ कर रहे हैं। शनिवार को पुलिस ने आरोपितों के पांच मोबाइल खंगाले तो खुद ही फंस गए। विनीत और राधिका के मोबाइल में आटो रिकार्डिंग का ऑप्शन है। राधिका और ललित से हुई बातचीत रिकॉर्ड हो रही थी। गर्लफ्रेंड को भी साजिश के बारे में बताया कॉल रिकॉर्डिंग सुनने पर पता चला कि दोनों को रुपयों की सख्त आवश्यकता थी और बच्चों को अगवा करने के लिए बेताब थे। रैकी और अपहरण में देरी करने पर एक-दूसरे को गालियां भी दे रहे थे। एक रिकॉर्डिंग में राधिका पांच लाख रुपये रखकर विनीत को दस लाख रुपये देने का बोल रही थी। विनीत ने कहा कि उसको पूजा (गर्लफ्रेंड) को डेढ़ लाख रुपये देने हैं। उसे भी अपहरण की साजिश के बारे में बता दिया है। वह बार-बार कॉल कर पूछताछ कर रही है। राधिका कर्जा चुकाने का जिक्र कर रही थी। एफआईआर की चिंता मत कर, मैं सब मैनेज कर लूंगा एक रिकॉर्डिंग में तो दोनों ने अपहरण के बाद होने वाली एफआईआर का भी जिक्र किया है। राधिका द्वारा पूछने पर विनीत ने कहा, 'इसकी तू चिंता मत कर, मैं सब मैनेज कर लूंगा।' उसने यह भी कहा कि एक काम में सक्सेस हो गए तो दो-चार काम करेंगे। आरोपियों ने यह भी कहा कि रातभर फ्लैट में रखेंगे और सुबह फेंक देंगे। उनको विश्वास था कि पुलिस कभी पकड़ नहीं पाएगी। डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास के मुताबिक आरोपितों को कोई पछतावा नहीं है। चारों का व्यवहार सामान्य है। युवतियों को अलग रखा गया है। दोनों आपस में बातचीत करती रहती हैं। उनसे अभी तक कोई मिलने भी नहीं आया है। बगीचे में सीन रिक्रिएशन पुलिस शनिवार को आरोपी राधिका को ग्रेटर तिरुपति गार्डन में ले गई और घटना का सीन रिक्रिएट करवाया। राधिका ने बच्चों को बहलाने और फिर पेट और पक्षी का प्रलोभन देकर जाने की सारी बातें बता दीं। एसीपी तुषारसिंह के मुताबिक पुलिस ने रेपिडो चालक की जानकारी भी मांगी है।

हीटवेव से राहत: Bhopal के सभी स्कूलों में कक्षा 8 तक छुट्टी घोषित

भोपाल. भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजधानी के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर ने आदेश में लिखा, 'भोपाल जिले में निरंतर तापमान में वृद्धि के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के समस्त शासकीय/अशासकीय/अनुदानित/सीबीएसई/आईसीएसई स्कूलों में अध्ययनरत छाक्ष-छात्राओं का दिनांक 30.04.2026 तक अवकाश घोषित किया जाता है। समस्त शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहेंगे।' बढ़ती गर्मी की वजह से लिया फैसला लगातार चढ़ते पारे और लू (Heatwave) के प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। अभिभावकों और शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सूचित कर दिया गया है। फिलहाल यह आदेश आगामी निर्देशों तक लागू रहेगा।

रायपुर में संजीवनी हेल्थ कैंप, प्रशासन की तत्परता से बुधरी मड़कम को एम्स रायपुर में मिला निःशुल्क इलाज

