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ब्यूटी टूल या मल्टी-टास्किंग गैजेट? जानें हेयर स्ट्रेटनर से चिप्स के पैकेट सील करने और प्रेस करने का तरीका

आजकल हर लड़की खुद को अप-टू-डेट रखना चाहती है, जिसके लिए अक्सर वो पार्लर जाती हैं. लेकिन रोजाना पार्लर जाना मुमकिन नहीं है. ऐसे में बालों को स्टाइल करने के लिए अब घर पर ही कर्लर और हेयर स्ट्रेटनर जैसी मशीन लाए रखती हैं. बालों को सीधा करने के लिए वो हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गैजेट सिर्फ बालों को 'सिल्की-स्मूद' बनाने के ही काम नहीं आता? दरअसल, आपके ड्रेसिंग टेबल पर रखा ये छोटा सा टूल आपके घर के कई कामों को आसान बना सकता है. हेयर-स्ट्रेटनर को 'मल्टी-टास्किंग जीनियस' कहना गलत नहीं होगा. किचन से लेकर बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स तक, हेयर स्ट्रेटनर मशीन घर के कई ऐसे कामों को चुटकियों में निपटा सकती है जिसके लिए हम अक्सर परेशान होते हैं. इसे सिर्फ एक ब्यूटी प्रोडक्ट समझना छोड़ दीजिए. चलिए जानते हैं हेयर स्ट्रेटनर के कुछ ऐसे जादुई इस्तेमाल जो आपकी डेली लाइफ को बेहद आसान बना देंगे. 1. पैकेट को एयर-टाइट सील करें: आपके बालों को सीधा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हेयर स्ट्रेटनर घर में खुले पैकेट्स को आसानी से सील कर सकता है. सोचिए, घर में अक्सर चिप्स, बिस्किट या नमकीन का पैकेट आधा बच जाता है और खुला रह जाने से वह जल्दी सील जाते हैं. ऐसे में पैकेट को वापस सील करना जरूरी है. कैसे करें: हेयर स्ट्रेटनर को हल्का गर्म करें और पैकेट के खुले हिस्से को उसके बीच में दबा दें. गर्मी से प्लास्टिक चिपक जाएगा और पैकेट फिर से सील हो जाएगा. अब आपके चिप्स-नमकीन जैसे स्नैक्स लंबे समय तक क्रिस्पी बने रहेंगे.   2. झटपट कपड़ों की प्रेस करें: यूं को घर कपड़ों की सिलवटें हटाने के लिए प्रेस का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर आपको कहीं जल्दी जाना है और कपड़ों पर हल्की सिलवटें दिख जाएं, तो स्ट्रेटनर आपकी मदद कर सकता है. कैसे करें: ऐसा करने के लिए हेयर स्ट्रेटनर को गर्म करें और शर्ट के कॉलर, कफ या बटन के बीच के हिस्सों पर हल्के हाथ से चलाएं. इस गैजेट से कपड़ों की छोटी-छोटी सिलवटें तुरंत हटाना आसान हो जाता है. 3. क्राफ्ट और DIY प्रोजेक्ट्स में मददगार: अगर आप या आपके बच्चे क्राफ्टिंग पसंद करते हैं, तो स्ट्रेटनर एक मजेदार टूल साबित हो सकता है. बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स को आसान बनाने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. कैसे करें: सोचिए अगर आपको फोम शीट को मोड़ना हो या रिबन को कर्ल देना हो तो आप स्ट्रेटनर की मदद से इन्हें आसानी से मनचाहा शेप दे सकते हैं. स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए ये बहुत काम का है. 4. बेड को दें होटल जैसा परफेक्ट लुक: जब आप कभी होटल के कमरे में जाते तो देखते ही लगता है कि वहां का बेड हमेशा इतना सलीकेदार दिखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ऐसा क्यों दिखता है?   कैसे करें: चादर बिछाने के बाद उसके किनारों और तकिए के कवर के बॉर्डर पर आप हल्के हाथ से स्ट्रेटनर चला सकते हैं. इससे कपड़ा एकदम फ्लैट और शार्प दिखेगा और आपका बेड बिल्कुल होटल जैसा लगेगा. इन बातों का जरूर रखें ध्यान: 1. तापमान का ध्यान रखें: हेयर स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करते हुए हमेशा तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. प्लास्टिक या नाजुक कपड़ों पर इस्तेमाल करते समय स्ट्रेटनर को हमेशा लो हीट पर रखें. 2. साफ-सफाई जरूरी है: अगर आप इसका इस्तेमाल खाने का पैकेट सील करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसकी सूखे कपड़े से अच्छे से साफ-सफाई कर लें. क्योंकि उस पर बाल लगे हो सकते हैं.

