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क्या भारत रोक पाएगा ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ? वनडे सीरीज में करो या मरो की स्थिति

होबार्ट भारतीय टीम पहले दोनों मैच में चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में नाकाम रही और ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल करके श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को अगर क्लीन स्वीप से बचना है तो उसके बल्लेबाजों को अपने खेल में आमूलचूल सुधार करना होगा। पहले दो मैचों में बुरी तरह हारने के बाद बैकफुट पर खड़ी मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को होबार्ट में होने वाले तीसरे और अंतिम महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में साख बचानी होगी। भारतीय महिला टीम को अगर जीत हासिल करके अपनी प्रतिष्ठा कुछ हद तक बचानी है तो उसको अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियों को दूर करना होगा। भारतीय टीम पहले दोनों मैच में चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में नाकाम रही और ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल करके श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। यह लगातार 12वां अवसर है जबकि भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया से वनडे श्रृंखला गंवाई। असल में भारत अभी तक अपने इस प्रतिद्वंदी से द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीत पाया है। पहले मैच में भारत ने पावरप्ले के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए थे और फिर वापसी नहीं कर पाया। भारतीय टीम ने दूसरे वनडे में पहले विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी करके अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज इसका फायदा उठाने में नाकाम रहे। भारत ने 17वें और 31वें ओवर के बीच सिर्फ 52 रन पर पांच विकेट गंवा दिए। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर उन्हें ध्यान देने की जरूरत है। पहले वनडे में भारत 214 रन पर आउट हो गया और दूसरे वनडे में नौ विकेट पर 251 रन ही बना पाया। ऑस्ट्रेलिया ने इन दोनों मैच में आसानी से लक्ष्य हासिल किया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को अगर क्लीन स्वीप से बचना है तो उसके बल्लेबाजों को अपने खेल में आमूलचूल सुधार करना होगा। युवा सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल ने पहले मैच में शून्य पर आउट होने के बाद शानदार वापसी करते हुए अर्धशतक बनाया, वहीं स्मृति मंधाना ने दोनों मैचों में क्रमशः 31 और 58 रन बनाए। हरमनप्रीत ने भी दो अर्धशतक जड़े। लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसी सीनियर बल्लेबाज अभी तक कोई खास योगदान नहीं दे पाए हैं जिससे टीम को नुकसान पहुंचा है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने दूसरे मैच के बाद कहा, ‘निश्चित रूप से हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। हमने फिर से वही गलतियां दोहराई और विकेट गंवाए। इससे हम पर्याप्त स्कोर नहीं बना पाए। पिछले दो मैच में हम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाए और उसका हमें खामियाजा भुगतना पड़ा। उम्मीद है अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ भारत की गेंदबाजी में भी निरंतरता की कमी दिखी। दीप्ति ने तीन विकेट लिए हैं। श्री चरणी ने पहले मैच में दो विकेट लिए थे, लेकिन दूसरे मैच में वह काफी महंगी साबित हुईं। काशवी गौतम और क्रांति गौड़ की तेज गेंदबाजी जोड़ी को अधिक निरंतरता दिखानी होगी और पावरप्ले में ऑस्ट्रेलिया को हावी होने से रोकने के लिए शुरुआत में ही विकेट लेने होंगे। भारत की फील्डिंग भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, जिसमें गौड़, मंधाना और ऋचा घोष ने कैच छोड़े। इसके विपरीत ऑस्ट्रेलिया ने लगभग सभी विभाग में शानदार प्रदर्शन किया है। जॉर्जिया वोल के दमदार शतक और फीबी लिचफील्ड की प्रवाहमय बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे में आसानी से लक्ष्य हासिल किया। बेथ मूनी, एलिसा हीली और एनाबेल सदरलैंड ने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था। मेगन शट और एशले गार्डनर की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण ने भी अपने सामूहिक योगदान से प्रभावित किया है। इन दोनों के अलावा अलाना किंग और सदरलैंड ने भी विकेट लिए हैं। भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जीती थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की दो वनडे में जीत ने उसे बहु-प्रारूप वाली श्रृंखला में 6-4 की बढ़त दिला दी है। भारत के इस दौरे विजेता ट्रॉफी हासिल करने वाली टीम का निर्धारण तीनों प्रारूप के कुल अंकों के आधार पर होगा। टी20 और वनडे मैच जीतने पर दो अंक जबकि टेस्ट मैच जीतने पर चार अंक मिलेंगे। भारत को अंतिम वनडे और उसके बाद पर्थ में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में वापसी करने की कोशिश करनी होगी ताकि दौरे का अंत निराशाजनक तरीके से न हो। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलीसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। समय: मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।  

