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काली ब्रा से ब्रेस्ट कैंसर का डर सिर्फ एक मिथक, मेडिकल रिसर्च ने किया साफ

नई दिल्ली   हाल ही में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि काली रंग की ब्रा पहनने से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। इस खबर ने कई महिलाओं को डराया है, जबकि कुछ इसे अफवाह मानकर नजरअंदाज कर रहे हैं। आइए, इस दावे की वैज्ञानिक जांच करते हैं और समझते हैं कि इसमें कितनी हकीकत है। काली ब्रा और ब्रेस्ट कैंसर का दावा कैसे फैला? इंटरनेट पर कई बार यह बात सामने आई है कि काली ब्रा, खासकर टाइट या अंडरवायर ब्रा पहनने से शरीर में गर्मी बढ़ती है, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है और यह ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों का मानना है कि काले रंग की ब्रा सूरज की किरणों को ज्यादा सोखती है, जिससे स्तन के टिश्यू में गर्मी बढ़ती है और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन क्या यह सच है? क्या है वैज्ञानिक सच? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और Cancer Research UK जैसी प्रमुख संस्थाओं की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि ब्रा का रंग, चाहे वह काला हो या कोई भी रंग, ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनता है। 2014 में फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर, सिएटल की एक स्टडी में 1500 महिलाओं पर रिसर्च की गई, जिसमें ब्रा पहनने की आदतों जैसे कि ब्रा की टाइटनेस, पहनने का समय, और रंग का ब्रेस्ट कैंसर से कोई संबंध नहीं पाया गया। 2023 में कैंसर रिसर्च यूके ने भी इस बात को दोहराया कि ब्रा का रंग या स्टाइल ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ा नहीं है। 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन में मैमोग्राम और बायोप्सी डेटा की मदद से यह पाया गया कि ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क फैक्टर्स में जेनेटिक म्यूटेशन (BRCA1 और BRCA2 जीन), फैमिली हिस्ट्री, हार्मोनल बदलाव, मोटापा, शराब और स्मोकिंग जैसे कारण शामिल हैं, लेकिन ब्रा का रंग या टाइट होना इनमें कहीं भी शामिल नहीं है। डॉक्टर क्या कहते हैं? नई दिल्ली के अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रमेश शर्मा, जो 20 सालों से ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, कहते हैं कि काली ब्रा और ब्रेस्ट कैंसर का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह सिर्फ एक मिथक है जो सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। उनका कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर का खतरा मुख्य रूप से जेनेटिक कारणों, जीवनशैली और उम्र से जुड़ा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि बहुत टाइट ब्रा पहनने से त्वचा में जलन या चुभन हो सकती है, लेकिन इससे कैंसर नहीं होता। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि वे नियमित रूप से मैमोग्राम करवाएं और ब्रेस्ट का सेल्फ-चेकअप करें। अगर ब्रेस्ट में कोई गांठ, निप्पल से स्राव, या त्वचा में कोई बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।   काली ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होने का दावा पूरी तरह से गलत और बिना किसी वैज्ञानिक आधार के है। महिलाओं को इस तरह की अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें, नियमित जांच कराएं और सही जानकारी ही फैलाएं।  

अब पुरुष भी ले सकेंगे गर्भनिरोधक गोली, वैज्ञानिकों ने पास किया मानव परीक्षण का पहला चरण

