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मुसीबत में काम आएगा मोबाइल का ‘इमरजेंसी लोकेशन सर्विस’ फीचर, जानें फायदे और ऑन करने का तरीका

नई दिल्ली आज के स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने या सोशल मीडिया चलाने के साधन भर नहीं हैं। इनके जरूरी फीचर्स के बारे में पता हो, तो मुसीबत के समय में जान भी बच सकती है। दरअसल हम बात कर रहे हैं इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर के बारे में, जिसे गूगल ने कुछ समय पहले भारत में शुरू किया था। यह फीचर अगर आपके फोन में ऑन हो, तो इमरजेंसी लोकेशन पर कॉल करते ही आपकी लोकेशन से जुड़ी डिटेल्स इमरजेंसी सर्विसेज के पास पहुंच जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि यह सुरक्षा फीचर हर किसी के फोन में ऑन हो। चलिए आज इसके बारे में डिटेल में समझते हैं और जानते हैं कि कैसे आप अपने फोन में इस सर्विस को ऑन कर सकते हैं? इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर क्या है? गूगल का यह फीचर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए पेश किया गया है। यह फीचर तब एक्टिवेट होता है, जब यूजर 112 नंबर पर कॉल करता है। इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर के ऑन रहने पर इमरजेंसी सर्विसेज तो आपकी लोकेशन की डिटेल्स खुद ब खुद मिल जाती है। यह फीचर GPS, Wi-Fi और मोबाइल नेटवर्क की मदद से लोकेशन का पता लगाता है। ऐसे में आप अगर आप किसी संकट में हैं और इमरजेंसी सर्विस से मदद चाहते हैं, तो आपको अपनी सटीक लोकेशन बताने की जरूरत नहीं रहेगी। इमरजेंसी लोकेशन सर्विस फीचर को कैसे करें ऑन? इस फीचर को ऑन करने के लिए आपके पास एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन होना चाहिए। अब क्योंकि यह फीचर गूगल की ओर से उपलब्ध कराया गया है, तो iPhone पर यह उपलब्ध नहीं है। इस फीचर को ऑन करन के लिए आपको:     सबसे पहले फोन की सेटिंग्स में जाना होगा।     इसके बाद Safety and Emergency ऑप्शन को सर्च करके उस पर क्लिक करें।     इसके बाद खुलने वाले मेन्यू में Emergency location Service पर टैप करें और उसे ऑन कर दें। अब आपके फोन पर इमरजेंसी लोकेशन सर्विस ऑन हो चुकी है और आप अगर 112 नंबर पर कॉल करते हैं, तो आपकी लोकेशन भी इमरजेंसी सर्विसेज के पास खुद ही पहुंच जाएगी। फिलहाल इस राज्य में एक्टिव यह सर्विस फिलहाल उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है और इसे पूरे भारत में उपलब्ध कराने के लिए काम किया जा रहा है। बता दें कि इसे उत्तर प्रदेश पुलिस और Pert Telecom Solutions की मदद से 112 इमरजेंसी सिस्टम से लिंक किया गया है। इस सर्विस की टेस्टिंग के दौरान जो खास बात सामने आई थी, उसके मुताबिक अगर इस फीचर को ऑन रखने के बाद 112 नंबर पर की गई कॉल जल्द अचानक कट भी जाए, तो भी इमरजेंसी सर्विसेज के पास कॉल करने वाले की लोकेशन से जुड़ी डिटेल्स पहुंच गई थी। ध्यान रखने वाली बातें अगर आप अपने फोन पर इस फीचर को सुरक्षा के नजरिए से ऑन करते हैं, तो बता दें कि इसके बेहतर तरीके से काम करने के लिए अपने फोन की लोकेशन सर्विसेज को ऑन रखें। इसके अलावा हो सकता है कि पहली बार इसका इस्तेमाल करने पर आपको अपने डिवाइस की लोकेशन इस्तेमाल करने की अनुमति देनी पड़े। ऐसे में 112 नंबर पर कॉल करने पर अगर आपसे लोकेशन एक्ससे करने की अनुमति मांगी जाए, तो तमाम अनुमतियां जरूर दें।