क्या बदलने वाली है कप्तानी? अफरीदी ने शादाब को बताया भविष्य का लीडर, सलमान अली पर सवाल

कोलंबो पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप के सुपर-8 में जगह बना चुकी है और अब तक सेमीफाइनल की रेस में बरकरार है। हालांकि टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। सलमान अली आगा के नेतृत्व में पाकिस्तान की टीम अभी तक ब़ड़ी टीमों के खिलाफ मुकाबला नहीं जीत सकी है। वहीं टीम के कप्तान सलमान अली आगा का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा है। पाकिस्तान और कप्तान सलमान के टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन की जमकर आलोचना हो रही है और इस बीच शाहिद अफरीदी ने दावा किया है कि अगर माइक हेसन बतौर कोच टूर्नामेंट के बाद बने रहते हैं तो शादाब खान पाकिस्तान की टीम के अगले कप्तान बनेंगे। पाकिस्तान को टी 20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने की हल्की सी उम्मीद मिली है। पाकिस्तान का आज आखिरी सुपर आठ मुकाबला श्रीलंका से है। टी20 विश्व कप में टीम के खराब प्रदर्शन के कारण सलमान अली की कप्तानी भी खतरे में हैं, कईयों का मानना है कि सलमान अली को पद से जल्द ही हटाया जा सकता है। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जगा दी है। न्यूजीलैंड का रन-रेट (1.390) फिलहाल पाकिस्तान (-0.461) से अच्छा है तो पाकिस्तान को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ या तो 64 रनों के अंतर से मैच जीतना होगा आ फिर लक्ष्य को 13.1 ओवर में हासिल करना होगा। शाहिद अफरीदी ने समा टीवी से कहा, ''अगर माइक हेसन कोच बने रहते हैं, फिर मुझे लगता है कि शादाब खान कप्तान बनेंगे। उनका (शादाब और हेसन का) कनेक्शन बहुत पुराना है, जो इस्लामाबाद यूनाइटेड में पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान शुरू हुआ था। शादाब बुरा विकल्प नहीं है, लेकिन अगर उनकी गेंदबाजी का प्रदर्शन बेहतर होता, तो यह बहुत अच्छा होता।" इंग्लैंड की न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत से पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने का भी अब रास्ता खुल गया है। अब पाकिस्तान को अपने आखिरी मुकाबले श्रीलंका पर बेहतर रनरेट के साथ बड़े अंतर से जीत हासिल करने पर उसे सेमीफाइनल में प्रवेश मिल जायेगा।  

सिंह कब जुड़ेंगे टीम इंडिया से? BCCI ने वेस्टइंडीज मैच से पहले दिया अहम संकेत

मुंबई टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह पिता के निधन के बावजूद कोलकाता में 28 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच से पहले टीम से जुड़ेंगे। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में सुपर-8 मुकाबला होने जा रहा है, और इस मैच से पहले टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह को लेकर बड़ी खबर आई है। रिंकू सिंह पिता के निधन के बावजूद टीम इंडिया से जुड़ने के लिए तैयार हैं। बीसीसीआई मैनेजमेंट के अनुसार, वे 28 फरवरी, रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले से पहले कोलकाता पहुंचेंगे। रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी की सुबह ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में कैंसर के लंबे इलाज के बाद निधन हो गया। रिंकू ने अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें कंधा दिया। अलिगढ़ में आयोजित अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने संवेदनाएं व्यक्त की। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। पिता मिलने गए थे घर टीम इंडिया T20 वर्ल्ड कप की डिफेंडिंग चैंपियन है और 27 फरवरी की शाम कोलकाता पहुंच चुकी है। रिंकू इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच के बाद अपने पिता की बिगड़ती तबीयत के कारण टीम से घर लौट गए थे। बाद में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले से पहले चेन्नई में टीम से फिर जुड़कर खेल जारी रखा। मिला-जुला रहा रिंकू का प्रदर्शन इस वर्ल्ड कप में रिंकू का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। उन्हें अधिकांश मैचों में आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी का मौका मिला। पांच पारियों में उन्होंने कुल 24 रन बनाए, जिनमें दो बार नाबाद रहे और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 11* रहा। इस साल खेले गए 10 T20I मैचों में रिंकू ने 8 पारियों में 115 रन बनाए हैं। उनका औसत 28.75 और स्ट्राइक रेट 132.18 रहा है, जबकि सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 44 रन रहा। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मैच का विजेता ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा। रिंकू सिंह के लिए यह मैच खास महत्व रखता है, क्योंकि वे टीम में वापसी कर अपनी क्षमता दिखाने को तैयार हैं। उनके प्रदर्शन पर अब सभी की नजरें टिकी रहेंगी। रिंकू सिंह की वापसी न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण की कहानी है, बल्कि यह भारतीय टीम की ताकत को भी बढ़ाएगी। इस मैच में उनकी भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।  

पाकिस्तान की विस्फोटक बल्लेबाजी, जीत के लिए श्रीलंका को 213 रनों की चुनौती

श्रीलंका पल्लेकेले  विश्व कप की लाइव कवरेज में आपका स्वागत है। टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के ग्रुप -2 के आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान ने करो या मरो के मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 213 रनों का विशाल लक्ष्य दिया है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को इस मैच को 65 रनों से जीतना होगा। श्रीलंका के कप्तान दसुन शनाका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज करने का फैसला किया, जिसे पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजी ने पूरी तरह से गलत साबित कर दिया। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 176 रनों की साझेदारी की। फखर जमान 82 गेंदों में 84 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि साहिबजादा फरहान ने 60 गेंदों में 100 रन बनाए। श्रीलंका के लगभग सभी गेंदबाज महंगे साबित हुए लेकिन अंत के ओवरों में रनों पर अंकुश जरूर लगाया। आखिरी के दो ओवरों यानी 12 गेंदों में पाकिस्तान ने कुल 14 रन बनाए और अपने 6 विकेट खो दिए। पाकिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर की समाप्ति पर 8 विकेट के नुकसान पर 212 रन बनाए हैं और श्रीलंका के सामने 213 रनों का विशला लक्ष्य रखा है। पल्लेकेले की पिच पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कप्तान सलमान आगा के पास बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की फौज है। दूसरी ओर, दासुन शनाका के नेतृत्व में श्रीलंकाई टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाना चाहेगी। उनके पास पाथुम निसांका, कुसल मेंडिस और महीश तीक्ष्णा जैसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी समय मैच का पासा पलट सकते हैं। पाकिस्तान प्लेइंग XI (Playing XI)- साहिबजादा फरहान, फखर ज़मान, सलमान आगा, ख्वाजा नाफे, उस्मान खान, शादाब खान मोहम्मद नवाज, शाहीन अफरीदी, नसीम शाह, अबरार अहमद, उस्मान तारिक श्रीलंका प्लेइंग XI (Playing XI)- पथुम निसांका, कामिल मिश्रा, चरित असलंका, पवन रथनायके, कमिंडु मेंडिस, दासुन शनाका जनिथ लियानागे, दुनिथ वेलालेज, महेश तीक्ष्णा, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका।

अब पांच अप्रैल को अर्जेंटीना में मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे भारत के संग्राम

नई दिल्ली भारत के एमएसए फाइटर संग्राम सिंह अब अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे इलाके में पांच अप्रैल को फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे। इसी के साथ ही संग्राम पहले भारतीय एमएमए फाइटर होंगे जो अर्जेंटीना की धरती पर मुकाबले के लिए उतरेगा। इसस पहले उन्होंने जॉर्जिया और नीदरलैंड में मुकाबले खेलें हैं। मुकाबले के आयोजकों के अनुसार संग्राम की एमएमए की कला में जो आकर्षण है उससे अर्जेंटीना के लोगों में काफी उत्साह है। वहां के लोग यह भी जानने को उत्सुक हैं कि संग्राम किसी प्रकार यहां तक पहुंचे हैं। इसका कारण है कि वह 40 की उम्र के बाद इस क्षेत्र में उतरे हैं। उन्होंने भारत को इस खेल में पहचान दिलाई है। पूर्व पेशेवर रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानगी जाहिर की थी कि वह कैसे सफल होंगे क्योंकि  कुश्ती और एमएमए काफी अलग हैं हालांकि उन्हें भारोसा था कि अनुशासन, फिटनेस और योद्धा की तरह जुझारूपन से वह यहां भी सफल होंगे। इस मुकाबले के लिए संग्राम अपने कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं। टीम ने उनके ट्रांज़शिन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी कंडीशंस में ढलने और फिटनेस पर विशेष काम किया है, जिससे वह एक एलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।  

जॉर्जिया वोल के शतक से ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत, मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में ली 6-4 की बढ़त

होबार्ट बेलरिव ओवल में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत महिला टीम को 5 विकेट से हराकर श्रृंखला 2-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में 6-4 की बढ़त भी बना ली। ऑस्ट्रेलिया की जीत की नायिका रहीं जॉर्जिया वोल, जिन्होंने अपने करियर का दूसरा वनडे शतक जड़ा, जबकि फोएबी लिचफील्ड ने तूफानी 80 रन बनाकर मैच को एकतरफा बना दिया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के 251/9 के स्कोर को 36.1 ओवर में ही हासिल कर लिया। भारत की अच्छी शुरुआत, फिर मध्यक्रम ध्वस्त टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत शानदार रही। प्रतीका रावल और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी। हालांकि स्मृति मंधाना को एक बार फिर एश्ले गार्डनर ने बोल्ड कर पवेलियन भेजा, जिसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। 17वें से 31वें ओवर के बीच भारत ने 52 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए। तीसरे नंबर पर उतरी जेमिमा रोड्रिग्स केवल 11 रन बनाकर एनेबेल सदरलैंड का शिकार बनीं। इसके बाद 52 रन बनाकर अच्छी लय में दिख रहीं प्रतीका रावल रन आउट हो गईं, जब हरमनप्रीत कौर के साथ गलतफहमी के चलते वह बीच पिच पर फंस गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 70 गेंदों में 54 रन बनाकर निचले क्रम को संभाला और टीम को 50 ओवर में 251/9 तक पहुंचाया। एश्ले गार्डनर (2/39) और अलाना किंग (2/41) ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से प्रभावी गेंदबाजी की। लिचफील्ड की आक्रामक बल्लेबाजी ने तोड़ी भारत की उम्मीदें लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को फोएबी लिचफील्ड ने विस्फोटक शुरुआत दिलाई। उन्होंने पावरप्ले में ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और केवल 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। लिचफील्ड ने कांति गौड़ के एक ओवर में लगातार तीन चौके जड़े और बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा पर भी खुलकर प्रहार किया। 80 रन बनाकर वह कांति गौड़ की गेंद पर बोल्ड हुईं, लेकिन तब तक मैच ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में आ चुका था। जॉर्जिया वोल का दबदबे वाला शतक सीरीज के पहले मैच में गोल्डन डक का सामना करने वाली जॉर्जिया वोल ने इस मुकाबले में शानदार वापसी की। एलिस पेरी की चोट के बाद टीम में जगह बनाने वाली वोल ने मिले जीवनदानों का पूरा फायदा उठाया। 19 और 53 रन पर उन्हें कैच का मौका मिला, लेकिन भारतीय फील्डरों की चूक भारी पड़ी। वोल ने 80 गेंदों में शतक पूरा किया और 101 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनका विकेट गिरने तक ऑस्ट्रेलिया जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था। अंततः ऑस्ट्रेलिया ने 36.1 ओवर में 252/5 बनाकर मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया। संक्षिप्त स्कोर: भारत महिला – 251/9 (50 ओवर) प्रतीका रावल 52, हरमनप्रीत कौर 54 एश्ले गार्डनर 2/39, अलाना किंग 2/41 ऑस्ट्रेलिया महिला – 252/5 (36.1 ओवर) जॉर्जिया वोल 101, फोएबी लिचफील्ड 80 कश्वी गौतम 2/47 ऑस्ट्रेलिया ने मैच 5 विकेट से जीता।  

सुंगुसी जूनियर के दो गोल ने पंजाब को बेंगलुरु के खिलाफ जीत दिलाई

बेंगलुरु सुंगुसी जूनियर एफियोंग के पहले हाफ में दागे गए दो सटीक गोल की बदौलत पंजाब एफसी ने शुक्रवार को यहां इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल में बेंगलुरु एफसी को 2-0 से हराया। ‘द शेरस’ ने इस सत्र की अपनी पहली जीत दर्ज की और तीन अंक के साथ अंकतालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गए, जबकि बेंगलुरु एफसी चार अंक के साथ छठे स्थान पर बरकरार है। सुंगुसी जूनियर को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।  

सबसे निचले पायदान पर काबिज वॉल्व्स ने तीसरे नंबर की टीम एस्टन विला को हराया

वॉल्वरहैम्प्टन जोआओ गोम्स ने इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) के वर्तमान सत्र का अपना पहला गोल किया जबकि रोड्रिगो गोम्स ने स्टॉपेज टाइम में गोल दागा जिससे इस प्रतिष्ठित फुटबाल प्रतियोगिता के सबसे निचले पायदान की टीम वॉल्वरहैम्प्टन ने शानदार फॉर्म में चल रहे एस्टन विला को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। लीग में यह उस क्लब की केवल दूसरी जीत है जिसके 29 मैच में केवल 13 अंक हैं जो अपनी करीबी टीम से छह अंकों से पिछड़ रही है। एक ऐसी टीम जिसका निचली श्रेणी के टूर्नामेंट में खिसकना तय है। वॉल्व्स के प्रशंसक अपनी टीम की इस जीत से काफी खुश थे जिससे एस्टन विला की चैंपियंस लीग में जगह बनाने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। यह बर्मिंघम के इस क्लब के कोच के रूप में अपनी 100वीं जीत दर्ज करने की कोशिश कर रहे कोच उनाई एमरी के लिए भी करारा झटका है। एस्टन विला अभी प्रीमियर लीग की तालिका में 28 मैच में 51 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। मैनचेस्टर यूनाइटेड (48 अंक), चेल्सी (45) और लिवरपूल (45) भी शीर्ष चार में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हैं। आर्सेनल (61) और मैनचेस्टर सिटी (56) पहले दो स्थान पर हैं।  

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के हीरो आकिब नबी डार: शानदार प्रदर्शन से जीता अवार्ड, IPL से भी बना चुके पहचान

जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर (J&K) ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर हराकर अपना पहला खिताब जीत लिया है। हुबली के केएससीए मैदान पर खेले गए इस खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में कर्नाटक की टीम पहली पारी में मात्र 293 रनों पर ढेर हो गई, जिससे जेएंडके को 291 रनों की निर्णायक बढ़त मिली। मैच के अंतिम दिन जेएंडके ने अपनी दूसरी पारी 342/4 पर घोषित की, जिसके बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी की इसी बढ़त ने जम्मू-कश्मीर को 67 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चैंपियन बना दिया। इस पूरी ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक मध्यम-तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर आकिब नबी डार रहे। आकिब ने इस सीजन में अपनी धारदार गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में सर्वाधिक 60 विकेट लिए और उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया। फाइनल मुकाबले में भी उनका जलवा बरकरार रहा, जहां उन्होंने कर्नाटक की पहली पारी में मात्र 54 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे कर्नाटक की मजबूत बल्लेबाजी बिखर गई। उनके कप्तान पारस डोगरा ने भी माना कि आकिब का प्रदर्शन असाधारण रहा है और उन्होंने टीम की सफलता में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई है। मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ आकिब नबी डार IPL 2026 की नीलामी में भी चर्चा का केंद्र बने रहे। अबू धाबी में दिसंबर 2025 में आयोजित हुई इस नीलामी में मात्र 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले इस खिलाड़ी के लिए दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिली। अंततः दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा, जो उनके बेस प्राइस से लगभग 28 गुना अधिक थी। आईपीएल में आने से पहले आकिब कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमों के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भी काम कर चुके हैं। आकिब के व्यक्तिगत और पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनका जन्म 4 नवंबर, 1996 को हुआ और वे उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के शीरी गांव के रहने वाले हैं। अपनी इस सफलता पर आकिब ने अपने परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह यात्रा संभव नहीं थी। सुविधाओं की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि संघर्ष ही आपको अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आकिब के नाम दलीप ट्रॉफी में लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट लेने का भी एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। जम्मू-कश्मीर की इस जीत ने पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, पुंछ और कारगिल की सड़कों पर लोग ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। टीम की इस सफलता पर जेएंडके के मुख्यमंत्री भी मैदान पर खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते दिखे। आकिब नबी डार की यह कहानी अब जम्मू-कश्मीर के हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है, जो साबित करती है कि संसाधनों के अभाव में भी यदि इरादे फौलादी हों, तो इतिहास रचा जा सकता है।

प्राग मास्टर्स: गुकेश पर भारी पड़े प्रतिद्वंदी, अरविंद का मुकाबला रहा बराबरी पर

प्राग विश्व चैंपियन डी गुकेश को प्राग अंतरारष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के तीसरे दौर में नीदरलैंड के जॉर्डन वैन फोरेस्ट से हार का सामना करना पड़ा, जबकि अरविंद चिदंबरम ने ईरान के परहम मगसूदलू के साथ ड्रॉ खेला। टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश में लगे गुकेश ने वैन फोरेस्ट के खिलाफ शुरू से अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। वह मैच में किसी भी समय अपनी पकड़ नहीं बना पाए। फोरेस्ट ने सफेद मोहरों से खेलते हुए रूय लोपेज़ शैली का इस्तेमाल किया और टार्टाकोवर वेरिएशन में बिशप की जोड़ी के साथ शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। इससे भारतीय खिलाड़ी दबाव में आ गया और उन्हें अपना एक मोहरा गंवाना पड़ा। तकनीकी पेचीदगियां तो बनी रहीं, लेकिन तब तक फोरेस्ट जीत की स्थिति में नहीं दिख रहे थे। रानी के आदान-प्रदान के बाद गुकेश की स्थिति खराब हो गई और फोरेस्ट ने 48 चाल में जीत हासिल की। इस जीत से फोरेस्ट ने फिर से संयुक्त बढ़त हासिल कर ली है। वह इस प्रतियोगिता में एकमात्र खिलाड़ी हैं जिनके तीनों मैच को निर्णय निकला। फोरेस्ट के दो अंक हैं और वह उज़्बेकिस्तान की जोड़ी नोदिरबेक याकुबोए और नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव तथा स्थानीय खिलाड़ी डेविड नवारा के साथ संयुक्त बढ़त पर हैं। दस खिलाड़ियों के बीच खेले जा रहे हैं इस टूर्नामेंट में अभी छह दौर का खेल होना बाकी है। गुकेश, जर्मनी के शीर्ष वरीयता प्राप्त विन्सेंट कीमर, अमेरिका के हैंस मोके नीमन और मगसूदलू सातवें स्थान पर हैं। इन सभी ने अपने तीन मैचों में एक-एक अंक हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे दूसरे भारतीय खिलाड़ी अरविंद ने मगसूदलू के साथ ड्रॉ खेला और अपने अंकों की संख्या 1.5 तक पहुंचा दी। स्पेन के डेविड एंटोन गुइजारो के भी इतने ही अंक हैं। चैलेंजर्स वर्ग में खेल रहे भारत के दोनों खिलाड़ियों दिव्या देशमुख और सूर्या शेखर गांगुली को हार का सामना करना पड़ा। महिला विश्व कप विजेता दिव्या चीन की जिनेर झू के खिलाफ काले मोहरों से खेलते हुए हार गईं, जबकि गांगुली को चेक गणराज्य के जैचिम नेमेक ने हराया। गांगुली का पहले तीन दौर के बाद आधा अंक है, जबकि दिव्या का एक अंक है। चेक गणराज्य के फाइनक वाक्लाव 2.5 अंकों के साथ इस वर्ग में सबसे आगे हैं।