samacharsecretary.com

सावधान! डायबिटीज में जहर बन सकते हैं ये 5 फल, अचानक बढ़ाते हैं शुगर लेवल, भूलकर भी न करें ये गलती

डायबिटीज में खान-पान का संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. फल स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं लेकिन कुछ फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स इतना अधिक होता है कि वो अचानक ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के इन फलों को नहीं खाना चाहिए. डायबिटीज में दवाई से ज्यादा डाइट जरूरी होती है. इस बीमारी में खानपान का खास ख्याल रखा जाता है क्योंकि जरा सी लापरवाही शुगर लेवल को बिगाड़ सकती है. फल स्वास्थ्य के लिए खजाना होते हैं और इनमें मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर शरीर के लिए जरूरी होते हैं. लेकिन शुगर के मरीजों के लिए हर फल अच्छा नहीं होता. फलों में प्राकृतिक रूप से फ्रुक्टोज शुगर पाई जाती है जो कुछ फलों में इतनी अधिक होती है कि वो खून में ग्लूकोज के स्तर को अचानक बढ़ा सकते हैं. ऐसे में एक डायबिटीज रोगी के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि कौन से फल उनकी सेहत के लिए सुपरफूड हैं और कौन से नुकसानदायक. सही चुनाव और सीमित मात्रा में ही फल खाने से आपकी शुगर को नियंत्रित रखने और फलों का पोषण पाने में मदद मिल सकती है. फलों का राजा आम स्वाद में लाजवाब है, लेकिन इसमें शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है. एक मध्यम आम में लगभग 45-50 ग्राम शुगर हो सकती है जो अचानक स्पाइक पैदा करती है. इसलिए शुगर के मरीजों को इसे खाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए. चीकू: चीकू बहुत मीठा होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है. यह खून में ग्लूकोज के स्तर को बहुत तेजी से बढ़ाता है. इसलिए शुगर के मरीजों को इसे भी खाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए. अंगूर: अंगूर के छोटे दानों में भारी मात्रा में नेचुरल शुगर होती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए अंगूर पर नियंत्रण रखना मुश्किल होता है, जिससे शुगर लेवल गड़बड़ा जाता है. लीची: लीची में कैलोरी और शुगर दोनों ही ज्यादा होते हैं. इसके सेवन से ग्लूकोज लेवल में तत्काल बढ़ोतरी देखी जा सकती है. केला: खासकर पूरी तरह पका हुआ केला. पके हुए केले में स्टार्च शुगर में बदल जाता है जिसका GI बढ़ जाता है. इसलिए शुगर के मरीजों को इसे खाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए.

गर्मियों का रामबाण इलाज है ‘मसाला छाछ’, लू और एसिडिटी से मिलेगी तुरंत राहत, घर पर बनाएं बाजार जैसा स्वाद

गर्मियों के दस्तक देते ही शरीर को ठंडक की जरूरत होती है. ऐसे में मसाला छाछ से बेहतर और क्या हो सकता है. यह न केवल ताजगी देने वाली ड्रिंक है बल्कि पाचन के लिए भी काफी अच्छी होती है. चिलचिलाती धूप और लू से बचने के लिए छाछ एक रामबाण इलाज है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और भारी भोजन के बाद होने वाली एसिडिटी से राहत दिलाते हैं. घर पर बनी शुद्ध और चटपटी मसाला छाछ आपको बाजार के मिलावटी कोल्ड ड्रिंक्स को भूलने पर मजबूर कर देगी. यहां हम आपको बाजार में मिलने वाली मसाला छाछ को घर बनाने का तरीका बता रहे हैं. छाछ के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें ताजा दही: 2 कप ठंडा पानी: 3-4 कप भुना जीरा पाउडर: 1 चम्मच काला नमक: ½ चम्मच सेंधा नमक या सादा नमक: स्वादानुसार बारीक कटी हरी मिर्च ताजा हरा धनिया और पुदीना के पत्ते चाट मसाला: ½ चम्मच बर्फ के टुकड़े (Ice Cubes) बनाने का तरीका पेस्ट तैयार करें: सबसे पहले एक ओखली या ब्लेंडर में हरा धनिया, पुदीना और हरी मिर्च को थोड़े से पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें. दही फेंटें: एक बड़े बर्तन में दही लें और इसे मथानी (whisk) या ब्लेंडर की मदद से तब तक फेंटें जब तक वह चिकना न हो जाए. मसाले मिलाएं: अब दही में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, सादा नमक, चाट मसाला और तैयार किया हुआ धनिया-पुदीना पेस्ट डालें. पानी डालें: इसमें ठंडा पानी मिलाएं. बाजार जैसा पतला टेक्सचर पाने के लिए दही और पानी का अनुपात 1:2 या 1:3 रखें. तड़का: अगर आप इसे और भी शाही बनाना चाहते हैं, तो एक छोटे चम्मच तेल में राई और करी पत्ता चटकाकर ऊपर से तड़का लगा सकते हैं. मिट्टी के कुल्हड़ या कांच के गिलास में बर्फ के टुकड़े डालकर परोसें. ऊपर से थोड़ा भुना जीरा छिड़कें.

