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वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को तगड़ा झटका, तिलक वर्मा T20 सीरीज से हुए बाहर

मुंबई  T20 World Cup 2026 से पहले टीम इंडिया को एक बड़ा झटका लगा है। बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी महीने खेली जाने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज से बाहर हो सकते हैं। ये टी20 सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के लिए बेहद अहम है, लेकिन एशिया कप 2025 फाइनल के हीरो और नंबर 3 के बल्लेबाज तिलक वर्मा को पेट में चोट लगी है, जिसकी वजह से वह न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज से बाहर होने की कगार पर हैं। जल्द ही आधिकारिक घोषणा भी इस बारे में हो सकती है। रिपोर्ट की मानें तो तिलक वर्मा को विजय हजारे ट्रॉफी 2026 के मैच से पहले तिलक वर्मा दर्द में नजर आए। वे भारत की टीम का हिस्सा भी हैं, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले 21 जनवरी से 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलने वाली है। नागपुर में पहला मैच 21 जनवरी को खेला जाएगा। इस सीरीज के लिए तिलक वर्मा का रिप्लेसमेंट भारतीय टीम को चाहिए होगा। हालांकि, माना जा रहा है कि 7 फरवरी से शुरू हो रहे मेगा इवेंट के लिए वे फिट हो सकते हैं। तिलक राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे थे, जब बुधवार सुबह नाश्ते के बाद उन्हें पेट में दर्द हुआ। उन्होंने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में डॉक्टरों से सलाह ली। भारतीय बोर्ड के एक सूत्र ने पुष्टि की, "तिलक को आज (बुधवार) पेट में बहुत ज़्यादा दर्द हुआ। उन्हें तुरंत राजकोट के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां कई स्कैन किए गए और रिपोर्ट COE के डॉक्टरों को भेजी गईं। डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी करवाने की सलाह दी है, जिससे ठीक होने में उन्हें तीन से चार हफ्ते लगेंगे। न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी T20I सीरीज खेलने की संभावना कम लग रही है।" भारतीय टीम मैनेजमेंट को संभवतः 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 में उनकी उपलब्धता को लेकर ज्यादा चिंता होगी। भारत का पहला मैच USA के खिलाफ टूर्नामेंट के ओपनिंग डे पर ही है। बताया जा रहा है कि जांच में टेस्टिकुलर टॉर्शन की पुष्टि हुई है, जिसके लिए सर्जरी भी हुई है और अब उनकी हालत स्थिर है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उनकी रिकवरी और वापसी को लेकर आगे जानकारी दी जाएगी।

BBL में आखिरी गेंद पर छक्का, 19 वर्षीय खिलाड़ी ने मेलबर्न रेनेगेड्स को दिलाई पर्थ स्कॉर्चर्स पर 4 विकेट से जीत

 पर्थ  BBL 2026 (बिग बैश लीग 2026) में मेलबर्न रेनेगेड्स ने रोमांचक मुकाबले में पर्थ स्कॉर्चर्स को चार विकेट से हरा दिया. पर्थ स्टेडियम में गुरुवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉर्चर्स की टीम 19.2 ओवर में 127 रनों पर सिमट गई. जवाब में रेनेगेड्स ने आखिरी गेंद पर जीत हासिल की. मैच के हीरो 19 साल के ओल‍िवर पीक रहे, जिन्होंने दर्शकों के शोर के बीच आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई. जीत के लिए उनकी टीम को चार रन चाहिए थे और पीक ने एरोन हार्डी की गेंद को फाइन लेग के ऊपर से स्टैंड्स में भेज दिया. इससे पहले पीक 17वें ओवर में कैच आउट दिए गए थे, लेकिन रिप्ले में गेंद जमीन को छूती दिखी और उन्हें जीवनदान मिला. इसके बाद उन्होंने कप्तान विल सदरलैंड के साथ अहम साझेदारी निभाई. गेंदबाजी में गुरिंदर संधू ने चार विकेट लेकर स्कॉर्चर्स को बड़ा स्कोर बनाने से रोका. पर्थ की ओर से एरॉन हार्डी ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए, लेकिन टीम का मिडिल ऑर्डर बुरी तरह लड़खड़ा गया और आखिरी पांच विकेट सिर्फ 16 रन में गिर गए. ओल‍िवर पीक को उनकी दमदार पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' दिया गया.  ध्यान रहे बिग बैश लीग में ऑस्ट्रेल‍िया की 8 टीमें एडिलेड स्ट्राइकर्स, ब्रिस्बेन हीट, होबार्ट हरिकेन्स, मेलबर्न रेनेगेड्स, मेलबर्न स्टार्स, पर्थ स्कॉर्चर्स, सिडनी सिक्सर्स और सिडनी थंडर खेलती हैं. इस समय होबार्ट हर‍िकेन्स 7 मुकाबलों में 5 जीतकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर हैं. टूर्नामेंट की शुरुआत 14 दिसंबर को हुई थी, जबक‍ि इसका फाइनल 25 जनवरी को होगा. 