नई दिल्ली पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है. YCT-529 नाम की इस नई गोली ने पहला ह्यूमन सेफ्टी टेस्ट पास कर लिया है. ये गोली बिना हार्मोन के पुरुषों में शुक्राणु (स्पर्म) बनने की प्रक्रिया को रोकती है. अभी ये शुरुआती टेस्ट था, जिसमें 16 लोगों पर जांच की गई कि गोली शरीर में सही मात्रा में पहुंचती है या नहीं और क्या इससे कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स होते हैं. अच्छी खबर ये है कि कोई बड़ा साइड इफेक्ट नहीं दिखा. अब ये गोली बड़े टेस्ट्स की ओर बढ़ रही है, जहां इसकी सेफ्टी और असर दोनों की जांच होगी. आइए, समझते हैं कि ये गोली क्या है? कैसे काम करती है? पुरुषों के लिए ये क्यों खास है? पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली: क्या है ये नया आविष्कार? अभी तक पुरुषों के पास गर्भनिरोध के लिए सिर्फ दो विकल्प थे: कन्डोम और वासेक्टॉमी (नसबंदी). कन्डोम हर बार इस्तेमाल करना पड़ता है. वासेक्टॉमी एक स्थायी तरीका है, जिसे उलटना (रिवर्सल) मुश्किल होता है. लेकिन YCT-529 नाम की ये गोली पुरुषों के लिए नया और आसान विकल्प ला सकती है. ये गोली…     बिना हार्मोन के काम करती है: महिलाओं की गर्भनिरोधक गोलियों में हार्मोन होते हैं, जो कई बार साइड इफेक्ट्स जैसे मूड स्विंग्स या वजन बढ़ना लाते हैं. YCT-529 में ऐसा कुछ नहीं है.     शुक्राणु बनने से रोकती है: ये पुरुषों के शरीर में शुक्राणु बनाने की प्रक्रिया को अस्थाई तौर पर बंद कर देती है.     उलटने योग्य (रिवर्सिबल): गोली बंद करने के 4-6 हफ्तों में पुरुष की फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) वापस आ जाती है. 22 जुलाई 2025 को Communications Medicine जर्नल में इस टेस्ट के नतीजे छपे. यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा और कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने इस गोली को बनाया. YourChoice Therapeutics कंपनी इसके टेस्ट्स कर रही है. कैसे काम करती है YCT-529? YCT-529 गोली पुरुषों के शरीर में शुक्राणु बनने की प्रक्रिया को रोकती है. ये कैसे होता है, समझते हैं…     रेटिनॉइक एसिड रिसेप्टर अल्फा: हमारे शरीर में एक प्रोटीन होता है, जिसे रेटिनॉइक एसिड रिसेप्टर अल्फा कहते हैं. ये प्रोटीन शुक्राणु बनाने में अहम रोल निभाता है. इसे एक ताले की तरह समझिए, जिसमें विटामिन A (रेटिनॉइक एसिड) एक चाबी की तरह काम करता है. जब चाबी ताले में लगती है, तो शुक्राणु बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.     YCT-529 का जादू: ये गोली उस चाबी को ताले में लगने से रोकती है. इससे शुक्राणु बनने की प्रक्रिया रुक जाती है. पुरुष अस्थाई तौर पर बांझ (इन्फर्टाइल) हो जाता है.     बिना हार्मोन: ये गोली हार्मोन को छूती तक नहीं, इसलिए इससे हार्मोनल बदलाव जैसे मूड स्विंग्स, वजन बढ़ना या यौन इच्छा में कमी जैसी समस्याएं नहीं होतीं. वैज्ञानिकों ने इस गोली को बनाने के लिए रेटिनॉइक एसिड रिसेप्टर की संरचना को गहराई से समझा. कई अणुओं (मॉलिक्यूल्स) का टेस्ट किया, ताकि सही दवा बन सके. पहला ह्यूमन टेस्ट: क्या हुआ? पहला टेस्ट 16 पुरुषों (32 से 59 साल की उम्र) पर किया गया. ये टेस्ट सिर्फ ये देखने के लिए था कि…     क्या गोली शरीर में सही मात्रा में पहुंचती है?     क्या इससे कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स होते हैं, जैसे दिल की धड़कन, हार्मोन, सूजन, मूड या यौन स्वास्थ्य में बदलाव? खास बात: सभी पुरुषों ने पहले वासेक्टॉमी (नसबंदी) करा रखी थी. ऐसा इसलिए, ताकि अगर गोली से कोई लंबा असर हुआ, तो प्रजनन क्षमता पर खतरा न हो. टेस्ट का तरीका कुछ लोगों को प्लेसीबो (बिना दवा की गोली) दी गई, कुछ को कम डोज (90 मिलीग्राम) और कुछ को ज्यादा डोज (180 मिलीग्राम). कुछ ने खाली पेट गोली खाई. कुछ ने खाना खाने के बाद ताकि ये देखा जाए कि खाना दवा के असर को कैसे प्रभावित करता है. नतीजे सभी डोज में गोली शरीर में अच्छी मात्रा में पहुंची. 180 मिलीग्राम डोज सबसे अच्छी थी. शायद यही भविष्य में इस्तेमाल होगी. कोई बड़ा साइड इफेक्ट नहीं दिखा. न हार्मोन बदले.न मूड खराब हुआ. न यौन स्वास्थ्य प्रभावित हुआ. गोली दिन में एक बार लेने की जरूरत होगी, लेकिन ये पक्का अगले टेस्ट्स में तय होगा. डॉ. स्टेफनी पेज (यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन) ने कहा कि ये पुरुषों के लिए नया गर्भनिरोधक विकल्प लाने की दिशा में पहला कदम है. हमें पुरुषों के लिए रिवर्सिबल तरीकों की सख्त जरूरत है.  जानवरों पर टेस्ट: क्या कहते हैं नतीजे? इससे पहले YCT-529 का टेस्ट चूहों और बंदरों पर किया गया था… चूहों पर: गोली लेने के 4 हफ्तों में शुक्राणु बनना बंद हो गया. गोली बंद करने के 4-6 हफ्तों में प्रजनन क्षमता वापस आ गई. मादा चूहों के साथ टेस्ट में 99% गर्भधारण रुका. बंदरों पर: 2 हफ्तों में शुक्राणु की संख्या बहुत कम हो गई. गोली बंद करने के 10-15 हफ्तों में पूरी फर्टिलिटी वापस आ गई. इन नतीजों ने गोली को इंसानों पर टेस्ट करने का रास्ता खोला. क्यों है ये गोली जरूरी? पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक गोली कई मायनों में खास है…     जिम्मेदारी बांटना: अभी तक परिवार नियोजन (फैमिली प्लानिंग) का ज्यादातर बोझ महिलाओं पर है. ये गोली पुरुषों को भी जिम्मेदारी लेने का मौका देगी.     आजादी: पुरुषों को अपनी प्रजनन क्षमता पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा. वो खुद तय कर सकेंगे कि कब बच्चा चाहिए और कब नहीं.     सुरक्षित और आसान: कंडोम हर बार इस्तेमाल करना पड़ता है. वासेक्टॉमी स्थाई है. ये गोली रोज लेने का आसान और उलटने योग्य विकल्प है.     साइड इफेक्ट्स कम: क्योंकि ये हार्मोन-फ्री है, इससे मूड, वजन या यौन इच्छा पर असर होने की संभावना कम है. गुंडा जॉर्ज (यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा), जिन्होंने इस गोली को बनाया है कहती हैं कि ये गोली कपल्स को ज्यादा विकल्प देगी. पुरुषों को परिवार नियोजन में बराबर का रोल देगी.  आगे क्या? पहला टेस्ट पास होने के बाद अब बड़े टेस्ट्स की बारी है… 28 और 90 दिन का टेस्ट: अभी एक नया ट्रायल चल रहा है, जिसमें पुरुष 28 और 90 दिन तक YCT-529 लेंगे. इसमें सेफ्टी के साथ-साथ शुक्राणु की संख्या पर असर देखा जाएगा. ज्यादा लोग शामिल होंगे: अगले टेस्ट्स में ज्यादा पुरुषों को शामिल किया जाएगा, ताकि … Read more