रायपुर : संजीवनी बना मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप बुधरी मड़कम को प्रशासन की तत्परता से एम्स रायपुर में मिला नया जीवन आयुष्मान कार्ड से हुआ निःशुल्क ईलाज रायपुर सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के मिचवार निवासी आदिवासी महिला बुधरी मड़काम के लिए मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। गंभीर बीमारी से जूझ रही बुधरी की हालत लगातार बिगड़ रही थी और शुरुआती लक्षणों के आधार पर कैंसर या टीबी जैसी आशंका जताई जा रही थी। लेकिन समय रहते कैंप में हुई जांच ने स्थिति की गंभीरता को पहचान लिया और प्रशासन की तत्परता से उसे सही उपचार की दिशा में तुरंत आगे बढ़ाया गया। मरीज की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई और बुधरी को तत्काल एम्स रायपुर रेफर कराया गया। यह निर्णय मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। जिला स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता ने यह सुनिश्चित किया कि दूरस्थ इलाके की यह महिला इलाज के लिए बड़े अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर पहुंच सके। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद बुधरी को दुर्लभ बीमारी सरकॉइडोसिस होने की पुष्टि हुई और 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 15 दिनों के इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई। सबसे बड़ी राहत यह रही कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पूरा उपचार निःशुल्क हुआ। यह घटना स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के उस संकल्प को भी साकार करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गंभीर मरीजों को रायपुर ले जाकर बेहतर इलाज दिलाया जाएगा। यह कहानी सुकमा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है, जिसने एक आदिवासी महिला को नया जीवन देकर मानवता और सेवा की मिसाल कायम की है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मेगा सुपर स्पेशलिटी हेल्थ कैंप के माध्यम से गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें हायर हेल्थ सेंटर रेफर किया जा रहा है। बुधरी मड़कम का सफल इलाज इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि किसी भी जरूरतमंद मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो और उन्हें समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके। पूरे उपचार के दौरान आयुष्मान कार्ड विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री अमृतेश सिंह ने मरीज और उसके परिजनों को हर कदम पर सहयोग प्रदान किया। अपॉइंटमेंट से लेकर भर्ती तक, डॉक्टरों से समन्वय और लगातार मार्गदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रशासन केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी मरीजों के साथ खड़ा रहता है। भाषा की समस्या भी बड़ी चुनौती थी, क्योंकि परिजन केवल गोंडी भाषा जानते थे, फिर भी समन्वय और मानवीय प्रयासों से एम्स में भर्ती और इलाज पूरी सफलता से संभव हो पाया।

इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन: 5 रुपए वाली पैरासिटामॉल की कीमत बढ़ाने पर सवाल

इंदौर  इंदौर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनोद सर्राफ की युगलपीठ ने मेडिकल जांच और दवाइयों की कीमतों में असमानता पर दायर जनहित याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस दिया है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर दिया है तो राज्य सरकार इसका पालन सुनिश्चित क्यों नहीं करवा रही है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और मेडिकल काउंसिल से इसका जवाब मांगा है। उन्हें कोर्ट को चार सप्ताह में इसका जवाब पेश करना होगा। याचिका में बताया गया है कि न केवल दवाइयों की कीमतें अलग अलग ली जा रहीं हैं बल्कि मेडिकल जांच के रेट भी अलग-अलग वसूले जा रहे हैं। कुछ डॉक्टर दूसरी जगह की रिपोर्ट को मान्यता ही नहीं देते। अभिभाषक आसुदानी ने साफ कहा कि केंद्र की स्पष्ट गाइडलाइन होने के बाद भी राज्य सरकार इसे नहीं मान रही हैं, जिससे दवा और मेडिकल जांच के नाम पर आम लोगों से लूट की जा रही मेडिकल जांच और दवाइयों की कीमतों में असमानता पर इंदौर हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता रमण रावल ने यह जनहित याचिका दायर की है। उनकी ओर से वरिष्ठ अभिभाषक विजय कुमार आसुदानी कोर्ट में पेश हुए और अपनी दलीलें दीं। अभिभाषक आसुदानी ने साफ कहा कि केंद्र की स्पष्ट गाइडलाइन होने के बाद भी राज्य सरकार इसे नहीं मान रही हैं, जिससे दवा और मेडिकल जांच के नाम पर आम लोगों से लूट की जा रही है। फॉर्मूला एक, लेकिन कीमतें अलग-अलग, इन दवाइयों की सूची भी कोर्ट में पेश याचिका में कोर्ट को बताया कि एक ही तरह और एक फॉर्मूले से बनी अलग अलग कंपनियों की दवाइयों की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे पैरासिटामॉल की एक टेबलेट की किसी कंपनी द्वारा 5 रुपए कीमत तय है, जबकि उसी को अन्य कंपनियां ज्यादा दाम में बेच रही हैं। याचिकाकर्ता ने ऐसी अनेक दवाइयां गिनाईं जिनकी अलग अलग कीमतें वसूली जा रहीं हैं। इन दवाइयों की सूची भी कोर्ट में पेश की। मेडिकल जांच के रेट भी लैब और निजी अस्पताल अलग-अलग वसूल रहे, अगर कोई मरीज सस्ती लैब से जांच कराता है तो कुछ डॉक्टर उसे मान्यता नहीं देते अभिभाषक आसुदानी ने बताया कि इसी तरह मेडिकल जांच के रेट भी लैब और निजी अस्पताल अलग-अलग वसूल रहे हैं। अगर कोई मरीज सस्ती लैब से जांच कराता है तो कुछ डॉक्टर उसे मान्यता नहीं देते। याचिकाकर्ता ने इस मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।

गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान मिला योगी सरकार में: सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ. कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के किसानों की आय 52 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि अखिलेश यादव की सरकार में किसान बदहाल थे। अखिलेश यादव जब सत्ता में थे,  सोये हुए थे। 24 घंटे में समर्थन मूल्य देने की बात करने वाले अखिलेश यादव के जमाने में पर्ची से खर्ची (खर्चा) चलता था। तब 34 महीनों में भी किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो पाता था। अखिलेश सरकार में मिल मालिकों से होती थी सांठगांठ उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के समय में उनकी सरकार मिल मालिकों से सांठगांठ करके बैठी थी, इसलिए गन्ना किसानों का भुगतान नहीं हो पाता था। पूर्व सरकार में गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों तक नहीं होता था। वहीं योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों में 8 से 10 दिन में भुगतान हो रहा है। आज देश में गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत योगदान उत्तर प्रदेश से हो रहा है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ से ज्यादा का भुगतान कृषि मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव के जमाने में गन्ना मूल्य 300 रुपये प्रति क्विंटल, तीन किस्तों में किसानों को मिलता था। यह शोषण किसान अब तक भूल नहीं पाए हैं। योगी सरकार ने गन्ना मूल्य 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल किया। इसका भुगतान भी किसानों को लगातार कराया जा रहा है। इसी क्रम में गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने 16 लाख से ज्यादा किसानों के बिजली बिल को माफ किया है और पर्याप्त मात्रा में बिजली आपूर्ति भी कर रही है। नलकूपों और सोलर पैनल के जरिए सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। वर्षों से लंबित सरयू परियोजना को हमारी सरकार ने पूरा कराया। इससे 14 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा बढ़ी है। योगी सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीद की जा रही है। किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल रहा है। योगी सरकार पर किसानों का भरोसा बढ़ा कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों का योगी सरकार और खेती के प्रति भरोसा बढ़ा है। उत्तर प्रदेश आज कृषि क्षेत्र में काफी प्रगति कर रहा है। लगभग 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन चावल, 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। तिलहन में 48 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सब्जी-फलों के उत्पादन में बढ़त देखी जा रही है। एथेनॉल के जरिए मिलें हुईं सशक्त उत्तर प्रदेश में गन्ने से एथेनॉल बनाकर मिलों को सशक्त किया गया है। इसके चलते गन्ना किसानों का भुगतान आसान हो गया है। अखिलेश यादव अपनी नाकामियों को देख नहीं पाते हैं। अखिलेश यादव जब सत्ता में थे तब उन्हें सरकारी कामकाज से कोई मतलब नहीं था। विपक्ष में बैठकर वह बड़े-बड़े वादे करते हैं। वह जानते हैं कि उनकी सरकार नहीं बनने वाली, इसलिए कोई भी वादा कर देते हैं। अखिलेश यादव जान लें कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती, एक बार उनकी सरकार की परेशानियों को जनता भुगत चुकी है। दोबारा वह सत्ता में नहीं आएंगे। अखिलेश सरकार में बिजली दरें 60 फीसदी तक बढ़ीं सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में जनता बिजली के लिए परेशान थी, जबकि प्रदेश के कुछ जिलों में वीआईपी व्यवस्था थी। कन्नौज, इटावा, रामपुर में 24 घंटे की बिजली आपूर्ति होती थी, प्रदेश के अन्य जिलों में अंधेरा छाया रहता था। इन नीतियों के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गंभीर आपत्ति जताई थी। अखिलेश की सरकार में बिजली दरों में 60 फीसदी बढ़ोतरी की गई थी। अखिलेश यादव सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाते हैं। मोदी और योगी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

