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स्पिन पर भरोसा: भारत-श्रीलंका की परिस्थितियों को देखते हुए न्यूज़ीलैंड का स्क्वाड तय

वेलिंग्टन न्यूज़ीलैंड ने भारत और श्रीलंका में होने वाले आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. लेकिन इस टीम की खास बात ये है कि कीवियों ने परिस्थितियों को प्राथमिकता दी है. स्पिन गेंदबाजों को तरजीह दी गई है. वहीं जैकब डफी को शानदार साल के बाद पहली बार सीनियर वर्ल्ड कप टीम में जगह मिली है. डफी का चयन 2025 के असाधारण प्रदर्शन के बाद हुआ है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे प्रभावी गेंदबाज़ों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया. 31 वर्षीय डफी ने कैलेंडर ईयर में 36 मैचों में सभी फॉर्मेट मिलाकर 81 विकेट लिए, जिसमें उनका औसत सिर्फ 17 रन प्रति विकेट रहा. इस दौरान उन्होंने सर रिचर्ड हैडली का 40 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड (एक साल में 79 विकेट) भी तोड़ा और आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए. अनुभव से भरी टीम का हिस्सा बनने के बावजूद, डफी इस स्क्वाड में इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अब तक कोई टी20 वर्ल्ड कप नहीं खेला है. डफी आरसीबी का भी हिस्सा उनकी शानदार फॉर्म पर फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट की भी नज़र पड़ी और आईपीएल 2026 ऑक्शन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 2 करोड़ रुपये में खरीदा. वर्ल्ड कप में डफी एक मजबूत पेस अटैक का हिस्सा होंगे, जिसमें लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी और एडम मिल्ने शामिल हैं, जबकि जेम्स नीशम सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर संतुलन प्रदान करेंगे. काइल जैमीसन को ट्रैवलिंग पेस रिज़र्व के रूप में चुना गया है. ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर टीम की कप्तानी करेंगे और यह उनका नौवां सीनियर आईसीसी टूर्नामेंट होगा. टीम का संयोजन भारतीय और श्रीलंकाई पिचों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें स्पिन विकल्पों की गहराई को खास महत्व दिया गया है. ईश सोढ़ी टीम के मुख्य स्पिनर हैं, जिन्हें माइकल ब्रेसवेल, ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र जैसे बहुआयामी खिलाड़ियों का साथ मिलेगा. सैंटनर और सोढ़ी के लिए भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलना खास होगा, क्योंकि उन्होंने इसी देश में 2016 के टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहचान बनाई थी. बल्लेबाज़ी विभाग काफी हद तक स्थिर है, जिसमें फिन एलन, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, मार्क चैपमैन और विकेटकीपर टिम सीफर्ट टीम को आक्रामकता और लचीलापन देते हैं. सीफर्ट बिग बैश लीग की प्रतिबद्धताओं के बाद टीम से जुड़ेंगे, जहां उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए सीज़न की शुरुआत एक शानदार शतक के साथ की थी. ब्लैककैप्स वर्ल्ड कप से पहले भारत में एक व्हाइट-बॉल सीरीज़ के ज़रिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे. वर्ल्ड कप में उन्हें ग्रुप डी में अफगानिस्तान, साउथ अफ्रीका, यूएई और कनाडा के साथ रखा गया है, जहां टीम एक बार फिर अनुभव, अनुकूलन क्षमता और गहराई के दम पर मजबूत अभियान चलाने की कोशिश करेगी. न्यूज़ीलैंड की टी20 वर्ल्ड कप टीम न्यूज़ीलैंड स्क्वाड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, डेरिल मिचेल, एडम मिल्ने, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढ़ी    