ऑफिस में स्ट्रेस फ्री रहना चाहते है तो अपनाएं ये टिप्स

बेवक्त की बेचैनी, गुस्सा, उदासी, चिड़चिड़ाहट महसूस हो, काम सही तरीके से करने में परेशानी हो रही हो, नींद और थकान के कारण किसी भी काम में मन न लग रहा हो, तो ये किसी बीमारी के अलावा जॉब या काम का स्ट्रेस भी हो सकता है। स्ट्रेस फिजिकली और मेंटली, हमारी लाइफ पर असर डालने लगता है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो तो डॉक्टर से संपर्क करें और इस संबंध में सलाह-मशविरा करें। इसके साथ ही कुछ खास टिप्स को अपनाकर भी स्ट्रेस आसानी से दूर किया जा सकता है। पूरी नींद लें स्ट्रेस सबसे पहले नींद चुरा लेता है। इसका हेल्थ पर बहुत ही खराब असर पड़ता है। इसीलिए प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाए रखने के लिए पूरी नींद लेना बहुत ही जरूरी है। टाइम को इस तरह से मैनेज करें कि 7-8 घंटे की नींद ले सकें। इससे दिमाग शांत रहेगा, नए और क्रिएटिव आइडियाज आ सकते हैं। जल्दी उठने की आदत डालें सुबह जल्दी उठने से भी ऑफिस जाने के लिए होने वाली भागदौड़ से बचा जा सकता है। साथ ही, टाइम पर भी पहुंचेंगे। दिन की शुरुआत अच्छी होगी तो पूरा दिन फ्रेश और अच्छा रहता है। जल्दी उठकर मेडिटेशन के साथ एक्सरसाइज करना हेल्थ के लिए अच्छा रहेगा। नोट बनाएं काम को ऑर्गनाइज तरीके से करने पर ही स्ट्रेस से दूर रहा जा सकता है। अगले दिन करने वाले सभी कामों की लिस्ट बना लें। जरूरी कामों को पहले निपटाने की कोशिश करें। इससे काम बिना किसी गलती के आसानी से और जल्दी किया जा सकता है। काम को टालें नहीं किसी भी काम को अगले दिन के लिए टालें नहीं। आज का काम आज ही खत्म करें, वरना वर्क लोड बढ़ते जाता है और कई जरूरी काम नहीं हो पाते। क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी दें आप कितना ज्यादा काम कर रहे हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। फर्क पड़ता है तो इस बात से कि आप उस काम को कितने अच्छे तरीके से कर पा रहे हैं। इसीलिए ज्यादा से ज्यादा काम करने के बजाय जितना भी काम करें, उसमें ही अपना बेस्ट देने की कोशिश करें। ब्रेक लेते रहें लगातार सीट पर बैठे रहने से आंखों, पेट और पीठ से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इससे मोटापा बढ़ने के साथ ही बैक पेन भी होने लगता है। आंखों की विजिबिलटी कम होती जाती है। इसलिए बीच-बीच में सीट से उठते रहें और लंच के बाद जरूर टहलें। इमोशनल इंटेलिजेंस ऑफिस के मामलों और घर के मामलों को बिल्कुल अलग रखें, तभी किसी भी काम को स्मार्टली किया जा सकता है। ऑफिस में अगर आप किसी ऐसी पोजिशन पर हैं, जहां डिसीजन खुद ही लेने हैं तो दिमाग को स्ट्रेस फ्री रखना बहुत ही जरूरी है। डिसीजन लेने से पहले उसके अच्छे-बुरे के बारे में सोच लें, ताकि कोई गलती होने की संभावना न रहें। टीम वर्क करना सीखें। इससे काम भी जल्दी होता है, साथ ही स्ट्रेस भी कम होता है।  

