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गर्मियों में एनर्जी बनाए रखने के लिए बेस्ट हेल्दी ब्रेकफास्ट आइडियाज, जानें आसान विकल्प

गर्मियों के इन दिनों में हमारा शरीर और भी ज्यादा थका हुआ महसूस करने लगता है. हर समय तेज धूप, लगातार बहता पसीना और गर्म बहती हवाएं शरीर की एनर्जी को देखते ही देखते कम कर देती हैं. आपके साथ ऐसा न हो इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपने सुबह के ब्रेकफास्ट को हेल्दी और बैलेंस्ड रखने रखें. जब आप अपने दिन की शुरुआत हेल्दी और शरीर को ठंडक देने वाली चीजों के साथ करते हैं, तो आपका शरीर पूरे दिन एक्टिव और फ्रेश महसूस करता है. अगर आप भी गर्मियों के इन दिनों में अपने शरीर को एक्टिव और एनर्जेटिक बनाकर रखना चाहते हैं तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे हेल्दी ब्रेकफास्ट आइडियाज देने जा रहे हैं जिन्हें खाकर आप पूरे दिन बिना थके और आलस महसूस किये एक्टिव और एनर्जेटिक बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. दही और फलों का करें सेवन गर्मियों के इन दिनों में आपको दही का सेवन जरूर करना चाहिए. यह आपके शरीर को ठंडक देने का काम करता है. इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले प्रोबायोटिक्स आपके पेट को हेल्दी रखने में मदद करते हैं और और साथ ही आपके डाइजेशन को भी बेहतर बनाता हैं. ब्रेकफास्ट में जब आप दही के साथ फलों को मिलाकर सेवन करते हैं, तो यह सबसे हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शंस में से एक साबित होता है. आप इसमें अपने हिसाब से केले, ऐपल, पापीते, आम या फिर तरबूज जैसे फलों को मिक्स करके भी खा सकते हैं. इसके ऊपर से अगर थोड़े से ड्राई फ्रूट्स और चिया सीड्स मिक्स कर देते हैं, तो इसका न्यूट्रिशन और भी ज्यादा बढ़ जाता है. यह ब्रेकफास्ट आपके शरीर को एनर्जी देता है और साथ ही पेट को भी ज्यादा देर तक भरा हुआ रखता है. ब्रेकफास्ट में ट्राय करें मूंग दाल चीला अगर आप सुबह के समय में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो सिर्फ हेल्दी ही न हो बल्कि आपका पेट भी जल्दी से भर दे, तो मूंग दाल चीला एक परफेक्ट चॉइस है. मूंग दाल में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो गर्मियों के इन दिनों में आपके शरीर को हल्का महसूस करने में मदद करता है. इसे बनाना काफी ज्यादा आसान है. इसके लिए आपको मूंग दाल को अच्छे से पीसकर उसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और थोड़ा नमक मिला लेना है. इसके बाद एक तवे पर बिलकुल ही हल्का सा तेल लगाकर चीला तैयार कर लेना है. मूंग दाल का चीला काफी जल्दी डाइजेस्ट हो जाता है और आपके शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देता रहता है. आप इसे दही या फिर हरी चटनी के साथ भी एन्जॉय कर सकते हैं. जरूर ट्राय करें ओट्स और ठंडा दूध गर्मियों के इन दिनों में आपको अपने ब्रेकफास्ट में ओट्स को जरूर शामिल करना चाहिए। इसमें आपको भरपूर मात्रा में फाइबर मिल जाता है, जिसकी वजह से आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है. आप अगर चाहें तो ठंडे दूध में भी ओट्स मिक्स करके ट्राय कर सकते हैं. आप अगर इसके स्वाद को बढ़ाना चाहते हैं तो इसमें शहद, केला और ड्राई फ्रूट्स मिक्स कर सकते हैं. यह ब्रेकफास्ट सिर्फ टेस्टी नहीं होता है, यह काफी ज्यादा न्यूट्रिशियस भी होता है. अगर आप सुबह की हड़बड़ी में रहते हैं तो आपको इस डिश को जरूर ट्राय करना चाहिए. यह आसानी से और काफी कम समय में बनाकर तैयार हो जाता है. इसके सेवन से आपके शरीर को एनर्जी मिलती है और साथ ही बार-बार भूख लगने की समस्या भी खत्म होती है.