बांग्लादेश की मांग खारिज, ICC ने कहा– भारत की गैरमौजूदगी पर होगी अंक कटौती

 नई दिल्ली      टी20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की बांग्लादेश की मांग को आईसीसी ने ठुकरा दिया है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने साफतौर पर कहा कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप खेलने के लिए भारत आना ही होगा. अगर उसने ऐसा नहीं किया तो फिर उसके अंक कटेंगे. सूत्रों के अनुसार, आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को एक वर्चुअल बैठक के दौरान बताया कि सुरक्षा कारणों से भारत से बाहर मैच खेलने का अनुरोध अस्वीकार किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि आईसीसी ने बीसीबी को कहा है कि बांग्लादेश को टी20 विश्व कप खेलने के लिए भारत आना होगा, अन्यथा उसे अंक गंवाने पड़ सकते हैं. दूसरी ओर, बीसीबी के सूत्रों का कहना है कि आईसीसी द्वारा अनुरोध अस्वीकार किए जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है. 8 अंक का झटका और वर्ल्ड कप का खेल खत्म अगर बांग्लादेश ने भारत का दौरा नहीं किया तो बांग्लादेश को अंक गंवाने पड़ सकते हैं और भारत में होने वाले अपने सभी मैचों में उन्हें वॉकओवर देना पड़ सकता है, जिसके चलते बाकी टीमों को पूरे दो अंक मिल जाएंगे. ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश के 4 मैच निर्धारित हैं. हालांकि श्रीलंका टूर्नामेंट का सह-मेज़बान है, लेकिन बांग्लादेश को अपने सभी ग्रुप स्टेज मुकाबले भारत में खेलने हैं. उनके चार में से तीन मैच कोलकाता में खेले जाएंगे, जबकि एक मुकाबला मुंबई में निर्धारित है. यानी उसे 8 अंक का नुकसान झेलना पड़ेगा. पहले भी हो चुका है ऐसा ऐसा पहले भी हो चुका है, जब 1996 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज़ ने मेज़बान श्रीलंका के खिलाफ खेलने के लिए वहां यात्रा नहीं की थी. इसी तरह 2003 वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड ने क्रमशः केन्या और ज़िम्बाब्वे का दौरा नहीं किया था, जिसके चलते दोनों टीमों को वॉकओवर देना पड़ा था. अब ऐसी ही संभावना टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भी बनती दिख रही है. वहीं, अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करती है तो उसकी जगह किसी अन्य टीम को शामिल किया जा सकता है. ऐसा पहले भी हो चुका है, जब 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश जाने से इनकार कर दिया था और उनकी जगह आयरलैंड को शामिल किया गया था. हालांकि, अगर इस तरह की स्थिति बनती है तो बांग्लादेश की जगह कौन सी टीम खेलेगी, इस पर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है. बांग्लादेश के ग्रुप स्टेज मुकाबले (ग्रुप C) 7 फरवरी 2026: वेस्टइंडीज़ के खिलाफ, ईडन गार्डन्स, कोलकाता (3:00 बजे IST) 9 फरवरी 2026: इटली के खिलाफ, ईडन गार्डन्स, कोलकाता (11:00 बजे IST) 14 फरवरी 2026: इंग्लैंड के खिलाफ, ईडन गार्डन्स, कोलकाता (3:00 बजे IST) 17 फरवरी 2026: नेपाल के खिलाफ, वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई (7:00 बजे IST) अब जानिए विवाद की पूरी कहानी दरअसल, आईपीएल की टीम केकेआर ने हाल ही में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के कहने पर रिलीज कर दिया था. जब बीसीसीआई ने रहमान को रिलीज किया तो इस विवाद में बांग्लादेशी सरकार भी कूद पड़ी. उसने भारत में 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की ही धमकी दे डाली. आईसीसी को लिखे अपने पत्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलेगा और उन मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट कराने की मांग की. बांग्लादेश की ओर से तर्क दिया गया कि उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है. वहीं, बांग्लादेश ने खुन्नस में आकर आईपीएल के बांग्लादेश में प्रसारण पर भी रोक लगा दी थी. लेकिन अब आईसीसी ने साफ कह दिया है कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप मैच खेलने के लिए भारत आना ही होगा. जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, आईपीएल की टीम केकेआर ने हाल ही में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के कहने पर रिलीज कर दिया था. बीसीसीआई ने ये फैसला घरेलू विरोध के चलते लिया. क्योंकि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत के लोगों में गुस्सा है. ऐसे में कई लोगों ने रहमान को आईपीएल में 9 करोड़ से ज्यादा की रकम में खरीदने का विरोध किया था.  जब बीसीसीआई ने रहमान को रिलीज किया तो इस विवाद में बांग्लादेशी सरकार भी कूद पड़ी. उसने भारत में 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की ही धमकी दे डाली. आईसीसी को लिखे अपने पत्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलेगा और उन मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट कराने की मांग की. बांग्लादेश की ओर से तर्क दिया गया कि उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है. वहीं, बांग्लादेश ने खुन्नस में आकर आईपीएल के बांग्लादेश में प्रसारण पर भी रोक लगा दी थी. लेकिन अब आईसीसी ने साफ कह दिया है कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप मैच खेलने के लिए भारत आना ही होगा.  

बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप से नाम वापस लिया, ICC के पास हैं ये संभावित कदम

ढाका  टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट के रिश्तों में तनाव साफ नजर आने लगा है. हालिया घटनाओं ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है, जिसका असर अब सीधे आईसीसी टूर्नामेंट पर देखने को मिल रहा है. बांग्लादेश ने संकेत दिए हैं कि वह भारत में अपने मैच खेलने को लेकर असहज है और उसने अपने मुकाबले श्रीलंका में शिफ्ट कराने की मांग आईसीसी के सामने रखी है. इस पूरे घटनाक्रम ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को एक बार फिर कड़े फैसलों की दहलीज पर ला खड़ा किया है. कैसे शुरू हुआ विवाद? दरअसल, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर भारत में काफी नाराजगी देखी जा रही है. इसी माहौल के बीच आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर भी भारी विरोध हुआ. सोशल मीडिया पर दबाव बढ़ने के बाद बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी को सख्त निर्देश दिए और केकेआर को आखिरकार मुस्तफिजुर को रिलीज करना पड़ा. इस फैसले के बाद हालात और बिगड़ गए. ICC के पास क्या विकल्प हैं? आईसीसी के पास इस स्थिति से निपटने के लिए कई रास्ते हैं. पहला विकल्प यह है कि वह बांग्लादेश की मांग स्वीकार कर ले और उसके सभी मुकाबले श्रीलंका में आयोजित कराए. इससे टूर्नामेंट का शेड्यूल बदलेगा और लॉजिस्टिक चुनौतियां भी बढ़ेंगी. दूसरा विकल्प यह है कि आईसीसी शेड्यूल में कोई बदलाव न करे. ऐसे में अगर बांग्लादेश भारत आने से इनकार करता है, तो उसके मुकाबले रद्द माने जा सकते हैं और विरोधी टीमों को वॉकओवर के जरिए अंक मिल सकते हैं. क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहले भी हो चुका है. 1996 वर्ल्ड कप में सुरक्षा कारणों से ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में खेलने से मना किया था, जिसके बाद श्रीलंका को सीधे अंक दिए गए थे. 2003 वर्ल्ड कप में भी इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने कुछ मैच नहीं खेले थे और विरोधी टीमों को फायदा मिला था. अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है तो? सबसे सख्त स्थिति तब बनेगी जब बांग्लादेश पूरे टी20 वर्ल्ड कप से हटने का फैसला करे. ऐसी हालत में आईसीसी किसी दूसरी क्वालिफाइड टीम को उसकी जगह शामिल कर सकता है. इससे पहले 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऐसा देखने को मिला था, जब ऑस्ट्रेलिया के हटने पर आयरलैंड को मौका दिया गया था. फिलहाल बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप से हटने का आधिकारिक फैसला नहीं किया है, लेकिन उनके रुख ने टूर्नामेंट से पहले माहौल जरूर गर्म कर दिया है. अब सबकी नजरें आईसीसी पर हैं कि वह इस संवेदनशील और जटिल मुद्दे पर क्या फैसला लेता है.   