ऑस्ट्रेलिया ने पांचवें एशेज टेस्ट में इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर सीरीज 4-1 से कब्ज़ी की

 स‍िडनी  पांचवें एशेज टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली. सिडनी टेस्ट में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर मुहर लगाई. हालांकि मैच का अंत थोड़ा अस्त-व्यस्त रहा, जहां एलेक्स कैरी और कैमरन ग्रीन के बीच विकेटों के बीच दौड़ में गड़बड़ी दिखी. इसके बावजूद ग्रीन ने दो शानदार चौके लगाते हुए 22 रन पर नाबाद रहकर टीम को जीत दिलाई. यह सीरीज दोनों टीमों की बल्लेबाजी गलतियों से भरी रही, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के मुकाबले कम चूक की और अहम मौकों पर बड़े व्यक्तिगत प्रदर्शन किए. एडिलेड टेस्ट में ही एशेज का फैसला हो गया था. हालांकि आखिरी दो टेस्ट में इंग्लैंड का प्रदर्शन कुछ हद तक बेहतर रहा. इसके साथ ही इंग्लैंड की टीम का ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज जीतने का इंतजार और लंबा हो गया है. साल 2011 के बाद से इंग्लैंड अब तक ऑस्ट्रेलियाई की सरजमीं पर एक भी एशेज सीरीज नहीं जीत सका है. सिडनी टेस्ट में इंग्लैंड ने दूसरी पारी में दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 160 रन का लक्ष्य दिया, लेकिन कंगारू टीम ने इसे हासिल कर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली. यह ऑस्ट्रेलिया की अपने घर में इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चौथी एशेज सीरीज जीत है. सिडनी टेस्ट में इंग्लैंड की दूसरी पारी में युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 154 रन बनाए. यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक रहा, जो उन्होंने एशेज जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर जड़ा. इंग्लैंड की दूसरी पारी 342 रन पर सिमटी, जिसमें हैरी ब्रूक ने 42 रन का योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से दूसरी पारी में मिचेल स्टार्क और ब्यू वेबस्टर ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए. इस टेस्ट से पहले ही ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने ऐलान कर दिया था कि यह उनका आखिरी टेस्ट मैच होगा. टीम ने उन्हें जीत के साथ यादगार विदाई दी. इससे पहले इंग्लैंड ने पहली पारी में जो रूट की 160 रन की शानदार पारी की बदौलत 384 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला. 'प्लेयर ऑफ द मैच' ट्रेविस हेड ने 166 गेंदों पर 24 चौकों और एक छक्के की मदद से 163 रन की बेहतरीन पारी खेली. कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी 220 गेंदों पर 16 चौकों और एक छक्के के साथ 138 रन बनाए. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी में 567 रन बनाकर 183 रन की अहम बढ़त हासिल की. 183 रन से पिछड़कर उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में शुरुआत से ही दबाव में नजर आई. जैकब बेथेल को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका. बेथेल ने 265 गेंदों में 15 चौके लगाते हुए 154 रन बनाए और अपनी प्रतिभा द‍िखाई.  160 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड ने 62 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई. हालांकि इसके बाद हेड 29 रन और वेदराल्ड 34 रन बनाकर आउट हो गए. तीसरे नंबर पर उतरे मार्नस लाबुशेन 37 रन पर रन आउट हुए, जबकि कप्तान स्मिथ 12 रन ही बना सके. अपने टेस्ट करियर की आखिरी पारी में उस्मान ख्वाजा सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 121 रन तक अपने पांच विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद एलेक्स कैरी (नाबाद 16) और कैमरन ग्रीन (नाबाद 22) ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को 31.2 ओवर में पांच विकेट से जीत दिला दी और एशेज सीरीज पर कब्जा जमा लिया. एशेज सीरीज 2025-26 के मैचों के नतीजे  पहला टेस्ट (पर्थ): ऑस्ट्रेलिया 8 विकेट से जीता दूसरा टेस्ट (ब्रिस्बेन): ऑस्ट्रेलिया 8 विकेट से जीता तीसरा टेस्ट (एडिलेड): ऑस्ट्रेलिया 82 रन से जीता चौथा टेस्ट (मेलबर्न): इंग्लैंड 4 विकेट से जीता पांचवां टेस्ट (सिडनी): ऑस्ट्रेलिया 5 विकेट से जीता