iPhone 17 Pro Max की कीमत धड़ाम, विजय सेल्स पर 9,000 रुपये तक की बचत, कॉस्मिक ऑरेंज कलर पर भारी डिस्काउंट

 ऐप्पल के फ्लैगशिप आईफोन को खरीदने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए खुशखबरी है. पिछले साल सितंबर में लॉन्च हुए iPhone 17 Pro Max पर शानदार डिस्काउंट मिल रहा है. अगर आप यह आईफोन खरीदना चाहते हैं तो इस पर हजारों रुपये की बचत का मौका मिल रहा है. एडवांस्ड चिपसेट, प्रीमियम लुक और दमदार कैमरा सेटअप वाला यह आईफोन इस समय विजय सेल्स पर डिस्काउंट के साथ लिस्टेड है. आइए जानते हैं कि iPhone 17 Pro Max में क्या-क्या फीचर्स मिलते हैं और अभी इसकी खरीद पर कितनी बचत की जा सकती है. iPhone 17 Pro Max के स्पेसिफिकेशंस इस फ्लैगशिप डिवाइस में 6.9 इंच का ProMotion डिस्प्ले मिलता है, जो एंटी रिफ्लेक्टिव कोटिंग के साथ आता है. ऐप्पल ने इसमें अपना लेटेस्ट A19 Pro प्रोसेसर दिया है, जो शानदार और फास्टर परफॉर्मेंस देता है. बैटरी की बात करें तो इसमें ऐप्पल का अब तक का सबसे बड़ा बैटरी पैक दिया गया है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह 39 घंटे का वीडियो प्लेबैक दे सकता है कैमरा के मामले में आईफोन हमेशा आगे रहे हैं. 17 Pro Max के कैमरा सेटअप की बात करें तो इसके रियर में 48MP+ 48MP+ 48MP का ट्रिपल कैमरा सेटअप और सेल्फी के लिए फ्रंट में 18MP का सेंटर स्टेज कैमरा दिया गया है. इस फोन के कॉस्मिक ऑरेंज कलर ऑप्शन को खूब पसंद किया जा रहा है. iPhone 17 Pro Max पर डिस्काउंट ऐप्पल ने iPhone 17 Pro Max के 256GB वेरिएंट को 1,49,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया था, लेकिन अभी इसकी कीमत धड़ाम हो गई है. विजय सेल्स पर यह आईफोन 1,45,490 रुपये में लिस्टेड है. लगभग 4400 रुपये के इस फ्लैट डिस्काउंट के अलावा HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड पर 4,500 रुपये के एडिशनल डिस्काउंट का फायदा भी उठाया जा सकता है, जिसके बाद इस आईफोन पर कुल छूट लगभग 9,000 रुपये हो जाएगी. अगर आपके पास पुराना फोन है तो आप एक्सचेंज ऑफर के जरिए नए आईफोन की खरीद पर और छूट भी पा सकते हैं. Motorola Edge 60 Stylus पर भी मिल रहा डिस्काउंट अगर आप किसी किफायती एंड्रॉयड फोन पर डिस्काउंट का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. मोटोरोला के मिड रेंज स्मार्टफोन Edge 60 Stylus पर इस समय छूट आ गई है. 22,999 रुपये में लॉन्च हुआ यह स्मार्टफोन अभी अमेजन पर 20,799 रुपये में लिस्टेड है. सेलेक्टेड क्रेडिट कार्ड पर ग्राहक 2,500 रुपये का एडिशनल डिस्काउंट भी ले सकते हैं.