मेटा ने पेश किया नया AI स्मार्ट ग्लास, हवा में टाइपिंग का मिलेगा फीचर

फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने कुछ नए फीचर्स का ऐलान किया है, जो उसके आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) स्मार्ट ग्लास के लिए है. इस स्मार्ट ग्लास का नाम मेटा रेबेन डिस्प्ले है. यूजर्स बिना किसी डिस्प्ले या कीबोर्ड को छुए बिना ही हवा में उंगलियां घुमाने से टाइप कर सकेंगे. यह न्यूरल रिस्टबैंड के चलते संभव हो पाया है. यह सभी मैसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप आदि को सपोर्ट करेगा. मेटा रेबन डिस्प्ले को कंपनी ने करीब 6 महीने पहले लॉन्च किया था और अब इसके लिए कई नए फीचर्स का ऐलान किया है. यह नए फीचर्स डिवाइस के लिए कम्युनिकेशन में बहुत ही मददगार साबित होंगे. मेटा रेबेन डिस्प्ले अभी भारत में सेल के लिए उपलब्ध नहीं है. ना फोन, ना कीबोर्ड, ना वायस कमांड नए अपडेट में सबसे अहम रोल न्यूरल हैंडराइटिंग है. इसकी मदद से स्मार्टफोन को पॉकेट से निकाले बिना ही टाइपिंग की जा सकती है. इसके लिए किसी भी कीबोर्ड, फिजिकल या डिजिटल कीबोर्ड का यूज नहीं करना होगा. हवा में उंगलियों को घुमाकर टाइपिंग कर सकेंगे मेटा रेबन डिस्प्ले पहनने वाला शख्स सिर्फ हवा में उंगलियों को घुमाकर टाइपिंग कर सकेंगे. यूजर्स को हवा में शब्द का टाइप करना होगा, जैसे एम लिखने के लिए अंग्रेजी में एम बनाने की शेप में उंगलियां चलानी होंगी. न्यूरल रिस्टबैंड का यूज करना होगा मेटा रेबेन डिस्प्ले के साथ यूजर्स को न्यूरल रिस्टबैंड का यूज करना होगा, जिसको कंपनी ने मेटा रेबन डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया गया है. यह बैंड इंसानी हाथों के जेस्चर को ट्रैक करता है और उनको समझता है और उसको कमांड में भी ट्रांसलेट कर सकता है. सभी मैसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप आदि को सपोर्ट करेगा लेटेस्ट अपडेट की मदद से अब यह सभी मैसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप, मैसेंजर, इंस्टाग्राम और एंड्रॉयड व आईओएस के मैसेजिंग ऐप्स पर भी सपोर्ट करता है. मेटा ने ये नए फीचर्स भी शामिल किए हैं जेस्चर बेस्ड टाइपिंग के अलावा कंपनी ने कुछ और फीचर्स को शामिल किया गया है. इसमें डिस्प्ले रिकॉर्डिंग, इम्प्रूव्ड नेविगेशन और लाइव कैप्शन एक्सपेंड कर सकेंगे. ये न्यू अपडेट मेटा रेबन ग्लास डिस्प्ले फीचर को बेहतर करा सकेंगे.  

बदलते मौसम में स्किन केयर कैसे रखें सही? जानें हेल्दी और ग्लोइंग त्वचा के आसान टिप्स