इंग्लैंड क्रिकेट को माइकल वॉन की दो टूक सलाह: बैजबॉल नहीं, पुराने उसूल ही दिलाएंगे जीत

नई दिल्ली इंग्लैंड को अपने उच्च जोखिम वाले और आक्रामक 'बैजबॉल' क्रिकेट स्टाइल से हटने की जरूरत है। एशेज में हार के बाद उसे बेसिक्स पर लौटने की जरूरत है। ये बातें कोई नहीं बल्कि इंग्लैंड के ही पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कही है। 2005 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम सीरीज में जीत दिलाने वाली टीम के कप्तान रहे वॉन ने बुधवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में इंग्लैंड की 'बैजबॉल' क्रिकेट की आलोचना की।   वॉन ने कहा कि कोच ब्रेंडन मैक्कलम और कप्तान बेन स्टोक्स की तरफ से थोपी गई स्टाइल पूरी तरह फेल हो गई है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से इंग्लैंड खेल रहा है, बैजबॉल मेथड, हाथ में बल्ला लेकर अल्ट्रा-रिस्की मेथड काम नहीं किया क्योंकि वे एक भी बड़ी सीरीज नहीं जीत पाए।' माइकल वॉन ने कहा, ‘वे भारत को नहीं हरा पाए। वे ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा पाए। और अब तो एक और एशेज सीरीज हार गए हैं और वे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के कहीं आस-पास तक नहीं हैं। इसलिए मैनेजमेंट को, नेतृत्व को और ईसीबी को ये स्वीकार करने की जरूरत है कि बदलाव जरूरी है।’एशेज में इंग्लैंड के लचर प्रदर्शन के बाद कोच ब्रेंडन मैक्कलम भी निशाने पर आ चुके हैं। वह हर फॉर्मेट के कोच हैं और उनका करार 2027 के आखिर तक है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉन ने चेतावनी दी कि अगर टीम नेतृत्व बदलाव नहीं करता है तो भविष्य और भी खराब होगा। वॉन ने कहा, ‘मैं ये देखना नहीं चाहता कि किसी का कोई पद जाए लेकिन ये चाहता हूं कि आप असलियत स्वीकार करें। अगर आप इंग्लिश क्रिकेट को पिछले दो-तीन साल में देखें तो हमारे लिए ये वाकई बुरा समय रहा है। वाइट-बॉल टीम पीछे जा चुकी है। हमारी महिला टीम पीछे जा चुकी है और अब एक और सीरीज में इंग्लैंड जीत नहीं पाया।’ मौजूदा एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 3-1 की अजेय बढ़त बना चुका है। इंग्लैंड के सामने सिडनी में खेले जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट को बचाने की बड़ी चुनौती है। बुधवार को चौथे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 8 विकेट के नुकसान पर 302 रन बना लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया पर उसकी बढ़त महज 119 रन की है। पांचवें और आखिरी दिन इंग्लैंड के पास बस दो ही विकेट बाकी रहेंगे और अगर टीम 150 से ऊपर का लक्ष्य नहीं दे पाई तो ऑस्ट्रेलिया इस मैच को भी आसानी से जीत सकता है।  