बीजेपी में केपी यादव को बड़ा पद मिलने की संभावना, अमित शाह का वादा होगा पूरा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तमाम विरोधों और अड़ंगों के बाद भी पूर्व सांसद केपी यादव को बड़ा पद मिलना तय है। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा उनके लिए किया गया वादा एमपी भाजपा निभाने जा रही है। केपी यादव KP Yadav का नाम बड़े कार्पोरेशन के अध्यक्ष के लिए लगभग तय कर लिया गया है। हालांकि अभी आदेश जारी नहीं हुआ है। इस बीच सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों के अगले क्रम में अनेक नेताओं को अहम जिम्मेदारियों की घोषणा कर दी है। शुक्रवार शाम केशव सिंह बघेल को राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष बना दिया है। बघेल ग्वालियर जिला पंचायत सदस्य हैं। अशोक जादौन ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अध्यक्ष व उदयवीर सिंह उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। 11 निगम मंडलों व प्राधिकरणों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए केपी यादव समेत 20 नामों पर लगभग सहमति इसके साथ ही 11 निगम मंडलों व प्राधिकरणों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए केपी यादव समेत 20 नामों पर लगभग सहमति हो गई है। सप्ताह भर में इनके आदेश जारी होंगे। बता दें कि केपी यादव KP Yadav ने तत्कालीन कांग्रेसी प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर गुना शिवपुरी सीट पर बीजेपी का वर्चस्व स्थापित किया था। बाद में सिंधिया बीजेपी में आ गए तो यादव की टिकट काट दी पर उन्हें अहम दायित्व देने का भरोसा दिलाया गया था। बीडीए की दावेदारी से चेतन का नाम कटा महिला आयोग अध्यक्ष के पद पर रेखा यादव और बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष के लिए डॉ. निवेदिता शर्मा की नियुक्ति अटकी। जांच के लिए होल्ड। उज्जैन विकास प्राधिकरण का जिम्मा रवि सोलंकी को मिल सकता है। मुकेश यादव व रवि वर्मा उपाध्यक्ष बन सकते हैं। भोपाल विकास प्राधिकरण के लिए चल रहा चेतन सिंह का नाम काटने की चर्चा। तत्कालीन सांसद यादव की टिकट काटकर सिंधिया को उम्मीदवार बनाया था, गृहमंत्री अमित शाह ने अहम जिम्मेदारी की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने गुना शिवपुरी सीट से तत्कालीन सांसद केपी यादव की टिकट काटकर ज्योतिरादित्य सिंधिया को उम्मीदवार बनाया था। खास बात यह है कि इससे पहले के चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में यादव ने ही तब कांग्रेस के प्रत्याशी सिंधिया को हराया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया जब बीजेपी में आए तो पार्टी ने केपी यादव के स्थान पर उन्हें उम्मीदवार बना दिया। हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यादव को अहम जिम्मेदारी की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी। उनका किया वादा अब प्रदेश भाजपा निभाने जा रही है।

नीतीश से मुलाकात के बाद सीएम सम्राट ने ललन और बिजेंद्र से की बातचीत, कैबिनेट विस्तार की संभावना पर चर्चा