 जैसे ही मौसम बदलता है इसका सबसे पहला असर हमारे चेहरे और स्किन पर दिखाई देना शुरू हो जाता है. कभी स्किन काफी ज्यादा ड्राई और बेजान हो जाती है, तो कभी चेहरे पर ढेर सारे पिंपल्स निकल आते हैं और रैशेज की प्रॉब्लम भी बढ़ जाती है. अक्सर लोग इसे बदलते हुए मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर आप सही समय पर अपने चेहरे और स्किन की सही से केयर नहीं करते हैं तो देखते ही देखते ग्लो कम होने लग जाती है. ऐसे में आज की यह आर्टिकल हर उस इंसान के काम की होने वाली है जो हर बदलते हुए मौसम में स्किन से जुड़ी अलग-अलग प्रॉब्लम्स से जूझते रहते हैं. आज हम आपको कुछ आसान सीजनल स्किनकेयर टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनी डेली रूटीन में शामिल करके आप अपनी स्किन को किसी भी मौसम में काफी आसानी से हेल्दी और ग्लोइंग बनाकर रख सकेंगे. मौसम के अनुसार बदलें अपनी स्किन केयर रूटीन हर मौसम में आपकी स्किन की जरूरतें बिलकुल ही अलग होती हैं. गर्मियों के इन दोनों में आपकी स्किन से ज्यादा पसीना बहता है और वह बार-बार ऑयली भी बनती रहती है. वहीं, सर्दियों के दिनों में आपकी स्किन हद से ज्यादा ड्राई हो जाती है. यह एक बड़ी वजह है कि आपको एक ही स्किनकेयर रूटीन को पूरे साल फॉलो नहीं करना चाहिए. बदलते हुए मौसम के साथ अपने फेसवॉश, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन को भी बदलते रहें. ऐसा करने से आपकी स्किन बैलेंस्ड रहने लगती है और डैमेज भी कम होता है. स्किन को हमेशा रखें हाइड्रेटेड मौसम चाहे गर्मियों का हो या फिर सर्दियों का, आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी स्किन को हाइड्रेटेड रखना शुरू कर दें. अगर शरीर में पानी की कमी होगी तो आपकी स्किन भी काफी ज्यादा ड्राई और बेजान दिखाई देने लग जाएगी. ऐसा न हो इसलिए दिनभर के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे. जब आप सही मात्रा में पानी पीते रहते हैं तो आपकी स्किन अंदर से हेल्दी रहने लगती है. अपनी स्किन को हाइड्रेटेड रखने के लिए आप नारिल पानी, फ्रेश फलों का जूस और हरी सब्जियों को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं. ये सभी चीजें आपकी स्किन को एक नेचुरल ग्लो दिलाने में मदद करती हैं. मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें कुछ लोगों का यह मानना होता है कि मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल सिर्फ सर्दियों के दिनों में ही किया जाता है, जबकि ऐसा सोचना बिलकुल भी सही नहीं है. गर्मियों के इन दिनों में भी आपको अपने चेहरे पर एक लाइट और ऑयल फ्री मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. वहीं, सर्दियों के दिनों के लिए गाढ़े और डीप मॉइस्चर देने वाले क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए. एक सही मॉइस्चराइजर स्किन को सॉफ्ट बनाये रखने में मदद करता है और ड्राइनेस की प्रॉब्लम को जड़ से खत्म करता है. सनस्क्रीन हर मौसम में जरूरी अगर आप उन लोगों में से हैं जो अपनी स्किन पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल सीर्फ गर्मियों के दिनों में ही करते हैं तो आपको अपनी इस आदत को बदल लेना चाहिए. सूर्य की हानिकारक किरणें आपकी स्किन को हर मौसम में नुकसान पहुंचा सकती है. जब भी आप घर से बाहर निकलें एक ज्यादा एसपीएफ रेटिंग वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल अपने चेहरे पर जरूर करें. यह छोटी सी चीज आपकी स्किन को टैनिंग, पिग्मेंटेशन और समय से पहले चेहरे पर दिखने वाले रिंकल्स से बचाकर रखेगी. डाइट का रखें खास ख्याल अगर आप अपनी स्किन को खूबसूरत बनाकर रखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सिर्फ बाहर से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी उसका ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए. सबसे पहले आपको अपनी डाइट में सही चीजों को शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. इसके अलावा काफी ज्यादा फ्राइड और जंक फूड्स को खाने से भी बचना चाहिए. इस तरह की चीजें आपकी स्किन को ऑयली बनाती हैं और साथ ही पिंपल्स की प्रॉब्लम को बढ़ा देती हैं. इससे बचने के लिए आपको अपनी डाइट में फलों, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन्स से लोडेड चीजों को शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. स्ट्रेस और नींद का भी पड़ता है असर जब आप सही से अपनी नींद को पूरा नहीं करते हैं या फिर ज्यादा स्ट्रेस लेने लगते हैं, तो इसका सीधा असर आपके चेहरे पर दिखाई देने लगता है. ऐसा करने से आपकी स्किन थकी हुई दिखाई देने लगती है और साथ ही बेजान भी लगने लगती है. कोशिश करें कि हर दिन कम से कक 7 से 8 घंटे की नींद जरूर पूरा करें. इसके अलावा जितना हो सके स्ट्रेस से भी दूरी बना लें. आपकी स्किन को हेल्दी और खूबसूरत रखने के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. जब आप अपनी स्किन का हर मौसम में सही से ख्याल रखते हैं तो आपकी स्किन ज्यादा हेल्दी, फ्रेश और ग्लोइंग बनी रहती है.