बिलियर्ड्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले दिग्गज खिलाड़ी मनोज कोठारी का निधन

नई दिल्ली पूर्व वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियन मनोज कोठारी का सोमवार को तिरुनेलवेली के तिरुनेलवेली स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। मनोज 67 साल के थे। मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले मनोज कोठारी इलाज के लिए तिरुनेलवेली आए थे, जहां एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। 10 दिन पहले मनोज कोठारी का लिवर प्रत्यारोपरण हुआ था। यह सर्जरी सफल रही थी, जिसके बाद तीसरे दिन वह स्वस्थ नजर आ रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्हें फेफड़ों में संक्रमण हो गया। सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। अस्पताल में मनोज कोठारी के बेटे सौरभ कोठारी ने पिता के पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज लपेटकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद तिरुनेलवेली के वीएम चत्रम स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। साल 1990 में वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतने वाले मनोज कोठारी को 2005 में प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद पुरस्कार मिला था। वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के हेड कोच भी रहे। भारतीय क्यू स्पोर्ट्स के विकास में मनोज कोठारी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया। कोठारी अपनी सटीक तकनीक, धैर्य और रणनीतिक खेल के लिए पहचाने गिए। लंबे समय तक भारतीय बिलियर्ड्स में शीर्ष स्तर पर बने रहना उनकी निरंतरता और मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने न सिर्फ खिताब जीते, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी बने। मनोज कोठारी के बेटे सौरभ कोठारी ने भी पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस खेल को चुना और वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती। सौरव को उनके पिता ने ही प्रशिक्षित किया था। सौरव कोठारी ने अप्रैल 2025 में पंकज आडवाणी को शिकस्त देकर आईबीएसएफ वर्ल्ड बिलियर्ड्स 2025 का खिताब अपने नाम किया था। 40 वर्षीय सौरव ने 725 अंक हासिल किए थे, जबकि आडवामी 480 अंक ही हासिल कर सके।

विजय हजारे ट्रॉफी में रिकॉर्ड पारी: अमेरिका में जन्मे बल्लेबाज़ ने डबल सेंचुरी के साथ किया मैच फिनिश

हैदराबाद हैदराबाद के युवा ओपनर अमन राव ने मंगलवार को विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के ग्रुप बी मैच में तूफानी बल्लेबाजी की। उन्होंने राजकोट के मैदान पर बंगाल के खिालफ डबल सेंचुरी ठोकी। उन्होंने 154 गेंदों का सामना करने के बाद नाबाद 200 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 13 सिक्स शामिल हैं। उन्होंने बंगाल टीम का हिस्सा मोहम्मद शमी, आकाशदीप और मुकेश कुमार जैसे गेदबाजों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने तीनों पेसर के खिलाफ कुल 120 रन बटोरे। यह अमन के लिस्ट ए करियर का पहला 100 प्लस स्कोर है। अमेरिका में जन्मे क्रिकेटर ने अभी तक सिर्फ तीन लिस्ट ए मैच खेले हैं।   अमन ने की अहम साझेदारियां अमन ने बंगाल के खिलाफ टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी हैदराबाद टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि, वह शुरू में थोड़े धीमे नजर आए। उन्होंने गहलोत राहुल सिंह (65) के साथ पहले विकेट के लिए 104 रन जोड़े। उन्होंने कप्तान तिलक वर्मा (34) के संग दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। उन्होंने 65 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। अभिरथ रेड्डी (5) का बल्ला नहीं चला। अमन ने विकेटकीपर प्रग्नय रेड्डी के साथ चौथे विकेट के लिए 76 रनों की पार्टनरशिप की। उन्होंने रोहित दास द्वारा डाले गए 38वें ओवर में सिंगल लेकर अपना पहला शतक कंप्लीट किया। सलामी बल्लेबाज ने 108 गेंदों में ऐसा किया। आखिरी गेंद पर किया ये कमाल शतक पूरा करने के बाद अमन ने आक्रामक मॉड ऑन किया। उन्होंने अगले 100 रन महज 46 गेंदों में जोड़े। एक समय लग रहा था कि अमन को शायद डबल सेंचुरी के बगैर ही लौटना पड़े मगर ओपनर ने हैदराबाद की पारी की आखिरी गेंद पर कमाल कर दिया। उन्होंने आकाशदीप द्वारा फेंके गए 50वें ओवर की चौथी और छठी गेंद पर छक्का लगाकर 200 रनों को आंकड़ा छुआ। आकाशदीप ने अंतिम ओवर में 17 रन खर्च किए। अमन के दोहरे शतक के दम पर हैदराबाद ने 352/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टूर्नामेंट के मौजूदा सीजन का दूसरा दोहरा शतक है। इससे पहले दिसंबर में ओडिशा के स्वास्तिक सामल ने सौराष्ट्र के खिलाफ 212 रन बनाए थे। अमन को आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) ने 30 लाख रुपये में खरीदा था।  