मॉडल्स जैसी खूबसूरती पानी है तो करें ऐसा

जब भी आप किसी मॉडल को देखती हैं तो मन में एक ही सवाल उठता है कि इनमें और हमारी पर्सनैलिटी में कोई ज्यादा फर्क नहीं, फिर भी ये हमसे अलग क्यों दिखती हैं। ये भी वही मेकअप प्रोडक्ट इस्तेमाल करती हैं, जो हम करती हैं या फिर जिन ब्यूटी प्रोडक्ट्स का यह विज्ञापन करती हैं, हम उन्हें खरीद कर इस्तेमाल करती हैं फिर भी जब देखो ये मॉडल्स हमेशा अलग-सी ही नजर आती हैं। बात केवल यह नहीं कि वे कौन-सा ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करती हैं, परंतु यह जानना बहुत जरूरी है कि वे अपने मेकअप के लिए कौन सी ट्रिक इस्तेमाल करती हैं। मॉडलिंग ग्लैमर का फील्ड है, जहां हर समय खूबसूरत एवं प्रैजैंटिंग दिखना बेहद जरूरी होता है, सो हर मॉडल अपने हिसाब से ही मेकअप करती है और इसके लिए वह पूरी तरह से डैडीकेटेड रहती है। उनके मेकअप टिप्स को सीखने एवं फॉलो करने के बाद आप भी उनके जैसी दिख सकती हैं। डार्क एवं लाइट मेकअप कांबीनेशन मॉडल्स के चेहरे या उनकी तस्वीरों को ध्यान से देखेंगी तो पता चलेगा कि कोई भी मॉडल जब अपने लिप्स पर डार्क मेकअप करती है, तो वह चेहरे पर हल्का मेकअप रखती है। जब चेहरे पर मेकअप डार्क होता है, तो वे होंठों पर नैचुरल कलर की लिपस्टिक को इस्तेमाल करती हैं। यही नहीं वे अपने चेहरे के दाग-धब्बों को हटाने के लिए थोड़ा सा कंसीलर इस्तेमाल करती हैं, जिस से उनका चेहरा उभर कर सामने आता है। कंसीलर के दो शेड मॉडल्स हमेशा कंसीलर के दो शेड्स इस्तेमाल करती हैं। इस से मेकअप की लुक अच्छी आती है। लाइट कंसीलर को आंखों के पास लगाएं तथा डार्क कंसीलर को चेहरे के बाकी हिस्सों पर अप्लाई करें। इससे आपके चेहरे पर काफी नैचुरल लुक आएगी, जो आपकी खूबसूरती को अलग पहचान देगी। ड्रामैटिक और सिडक्टिव लिप्स आपने हमेशा देखा होगा कि मॉडल्स के लिप्स बहुत आकर्षक दिखते हैं। यदि आप भी ऐसे ही लिप्स चाहती हैं, तो सबसे पहले लिप्स पर कंसीलर लगाएं, उसके बाद ही लिपस्टिक अप्लाई करें। आप चाहें तो रैड पैंसिल लाइनर से आऊटिंग दे सकती हैं। रैड कलर की लिपस्टिक ज्यादा हॉट दिखती है। भरे हुए लिप्स होंठों की वास्तविक शेप से हट कर लाइनिंग करना और उसके बाद होंठों पर ग्लॉसी लिपस्टिक लगा कर उन्हें निखारना ही भरे हुए लिप्स वाला मेकअप कहलाता है। इस प्रकार लिप्स बड़े और हॉट दिखने लगते हैं। स्मोकी आइका आंखों का मेकअप करने से पहले बेस तैयार कर लें। इसके लिए लाइट कलर का फाऊंडेशन लें और इसे लगाएं। फिर हल्के ग्रे कलर के पैंसिल लाइनर से ऊपर से नीचे की ओर अप्लाई करें। बाद में इसे हल्के हाथों से स्मज कर लें। इससे स्मोकी लुक आती है। यह सब करने के बाद ही मस्कारा लगाएं। बालों के लिए रूखे बालों पर थोड़ी सी मात्रा में फेस क्रीम लगाने से उनमें चमक आ जाती है, जिससे बाल अच्छी तरह सैट हो जाते हैं।  