सावधान! बिना सिम के नहीं चलेगा WhatsApp, सरकार बढ़ा सकती है सख्त नियम की डेडलाइन

भारत सरकार मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए लागू किए जा रहे SIM-बाइंडिंग नियम की समयसीमा को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है. तकनीकी दिक्कतों के चलते कंपनियों ने अतिरिक्त समय मांगा है जिसके बाद अब नई डेडलाइन दिसंबर 2026 तक बढ़ाई जा सकती है. क्या है SIM-बाइंडिंग नियम? सरकार ने नवंबर 2025 में एक नया नियम लागू किया था जिसके तहत WhatsApp, Telegram और Arattai जैसे ऐप्स को यूजर के मोबाइल नंबर को उसी SIM कार्ड से जोड़ना अनिवार्य किया गया था जो फोन में मौजूद हो. इसका मतलब साफ है अगर आपके फोन में रजिस्टर्ड SIM नहीं है तो आप उस ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इस कदम का मकसद फर्जी अकाउंट्स और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाना है खासकर उन मामलों में जहां विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है. वेब वर्जन पर भी सख्ती सरकार ने सिर्फ मोबाइल ऐप तक ही नहीं बल्कि वेब वर्जन पर भी नियम लागू करने की बात कही थी. उदाहरण के तौर पर, WhatsApp Web जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूजर को हर 6 घंटे में लॉगआउट किया जा सकता है. फिर से लॉगिन करने के लिए दोबारा वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा जिससे अकाउंट की सुरक्षा और मजबूत हो सके. क्यों बढ़ सकती है डेडलाइन? रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई कंपनियों ने सरकार को बताया कि इस सिस्टम को लागू करना इतना आसान नहीं है. टेक्निकल टेस्टिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट और अलग-अलग डिवाइस पर काम करने जैसी चुनौतियों के कारण कंपनियां तय समयसीमा में इस नियम को लागू नहीं कर पाईं. इसी वजह से सरकार अब इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है. Android और iOS में अलग-अलग चुनौती बताया जा रहा है कि सबसे पहले Android डिवाइस पर यह फीचर लागू किया जाएगा. वहीं, iPhone यानी iOS प्लेटफॉर्म पर कुछ तकनीकी बाधाएं हैं जिन्हें दूर करने पर काम जारी है. Apple और अन्य कंपनियां मिलकर इस सिस्टम को सुचारू बनाने की कोशिश कर रही हैं. WhatsApp और अन्य कंपनियों की तैयारी WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta इस दिशा में सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. फिलहाल Android यूजर्स के लिए SIM-बाइंडिंग फीचर बीटा टेस्टिंग में है. वहीं, भारतीय ऐप Arattai भी जल्द जरूरी अपडेट लाने की तैयारी में है ताकि वह इस नियम का पालन कर सके. क्यों जरूरी है यह नियम? सरकार का मानना है कि SIM-बाइंडिंग से साइबर अपराधों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2024 में साइबर फ्रॉड से देश को 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था. ऐसे में KYC-वेरीफाइड SIM को सीधे डिवाइस से जोड़ने से अकाउंट की पहचान पुख्ता होगी और धोखाधड़ी के मामलों को ट्रैक करना आसान बनेगा. यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर? अगर यह नियम पूरी तरह लागू होता है तो यूजर्स को अपने मैसेजिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए उसी SIM का इस्तेमाल करना होगा जिससे अकाउंट बनाया गया है. हालांकि, डेडलाइन बढ़ने से फिलहाल यूजर्स और कंपनियों दोनों को राहत मिल सकती है.

सावधान! क्या आपका CCTV कैमरा कर रहा है आपकी जासूसी?