भारत से बढ़ता खतरा! एशले गार्डनर बोलीं— आगे ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत आसान नहीं

 नई दिल्ली दिग्गज क्रिकेटर एशले गार्डनर का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया इस समय महिला क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ टीम है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दशक में वनडे विश्व चैम्पियन भारतीय टीम को हराना काफी मुश्किल होगा। पिछले साल महिला विश्व कप सेमीफाइनल में भारत से हारी ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रही गार्डनर ने कहा कि हरमनप्रीत कौर की टीम के प्रदर्शन में जबर्दस्त सुधार आया है। नौ जनवरी से शुरू हो रही महिला प्रीमियर लीग में गुजरात जाइंट्स के लिये खेल रही गार्डनर ने कहा, ‘भारतीय टीम अगले पांच से दस साल में उन टीमों में से एक होगी जिसे हराना बहुत मुश्किल होगा।’ उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई होने के नाते मैं इससे भयभीत हूं लेकिन यहां खेल का तेजी से विकास देखकर अच्छा लग रहा है।’ गार्डनर का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया अभी भी महिला क्रिकेट में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है। उन्होंने कहा, ‘मैं विश्व कप के बाद से मीडिया से कह रही हूं कि हमारी टीम अभी भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है। विश्व कप भारी दबाव वाले पलों में आपकी जीत की बानगी देते हैं। अगर हम किसी भी टीम से लगातार दस मैच खेलें तो हम आठ या नौ जीत जायेंगे। भारत से मिली हार कठिन थी लेकिन हमें पता है कि भारतीय टीम कितनी खतरनाक हो सकती है।’ महिला प्रीमियर लीग में गुजरात टीम में भारत की विश्व कप विजेता टीम में से सिर्फ तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर है लेकिन उनके पास बेथ मूनी, डैनी वियाट हॉज और सोफी डेवाइन जैसे धुरंधर विदेशी खिलाड़ी हैं। गार्डनर ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘अगर सभी टीमों को देखें तो विदेशी बल्लेबाजों पर काफी दारोमदार होता है। हमारी टीम में भी ऐसा ही होगा। हमारे पास हरमनप्रीत कौर या स्मृति मंधाना जैसे बल्लेबाज नहीं है लेकिन जो खिलाड़ी हमारे पास हैं, उनके साथ ही जीतना होगा। हमारे पास बेहतरीन टीम है और हम जीतेंगे।’  