 पटना बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने बाद  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने मु्लाकात की। एक अणे मार्ग पर स्थित सीएम आवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और जदयू सांसद ललन सिंह भी मौजूद रहे। ये मुलाकात करीब 20 मिनट से ज्यादा चली। हालांकि क्या बात हुई। इसकी जानकारी सामने नहीं है। इस भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। हालांकि कैबिनेट विस्तार को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। सम्राट से पहले बिजेंद्र यादव से मिले नीतीश इससे पहले आज सुबह से डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव से मिलने उनके आवास नीतीश कुमार पहुंचे थे। इन मुलाकातों को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई। और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आपको बता दें शुक्रवार को सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बहुमत साबित किया है। फ्लोर टेस्ट से पहले हुई चर्चा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार को कोई नहीं हटा सकता, न तो कुर्सी से न दिल से। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए हम बिहार को विकसित राज्य बनाएंगे। नीतीश कुमार यात्रा के दौरान ही हम लोगों की तरफ दिखलाकर कहते थे कि अब बिहार यही लोग देखेंगे। हम हैरान होते। बाद में उन्होंने हमें कहा भी कि हम दिल्ली में रहकर बिहार का हक दिलवाएंगे। बिहार की 20 सालों से नीतीश सेवा कर रहे- सम्राट सीएम ने कहा कि नीतीश कुमार 20 वर्षों से बिहार की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने सुशासन स्थापित किया, किसान, मजदूर, गरीबों को मुख्य धारा में लाया। उनके कारण सरकारी नौकरियों की बहार आई। ऐतिहासिक शराबबंदी हुई। महिला सशक्तीकरण के लिए अद्भुत काम किये। सीएम ने कहा कि भाजपा ने मुझे नेता, विपक्ष का नेता, प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री बनाया। लालू प्रसाद की पाठशाला से नहीं, उनके अत्याचारों से सीएम बना। ऐसे में वे गलतफहमी में न रहें। यह कुर्सी किसी की बपौती नहीं है।  पुनौराधाम मंदिर जाएंगे सम्राट चौधरी सीएम सम्राट चौधरी आज सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से आशीर्वाद भी लिया । आपको बता दें 8 अगस्त 2025 को बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुनौराधाम मंदिर की पहली ईंट रखी थी। भूमिपूजन के लिए 21 तीर्थों की मिट्टी और 11 नदियों का जल मंगवाया गया था। अयोध्या के हनुमानगढ़ी से ईंट भी लाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान PM मोदी की अयोध्या में पूजा की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं।करीब 50 एकड़ में 882 करोड़ रुपए की लागत से मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर की ऊंचाई 156 फीट होगी, जो अयोध्या के राम मंदिर से लगभग 5 फीट कम है।

बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से कोंडागांव में हर पात्र तक योजनाओं का मिलेगा लाभ

कोंडागांव : बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में हुई समीक्षा बैठक कोंडागांव प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में “नियद नेल्लानार” के तहत चिन्हित 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ प्रदान करना है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम के प्रभावी संचालन एवं व्यक्तिमूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत सेच्यूरेशन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण कार्य जारी है। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के संभावित लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें त्वरित लाभ प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रथम चरण में ग्राम पंचायतों को योजनावार लक्ष्य, प्रचार-प्रसार सामग्री, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मैदानी अमले को हितग्राहियों की सूची प्रदान की गई है। द्वितीय चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर सर्वेक्षण के आधार पर पात्रता परीक्षण एवं योजनाओं का लाभ वितरण किया जाएगा। सर्वेक्षण से छूटे परिवारों का भी पंजीयन कर नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा। पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल) से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन कर तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का चयन किया जाएगा। अनुमोदित प्रस्तावों के आधार पर आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शासन को प्रेषित किया जाएगा। तृतीय चरण में ग्राम पंचायत स्तर के लंबित प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविर आयोजित कर निराकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण में क्लस्टर स्तर के लंबित मामलों का विकासखण्ड स्तर पर जिला अधिकारियों की उपस्थिति में समाधान किया जाएगा तथा शिविरों के प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जाएगा। पांचवें एवं अंतिम चरण में सभी शिविरों की समीक्षा, प्रभाव का आंकलन एवं थर्ड पार्टी फीडबैक लिया जाएगा, जिससे कार्यक्रम की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावा रिकॉर्ड तोड़, अब मोरपंख पर लगी पाबंदी