सफेद बाल उखाड़ने का सच: फैलते हैं या नहीं? एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और बाल काले करने के देसी नुस्खे

आजकल लोग कई तरह की समस्या का शिकार होने लगे हैं। सेहत से लेकर स्किन और बालों तक की समस्याएं इन दिनों लोगों के लिए परेशानी की वजह बनी हुई है। इन्हीं में से एक बालों का असमय सफेद होना है। बदलती लाइफस्टाइल और खानपान में लापरवाही अक्सर सफेद बालों की वजह बनते हैं। सफेद बालों के नजर आते ही कई लोग इन्हें तोड़कर फेंक देते हैं, लेकिन कई लोग ऐसा मानते हैं कि सफेद बालों को तोड़ने पर यह बढ़ सकते हैं। हालांकि, इस बात में कितनी सच्चाई है, यह कोई नहीं जानता है। असल में यह बात सच नहीं है और ऐसा खुद एक्सपर्ट्स का मानना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए इन्हें तोड़ना ही एक उपाय है। आप कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से भी अपने बालों का रंग नेचुरली काला कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाएं बालों को नेचुरली काला- मेहंदी और कॉफी मेहंदी और कॉफी भी बालों का काला करने का रामबाण उपाय माना जाता है। बालों को लाल-भूरा रंग देने वाली मेहंदी में जब आप कॉफी मिलाते हैं, तो इससे बालों को काला रंग मिलता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कप गर्म कॉफी में ठंडा होने के बाद मेहंदी पाउडर मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। रात भर इस पेस्ट को ऐसे ही रखा रहने दें और फिर अगले दिन बालों में लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में बालों को धो लें। चाय का पानी चाय कई लोगों की पसंदीदा ड्रिंक होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मन को शांति देने वाली यही चाय आपके बालों को भी काला कर सकती है। अगर आप नेचुरली अपने बाल काले करना चाहते हैं, तो इसके चाय के पानी का इस्तेमाल फायदेमंद रहेगा। इसमें मौजूद टैनिक एसिड बालों को नेचुरल काला रंग देता है। इसके लिए चाय की पत्तियों को एक कप पानी में उबालें और ठंडा होने पर इसे छान लें। अब शैंपू करने के बाद अपने बालों को इस पानी से धो लें। इसे 10-15 मिनट लगा रहने दें और फिर नॉर्मल पानी से धो लें। आंवला और शिकाकाई अगर आप अपने बालों के लिए नेचुरली काला बनाना चाहते हैं, तो आंवला और शिकाकाई एक बढ़िया विकल्प है। इसके पाउडर को बराबर मात्रा लें और फिर इसमें पानी या दही मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाकर 25-30 मिनट के लिए छोड़ दें। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करने से फायदा नजर आएगा।  

अगर नहीं हटाया रात का मेकअप तो बढ़ सकती हैं त्वचा की परेशानियां, अपनाएं ये 4 जरूरी स्टेप्स