जन्मदिन पर खास: आनंद जैसे दिग्गज को हराने वाले कृष्णन शशिकिरण की सफलता की कहानी

नई दिल्ली कृष्णन शशिकिरण का नाम शतरंज की दुनिया में प्रतिष्ठा के साथ लिया जाता है। 2002 में कृष्णन शशिकिरण ने भारतीय शतरंज के सबसे बड़े नाम विश्वनाथन आनंद को हराकर तहलका मचा दिया था। कृष्णन शशिकिरण का जन्म 7 जनवरी 1981 को चेन्नई में हुआ था। उनके पिता भी बहुत अच्छे शतरंज खिलाड़ी थे। शशिकिरण ने 9 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया। अपने पिता के मार्गदर्शन में घरेलू सर्किट में शशिकिरण ने लगातार सफलता हासिल की। उन्होंने अंडर-18 नेशनल शतरंज चैंपियनशिप जीती। कृष्णन ने साल 1999 में अपनी पहली इंडियन नेशनल 'ए' चेस चैंपियनशिप जीती। अंतरराष्ट्रीय शतरंज में कृष्णन शशिकिरण ने 1995 में डेब्यू किया था। कृष्णन को अपने पहले मैच में चेक रिपब्लिक के टॉमस ओरल के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। कृष्णन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अंडर-18 का टाइटल जीता। उन्होंने दो बार ब्रिटिश अंडर 21 चेस चैंपियनशिप जीती, और 1998 के एलिस्टा चेस ओलंपियाड में इंडियन नेशनल चेस टीम को रिप्रेजेंट किया। इस इवेंट में, कृष्णन ने चौथे बोर्ड पर 8.5/11 पॉइंट्स स्कोर किए। उसी साल उन्हें अपना पहला ग्रैंड मास्टर नॉर्म मिला जब वे टोरक्वे में हुए ब्रिटिश ओपन टूर्नामेंट में छठे स्थान पर रहे। इसके बाद, उन्होंने एंडोरा ओपन चेस टूर्नामेंट और स्पेन में हुए बालगुएर ओपन चेस टूर्नामेंट जीते। वह 1998 में बेनास्क ओपन चेस टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर रहे। साल 1999 में उन्होंने एशियन जूनियर चेस चैंपियनशिप जीती। साल 2000 में, उन्होंने चेन्नई में हुए पेंटामीडिया कैटेगरी इलेवन ग्रैंड मास्टर टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता। उसी साल, उन्होंने उदयपुर में हुई एशियन चेस चैंपियनशिप में ग्रैंड मास्टर टाइटल के लिए अपना दूसरा नॉर्म हासिल किया, और कोलकाता में हुए गुडरिक इंटरनेशनल ओपन चेस टूर्नामेंट में इस प्रतिष्ठित टाइटल के लिए तीसरा नॉर्म भी हासिल किया। 19 साल की उम्र में उन्होंने इंटरनेशनल ग्रैंड मास्टर का खिताब जीता। साल 2001 में उन्होंने प्रतिष्ठित हेस्टिंग्स चेस टूर्नामेंट जीता और 2002 में भी टूर्नामेंट में जीत दोहराई। कृष्णन ने उसी साल एशियन चेस चैंपियनशिप भी जीती। 2002 कृष्णन के करियर के लिए सबसे यादगार साल के रूप में आया। इस साल उन्होंने विश्व कप शतरंज टूर्नामेंट के दौरान भारतीय शतरंज के सबसे बड़े खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को हराया था। कृष्णन की जीत ने दुनियाभर के शतरंज प्रेमियों को हैरान कर दिया था। इसके अलावा, उन्होंने डेनमार्क के कोपेनहेगन में हुए पोलिटिकेन कप में गोल्ड मेडल जीता। साल 2005 में उन्होंने कोपेनहेगन में हुए सिगमैन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक के लिए जान टिम्मन की बराबरी की। जनवरी 2007 में, कृष्णन शशिकिरन 2700 की फिडे रेटिंग तक पहुंचे, और विश्वनाथन आनंद के बाद 2700 का आंकड़ा पार करने वाले दूसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बने। उन्होंने साल 2008 में 6.5/9 के कुल स्कोर के साथ नजडॉर्फ मेमोरियल शतरंज टूर्नामेंट जीता। उसी साल, वह 18वें पैम्प्लोना इंटरनेशनल शतरंज टूर्नामेंट में 5/7 पॉइंट्स के कुल स्कोर के साथ विजेता बने। जनवरी 2009 तक फिडे रैंकिंग के अनुसार, वे दुनिया के टॉप 20 चेस प्लेयर्स में शामिल थे। कृष्णन शशिकिरन ने आधिकारिक रूप से शतरंज को अलविदा नहीं कहा है। उन्हें 2002 में भारत सरकार ने प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।