अगर आप घर या ऑफिस के लिए CCTV कैमरा खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. हाल के दिनों में भारत में CCTV सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ कैमरों का डेटा बाहर जा सकता है, यहां तक कि सेंसिटिव फुटेज पाकिस्तान और चीन तक पहुंचने की खबर है. इसी के बाद सरकार सख्त हुई है. खबरें हैं कि चीन की कंपनियों जैसे Hikvision और TP-Link के कुछ नेटवर्क डिवाइस और कैमरों पर रोक लग सकती है. हालांकि हर डिवाइस पर सीधा बैन नहीं है, लेकिन सरकार अब ऐसे सामान पर नजर रख रही है जो डेटा सुरक्षा के लिहाज से मुश्किल पैदा कर सकते हैं. गौरतलब है कि Hikvision चीन की कंपनी है, लेकिन इस पर चीनी सरकार का भी कंट्रोल है. ऐसे में अगर इस तरह के सर्विलांस टूल से जासूसी हो रही हो तो ये बड़ी बात नहीं होगी. भारत में CCTV का बाजार तेजी से बढ़ा है. देशभर में करोड़ों कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें एक बड़ा हिस्सा Hikvision जैसे ब्रांड का है. वजह साफ है. ये कैमरे सस्ते होते हैं और आसानी से उपलब्ध होते हैं. लेकिन सस्ता होने के साथ मुश्किल भी जुड़ा हो सकता है. साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ विदेशी CCTV सिस्टम में ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो डेटा को क्लाउड सर्वर पर भेजता है. अगर यह सर्वर भारत के बाहर है, तो फुटेज पर कंट्रोल भी बाहर जा सकता है. Hikvision को लेकर पहले भी अमेरिका और कुछ दूसरे देशों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ चुके हैं. आरोप यह भी लगे कि कंपनी का लिंक चीनी सरकारी ऑर्गनाइजेशन्स से है. हालांकि कंपनी इन आरोपों को खारिज करती रही है. यह भी समझना जरूरी है कि हर कैमरा अपने आप डेटा लीक नहीं करता. लेकिन अगर डिवाइस का फर्मवेयर कमजोर है या डिफॉल्ट सेटिंग्स सिक्योर नहीं हैं, तो हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. कई मामलों में देखा गया है कि लोग कैमरा लगाकर उसका पासवर्ड तक नहीं बदलते. ऐसे में कोई भी दूर बैठकर उस कैमरे को एक्सेस कर सकता है. …तो अब सवाल है कि सुरक्षित CCTV कैसे खरीदें? सर्टिफाइड ब्रांड: सबसे पहले हमेशा भरोसेमंद और सर्टिफाइड ब्रांड चुनें. BIS या भारत सरकार के तय मानकों को पूरा करने वाले डिवाइस ही लें. लोकल या अनजान ब्रांड से बचें, भले ही वह सस्ता क्यों न हो. आम तौर पर सस्ते कैमरे चीन से इंपोर्ट करके यहां कुछ कंमनियां अपना स्टिकर लगा कर बेचती हैं. ये भी खतरे से खाली नहीं है. लोकल डेटा  कैमरा ऐसा हो जिसमें डेटा लोकल स्टोरेज या आपके खुद के सर्वर पर सेव हो. क्लाउड स्टोरेज लेते समय यह जरूर देखें कि सर्वर किस देश में है. डेटा को हार्ड ड्राइव में सेव करके रखें. क्लाउड बैकअप बंद कर सकते हैं. सेटिंग्स बदलें  कैमरा लगाने के बाद उसकी सेटिंग्स जरूर बदलें. डिफॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड कभी न रखें. मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करें और समय-समय पर अपडेट करें. टेक्निशियन ने जो पासवर्ड दिया है उसे तुरंत बदलें और टेक्निशियल के अकाउंट से अपना कैमरा जरूर हटवा दें. फर्मवेयर अपडेट करें  कैमरे का सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें. कंपनियां समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट देती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे स्मार्टफोन को समय समय पर अपडेट करते हैं वैसे ही इसे भी अपडेट करना जरूरी है. आईडी पासवर्ड मजबूत रहें: अपने सीसीटीवी कैमरे का आईडी पासवर्ड मजबूत रखें. खास तौर पर पासवर्ड मजबूत रखें और स्पेशल कैरेक्टर्स यूज करें. समय समय पर पासवर्ड भी बदलते रहें. अगर आपके घर या ऑफिस में भी TP Link या Hikvision के कैमरे लगे हैं तो क्या करें? फिलहाल इस पर सरकार की तरफ से कोई क्लैरिटी नहीं आई है. मुमकिन है सरकार आने वाले कुछ समय में इसे लेकर एडवाइजरी या गाइडलाइन जारी कर सकती है. क्योंकि हाल ही में सरकार ने सराकरी दफ्तरों में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है.