WhatsApp में आया धमाकेदार फीचर, सीक्रेट चैट होगी पूरी तरह सुरक्षित

 नई दिल्ली इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप में एक नया फीचर शामिल किया गया है, जिसका नाम इनकॉग्निटो चैट है. इसकी मदद से यूजर्स मेटा AI के साथ सीक्रेट चैट करने में मदद मिलेगी. यह चैट पूरी तरह से सीक्रेट होगी. आमतौर पर कई एक्सपर्ट का कहना है कि AI के साथ की गई चैटिंग कंपनी द्वारा पढ़ी जाती हैं।  मेटा ने न्यू फीचर को Incognito Chat with Meta AI नाम दिया है. AI के साथ की गई पूरी बातचीत को सीक्रेट रखने के लिए तैयार किया गया है।  मेटा का ये नया फीचर प्राइवेट प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है. ऐलान में बताया है कि इनकॉग्निटो चैट में सभी AI प्रोसेसिंग एक ट्रस्टेड एक्जीक्युशन एनवायरमेंट (TEE) के अंदर होता है, जिसका उद्देश्य कि सीक्रेट चैटिंग किसी के भी द्वारा एक्सेस ना की जा सके. यहां तक कि खुद मेटा भी उसको एक्सेस नहीं कर पाएगा।  वॉट्सऐप इनकॉग्निटो चैट के फीचर्स      Meta का दावा है कि यह पहला बड़ा AI प्रोडक्ट है, जिसमें चैटिंग के लॉग कंपनी के सर्वर पर स्टोर नहीं किए जाते हैं।      डिसअपीरिंग मैसेज : इनकॉग्निटो चैट के अंदर AI से की गई बातचीत अस्थाई रूप से भी सेव नहीं होती है. सेशन से बाहर निकलते ही सभी मैसेज खुद ब खुद डिलीट हो जाते हैं।      एंड टू एंड एनक्रिप्शन जैसी सुरक्षा: इनकॉग्निटो चैट की सिक्योरिटी की तुलना कंपनी ने एंड टू एंड एनक्रिप्शन के साथ कर दी है. कंपनी ने बताया है कि इस डेटा को कोई भी बाहरी या कंपनी द्वारा नहीं देखा जा सकेगा।  वॉट्सऐप में मेटा AI को यूज करना बहुत ही आसान है. इसके लिए मेटा आइकन पर क्लिक करें. उसके बाद उसमें कुछ प्रॉम्प्ट पहले से लिस्ट हैं, जिनका यूज किया जा सकता है. साथ ही मेटा AI के साथ यूजर्स चैट कर सकते हैं. मेटा AI की मदद से इमेज आदि को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 