झटकों के बीच भारत की बड़ी पारी, तीसरे वनडे में 300 रन का आंकड़ा पार

नई दिल्ली   यूथ ओडीआई सीरीज में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा मुकाबला बुधवार को बेनोनी में खेला जा रहा है। भारत ने तीसरे मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की है। भारत को वैभव सूर्यवंशी के रूप में पहला झटका लगा। वैभव 74 गेंद में 127 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 10 छक्के लगाए। वैभव और आरोन के बीच पहले विकेट के लिए 154 गेंद में 227 रन की साझेदारी हुई। आरोन जॉर्ज 106 गेंद में 118 रन बनाकर आउट हुए। वेदांत 43 गेंद में 34 रन बनाकर आउट हुए। हरवंश रन आउट हुए। अभिज्ञान कुंडू ने 20 गेंद में 21 रन बनाए। कनिष्क 10 और एम्ब्रिश 8 रन बनाकर आउट हुए। इस मैच में साउथ अफ्रीका की अंडर 19 टीम ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ गेंदबाजी चुनी है। युवा वनडे सीरीज में भारतीय युवा खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला है। दोनों मैच बारिश से प्रभावित रहे हैं, पहले मैच में भारत ने अफ्रीका को 25 रनों से हराया, जबकि दूसरे मैच में वैभव सूर्यवंशी के नेतृत्व वाली टीम ने 8 विकेट से दमदार जीत हासिल की। भारत ने गंवाए सात विकेट भारत ने 44वें ओवर तक सात विकेट गंवा दिए हैं। कनिष्क 10 और एम्ब्रिश 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे। अभिज्ञान कुंडू सस्ते में लौटे पवेलियन बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके। अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में उन्होंने 20 गेंद में 21 रन का योगदान दिया। वेदांत और हरवंश लौटे पवेलियन वेदांत और हरवंश पवेलियन लौट गए हैं। वेदांत ने 43 गेंद में 34 रन की पारी खेली, जबकि हरवंश दो के निजी स्कोर पर रन आउट हुए।

साउथ अफ्रीका के सामने दोहरे शतक का धमाल: वैभव सूर्यवंशी के बाद आरोन जॉर्ज ने भी रचा इतिहास

नई दिल्ली भारत की अंडर-19 टीम के ओपनर आरोन जॉर्ज का बुधवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे यूथ वनडे मैच में बल्ला रजा। कप्तान वैभव सूर्यवंशी ही नहीं, आरोन ने भी बेनोनी के विलोमूर पार्क में शतक ठोका। आरोन ने 106 गेंदों में 16 चौकों की मदद से 118 रनों की पारी खेली। 19 वर्षीय बल्लेबाज ने लिस्ट ए क्रिकेट में पहली बार सेंचुरी जड़ने का कारनामा अंजाम दिया। वह सीरीज के शुरुआती दो मैचों में सस्ते में पवेलियन लौटे थे। उन्होंने पहले मुकाबले में 5 और दूसरे मैच में 20 रन बनाए।   तीसरे मुकबले में टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम को आरोन और 14 वर्षीय सूर्यवंशी ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 227 रन जोड़े। यह साझेदारी 26वें ओवर में सूर्यवंशी के आउट होने पर टूटी। उन्हें न्टांडो सोनी ने जेसन रोल्स के हाथों कैच कराया। सूर्यवंशी ने 74 गेंदों में 127 रन जुटाए, जिसमें 9 चौके और 10 सिक्स शामिल हैं। उन्होंने 63 गेंदों में 100 का आंकड़ा छुआ था। उन्होंने पिछले मैच में 24 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेली थी। सूर्यवंशी के जाने के बाद आरोन ने वेदांत त्रिवेदी के साथ मोर्चा संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रनों की पार्टनरशिप की। आरोन ने 91 गेंदों में 100 रन कंप्लीट किए। उन्होंने फिफ्टी 30 गेंदों में पूरे कर ली थी लेकिन उसके बाद रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई। आरोन ने अगले 50 रन जोड़ने के लिए 61 गेंदों का सामना किया। वह 35वें ओवर में जेसन रोल्स का शिकार बने। आरोन ने डैनियल बोसमैन को कैच थमाया। वह जब लौटे तब भारत का स्कोर 279 था।  

