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भारत में बढ़ी डेटा खपत, यूजर हर महीने कर रहे 37GB इंटरनेट इस्तेमाल

 क्या आप जानते हैं कि भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जी हां हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारतीय स्मार्टफोन यूजर हर महीने औसतन 37 GB मोबाइल डेटा यूज कर रहे हैं। यह आंकड़ा ग्लोबल मानकों के हिसाब से काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं आने वाले सालों में डेटा इस्तेमाल और 5G नेटवर्क के विस्तार के मामले में भी भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल रह सकता है। रिपोर्ट्स से ये भी पता चलता है कि दुनियाभर में 5G सब्सक्रिप्शन की संख्या पहली बार 300 करोड़ के पास पहुंच गई है। सिर्फ मार्च 2026 तिमाही के दौरान ही 16.2 करोड़ नए 5G यूजर्स जुड़े हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो गया है। डेटा खपत में सबसे आगे भारत भारत में आज हर स्मार्टफोन यूजर लगभग 37GB तक हर महीने डेटा यूज कर रहा है, जबकि ग्लोबल एवरेज 22GB है। यानी भारतीय यूजर्स दुनिया के एवरेज यूजर्स की तुलना में लगभग 68 प्रतिशत ज्यादा डेटा यूज कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि 2031 तक भारत में ये आंकड़ा बढ़कर 70GB पर-मंथ तक पहुंच सकता है, जबकि उस टाइम ग्लोबल एवरेज करीब 42GB तक रहने की उम्मीद है। 5G का तेजी से विस्तार रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल 43 करोड़ 5G सब्सक्रिप्शन मौजूद हैं, जो कुल मोबाइल कनेक्शनों का लगभग 35 परसेंट हिस्सा है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2031 तक भारत में 5G कनेक्शंस की संख्या 111 करोड़ तक पहुंच सकती है। उस टाइम देश में 5G पेनिट्रेशन 81 परसेंट रहने की संभावना है, जो ग्लोबल एवरेज 67 परसेंट से काफी ज्यादा होगा। बेहतर कवरेज और ब्रॉडबैंड विस्तार भी पिछले कुछ वक्त में देश के कई इलाकों में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हुआ है और आज देश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी 5G कवरेज वाले एरिया में रह रही है। इतना ही नहीं फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी FWA और फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विस का भी तेजी से विस्तार हुआ है। आने वाले सालों में भारत इस एरिया में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। 6G के लॉन्च की तैयारी भी शुरू रिपोर्ट्स में ऐसा भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में 6G टेक्नोलॉजी पर काम शुरू हो चुका है और पहला व्यावसायिक 6G नेटवर्क 2030 के आसपास आने की उम्मीद है। 2031 तक ग्लोबल लेवल पर 6G सब्सक्रिप्शन 18 करोड़ तक पहुंच सकते हैं। अमेरिका, चीन, जापान, कोरिया और जर्मनी जैसे देशों के साथ भारत भी इस नेक्स्ट GEN टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