घर की खिड़कियां भी बदल सकती हैं आपकी किस्मत, जानें किस दिशा में खिड़की होना लाता है सुख-समृद्धि

आमतौर पर घर की खिड़कियों को रोशनी और हवा आने का माध्यम माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में इन्हें सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश द्वार के रूप में भी देखा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़कियों की दिशा, संख्या और उनकी स्थिति का सीधा प्रभाव घर के माहौल और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ता है। यदि इन बातों पर ध्यान न दिया जाए, तो आर्थिक दिक्कतें, मानसिक तनाव और रिश्तों में दूरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों को समझना और समय रहते सुधार करना बेहद जरूरी है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। दिशा का महत्व वास्तु के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बड़ी खिड़कियां होना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर की स्थिरता प्रभावित होती है और धन संचय में बाधा आ सकती है। ऐसी स्थिति में मोटे पर्दे या मजबूत फ्रेम का उपयोग करके इस प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, उत्तर और पूर्व दिशा में खिड़कियां होना अधिक लाभकारी माना गया है, क्योंकि इन दिशाओं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। खिड़कियों की संख्या खिड़कियों की संख्या भी वास्तु में अहम मानी जाती है। आमतौर पर सम संख्या को शुभ माना जाता है, जबकि विषम संख्या असंतुलन पैदा कर सकती है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुल संख्या का अंत शून्य पर न हो। यह छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है। खुलने की दिशा अगर खिड़कियां बाहर की ओर खुलती हैं, तो इसे ऊर्जा के बाहर जाने का संकेत माना जाता है। इससे मेहनत का फल टिक नहीं पाता। बेहतर यही है कि खिड़कियां अंदर की ओर खुलें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो अंदर की ओर पर्दे या हरे पौधे लगाकर ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।   खराब खिड़कियों को नजरअंदाज न करें टूटी हुई या आवाज करने वाली खिड़कियां घर में नकारात्मकता बढ़ा सकती हैं। इससे वातावरण भारी और असहज महसूस होता है। इसलिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराना जरूरी है। साफ और सही स्थिति में रखी गई खिड़कियां सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करती हैं।

मार्क जकरबर्ग ने बदली टीम और रणनीति, ‘म्यूज स्पार्क’ के जरिए AI की रेस में सबसे आगे निकलने की तैयारी

फेसबुक की पेरेंटल कंपनी मेटा ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की इंडस्ट्री में बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने नए AI मॉडल को लॉन्च किया है, जिसका नाम म्यूज स्पार्क है. यह कंपनी के न्यू AI डिविजन का बनाया नया प्रोडक्ट है, जिसको लेकर कंपनी ने बीते करीब एक साल में बड़े स्तर पर इनवेस्टमेंट की है. लॉन्चिंग से पहले इस प्रोजेक्ट को इंटरनल नाम दिया गया था, जो 'एवोकाडो' था. अब म्यूज स्पार्क को मेटा के स्टैंडअलोन AI ऐप पर लॉन्च कर दिया है. अब आने वाले दिनों में इसको को मेटा के ऐप के लिए जारी किया जाएगा, जिसमें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और मेटा एआई स्मार्ट ग्लास के नाम शामिल हैं. गूगल और ओपनएआई को देगा टक्कर वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम में मिलने वाला मेटा एआई कई जगह पिछड़ने लगा था. अब म्यूज स्पार्क की मदद से कंपनी को बड़े फायदे की उम्मीद कर रही है. राइटिंग और रीजनिंग के मामले में म्यूज स्पार्क ने बेहतर रिजल्ट दिया है, जिसकी वजह से यह ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक के बेहतरीन मॉडल के लेवल के आसपास पहुंच चुका है. रिपोर्ट्स में कोडिंग को लेकर बड़ा अंतर दिखाया गया है. मौजूदा समय में एआई रेस में कोडिंग काबिलियत एक जरूरी स्टैंडर्ड बन चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कोडिंग के मामले में म्यूज स्पार्क अपने राइवल्स से थोड़ा पीछे रह गया है. मार्क जकरबर्ग ने बीते साल बनाई AI टीम मार्क जकरबर्ग AI को लेकर बीते करीब एक साल से बड़ी इनवेस्टमेंट कर रहे हैं और इंडस्ट्री के कई बड़े टैलेंट को उन्होंने अपनी AI टीम में मोटी रकम देकर शामिल किया है. जकरबर्ग ने 29 साल के एलेक्जेंटर वांग को मोटी रकम देकर कंपनी में शामिल कर चुके हैं और उनको चीफ एआई ऑफिसर की पोस्ट दी, साथ ही कंपनी ने लामा-4 मॉडल पर काम करने वाली पुरानी टीम को बदल दिया. नए टीम में ओपनएआई, गूगल और अन्य राइवल्स कंपनियों से नए लोगों को मोटी रकम देकर मेटा में शामिल किया गया. म्यूज स्पार्क को अभी बंद मॉडल रखा मेटा ने म्यूज स्पार्क के साथ एक बड़ा बदलाव किया है और इसके कोड को मौजूदा समय में प्राइवेट रखा है. इसको क्लोज्ड मॉडल भी कह सकते हैं. बताते चलें कि मेटा अपने एआई मॉडल्स को ओपेन सोर्स करता था, जिसकी मदद से डेवलपर्स को कोड यूज करने की परमिशन मिलती थी. मेटा का बड़ा इनवेस्टमेंट जकरबर्ग ने एआई डेवलपमेंट के लिए बड़े इनवेस्टमेंट की तैयारी करके रखी है. एआई डेवलपमेंट के नए डेटा सेंटर पर 600 अरब डॉलर खर्च करने का प्लान बनाया हुआ है. साल 2026 में मेटा लगभग 135 अरब डॉलर तक खर्च करने का प्लान बनाया है, जो बीते साल की तुलना में लगभग दोगुना है. बीते साल कंपनी ने 72 अरब डॉलर की इनवेस्टमेंट की थी. म्यूज स्पार्क को लेकर कंपनी ने बड़ा दांव लगाया है और इससे कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलना चाहती है. गूगल, ओपनएआई और एन्थ्रॉपिक जैसे नाम मेटा से काफी आगे निकल चुके थे. म्यूज स्पार्क कंपनी के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. 