साल के पहले ग्रैंडस्लैम में पैसों की बारिश, ऑस्ट्रेलियन ओपन विजेता मालामाल होंगे

मेलबर्न  ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि में पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है और 18 जनवरी से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के आयोजकों ने मंगलवार को स्थानीय मुद्रा में अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि की घोषणा की, जो 2026 के लिए 111.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (75 मिलियन अमेरिकी डॉलर) निर्धारित की गई है। यह 2025 में 96.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की पुरस्कार राशि से 16 प्रतिशत अधिक है। महिला और पुरुष एकल वर्ग में चैंपियन रहने वाले खिलाड़ियों को 41.5 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (2.8 मिलियन डॉलर) मिलेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए पुरस्कार राशि में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही आयोजकों का कहना है कि मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने वाले सभी एकल और युगल खिलाड़ियों को न्यूनतम 10 प्रतिशत बढ़ी हुई पुरस्कार राशि मिलेगी। Australian Open चैंपियन को कितनी इनामी राशि मिलेगी? 2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन के लिए कुल इनामी राशि 6,75 करोड़ रुपये (111.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) तय की गई है। यह 2025 में 5,84 करोड़ (96.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) की पुरस्कार राशि से 16 प्रतिशत अधिक है। 18 जनवरी से शुरु होगा साल का पहला ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन      25.13 करोड़ रुपये मिलेंगे- पुरुष और महिला विजेता खिलाड़ियों को      19 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ विजेता को इस साल मिलेंगे पुरस्कार राशि     16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी क्वालिफाइंग टूर्नामेंट की इनामी राशि में     10 प्रतिशत की न्यूनतम बढ़ी हुई पुरस्कार राशि मिलेगी मुख्य ड्रॉ के सभी सिंगल्स और डबल्स खिलाड़ियों को – 17.5 करोड़ रुपये मिलते थे  पुरुष और महिला एकल के विजेताओं को 2.79 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) मिलेंगे, जो पिछले साल के 2.35 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) से 19 प्रतिशत अधिक है. उपविजेताओं को 2.15 मिलियन और सेमीफाइनल खेलने वालों को 1.25 मिलियन (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) मिलेंगे. अगर टी20 वर्ल्ड कप 2024 के प्राइज मनी की तुलना करें तो यह उससे काफी अधिक है.  टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए आईसीसी ने करीब 94 करोड़ की प्राइज मनी पूल का ऐलान किया था, जबकि इस बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन  के लिए यह पूल करीब 6 अरब 75 करोड़ से अधिक है. वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2024 टीम की विजेता भारतीय टीम को करीब 20.37 करोड़ रूपये मिले थे, जबकि ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के एकल खिताब विजेता को 25 करोड़ से अधिक मिलने हैं. वहीं उपविजेता को 1.5 करोड़ के आस-पास मिलेंगे.  इस बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वालिफाइंग राउंड की प्राइज मनी में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, और सभी एकल और डबल खिलाड़ियों को कम से कम 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिलेगी. मेन ड्रॉ के पहले राउंड में बाहर होने वाले प्लेयर्स को 150,000 (ऑस्ट्रेलियन डॉलर) मिलेंगे. टेनिस ऑस्ट्रेलिया के सीईओ क्रेग टिली ने कहा,"16 प्रतिशत की वृद्धि हर स्तर पर टेनिस करियर को सपोर्ट करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है. 2023 से क्वालिफाइंग प्राइज मनी को 55 प्रतिशत बढ़ाने से लेकर खिलाड़ियों के लाभ को बढ़ाने तक, हम यह पक्का कर रहे हैं कि पेशेवर टेनिस सभी के लिए लाभदायक बना रहे." प्राइज मनी में यह बढ़ोतरी टेनिस ऑस्ट्रेलिया के समर ऑफ टेनिस में 135 मिलियन के निवेश का हिस्सा है, जो सैकड़ों पेशेवर एथलीट्स के करियर को सपोर्ट करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है. टिली ने कहा, "निवेश टेनिस की नींव को मजबूत करता है, जिससे खेल का विकास निश्चित होता है. सभी स्तर पर खिलाड़ियों को सपोर्ट करके, हम अधिक प्रतिभा पूल और फैन्स के लिए ज्यादा रोमांचक बना रहे हैं." ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 की शुरुआत 12 जनवरी को मेलबर्न पार्क में होगी. ऑफिशियल ड्रॉ 15 जनवरी को ग्रैंड स्लैम ओवल फैन स्टेज पर होगा, जहां गत चैंपियन जैनिक सिनर और मैडिसन कीज के एकल ड्रॉ देखने के लिए शामिल होने की उम्मीद है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के चैंपियन को 2025 तक     ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरस्कार राशि विजेता: 25.13 करोड़ रुपये      उपविजेता: 13.02 करोड़ रुपये      सेमीफाइनलिस्ट: 7.57 करोड़ रुपये      2023 से क्वालिफाइंग इनामी राशि में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी से लेकर खिलाड़ियों के लाभ बढ़ाने तक हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पेशेवर टेनिस सभी प्रतिस्पर्धियों के लिए टिकाऊ हो। सभी स्तरों के खिलाड़ियों का समर्थन करके हम गहरी प्रतिभा पूल तैयार कर रहे हैं।  – क्रेग टाइली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टेनिस ऑस्ट्रेलिया  

विश्व कप पर बांग्लादेश के ‘नखरे’? ICC से मिला भरोसा, अल्टीमेटम की बात से किया इनकार

नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार को कहा कि आईसीसी ने भारत में टी20 विश्व कप खेलने को लेकर उसकी चिंताओं को दूर करने के लिए उसके 'साथ मिलकर काम करने को तैयार' है। उसने कहा है कि विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी के लिए व्यावाहारिक समाधान तक पहुंचने के लिए वह आईसीसी के साथ रचनात्मक बातचीत को जारी रखेगा।   ये स्थिति तब पैदा हुई है जब बीसीसीआई के कहने पर आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को अपने स्क्वाड से रिलीज कर दिया। उसके बाद बांग्लादेश ने 'सुरक्षा चिंताओं' की बात कहकर भारत में टी20 विश्व कप के लिए नहीं आने का ऐलान किया। उसने आईसीसी से अपने विश्व कप मैचों को भारत से बाहर कराने की मांग की है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बीसीबी को कहा है कि उसे भारत में आकर विश्व कप खेलना होगा नहीं तो उसे मैच के अंक गंवाने पड़ेंगे। अब बीसीबी का दावा है कि विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर उसकी आईसीसी के साथ बातचीत जारी है। बीसीबी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, 'बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के भारत में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की चिंताओं और टीम के मैच दूसरी जगह कराने की गुजारिश पर बोर्ड को आईसीसी का जवाब मिला है। अपने जवाब में आईसीसी ने टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की पूर्ण और निर्बाध भागीदारी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।' बयान में आगे कहा गया है, 'आईसीसी ने बीसीबी की तरफ से उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए उसके साथ मिलकर काम करने की इच्छा का इजहार किया है। उसने भरोसा दिया है कि बोर्ड के इनपुट का स्वागत किया जाएगा और इवेंट की डीटेल्ड सिक्यॉरिटी प्लानिंग में उस पर विचार किया जाएगा।' आईसीसी ने बीसीबी को इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है। टी20 विश्व कप 7 फरवरी से शुरू हो रहा है और बांग्लादेश को कोलकाता और मुंबई में 4 मैच खेलने हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने यह भी कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि टी20 विश्व कप में उसकी टीम की ‘सुचारू और सफल’ भागीदारी के लिए ‘सौहार्दपूर्ण और व्यावहारिक समाधान’ निकाला जाएगा। ग्रुप सी में शामिल बांग्लादेश की टीम को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपने पहले मैच में वेस्टइंडीज का सामना करना है। उसके बाद वह इंग्लैंड, इटली और नेपाल के खिलाफ भारत में मैच खेलेगा। बीसीबी ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि आईसीसी ने उसे या तो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेलने या भारत में होने वाले अपने मैचों के अंक गंवाने के लिए तैयार रहने को कहा है। बयान में कहा गया है, ‘‘बीसीबी ने मीडिया में प्रकाशित कुछ रिपोर्टों को भी संज्ञान में लिया है जिनमें कहा गया है कि इस संबंध में बोर्ड को अल्टीमेटम जारी किया गया है। बीसीबी स्पष्ट करता है कि ऐसे दावे पूरी तरह से असत्य और निराधार हैं।’’ मुस्तफिजुर को पिछले साल अबूधाबी में हुई खिलाड़ियों की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। आईपीएल से बाहर होने के बाद मुस्तफिजुर को मंगलवार को पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल कर लिया गया, हालांकि इस टूर्नामेंट के लिए अभी तक खिलाड़ियों का चयन नहीं हुआ है।  

रिद्धिमा पाठक का राष्ट्र प्रेम: बांग्लादेशी लीग छोड़कर देश को रखा पहले स्थान पर

रांची  भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) के बीच मौजूदा समय में रिश्ते संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं. इसी बीच क्रिकेट जगत से जुडी एक खबर ने सबका ध्यान खींचा है. भारतीय महिला स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक (Ridhima Pathak) ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के आगामी सीजन से खुद को अलग करने का फैसला लिया है. सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला उनका खुद का है और इसके पीछे देश और क्रिकेट के प्रति सम्मान की भावना है. रिद्धिमा के इस कदम को साहसिक माना जा रहा है. जानिए क्या है उनका रांची से कनेक्शन. BPL से नाम वापस लेने का कारण रिद्धिमा पाठक ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए यह स्पष्ट किया कि उन्हें बीपीएल से हटाया नहीं गया है. उन्होंने खुद आगामी सीजन में हिस्सा न लेने का फैसला किया है. रिद्धिमा ने कहा कि उनके लिए देश सबसे पहले आता है और क्रिकेट किसी भी असाइनमेंट से ऊपर है. उन्होंने यह भी कहा कि खेल में सच्चाई और सम्मान सबसे अहम होते हैं. बीते कुछ समय से चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए उन्होंने साफ किया कि वह हमेशा ईमानदारी और खेल भावना के साथ खडी रहेंगी. कौन हैं रिद्धिमा रिद्धिमा का जन्म 17 फरवरी साल 1990 में झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था. पेशे से वह मॉडल, एक्टर, वॉइस आर्टिस्ट, टीवी प्रजेंटर और एंकर हैं. रिद्धिमा ने अपने करियर की शुरुआत एक रेडियो स्टेशन में इंटर्नशिप के जरिए की थी. वह स्टार स्पोर्ट्स, टेन स्पोर्ट्स, सोनी और जियो पर काफी सारे स्पोर्ट्स ईवेंट्स को प्रजेंट कर चुकी हैं. रिद्धिमा को खास पहचान टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान मिली.रिद्धिमा ने कई बड़े स्टार क्रिकेटर्स का इंटरव्यू किया है. आईसीसी ने बांग्लादेश को दिया झटका मंगलवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने टी20 वर्ल्ड कप मुकाबलों को भारत से बाहर कराने की अपील की थी. यह फैसला मुस्ताफिज़ुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद सामने आया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स से मुस्ताफिज़ुर को रिलीज़ करने को कहा था. जब शाहरुख खान की मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइज़ी को दिसंबर ऑक्शन में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था. यह विरोध बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों के बीच हुआ था. BCCI की ओर से मुस्ताफिज़ुर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की मांग बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को रास नहीं आई. BCB ने एक आपात बैठक में इस मुद्दे को उठाया और भारत में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर संभावित खतरे की बात कही. ICC के सामने अपील करते हुए बोर्ड ने पुराने उदाहरणों का भी हवाला दिया, लेकिन टूर्नामेंट भारत में ही कराने पर ICC के अड़े रहने से हालात की गंभीरता साफ झलकती है. तनाव को और बढ़ाते हुए बांग्लादेश ने आगामी आईपीएल सीज़न के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया. रांची में जन्म और शुरुआती जीवन रिद्धिमा पाठक का जन्म 17 फरवरी 1990 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था. मौजूदा समय में उनकी उम्र 35 साल है. बचपन से ही वह आत्मविश्वासी और सक्रिय रही हैं. पढाई के साथ साथ उन्हें बोलने और मंच पर आने का शौक था. यही वजह रही कि आगे चलकर उन्होंने मीडिया और आर्ट्स की दुनिया को अपना करियर चुना. आज वह मॉडल एक्टर वॉइस आर्टिस्ट और टीवी एंकर के तौर पर पहचानी जाती हैं. रेडियो से टीवी तक का सफर रिद्धिमा ने अपने करियर की शुरुआत एक रेडियो स्टेशन में इंटर्नशिप से की थी. इसके बाद उन्होंने रेडियो जॉकी के रूप में काम किया. यहीं से उनकी आवाज और प्रस्तुति को पहचान मिलने लगी. धीरे धीरे उन्हें स्पोर्ट्स चैनलों में मौका मिला. वह स्टार स्पोर्ट्स टेन स्पोर्ट्स सोनी और जियो जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर कई खेल आयोजनों को होस्ट कर चुकी हैं. आज भी वह इन चैनलों के साथ सक्रिय रूप से जुडी हुई हैं और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं. टोक्यो ओलंपिक्स से मिली खास पहचान रिद्धिमा पाठक को देश भर में खास पहचान टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान मिली. इस दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय आइस हॉकी खिलाड़ी वीरेन रस्किन्या के साथ मिलकर भारतीय हॉकी टीम का विश्लेषण किया. उनकी स्पष्ट भाषा और खेल की गहरी समझ ने दर्शकों को प्रभावित किया. इसके बाद उन्हें एक सशक्त महिला स्पोर्ट्स प्रेजेंटर के रूप में जाना जाने लगा. इंजीनियर से स्पोर्ट्स एंकर बनने की कहानी रिद्धिमा ने मुंबई के रामनिरंजन पोदार स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. स्कूल के दिनों में ही वह डिबेट और थिएटर से जुड गई थीं. साल 2008 में उन्होंने MKSSS कमिंस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. उन्हें इंजीनियर की नौकरी भी मिली लेकिन आर्ट्स के प्रति लगाव के कारण उन्होंने यह नौकरी छोड दी. आगे चलकर उन्होंने विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के इंटरव्यू लिए और अपनी अलग पहचान बनाई.

विवाद पर सफाई: BPL से बाहर नहीं हुईं रिद्धिमा पाठक, कहा– देश सर्वोपरि है

ढाका मुस्तफिजुर रहमान को जब से आईपीएल से निकाला गया है, तब से इंडिया और बांग्लादेश के बीच खासकर क्रिकेट से जुड़े मामलों में बहुत तनाव देखा गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहले तो भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार किया, फिर आईपीएल को अपने यहां बैन किया और अब खबर थी कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल से भारतीय मैच प्रजेंटर रिद्धिमा पाठक को निकाल दिया गया है। ये सच्चाई जरूर है कि रिद्धिमा पाठक बांग्लादेश में जारी इस टी20 टूर्नामेंट से दूर हुई हैं, लेकिन उनको बाहर नहीं निकाला गया है, बल्कि उन्होंने खुद इस टूर्नामेंट से दूरी बनाई है।   रिद्धिमा पाठक ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें ये दावा किया गया था कि रिद्धिमा पाठक को बीपीएल से निकाल दिया गया है, जो मैच प्रेजेंटर थीं। रिद्धिमा पाठक ने कहा है कि कॉम्पिटिशन पैनल छोड़ने का फैसला उनका अपना था।  पाठक ने समझाया कि उन्होंने बीपीएल क्यों छोड़ा? इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए स्टेटमेंट में रिद्धिमा पाठक ने कहा, "पिछले कुछ घंटों में, ऐसी बातें चल रही हैं कि मुझे BPL से 'हटा' दिया गया है। यह सच नहीं है। मैंने खुद बाहर निकलने का फैसला किया। मेरे लिए, मेरा देश हमेशा सबसे पहले आता है और मैं क्रिकेट के खेल को किसी भी एक काम से कहीं ज्यादा अहमियत देती हूं। मुझे सालों तक ईमानदारी, सम्मान और जुनून के साथ इस खेल की सेवा करने का मौका मिला है। यह नहीं बदलेगा। मैं ईमानदारी, साफगोई और खेल की भावना के लिए खड़ी रहूंगी। सपोर्ट के लिए संपर्क करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया। आपके मैसेज का मतलब आपकी सोच से कहीं ज्यादा है। क्रिकेट सच का हकदार है। बस। मेरी तरफ से और कोई कमेंट नहीं।" उधर, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की हालत आईसीसी ने टाइट कर दी है। रिपोर्ट्स की मानें तो आईसीसी ने साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप में खेलना है तो भारत आकर मैच खेलने होंगे। अन्यथा फोरफीट दे दिया जाएगा। दूसरी टीमों को बिना खेले अंक दे दिए जाएंगे। इस पर आधिकारिक फैसला जल्द हमें देखने को मिलेगा।