iPhone 18 Pro सीरीज: डिजाइन, कैमरा और कीमत के नए लीक्स

ऐपल इस साल अपनी न्यू आईफोन सीरीज को पेश करेगी, जिसका नाम iPhone 18 Pro और iPhone 18 सीरीज होगी. बीते 2-3 साल का ट्रेंड देखें तो इस बार भी कंपनी सितंबर महीने में लॉन्चिंग कर सकती है. न्यू सीरीज का इंतजार लाखों लोगों को है. न्यू आईफोन सीरीज कई नए अपग्रेड्स के साथ दस्तक देगी. iPhone 18 और 18 Pro सीरीज को लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं, जिनमें डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा से लेकर कीमत तक को लेकर अलग -अलग दावे किए हैं. हालांकि अभी तक कंपनी ने इसको लेकर कोई डिटेल्स शेयर नहीं की है. आइए इनके बारे में जानते हैं. iPhone 18 Pro का डिजाइन और कलर्स किसी भी स्मार्टफोन को अगर कोई आम आदमी खरीदता है तो सबसे पहले उसके डिजाइन को देखता है, जिसके बाद उसकी बॉडी कैमरा प्लेसिंग आदि को परखता है. उसके बाद प्रोसेसर, कैमरा क्वालिटी आदि को चेक करता है. लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन हर साल बेहतर होते जा रहा है. इस साल भी कैमरा और LED लाइट प्लेसिंग में बदलाव हो सकता है. कंपनी बीते दो साल से कैमरे डिजाइनिंग को बदल रही है. लीक्स के मुताबिक, इस साल कंपनी न्यू कलर को लेकर टेस्टिंग कर रहा है, जिसके तहत डार्क चेरी, लाइट ब्लू, डार्क ग्रे और सिल्वर फिनिश का यूज होगा. कंपनी कॉस्मिक ओरेंज की जगह डार्क चेरी को लॉन्च करेगी. iPhone 18 Pro का डिस्प्ले iPhone 18 Pro का डिस्प्ले साइज बीते साल लॉन्च किए गए आईफोन 17 प्रो सीरीज के मॉडल्स के जैसे होंगे. हालांकि डिस्प्ले में कुछ बड़े अपग्रेड्स नजर आएंगे. इस बार कंपनी प्रो सीरीज में न्यू LTPO Plus OLED पैनल के साथ हैंडसेट को लॉन्च करेगी. रिपोर्ट में दावा किया है कि इसकी वजह से ज्यादा पावर सेविंग और बेहतर परफॉर्मेंस मिलेगी. iPhone 18 Pro का प्रोसेसर ऐपल इस साल अपनी iPhone 18 Pro सीरीज में नेक्स्ट जनरेशन प्रोसेसर का यूज करेगी. संभवतः कंपनी इस बार A20 प्रो चिपसेट का यूज करेगी, जिसको 2nm पर प्रोसेस करती है. यह प्रोसेसर iPhone 17 Pro की तुलना में 15 परसेंट फास्ट और करीब 30 परसेंट बेहतर एफिसिएंसी देगा. iPhone 18 Pro का कैमरा iPhone 18 Pro में बेहतर कैमरा सेंसर देखने को मिलेंगे. प्राइमरी कैमरा के साथ वेरिएबल अपर्चर सिस्टम देखने को मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स कंट्रोल कर सकेंगे कि कितनी रोशनी की जरूरत है. यह कम रोशनी की फोटोग्राफी को बेहतर कर सकेगा. iPhone 18 Pro की कीमत iPhone 18 Pro की कीमत को लेकर कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि कंपनी इस बार दाम में इजाफा करेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार अमेरिका में iPhone 18 Pro  की शुरुआती कीमत 1,299 अमेरिका डॉलर (करीब 1,22,500 रुपये) अमेरिका में होगी. वहीं, आईफोन 17 प्रो की शुरुआती कीमत 1099 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,03,600 रुपये) थी.

मेथी दाना से घट सकती है पेट की चर्बी, सही तरीके से सेवन करने पर मिलते हैं बेहतर परिणाम

आज के समय में खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है. लोग वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं लेकिन मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो रसोई में मौजूद छोटा सा मेथी दाना आपके बेहद काम आ सकता है. मेथी दाना के सेवन के फायदे आयुर्वेद के अनुसार, मेथी दाना मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और फैट बर्न करने में बेहद मददगार है. अगर आप एक बैलेंस डाइट यानी संतुलित आहार के साथ लगातार 45 दिनों तक मेथी दाना का नियम अनुसार सेवन करते हैं तो आपकी कमर और पेट के आसपास जमा जिद्दी फैट तेजी से कम होने लगता है. हालांकि बेहतर परिणाम के लिए आपको मीठी और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए.आइए जानते हैं इसके सेवन का सही तरीका क्या है. क्या है मेथी दाना के सेवन का तरीका पेट की चर्बी को तेजी से घटाने के लिए आप मेथी दाना का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं. लेकिन सबसे अच्छा और असरदार तरीका है कि इसे भिगोकर खाना. मेथी दाना का पानी पिएं सबसे पहले आप रात भर के लिए एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर डाल दें. सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट गुनगुना करके पिएं. अगर आप चाहें तो बची हुई मेथी को चबा-चबा कर खा भी सकते हैं. मेथी दाना पाउडर बनाएं मेथी दानों को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. रोज सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें. मेथी की चाय एक कप पानी में आधा चम्मच मेथी दाना डालकर इसे 5-7 मिनट तक उबालें. इसे छानकर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस और शहद मिलाकर हर्बल टी की तरह पिएं.

