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बूंदी रायता क्यों हो सकता है वजन बढ़ने की वजह? जानें डाइटीशियन की चेतावनी

गर्मी का मौसम हो और लंच में करारी बूंदी डला हुआ रायता मिल जाए तो दिल खुश हो जाता है. गर्मी के दिन में लोग रायते में काली मिर्च और जीरा मिलाकर काफी चाव से खाते हैं. वहीं कई लोग जो वजन घटा रहे होते हैं वे भी रायते को हेल्दी ऑपशंस मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं, दही और बेसन से बनी बूंदी वाला रायता खाने से आपकी वेट लॉस जर्नी में रुकावट आ सकती है या फिर वो आपका वजन भी बढ़ा सकता है? हाल ही में एक  डायटिशियन ने बूंदी के रायता को हेल्दी समझने वालों की इस धारणा को गलत बताया है. उन्होंने खुलासा किया है कि बूंदी रायता जैसी चीजें, जो ऊपर से बहुत हेल्दी नजर आती हैं, असल में हिडन कैलोरीज देती हैं. क्यों बूंदी रायता सेहत के लिए हेल्दी नहीं? डॉ. गीतिका चोपड़ा ने एक पॉडकास्ट में बताया, लोग अक्सर इंडियन फूड्स में मौजूद हिडन कैलोरीज को पहचान नहीं पाते. बूंदी को डीप फ्राई करके तैयार किया जाता है जिससे इसमें फैट और कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है. जब आप इसे दही में मिलाते हैं तो यह एक हाई-कैलोरी डिश बन जाती है. यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश्ड रिसर्च के मुताबिक, लोग जब किसी अनहेल्दी या फ्राइड चीज को हेल्दी चीज (दही) के साथ देखते हैं तो उन्हें लगता है कि पूरी डिश ही लो-कैलोरी है. साइकोलॉजी में इसे नेगेटिव कैलोरी इल्यूजन कहा जाता है जो वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह बनता है. क्या है बेहतर ऑपशंस? डॉक्टर ने बताया, यदि आप सच में डाइजेशन को बेहतर करना और वेट लॉस करना चाहते हैं तो स्मार्ट न्यूट्रिशन अवेयरनेस बहुत जरूरी है. आप बूंदी रायते की जगह खीरे का रायता, लौकी का रायता या पुदीने का रायता खा सकते हैं. हेल्थलाइन की रिपोर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि खीरे या सब्जियों वाले रायते में वॉटर कंटेंट और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है. इस तरह के छोटे-छोटे स्मार्ट स्वाइप्स आपको अनहेल्दी ईटिंग मिस्टेक्स से बचाते हैं और वेट लॉस गोल को हासिल करने में मदद करते हैं.

अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

 भारतीय खाने में रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में से एक है. देशभर में गेहूं, ज्वार, मक्का और बाजरे जैसे अलग-अलग अनाजों से रोटियां बनाई जाती हैं. हर रोटी का स्वाद और पोषण अलग-अलग होता है. ऐसे में हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता हैं कि कौन-सी रोटी में कितनी कैलोरी होती है और वह वह कितनी हेल्दी है. आज हम आपको अलग-अलग तरह की रोटियों में मौजूद कैलोरी और उनके पोषण के बारे में बताएंगे. गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. लगभग 40 ग्राम की एक गेहूं की रोटी में लगभग 120 कैलोरी होती है. यह शरीर को बैलेंस पोषण और लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करती है. ज्वार की रोटी ज्वार ग्लूटेन-फ्री अनाज माना जाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 40 ग्राम ज्वार की रोटी में लगभग 100 कैलोरी होती है. इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. मक्के की रोटी मक्के की रोटी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. 40 ग्राम मक्के की रोटी में करीब 110 कैलोरी होती है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. रागी रोटी रागी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. लगभग 40 ग्राम रागी रोटी में करीब 90 कैलोरी होती है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, इसलिए महिलाओं के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जाता है. बेसन की रोटी बेसन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लगभग 40 ग्राम बेसन की रोटी में करीब 115 कैलोरी होती है. यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ मसल्स रिकवरी में भी मदद करती है. बाजरे की रोटी बाजरा प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. 40 ग्राम बाजरे की रोटी में करीब 105 कैलोरी होती है. यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद करती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है.  

‘हाय’ का जवाब भी बन सकता है खतरा: साइबर फ्रॉड को लेकर I4C की चेतावनी

वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और SMS के जरिए कई मैसेज आते हैं. बहुत से लोग हाय-हेल्लो आदि लिखते हैं और उसके बाद चैटिंग शुरू हो जाती है. लेकिन हर एक हाय का जवाब देना जरूरी नहीं है, ये आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. सरकारी एजेंसी के तहत काम करने वाले साइबर दोस्त I4C ने एक जरूरी पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है कि हाय का रिप्लाई करने से पहले जरा सोचिए. स्कैमर्स अक्सर सिंपल मैसेज करके भी आखिर में जाकर शिकार बना सकते हैं और बैंक खाता तक खाली कर सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि अनजान शख्स से ऑनलाइन दोस्ती करते समय ध्यान रखें कि वह बैंक खाते या पर्सनल डिटेल्स आदि को चोरी भी कर सकता है. साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठग भोले-भाले लोगों को शिकार बनाने के लिए सिंपल मैसेज, फेक बैंकिंग अलर्ट, रिवॉर्ड्स अलर्ट या फिर साधारण बातचीत के बाद भी जाल में फंसा सकते हैं. साइबर दोस्त I4C का पोस्ट सावधानी के लिए साइबर दोस्त ने बताया है कि अनजान मैसेज और संदिग्ध लिंक से सावधान रहना चाहिए. खतरनाक लिंक आपको फेक पोर्टल पर ले जा सकते हैं, जहां से आपका बैंक खाता तक खाली हो सकता है. साइबर स्कैमर्स इन तरीकों से बनाते हैं शिकार     अनजान नंबर्स से आने वाले मैसेज पर तुरंत विश्वास ना करें.     संदिग्ध लिंक रिसीव होने पर भूलकर भी उसपर क्लिक ना करें.     फ्री गिफ्ट, बैंक अलर्ट और क्लेम अलर्ट जैसे मैसेज को वेरिफाई किए बना ओपन ना करें.     बैंकिंग डिटेल्स, वन टाइम पासवर्ड (OTP) या पर्सनल इन्फॉर्मेशन को शेयर ना करें. साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठगी होने के बाद उसकी तुरंत रिपोर्ट करें. जितनी जल्दी रिपोर्ट होगी, रकम रिकवरी करने में उतनी ही ज्यादा आसानी होगी.

ऐपल ने लॉन्च किया स्लीप एपनिया नोटिफिकेशन फीचर: अब Apple Watch से मिलेगी नींद की बीमारी की जानकारी

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ऐपल ने भारत में न्यू हेल्थ फोक्स्ड फीचर को पेश कर दिया है. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स को खर्राटे से संबंधित सांस वाली बीमारी की जानकारी मिलेगी, जिसको स्लीप एपनिया कहा जाता है. कंपनी ने अपनी ऐपल वॉच में स्लीप एप्निया नोटिफिकेशन फीचर को शामिल किया है, जो यूजर्स की हेल्थ को ट्रैक करेगा और उसकी जानकारी देगा. साथ ही कंपनी ने बताया है के एयरपॉड्स प्रो 3 में क्लिनिकली वैलिडेटेड हियरिंग टेस्ट फीचर दिया गया है. इसकी मदद से यूजर्स अपने घर बैठे ही सुनने की क्षमता की जांच कर सकेगा. इंसानों की जिंदगी अहम है नींद कंपनी ने बताया है कि नींद इंसानों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है. इसका असर इंसानों की जिंदगी और सेहत दोनों पर ही दिखाई देता है. स्लीप एप्निया क्या होती है? स्लीप एप्निया, एक आम बीमारी है. इसमें सोते समय कुछ पल के लिए सांस रुक जाती है, जिससे शरीर में पर्याप्त आक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है. जानकारी के मुताबिक, एक अनुमान है कि पूरी दुनिया में इस बीमारी से 1 अरब से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. स्लीप एप्निया की वजह से होने वाले नुकसान स्लीप एप्निया का अगर समय रहते इलाज ना कराया जाए तो यह गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है. स्लीप एप्निया की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और दिल से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं. स्लीप एप्निया को कैसे करता है ट्रैक ऐपल वॉच के अंदर एक खास फीचर शामिल किया है, जिसका काम ब्रीदिंग डिस्टर्बेसेज को चेक करना है. यह फीचर एक्सेलेरोमीटर की मदद से कलाई की छोटी-छोटी एक्टिविटियों को पहचानकर नींद के दौरान सांस लेने के दौरान सामान्य पैटर्न में होने वाली रुकावटों को पहचानता है. 30 दिन में ऐपल वॉच इन डेटा का एनालाइज करेगा और अगर स्लीप एप्निया के लगातार संकेत मिलते हैं, तो उसके बाद यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. इसके बाद शख्स को डॉक्टर से संपर्क करना होगा और आगे की जांच करानी होगी.

भीषण गर्मी में राहत: कोंकण की पारंपरिक ‘फूटी कढ़ी’ बन सकती है नेचुरल कूलर

चिलचिलाती धूप, गर्म हवा के थपेड़े और 45 डिग्री के पार जाता तापमान… देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. घर से बाहर निकलते ही शरीर पसीने से भर जाता है, जिसकी वजह से कुछ ही देर में थकान होने लगती है. धूप गला सुखाकर सारी एनर्जी छीन लेती है. इस तपिश भरे मौसम में लोगों को सिर्फ AC या ठंडा पानी पीने से ही राहत नहीं मिलती है. ऐसे में वो लोग देसी चीजों से शरीर को अंदर से ठंडा रखने की कोशिश करते हैं. अगर आप भी गर्मी से परेशान हैं, तो मशहूर शेफ संजीव कपूर की बताई कोंकण की ट्रेडिशनल ड्रिंक फूटी कढ़ी आपके लिए किसी  नेचुरल कूलर की तरह काम करेगी. शेफ संजीव ने बताया कि पीढ़ियों से कोंकण इलाके में लोग गर्मियों के दौरान इस हल्की खट्टी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक को पीते आ रहे हैं. कोकुम से बनने वाली ये देसी ड्रिंक न सिर्फ स्वाद में शानदार होती है, बल्कि शरीर को ठंडा रखने और गर्मी से राहत दिलाने में भी मददगार मानी जाती है. फूटी कढ़ी बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स:     15-20 कोकुम की पंखुड़ियां     2-3 हरी मिर्च बारीक कटी हुई     2-3 बड़े चम्मच ताजा हरा धनिया     1 बड़ा चम्मच चीनी     स्वादानुसार नमक     2 छोटी चम्मच घी     1 छोटी चम्मच राई     आधी छोटी चम्मच हींग बनाने का तरीका:  1. सबसे पहले कोकुम की पंखुड़ियों को एक बाउल में डालें और उसमें 3 कप पानी मिलाकर लगभग 35-40 मिनट के लिए छोड़ दें. 2. अब इस पानी को छान लें. इसमें हरी मिर्च, धनिया, चीनी और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. 3. एक पैन में घी गर्म करें. उसमें राई डालें. जब राई चटकने लगे तो उसके बाद उसमें हींग डालकर हल्का सा भून लें. 4. इस तड़के को कोकुम वाले मिक्स में डालें और अच्छी तरह मिला लें. 5. अब इसे गिलास में बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. गर्मियों में क्यों फायदेमंद है ये ड्रिंक? 1. कोकुम की तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए ये गर्मी और लू से राहत दिलाकर शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद कर सकता है. 2. गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसी ड्रिंक्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं. 3. फूटी कढ़ी एक बहुत ही हल्की ड्रिंक है और पचाने में आसान होती है. इसे खाने के साथ लेने से पेट को आराम मिल सकता है. 4. तेज गर्मी में होने वाली थकान और सुस्ती को कम करने के लिए भी ये ड्रिंक काफी फायदेमंद मानी जाती है.  

HMD Vibe 2 5G भारत में लॉन्च, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ

HMD ने भारत में गुरुवार को अपना नया स्मार्टफोन HMD Vibe 2 5G लॉन्च कर दिया है. यह पिछले साल आए HMD Vibe 5G का अपग्रेडेड वर्जन है. इस नए फोन में आपको 6.7 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है. वहीं बैटरी इसकी सबसे बड़ी खासियत है क्योंकि इसमें 6000mAh की दमदार बैटरी मिलती है. साथ में 18W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है. आइए डिटेल में जानते हैं और इस फोन में हमें क्या-क्या देखने को मिलता है. HMD Vibe 2 5G की कीमत और उपलब्धता भारत में HMD Vibe 2 5G की कीमत काफी किफायती रखी गई है. इसका 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹10,999 में मिलता है. वहीं अगर आपको थोड़ा ज्यादा स्टोरेज चाहिए तो 128GB वाला वेरिएंट भी उपलब्ध है. इसकी कीमत ₹11,999 है. इसमें RAM भी आपको 4GB ही मिलता है. कलर ऑप्शन्स की बात करें तो ये फोन Cosmic Lavender, Nordic Blue और Peach Pink जैसे आकर्षक रंगों में आता है. फिलहाल यह Flipkart पर आसानी से खरीदने के लिए उपलब्ध है. HMD Vibe 2 5G के फीचर्स HMD Vibe 2 5G में डुअल सिम (Nano + Nano) सपोर्ट मिलता है और यह Android 16 पर चलता है. इसमें आपको 6.7 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है. खास बात यह है कि इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग काफी स्मूद महसूस होती है. डिवाइस को IP64 रेटिंग भी मिली हुई है. यानी यह धूल और हल्की पानी की छींटों से काफी हद तक सेफ रहता है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें ऑक्टा-कोर Unisoc प्रोसेसर दिया गया है. फोन में 4GB RAM स्टैंडर्ड मिलता है और स्टोरेज के लिए आपको 128GB तक का ऑप्शन मिलता है. कैमरा की बात करें तो HMD Vibe 2 5G में AI सपोर्ट वाला रियर कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है जो LED फ्लैश के साथ आता है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. HMD Vibe 2 5G में आपको एक बड़ी 6000 mAh की बैटरी मिलती है. साथ ही इसमें 18W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है और अच्छी बात ये है कि चार्जर बॉक्स में ही मिल जाता है, अलग से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. कनेक्टिविटी की बात करें तो इसमें Bluetooth 5.0, Wi-Fi 5 और USB Type-C पोर्ट दिया गया है, जिससे डेटा ट्रांसफर और कनेक्टिविटी दोनों ही स्मूद रहती हैं.

गूगल इवेंट में iPhone का इस्तेमाल वायरल, ‘Gemini Spark’ फीचर भी पेश

गूगल का एनुअल डेवलपर कॉन्फ्रेंस Google I/O 2026 की शुरुआत हो चुकी है. इस इवेंट के दौरान कंपनी AI एजेंट, यूट्यूब न्यू फीचर, जीमेल न्यू फीचर्स और AI वीडियो मेकर आदि का ऐलान किया है. लेकिन लाइव इवेंट के दौरान कंपनी ने डेमो के लिए iPhone का यूज किया है, जो मूमेंट इंटरनेट वायरल हो चुका है. गूगल इवेंट के दौरान जब न्यू पर्सनल एआई एजेंट जेमिनाई स्पार्क के बारे में बताया जा रहा था. तब डेमो के दौरान ऐपल का लेटेस्ट हैंडसेट iPhone 17 Pro का यूज किया गया है, जबकि गूगल के पास खुद का फ्लैगशिप हैंडसेट है. देखने में यह मामूली गलती लगती है, लेकिन इंटरनेट पर यह मूमेंट तेजी से वायरल हुआ. गूगल खुद कई बार पिक्सल हैंडसेट को लेकर दावे कर चुका है कि उसको AI युग के लिए तैयार किया है. कंपनी कुछ साल साल से लगातार अपने पिक्सल हैंडसेट को AI फीचर्स के साथ लोडेड करके दे रहा है. iPhone 17 Pro पर किया गया लाइव डेमो कुछ घंटों के अंदर iPhone 17 Pro पर किया गया लाइव डेमो का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. लाखों लोगों ने देखा. कई यूजर्स ने कहा कि इसके लिए कंपनी खुद का पिक्सल 10 सीरीज का यूज कर सकती थी. आईफोन के लिए AI गूगल पहले ही जानकारी शेयर कर चुका है कि वह अपने Gemini का अलग वर्जन तैयार कर रहा है. यह वर्जन सीरी के साथ काम करेगा, हालांकि यह कब तक लॉन्च होगा, उसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है. गूगल जेमिनाई स्पार्क क्या है? गूगल इवेंट के दौरान बताया गया है कि जेमिनाई स्पार्क एक पर्सनल AI एजेंट है. यह जेमिनाई ऐप के अंदर मिेगा, जो यूजर्स के प्रॉम्प्ट पर काम करेगा. यह लॉन्ग और मुश्किल टास्क को बैकग्राउंडम में कंप्लीट करता है और यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस मिलेगा. इसको Gmail, Docs और दूसरे Google Workspace ऐप्स के साथ इंटीग्रेट किया है. इसको पहले अमेरिकी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा.

Apple का बड़ा दावा: ऐप स्टोर पर 18 हजार करोड़ रुपये की फ्रॉड डील्स ब्लॉक

ऐपल ने एक बड़ा दावा किया है और बताया है कि उसने बीते एक साल में करोड़ों रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया है और लोगों की मेहनत की कमाई को ठगे जाने से बचाया है. ये जानकारी ऐपल न्यूजरूम पर शेयर की है. ऐप स्टोर ने ट्रांजैक्शन में 2.22 बिलियन डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी को रोका है. कंपनी ने बीते छह साल में 11.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड को रोकने में सफलता हासिल की है. हर सप्ताह करोड़ों विजिटर्स आते हैं ऐपल ने बताया है कि 175 देशों के ऐप स्टोर पर हर सप्ताह करीब 85 करोड़ से ज्यादा विजिटर्स आते हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए ऐपल का कहना है कि वह स्कैम, खतरनाक ऐप्स, फर्जी रिव्यू और पेमेंट फ्रॉड पकड़ने के लिए रिव्यू टीम और एडवांस मशीन लर्निंग सिस्टम का यूज करते हैं. 2025 में आए 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन ने बताया ह कि ऐप रिव्यू टीम ने साल 2025 में 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन प्रोसेस किए और 3 लाख नए डेवलपर्स को ऑनबोर्ड किया है. फिर ऐप स्टोर गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर करीब 20 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन रिजेक्ट किए हैं. इनमें 12 नए ऐप्स और 8 लाख ऐप अपडेट भी शामिल रहे हैं. रिव्यू टीम में इंसान और AI करते हैं काम कंपनी ने आगे बताया है कि उनके रिव्यू टीम में इंसानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) बेस्ड सिस्टम भी काम करता है. ये सिस्टम फास्ट तरीके से खतरनाक ऐप्स की पहचान करता है और फिर उनको ब्लॉक करने में मदद करता है. कई ऐप ने बाद में बदला अपना नेचर ऐपल ने रिपोर्ट में बताया है कि 59 हजार ऐसे ऐप्स भी रिमूव किए जा चुके हैं, जो शुरुआत में गेम या सामान्य यूटिलिटी के रूप में मंजूर किए थे. बाद में उनको फ्रॉड प्लेटफॉर्म में बदल दिया गया.   लाखों अकाउंट्स को किया जा चुका है बंद अमेरिका कंपनी ने बताया है कि कई साइबर ठग बॉट नेटवर्क और फर्जी अकाउंट की मदद से ऐप रैंकिंग में हेरफेर, स्पैम और नकली रिव्यू पोस्ट करने की कोशिश करते हैं. इसको लेकर कंपनी बता चुकी है कि वह साल 2025 में 1.1 बिलियन फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिश को ब्लॉक कर चुकी है. बच्चों की सेफ्टी वाले नियम तोड़े गए Apple ने ये भी बताया है कि बच्चों की सेफ्टी के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ने पर Kids कैटेगरी के 5 हजार से ज्यादा ऐप्स को रिजेक्ट किया जा चुका है. पहले ऐप्स ने स्क्रीन टाइम और आस्क टू बाय जैसे पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स का भी जिक्र किया, फिर इनकी मदद से माता-पिता बच्चों की ऐप एक्टिविटी और शॉपिंग पर नजर रखते हैं.

गर्मी में बच्चों की सेहत का ख्याल: डाइट में शामिल करें ये ठंडक देने वाले फूड्स

 गर्मियों में तापमान बढ़ते ही बच्चों और बुजुर्गों के लिए की सेहत का बहुत ख्याल रखना पड़ता है. जैसे-जैसे सूरत की किरणें आग बरसाना शुरू करती हैं, वैसे-वैसे ही इसका असर बच्चों पर देखने को मिलने लगता है. तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं की वजह से बच्चे जल्दी थकने लगते हैं, चिड़चिड़े हो जाते हैं और कई बार उनके शरीर में पानी की कमी भी होने लगती है. बाहर खेलते-कूदते समय उनका शरीर बहुत जल्दी ही डिहाइड्रेट होता है, इसलिए इस मौसम में उनकी डाइट सही होना बेहद जरूरी है. ऐसे में माता-पिता की सबसे बड़ी टेंशन ये होती है कि आखिर बच्चों को क्या खिलाया जाए. अगर आप भी प्रचंड गर्मी में बच्चों के लिए ऐसा डाइट चार्ट ढूंढ रहे हैं, जो उन्हें एनर्जी दे, उनके शरीर को ठंड रखे और उनके शरीर में पानी की बिल्कुल भी कमी न होने दे तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो गर्मियों में बच्चों की डाइट में शामिल करना हर माता-पिता के लिए जरूरी है. तरबूज: लिस्ट में सबसे पहला नाम तरबूज का आता है. इसमें पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए ये शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. इसे खाने से बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होती और उन्हें ताजगी महसूस होती है. साथ ही इसमें विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. खीरा: खीरा भी गर्मियों में खाना बहुत अच्छा माना जाता है. ये न केवल बड़ों के लिए बल्कि बच्चों के लिए भी हेल्दी होता है. इसमें लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है जो बॉडी को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. इसे सलाद या हल्के नमक के साथ स्नैक की तरह उनकी डाइट में शामिल किया जा सकता है. दही चावल: आप बच्चों की डाइट में दही और चावल भी शामिल कर सकते हैं. दही और चावल का कॉम्बिनेशन तपती गर्मी में काफी राहत देता है. ये पेट को ठंडा रखता है और पाचन भी बेहतर बनाता है. बच्चों को ये खाने में टेस्टी भी लगता है और उनके पेट के लिए हल्वा भी रहता है. नारियल पानी: गर्मी में बच्चे जब खेलते हैं तो उनके शरीर से खूब पसीने बहते हैं, जिसकी वजह से जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं और वो डिहाइड्रेटेड महसूस करते हैं. नारियल पानी इनकी कमी पूरी करने में मदद करता है. इसमें नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं जो बच्चों को एक्टिव बनाए रखते हैं और पानी की कमी भी पूरी करते हैं. छाछ: छाछ पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और खाना भी आसानी से पचता है. इसमें कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बच्चों की हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं. नींबू पानी: आप अपने बच्चों को नींबू पानी भी दे सकते हैं. नींबू पानी बनाकर रख लें और जब भी वो बाहर से खेलकर या स्कूल से वापस आएं तो उन्हें पिला दें. गर्मी में बच्चों के लिए शानदार ड्रिंक है. इसमें विटामिन सी होता है जो शरीर को तरोताजा रखने में मदद करता है. इसे हल्का मीठा बनाकर बच्चों को आसानी से दिया जा सकता है. गुलकंद: गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद शरीर की गर्मी कम करने में मदद करता है. इसे दूध में मिलाकर बच्चों को दिया जा सकता है. ये पेट को भी आराम पहुंचाता है. बेल का शरबत: बेल का फल शरीर को ठंडक देने के लिए जाना जाता है. इसका शरबत बच्चों को गर्मी और लू से बचाने में मदद कर सकता है. साथ ही ये पेट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. टमाटर: लिस्ट में आखिरी नाम टमाटर का है. इसमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसे सलाद के रूप में बच्चों की डाइट में शामिल किया जा सकता है. ये शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है.

अंडा, चिकन या मटन: किसका प्रोटीन सबसे जल्दी पचता है? जानें सही जवाब

नॉन-वेजिटेरियन लोग प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अपनी डाइट में अंडा, चिकन या मटन को शामिल करते हैं. कई लोग दिन भर में 10-20 अंडे, 500-800 ग्राम चिकन मटन खा लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन तीनों में से कौन सा प्रोटीन आपका पेट सबसे जल्दी और आसानी से पचा पाता है? दरअसल, डाइजेशन के मामले में हर प्रोटीन का असर शरीर पर अलग होता है लेकिन अक्सर लोग ज्यादा प्रोटीन के चक्कर में ऐसा फूड चुन लेते हैं जिसे पचाने में पेट को भारी मेहनत करनी पड़ती है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि इन तीनों में से कौन सा प्रोटीन सोर्स सबसे जल्दी पचता है. अंडे के प्रोटीन को समझें हेल्थलाइन के मुताबिक, जब बात सबसे जल्दी और पूरी तरह से पचने वाले प्रोटीन की आती है तो अंडा इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोटीन डाइजेस्टिबिलिटी स्कोर में अंडे को 1.0 रेटिंग मिली है जो सबसे बेस्ट मानी जाती है. इसका मतलब है कि अंडे का प्रोटीन खाने के बाद शरीर इसे बहुत तेजी से और आसानी से तोड़कर अवशोषित कर लेता है. 1 पूरे अंडे को पचने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है. चिकन ब्रेस्ट अंडे के बाद चिकन तेजी से डाइजेस्ट होता है. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चिकन ब्रेस्ट में फैट की मात्रा बहुत कम यानी न के बराबर होती है. लीन मीट होने की वजह से पेट को इसे ब्रेकडाउन करने में अधिक समय नहीं लगता. मटन की तुलना में चिकन काफी हल्का होता है और इसका प्रोटीन डाइजेस्टिबिलिटी स्कोर भी लगभग 1.0 के करीब होता है. यदि आपका डाइजेशन थोड़ा कमजोर भी है तो भी उबला या ग्रिल्ड चिकन पेट पर भारी नहीं पड़ता. चिकन को पूरी तरह पचने में 2.5 से 3.5 घंटे का समय लगता है. मटन पचने में लगती है देरी मटन यानी रेड मीट प्रोटीन का एक बहुत ही रिच सोर्स है लेकिन इसे पचाना सबसे मुश्किल काम है. डाइजेशन टाइमलाइन रिपोर्ट बताती है कि हाई-फैट और कॉम्प्लेक्स मॉलिक्यूल्स वाले रेड मीट जैसे मटन को पूरी तरह पचने में काफी लंबा समय लगता है. मटन में सैचुरेटेड फैट और डेंस मसल्स फाइबर्स होते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए पेट के एसिड और एंजाइम्स को कई घंटों तक लगातार काम करना पड़ता है. इसलिए रात के समय मटन खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. मटन या रेड मीट को पचने में 4 से 6 घंटे या उससे अधिक का समय लग सकता है.