किचन की ये 5 चीजें दिलाएंगी पार्लर जैसा निखार, भूल जाएंगे महंगी क्रीम

ना लोशन और ना क्रीम! किचन की इन चीजों से चांद की तरह चमकेगा चेहरा, मिलेगा गुलाबी निखार अपनी स्किन को सुंदर, साफ और जवान रखने के लिए महिलाएं महंगी क्रीमों से लेकर सीरम और कई स्किनकेयर प्रॉडक्ट्स पर पैसे खर्च करती हैं. लेकिन आपकी रसोई में ऐसी कई प्राकृतिक चीजें मौजूद हैं जो न केवल सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करती हैं बल्कि गहराई से पोषण देकर चेहरे पर कुदरती निखार भी लाती हैं. यहां हम आपको उन्हीं चीजों की जानकारी दे रहे हैं. हर महिला चाहती है कि वो हमेशा सुंदर और जवान नजर आए. लेकिन आजकल पोषण की कमी, प्रदूषण वजह से हमारी त्वचा बेजान और बुझी-बुझी दिखने लगती है. साथ ही समय से पहले स्किन पर झुर्रियां और ढीलापन भी दिखने लगता है. ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा में खोया हुआ निखार और कसावट लाना चाहते हैं तो आपको बाहर के केमिकल्स वाले प्रॉडक्ट्स की जगह नेचुरल और किचन में मौजूद चीजों की तरफ रुख करना चाहिए. यहां हम आपको किचन की उन खास चीजों की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी स्किन के लिए वरदान साबित हो सकती हैं. 1.कच्चा दूध चेहरे को करेगा साफ दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की गंदगी को साफ करता है और इसे हाइड्रेटेड रखता है. ठंडे कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरा साफ करें. यह किसी भी महंगे क्लींजर से बेहतर रिजल्ट्स देता है. 2. चेहरे पर लगाएं टमाटर का जूस टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो त्वचा के लिए एक नेचुरल सन-ब्लॉक की तरह काम करता है. टमाटर के रस को बेसन और हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें. यह स्किन के सनबर्न को ठीक करने और टैनिंग हटाने में काफी हद तक मददगार हो सकता है. 3. शहद से स्किन होगी टाइट शहद त्वचा में नमी को लॉक करता है और इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों को रोकते हैं. चेहरे पर शहद की एक पतली परत लगाएं और 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. इससे स्किन सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है. आप इसे किसी मास्क में भी मिलाकर लगा सकते हैं. 4. खीरा करता है हाइड्रेट गर्मियों में त्वचा को ठंडक पहुंचाने और आंखों के नीचे के काले घेरे कम करने के लिए खीरा सबसे अच्छा है. खीरे के स्लाइस आंखों पर रखें या इसका रस पूरे चेहरे पर स्प्रे करें. यह स्किन को तुरंत तरोताजा कर देता है. 5. हल्दी और मलाई से मिलेगा कुदरती निखार हल्दी रंगत निखारती है और मलाई त्वचा को पोषण देकर रूखापन दूर करती है. एक चम्मच मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाकर चेहरे पर मसाज करें. 15 मिनट बाद धो लें. इससे चेहरे पर ग्लो भी आता है.  