कच्चा अंडा पीना कितना सुरक्षित है? जानें साइंस और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय

बॉडी बिल्डिंग या फिटनेस फ्रीक लोग सुबह-सुबह दूध में कच्चा अंडा मिलाकर पी जाते हैं या फिर इसे सीधे ही खा लेते हैं. जिम जाने वाले युवाओं के बीच यह काफी पॉपुलर है क्योंकि उनका मानना होता है कि पकाने से अंडे के न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं. ऐसे कई लोग हैं जो इसे खाना सही मानते हैं और कई लोग नहीं. ऐसे में साइंस इस बारे में क्या कहता है कि कच्चा अंडा खाना फायदेमंद है भी या नहीं इस बारे में जान लीजिए. क्या कच्चा अंडा पचाना आसान है? Healthline का कहना है, कई लोग मानते हैं कि कच्चे अंडे से प्रोटीन अधिक मिलता है लेकिन साइंस इसके विपरीत है. दरअसल, इंसानी शरीर पके हुए अंडे के प्रोटीन को 90 प्रतिशत तक आसानी से एब्जॉर्ब कर लेता है जबकि कच्चे अंडे का केवल 50 प्रतिशत प्रोटीन ही शरीर पचा पाता है. वहीं कच्चे अंडे के सफेद हिस्से में एविडिन (Avidin) नाम का प्रोटीन होता है जो शरीर में बायोटिन (विटामिन B7) के एब्जॉर्प्शन को रोक देता है जिससे इसकी कमी हो सकती है. साल्मोनेला इंफेक्शन का सबसे बड़ा खतरा कच्चा अंडा खाने का सबसे खतरनाक पहलू है उसमें मौजूद बैक्टीरिया. अमेरिकन हेल्थ आर्गेनाइजेशन CDC का कहना है, कच्चे या कम पके हुए अंडों में साल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया होने का बहुत ज्यादा चांस रहता है. यह बैक्टीरिया मुर्गी के अंडे देने के दौरान या उसके अंदरूनी हिस्से में पहले से मौजूद हो सकता है. अगर यह शरीर में चला जाए तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है जिससे पेट में तेज दर्द, डायरिया, उल्टी, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं शुरू हो जाती हैं. ये लोग भूलकर भी नहीं खाएं कच्चा अंडा कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए कच्चा अंडा एक मेडिकल इमरजेंसी खड़ी कर सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रेग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को कच्चा अंडा या इससे बनी चीजें (जैसे होममेड मेयोनीज) खाने से पूरी तरह बचना चाहिए. साल्मोनेला बैक्टीरिया का असर इन पर बहुत तेजी से होता है, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है. सेफ रहने के लिए क्या करें? अगर आप अंडे के सारे न्यूट्रिएंट्स सुरक्षित तरीके से पाना चाहते हैं, तो उसे उबालकर या ऑमलेट बनाकर ही खाएं. अंडे को तब तक पकाएं जब तक कि उसका पीला और सफेद हिस्सा पूरी तरह सॉलिड न हो जाए. हीट के संपर्क में आते ही साल्मोनेला बैक्टीरिया मर जाता है और अंडे का प्रोटीन भी आपकी बॉडी के लिए आसानी से एब्जॉर्ब करने लायक बन जाता है.

WhatsApp में नया मैसेज एनिमेशन फीचर: iOS यूजर्स को मिलेगा स्मूथ चैटिंग एक्सपीरियंस

WhatsApp ने अपने प्लेटफॉर्म में एक नया फीचर शामिल किया है, जिसका नाम मैसेज एनिमेशन है. इस फीचर को iOS यूजर्स के लिए जारी किया है, जिसके बाद यह iPhone पर नजर आएगा. इसके लिए यूजर्स को सेटिंग्स में मैसेज एनिमेशन के लिए एक टॉगल मिलेगा, उसको इनेबल और डिसेबल किया जा सकेगा. इस फीचर की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp का यह फीचर अभी iOS के बीटा वर्जन 26.24.10.70 के साथ दिया गया है. अभी इसे कुछ बीटा यूजर्स के लिए जारी किया है और आने वाले सप्ताह में और ज्यादा यूजर्स को ये फीचर दिया जाएगा. WhatsApp ने पहले मैसेज एनिमेशन को iOS से हटा दिया था, जिसके बाद मैसेज बिना किसी विजुअल इफेक्ट के दिखाई देता था. अब कंपनी ने iOS पर मैसेज एनिमेशन को नए अवतार में पेश किया है. iOS पर नया मैसेज एनिमेशन कैसे काम करेगा? नए अपडेट के साथ मैसेज भेजने और रिसीव करने के दौरान नया एनिमेशन जोड़ा है. पहले वाले इफेक्ट की जगह अब मैसेज बबल धीरे-धीरे दिखाई देगा और चैटिंग में अपनी जगह लेते समय थोड़ा बड़ा होता हुआ नजर आएगा. बिना एनिमेशन वाले तरीके की तुलना में अचानक मैसेज दिखने की तुलना में यह अनुभव ज्यादा स्मूथ दिखाई पड़ता है. यह नया इफेक्ट पुराने एनिमेशन को पूरी तरह रिप्लेस करेगा, यानी इसे वैकल्पिक स्टाइल के तौर पर नहीं दिया जाएगा. मैसेज एनिमेशन को कंट्रोल करना आसान होगा व्हाट्सऐप ने पहली बार WhatsApp फॉर iOS में यूजर्स को सीधे ऐप की सेटिंग्स में एनिमेशन को मैनेज करने की सुविधा दी है. यह फीचर WhatsApp Settings > Chats > Animations में जाकर देखने को मिलेगा. बताते चलें कि जहां पहले से इमोजी, स्टिकर्स और GIF एनिमेशन को कंट्रोल करने की सुविधा मौजूद है. अब इस सेक्शन में मैसेज एनिमेशन के लिए भी एक अलग टॉगल को शामिल कर दिया गया है. एंड्रॉय यूजर्स को भी यह फीचर इसी पाथ में मिलता है, जिसमें दोनों प्लेटफॉर्म पर एक्सपीरियंस एक जैसा रहेगा. गौर करने वाली बात ये है कि एनिमेशन अगर पसंद नहीं आता है या फिर ध्यान भटकाने वाला लगता है तो वे इसको आसानी से बंद कर सकते हैं. पहले हटाया जा चुका है एनिमेशन WhatsApp पहलले iOS पर से मैसेज एनिमेशन को हटा चुका है, तब उसे बंद करने का कोई विकल्प नहीं दिया गया था. यह एनिमेशन इफेक्ट्स कई लोगों को पसंद नहीं आ सकते हैं. अब कंपनी ने मैसेज एनिमेशन को टॉगल के जरिए जोड़ा है.

मुकेश अंबानी का AI विजन: भारत बनेगा टेक्नोलॉजी निर्माता, सिर्फ उपभोक्ता नहीं

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विजन पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है, बल्कि अपनी AI टेक्नोलॉजी भी बनानी चाहिए. उनका कहना था कि भारत को सिर्फ विदेशों में बने एआई टूल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद की AI टेक्नोलॉजी विकसित करनी चाहिए ताकि देश इस फील्ड में ग्लोबल लीडर बन सके. मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की अनाउंसमेंट की, जिसे कंपनी के फ्यूचर का बड़ा इंजन माना जा रहा है. इसका मिशन है कि लोगों, बिजनेस और सरकार के लिए लार्ज स्केल पर सस्ते एआई टूल्स और सर्विसेज बनाई जाएं. रिलायंस फिलहाल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों जैसे Google, Meta और NVIDIA के साथ काम कर रही है. अंबानी ने बताया कि कंपनी ने अपने गोल तय कर लिए हैं और अब उन्हें लागू करने के लिए तैयार है. इस मीटिंग में यह भी बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से युवाओं के लिए नई नौकरियों के दरवाजे खुलेंगे. उन्हें 150 करोड़ लोगों के लिए नई टेक्नोलॉजी बनाने और उनकी परेशानी को सोल्वे करने का मौका मिलेगा. जानिए डिजिटल शोकेस में क्या दिखाया गया अपने AI विजन के साथ रिलायंस ने कई नई डिजिटल सर्विसेज भी इंट्रोड्यूस कीं. इनकी मदद से एआई और सुपरफास्ट इंटरनेट भारत के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएंगे और कई काम पहले से आसान हो जाएंगे. 1. Jio Call Agent फोन के अंदर AI एजेंट रिलायंस ने कॉल के दौरान मदद करने के लिए Jio Call Agent इंट्रोड्यूस किया है. सबसे खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए कोई अलग ऐप इंस्टॉल नहीं करना होगा. यह फीचर साल के आखिर तक सभी Jio यूजर्स के या फीचर देखने मिल सकता है. इसे एक्टिव करने के लिए सिर्फ Hey Jio बोलना होगा. इसके बाद एआई एजेंट आपकी कॉल से जुड़ जाएगा और कॉल के दौरान मदद करेगा. Transcribing: यह फीचर कॉल पर हो रही बातचीत को लिख सकता है और 10 अलग-अलग भाषाओं को पहचान सकता है. Summarizing: यह फीचर कॉल में हुई बातों का छोटा और आसान करेगा. साथ ही जरूरी रिमाइंडर भी कॉल में मौजूद लोगों को भेज सकेगा. Taking Action: यह फीचर काफी खास है. अगर आप कॉल पर हैं और एजेंट से कहें कि मेरे लिए खाना ऑर्डर कर दो, तो वह यह काम भी कर सकेगा. इतना ही नहीं, यह कैब बुक करने और टेबल रिजर्व करने जैसे काम भी कर पाएगा. 2. MyJio AI Care आपका पर्सनल AI मैनेजर अब MyJio ऐप पूरी तरह बदलने वाला है. यह सिर्फ रिचार्ज करने वाला ऐप नहीं रहेगा, बल्कि आपका स्मार्ट एआई असिस्टेंट बन जाएगा. अगर आप किसी दूसरे शहर में जाते हैं, तो यह आपकी सर्विस अपने आप सेटअप कर देगा.अगर आप विदेश घूमने जा रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा रोमिंग प्लान ढूंढ देगा. अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो यह जरूरी पेपरवर्क संभाल सकता है और eSIM एक्टिवेट करने में मदद करेगा. 3. Jio Home सुपरफास्ट 5Gbps इंटरनेट जियो अपने होम इंटरनेट में बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है. इस नए अपग्रेड के साथ यूजर्स को 5Gbps तक डाउनलोड स्पीड और 1Gbps तक अपलोड स्पीड मिलेगी. इसकी मदद से पूरा परिवार एक साथ 4K मूवी देख सकेगा, क्लाउड गेमिंग कर सकेगा और ऑनलाइन क्लासेस अटेंड कर सकेगा. साथ ही किसी को भी लैग या स्लो इंटरनेट की परेशानी नहीं होगी. 4. Jio Teleframe AI सिस्टम आपके घर के लिए जिओ ने अपना नया AI इनोवेशन Jio Teleframe भी इंट्रोड्यूस किया है. यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे खास तौर पर घरों के लिए डिजाइन किया गया है. यह आपके घर में मौजूद स्मार्ट डिवाइसेज के साथ मिलकर काम करेगा और आपकी रोजमर्रा की आदतों को समझकर मदद करेगा. इसकी वजह से कई काम अपने आप हो जाएंगे और बार-बार ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिलायंस का मानना है कि इन नए AI फीचर्स और डिजिटल सर्विसेज की मदद से AI भारत के हर घर तक पहुंचेगा. कॉल पर एआई एजेंट से लेकर 5Gbps इंटरनेट और स्मार्ट होम सिस्टम तक, ये सभी टेक्नोलॉजी भारत को डिजिटल दुनिया में और आगे ले जाने में मदद करेंगी.

फिटकरी से बालों की देखभाल: झड़ते बाल, डैंड्रफ और ग्रोथ की समस्या का आसान घरेलू उपाय

आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण, स्ट्रेस और गलत खान-पान की वजह से बालों से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं. किसी के बाल झड़ रहे हैं, किसी के बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं, तो किसी को डैंड्रफ की समस्या परेशान कर रही है. इन समस्याओं को कम करने के लिए कई बार लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स, केमिकल वाले शैम्पू और पार्लर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घरों में मौजूद सफेद पत्थर, जिसे फिटकरी कहा जाता है, आपके बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. एंटी-बैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुणों से भरपूर फिटकरी न सिर्फ स्कैल्प को गहराई से साफ करने में मदद करती है, बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और डैंड्रफ कम करने में भी मदद करती है. तो आइए जानते हैं कि हम सही तरीके से फिटकरी का इस्तेमाल बालों की देखभाल में कैसे कर सकते हैं. बालों को बढ़ाने में करता है मदद अगर आप झड़ते बालों से परेशान हैं और चाहते हैं कि आपके बाल तेजी से बढ़े तो आप फिटकरी का उपयोग बालों में कर सकते हैं. इसके लिए फिटकरी को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और इसे नारियल तेल में अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें और इसे कुछ घंटों लगा रहने दें. इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. इससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है. डैंड्रफ से मिलेगा राहत डैंड्रफ की समस्या में फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई में मदद करता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को पानी और नींबू के रस के साथ मिलाकर हल्के हाथों से स्कैल्प पर लगाएं और मसाज करें. 10–15 मिनट बाद बाल धो लें. इससे स्कैल्प साफ होता है और डैंड्रफ कम हो सकता है. कमजोर बालों को जड़ों से देता है पोषण फिटकरी बालों को हेल्दी रखने में काफी मदद कर सकता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को कलौंजी के तेल में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें और इससे स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें. इसके रेगुलर इस्तेमाल से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और बालों की हेल्थ बेहतर हो सकती है. फिटकरी का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान     फिटकरी का इस्तेमाल बालों पर सीमित मात्रा में ही करें. इसका ज्यादा या बार-बार उपयोग करने से स्कैल्प ड्राई हो सकता है.     अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो बालों पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.     फिटकरी लगाते समय ध्यान रखें कि यह आंखों के आस-पास न लगें.     अगर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें.  

Jio का नया AI असिस्टेंट कमाल करेगा, कॉल के दौरान मीटिंग रिकॉर्ड और फूड ऑर्डर भी होगा आसान

नई दिल्ली भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में डेटा और कॉलिंग की परिभाषा बदलने के बाद अब रिलायंस जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत को सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की फोन कॉल्स से जोड़ने जा रहा है. कंपनी इस नए एआई टूल को इस साल के अंत तक देश भर में रोलआउट करने की योजना पर काम कर रही है, जो हर एक जियो यूजर के लिए पूरी तरह उपलब्ध होगा. इस सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से ‘मेड इन इंडिया’ और भारतीय परिवेश के अनुकूल है. यह असिस्टेंट देश की सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा, जिससे ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक के आम उपभोक्ताओं के लिए फोन पर बात करने और अपने काम निपटाने का तरीका पूरी तरह से बदलने वाला है।  जियो कॉल एजेंट एक तरह का पर्सनल एआई दरबान (AI Concierge) है जो आपकी नॉर्मल वॉयस कॉल्स के भीतर ही मौजूद रहेगा. इसके इस्तेमाल के लिए किसी स्मार्टफोन में किसी थर्ड-पार्टी ऐप को इंस्टॉल करने या किसी अतिरिक्त सेटिंग को ऑन करने की कोई झंझट नहीं होगी. जब आप किसी से फोन पर बात कर रहे होंगे, तो आपको बस अपनी आवाज में “हे जियो” (Hey Jio) कहना होगा. यह कमांड सुनते ही जियो का नेटवर्क-बेस्ड एआई असिस्टेंट आपकी कॉल में एक मददगार की तरह शामिल हो जाएगा. इसके बाद यह कॉल पर हो रही बातचीत को लाइव सुनने और समझने लगेगा. सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से यह बेहद जरूरी फीचर है कि यह एआई केवल यूजर की स्पष्ट सहमति और कमांड मिलने के बाद ही कॉल में शामिल होगा, जिससे डेटा सिक्योरिटी से जुड़ा कोई खतरा नहीं रहेगा।  कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 लोगों की आवाज पहचानेगा एआई आकाश अंबानी के अनुसार, इस एआई एजेंट की क्षमताएं बेहद आधुनिक हैं. यह किसी भी चालू कॉल के दौरान कही गई बातों को रियल-टाइम में लिखित रूप में (Transcribe) बदल सकता है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अगर आप एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर हैं, तो यह एआई एक साथ 10 अलग-अलग लोगों की अनूठी आवाजों को पहचान सकता है और यह भी रिकॉर्ड रख सकता है कि किस व्यक्ति ने क्या बात कही. बातचीत खत्म होने के बाद, यह जियो कॉल एजेंट पूरी कॉल का एक सटीक सारांश (Summary) तैयार करेगा. इसके साथ ही मीटिंग में तय हुए जरूरी काम (Action Items) और जरूरी रिमाइंडर्स की एक लिस्ट बनाकर कॉल में शामिल सभी सदस्यों के साथ तुरंत शेयर कर देगा, ताकि किसी को अलग से नोट्स बनाने की जरूरत न पड़े।  आम आदमी के एक्सपीरियंस को कैसे बनाएगा खास? यह एआई असिस्टेंट केवल ऑफिस की मीटिंग्स या नोट्स बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद आसान और स्मार्ट बना देगा. लाइव कॉल के दौरान ही यूजर इस एआई एजेंट को सीधे निर्देश देकर कई तरह के टास्क पूरे करवा सकेंगे।      कैब और फूड बुकिंग: कॉल पर बात करते-करते ही आप एआई से कहकर अपने लिए खाना ऑर्डर कर सकते हैं या कहीं जाने के लिए कैब बुक कर सकते हैं।      टेबल और मीटिंग शेड्यूलिंग: किसी रेस्टोरेंट में टेबल रिजर्व करनी हो या दोस्तों-सहकर्मियों के साथ मीटिंग का समय तय करना हो, एआई कॉल के बैकग्राउंड में ही यह काम संभाल लेगा।      भाषा की दीवार होगी खत्म: सभी भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के कारण, यदि कोई व्यक्ति अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी निर्देश देगा, तो यह एआई उसे बखूबी समझकर टास्क पूरा करेगा।  जियो का यह कदम भारत में एआई तकनीक के लोकतंत्रीकरण (Democratization) की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जो महंगे एआई फीचर्स को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के देश के 50 करोड़ से ज्यादा आम स्मार्टफोन और फीचर फोन यूजर्स की पहुंच में ला देगा। 

WhatsApp यूजर्स के लिए नया सब्सक्रिप्शन प्लान, ₹79 प्रति माह में मिलेगा प्रीमियम अनुभव

 नई दिल्ली WhatsApp अब तक पूरी तरह फ्री ऐप रहा है, लेकिन अब इसमें पहली बार एक पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल आ गया है. कंपनी ने भारत में WhatsApp Plus नाम से नया प्लान रोलआउट करना शुरू किया है, जो Android और iOS दोनों यूजर्स के लिए है।  इस नए प्लान की कीमत भारत में 79 रुपये प्रति महीने रखी गई है. हालांकि शुरुआत में यूजर्स को पहला महीना फ्री ट्रायल के तौर पर मिल रहा है. यानी आप पहले इसे इस्तेमाल करके देख सकते हैं और उसके बाद तय कर सकते हैं कि यह आपके लिए जरूरी है या नहीं।  WhatsApp Plus को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि यह कोई बड़ा बदलाव नहीं लाता, बल्कि यह एक तरह का कस्टमाइजेशन पैक है. इसका मतलब यह है कि ऐप के बेसिक फीचर्स जैसे कॉलिंग, स्टेटस, मैसेजिंग और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले जैसे ही रहेंगे और सभी यूजर्स के लिए फ्री रहेंगे।  यह सब्सक्रिप्शन सिर्फ उन लोगों के लिए है जो WhatsApp को थोड़ा अलग और पर्सनल तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं।  इस प्लान के तहत यूजर्स को ऐप के लुक को बदलने का ऑप्शन मिलता है. इसमें करीब 18 नए कलर थीम्स दिए गए हैं, जिनमें अलग-अलग स्टाइल और कलर कॉम्बिनेशन शामिल हैं।  इसके अलावा ऐप का आइकन भी बदला जा सकता है, जिसके लिए 14 नए डिजाइन दिए गए हैं. यानी WhatsApp अब पहले जैसा दिखे, यह जरूरी नहीं है, आप इसे अपनी पसंद के हिसाब से बदल सकते हैं।  सिर्फ लुक ही नहीं, कुछ छोटे लेकिन काम के फीचर्स भी इसमें जोड़े गए हैं. जैसे यूजर्स को एक्सक्लूसिव रिंगटोन मिलती हैं, जो आम यूजर्स के पास नहीं होंगी. इसके साथ ही नए स्टिकर पैक भी दिए जाते हैं. एक और बदलाव यह है कि अब आप अपनी चैट लिस्ट में 20 तक चैट्स को पिन कर सकते हैं, जो पहले लिमिटेड थी।  चैट को मैनेज करने के लिए भी कुछ एडिशनल कंट्रोल दिए गए हैं. यूजर्स अपनी चैट लिस्ट को अपने हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं, जिससे ऐप का इस्तेमाल थोड़ा ज्यादा आसान और पर्सनल हो जाता है।  अगर सब्सक्राइब करने की बात करें तो प्रोसेस आसान है. WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर Subscriptions सेक्शन में WhatsApp Plus का ऑप्शन मिलेगा. वहां से पेमेंट करके इसे एक्टिव किया जा सकता है. पेमेंट Google Play Store के जरिए प्रोसेस होता है और एक्टिवेशन के बाद नोटिफिकेशन भी मिलता है।  हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह फीचर अभी सभी यूजर्स तक नहीं पहुंचा है. अगर आपको Subscriptions में WhatsApp Plus का ऑप्शन नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि यह अभी आपके अकाउंट के लिए रोलआउट नहीं हुआ है. ऐसे में कुछ दिन इंतजार करना होगा।  अब सवाल यही है कि क्या WhatsApp Plus लेना चाहिए या नहीं. इसका जवाब पूरी तरह यूजर पर निर्भर करता है. अगर आप WhatsApp को सिर्फ मैसेजिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं और आपको उसका मौजूदा लुक और फीचर्स ठीक लगते हैं, तो यह प्लान आपके लिए जरूरी नहीं है। 

सफेद बालों का नेचुरल इलाज: कॉफी से बनाएं घर पर हेयर डाई

पहले उम्र बढ़ने के साथ बाल सफेद हुआ करते थे लेकिन आजकल खराब लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र के लोग भी बाल सफेद होने की समस्या का सामना कर रहे हैं. बाजार में मिलने वाले केमिकल हेयर कलर्स में अमोनिया जैसी चीजें होती हैं जो बालों को ड्राई और डैमेज कर देती हैं. इंटरनेशनल हेल्थ वेबसाइट हेल्थलाइन के मुताबिक, कॉफी नेचुरल हेयर डाई की तरह काम करती है. यह आपके बालों को एक या 2 शेड डार्क करने में मदद करती है और ग्रे हेयर्स (सफेद बालों) को आसानी से कवर कर लेती है. कॉफी नेचुरल होती है इसलिए इसके इस्तेमाल से बालों के टूटने या स्कैल्प में एलर्जी होने का खतरा नहीं रहता. कैसे काम करती है कॉफी हेयर डाई? कॉफी का डार्क कलर बालों पर एक नेचुरल स्टेन (दाग या रंग) की तरह चढ़ जाता है. जब आप इसे नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं तो सफेद बाल धीरे-धीरे ब्राउन और डार्क शेड में बदलने लगते हैं. मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, कॉफी न सिर्फ बालों को कलर करती है बल्कि यह नेचर में एसिडिक भी होती है. हमारा स्कैल्प और हेयर फाइबर्स स्वभाव से एसिडिक होते हैं. हाई पीएच वाले केमिकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से बाल बेजान और रूखे हो जाते हैं. ऐसे में कॉफी का इस्तेमाल बालों और स्कैल्प के पीएच लेवल को रीबैलेंस करता है जिससे बालों की नेचुरल चमक वापस आ जाती है. घर पर कॉफी हेयर डाई बनाने का तरीका कॉफी से नेचुरल हेयर डाई बनाना बेहद आसान है. इसके लिए आपको किसी महंगे सामान की जरूरत नहीं है. आपको बस कुछ बेसिक स्टेप्स फॉलो करना होते हैं. सबसे पहले एक कप डार्क-रोस्टेड स्ट्रॉन्ग कॉफी उबाल लें और उसे ठंडा होने दें. फिर 1 बाउल में आधा कप उबली हुई ठंडी कॉफी, 2 बड़े चम्मच कॉफी पाउडर (कॉफी ग्राउंड्स) और एक कप अपना रेगुलर लीव-इन कंडीशनर मिक्स करें. फिर इस मिक्चर को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. अपने साफ और गीले बालों पर इस पेस्ट को अच्छी तरह लगाएं और करीब एक घंटे के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को नॉर्मल पानी से धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए आप इस प्रोसेस को दोहरा सकते हैं. बालों की ग्रोथ में भी मददगार कॉफी सिर्फ कलर ही नहीं बदलती बल्कि बालों को जड़ों से मजबूत भी बनाती है. रिसर्च के मुताबिक, कॉफी में मौजूद कैफीन बालों की ग्रोथ को बढ़ाने और हेयर लॉस को रोकने में मदद करता है. कैफीन स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है जिससे बालों की जड़ों तक जरूरी न्यूट्रिएंट्स पहुंचते हैं. इसके अलावा, कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बालों के टेक्सचर को सुधारते हैं जिससे बाल सॉफ्ट और सिल्की नजर आते हैं.