घर पर बनाएं शाही राजभोग कुल्फी, केसर और ड्रायफ्रूट्स से भरपूर मलाईदार स्वाद

 गर्मियों में ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाने का मन भला किसका नहीं करता लेकिन बाहर की आइसक्रीम और कुल्फी में बहुत ज्यादा चीनी और प्रिर्जेवेटिव्स का डर रहता है. ऐसे में क्यों ना इस गर्मी में आप घर पर ही राजभोग कुल्फी बनाएं. यह एक ऐसी ही शाही और पारंपरिक मलाईदार डेजर्ट है जो ड्रायफ्रूट्स, केसर और मावे के लाजवाब स्वाद से भरपूर होती है जो बच्चों को खासतौर पर खूब पसंद होती है. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं जिसकी मदद से आप बिना किसी झंझट के बाजार से भी गाढ़ी, दानेदार और मलाईदार राजभोग कुल्फी घर पर ही तैयार कर सकते हैं जिसे खाते ही बच्चे और बड़े सभी इसके दीवाने हो जाएंगे. शाही राजभोग कुल्फी रेसिपी सामग्री फुल क्रीम दूध: 1 लीटर सम्बंधित ख़बरें मावा (खोया) या मिल्क पाउडर चीनी (स्वादानुसार) केसर के धागे 15-20 (2 चम्मच गुनगुने दूध में भीगे हुए) काजू, बादाम और पिस्ता (बारीक कटे हुए) हरी इलायची पाउडर 1 चम्मच कॉर्नफ्लोर (2 चम्मच ठंडे दूध में घुला हुआ कुल्फी को गाढ़ा करने के लिए है. आप चाहें तो स्किप कर सकते हैं) कुल्फी बनाने का तरीका दूध उबालें: एक भारी तले की कड़ाही में दूध डालकर तेज आंच पर उबालें. जब दूध में उबाल आ जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें. दूध को गाढ़ा करें: दूध को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि वह अपनी मूल मात्रा का आधा न रह जाए. कड़ाही के किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर दूध में ही मिलाते रहें, इससे कुल्फी दानेदार बनेगी. मावा और चीनी मिलाएं: जब दूध आधा रह जाए, तो इसमें कद्दूकस किया हुआ मावा (या मिल्क पाउडर) और चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसे 5 मिनट तक और पकाएं ताकि मावा और चीनी दूध में पूरी तरह घुल जाएं. फ्लेवर और कॉर्नफ्लोर डालें: अब इसमें केसर वाला दूध, इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए ड्रायफ्रूट्स (थोड़े से ड्रायफ्रूट्स गार्निशिंग के लिए बचा लें) डालें. इसके बाद, कॉर्नफ्लोर का घोल धीरे-धीरे डालते हुए दूध को लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें. दूध को 3-4 मिनट और पकाएं, मिश्रण काफी गाढ़ा और मलाईदार हो जाएगा. ठंडा करें: गैस बंद कर दें और कुल्फी के इस गाढ़े मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद इसे कुल्फी मोल्ड (सांचे) या पेपर कप में डालें. ऊपर से बचे हुए कटे हुए ड्रायफ्रूट्स डालें. फ्रीज करें: मोल्ड को एल्युमिनियम फॉयल से ढक दें (ताकि बर्फ के क्रिस्टल न जमने पाएं) और बीच में एक कट लगाकर कुल्फी स्टिक लगा दें. इसे 7-8 घंटे या पूरी रात के लिए डीप फ्रीजर में जमने के लिए रख दें. आपकी ठंडी-ठंडी, मलाईदार राजभोग कुल्फी तैयार है! सांचे को कुछ सेकंड पानी में डिपोकर कुल्फी बाहर निकालें और सर्व करें.

घंटों कंप्यूटर काम से बढ़ता है स्वास्थ्य जोखिम, अपनाएं ये आसान सुरक्षा टिप्स

आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर और लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना आम बात हो गई है, लेकिन लंबे समय तक एक ही पोज़ीशन में बैठने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जन्म ले रही हैं। हाल ही में डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऑफिस वर्क करने वाले युवा और खासकर महिलाएं फ्रोजन शोल्डर यानी कंधों के जाम होने की समस्या का तेजी से शिकार हो रही हैं। यह समस्या न केवल आपके कंधों बल्कि गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी को भी प्रभावित कर सकती है। आइए जानते हैं इस दर्द के कारण, लक्षण और बचाव के तरीक कामकाजी महिलाओं और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले युवाओं में फ्रोजन शोल्डर और शोल्डर पेन के मामले बढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि कई घंटे तक कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना, मोबाइल पर लगातार नजरें गड़ाए रखना और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके मुख्य कारण हैं।   फ्रोजन शोल्डर क्या है? फ्रोजन शोल्डर वह स्थिति है जिसमें कंधों की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं और उनमें दर्द व सूजन होने लगती है। शुरुआत में यह परेशानी हल्की लगती है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर हो सकती है। महिलाएं ज्यादा प्रभावित क्यों? वरिष्ठ आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. आरएस बाजौरिया के अनुसार, महिलाओं में मोटापा, गर्दन-कंधों पर बढ़ती चर्बी और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण मांसपेशियां जल्दी कमजोर हो जाती हैं। कई महिलाएं तो पीठ तक हाथ नहीं ले जा पातीं, जिससे बालों में कंघी करना, कपड़े पहनना या हल्का सामान उठाना भी मुश्किल हो जाता है। लक्षण (Symptoms)     कंधों में दर्द और जकड़न     हाथ ऊपर या पीछे ले जाने में कठिनाई     हल्के वजन उठाने में तकलीफ     गर्दन और कमर तक दर्द फैलना कारण (Causes)     लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठना     लगातार कंप्यूटर/मोबाइल स्क्रीन देखना     व्यायाम और स्ट्रेचिंग की कमी     मोटापा और बढ़ा हुआ वजन     सोते समय गलत पोजीशन बचाव के आसान तरीके (Prevention Tips) 1. हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें – स्क्रीन से नजर हटाकर शरीर को स्ट्रेच करें। 2. सीधे बैठें – झुककर या तिरछा होकर कंप्यूटर/मोबाइल का उपयोग न करें। 3. नियमित व्यायाम करें – खासकर कंधे, गर्दन और रीढ़ को मजबूत करने वाले व्यायाम। 4. हाथ सिर के नीचे रखकर न सोएं – इससे नसों पर दबाव बढ़ सकता है। 5. वजन नियंत्रित रखें – मोटापा कंधों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। विशेषज्ञ की सलाह फ्रोजन शोल्डर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर फिजियोथेरेपी और हल्के व्यायाम से काफी हद तक आराम पाया जा सकता है।