जाड़े के मौसम में लापरवाही ना बरते, पौष्टिक संतुलित भोजन लें…

जाड़े के मौसम में के मौसम में सेहत के प्रति जरा-सी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है इसीलिये संतुलित भोजन करना आवश्यक है जिसमें शरीर के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व हों, साथ ही भोजन रुचिकर, सस्ता व पौष्टिक भी हो। भोजन से शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है, शरीर की रोगों से रक्षा होती है व शरीर के निर्माण और क्षयग्रस्त कोषों की मरम्मत के लिए जरूरी तत्व भी भोजन से ही मिलते हैं। खाद्य पदार्थों को तीन हिस्सो में बांटा जा सकता है। ऊर्जादायक भोजन यानि कार्बोहाईड्रेट पूर्ण- इनमें सभी प्रकार के अनाज, गेहूं, चावल, जौ, बाजरा, मकई, घी, तेल, गुड़, शकर, मक्खन, आलू, शकरकंद, जमींकंद आदि आते हैं। शरीर निर्माणकारीया प्रोटीन युक्त भोजन- इसमें प्रोटीन से भरपूर मेवे, दालें, दूध आदि आते हैं। रक्षाकारी या इम्यूनिटी प्रदान करने वाला भोजन- शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए विटामिनों व खनिज लवणों और प्रोटीन से युक्त दूध, पनीर, फल, सब्जियां आदि चीजें शामिल हैं। अनाज- अनाज की अपनी विशेषता है। गेहूं, चावल, बाजरा, मक्का आदि अनाज के आटे में से चोकर न निकालें। बिना पॉलिश किए चावल का प्रयोग करें। चावल की परत में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स होता है। दालें- शाकाहारी लोगों के लिए दालें अत्यंत आवश्यक हैं। दालें बलवर्द्घक व प्रोटीन से भरपूर होती हैं। मूंग की दाल सुपाच्य है और बुजुर्गों के लिए उत्तम आहार है। घी या तेल- मूंगफली, सरसों, तिल या घी इनमें पौष्टिकता की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है। भोजन में वनस्पति घी का प्रयोग न करें। शुद्घ देशी घी या तेल खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से ज्यादा अच्छा है। ताजी सब्जियां और फल- सब्जियां खनिज लवण से भरपूर होती हैं। मौसमी सब्जियों को भोजन में अवश्य शामिल करें। मूली, मैथी, गाजर, पालक को कच्चा भी सलाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। कम से कम 100 ग्राम सब्जी नियमित खाना चाहिए। फल भी विटामिन से भरपूर होते हैं। आवश्यक नहीं कि आप महंगे फल ही खाएं। मौसम के अनुसार अमरूद, आंवला, केला, खीरा, खरबूज, तरबूज आदि अत्यंत लाभदायक हैं। गुड़ अथवा चीनी- शक्कर की अपेक्षा गुड़ में अधिक पोषक तत्व होते हैं। इसमें लोहा, विटामिन एवं अन्य खनिज लवण हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से सफेद चीनी अत्यंत हानिकारक है और प्राकृतिक चिकित्सा में इसे श्वेत विष की संज्ञा दी गई है। पशुजन्य प्रोटीन- सभी आयु वर्ग के लोगों के भोजन में दूध, दही, लस्सी आदि की आवश्यकता है। सप्रेटा दूध में भी सभी आवश्यक तत्व हैं। अतः इसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रकार आसानी से मिलने वाले अनाज, दालें, मौसमी फल, सब्जियां तेल, गुड़ को अपने भोजन में शामिल कर संतुलित भोजन किया जा सकता है। सर्दी के रोगों के घरेलू नुस्खे:- -हल्के गर्म पानी के साथ एक चम्मच शहद खाली पेट लेना फायदेमंद है। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। -गर्म पानी में एक चुटकी काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से सर्दी के मौसम में होने वाली खांसी में राहत मिलती है। -वायरल संक्रमण में एक-एक चुटकी अदरक का पाउडर, काली मिर्च और हल्दी पाउडर दूध में उबाल कर पीने से आराम मिलता है। -तुलसी और अदरक के रस को शहद के साथ मिला कर लेना फायदेमंद है। -वायरल होने पर संतरा, मौसमी जैसे विटामिन सी से भरपूर फल खाना उपयोगी है। -सर्दी-जुकाम होने पर चुटकी-भर हल्दी मिला कर गर्म दूध पीना बहुत फायदेमंद है।  

WhatsApp यूजर्स के लिए खुशखबरी, Quick Recap से अब मिलेगी चैट की झलक सेकंडों में

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक कमाल का AI-पावर्ड फीचर लाने की तैयारी कर रहा है. इस फीचर के जरिए आपकी चैटिंग और भी आसान हो जाएगी. इस नए फीचर का नाम Quick Recap है. इसकी मदद से यूजर्स अपने अनरीड मैसेज की Summary हासिल कर सकेंगे. इस फीचर का मकसद यूजर्स के टाइम की बचत कराना और लंबी चैट्स को जल्दी समझना है. क्या है Quick Recap फीचर? WhatsApp के इस नए फीचर में Meta AI की मदद से किसी भी चैट में आए अनरीड मैसेज का छोटा और समझने लायक gist पेश किया जाएगा. इसका मतलब अब आपको लंबी-लंबी चैट्स स्क्रॉल नहीं करनी पड़ेगी. Quick Recap की खास बातें क्विक रिकैप एक साथ 5 चैट्स तक का जिस्ट निकाल कर दे सकेगा. ये फीचर Meta AI की पावर से चलेगा. यूजर की प्राइवेसी पूरी तरह सेफ रहेगी. इस फीचर में AI चैट समरी प्राइवेट तरीके से तैयार करेगा. Advanced Chat Privacy वाले मैसेज इसमें शामिल नहीं होंगे. कैसे इस्तेमाल करेंगे Quick Recap? जब ये फीचर शुरू हो जाएगा तब इसे ऐसे इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसके लिए अपनी पसंद की चैट्स सेलेक्ट करनी होगी. ऊपर राइट साइड में दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें. इसके बाद Quick Recap ऑप्शन पर क्लिक करें. आपको उस चैट का जिस्ट दिखाई देगा. अभी बीटा टेस्टिंग में है ये फीचर Quick Recap फीचर अभी केवल बीटा वर्जन WhatsApp Beta Android v2.25.21.12 में देखा गया है. लेकिन अभी ये बीटा टेस्टर्स के लिए भी अवेलेबल नहीं किया गया है. ये डेवलपमेंट स्टेज में है. आने वाले अपडेट्स के साथ ये फीचर पहले बीटा यूजर्स को और फिर सभी के लिए शुरू किया जा सकता है. WhatsApp का Quick Recap फीचर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है जो डेली कई चैट्स मिस कर देते हैं या ऑफिस ग्रुप्स में ढेरों मैसेज आते हैं. ये फीचर समय बचाएगा और चैटिंग को जल्दी समझने में मदद करेगा. इसके बाद आपकी प्राइवेसी से कोई समझौता नहीं होगा.  