 चित्तौड़गढ़ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ अंचल के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर श्री सांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार की गणना 7 चरणों में पूरी हुई. भंडार गणना के पूर्ण होने पर 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए प्राप्त हुए. गणना सम्पन्न होने के साथ ही मासिक भंडार की अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा राशि सामने आई है।  मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार 16 अप्रैल को खोला गया था, उसके बाद भंडार की गणना शुरू हुई इसके तहत भंडार से 33,21,63,539 रुपए प्राप्त हुए।  इसके साथ ही भेंटकक्ष और ऑनलाइन डोनेशन से 8,45,75,030 रुपए प्राप्त हुए हैं. भंडार और भेंट कक्ष में सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में आया है. भेंटकक्ष और भंडार से सोना 660 ग्राम 500 मिलीग्राम और भेंटकक्ष और भंडार से चांदी 84 किलो 620 ग्राम प्राप्त हुई है।  परंपरा के अनुसार, पूरे वर्ष में 8 महीने सांवलिया सेठ के भंडार को मासिक अमावस्या से पूर्व चौदस को खोला जाता है. इस बार मासिक भंडार से निकलने वाली दान राशि के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।  भंडार गणना के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम, मंदिर मंडल बोर्ड के सदस्य पवन तिवारी, किशन लाल अहीर, राम लाल गुर्जर, हरिराम गाडरी, प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र सिंह, मंदिर एव संपदा प्रभारी भेरुगिरि गोस्वामी मौजूद रहे।  डीएम और मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया- 16 अप्रैल को चतुर्दशी के दिन भंडार खोला गया था। इसके बाद सात राउंड में गिनती की गई। इस दौरान मंदिर के भंडार से कुल 33 करोड़ 21 लाख 63 हजार 539 रुपए प्राप्त हुए। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। इनके अलावा करीब 1 करोड़ रुपए कीमत का सोना और करीब 2 करोड़ रुपए की चांदी की भेंट भी चढ़ावे में आई है। प्रभा गौतम ने बताया- इस महीने भंडार, भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए की दान राशि प्राप्ति हुई है। यह एक महीने (29 दिन) में मिली अब तक की सबसे ज्यादा राशि है। इससे पहले, साल 2025 में अप्रैल में अमावस्या पर खोले गए भंडार से करीब 25 करोड़ रुपए चढ़ावे में मिले थे, जो एक महीने में सबसे ज्यादा थे। वहीं, मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मोरपंख और 56 भोग लगाने की परंपरा बंद कर दी गई है। सोना-चांदी का भी हुआ तौल आखिरी राउंड की गिनती के दौरान शुक्रवार को कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी का तौल हुआ। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया के अनुसार, इस सोने की कीमत करीब 1 करोड़ और चांदी की लगभग 2 करोड़ रुपए है। इसके अलावा काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा और चेक भी प्राप्त हुए हैं, जिनकी प्रक्रिया अलग से अपनाई जा रही है। जानिए- पहले से आखिरी राउंड तक कितना मिला चढ़ावा     16 अप्रैल : भंडार खोला गया। पहले दिन 11 करोड़ 11 लाख रुपए गिने गए।     17 अप्रैल : अमावस्या होने से दानराशि की गणना नहीं की गई।     18 अप्रैल : दूसरे राउंड में 6 करोड़ 51 लाख 24 हजार 500 रुपए की दानराशि सामने आई।     19 अप्रैल : रविवार होने से गिनती नहीं की गई।     20 अप्रैल : तीसरे चरण में 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त हुई।     21 अप्रैल : चौथे राउंड में 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए की गिनती की गई।     22 अप्रैल : पांचवें चरण में 1 करोड़ 31 लाख 42 हजार रुपए गिने गए।     23 अप्रैल : छठे राउंड में 54 लाख 6 हजार 600 रुपए की गिनती हुई।     24 अप्रैल : सातवें राउंड में 34 लाख 51 हजार 939 रुपए की गिनती हुई। कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी मिली। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। पिछले साल बना था दो महीने की सर्वाधिक दान राशि का रिकॉर्ड मंदिर प्रशासन का कहना है कि नवंबर, 2025 में दिवाली के बाद खोले गए भंडार के दौरान 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए चढ़ावा आया था। यह अब तक की सर्वाधिक दान राशि है। हालांकि यह दो महीने (21 सितंबर से 18 नवंबर तक) की दान राशि का रिकॉर्ड है।