पुराना AC भी देगा नई जैसी ठंडक, बस अपनाएं ये आसान मेंटेनेंस टिप्स

गर्मी जैसे-जैसे बढ़ती है, पुराने AC का असली टेस्ट शुरू हो जाती है. कई लोगों की शिकायत होती है कि AC चल तो रहा है, लेकिन पहले जैसी ठंडक नहीं दे रहा. कमरे को ठंडा होने में बहुत समय लग रहा है या फिर AC बस हवा फेंक रहा है, ठंडक नहीं. अच्छी बात ये है कि ज्यादातर मामलों में इसका समाधान आसान होता है, बस थोड़ी समझ और सही मेंटेनेंस की जरूरत होती है. कार की तरह AC की भी रेग्यूलर सर्विस सबसे पहले बात करते हैं सर्विसिंग की. अगर आपका AC एक-दो साल पुराना है और आपने हर साल सर्विस नहीं करवाई है, तो ठंडक कम होना लगभग तय है. AC के अंदर धूल, मिट्टी और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे एयरफ्लो कम हो जाता है और कूलिंग पर असर पड़ता है. इसलिए हर सीजन की शुरुआत में प्रोफेशनल सर्विस कराना बेहद जरूरी है. सर्विसिंग के दौरान टेक्नीशियन कॉइल्स, फिन्स और ड्रेनेज सिस्टम को साफ करता है, जिससे AC की परफॉर्मेंस वापस बेहतर हो जाती है. फिल्टर क्लीनिंग अब बात आती है फिल्टर की सफाई की, जो आप खुद भी कर सकते हैं. AC का फिल्टर सबसे जल्दी गंदा होता है क्योंकि वही सारी धूल को रोकता है. अगर फिल्टर चोक हो गया, तो हवा ठीक से पास नहीं हो पाएगी और ठंडक कम हो जाएगी. पीक समर में आपको हर 10-15 दिन में फिल्टर निकालकर पानी से धोना चाहिए और पूरी तरह सूखने के बाद ही वापस लगाना चाहिए. ये छोटा सा काम आपके AC की कूलिंग को काफी हद तक सुधार सकता है. गैस की इश्यू कूलिंग कम होने का एक बड़ा कारण गैस भी होता है. AC में जो रेफ्रिजरेंट गैस होती है, वही असल में हवा को ठंडा करती है. अगर गैस कम हो गई है या लीक हो रही है, तो AC चाहे जितना चलाएं, ठंडक नहीं मिलेगी. ऐसे में आपको किसी एक्सपर्ट से गैस चेक करवानी चाहिए. अगर गैस कम है, तो उसे रिफिल किया जाता है, लेकिन उससे पहले ये देखना जरूरी है कि कहीं लीकेज तो नहीं है. अगर लीक है और आपने सिर्फ गैस भरवा ली, तो कुछ ही समय में वही समस्या फिर से आ जाएगी. गैस लीक लीकेज की समस्या को नजरअंदाज करना सबसे बड़ी गलती होती है. पाइप्स या कॉइल्स में छोटी सी दरार भी गैस को धीरे-धीरे बाहर निकाल सकती है. एक अच्छा टेक्नीशियन पहले लीकेज ढूंढेगा, उसे ठीक करेगा और उसके बाद ही गैस भरेगा. इससे आपका AC लंबे समय तक सही कूलिंग देगा. एक और अहम चीज है आउटडोर यूनिट की सफाई. कई लोग सिर्फ इंडोर यूनिट पर ध्यान देते हैं, जबकि आउटडोर यूनिट भी उतनी ही जरूरी है. अगर आउटडोर यूनिट पर धूल या कचरा जमा है या उसके आसपास हवा का सही फ्लो नहीं है, तो हीट बाहर नहीं निकल पाएगी और कूलिंग कमजोर हो जाएगी. कोशिश करें कि आउटडोर यूनिट खुली जगह पर हो और उसके आसपास कोई रुकावट न हो. कमरे की कंडीशन कैसी हो? इसके अलावा, कमरे की कंडीशन भी बहुत मायने रखती है. अगर कमरे में बहुत ज्यादा धूप आती है या दरवाजे-खिड़कियां ठीक से बंद नहीं हैं, तो AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. मोटे पर्दे इस्तेमाल करें और कोशिश करें कि ठंडी हवा बाहर न जाए. इससे AC की एफिशिएंसी बढ़ती है. डायरेक्ट सनलाइट आती है तो ब्लैकआउट ब्लाइंड का यूज करना बेहतर होगा. पुराने AC में एक और ट्रिक काम आती है, थर्मोस्टेट सेटिंग्स को समझदारी से यूज करना. बहुत लोग AC को 16 डिग्री पर सेट कर देते हैं, ये सोचकर कि जल्दी ठंडा होगा. लेकिन इससे कंप्रेसर पर लोड बढ़ता है और बिजली भी ज्यादा खर्च होती है. 24-26 डिग्री का सेटिंग आमतौर पर सही रहता है, जिससे कूलिंग भी अच्छी मिलती है और AC पर दबाव भी कम रहता है. अगर आपका AC बहुत पुराना है, तो कभी-कभी पार्ट्स की हालत भी खराब हो जाती है, जैसे कंप्रेसर या फैन मोटर. ऐसे में बार-बार छोटी-मोटी रिपेयर कराने से बेहतर है कि एक बार सही से जांच करवा लें कि कौन सा पार्ट बदलने की जरूरत है. ये समझना जरूरी है कि AC मशीन है और उसे सही देखभाल चाहिए. समय पर सर्विसिंग, साफ फिल्टर, सही गैस लेवल और लीकेज फिक्सिंग, इन सब चीजों का ध्यान रखेंगे, तो आपका पुराना AC भी नई जैसी ठंडक दे सकता है. थोड़ी सी मेहनत और सही जानकारी से आप बिना नया AC खरीदे भी इस गर्मी में आराम से ठंडक का मजा ले सकते हैं.

अनानास के छिलकों से बनाएं हेल्दी ड्रिंक ‘टेपाचे’, गर्मियों में मिलेगा गजब का फायदा

अनानास खाने में बहुत अच्छा लगता है और गर्मियों में लोग उसका जूस भी खूब पीते हैं. मगर अनानास के छिलकों को अक्सर लोग कूड़ा समझकर फेंक देते हैं. अनानास के छिलके असल में पोषण से भरपूर होते हैं और यह हमारी गट हेल्थ के लिए गर्मियों में किसी जादू की तरह काम करते हैं. अगर आप भी अनानास के छिलकों को कचरा समझकर फेंक देते थे, तो अब से गलती न करें. अनानास के छिलकों से आप समर स्पेशल ड्रिंक बना सकते हैं, जो टेस्टी होने के साथ-साथ पेट के लिए भी फायदेमंद साबित होगी. अनानास के छिलकों से बनने वाली इस ड्रिंक को टेपाचे (Tepache) कहते हैं. यह मैक्सिकन फर्मेंटेड ड्रिंक अनानास के छिलकों और उसके सख्त हिस्से यानी कोर से बनाई जाती है. यह ड्रिंक हल्की फिजी होती है और कई लोग इसे सोडा का हेल्दी ऑप्शन मानते हैं. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए अनानास का वो हिस्सा इस्तेमाल होता है जिसे लोग अक्सर फेंक देते हैं. कैसे बनाते हैं टेपाचे अनानास के छिलकों, पानी और गुड़ से इस ड्रिंक को तैयार किया जाता है, इसे कुछ दिनों तक फर्मेंट होने दिया जाता है, जिससे इसमें हल्की नेचुरल गैस बन जाती है. इसका स्वाद हल्का मीठा, खट्टा और बेहद रिफ्रेशिंग होता है. टेपाचे के लिए सामग्री 1 अनानास के छिलके और कोर 2 लीटर पानी 1 कप गुड़ 1 दालचीनी स्टिक झटपट इस तरीके से बनाएं टेपाचे     सबसे पहले अनानास के छिलकों को अच्छी तरह धो लें.     एक बड़े कांच के जार में पानी, गुड़, दालचीनी और अनानास के छिलके डालें.     जार को ढककर 2-3 दिन के लिए कमरे के तापमान पर रखें.     जब इसमें हल्की फिज आने लगे, तब इसे छानकर फ्रिज में ठंडा करके पिएं. सेहत के लिए फायदेमंद है टेपाचे अनानास के छिलकों से बनने वाली ड्रिंक टेपाचे पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम देती है. अनानास में ब्रोमेलिन नाम का एंजाइम पाया जाता है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है.वहीं फर्मेंटेशन प्रोसेस इस ड्रिंक में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाती है, जो गट हेल्थ के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. गर्मियों में भारी या गैस वाली ड्रिंक्स की जगह इसे पीना शरीर को हल्का महसूस करा सकता है. प्रो टिप: टेपाचे बनाते समय कांच के जार का ही इस्तेमाल करें और इसे सीधा धूप में न रखें. 2-3 दिन बाद जब इसमें छोटे बुलबुले दिखने लगें, तो समझ जाइए कि आपकी प्रोबायोटिक ड्रिंक तैयार है.

गंजेपन से परेशान लोगों के लिए नुस्खा: प्याज और सरसों तेल से उग सकते हैं नए बाल

 गिरते बाल और गंजापन आजकल हर उम्र के लोगों के लिए काफी बड़ी समस्या बना हुआ है. इससे बचने के लिए या फिर बालों को वापिस उगाने के लिए लोग महंगे ट्रीटमेंट और शैंपू के पीछे भागते हैं लेकिन फिर भी मनमुताबिक रिजल्ट नहीं मिलते. सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने एक इंटरव्यू के दौरान इस समस्या के बारे में बताया कि यदि आपके बाल झड़ रहे हैं या आप नए बाल उगाना चाहते हैं तो महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय अपनी रसोई में मौजूद चीजों पर भरोसा करें. उनके अनुसार, बालों की ग्रोथ के लिए सही पोषण और सही तेल का चुनाव सबसे जरूरी है. प्याज और लहसुन का जादू हेयर स्टाइलिस्ट ने बताया कि बालों को दोबारा उगाने के लिए प्याज का रस सबसे ज्यादा असरदार हो सकता है. प्याज में मौजूद सल्फर स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हेयर फॉलिकल्स को एक्टिव करता है. उन्होंने लहसुन के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक, जिन चीजों में 'आग' यानी थोड़ी तेजी या तीखापन होता है, वे स्कैल्प को स्टिमुलेट करने में मदद करती हैं. लहसुन का अर्क बालों की जड़ों में जाकर उन्हें मजबूती देता है और नए बाल उगने की प्रोसेस को तेज करता है. सरसों तेल की अहमियत आजकल लोग फैंसी और खुशबूदार तेलों के पीछे भागते हैं लेकिन स्टाइलिस्ट के अनुसार सरसों का तेल बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह तेल नेचुरल कंडीशनर की तरह काम करता है और बालों को अंदरूनी पोषण देता है. अगर आप रोज बाल धोते हैं तो हल्का तेल रोज लगाना चाहिए. हालांकि उन्होंने साफ किया कि प्याज के रस और सरसों तेल का कॉम्बिनेशन हफ्ते में कम से कम 2 बार जरूर इस्तेमाल करना चाहिए. इससे बालों का झड़ना बंद होता है और उनकी चमक वापस आती है. फॉलो करें ये रूटीन इंटरव्यू में जावेद ने सलाह दी कि बालों की केयर को लेकर आपको डिसिप्लिन बनाना होगा. हफ्ते में 2 बार प्याज का रस और लहसुन का पेस्ट बालों की जड़ों में अच्छे से लगाएं. इसके बाद सरसों तेल से मसाज करें. यह रूटीन न केवल नए बाल उगाने में मदद करेगा बल्कि जो बाल मौजूद हैं उन्हें भी घना और काला बनाए रखेगा. अगर आप भी बालों की समस्या से जूझ रहे हैं तो यह घरेलू और सस्ता नुस्खा आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.