शिव के आशीर्वाद के 5 गुप्त संकेत, जो बदल सकते हैं आपका भविष्य

सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। इस महीने में जैसे सारा माहौल भगवान शिव में डूबा हुआ नजर आता है। सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़, मंदिरों के बाहर शिवभक्तों की लंबी-लंबी कतारें, भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए लोग; ऐसा अहसास कराते हैं कि भगवान शिव हमारे आसपास ही मौजूद हैं। कण-कण में बसने वाले भोलेनाथ की जब अपने भक्तों पर असीम कृपा होती है, तो वो पल-पल उन्हें ये संकेत देते रहते हैं कि वो उनके साथ ही हैं। जरूरत है तो सिर्फ उन संकेतों को पहचानने की। जीवन में हताश हैं या फिर समझ ही नहीं आ रहा कि लाइफ किस मोड़ पर ले जा रही है, तो थोड़ा ठहरें और देखें कि क्या आप कुछ अलग महसूस कर रहे हैं। अगर ये संकेत आपको अपने जीवन में दिखाई पड़ें तो समझ जाएं कि भगवान शिव आपके साथ हैं और जल्द ही आपका जीवन बदलने वाला है। आसपास दिखने लगें शिव से जुड़े संकेत यदि आप पर भगवान शिव की विशेष कृपा है, तो आप नोटिस करेंगे कि आपको हमेशा ही उनसे जुड़ी कुछ चीजें नजर आती रहती हैं। कभी अचानक से डमरू की आवाज या कहीं त्रिशूल का दिख जाना। बार-बार भगवान शिव का कोई भजन या ॐ नमः शिवाय का जाप सुनाई देना। आप किसी ना किसी तरह भगवान शिव से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। कभी आपको उनसे जुड़े सपने आएंगे तो कभी आप अचानक उनका नाम लेता हुआ पाएंगे। ये सभी बातें बताती हैं कि आप कहीं ना कहीं भगवान शिव के बहुत करीब हैं और उनसे जुड़े हुए हैं। जब अकेलापन आपको पसंद आने लगे व्यक्ति जब अंदर से आध्यात्मिक होने लगता है, तो सबसे पहले उसका जुड़ाव बाहरी दुनिया से कम और भीतरी दुनिया से ज्यादा होने लगता है। अगर आप खुद के साथ ज्यादा वक्त बिताने लगे हैं, बाहरी दुनिया के दिखावे अब आपको अपनी तरफ आकर्षित नहीं करते, तो यह सबसे बड़ा संकेत है कि आप शिव की ओर बढ़ रहे हैं। जब व्यक्ति खुद के साथ जुड़ने लगता है वो भी गहरे स्तर पर, तो ये शिव की ऊर्जा का ही संकेत होता है। जब आप भीतर से शांत रहने लगें दुनिया में सबसे बड़ी चुनौती ही खुद को शांत रखना है, बाहर से भी और भीतर से भी। कभी गुस्से के क्षणों में तो कभी तनाव और उलझन के समय में भी। लेकिन जब आप शिव की ओर बढ़ते हैं, तो मन अपने आप शांत होने लगता हैं। आप पाते हैं कि जो चीजें पहले आपको गुस्सा या तनाव देती थीं, आप उनका आप पर ज्यादा खास असर पड़ता ही नहीं है। आप में एक ठहराव और शांति सी आ गई है, तो शिव तत्व का संकेत है। भौतिक चीजें का आकर्षण कम होने लगे बचपन से बुढ़ापे तक अक्सर हम भौतिक चीजों के पीछे ही भागते रहते हैं। महंगी गाड़ी, कपड़े, शॉपिंग, दिखावा और कॉम्पिटिशन; यही सब चलता रहता है। लेकिन जो व्यक्ति शिव तत्व की ओर बढ़ने लगता है, उसमें इन चीजों के प्रति आकर्षण कम होने लगता है। ऐसे व्यक्ति अक्सर संतुष्ट पाए जाते हैं, किसी और को देखकर उनके मन में किसी तरह का लालच या ईर्ष्या का भाव पैदा नहीं होता। बल्कि उन्हें तो ये दौड़ भाग व्यर्थ की लगती है। अगर आप इस लेवल पर पहुंच जाएं, तो समझ लीजिएगा कि आप शिव की ओर बहुत हद तक बढ़ चुके हैं। हर स्थिति में आपको सुरक्षित महसूस हो अगर आपको बुरी से बुरी स्थिति में भी सुरक्षा का भाव महसूस होता है, तो समझ लें भगवान शिव आपके साथ ही हैं। आसान शब्दों में कहें तो अगर आप किसी बुरे दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन आपके अंदर से जैसे आवाज आ रही है कि कुछ गलत नहीं होगा। आप में एक अजीब आ आत्मविश्वास है, जिसकी कोई ठोस वजह भी नहीं है लेकिन फिर भी आपको लग रहा है कि कुछ तो है, जो हर चीज को ठीक कर देगा। ये कुछ और नहीं बल्कि भगवान शिव की मौजूदगी का अहसास होता है, जो सिर्फ कुछ खास लोगों के साथ ही होता है।  

