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350cc इंजन के साथ अपडेट हुई Bajaj Dominar 400, अब और सस्ती

 घरेलू दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Bajaj Auto Ltd. ने अपनी टूरिंग मोटरसाइकिल Bajaj Dominar 400 को 2026 इयर अपडेट दिया है और इसे एक छोटे इंजन के साथ बाजार में लॉन्च किया है. इसके साथ ही इस मोटरसाइकिल की कीमत में भी कटौती की गई है, जो खरीदारों के लिए पहले से ज्यादा सुलभ हो गई है. पुराने मॉडल के मुकाबले नए मॉडल की कीमत में 37,000 रुपये की कटौती की गई है. इस कदम का उद्देश्य उन राइडर्स के लिए एंट्री बैरियर को कम करना है जो लंबी दूरी तय करने वाली एक दमदार मशीन की तलाश में हैं. नई Bajaj Dominar 400 की कीमत अब 2,03,214 रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है. 2026 Bajaj Dominar 400 के इंजन में बदलाव इस अपडेट के तहत, Bajaj Dominar 400 में अब 350cc, सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड कूल्ड इंजन लगाया गया है. इस बदलाव के बावजूद, कंपनी का कहना है कि यह मोटरसाइकिल अपनी मुख्य परफॉर्मेंस, फीचर्स और टूरिंग क्षमताओं को बरकरार रखती है. इन क्षमताओं ने पिछले कई सालों से Dominar ब्रांड को एक खास पहचान दी है. इस री-पोजीशनिंग से कंपनी को GST के फायदे ग्राहकों तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है, जिससे इसकी शुरुआती कीमत कम हो जाती है और इसे खरीदने का कुल मूल्य भी बेहतर हो जाता है. यह मोटरसाइकिल अब 350cc, लिक्विड-कूल्ड इंजन के साथ आती है, जो पहले के 373cc यूनिट से कम है. मोटरसाइकिल का यह 350cc इंजन 40 Ps की पावर प्रदान करता है, और इसका टॉर्क आउटपुट 33 Nm का रहता है. इस नए इंजन के साथ, पावर और टॉर्क दोनों में कुछ कमी आ सकती है. और इसका गियरबॉक्स पहले की तरह ही 6-स्पीड यूनिट होगा, जिसमें स्लिप और असिस्ट क्लच लगा होगा. इसके डिजाइन की बात करें, तो विजुअल तौर पर इस मोटरसाइकिल में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि इंजन पर लगी 373cc की बैजिंग को भी हटाया गया है. इसके अलावा, Bajaj Dominar 400 को अभी भी Aurora Green और Charcoal Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध है. Bajaj Dominar को एक बहुमुखी टूरिंग मोटरसाइकिल के तौर पर पेश किया जाता है, जिसे रोज़ाना के सफ़र और लंबी हाईवे राइडिंग, दोनों के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसका मुख्य ज़ोर पावर, कम्फर्ट और सहनशक्ति के बीच संतुलन बनाए रखने पर है, और यह अपने स्थापित टूरिंग DNA के प्रति पूरी तरह से वफ़ादार रहती है. यह रणनीतिक बदलाव Bajaj Auto की उस व्यापक सोच के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य टूरिंग और स्पोर्ट्स मोटरसाइकिलिंग को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाना है. Bajaj Dominar के मूल एक्सपीरिएंस से समझौता किए बिना लागत कम करके, कंपनी उन राइडर्स के एक बड़े वर्ग को आकर्षित करना चाहती है, जो लंबी दूरी की मोटरसाइकिल यात्राओं का एक्सपीरिएंस लेना चाहते हैं. इस डेवलपमेंट पर टिप्पणी करते हुए, Bajaj Auto Ltd के मोटरसाइकिल बिज़नेस यूनिट के प्रेसिडेंट, सारंग कनाडे ने कहा कि Bajaj Dominar ने हमेशा ब्रांड के टूरिंग DNA को दर्शाया है, जिसमें परफॉर्मेंस और लंबी दूरी तय करने की क्षमता का मेल है. उन्होंने आगे कहा कि 350cc इंजन की शुरुआत, और साथ ही बदली हुई कीमतों के साथ, यह सुनिश्चित होता है कि राइडिंग का वही अनुभव अब काफ़ी कम ओनरशिप कॉस्ट पर मिलेगा.

Realme Narzo 100 Lite 5G लॉन्च, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ

 रियलमी ने भारतीय बाजार में एक नया बजट पावरफुल फोन लॉन्च कर दिया है जो Realme Narzo 100 Lite 5G है। यह कंपनी की नई Narzo 100 लाइनअप का पहला मॉडल है। नए Realme Narzo 100 Lite 5G में 7,000mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह हैंडसेट 10 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या 70 घंटे तक म्यूजिक प्लेबैक देगा। Realme Narzo के इस नए फोन में ऑक्टा कोर MediaTek Dimensity 6000 सीरीज का चिपसेट लगा है। इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप भी जिसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं। जानिए इस फोन की कीमत, फर्स्ट सेल डेट, कलर वैरिएंट और फीचर्स: भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G की कीमत और उपलब्धता भारत में Realme Narzo 100 Lite 5G के बेसिक 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,499 रुपये है। वहीं, 4GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 14,499 रुपये है। सबसे महंगा वेरिएंट 6GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ 16,499 रुपये में उपलब्ध है। लॉन्च के मौके पर कंपनी 1,500 रुपये तक का बैंक ऑफर भी दे रही है। बैंक छूट के साथ आप फोन को 12,499 रुपए में खरीद पाएंगे। Narzo सीरीज का यह नया फोन भारत में 21 अप्रैल से Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर फर्स्ट सेल के लिए उपलब्ध होगा। Realme Narzo 100 Lite 5G फ्रॉस्ट सिल्वर और थंडर ब्लैक रंगों में उपलब्ध है। Realme Narzo 100 Lite 5G बड़ी खासियतें बैटरी: फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह बैटरी लंबे समय तक कॉलिंग, वीडियो और गेमिंग के लिए है। फोन में AI पावर सेविंग और सुपर पावर सेविंग मोड भी दिए गए हैं, जिससे बैटरी और ज्यादा समय तक चलती है। यहां तक कि 1% बैटरी में भी यह फोन करीब 40 मिनट तक कॉलिंग सपोर्ट कर सकता है। प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। फोन में 14GB तक डायनामिक RAM और 128GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है। इसके साथ 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। डिस्प्ले: realme Narzo 100 Lite 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला Eye Comfort डिस्प्ले दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी खास माना जा रहा है। इसकी ब्राइटनेस 900 निट्स तक जाती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। इसके अलावा Smart Touch और DC Dimming जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कैमरा: कैमरा की बात करें तो इसमें 13MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में 5MP का कैमरा मिलता है। फोन AI Eraser, AI Clear Face से लैस है। मजबूती: इसमें Military-Grade शॉक रेसिस्टेंस और IP64 रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी के छींटों से सुरक्षित रहता है।

Ai+ Nova 2 5G लॉन्च, 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ दमदार फीचर्स

भारत के होम ग्रोन टेक ब्रांड Ai+ ने हाल ही में अपनी Nova 2 Series को लॉन्च किया था। इस सीरीज के बजट फोन Ai+ Nova 2 5G आज से ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट पर सेल के लिए उपलब्ध हैं। Ai+ Nova 2 5G की सबसे बड़ी खासियतें इसमें मिलने वाला 50MP कैमरा और 6000mAh की बड़ी बैटरी है। फोन IP64 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे धूल और पानी की हल्की बौछारों (स्प्लैश) से सुरक्षित रहता है। अगर आप आपने लिए सस्ते में प्रीमियम फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं तो ये फोन आपके लिए बेस्ट हैं। आइये आपको डिटेल्स में बताते हैं इस फोन की पहली सेल में मिलने वाले ऑफर्स की डिटेल्स: भारत में Ai+ Nova 2 की कीमत और फर्स्ट सेल ऑफर्स भारत में Ai+ Nova 2 5G के 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट के लिए 8,999 रुपये है। वहीं 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 10,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन को फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड से खरीदने पर 450 रुपए का कैशबैक मिलेगा जिसके बाद आप फोन को 8549 रुपए में खरीद पाएंगे। फोन पर एक्सचेंज छूट भी मिल जाएगी एक्सचेंज डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर है। Ai+ Nova 2 5G को ब्लैक, ब्लू, ग्रीन, पिंक और पर्पल कलर में खरीद सकते हैं। Ai+ Nova 2 5G की 5 बड़ी खासियतें 1. Ai+ Nova 2 5G फोन में 6.75 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसका मतलब है कि स्क्रॉलिंग और वीडियो देखने का अनुभव काफी स्मूथ रहता है। 2. परफॉर्मेंस के लिए इसमें Unisoc T8200 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm टेक्नोलॉजी पर बना है। यह फोन 4GB और 6GB RAM के साथ आता है, साथ ही 64GB और 128GB स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है, जिसे माइक्रोSD कार्ड से बढ़ाया भी जा सकता है। 3. कैमरा की बात करें तो इसमें 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा मिलता है, जो इस कीमत में काफी अच्छा माना जाता है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। 4. फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक चलती है और 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। 5. यह स्मार्टफोन Android 16 पर आधारित NxtQ OS पर चलता है और इसमें 5G, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C और साइड फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे जरूरी फीचर्स भी मिलते हैं। कुल मिलाकर, यह फोन उन यूजर्स के लिए अच्छा है जो कम बजट में 5G, बड़ी बैटरी और स्मूथ डिस्प्ले चाहते हैं।

UTI के शुरुआती लक्षण जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं

UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन चुकी है। बदलती लाइफस्टाइल, हाइजीन की कमी और कुछ आदतें इस जोखिम को बढ़ा रही हैं। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाएं, तो गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है। UTI पेशाब के मार्ग में होने वाला गंभीर संक्रमण है, जिसके कारण तेज दर्द, जलन, बुखार हो सकता है। अक्सर महिलाएं यूटीआई के इन लक्षणों को पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और फिर ये गंभीर रूप ले लेती है। आज हम आपको बताएंगे कि यूटीआई आखिर क्या है और इसके खास लक्षण क्या होते हैं? क्या है UTI इंफेक्शन? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग काफी छोटा होता है, जिसके कारण किसी भी बैक्टीरिया को यूरिन ट्रैक्ट तक पहुंचने में कम समय लगता है। UTI आमतौर पर बैक्टीरिया (जैसे E. coli) के कारण होता है, जो बाहर से मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं में यूरेथ्रा छोटी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं, इसलिए उनमें UTI का खतरा अधिक होता है। 3 प्रकार का होता है यूटीआई इंफेक्शन मुख्य तीन प्रकार का होता है, जिसमें ज्यादा लोगों को यूरेथ्रा इंफेक्शन होता है। महिलाओं को पेशाब से जुड़ी समस्या होती हैं और वह इसे पानी की कमी समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। चलिए जानते हैं कौन से हैं 3 प्रकार- ब्लैडर इंफेक्शन (Cystitis) – सबसे आम, पेशाब में जलन और दर्द यूरेथ्रा इंफेक्शन (Urethritis) – पेशाब करते समय जलन किडनी इंफेक्शन (Pyelonephritis) – गंभीर स्थिति, बुखार और पीठ दर्द 6 शुरुआती लक्षण क्या हैं UTI इंफेक्शन के कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन्हें अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। अगर शुरू में इन पर ध्यान दिया जाए, तो समस्या गंभीर होने से पहले ही इलाज हो सकता है। -पेशाब करते समय दर्द, चुभन या जलन महसूस होना। -पेशाब में बदबू आना या पेशाब धुंधला होना। -बार-बार पेशाब महसूस होना। -रात में पेशाब करने की जरूरत होती है। -पेशाब में खून आना। -तेज बुखार, कमर-पीठ दर्द होना। बचाव कैसे करें UTI हाइजीन की कमी, सेक्स के दौरान इंफेक्शन या फिर हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। अगर आप हाइजीन का ख्याल रखती हैं, तो ये आपको नहीं होगा। जैसे पब्लिक टॉयलेट यूज करने से पहले उसे पानी से साफ करें। अक्सर टॉयलेट सीट से इंफेक्शन फैलता है। इससे बचाव करने के लिए दिन में करीब 8-10 ग्लास पानी पिएं, पेशाब को लंबे समय तक ना रोकें। टॉयलेट या सेक्स करने के बाद अच्छे से सफाई करें। गंदा टॉयलेट यूज करने से बचें और हाइजीन का खास ख्याल रखें। डॉक्टर को कब दिखाएं- अगर पेशाब में जलन-बदबू आ रही है और साथ में तेज बुखार है, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं। कुछ केसेस में पेशाब के दौरान खून भी आने लगता है, इसे हल्के में न लें। सही समय पर इलाज न होने पर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, जो खतरनाक होता है।

गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 5 सबसे अच्छे पानी वाले फल

गर्मियों में ताजे फल आपको कई फायदे पहुंचा सकते हैं। खासतौर से वह फल जिनमें पानी की मात्रा अच्छी होती हो। पानी वाले फल आपको डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाते हैं। इस दिक्कत से बचना न केवल आपकी एनर्जी के लेवल को बनाए रखने के लिए जरूरी है, बल्कि यह आपके अंगों के सही कामकाज के लिए भी जरूरी है। हेल्थ कोच रायन फर्नांडो ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में पानी वाले फलों के बारे में बताया। एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मियों में ज्यादातर लोग पानी ज्यादा पीने लगते हैं, लेकिन फिर भी एनर्जी की कमी महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर में पानी की मात्रा का सही इस्तेमाल होना सिर्फ पानी की मात्रा पर निर्भर नहीं करता बल्कि इस बात पर भी डिपेंड करता है कि शरीर उसका सही इस्तेमाल कैसे करता है। इसलिए ऐसे मौसमी फलों को डायट में शामिल करना चाहिए जिनमे पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स, फाइबर और थोड़ी मात्रा में नेचुरल शुगर होती है। ऐसे फल शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखने और अचानक थकान को रोकने में मदद करते हैं। एक्सपर्ट ने 5 पानी वाले फलों के बारे में बताया है जो गर्मियों के लिए बेस्ट हैं। जानिए- 1) तरबूज तरबूज में 92 प्रतिशत पानी होता है। इसमें लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है,ये एक तरह का एंटीऑक्सिडेंट है। गर्मी में ये हीट स्ट्रेस कम करने का काम करता है। ये फल फ्लूयड बैलेंस करने में भी मदद करता है। मिड मॉर्निंग या फिर पोस्ट वर्कआउट के बाद इस फल को खाएं। एक दिन में 200 से 300 ग्राम खा सकते हैं। 2) ताड़गोला समुद्री जगहों पर मिलने वाला ताड़गोला में 90 प्रतिशत पानी होता है। शरीर से गर्मी निकालने का काम करता है और नेचुरली ठंडक बनाए रखता है। दोपहर के समय इसका एक या दो पीस खा सकते हैं। 3) खरबूजा बाकी फलों की तरह खरबूजे में भी 90 प्रतिशत पानी होता है। ये एक ठंडा फल है जो बॉडी के तापमान को रेगुलेट करने का काम करता है। पाचन के लिए भी ये फल हल्का होता है। दोपहर के समय इस फल को खाना सबसे अच्छा है। 4) आड़ू आड़ू में 89 प्रतिशत पानी होता है, ये गट हेल्थ को सपोर्ट करता है और हाइड्रेशन में मददगार होता है। इस फल को आसानी से पचा सकते हैं। एक्सपर्ट एक से दो छोटे साइज के आड़ू खाने की सलाह देते हैं। इसे मिड मॉर्निंग या मिड ईवनिंग में खा सकते हैं। 5) संतरा विटामिन सी से भरपूर संतरे में 86 से 87 पर्सेंट पानी होता है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अच्छी होती है इसलिए ये इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस करने में भी मददगार होते हैं। ये थकान को कम करने में मदद करते हैं। मिड मॉर्निंग में इस एक या दो संतरा खा सकते हैं, इसके जूस को अवॉइड करें।

कब्ज से राहत के आयुर्वेदिक उपाय: घी, किशमिश और अंजीर से मिलेगा फायदा

आयुर्वेद में हर एक चीज का इलाज है। कब्ज की समस्या का इलाज भी आपको आयुर्वेद में मिल जाएगा। लगातार कब्ज रहने से मल त्याग के समय बहुत ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। जिसकी वजह से मल त्याग करने के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे बवासीर हो जाता है। जिसकी वजह से दर्द और खून आने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा जब किसी व्यक्ति का पेट साफ नहीं होता है तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिसकी वजह से चेहरे पर मुहांसे, चिड़चिड़ापन, तनाव, काम में मन न लगना, लगातार गैस बनना, पेट फूलना और भूख न लगना जैसी समस्याएं शामिल हैं। इससे निपटने के लिए आप आयर्वेद में बताई खाने की चीजों को खाकर छुटकारा पा सकते हैं। 1) घी और गर्म पानी रात में सोने से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच घी डालकर पीएं। इस नुस्खे की मदद से आंतों को चिकनाई मिलती है, जिसकी वजह से मल त्याग करने में आसानी होती है। ब्यूटिरिक एसिड से भरपूर होने के कारण, यह आंतों के बैक्टीरिया को पोषण देता है और पाचन क्रिया को आसान बनाता है। 2) भीगे हुए किशमिश रातभर भीगी किशमिश को सुबह खाली पेट खाने से पाचन, आयरन की कमी, हड्डियों की मजबूती और एनर्जी बढ़ाने का काम करती हैं। सुबह के समय ये किशमिश खाने से ये प्राकृतिक लैक्सेटिव के रूप में काम करती है। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण, ये पाचन में सुधार करती हैं और पेट फूलने से राहत दिलाती हैं। 3) बेल पल्प गंभीर कब्ज से निपटने के लिए ये बेस्ट आयुर्वेदिक नुस्खा है। बेल के गूदे को गुनगुने पानी और गुड़ के साथ मिक्स करें। ये आंतों को साफ करने का काम करता है। 4) अलसी और चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर अलसी और चिया सीड्स पानी सोख लेते हैं और मल को अधिक मात्रा में बनाते हैं। इन्हें गर्म पानी में भिगोकर या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। 5) उबला सेब या अंजीर उबला हुआ सेब एक पौष्टिक और आसानी से पचने वाली चीज है। आयुर्वेद के मुताबिक गुनगुना उबला सेब सुबह खाने से पाचन में मदद मिलती है। ये आंत के स्वास्थ्य को बढ़ाने और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा अंजीर फाइबर से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद नेचुरल एंजाइम्स नियमित मल त्यागने में मदद करते हैं। आप भीगी हुई अंजी रोजाना सुबह खा सकते हैं।

UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव संभव, 10 हजार से ऊपर ट्रांजैक्शन में लग सकती है 1 घंटे की देरी

भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) डिजिटल पेमेंट्स की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. इंस्टैंट पेमेंट्स की वजह से UPI को मनी ट्रांसफर और किराने की दुकान तक पर यूज किया जा रहा है. अब इसी खूबी को कुछ समय के लिए बदला जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसको लेकर चर्चा पत्र जारी किया है, जिसमें डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए ट्रांजैक्शन पर कुछ घंटे की देरी का नियम लाने का प्रस्ताव दिया है. पेमेंट्स में करीब 1 घंटे तक की देरी होगी. RBI का यह प्रपोजल कुछ पेमेंट्स के प्रोसेस के तरीकों को बदलने के लिए है. अगर ये नियम लागू होता है तो 10 हजार रुपये से अधिक रुपये वाली पेमेंट्स तुरंत कंप्लीट नहीं होगी. इस पेमेंट्स को कंप्लीट होने में कुछ समय लगेगा. रुपये भेजने वाले के बैंक खाते से रकम तुरंत कट जाएंगी लेकिन जिसके बैंक खाते में रुपये पहुंचने हैं, उसको 1 घंटे के बाद रिसीव होंगे. यह बदलाव सुरक्षा के मद्देनजर लाया जा रहा है. इस दौरान सेंडर्स चाहें तो पेमेंट्स को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकते हैं. 1 घंटे देरी का नियम P2P ट्रांसफर पर लागू होगा ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम सिर्फ पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांसफर पर लागू होगा. दुकान पर QR कोड के जरिए होने वाले पेमेंट्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. साइबर ठगी पर नकेल कसने की तैयारी   RBI इस लिए ये बदलाव लाना चाहता है ताकि का साइबर ठगी पर नकेल कसी जा सके. साइबर ठगी के केस में रुपये कुछ मिनट के अंदर ना जाने कितने सारे अकाउंट से होकर गुजर जाते हैं और कैश के रूप में निकाल लिए जाते हैं. इसके बाद रिकवरी में परेशानी आती है. 1 घंटे की देरी का फॉर्मुला कैसे आएगा काम?    RBI की सलाह है कि 1 घंटे की देरी मददगार साबित होगी. रिजर्व बैंक इस देरी को गोल्डन आवर के रूप में मानता है, जहां यूजर्स को खुद सोचने का समय मिलेगा और इससे ठगी से बाहर निकलने का मौका मिलेगा. खाता धारक चाहे तो ट्रांजैक्शन को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकेंगे.   यहां गौर करने वाली बात यह है कि डेली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ऑटो डेबिट और सब्सक्रिप्शन वाली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं दिखाई देगा. अगर शख्स किसी अनजान व्यक्ति को रुपये ट्रांसफर करते हैं, तो उसको ज्यादा सेफ्टी मिलेगी.  

केले के छिलके से बनाएं हेयर मास्क, बालों की ग्रोथ और शाइन बढ़ाने का आसान तरीका

केला खाने के कई फायदे हम सभी जानते हैं और इसे खाने के बाद छिलका डस्टबिन में डाल देते हैं। जैसे केला सेहत के लिए अच्छा होता है, वैसे ही इसका छिलका बालों की ग्रोथ के लिए अच्छा होता है। बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। महंगे तेल, शैंपू से लेकर घरेलू हेयर मास्क तक सब लगाकर देख लेते हैं लेकिन ग्रोथ नहीं बढ़ती। केले के छिलके वाला तरीका आप एक बार आजमाकर देखिए। केले के छिलके में पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट और नेचुरल ऑयल होते हैं, जो बालों को पोषण देकर उन्हें मुलायम, घना, लंबा और चमकदार बनाते हैं। इसका हेयर मास्क लगाने से आपके बाल तो बढ़ेंगे ही साथ में खोई हुई चमक भी लौटेगी। तो चलिए बताते हैं केले के छिलके से हेयर मास्क कैसे बनाएं। केले के छिलका का पाउडर इंस्टाग्राम की ब्यूटी डिजिटल क्रिएटर जो ओबरॉय ने बनाना पील हेयर मास्क बनाने का तरीका शेयर किया है। उनका कहना है कि आप इसे आसानी से बनाकर लगाएं और फिर बालों की बढ़ती हुई लंबाई देखें। तो अब आपको करना क्या है- सबसे पहले केले के कुछ छिलके लेने हैं। अब इन्हें ओवन या माइक्रोवेव में 210 डिग्री में 20 मिनट तक रखना है। जब इसे निकालेंगे तो ये बिल्कुल सूखकर हाथों से क्रश होने लगेंगे। अब इसे मिक्सी में ग्राइंड करके पाउडर बनाना है। इस पाउडर को छन्नी से छा लें, जिससे बड़ा कूड़ा निकल जाए। 2 चीजों को मिलाएं इस पाउडर को कटोरी में रखें और इसमें 1 कटोरी दही मिलाएं और 1-2 चम्मच शहद। सभी चीजों को अच्छे से मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। बस आपका बनाना हेयर मास्क रेडी हो गया। कैसे लगाएं बालों को हल्का सा गीला कर लें और फिर इस हेयर मास्क को अप्लाई करें। ऊपर से नीचे तक बालों में इसे लेप की तरह लगाएं और हेयर कैप लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करें। आपको बेहतरीन रिजल्ट मिलेगा। इस हेयर मास्क को हफ्ते में 1 बार ही लगाएं। फायदे क्या हैं- बनाना पील हेयर मास्क लगाने के कई फायदे हैं, जो आपको जरूर जानने चाहिए। इससे ना सिर्फ बाल लंबे होंगे बल्कि मजबूत भी होंगे। यहां कुछ फायदे पढ़ें- -हेयर मास्क को लगाने से बाल होंगे शाइनी और सिल्की। दही बॉलों को नमी देगा। -ये बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर फॉल कम करने में मदद करता है। -ये स्कैल्प को साफ करता है और खुजली कम करता है। -बनाना पील हेयर मास्क ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे बालों की ग्रोथ सपोर्ट होती है।

इंस्टाग्राम ने लॉन्च किया नया फीचर, 15 मिनट तक एडिट कर सकेंगे कमेंट

इंस्टाग्राम ने आखिरकार उस फीचर को लॉन्च कर दिया है, जिसका इंतजार लंबे समय हो रहा था. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स और क्रिएटर्स अपने ही कमेंट को पोस्ट करने के बाद एडिट कर सकेंगे. आमतौर पर पोस्ट पर गलती से कोई गलत कमेंट हो जाता है. इंस्टाग्राम के नए फीचर की मदद से उस गलती को सुधारा जा सकेगा. इसमें यूजर्स टाइपो या फिर अपनी कोई गलती को सुधार सकेंगे. इंस्टाग्राम की तरफ से जारी किया गया फीचर सिर्फ 15 मिनट के लिए काम करेगा. यानी अगर यूजर्स कमेंट करने के 15 मिनट के अंदर कमेंट को एडिट कर पाएंगे.   इंस्टाग्राम एडिट टैग को इसलिए यूज करेगी ताकि उनके प्लेटफॉर्म पर ट्रांस्पेरेंसी बनी रहे. अगर कोई भी यूजर्स अपने कमेंट को एडिट करता है तो बाकी लोगों को ये दिखना चाहिए कि वह कमेंट एडिट किया गया है.   कमेंट अपडेट के लिए मानने पड़ेंगे ये नियम       कमेंट एडिट के लिए 15 मिनट की टाइम लिमिट मिलेगी.       कमेंट को अनलिमिटेड एडिट्स कर पाएंगे.     ए़डिट की सुविधा सिर्फ टेक्स्ट पर लागू है.     कमेंट में फोटो आदि है तो उसे एडिट नहीं कर पाएंगे.     एडिट किए गए कमेंट पर एडिट्स का टैग दिखेगा. कैसे एडिट कर पाएंगे पोस्ट किया कमेंट ? इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए जा चुके कमेंट को एडिट करना आसान होगा. इसके लिए यूजर्स को कमेंट पर कुछ देर टैप करके रखना होगा. इसके बाद स्क्रीन पर नया ऑप्शन आएगा, जिसमें एडिट का ऑप्शन भी होगा. उस पर क्लिक करना होगा. इसके गलती गलत कमेंट को एडिट कर सकेंगे. कमेंट एक बार एडिट होने के बाद उस पर एडिटेड टैग नजर आने लगेगा. एक बार एडिट होने के बाद कोई भी यूजर्स ओरिजनल कमेंट को नहीं देख सकेगा, जिसकी जानकारी खुद कंपनी ने शेयर की है.

जिम में भारी वर्कआउट से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, एक्सपर्ट की चेतावनी

 आजकल जिम जाना सिर्फ सेहत की जरूरत नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. लेकिन पिछले कुछ समय में जिम के फर्श पर गिरते और दम तोड़ते युवाओं की खबरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या हम फिट होने के चक्कर में खुद को खत्म कर रहे हैं? न्यूज 18 की इस खास रिपोर्ट में विशेषज्ञों से समझिए कि आखिर गलती कहां हो रही है. हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत का मानना है कि युवाओं में बढ़ता ‘ईगो लिफ्टिंग’ (दूसरों को देखकर क्षमता से अधिक वजन उठाना) का चलन सबसे खतरनाक है. सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में युवा अपनी सीमाओं को पार कर रहे हैं. ज्यादा वेट उठाने का शरीर पर असर एक्सपर्ट बताते हैं कि जब आप अचानक भारी वजन उठाते हैं, तो ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल की धमनियों में दरार आ सकती है और अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. क्यों फेल हो रहा है युवाओं का दिल? – बिना जांच के भारी वर्कआउट. ज्यादातर युवा जिम जॉइन करने से पहले बेसिक हार्ट चेकअप नहीं कराते. कई लोगों को जन्मजात दिल की बीमारियां होती हैं जो सामान्य जीवन में पता नहीं चलतीं, लेकिन भारी एक्सरसाइज के दौरान ‘ट्रिगर’ हो जाती हैं. – शॉर्टकट का लालच. रातों-रात मसल्स बनाने के लिए सप्लीमेंट्स, फैट बर्नर और स्टेरॉयड का बढ़ता इस्तेमाल दिल की धड़कन को बिगाड़ता है. -नींद और रिकवरी की कमी. दिन भर की नौकरी का तनाव, रात को देर तक जागना और फिर सुबह उठकर बिना रिकवरी के इंटेंस वर्कआउट करना. ऐसे में थकान के कारण दिल पर प्रेशर पड़ता है, जिससे वो बर्दास्त नहीं कर पाता है. कोविड का साइड इफेक्ट डॉक्टर्स चेतावनी दे रहे हैं कि कोविड के बाद कई लोगों की नसों में खून के थक्के जमने या दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या देखी गई है. ऐसे में बिना ‘ग्रैजुअल प्रोग्रेस’ के भारी जिमिंग जानलेवा साबित हो रही है. क्या हैं खतरे के संकेत? वर्कआउट के दौरान अगर शरीर ये इशारे दे, तो उसे ‘चुनौती’ न समझें, बल्कि तुरंत रुक जाएं- – सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस होना. – बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना. – गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना. – आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना. कैसे रहें सुरक्षित? अगर आप जिम की शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले कुछ हफ्ते केवल लाइट कार्डियो और बॉडी-वेट एक्सरसाइज करें. 30 की उम्र पार कर चुके हैं, तो जिम जाने से पहले एक TMT और ECG जरूर कराएं. जिम ट्रेनर के कहने पर कोई भी अनकही गोलियां या पाउडर न लें. किसी क्वालीफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह ही मानें. अगर किसी दिन नींद पूरी नहीं हुई या आप बीमार महसूस कर रहे हैं, तो उस दिन जिम स्किप करना ही समझदारी है.