नेचुरल फ्रूट फेसपैक,टमाटर, स्ट्रॉबेरी और अनार से पाएं पार्लर जैसा ग्लो

गर्मियों में चिलचिलाती और झुलसा देने वाली धूप से चेहरे की स्किन ना केवल टैन हो जाती है बल्कि धूप और प्रदूषण स्किन की चमक, नमी और निखार भी छीन लेते हैं. खराब हो रही स्किन पर लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन केमिकल होने की वजह से वो कई बार त्वचा को और अधिक ड्राई या डैमेज कर देते हैं. ऐसे में यहां हम आपको घर की कुछ नेचुरल लेकिन बेहद शक्तिशाली चीजों से एक बेहतरीन फेसपैक बनाने का तरीका बता रहे हैं. इसके लिए आपको लाल लाल टमाटर, शुद्ध बेसन, गुलाबजल, अनार और स्ट्रॉबेरी चाहिए होंगी. इन सभी का मिश्रण आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. स्किन के लिए बेहतरीन है ये फेस पैक हम सभी को पता है कि बेसन गहराई से आपकी स्किन की सफाई करता है, वहीं टमाटर और स्ट्रॉबेरी सनबर्न को ठीक करते हैं. अनार का जूस एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर है जो उम्र के असर को धीमा करता है और गुलाबजल चेहरे को ताजगी भरी ठंडक देता है. ये होममेड फेस पैक गर्मियों में आपकी त्वचा को बेबी सॉफ्ट और चमकदार बनाए रखने का सबसे आसान और असरदार  तरीका साबित हो सकता है. फेस पैक बनाने और लगाने का तरीका इस फेसपैक के लिए आपको कुछ चीजें चाहिए हैं जिनकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं. अगर आपके किचन में सभी चीजें नहीं हों तो आप उसके बिना भी इसे तैयार कर सकते हैं. साथ ही आप इसमें अपनी पसंद और स्किन के टाइप के अनुसार कुछ चीजें जैसे चावल का आटा, हल्दी या मुल्तानी मिट्टी ऐड भी कर सकते हैं. सामग्री बेसन: 2 बड़े चम्मच (बेस के लिए) टमाटर का पल्प: 1 बड़ा चम्मच (टैनिंग हटाने के लिए) अनार का जूस: 1 बड़ा चम्मच (एंटी-ऑक्सीडेंट्स के लिए) स्ट्रॉबेरी: 2 पिसी हुई (विटामिन-सी और चमक के लिए) गुलाबजल: जरूरत अनुसार (पेस्ट बनाने और ठंडक के लिए) बनाने का तरीका एक कांच की कटोरी में बेसन लें और उसमें टमाटर का ताज़ा पल्प और पिसी हुई स्ट्रॉबेरी मिलाएं. अब इसमें अनार का जूस डालें और अच्छी तरह मिक्स करें. मिश्रण को थोड़ा चिकना और लगाने लायक बनाने के लिए इसमें गुलाबजल मिलाएं. इसे तब तक फेंटें जब तक कि एक स्मूथ पेस्ट न बन जाए. लगाने का तरीका चेहरे को ठंडे पानी से धोकर सुखा लें. ब्रश या उंगलियों की मदद से गर्दन और चेहरे पर एक समान परत लगाएं. इसे 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो हाथों को थोड़ा गीला करके सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए इसे ठंडे पानी से धो लें. बेहतर परिणाम के लिए हफ्ते में 2 बार इसका इस्तेमाल करें.