आधार फ्रॉड से बचना है तो आज ही बनाएं वर्चुअल आईडी, सुरक्षित रहेगा आपका बैंक खाता और निजी डेटा

क्या आपको भी डर है कि तमाम जगहों पर आधार नंबर शेयर करने की वजह से आपके साथ आधार से जुड़ा किसी तरह का फ्रॉड हो सकता है? दरअसल इस तरह की खबरे आए दिन आती रहती हैं, जहां लोगों के आधार नंबर का गलत फायदा उठाते हुए उनके बैंक अकाउंट खाली कर दिए जाते हैं। हालांकि आप इस तरह के खतरे को लगभग खत्म कर सकते हैं, अगर आप अपने आधार नंबर के लिए VID बना लें। VID यानी कि वर्चुअल आईडी एक 16 नंबर की पहचान होती है, जिसे आप आधार नंबर शेयर करने की जगह पर साझा कर सकते हैं। इससे आपका आधार नंबर लीक होने और उसका गलत इस्तेमाल होने की संभावना न के बराबर रह जाती है। गौर करने वाली बात है कि आधार के लिए VID को जेनरेट करना भी काफी आसान है और आप इसे अपने फोन पर भी कर सकते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर यह वर्चुअल आईडी काम कैसे करती है और आधार नंबर से यह कैसे और कितनी अलग है? क्या है VID? VID यानी कि वर्चुअल आईडी को आप आधार नंबर का एक डिजिटल सुरक्षा कवच मान सकते हैं। यह एक 16 नंबरों की अस्थायी संख्या होती है। इसका काम आपके असल आधार नंबर को सुरक्षित रखना होता है। इसे आप आधार वेरिफिकेशन के लिए जेनरेट कर सकते हैं और जितनी बार चाहें बदल सकते हैं। ऐसे में जिन जगहों पर आधार की जरूरत पड़ती है, वहां आपका आधार नंबर शेयर न होकर अलग-अलग 16 अंकों के अस्थायी नंबर शेयर होते हैं। इससे आपके साथ आधार के जरिए होने वाले किसी भी तरह के फ्रॉड का कोई चांस नहीं रहता। कैसे काम करता है VID? VID एक बार इस्तेमाल होने वाला मास्क नंबर होता है। इसका काम आपके असली आधार नंबर को छिपाकर, आधार से जुड़े आपके काम करवाना होता है। जब आप किसी संस्थान जैसे कि बैंक या सिम कार्ड स्टोर आदि को अपनी VID देते हैं, तो आपका आधार ऑथेंटिकेशन तो हो जाता है लेकिन संस्थान के पास आपका आधार नंबर नहीं पहुंचता। UIDAI का सर्वर आपके द्वारा शेयर की गई VID को आपके आधार नंबर से लिंक करके पहचानता है और एजेंसी को सिर्फ यह कन्फर्म करता है कि आपकी पहचान सही है। VID की खासियत क्या है? VID की सबसे बड़ी खासियत है कि यह अस्थायी होता है और आप जितने चाहें उतने VID जेनरेट कर सकते हैं। जैसे ही आप नया VID बनाएंगे, पुराना वाला अपने आप रद्द हो जाएगा। ऐसे में आपकी VID भले लीक हो जाए, लेकिन वह किसी काम की नहीं रहती। इसकी दूसरी खासियत है कि VID के जरिए वेरिफिकेशन करने पर सामने वाली संस्था को सिर्फ उतनी ही जानकारी मिलती है, जितनी सामने वाले के साथ शेयर करना जरूरी होती है। वहीं अगर आप आधार कार्ड को शेयर करते हैं, तो आपके कार्ड पर मौजूद सारी जानकारी सामने वाले के साथ शेयर होती है। कैसे जेनरेट करें VID?     VID जेनरेट करने के लिए आपको सबसे पहले https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर जाएं और अपने आधार नंबर की मदद से लॉग-इन करें।     इसके बाद Dashboard पर Generate Virtual ID पर क्लिक करें।     अब दो ऑप्शन में से Generate ID पर क्लिक करें     इसके बाद आपकी VID आपको दिखने लगेगी और साथ ही रजिस्टर्ड नंबर पर भी भेज दी जाएगी।

आंखों का फड़कना महज अंधविश्वास नहीं, शरीर में छिपी इन 5 कमियों का हो सकता है संकेत

आंखों के फड़कने को ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई मामलों में यह शरीर का संकेत हो सकता है कि आपको थोड़ा आराम करना चाहिए या शरीर के इशारे को समझना चाहिए। आंखों का फड़कना आमतौर पर हानिकारक नहीं होता, लेकिन बार-बार या अधिक समय तक ऐसा होना शरीर में किसी असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि शरीर आपको क्या संकेत दे रहा है। अगर आंखों का फड़कना कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे, आंखों में लालिमा, सूजन या दर्द हो, आंखें बार-बार अपने आप बंद हो जाएं या चेहरे के अन्य हिस्सों में हलचल महसूस हो, तो गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अपनी जांच कराएं। आंख फड़कने के कारण आमतौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी इन गलत आदतों के कारण आंख फड़कती है-     नींद की कमी- पर्याप्त आराम न मिलने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे वे फड़कने लगती हैं।     तनाव- स्ट्रेस लेवल बढ़ने पर शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसका असर मांसपेशियों पर पड़ता है। इसमें आंखों का फड़कना भी शामिल है।     ज्यादा स्क्रीन टाइम- फोन और लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने से आंखें थक जाती हैं और फड़कने लगती हैं।     चाय-कॉफी या शराब का अधिक सेवन- कैफीन या शराब के ज्यादा सेवन से नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे मांसपेशियों की गति प्रभावित हो सकती है और आंख फड़कने की समस्या शुरू हो जाती है।     पोषण की कमी- हेल्दी डाइट न लेने से भी आंखें फड़कने की समस्या हो सकती है। मैग्नीशियम, विटामिन बी12 और पोटेशियम की कमी से आंखें फड़कने की तकलीफ हो सकती है। अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, मेवे और डेयरी प्रोडक्ट शामिल करें। आंख फड़कने के गंभीर संकेत आंख फड़कना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार ऐसा गंभीर समस्या के कारण भी हो सकता है। यदि आंखों का फड़कना चेहरे के अन्य हिस्सों में फैल जाए या आंख अपने आप बंद होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। कई बार आंखों के फड़कने की वजह निम्नलिखित रोग भी हो सकते हैं-     ब्लेफेरोस्पाज्म     पार्किंसंस     मल्टीपल स्केलेरोसिस     फेशियल नर्व डिसऑर्डर शरीर के इन संकेतों नजरअंदाज न करें शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। मन और शरीर आपस में गहरा संबंध है। अगर मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं तो इसके लक्षण शरीर पर भी नजर आते हैं। काम या निजी जीवन का तनाव, लगातार चिंता या गहरी सोच, पर्याप्त आराम न मिलने से होने वाली मानसिक थकान, ये सभी समस्याएं सूक्ष्म रूप से शरीर को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके कारण आंखों का फड़कना शुरू हो सकता है। शरीर के इन संकेतों नजरअंदाज नहीं करना चाहिए-     आंखों में ड्राइनेस- लंबे समय तक स्क्रीन के इस्तेमाल से आंखों में ड्राईनेस की समस्या हो सकती है।     आखों में एलर्जी या जलन- धूल और प्रदूषण के कारण आखों में एलर्जी या जलन हो सकती है।     थकान- शरीर पर ज्यादा जोर डालने से मांसपेशियों के फड़कने की समस्या हो सकती है। आंखों का फड़कना बहुत ज्यादा थकान का संकेत हो सकता है। आंखों का फड़कना कैसे रोकें आंखों का फड़कना रोकने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं-     7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें     स्क्रीन टाइम से ब्रेक लें     कैफीन और शराब से परहेज करें     मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें     हेल्दी डाइट लें आंख फड़कने के संकेत समझें आंखों की मांसपेशियां बेहद संवेदनशील होती हैं। ये मामूली परेशानी से भी फड़कने लगती हैं। आंखों का फड़कना भले ही मामूली लगे, लेकिन कई बार ये शरीर की शुरुआती चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। इस पर ध्यान देने से बड़ी समस्याओं को बढ़ने से पहले ठीक किया जा सकता है। पर्याप्त नींद, हेल्दी डाइट, मेडिटेशन, चाय-कॉफी और शराब से दूरी और स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करके आंखों के फड़कने की समस्या को रोका जा सकता है।  

Redmi A7 Pro 5G की लॉन्च डेट कंफर्म, 6300mAh बैटरी और ‘iPhone जैसी नॉच’ के साथ 13 अप्रैल को देगा दस्तक

Xiaomi का रेडमी ब्रांड भारत में नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Redmi A7 Pro 5G है. कंपनी ने कंफर्म कर दिया है कि 13 अप्रैल को यह हैंडसेट लॉन्च होगा और कंपनी ने इसके साथ किंग ऑफ पावर एंड स्टाइल टैगलाइन का यूज किया है. Xiaomi के ऑफिशियल पोर्टल पर एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां पर Redmi A7 Pro 5G को लेकर डिटेल्स शेयर की है. यह एक अफोर्डेबल 5G फोन है. कंपनी ने स्मार्टफोन का बैक पैनल, प्रोसेसर और बैटरी आदि के बारे में डिटेल्स शेयर की है. Xiaomi ने अनवील कर दिया है कि Redmi A7 Pro 5G में 6300mAh की बैटरी दी गई है. कंपनी ने बताया है कि एक बार फुल चार्जिंग के बाद यह हैंडसेट पूरे दिन आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि चार्जिंग कैपिसिटी को लेकर कोई ऑफिशियली जानकारी नहीं दी गई है. Redmi A7 Pro 5G का डिस्प्ले Redmi A7 Pro 5G में 6.9 इंच का डिस्प्ले दिया जाएगा. ऑफिशियल पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स में बताया गया है कि यह सेगमेंट का सबसे बड़ा और स्मूद डिस्प्ले मिलेगा. ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें शाओमी हाइपरलैंड दिया जाएगा. जहां आईफोन की तरह की तरह नॉच के पास नोटिफिकेशन्स और कुछ कंट्रोल्स नजर आएंगे. Redmi A7 Pro 5G का कैमरा Redmi A7 Pro 5G के बैक पैनल को दिखाया जा चुका है, जिससे पता चलता है कि इसमें डुअल कैमरा लेंस मिलेगा. साथ ही कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर बताया गया है कि इसमें 32MP का डुअल AI कैमरा है. ऑफिशिल पोर्टल पर इस हैंडसेट के जरिए दिखाया गया है कि यह एक ड्यूरेबल हैंडसेट है. हालांकि अभी ड्यूरेबिलिटी की रेटिंग और सर्टिफिकेशन आदि के बारे में डिटेल्स नहीं दी है.

क्या आपके नाखून भी हो रहे हैं पीले या नीले? जानें शरीर में छिपी किन बीमारियों की ओर है यह इशारा

हमारे नाखून न सिर्फ हाथों की खूबसूरती को बढ़ाते हैं, बल्कि ये आपकी सेहत का राज भी बताते हैं। जी हां, भले ही ये सुनने में अजीब लगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर बैठे आप अपने नाखूनों को देखकर यह अंदाजा लगा सकते हैं कि आपका शरीर किस स्थिति में है। जी हां, नाखूनों का रंग, बनावट, मोटाई और आकार सभी महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। अगर आपको इस बारे में जानकारी नहीं है तो इस लेख में हम आपको बताएंगे कि नाखूनों के कौन-कौन से संकेत स्वास्थ्य की गहन जानकारी देते हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। नाखून का रंग नाखून का रंग हमारे शरीर की आंतरिक स्थिति का संकेत देता है। अगर नाखून पीले हो रहे हैं तो यह अक्सर विटामिन या मिनरल की कमी की ओर इशारा करता है। कभी-कभी यह ज्यादा धूम्रपान, फंगल संक्रमण या लिवर की समस्या का संकेत भी हो सकता है। नाखूनों पर सफेद धब्बे अक्सर जिंक की कमी से जुड़े होते हैं, जबकि नीला रंग ऑक्सीजन की कमी या फेफड़ों की समस्या की तरफ इशारा कर सकता है। नाखून की बनावट और मोटाई नाखून का बहुत नरम होना या बहुत मोटा होना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। नरम या टूटने वाले नाखून एनीमिया या लो ब्लड सेल्स की ओर इशारा कर सकते हैं। बहुत मोटे या उभरे हुए नाखून थायरॉइड या फंगल इन्फेक्शन का संकेत हो सकते हैं। नाखूनों का आकार नाखूनों का आकार और घुमाव स्वास्थ्य की जानकारी देते हैं। अगर नाखून सामान्य आकार से अलग फैल रहे हैं या नीले-गहरे रंग के हो रहे हैं, तो यह दिल की बीमारी या फेफड़ों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। कब डॉक्टर से मिलें ? अगर नाखूनों में अचानक बदलाव आए, दर्द या सूजन हो, लगातार टूट रहे हों, या रंग बदल रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

गर्मियों में खो गया है चेहरे का ग्लो, नारियल के इन देसी फेस पैक्स से पाएं पार्लर जैसा निखार

 गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं. तेज धूप, पसीना, धूल और प्रदूषण के कारण चेहरे की नेचुरल चमक धीरे-धीरे कम होने लगती है. हर कोई साफ, ग्लोइंग और फ्रेश स्किन चाहता है, लेकिन गर्मियों में स्किन का ग्लो कम हो जाता है और इसी चाहत में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेने लगते हैं, जिनमें केमिकल्स भी मौजूद होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद एक आम-सी चीज नारियल आपकी त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. नारियल है स्किन के लिए बेस्ट नारियल में मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को गहराई से पोषण देने का काम करते हैं. नारियल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और मॉइश्चराइजिंग प्रॉपर्टीज होती हैं, जो स्किन को न सिर्फ हेल्दी बनाती हैं बल्कि उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग भी बनाती हैं. खासतौर पर गर्मियों में जब त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है, तब नारियल से बना फेस पैक काफी असरदार साबित हो सकता है. इस तरीके से बनाएं नारियल का फेस पैक आपको बाजार से नारियल फेस पैक खरीदकर लाने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि घर पर नारियल फेस पैक बनाना बेहद आसान है. इसके लिए आपको 2 चम्मच नारियल तेल, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच दही चाहिए . इन तीनों चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. अब इस फेस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और लगभग 15 से 20 मिनट तक लगाकर रखें और जब यह सूख जाए. तब ठंडे पानी से चेहरा धो लें. ऑयली स्किन वाले ऐसे बनाएं फेस पैक नारियल फेस पैक स्किन को अंदर से हाइड्रेट करता है और उसे फ्रेश लुक देता है.अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आप नारियल पानी का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. नारियल पानी में थोड़ा सा बेसन मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे चेहरे पर लगाएं. यह पैक एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करता है और स्किन को साफ और टोन करने में मदद करता है. नारियल फेस पैक लगाने के फायदे नियमित रूप से इस तरह के होममेड फेस पैक का इस्तेमाल करने से त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें किसी तरह के केमिकल्स नहीं होते, जिससे स्किन को कोई नुकसान नहीं होता. इस गर्मी में अगर आप बिना ज्यादा खर्च किए अपनी त्वचा को चमकदार बनाना चाहती हैं, तो नारियल फेस पैक को जरूर ट्राई करें. यह न सिर्फ आपकी त्वचा को ठंडक देगा, बल्कि उसे हेल्दी और खूबसूरत भी बनाएगा. देसी नुस्खा अपनाकर आप अपनी सुंदरता को और निखार सकती हैं.

वनप्लस के अपकमिंग फ्लैगशिप किलर OnePlus Nord 6 के लॉन्च और इसके दमदार स्पेसिफिकेशन से जुड़ी खबर के लिए यहाँ 3 शीर्षक और 2 टैग्स दिए गए हैं:

OnePlus का ऑलराउंडर फोन अब भारत में धूम मचाने आ रहा है। फोन 7 अप्रैल को शाम 7PM लॉन्च होगा और 9 अप्रैल दोपहर 12PM से खरीदने के लिए उपलब्ध हो जाएगा। चलिए एक नजर डालते हैं कि वनप्लस के इस धाकड़ फोन में क्या-क्या खास मिलेगा… OnePlus Nord 6: पावरफुल कैमरा OnePlus Nord 6 में डुअल रियर कैमरा होगा, जिसमें 50MP का Sony Lytia प्राइमरी कैमरा होगा, जिसमें 2x जूम, डुअल-एक्सिस ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन और एक मल्टी-फोकस सेंसर होगा। मेन कैमरे के साथ 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी होगा, जो 112-डिग्री का फील्ड ऑफ व्यू देगा। सेल्फी के लिए 32MP का कैमरा होगा, जो होल-पंच डिस्प्ले कटआउट के अंदर लगा होगा। यह फोन पीछे के मेन कैमरे से 4K/60 fps पर वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम होगा। यह फोन धूल और पानी से सुरक्षित रहने के लिए IP66+IP68+IP69+IP69K रेटिंग के साथ आएगा। OnePlus Nord 6: बड़ा और स्मूद डिस्प्ले OnePlus Nord 6 में एक फ्लैट 1.5K AMOLED 'Sunburst HDR' डिस्प्ले होगा, जिसका रिफ्रेश रेट 165Hz तक, पीक ब्राइटनेस 3600 निट्स तक, मिनिमम ब्राइटनेस 2 निट्स और PWM डिमिंग 3840Hz होगी। इस टचस्क्रीन में Aqua Touch 2.0 भी होगा, जिससे यूजर्स गीली या नम उंगलियों से भी आसानी से फोन चला सकेंगे। OnePlus Nord 6: तेजतर्रार प्रोसेसर OnePlus Nord 6 में क्वालकॉम का ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 चिपसेट होगा, साथ ही एड्रेनो 835 जीपीयू, 12GB तक LPDDR5x रैम और 256GB तक UFS 4.1 ऑनबोर्ड स्टोरेज भी मिलेगी। फोन में G2 वाई-फाई चिप भी है, जो इसके फ्लैगशिप फोन OnePlus 15 में भी मौजूद है। इस चिप में चार एफिशिएंसी कोर, तीन परफॉर्मेंस कोर और एक प्राइम कोर हैं, जो 3.2GHz की पीक क्लॉक स्पीड देते हैं। दावा है कि इस फोन ने AnTuTu बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म पर 2,503,854 पॉइंट्स हासिल किए हैं, और यह 136% तक बेहतर सीपीयू परफॉर्मेंस, 64% बेहतर जीपीयू परफॉर्मेंस और 25% बेहतर AI परफॉर्मेंस देने का दावा करता है। फोन Android 16 पर बेस्ड ऑक्सीजनओएस 16 के साथ आएगा। OnePlus Nord 6: बड़ी बैटरी और लंबी बैटरी लाइफ यह भी कंफर्म हो गया है कि OnePlus Nord 6 में 9,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी होगी, जो 80W सुपरवूक वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। दावा है कि सामान्य इस्तेमाल पर यह 2.5 दिन तक का बैटरी बैकअप देगी। एक बार चार्ज करने पर यह लगभग 16.6 घंटे तक गूगल मैप्स नेविगेशन, 26.9 घंटे तक यूट्यूब पर वीडियो देखने या 6.3 घंटे तक 4K/60 fps पर वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा देगा। OnePlus Nord 6: कीमत और कलर ऑप्शन्स यह फोन देश में Amazon के जरिए फ्रेश मिंट, पिच ब्लैक और क्विक सिल्वर कलर ऑप्शन में बेचा जाएगा। भारत में इसकी कीमत 35,000 रुपये से 40,000 रुपये के बीच होगी। जानकारी के लिए बता दें कि OnePlus Nord 5 को भारत में जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था। इसके बेस मॉडल (8GB+128GB) की शुरुआती कीमत 31,999 रुपये थी। वहीं, इसके हायर-एंड ऑप्शन (12GB+256GB) की कीमत 34,999 रुपये रखी गई थी। इसका टॉप मॉडल (12GB+512GB) 37,999 रुपये में आया था।

इंस्टाग्राम लॉन्च करेगा ‘Instagram Plus, प्रीमियम फीचर्स के साथ पेड सर्विस की टेस्टिंग शुरू

नई दिल्ली  ऐसा लग रहा है कि Instagram एक नए पेड सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग कर रहा है, जिसका नाम Instagram Plus है। इसमें Stories पर फोकस करते हुए कुछ प्रीमियम फीचर्स मिल सकते हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसमें Stories की ऑडियंस को मैनेज करने, रीवॉच इनसाइट्स को ट्रैक करने और Instagram Stories की समय सीमा को 24 घंटे से ज्यादा बढ़ाने जैसे टूल्स शामिल हो सकते हैं। यूजर्स को नए इंटरैक्शन के जरिए अपनी Stories की विजिबिलिटी और एंगेजमेंट बढ़ाने के ऑप्शन भी मिल सकते हैं। ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है, जिससे पता चलता है कि Instagram अपने प्लेटफॉर्म पर पेड फीचर्स एड करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। Instagram Plus की टेस्टिंग सोशल मीडिया कंसल्टेंट Matt Navarra के Threads पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, Instagram Plus, Snapchat Plus जैसा ही होगा और इसमें यूजर्स के लिए कुछ खास फीचर्स मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इस नए फीचर की टेस्टिंग अभी फिलीपींस में की जा रही है, जिसकी कीमत PHP 65 (लगभग 100 रुपये) प्रति महीना है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ये भी दिख रहा है कि सब्सक्रिप्शन अपने आप रिन्यू होने से पहले एक महीने का फ्री ट्रायल भी मिलेगा। Stories फीचर पर रहेगा फोकस शेयर की गई इमेज के आधार पर, ऐसा लगता है कि Instagram Plus मुख्य रूप से इस सोशल मीडिया साइट के Stories फीचर पर ही फोकस कर रहा है। यूजर्स अपनी Stories को लोगों के अलग-अलग ग्रुप के साथ शेयर कर पाएंगे और ये देख पाएंगे कि उनकी Stories को कितनी बार दोबारा देखा गया है। वे Stories देखने वालों की लिस्ट में से किसी को भी सर्च कर पाएंगे और Story पोस्ट करने से पहले उसका प्रीव्यू भी देख पाएंगे। कुछ देशों में चल रही टेस्टिंग Navarra का ये भी दावा है कि Instagram ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि वह इस सब्सक्रिप्शन की टेस्टिंग 'दुनिया के कुछ देशों में' कर रहा है। ये अभी यूजर्स Stories के लिए ऑडियंस की अनलिमिटेड लिस्ट बना सकते हैं (Close Friends के अलावा) और अपनी Story की समय सीमा को 24 घंटे और बढ़ा सकते हैं। दोबारा किसने देखी Story सब्सक्राइबर Stories का प्रीव्यू भी देख सकते हैं और ऐसा करने पर उनका नाम Stories देखने वालों की लिस्ट में नहीं दिखेगा। इसके अलावा, वे ये भी देख सकते हैं कि किसी Instagram Story को कितने लोगों ने दोबारा देखा है। वे हर हफ्ते अपनी किसी एक Story को 'Spotlight' में डाल सकते हैं, ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोग देख सकें और उन्हें Stories के लिए एक 'Superlike' बटन भी मिलेगा। मिलेगा 24 घंटे से ज्यादा समय Instagram Plus के सब्सक्राइबर अपनी Stories को ज्यादा समय तक, यानी 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक लाइव रख पाएंगे। साथ ही, वे अपनी भावनाओं को स्ट्रॉन्ग तरीके से जाहिर करने के लिए 'Super Hearts' भेज पाएंगे और ज्यादा लोगों तक अपनी Story पहुंचाने के लिए उसे 'Spotlight' में डाल पाएंगे। कहा जा रहा है कि ये सभी फीचर्स यूजर्स को अपनी Stories पर ज्यादा कंट्रोल देंगे और उनकी एंगेजमेंट बढ़ाने में मदद करेंगे। इस फीचर को इस साल की शुरुआत में, जब ये डेवलपमेंट फेज़ में था, तब देखा गया था। Instagram ने अभी तक Instagram Plus के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कंपनी ने ये भी नहीं बताया है कि वह इसे बड़े पैमाने पर कब तक लॉन्च करने की योजना बना रही है। Instagram ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 8 मई से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड चैट्स के लिए सपोर्ट खत्म कर देगा। इस तारीख के बाद, यूजर्स मौजूदा एन्क्रिप्टेड कन्वर्सेशन का एक्सेस खो देंगे। प्लेटफर्म ने यूजर्स से डेडलाइन से पहले अपने मैसेज और मीडिया डाउनलोड करने के लिए कहा है। कुछ यूजर्स को इस ऑप्शन को एक्सेस करने एप अपडेट करने की जरूरत पड़ सकती है।