भोपाल-इंदौर मेट्रो में 27 अप्रैल से ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम की शुरुआत, रिचार्ज पर मिलेगी छूट

भोपाल/इंदौर  भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर अब ऑटोमैटिक फेयर कनेक्शन सिस्टम शुरू हो रहा है। 27 अप्रैल से यात्रियों को मैन्युअली की जगह ऑनलाइन तरीके से ही टिकट मिलेगी। वहीं, टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर छूट भी दी जाएगी।मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) इस सिस्टम की शुरुआत करने जा रही है। भोपाल और इंदौर में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो यात्रियों को विशेष रियायत दी जाएगी। टिकट पर ये मिलेगी छूट राउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर कुल किराए में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। समूह टिकट पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा (एकल समूह टिकट पर) न्यूनतम 8 एवं अधिकतम 40 यात्रियों के समूह के लिए उपलब्ध होगी। MP Metro एप पर वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त बचत मेट्रो के आधिकारिक मोबाइल एप MP Metro के माध्यम से यात्री क्यूआर टिकट बुक कर सकेंगे। इस एप के वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से टिकट प्राप्त करने पर यात्रियों का समय भी बचेगा। इस तरह से मिलेगी रिचार्ज स्लैब में छूट 200 से 499 रुपए के टिकट पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 500 से 999 के टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। 1000 से 1499 रुपए पर 12% और 1500 से 2000 में 15% की छूट दी जाएगी। राउंड ट्रिप और ग्रुप टिकट पर विशेष छूट मेट्रो के अनुसार अब राउंड ट्रिप (आने-जाने) का टिकट एक साथ लेने पर यात्रियों को कुल किराए में पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो रोजाना मेट्रो से सफर करते हैं। वहीं समूह में यात्रा करने वालों के लिए 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। यह सुविधा कम से कम आठ और अधिकतम 40 यात्रियों के समूह को एक ही टिकट पर मिलेगी। एमपी मेट्रो मोबाइल ऐप के वॉलेट रिचार्ज पर अलग-अलग स्लैब में छूट दी जाएगी। यात्री ऐप के माध्यम से क्यूआर टिकट बुक कर अपना समय भी बचा सकेंगे। ऐप वॉलेट रिचार्ज पर 15 प्रतिशत तक की बचत एमपी मेट्रो ऐप के वॉलेट रिचार्ज पर यात्रियों को शानदार बचत का मौका मिलेगा। इसके लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं- 200 से 499 रुपये के रिचार्ज पर: आठ प्रतिशत 500 से 999 रुपये के रिचार्ज पर: 10 प्रतिशत 1000 से 1499 रुपये के रिचार्ज पर: 12 प्रतिशत 1500 से 2000 रुपये के रिचार्ज पर: 15 प्रतिशत टिकटिंग के मिलेंगे दो विकल्प यात्री अपनी सुविधा के अनुसार पेपर क्यूआर या मोबाइल क्यूआर टिकट चुन सकते हैं। पेपर क्यूआर टिकट स्टेशन के काउंटर से नकद या यूपीआई के माध्यम से मिलेंगे, जबकि मोबाइल क्यूआर टिकट एमपी मेट्रो ऐप से खरीदे जा सकेंगे। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर दोनों पर उपलब्ध है। ध्यान रहे कि ऐप के वॉलेट में जमा राशि का उपयोग केवल टिकट खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि वापस नहीं होगी। टिकटिंग के प्रकार : पेपर QR और मोबाइल QR     यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकटिंग के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पेपर क्यूआर टिकट, टाम (टिकट काउंटर)/ईएफओ (ग्राहक सेवा केंद्र) रूम से नकद या यूपीआई के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं।     मोबाइल क्यूआर टिकट MPMRCL के आधिकारिक मोबाइल एप्प “MP Metro” के माध्यम से डिजिटल भुगतान द्वारा आसानी से खरीदे जा सकेंगे। MP Metro मोबाइल एप्प एंड्रॉयड (Google Play Store) एवं iOS (Apple App Store) दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।     MPMRCL वॉलेट में जमा की गई राशि का उपयोग केवल मेट्रो टिकट खरीद के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी।