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पैरों में सूजन और दर्द को न करें नजरअंदाज रिसर्च में खुलासा आपके जीन बढ़ा सकते हैं खून के थक्के जमने का खतरा

 पैरों में अचानक दर्द, सूजन या भारीपन महसूस होना कई बार साधारण समस्या लग सकता है, लेकिन इसके पीछे खून के थक्के बनने जैसी गंभीर वजह भी हो सकती है. मेडिकल भाषा में इसे वेनस थ्रॉम्बोसिस कहा जाता है, जिसमें खून गाढ़ा होकर नसों में जमने लगता है और ब्लॉकेज पैदा कर देता है. अगर यही थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह जानलेवा स्थिति यानी पल्मोनरी एम्बोलिज्म का कारण बन सकता है. क्या निकली है दिक्कत? हाल ही में लुंड विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट की एक रिसर्च में इस समस्या को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है. इस स्टडी में पाया गया कि सिर्फ लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि कुछ खास जीन भी खून के थक्के बनने के खतरे को काफी बढ़ा सकते हैं. यह रिसर्च "माल्मो डाइट एंड कैंसर स्टडी" के तहत करीब 30 हजार लोगों के डेटा पर की गई. इसमें वैज्ञानिकों ने 27 ऐसे जीन का अध्ययन किया, जो ब्लड क्लॉटिंग से जुड़े होते हैं.  एनालिसिस के बाद तीन प्रमुख जीन ABO, F8 और VWF की पहचान की गई, जो इस खतरे को बढ़ाते हैं. रिसर्च के अनुसार, इनमें से हर एक जीन अकेले 10 से 30 प्रतिशत तक जोखिम बढ़ा सकता है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति में ऐसे कई जेनेटिक फैक्टर एक साथ मौजूद हों, तो खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. जिन लोगों में पांच तक ऐसे जोखिम कारक पाए गए, उनमें ब्लड क्लॉट बनने का खतरा 180 प्रतिशत तक ज्यादा देखा गया. यह खोज इस बात को समझने में मदद करती है कि कुछ लोग बिना किसी स्पष्ट वजह के भी इस समस्या का शिकार क्यों हो जाते हैं. साइंटिस्ट ने यह भी बताया कि "फैक्टर V लीडेन" नाम का एक जेनेटिक म्यूटेशन पहले से जाना जाता है, जो खून के थक्के बनने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है. लाइफस्टाइल की अहम भूमिका हालांकि, सिर्फ जीन ही नहीं, लाइफस्टाइल भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना, जैसे लंबी फ्लाइट या सर्जरी के बाद बेड रेस्ट, ब्लड फ्लो को धीमा कर देता है और थक्के बनने का खतरा बढ़ा देता है. इसके अलावा मोटापा, बढ़ती उम्र और ज्यादा लंबाई भी इस जोखिम को बढ़ाने वाले कारक माने गए हैं. खानपान भी इसमें भूमिका निभा सकता है. कुछ स्टडीज में यह संकेत मिला है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाने से खतरा बढ़ सकता है, जबकि फलों, सब्जियों और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है. इलाज को और बेहतर बनाया जा सकता है एक्सपर्ट का मानना है कि भविष्य में इस तरह की जेनेटिक जानकारी के आधार पर इलाज को और बेहतर बनाया जा सकता है. इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस मरीज को कितने समय तक ब्लड थिनर दवाओं की जरूरत है.

ऐपल साल 2026 में लॉन्च करेगा 11 नए डिवाइस आईफोन 18 प्रो और आईपैड समेत कई बड़े अपडेट्स

अमेरिकी कंपनी ऐपल ने साल 2026 के लिए बड़ी तैयारी करके रखी है. कंपनी इस साल 11 डिवाइस को लॉन्च करने जा रही है, जिसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. इसमें iPhone 18 Pro, iPad 12 समेत कई नाम शामिल हैं. साल 2026 के खत्म होने से पहले कंपनी टोटल 11 प्रोडक्ट को अनवील करेगी, जिसमें न्यू आईफोन, आईपैड, मैक और ऐपल वॉच का नाम शामिल हैं. हालांकि ऐपल की तरफ से सभी प्रोडक्ट की लॉन्चिंग को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है. आ रहे हैं iPhone 18 Pro और 18 प्रो मैक्स Apple हर साल सितंबर में अपनी फ्लैगशिप सीरीज को अनवील करता है, जिसमें बीते साल iPhone 17 Pro को लॉन्च किया था. अब इस साल कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज को लेकर आ रही है. पुराने ट्रेंड को फॉलो करते हुए कंपनी इस साल भी सितंबर में ही लॉन्च करेगी. लीक्स और मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए जा चुके हैं कि इस साल लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro सीरीज में कई अपडेट दिखाई देंगे. साथ ही कुछ फीचर्स तो पहली बार देखने को मिलेंगे.  iPhone 18 Pro सीरीज में बेहतर कैमरा सेंसर नजर आएंगे. साथ ही न्यू चिपसेट और पुराने वर्जन की तुलना में छोटा डाइनैमिक आइलैंड अनवील किया जाएगा. ऐपल वॉच, आईपैड और मैक आदि होंगे लॉन्च ऐपल आईफोन 18 प्रो सीरीज के अलावा अन्य डिवाइसों को भी अनवील किया जाएगा. इसमें ऐपल वॉच, आईपैड और मैक के नाम शामिल हैं. कंपनी इस साल iPad की न्यू लाइनअप को अनवील करेगी. iPad 12 के साथ फास्ट चिपसेट का यूज किया जाएगा, जिससे ऐपल इंटेलीजेंस का सपोर्ट मिलेगा. iPad Mini के अंदर OLED डिस्प्ले के साथ अपग्रेड किया जा सकेगा. Mac को लेकर भी रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं. इस साल के अंत तक मैंक स्टूडियो, मैक मिनी और आईमैक को लॉन्च किया जाएगा. इनमें नेक्स्ट जनरेशन M5 चिपसेट का यूज किया गया है. मैकबुक प्रो को एक OLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया जाएगा.

हेयर फॉल रोकने और लंबे घने बालों के लिए आजमाएं ऑइलिंग का यह पुराना नुस्खा

अगर बाल जड़ से मजबूत न हों, तो हेयर फॉल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। बालों को जड़ों से मजबूत बनाने के लिए आपको एक हफ्ते में सिर्फ दो बार इस टिप को फॉलो करना है। महज कुछ ही हफ्तों के अंदर आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। पुराने जमाने से इस टिप को हेयर हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता रहा है। दरअसल, आपको बता दें कि हम जिस टिप की बात कर रहे हैं, वो तेल लगाना यानी ऑइलिंग है। बालों के लिए फायदेमंद आदत  क्या आप अपने बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो तेल लगाने की आदत को फॉलो करना शुरू कर दीजिए। एक हफ्ते में 2 बार तेल जरूर लगाएं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए रात में तेल लगाइए और रात भर तेल को लगे रहने दीजिए। और फिर अगली सुबह हेयर वॉश कर लीजिए। गौर करने वाली बात  अगर आपके पास कम समय है, तो एक घंटे के लिए ही सही, हेयर वॉश से पहले अपनी स्कैल्प पर और अपने बालों पर तेल जरूर लगाएं। अब सवाल ये उठता है कि आपको कौन सा तेल लगाना चाहिए। आप नारियल का तेल, बादाम का तेल, अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑइल या फिर भृंगराज तेल में से किसी भी एक तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। तेल को लगाने से पहले हल्का गुनगुना कर लीजिए और तेल लगाते समय मसाज जरूर कीजिए। मिलेंगे फायदे ही फायदे  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तेल लगाने की आदत आपकी हेयर हेल्थ को काफी हद तक सुधार सकती है। बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए इस आदत को फॉलो किया जा सकता है। बालों में मौजूद पोषण की कमी, रूखापन, डैंड्रफ जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए तेल लगाने की सलाह दी जाती है। सिल्की और शाइनी बालों के लिए भी शैंपू से पहले तेल अप्लाई किया जा सकता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें

लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आजमाएं यह पारंपरिक सत्तू ड्रिंक

गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ता है, शरीर की एनर्जी कम होने लगती है और आप हर वक्त थके डिहाइड्रेटेड महसूस करते हैं. गर्मी में लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में उत्तर भारत का पारंपरिक सुपरफूड सत्तू सेहत का खजाना साबित होता है. भुने हुए चनों को पीसकर तैयार किया गया सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है जो आपके लिए बहुत फायदेमंद है. सत्तू के शरबत के बेमिसाल फायदे सत्तू का शरबत न केवल पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, बल्कि इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह चिलचिलाती धूप में भी शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखता है. अगर आप गर्मियों में सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह सत्तू पीते हैं तो यह आपकी सेहत को बेमिसाल फायदे मिलेंगे. सत्तू के शरबत की रेसिपी सत्तू (चना) – 3 बड़े चम्मच ठंडा पानी – 1 गिलास भुना जीरा पाउडर – आधा छोटा चम्मच काला नमक – स्वादानुसार नींबू का रस बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च पुदीने की पत्तियां बनाने का तरीका एक बड़े गिलास में सत्तू निकालें और थोड़ा सा पानी डालकर गुठलियां खत्म होने तक मिलाएं. अब बचा हुआ ठंडा पानी डालें और अच्छी तरह घोल लें. इसमें काला नमक, भुना जीरा, नींबू का रस और कटी हुई मिर्च-प्याज डालें. आप इस दौरान इसमें हल्का गुड़ मिला सकते हैं जो टेस्ट को बैलेंस करेगा. पुदीने की पत्तियों के साथ ठंडा-ठंडा सर्व करें. आप चाहें तो इसमें मिश्री या गुड़ डालकर मीठा शरबत भी बना सकते हैं

7000mAh बैटरी और अनोखे कैमरा डिजाइन के साथ आ रहा है रियलमी का नया स्मार्टफोन

Realme भारत में नया स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम रियलमी 16 5G होगा. कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर इस हैंडसेट की जानकारी दी है और बताया है कि यह भारत में 2 अप्रैल को लॉन्च होगा. रियलमी 16 5G को लेकर कंपनी का दावा है कि यह भारत का पहला सेल्फी मिरर फोन है. इसमें बैक पैनल पर कैमरा सेंसर के पास एक रिफ्लेक्टिव मिरर है. ऐसे में यूजर्स बैक कैमरा सेटअप की मदद से भी सेल्फी ले सकेंगे. रियलमी इंडिया के ऑफिशियल पोर्टल पर अपकमिंग हैंडसेट को लेकर कुछ डिटेल्स को शेयर किया गया है. इसमें कैमरा, डिजाइन, डिस्प्ले और आईपी रेटिंग की जानकारी शेयर की है. Realme 16 का डिस्प्ले Realme 16 में 6.57 Inch का डिस्प्ले दिया गया है और इसका वजन 183 ग्राम वजनी है. इसकी थिकनेस 8.1 एमएम की है. कंपनी इस हैंडसेट को दो कलर वेरिएंट में लेकर आ रही है, जिसका नाम एयर व्हाइट और एयर ब्लैक कलर है. Realme 16 की बैटरी और फास्ट चार्जर Realme 16 में 7000mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसके साथ 60W का फास्ट चार्जर मिलता है. ऑफिशियल वेबसाइट पर लिस्टेड डिटेल्स में बताया है कि 3 साल के लिए एंड्रॉयड ओएस अपडेट और 4 साल के लिए एंड्रॉयड सिक्योरिटी अपडेट है. Realme 16 का कैमरा सेटअप Realme 16 में हॉरिजोन्टली कैमरा एलाइनमेंट दिया गया गया है, जो काफी कुछ गूगल पिक्सल 10 सीरीज के जैसा लगता है. रियलमी के इस हैंडसेट में 50MP का मेन कैमरा सेंसर दिया गया है. इसमें एक सर्कुलर LED Flash लाइट दी गई है. हालांकि अन्य कैमरा सेंसर क जानकारी शेयर नहीं की गई है और सेल्फी के लिए भी 50MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा. क्या है सेल्फी मिरर फीचर? बैक पैनल पर ही कैमरा के पास एक रिफ्लेक्टिव सर्कुलर सरफेस दिया गया है, जिसको कंपनी ने सेल्फी मिरर का नाम दिया है. इसकी मदद से यूजर्स रियर कैमरे से हाई क्वालिटी सेल्फी क्लिक कर सकेगा. 

CERT-In ने ऐपल डिवाइसेस में खोजीं खतरनाक कमियां हैकर्स उड़ा सकते हैं आपका बैंकिंग डेटा

भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने जरूरी वॉर्निंग जारी की है, जिसमें स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर और स्मार्टवॉच यूजर्स को सावधान रहने को कहा है. ये वॉर्निंग इंडियन कंप्यूटर इमरजेंस रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की तरफ से जारी की गई है और ऐपल डिवाइसों के लिए है. वॉर्निंग में iPhone, आइपैड, मैक ऐपल वॉच डिवाइसों में कई कमजोरियों को डिटेक्ट किया गया है, जिनको वल्नरबिलिटीज का नाम दिया जाता है. 26 मार्च 2026 पर इसको लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि इन खामियों का फायदा साइबर ठग फायदा उठा सकते हैं. इसके बाद वे डिवाइस में मौजूद है संवेंदनशील डेटा को चोरी कर सकते हैं. यहां तक कि बैंकिंग डिटेल्स बी हासिल कर करते हैं. CERT-In की तरफ जारी एडवाइजरी में बताया गया है ये खामियां Apple के सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सों में जैसे सिस्टम कंपोनेंट्स और सिक्योरिटी मैकेनिज्म के अंदर मौजूद हैं. इन्ही की वजह से साइबर अटैकर सिस्टम के व्यवहार में छेड़छाड़ कर सकते हैं या सिक्योरिटी वॉल को बाईपास कर सकते हैं. Apple के कई डिवाइस और पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन पर खतरा     iOS और iPadOS (26.4 और 18.7.7 से पहले के वर्जन)     macOS Tahoe (26.4 से पहले के वर्जन)     macOS Sequoia (15.7.5 से पहले)     macOS Sonoma (14.8.5 से पहले)     Safari (26.4 से पहले)     watchOS, tvOS और visionOS (26.4 से पहले)     Apple Xcode (26.4 से पहले) क्या-क्या खतरे हो सकते हैं? CERT-In की एडवाइजरी में बताया गया है कि ये खामियां डिवाइस को अलग-अलग तरीके से नुकसान पहुंचा सकती हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं.     डेटा चोरी हो सकता है     मैलवेयर फैल सकता है     डिवाइस क्रैश हो सकता है     बिना अनुमति एक्सेस मिल सकती है बचाव के लिए क्या-क्या करना चाहिए CERT-In की तरफ से बताया गया है कि सभी यूजर्स को अपने ऐपल डिवाइसेस को लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट के सिस्टम तुरंत अपडेट करना चाहिए. अक्सर लोग अपने डिवाइस को अपडेट नहीं करते हैं. कंपनियां अक्सर सिक्योरिटी अपडेट जारी करती हैं, जो नए खतरों से बचाने में मदद करती हैं.

चिलचिलाती धूप में शरीर को अंदर से ठंडा रखेगा गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद

गर्मियों के तपते मौसम में गुलकंद शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक कूलेंट माना गया है जो शरीर को अंदरूनी ठंडक पहुंचाने में काफी मददगार होता है. ताजी गुलाब की पंखुड़ियों और मिश्री के से तैयार होने वाला गुलकंद स्वाद में लाजवाब होता है. इसके साथ ही गर्मी में गुलकंद का सेवन आपको भीषण गर्मी में ठंडक देने, सुस्ती दूर करने, एनर्जी देने और पेट की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. गुलकंद खाने के बेमिसाल फायदे गुलाब त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है क्योंकि यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है, सूजन कम करता है और तेल के उत्पादन को संतुलित करता है. इसमें विटामिन A और C भरपूर मात्रा में होते हैं जो कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं और उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे कि झुर्रियों और फाइन लाइंस से लड़ने में मदद करते हैं.अगर आप रोजाना घर का बना गुलकंद खाते हैं तो आपको चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों में अपनी बॉडी को कूल रखने में मदद मिलेगी. शरीर को देता है ठंडक  गुलकंद गुलाब की पत्तियों से मिलकर बनता है इसलिए इसमें कूलिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं जिससे आपको गर्मी में राहत मिलती है. गुलाब के पंखुड़ियों में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो गर्मियों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं जैसे लू और डिहाइड्रेशन को कम करने में मदद करते हैं. यह मानसिक तनाव को कम करने और मूड को सुधारने में भी मददगार है. तनाव और थकान कम करे  इसकी भीनी खुशबू और औषधीय गुण दिमाग को शांत करते हैं और थकान दूर कर बेहतर नींद लाने में मदद करते हैं. पाचन के लिए भी असरदार  गुलकंद में प्राकृतिक लैक्सेटिव गुण होते हैं, जो पाचन को विनियमित करने और कब्ज को रोकने में मदद करते हैं. यह पेट को ठंडा रखने और पेट की अन्य समस्याओं जैसे कि एसिडिटी और जलन को कम करने में भी सहायक है. स्किन के लिए है बेहतरीन गुलकंद में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं जो त्वचा को नुकसान से बचाने और त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. यह त्वचा को चमकदार और टाइट बनाए रखने में भी मददगार होता है. गुलकंद देता है एनर्जी  गुलकंद में प्राकृतिक शुगर होती है जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है. यह थकान को कम करने में मददगार है. गुलकंद खाने से पहले बरतें ये सावधानी गुलकंद का सेवन सीमित मात्रा में करें. अगर आपको डायबिटीज है तो गुलकंद का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें. अगर आपको गुलाब की पंखुड़ियों से एलर्जी है तो गुलकंद का सेवन न करें.

iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में मिलेगा ये खास फीचर, जानें पहली बार क्या होगा नया

मुंबई  Apple के आईफोन की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. कंपनी अब iPhone 18 सीरीज को अनवील करेगी, जिसके बाद कंपनी iPhone 18 Pro और 18 Pro Max को भी लॉन्च करेगी. इसके लिए कंपनी हर साल सितंबर में इवेंट आयोजित करती है और इस बार सितंबर में लॉन्चिंग की उम्मीद है।  हाल ही के दिनों में iPhone 18 Pro और 18 Pro Max को लेकर ढेरों लीक्स और जानकारियां सामने आई हैं. हालांकि कंपनी की तरफ से किसी भी जानकारी की कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है।  iPhone 18 Pro सीरीज का डिजाइन  अपकमिंग iPhone सीरीज के डिजाइन लैंग्वेज में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं किया जाएगा. कंपनी आगे भी एल्युमिनियम फ्रेम का यूज करना जारी रखेगी. साथ ही कंपनी एक नया कलर वेरिएंट लॉन्च कर सकती है. अपकमिंग डिवाइस की थिकनेस 8.8mm तक पहंच सकती है।  डिस्प्ले की बात करें तो फ्रंट पर ऐपल डाइनैमिक आइलैंड को रिमूव करने की जगह उसका साइज घटाया जा सकता है. ऐसा करने से यूजर्स को ज्यादा बड़ा डिस्प्ले मिलेगा।  iPhone 18 Pro max में 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले पैनल दिया जा सकता है, जिसके अंदर प्रो-मोसश सपोर्ट और 120hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा।  A20 Pro चिपसेट का यूज किया जाएगा  ऐपल अपकमिंग आईफोन सीरीज में  A20 Pro चिपसेट का यूज करेगी, जिसको 2 नैनोमीटर (2nm) प्रोसेस पर तैयार किया जा सकता है. आने वाले डिवाइस में परफॉर्मेंस से लेकर बैटरी एफिसिएंसी को बेहतर किया जा सकता है।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में लॉन्च होने वाले iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में 5,100mAh से 5,200mAh तक की बैटरी का यूज किया जा सकता है।  बेहतर होगा कैमरा  iPhone 18 और 18 Pro सीरीज के अंदर लॉन्च होने वाले डिवाइस को लेकर बताया गया है कि इसके कैमरा सेंसर बेहतर होंगे.  मेन सेंसर में वेरिएबल अपर्चर को दिया जा सकता है, जिसमें ज्यादा बेहतर कंट्रोल भी मिलेगा. कंपनी सैमसंग द्वारा तैयार किए गए नए सेंसर टेक्नोलॉजी का यूज करेगी।  iPhone 18 Pro सीरीज कब होगी लॉन्च  iPhone 18 और iPhone 18 Pro सीरीज की लॉन्चिंग टाइम लाइन को लेकर अभी तक कंपनी ने कोई ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की है. लेकिन हर साल की तरह ही इस साल भी कंपनी न्यू आईफोन सीरीज को सितंबर में लॉन्च कर सकती है।   