गूगल का धमाका अगस्त में: Pixel 10 Series के साथ Watch और Buds भी होंगे लॉन्च

नई दिल्ली Google Pixel 10 Series की लॉन्चिंग का इंतजार खत्म होने वाला है। कंपनी ने अपने साल के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक Made by Google 2025 की घोषणा कर दी है। गूगल ने मीडिया इंनवाइट के जरिए अपने अपकमिंग इवेंट की जानकारी दी है। अगले महीने यानी अगस्त में गूगल इस इवेंट का आयोजन करेगी। इवेंट में पिक्सल सीरीज के नए स्मार्टफोन्स पेश किए जाएंगे। स्मार्टफोन के साथ-साथ कंपनी इस इवेंट में स्मार्टवॉच और ईयरबड्स भी पेश करेगी। इवेंट की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी। इसे कंपनी के यूट्यूब चैनल के साथ-साथ सोशल मीडियो चैनल पर देखा जा सकेगा। गूगल के नए प्रोडक्ट्स को कई अपग्रेड के साथ लाया जाएगा। इवेंट की डिटेल के लिए नीचे पढ़ें। Made by Google Event का कब होगा आयोजन? Made by Google इवेंट 2025 का आयोजन 20 अगस्त, 2025 को किया जाएगा। भारतीय समय अनुसार इवेंट रात को 10:30 बजे शुरू होगा। इवेंट का आयोजन न्यूयोर्क में होगा। हालांकि, इसकी लाइव स्ट्रीमिंग गूगल के यूट्यूब चैनल और कंपनी के सोशल मीडिया पर की जाएगी। इवेंट में क्या-क्या होगा लॉन्च इवेंट में कंपनी अपने कई प्रोडक्ट्स से पर्दा उठाएगी। इस इवेंट में Google Pixel 10 Series के तहत कई स्मार्टफोन लाए जाएंगे। इसमें Pixel 10, Pixel 10 Pro, Pixel 10 Pro XL और Pixel 10 Pro Fold शामिल होंगे। इन स्मार्टफोन्स को कंपनी के नए चिपसेट Tensor G5 के साथ पेश किया जा सकता है। स्मार्टफोन्स Android 16 पर रन करेंगे। स्मार्टफोन्स में कई एआई फीचर्स भी मिलेंगे। उम्मीद है कि कंपनी जल्द फोन्स के खास फीचर्स को टीज करना शुरू कर देगी। लीक रिपोर्ट्स में स्मार्टफोन्स की कई डिटेल्स का खुलासा हो गया है। स्मार्टफोन के साथ-साथ Pixel Watch 4 भी मार्केट में एंट्री लेगी। कंपनी पहली बार स्मार्टवॉच को दो अलग-अलग साइज में पेश कर सकती है। नए मॉडल बेहतर बैटरी बैकअप के साथ आएंगे। इसमें कई फिटनेस ट्रैकिंग फीचर्स दिए जाएंगे। इवेंट में कंपनी Pixel Buds 2a भी लेकर आ सकती है। आगे आने वाले समय में इस प्रोडक्ट के बारे में अन्य डिटेल भी सामने आ जाएगी। बता दें कि हाल ही में सैमसंग ने नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स लॉन्च किए हैं। इसके बाद गूगल का नया फोल्डेबल फोन सैमसंग को कड़ी टक्कर दे सकता है।

iPhone 17 Air के फीचर्स आए सामने, बैटरी में मिलेगा जुगाड़ वाला इनोवेशन

Apple जल्द ही अपने नए स्मार्टफोन्स को लॉन्च करने वाला है. कंपनी iPhone 17 सीरीज को सितंबर में लॉन्च कर सकती है. इस बार कंपनी चार नए iPhone लॉन्च करेगी, जिसमें iPhone 17, iPhone 17 Air, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max होंगे. Air के तहत कंपनी अपना स्लिम फोन लॉन्च करेगी.  हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक रूप से इन स्मार्टफोन्स को लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है. iPhone 17 Air ब्रांड का अब तक का सबसे पतला फोन होगा. इस फोन से जुड़ी नई डिटेल्स सामने आई हैं. MacRumors की मानें, तो iPhone 17 Air में सीमित बैटरी कैपेसिटी मिलेगी.  मिलेगी छोटी बैटरी इस फोन में कंपनी लाइटवेट और पतला होने पर फोकस करेगी. कयासों को सही मानें, तो कंपनी इस फोन में बैटरी से ज्यादा डिजाइन पर फोकस करेगी. MacRumors की रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 17 Air की बैटरी 3000mAh से छोटी हो सकती है.  कुछ रिपोर्ट्स की मानें, तो इस लाइटवेट स्मार्टफोन में 2800mAh की बैटरी मिल सकती है. अगर ये सच है, तो iPhone 16 Plus के मुकाबले इस फोन की बैटरी काफी कम होगी. बता दें कि iPhone 16 Plus में 4674mAh की बैटरी मिलती है, जिसमें Air में रिप्लेस कर दिया जाएगा.  iPhone 17 Air की मोटाई 5.5mm होगी, जिसकी वजह से फोन की बैटरी के लिए जगह कम मिलेगी. इस स्मार्टफोन में iOS 26 मिलेगा, जिसमें एडॉप्टिव पावर मोड दिया जाएगा. इस फीचर की वजह से आपको बेहतर बैटरी लाइफ मिलेगी. इंटरनल टेस्टिंग की मानें, तो 60 से 70 फीसदी यूजर्स को पूरे दिन बैटरी लाइफ मिलेगी.  यूजर्स को फोन दोबारा चार्ज नहीं करना होगा. वहीं पुराने मॉडल्स में 80 फीसदी से 90 फीसदी तक लोगों को बिना दोबारा चार्ज किए पूरे दिन बैटरी लाइफ मिलती है. रिपोर्ट्स की माने, तो ऐपल एक्सटेंडेड बैटरी लाइफ के लिए एक्सेसरीज भी तैयार कर रही है. यानी फोन पतला होगा, लेकिन बैटरी के लिए कंपनी अलग से एक्सेसरीज भी देगी.  iPhone 17 Air में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलेगा. ये पहला मौका होगा, जब Apple एक नॉन-प्रो iPhone में 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट वाली स्क्रीन देगी. बैटरी की बात हम पहले ही कर चुके हैं. हैंडसेट A19 प्रोसेसर के साथ आएगा और इसमें iOS 26 का सपोर्ट मिलेगा. कंपनी इस फोन को सितंबर में लॉन्च कर सकती है.