Realme 16: भारत का पहला सेल्फी मिरर स्मार्टफोन 2 अप्रैल को होगा लॉन्च

 नई दिल्ली Realme भारत में नया स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम रियलमी 16 5G होगा. कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर इस हैंडसेट की जानकारी दी है और बताया है कि यह भारत में 2 अप्रैल को लॉन्च होगा।  रियलमी 16 5G को लेकर कंपनी का दावा है कि यह भारत का पहला सेल्फी मिरर फोन है. इसमें बैक पैनल पर कैमरा सेंसर के पास एक रिफ्लेक्टिव मिरर है. ऐसे में यूजर्स बैक कैमरा सेटअप की मदद से भी सेल्फी ले सकेंगे।  रियलमी इंडिया के ऑफिशियल पोर्टल पर अपकमिंग हैंडसेट को लेकर कुछ डिटेल्स को शेयर किया गया है. इसमें कैमरा, डिजाइन, डिस्प्ले और आईपी रेटिंग की जानकारी शेयर की है।  Realme 16 का डिस्प्ले  Realme 16 में 6.57 Inch का डिस्प्ले दिया गया है और इसका वजन 183 ग्राम वजनी है. इसकी थिकनेस 8.1 एमएम की है. कंपनी इस हैंडसेट को दो कलर वेरिएंट में लेकर आ रही है, जिसका नाम एयर व्हाइट और एयर ब्लैक कलर है।  Realme 16 की बैटरी और फास्ट चार्जर  Realme 16 में 7000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसके साथ 60W का फास्ट चार्जर मिलता है. ऑफिशियल वेबसाइट पर लिस्टेड डिटेल्स में बताया है कि 3 साल के लिए एंड्रॉयड ओएस अपडेट और 4 साल के लिए एंड्रॉयड सिक्योरिटी अपडेट है।  रियलमी इंडिया का पोस्ट  Realme 16 का कैमरा सेटअप  Realme 16 में हॉरिजोन्टली कैमरा एलाइनमेंट दिया गया गया है, जो काफी कुछ गूगल पिक्सल 10 सीरीज के जैसा लगता है. रियलमी के इस हैंडसेट में 50MP का मेन कैमरा सेंसर दिया गया है. इसमें एक सर्कुलर LED Flash लाइट दी गई है. हालांकि अन्य कैमरा सेंसर क जानकारी शेयर नहीं की गई है और सेल्फी के लिए भी 50MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा।  क्या है सेल्फी मिरर फीचर? बैक पैनल पर ही कैमरा के पास एक रिफ्लेक्टिव सर्कुलर सरफेस दिया गया है, जिसको कंपनी ने सेल्फी मिरर का नाम दिया है. इसकी मदद से यूजर्स रियर कैमरे से हाई क्वालिटी सेल्फी क्लिक कर सकेगा। 

प्रोटीन की कमी दूर करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 6 देसी ड्रिंक्स सत्तू से लेकर सोया दूध तक के फायदे

जब भी शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी करने की बात आती है, तो सभी के दिमाग की सुई फौरन दाल, अंडे या पनीर पर जाकर रुक जाती है. लेकिन क्या आपको पता है कि ट्रेडिशनल भारतीय खान-पान में कुछ ऐसी ड्रिंक्स भी हैं, जो बिना आपकी डेली प्रोटीन की जरूरत को पूरा कर सकती हैं? जी हां, कुछ ड्रिंक्स आपके प्रोटीन की जरूरत को आसानी से पूरा कर सकती हैं. आप इन्हें 'छुपे रुस्तम' भी कह सकते हैं. प्रोटीन का मतलब सिर्फ भारी-भरकम खाना या महंगे सप्लीमेंट्स नहीं है. आपके घर की रसोई में दालों, दूध, नट्स और बीजों से बने ऐसी कई देसी ड्रिंक्स मौजूद हैं, जो सेहत और प्रोटीन का खजाना हैं. चलिए जानते हैं कौन सी हैं वो ड्रिंक्स. 1. सत्तू का शरबत इस लिस्ट में सबसे पहला नाम सत्तू शरबत का है. सत्तू को बिहार और यूपी का पावर हाउस कहा जाता है. भुने हुए चने से बना ये शरबत न केवल गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है, बल्कि इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है. इसे आप नमकीन या मीठा, किसी भी तरह से बना सकते हैं. 2. छाछ या मट्ठा दही से बनी छाछ भारत के हर घर की पसंद है. इसे पचाना बहुत आसान है और इसमें प्रोबायोटिक्स के साथ-साथ अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन भी होता है. अगर आप इसमें हल्का सा भुना जीरा और पुदीना डालकर पिएं तो ये बहुत बढ़िया कूलेंट का काम भी करता है. 3. जलजीरा जब भी जलजीरा का नाम आता है, तो लोगों के दिमाग में उसका चटपटा स्वाद आता है. ये अपने इसी स्वाद के लिए मशहूर है, लेकिन जब इसे काले चने के पानी या सत्तू के साथ मिलाकर बनाया जाता है, तो ये प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स बन जाता है. येे पेट को ठंडा रखने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में कमाल का काम करता है. 4. बादाम दूध इस लिस्ट में बादाम का दूध भी शामिल है. रात भर भीगे हुए बादामों को पीसकर दूध में मिलाकर पीने से शरीर को ताकत और प्रोटीन मिलता है. अगर आप वीगन हैं, तो इसे नॉर्मल पानी के साथ भी बना सकते हैं. इसमें मौजूद विटामिन-ई आपकी स्किन के लिए भी बढ़िया है. 5. लस्सी शायद ही कोई ऐसा हो, जिसे गाढ़ी मलाईदार लस्सी पीना पसंद न हो. दही से भरपूर होने के कारण लस्सी प्रोटीन का एक शानदार जरिया है. हालांकि, आपको ध्यान रखना होगा कि चीनी की मात्रा कम हो, ताकि सेहत और स्वाद का बैलेंस बना रहे. आप इसमें फल जैसे आम या केला डालकर इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू और बढ़ा सकते हैं. 6. सोया दूध (सोया मिल्क) इस लिस्ट में आखिरी नाम सोया दूध का है. सोयाबीन प्रोटीन का सबसे बढ़िया वेजिटेरियल सोर्स है. ये उन लोगों के लिए बेस्ट है जिन्हें डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी है. इसे आप घर पर भी आसानी से सोयाबीन भिगोकर बना सकते हैं.