iPhone में कैसे काम करता है लॉकडाउन मोड और क्या यह वाकई स्पाइवेयर से सुरक्षित है

ऐपल ने आईफोन के एक फीचर को इतना मजबूत बताया है कि कोई हैकर्स इसे पार नहीं कर पाएंगे। Techcrunch की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी आईफोन में Lockdown Mode ऑन होता है तो कोई भी यहां तक की सरकारी स्तर के बेहद एडवांस स्पाइवेयर भी उसे हैक नहीं कर सकते हैं। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि उसे एक भी ऐसा मामला देखने को नहीं मिला है, जिसमें लॉकडाउन मोड पर चल रहे किसी iPhone या अन्य Apple डिवाइस की सुरक्षा में कोई हैकर सेंध लगा पाया हो। TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल की प्रवक्ता सारा ओ'रूर्क (Sarah O’Rourke) ने बताया कि उन्हें लॉकडाउन मोड वाले किसी भी ऐप डिवाइस पर किसी भी तरह के 'मर्सिनरी स्पाइवेयर' हमले की कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इस फीचर के कुछ नुकसान भी होते हैं। लॉकडाउन मोड चालू होने पर आपका डिवाइस सामान्य रूप से काम नहीं करेगा। कुछ ऐप्स, वेबसाइट्स और सुविधाएं सुरक्षा कारणों की वजह से सीमित कर दी जाएंगी। साइबर हमले से बचाता है फीचर बता दें कि ऐपल ने 2022 में लॉकडाउन मोड लॉन्च किया था। यह फीचर खास तौर पर ज्यादा जोखिम वाले यूजर्स जैसे पत्रकार, एक्टिविस्ट और अधिकारी को एडवांस्ड सर्विलांस टूल्स से बचाने के लिए डिजाइन किया गया था। लॉकडाउन मोड डिवाइस के कुछ ऐसे फंक्शन को सख्ती से रोक देता है, जिनका गलत इस्तेमाल अक्सर हमलावर करते हैं। यह मैसेज अटैचमेंट को सीमित करता है, कुछ वेब टेक्नोलॉजी को बंद कर देता है और अनजान सोर्स से आने वाले इनविटेशन या कनेक्शन को ब्लॉक कर देता है। इससे साबइर हमले की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाती है। एक साथ सब डिवाइस पर नहीं होगा चालू Lockdown Mode को अपने iPhone, iPad और Mac के लिए अलग-अलग चालू करना होगा। जब आप अपने आईफोन के लिए Lockdown Mode चालू करते हैं, तो यह अपने आप आपकी पेयर की गई ऐपल वॉच के लिए भी चालू हो जाता है। जब आप अपने किसी एक डिवाइस के लिए इसे चालू करते हैं, तो आपको अपने दूसरे सपोर्टेड ऐपल डिवाइस के लिए भी इसे चालू करने के प्रॉम्प्ट मिलते हैं। इसके ऑन होते ही किसी ऐप या फीचर के सीमित होने पर आपको नोटिफिकेशन मिल सकते हैं। Safari में एक बैनर यह बताता है कि Lockdown Mode चालू है। ऐसे कर सकते हैं चालू लॉकडाउन मोड ऑन करने के लिए आपको सबसे पहले आईफोन की सेटिंग में जाना होगा।उसके बाद अब प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर क्लिक करें।   फिर आपको स्क्रॉल डाउन करके नीचे आना है। यहां सबसे नीचे लॉकडाउन मोड का ऑप्शन मिलेगा।  आम यूजर्स के लिए नहीं है फीचर ऐपल का लॉकडाउन मोड असल में एक डिजिटल कर्फ्यू की तरह का करता है। यह सुरक्षा को तो मजबूत कर देता है, लेकिन आपसे आपके फोन की कई सुविधाएं छीन लेता है। कई ऐप्स और फीचर्स को सीमित कर देता है। इस कारण यह फीचर आम यूजर के लिए नहीं है बल्कि उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी है, जिनको खतरनाक स्पाइवेयर का खतरा हो।