आज के समय में मेकअप हर लड़की की जिंदगी का एक छोटा-सा लेकिन बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। शायद ही कोई लड़की ऐसी होगी, जिसे मेकअप करना पसंद न हो। मेकअप आपकी पर्सनालिटी और पूरे लुक को बदल देता है। हालांकि, कुछ लोग दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरा साफ किए ही सो जाते हैं, खासकर जब उन्होंने मेकअप लगाया हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी लापरवाही आपकी स्किन को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है? जी हां, आइए जानते हैं रात को बिना मेकअप हटाए सोने के कुछ भारी नुकसानों के बारे में। फ्री रेडिकल्स मेकअप लगाकर सोने से स्किन में फ्री रेडिकल्स बढ़ जाते हैं। ये ऐसे एलिमेंट होते हैं, जो स्किन में सूजन, रेडनेस और निखार को कम करते हैं। इतना ही नहीं, ये कोलेजन को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे समय से पहले झुर्रियां और फाइन लाइन्स जैसी परेशानी होने लगती हैं। पोर्स होते हैं बंद जब मेकअप पूरी रात चेहरे पर रहता है, तो पोर्स बंद हो जाते हैं। इससे मुंहासे, ब्लैकहेड्स और एक्ने की समस्या बढ़ सकती है। कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो रातभर स्किन पर रहने से जलन और पिंपल्स का कारण बन सकते हैं। आंखों के लिए खतरा अगर आप आईशैडो, आईलाइनर या मस्कारा लगाकर सोते हैं, तो इससे आंखों के आसपास की स्किन को नुकसान और पलकों में खुजली, रेडनेस और सूजन हो सकती हैं। साथ ही, पलकों के पोर्स बंद होने के कारण स्टाई बनने का खतरा बढ़ जाता है। सही तरीके से मेकअप कैसे हटाएं? सही रिमूवर चुनें कुछ मेकअप रिमूवर में खुशबू और काफी केमिकल्स होते हैं, जो स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। चेहरे से मेकअप हटाने के लिए आप नॉन फ्रेगरेंस रिमूवर और जेंटल प्रोडक्ट्स चुनें। डबल क्लींजिंग अपनाएं अगर आप सिर्फ फेसवॉश से मेकअप हटाने की कोशिश करते हैं, तो इससे मेकअप पूरी तरह से साफ नहीं होता। पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर या माईसेलर वॉटर से मेकअप हटाएं, फिर माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोएं। इससे स्किन पूरी तरह साफ होती है। स्किन को न रगड़ें मेकअप हटाने के बाद चेहरे को अच्छी तरह से धो लें और तौलिये से स्किन को हल्के से थपथपाएं ताकि कुछ नमी बनी रहे। ध्यान रखें कि चेहरा क्लीन करते समय स्किन न रगड़ें। मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें रात को सोने से पहले चेहरा साफ करने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। यह स्किन में नमी बनाए रखता है और रिपेयर प्रोसेस को तेज करता है।

सिर्फ चुटकीभर हल्दी और दूध! जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे जो सर्दियों में रखेंगे आपको फिट

अक्सर कुछ लोग स्वाद के चक्कर में हल्दी वाला दूध पीने से कतराते हैं, लेकिन अगर आप इसके जादुई फायदों को जान लेंगे, तो आज रात से ही इसे पीना शुरू कर देंगे। आइए जानते हैं वो 5 बड़े कारण कि क्यों चुटकीभर हल्दी आपकी सेहत बदल सकती है। जोड़ों के दर्द का रामबाण इलाज सर्दियों में अक्सर पुराने दर्द फिर से उभर आते हैं, खासकर घुटनों और जोड़ों का दर्द। हल्दी में प्राकृतिक रूप से 'एंटी-इंफ्लेमेटरी' गुण होते हैं, यानी यह शरीर की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करती है। रोज रात को गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से यह एक नेचुरल पेनकिलर का काम करती है और आपकी हड्डियों को मजबूती देती है। सर्दी-जुकाम और खांसी की छुट्टी बदलते मौसम में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम जल्दी पकड़ लेता है। हल्दी वाला दूध शरीर में गर्मी पैदा करता है और कफ को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण गले की खराश और सीने की जकड़न से तुरंत राहत दिलाते हैं। यह आपको अंदर से इतना मजबूत बना देता है कि छोटी-मोटी बीमारियां पास भी नहीं आतीं। नींद की गोली से बेहतर है यह उपाय क्या आप रात भर करवटें बदलते रहते हैं और नींद नहीं आती? तो दवाइयां लेने के बजाय आज रात हल्दी वाला दूध पीकर देखें। जी हां, दूध में ट्रिप्टोफैन और हल्दी में मौजूद तत्व दिमाग को शांत करते हैं और तनाव को कम करते हैं। इसे पीने के कुछ ही देर बाद आपको गहरी और सुकून भरी नींद आ जाएगी। चेहरे पर आएगा कुदरती निखार महंगी क्रीम लगाने से बेहतर है कि आप अपने शरीर को अंदर से साफ करें। हल्दी एक बेहतरीन 'ब्लड प्यूरीफायर' है। यह खून से विषैले पदार्थों को बाहर निकालती है, जिससे कील-मुंहासे कम होते हैं। लगातार इसके सेवन से त्वचा में एक अलग ही चमक आ जाती है, जो किसी भी मेकअप से ज्यादा सुंदर लगती है। पेट रहेगा फिट, तो आप रहेंगे हिट सर्दियों में हम अक्सर तला-भुना खाना खा लेते हैं, जिससे पाचन गड़बड़ा जाता है। हल्दी वाला दूध पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है। यह पेट में गैस और अपच जैसी समस्याओं को रोकता है। इतना ही नहीं, यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे सर्दियों में वजन बढ़ने का डर भी कम हो जाता है। सेहतमंद रहने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं है, बस रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाएं और पी लें। यह छोटी-सी आदत आपको सर्दियों में बीमारियों और दर्द से दूर रखेगी।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज: हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है गंभीर बीमारियों की वजह

नई दिल्ली आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हाई ब्लड प्रेशर एक बेहद आम और खतरनाक स्वास्थ्य समस्या बन गई है। तनाव और खराब खान-पान से भी यह लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि अक्सर इसके गंभीर लक्षण तब तक सामने नहीं आते जब तक यह धमनियों (Arteries) को नुकसान न पहुंचा दे। अनियंत्रित हाई बीपी दिल की बीमारियों, किडनी फेलियर और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ा देता है। इसलिए, इसे नियंत्रित करने के लिए नियमित चेकअप और सही डाइट बहुत आवश्यक हैं। ज्यादातर मामलों में, शुरुआती हाई बीपी के लक्षण महसूस नहीं होते। हालांकि, जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर ये गंभीर संकेत दे सकता है, जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए।       तेज सिरदर्द, सिर के पिछले हिस्से में लगातार भारीपन या तेज दर्द।     चक्कर आना, थकान, बिना कारण कमजोरी महसूस होना, सिर चकराना।     धुंधली दृष्टि, अचानक सामने धुंधलापन छा जाना।     सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ, थोड़ा चलने पर भी सांस फूलना।     अचानक नाक से खून आना किन चीजों से करें सख्ती से परहेज? नमक की ज्यादा मात्रा नमक में मौजूद सोडियम ब्लड वॉल्यूम को बढ़ाकर धमनियों पर दबाव बढ़ाता है। (पापड़, अचार, और नमकीन स्नैक्स से बचें)। प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद फूड्स चिप्स, फ्रोजन फूड और डिब्बाबंद सूप में प्रिजरवेशन के लिए भारी मात्रा में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। चीनी ज्यादा चीनी मोटापा बढ़ाती है और ब्लड वेसल्स को सख्त कर सकती है। इस वजह से कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस हानिकारक हैं।

iPhone Air पर भारी छूट, 32,410 रुपये सस्ते में मिल रहा सबसे पतला ऐपल फोन, जानें खरीदने का सही तरीका

नई दिल्ली  Apple ने इस साल अपना सबसे पतला फोन iPhone Air पेश किया था। अब इसकी कीमत कम हो गई है। जी हां, फोन सस्ते में मिल रहा है। VijaySales पर आईफोन एयर कम कीमत में बिक रहा है। यहां आईफोन एयर की कीमत 24910 रुपय कम है। साथ ही, 7500 रुपये का डिस्काउंट भी मिल रहा है। इस तरह फोन कुल मिलाकर 32,410 रुपये कम में खरीदा जा सकता है। आईफोन एयर ना सिर्फ ऐपल का सबसे पतला फोन है, बल्कि इसमें कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं, जिसमें बेहर कैमरा और बैटरी शामिल है। आइये, डिटेल में जानते हैं। 32,410 रुपये कम में मिल रहा आईफोन एयर आईफोन एयर की कीमत भारत में काफी कम हो गई है। अब यह लेटेस्ट आईफोन खरीदने का एक अच्छा ऑफर है। विजय सेल्स इस फोन पर भारी छूट दे रहा है। बता दें कि ऐपल की आधिकारिक वेबसाइट पर फोन की कीमत 1,19,900 रुपये से शुरू है। वहीं, VijaySales पर फोन अभी 94,990 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा है। इसका मतलब है कि फोन की कीमत 24,910 रुपये कम हो गई है। इतना ही नहीं, फोन पर 7,500 रुपये का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। हालांकि, यह ऑफर American Express बैंक के कार्ड पर पेमेंट करने पर मिलेगा। इस तरह फोन की कीमत कुल मिलाकर 32,410 रुपये कम हो जाएगी और आप आईफोन ऐयर को 87,490 रुपये में खरीद सकते हैं।बता दें कि ICICI बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड, Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड या HDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड से EMI पर खरीदते हैं तो 4,000 रुपये की छूट मिलेगी। अगर आप इस डील का फायदा उठाना चाहते हैं, तो जल्दी करें क्योंकि ये ऑफर ज्यादा समय के लिए नहीं होते। iPhone 17 Pro वाले चिपसेट के साथ आता है फोन फीचर्स की बात करें तो आईफोन एयर में 6.5 इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दिया गया है। इसमें प्रोमोशन टेक्नोलॉजी और 120Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है। फोन का डिजाइन भी काफी अच्छा है। इसमें टाइटेनियम फ्रेम और सिरेमिक शील्ड 2 फ्रंट कवर लगा है, जिसे कंपनी सबसे मजबूत बताती है। इस फोन में ऐपल का नया A19 प्रो चिप लगा है, जो आईफोन 17 प्रो मॉडल में भी है। इसके साथ C1x मॉडेम भी है, जो कंपनी के मुताबिक पिछले मॉडेम से दोगुना तेज है। कैमरे की बात करें तो इसमें 48MP का फ्यूजन कैमरा दिया गया है। साथ में 12MP का टेलीफोटो लेंस भी है। सेल्फी के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा है, जिसमें 'सेंटर स्टेज' फीचर है। इससे वीडियो कॉल के दौरान आप फ्रेम में ही रहते हैं, भले ही आप थोड़ा हिलें-डुलें। अच्छी बात यह है कि आप फ्रंट और रियर कैमरे से एक साथ वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 6 और थ्रेड जैसी नई टेक्नोलॉजी हैं। यह सब ऐपल के नए N1 चिप से चलता है। बैटरी की बात करें तो यह एक बार चार्ज करने पर 40 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकती है। दुनिया भर में यह फोन ई-सिम (e-SIM) के साथ ही आता है, ताकि अंदर ज्यादा जगह बन सके। इसमें एक 'एक्शन बटन' भी है, जिससे आप किसी भी ऐप या फंक्शन को जल्दी से खोल सकते हैं। 'कैमरा कंट्रोल' फीचर से आप तुरंत कैमरा खोल सकते हैं या विजुअल इंटेलिजेंस फीचर्स को एक्टिवेट कर सकते हैं।  

गहरी नींद में सोते समय मुंह से लार बहने पर रहें अलर्ट?

अकसर दिन भर की थकान के बाद बिस्तर में पहुंचते ही लोगों को गहरी नींद आ जाती है। लेकिन कई बार गहरी नींद से जागने पर सुबह तकिए पर लगे लार के निशान व्यक्ति को असहज और शर्मिंदगी महसूस करवा सकते हैं। हो सकता है ऐसा कुछ कई बार खुद आपके साथ भी हुआ हो। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गहरी नींद में बहने वाली यह लार महज एक इत्तेफाक है या आपके शरीर की तरफ से दिया जाने वाला कोई खास इशारा? तो बता दें, डॉक्टरी भाषा में इस समस्या को 'सियलोरिया' (Sialorrhea) कहा जाता है। वैसे तो सोते समय लार निकलना इस बात का संकेत हो सकता है कि आप बहुत गहरी और सुकून भरी नींद में थे, लेकिन कई बार यह गलत पॉस्चर, एसिडिटी या साइनस जैसी समस्याओं की दस्तक भी हो सकती है। आइए समझते हैं कि आखिर रात के सन्नाटे में हमारा शरीर इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों देता है और इसके पीछे की असली वजह क्या है। क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट शारदाकेयर हेल्थसिटी में हेड ऑफ न्यूरोसाइंस डॉ. अतामप्रीत सिंह कहते हैं कि नींद में कभी-कभी लार टपकना आम बात है। यह अक्सर चेहरे की मांसपेशियों के ढीले होने, मुंह से सांस लेने या गलत सोने की मुद्रा के कारण होता है और आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे, तो यह नाक के लगातार बंद रहने, एसिड रिफ्लक्स, दांतों या मसूड़ों की समस्या, या नींद में निगलने की क्षमता कम होने का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह नसों या मांसपेशियों से जुड़ी बीमारियों से भी संबंधित हो सकता है। ऐसे में रोगी को चाहिए कि नाक को साफ रखें, सही तरीके से सोना और किसी भी छुपी हुई बीमारी का इलाज करने से इस समस्या को कम किया जा सकता है। अगर लार टपकने की समस्या ज्यादा या लगातार बनी रहे, तो कारण जानने और आगे की परेशानियों से बचने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।                                 नींद में लार टपकने के पीछे छिपे 5 बडे़ कारण ​मस्तिष्क संबंधी विकार कई बार कुछ मस्तिष्क संबंधी विकारों के चलते मांसपेशियों पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो जाता है, जिसकी वजह से व्यक्ति के मुंह से लार टपकने लगती है। इन विकारों में स्ट्रोक,सेरेब्रल पाल्सी, पार्किंसंस रोग, एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS),मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस), डाउन सिंड्रोम और ऑटिज्म शामिल हैं। इंफेक्शन कई बार किसी संक्रमण की वजह से भी मुंह से लार टपकने लगती है। जिसमें खराब गला या मोनोन्यूक्लिओसिस, साइनस इंफेक्शन, तोंसिल्लितिस, पेरिटोनसिलर फोड़ा जैसे संक्रमण शामिल होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें टॉन्सिलिटिस आपकी गर्दन और छाती तक फैल जाता है, जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के मुंह से लार बहने लगती है। एलर्जी यदि आपको किसी चीज से एलर्जी है तो भी सोते वक्त आपके मुंह से लार बह सकती है। दरअसल, एलर्जी होने पर लार ग्रंथि ज्यादा मात्रा में लार बनाकर शरीर से विषाक्त पदार्थों बाहर निकालती है। बंद नाक कई बार जुकाम, एलर्जी या साइनस इंफेक्शन की वजह से व्यक्ति की नाक बंद हो जाती है। नाक बंद होने से भी सोते समय मुंह से लार आने की परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में नाक को साफ रखें और स्टीम के साथ गर्म पानी से भाप लें। एसिडिटी जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है उनके मुंह से भी सोते समय लार बह सकती है। कैसे रोकें लार बहना ? -पीठ के बल सोने की आदत डालें। -बंद नाक का इलाज करवाएं। इसके लिए सोने से पहले स्टीम ले सकते हैं। -पानी ज्यादा पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। -दवाओं की वजह से लार आने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर को दिखाना कब है जरूरी? अगर लार बहुत ज्यादा बनने के साथ सांस लेने में दिक्कत, निगलने में परेशानी या नींद पूरी न होने की समस्या परेशान करती है तो, डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या आप शकरकंद को सिर्फ सब्जी समझते हैं? इसके 6 हैरान कर देने वाले फायदे जानकर चौंक जाएंगे

जब बात हेल्दी और टेस्टी खाने की आती है, तो शकरकंद हर डाइट में स्टार बन जाता है, जिसे स्वीट पोटेटो के नाम से भी जाना जाता है। यह सिर्फ एक सिंपल सब्जी नहीं, बल्कि कई हेल्थ प्रॉब्लम का हल भी है। अगर आप सोच रहे हैं कि कौन इसे रोज खाए?, तो जान लीजिए कि शकरकंद कुछ लोगों के लिए सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए वरदान भी है। दिल के मरीज शकरकंद में पोटैशियम और एंटी इन्फ्लेमेटरी भरपूर होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और दिल को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर दिल की बीमारी के खतरों को कम करने में भी मदद करता है, खासकर जब इसे अन्य हाई फाइबर वाले डाइट के साथ मिलाकर खाया जाए। गट हेल्थ वाले के लिए अच्छा शकरकंद में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इसके अलावा, शकरकंद आपके आंतों के माइक्रोबायोम में हेल्दी मात्रा में बैक्टीरिया बनाए रखने में मदद करता है, जिससे गट हेल्थ बेहतर होती है और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। डायबिटीज के मरीज शकरकंद में पाए जाने वाले एंथोसायनिन के कारण इसका डार्क पर्पल कलर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और हेल्दी गट माइक्रोबायोम को बनाए रखने के लिए अच्छा ऑप्शन है। डायबिटीज के मरीज शकरकंद को आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। कमजोर विजन वाले लोग शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन के कारण इसका कलर ब्राइट ऑरेंज होता है। जब आप इस एंटीऑक्सीडेंट को खाते हैं, तो यह विटामिन ए में बदल जाता है, जो आपकी आंखों की रोशनी को प्रोटेक्ट करने में मदद करता है। आप भी अपनी डेली डाइट में शकरकंद को जरूर शामिल करें। ब्रेन फंक्शन में सुधार अगर आप डेली डाइट में शकरकंद को शामिल करते हैं, तो इससे ब्रेन फंक्शन में सुधार हो सकता है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन सूजन को कम करता है और मेमोरी को बेहतर बनाने का काम करता है। कमजोर इम्युनिटी वाले लोग शकरकंद बीटा कैरोटीन के सबसे बेहतरीन स्रोतों में से एक है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को इसे जरूर खाना चाहिए। यह आंतों की हेल्थ के लिए अच्छा होता है और शरीर को वायरल इन्फेक्शन से बचने में भी मदद करता है।   

फूलगोभी खरीदते समय न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह मानकर ब्लोटिंग से पाएं राहत

फूलगोभी का स्वाद काफी सारे लोगों को पसंद आता है। अब जब ठंड में सब्जी की मार्केट में ढेर सारी गोभियां मिलती है तो इसके पराठे, सब्जी से लेकर पकौड़ी और अचार तक बनाकर खाना लोग पसंद करते हैं। लेकिन एक बार फूलगोभी खा ली तो काफी सारे लोग ब्लोटिंग और डाइजेशन इशू से जूझने लगते हैं। जिससे बचने के लिए या तो फूलगोभी को खाते ही नहीं या फिर ब्लोटिंग दूर करने की दवा लेना शुरू कर देते हैं। दोनों ही सिचुएशन से बचना है तो न्यूट्रिशनिस्ट की छोटी सी सलाह को मान लें। जब भी मार्केट फूलगोभी खरीदने जाएं तो बस इस छोटे से अंतर को ध्यान में रखकर ही गोभी खरीदें। इससे आप ब्लोटिंग और इनडाइजेशन से बच जाएंगे। न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया फूलगोभी खरीदने का तरीका न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने फूलगोभी खरीदने के लिए छोटी सी टिप्स को शेयर किया है। जिसे अपनाकर आप फ्रेश गोभी खरीद पाएंगे। फ्रेश फूलगोभी पहचानने का तरीका फूलगोभी ताजी है या बासी पहचानने का तरीका बिल्कुल आसान है। ताजी फूलगोभी बिल्कुल सफेद, सॉफ्ट टाइट होगी। वहीं बासी फूलगोभी का रंग हल्का सा पीला पड़ चुका होता है और इसके फूल कई बार बिखरे हुए से दिखते हैं। वहीं फूलगोभी बिल्कुल टाइट नहीं लगती है। पीली फूलगोभी ना खरीदें मार्केट में फूलगोभी लेने जाएं तो कई बार दो तरह की फूलगोभी रखी दिख जाती है। एक बिल्कुल सफेद नजर आती है और दूसरी थोड़ी सी पीली या हल्के क्रीम कलर की दिखती है। अब गोभी खरीदते समय ज्यादातर लोग ताजा या बासी का अंदाजा कीड़ों से लगाते हैं। लेकिन फूलगोभी ताजी या बासी इसका पता गोभी के कलर से चलता है। अगर पीले रंग की गोभी होगी तो इसका मतलब है कि वो बासी है। इसमे मॉइश्चर और जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी होगी। हल्के पीले रंग की दिखने वाली गोभी ज्यादा लंबे टाइम से स्टोर की हुई होती है। इन फूलगोभियों में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेट्स पहले ही टूट चुके होते हैं। जिसकी वजह से इनके अंदर ऐसे न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बहुत कम रह जाती है। अब फूलगोभी में जितना ज्यादा न्यूट्रिशन की कमी होगी वो उतना ज्यादा पाचन पर स्ट्रेस बढ़ाएगी। हल्के पीले रंग की फूलगोभी खाने पर ही ज्यादातर अपच, ब्लोटिंग और पेट में दर्द की शिकायत होने लगती है।

आयरन तवे को धोने के बाद सही इस्तेमाल कर डोसे को चिपकने से बचाएं

डोसा या चीला बनाने के लिए नॉनस्टिक तवा का यूज आसान होता है। लेकिन नॉनस्टिक सेहत के लिए हार्मफुल होता है और इसे जल्दी-जल्दी चेंज करने की जरूरत होती है। ऐसे में ज्यादातर लोग लोहे के तवे पर डोसा बनाने की सलाह देते हैं। लेकिन लोहे का तवा एक बार धो दिया जाए तो फिर इस पर डोसा बनाना मुश्किल हो जाता है और डोसा चिपकना शुरू हो जाता है। ऐसे में लोहे के तवे को सीजन करने का आसान तरीका जरूर सीख लें। सबसे पहले तो लोहे के तवे को धोना सीख लें – कास्ट आयरन तवा जिसे आप सीजन करके रखती हैं उसे धोने के लिए बहुत सारा घिसने की जरूरत नहीं होती। बस धोने से पहले हल्का सा गर्म कर लें। जिससे किनारे पर जमी पपड़ी आसानी से छूट सकेगी। बस इन पपड़ियों को किसी चीज से खुरचकर निकाल दें। फिर माइल्ड साबुन से धो दें। धोने के बाद कास्ट आयरन तवा को सीजन करने का तरीका – एक बार तवा या लोहे का पैन धो लिया तो फौरन उसके पानी को पोंछकर सुखा दें। फिर, उस पर हाई स्मोकिंग ऑयल जैसे सरसों का तेल या फिर तिल का तेल लगाएं। तेल लगाने के बाद किसी कपड़े या किचन टॉवले से पोंछ दें और गैस पर रखकर बर्तन को तब तक गर्म करें जब तक कि धुंआ ना निकलने लगे। एक बार बर्तन गर्म होकर धुआं निकलने लगे तो गैस की फ्लेम को बंद करके ठंडा हो जाने दें। बर्तन को गर्म करने से सारा ऑयल अंदर अब्जॉर्ब हो जाता है और बिल्कुल नॉनस्टिकी बनकर रेडी हो जाता है। बस जब ये तवा या पैन ठंडा हो जाए तो एक्स्ट्रा ऑयल को पोंछकर रख दें। अगर तवा नया है या आपने ज्यादा रगड़कर धोया है तो एक बार गर्म होकर ठंडा हो जाने के बाद फिर से इस पर तेल लगाएं और गर्म करें। फिर एक्स्ट्रा तेल को वाइप कर दें। इस प्रोसेस को दो सेतीन बार रीपिट करें। ऐसा करने से कास्ट आयरन या लोहे का तवा अच्छी तरह से चिकना हो जाएगा और फिर इस पर किसी भी तरह का डोसा या चीला नहीं चिपकेगा। सबसे खास बात अगर डोसा या तवा पहली बार बनाते समय चिपक रहा तो एक से दो बनाने के बाद फिर आसानी से बनना शुरू हो जाता है।