आईकू का नया स्‍मार्टफोन iQOO Z10R भारत में 24 जुलाई को होगा लॉन्‍च

नई दिल्ली आईकू का नया स्‍मार्टफोन iQOO Z10R भारत में 24 जुलाई को लॉन्‍च किया जाएगा। ब्रैंड ने बताया है कि iQOO Z10R स्‍मार्टफोन में 50 मेगापिक्‍सल का बैक और 32 मेगापिक्‍सल का फ्रंट कैमरा दिया जाएगा। फ्रंट और बैक दोनों कैमराें से 4K व्‍लॉगिंग की जा सकेगी। इस स्‍मार्टफोन से जुड़ा लैंडिंग पेज भी एमेजॉन पर आ गया है, जिससे पता चलता है कि फोन को ऑनलाइन एमेजॉन से लिया जा सकेगा। लैंडिंग पेज और आईकू की तरफ से फोन के तमाम स्‍पेसिफ‍िकेशंस के बारे में बताया जा चुका है। iQOO Z10R के प्रमुख स्‍पेसिफि‍केशंस आईकू ने बताया है कि iQOO Z10R में क्‍वॉड कर्व्‍ड डिस्‍प्‍ले दिया जाएगा। यह फोन सिर्फ 7.39mm पतला होगा और मीडियाटेक के डाइमेंसिटी 7400 चिपसेट के साथ आएगा। बेहतर परफॉर्मेंस के लिए फोन में 12 जीबी रैम जोड़ी गई है। इसके साथ ही 12 जीबी वर्चुअल रैम का भी सपोर्ट होगा। वर्चुअल रैम को इस्‍तेमाल किया जाता है फोन के खाली स्‍टोरेज काे काम में लाकर। हालांकि ज्‍यादातर लोग इस फीचर को कम ही यूज कर पाते हैं। दावा यह भी है कि फोन की परफॉर्मेंस इतनी पावरफुल होने वाली है कि बैकग्राउंड में करीब 44 ऐप्‍स को चलाया जा सकेगा। iQOO Z10R बैटरी iQOO Z10R में 5700 एमएएच की बैटरी दी जाएगी। फोन की चार्जिंग क्षमताओं का खुलासा अभी नहीं किया गया है। ब्रैंड ने यह जरूर कन्‍फर्म किया है कि फोन में कूलिंग ग्रेफाइट शीट लगी होगी जो डिवाइस काे गर्म होने से बचाएगी। नए आईकू फोन में इन-स्‍क्रीन फ‍िंगरप्रिंट सेंसर देखने को मिलेगा। यह डुअल स्‍पीकर्स के साथ आएगा। फोन में IP68/69 रेटिंग दी जाएगी और यह मिलिट्री ग्रेड सर्टिफ‍िकेशन के साथ शॉक प्रूफ होगा। iQOO Z10R कैमरा सेंसर्स इसके अलावा, यह भी बताया गया है फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्‍ड फनटच ओएस 15 पर रन करेगा। इसमें मिलने वाला 50 मेगापिक्‍सल का मेन बैक कैमरा, Sony IMX882 सेंसर होगा जोकि ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करेगा। दोनों कैमरों की मदद से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग करना मुमकिन होगा। iQOO Z10R को 20 हजार रुपये प्राइस रेंज में लाया जाएगा। यह एक्‍वामैरीन और मूनस्‍टोन कलर्स में आएगा। 24 जुलाई को लॉन्‍च होने जा रहे इस फोन की असल कीमत में पर्दा लॉन्‍च के दिन ही हटेगा। उसी दिन यह भी स्‍पष्‍ट हो पाएगा कि कंपनी और क्‍या खास लॉन्‍च करने वाली है। फोन के साथ लॉन्‍च ऑफर्स भी दिए जा सकते हैं।