बार-बार होने वाले सिर दर्द से हैं परेशान, पेनकिलर छोड़ें और आजमाएं ये 3 प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय

अक्सर ज्यादा काम करने से या फिर तनाव लेने से सिर दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर बार-बार सिर दर्द या भारीपन की समस्या होती है तो इसका कारण पेट का खराब पाचन है. सिर दर्द होने पर हम तुरंत पेन किलर लेकर दर्द में आराम पा लेते हैं, लेकिन यह अस्थायी इलाज है क्योंकि सिर दर्द की असल वजह पेट का खराब पाचन है, न कि मस्तिष्क से जुड़ा कारण. सिरदर्द का है पाचन से कनेक्शन बार-बार होने वाला सिर दर्द को आयुर्वेद में गंभीर माना गया है क्योंकि आयुर्वेद के मुताबिक सिर और पाचन शक्ति का आपस में गहरा संबंध होता है. यह हमारे शरीर का 'उत्तम अंग' है, जो इस बात का संकेत देता है कि शरीर में कुछ तो गड़बड़ी चल रही है. इसलिए बार-बार होने वाले सिर दर्द को बिल्कुल भी अनदेखा न करें. आयुर्वेद में माना गया है कि जब भी खाने पचने में गड़बड़ी होती है तो वात, पित्त और कफ असंतुलित होकर मस्तिष्क की नसों पर प्रभाव डालती है. कभी यह गैस बनकर पेट और सीने में जलन पैदा करती है, तो कभी कब्ज बन कर सिर और शरीर दोनों को भारी महसू कराती है. यही कारण है कि शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने के बाद तन और मन दोनों तरोताजा महसूस करते हैं. कैसे करें बचाव अब सवाल है कि इससे बचने के लिए क्या करें. आयुर्वेद इसके लिए नस्य क्रिया करने की सलाह देता है. इसमें नाक में कुछ बूंदें तेल की डालनी होती हैं, जो मस्तिष्क पर पड़ने वाले दबाव को कम करती हैं और शरीर में असंतुलित पित्त को कम करती हैं. दूसरा तरीका दूसरा तरीका है धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी. इसके लिए धनिया और मिश्री को साथ रात के समय भिगो दें और सुबह इसे पी लें. यह पानी कब्ज को तोड़ने का काम करता है. अगर पेट ठीक से साफ नहीं होता है, तो धनिया और मिश्री का संयुक्त पानी कब्ज को तोड़कर पेट को साफ करने में मदद करेगा. तीसरा तरीका तीसरा और प्रभावी तरीका है सोंठ का लेप. अगर बार-बार सिर-दर्द परेशान कर रहा है और दवा लेकर परेशान हो गए हैं, तो माथे पर सोंठ का लेपन करने से दर्द में आराम मिलेगा. सोंठ को पानी के साथ मिलाकर माथे पर लगाए.