इंडक्शन या इन्फ्रारेड कुकटॉप कौन सा है आपके किचन के लिए बेहतर और क्यों इंडक्शन में पकता है खाना जल्दी

आज के मॉडर्न किचन में इंडक्शन और इन्फ्रारेड कुकटॉप तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. दोनों ही गैस के मुकाबले सुरक्षित और सुविधाजनक माने जाते हैं लेकिन जब बात स्पीड की आती है तो इंडक्शन अक्सर इन्फ्रारेड से आगे निकल जाता है. आखिर ऐसा क्यों होता है? इसके पीछे छिपी साइंस को समझना दिलचस्प है. कैसे काम करता है इंडक्शन कुकटॉप? इंडक्शन कुकटॉप Electromagnetic Induction के सिद्धांत पर काम करता है. इसमें कुकटॉप के अंदर कॉइल होती है जो बिजली पास होने पर मैग्नेटिक फील्ड बनाती है. जब आप उस पर लोहे या स्टील के बर्तन रखते हैं तो वही बर्तन सीधे गर्म होने लगता है. यानी हीट सीधे बर्तन में पैदा होती है न कि कुकटॉप की सतह पर. इन्फ्रारेड कुकटॉप की तकनीक इन्फ्रारेड कुकटॉप Infrared Radiation के जरिए काम करता है. इसमें हीट पहले कुकटॉप की सतह पर बनती है और फिर वहां से बर्तन तक पहुंचती है. इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है क्योंकि हीट ट्रांसफर दो स्टेप में होता है. इंडक्शन क्यों है ज्यादा तेज? इंडक्शन कुकटॉप की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह सीधे बर्तन को गर्म करता है. इसमें ऊर्जा का नुकसान बहुत कम होता है और लगभग तुरंत ही हीटिंग शुरू हो जाती है. दूसरी तरफ इन्फ्रारेड में पहले सतह गर्म होती है फिर बर्तन जिससे समय ज्यादा लगता है. यही कारण है कि इंडक्शन पर खाना जल्दी तैयार हो जाता है. एनर्जी एफिशिएंसी में भी आगे इंडक्शन कुकटॉप लगभग 80-90% ऊर्जा को सीधे कुकिंग में इस्तेमाल करता है जबकि इन्फ्रारेड में यह प्रतिशत कम होता है. इससे न सिर्फ खाना जल्दी बनता है बल्कि बिजली की बचत भी होती है. इंडक्शन कुकटॉप सिर्फ तब ही गर्म होता है जब उस पर सही मेटल का बर्तन रखा हो इसलिए यह ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. वहीं इन्फ्रारेड कुकटॉप की सतह काफी गर्म हो जाती है जिससे जलने का खतरा रहता है. हालांकि इन्फ्रारेड में आप किसी भी तरह के बर्तन इस्तेमाल कर सकते हैं जबकि इंडक्शन में खास बर्तनों की जरूरत होती है.