कप्तान शुभमन गिल रहे नाकाम, उपकप्तान श्रेयस अय्यर की धमाकेदार वापसी

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के छठे राउंड के मैच में भारतीय वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल और उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर सभी फैंस की निगाहें थीं। दोनों मंगलवार को टूर्नामेंट के मौजूदा सीजन में पहली बार खेलने उतरे। शुभमन फुस्स रहे और श्रेयस ने कमबैक पर गदर काटा। शुभमन पंजाब जबकि श्रेयस मुंबई का हिस्सा हैं। मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस ने लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। उनके पिछले साल अक्टूबर में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के दौरान स्प्लीन (तिल्ली) में चोट लगी थी और अंदरूनी रक्तस्राव हुआ था।   शुभमन गिल ने खेली 12 गेंद गोवा के खिलाफ 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जयपुर के केएल सैनी ग्राउंड में कप्तान प्रभसिमरन सिंह (11 गेंदों में 2) को वासुकी कौशिक ने तीसरे ओवर में बोल्ड किया। बतौर ओपनर उतरे शुभमन गिल का बल्ला भी नहीं चला। उन्होंने 12 गेंदों का सामना करने के बाद 11 रन बनाए। उन्होंने दो चौके जमाए। शुभमन को कौशिक ने पांचवें ओवर में प्रभुदेसाई के हाथों कैच कराया। शुभमन विजय हजारे ट्रॉफी में 8 जनवरी को पंजाब के लिए एक और मैच खेल सकते हैं। बीसीसीआई ने सभी भारतीय क्रिकेटरों के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के कम से कम दो मैच खेलना अनिवार्य किया है। श्रेयस अय्यर ने खेली तूफानी पारी श्रेयस अय्यर ने जयपुर के जयपुरिया विद्यालय ग्राउंड में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ तूफानी पारी खेली। उन्होंने चौथे नंबर पर आने के बाद 53 गेंदों में 83 रन बनाए। उनके बल्ले से 10 चौके और तीन छक्के निकले। उन्होंने मुशीर खान (73) के साथ तीसरे विकेट के लिए 82 और सूर्यकुमार यादव (24) के संग चौथे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की। श्रेयस को कुशल पाल ने 26वें ओवर में आउट किया। मुंबई ने हिमाचल प्रदर्शन के विरुद्ध 33 ओवर में 299/9 का स्कोर खड़ा किया। घने कोहरे के कारण मैच 33 ओवर का किया गया। श्रेयस मुंबई के कप्तान हैं। शार्दुल ठाकुर के चोटिल होने की वजह से श्रेयस को मुंबई की कमान सौंपी गई। श्रेयस 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली सीरीज के लिए भारतीय स्कॉड में हैं।  

मोहम्मद शमी से SIR फॉर्म भरने में चूक, चुनाव आयोग ने जांच के लिए कोलकाता बुलाया

नई दिल्ली क्रिकेटर मोहम्मद शमी को सोमवार को कोलकाता के जादवपुर में स्थित एक स्कूल में SIR सत्यापन सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया था, लेकिन वह राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व करने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। मगर, शमी ने निर्वाचन आयोग से नई तारीखों के लिए अपील की, जिसे स्वीकार करते हुए उनकी सुनवाई अब 9 जनवरी से 11 जनवरी के बीच दोबारा होगी।   मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम के वार्ड 93 के मतदाता हैं, जो रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र में आता है। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के एक अफसर ने कहा, 'शमी और उनके भाई की ओर से भरे गए नामांकन फॉर्म में गलती थी, जिसके कारण उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था।' उत्तर प्रदेश के निवासी शमी कई वर्षों से अपने क्रिकेट करियर के चलते कोलकाता में रह रहे हैं। वह बहुत कम उम्र में इस शहर में रहने लगे थे। बाद में उन्होंने बंगाल के पूर्व रणजी कप्तान समबारन बनर्जी के मार्गदर्शन में राज्य की अंडर-22 टीम में जगह बनाई थी। SIR को लेकर अदालत जाएंगी ममता बनर्जी इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह राज्य में SIR के दौरान किए गए अमानवीय आचरण के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि वह अदालत जा सकती हैं लेकिन उन घुसपैठियों की रक्षा नहीं कर पाएंगी जो टीएमसी का मुख्य वोट बैंक हैं। बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास हो रहा है।  

स्टीव स्मिथ की ऐतिहासिक सेंचुरी, सिडनी टेस्ट में ब्रैडमैन को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने अपने ही देश के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन का एक बड़ा रिकॉर्ड धराशायी कर दिया है। एशेज सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच में सिडनी के मैदान पर स्टीव स्मिथ ने एक शानदार सेंचुरी ठोकी। इसी पारी के दौरान वह इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए और सर डॉन ब्रैडमैन का दशकों पुराना रिकॉर्ड टूट गया।   स्टीव स्मिथ ने इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में 129 रन की पारी खेली और तीसरे दिन के खेल के बाद नाबाद लौटे। 129 रनों के साथ इंग्लैंड के खिलाफ उनके रनों की संख्या इंटरनेशनल क्रिकेट में 5085 हो गए, जबकि डॉन ब्रैडमैन ने 5028 रन इंग्लैंड के खिलाफ बनाए थे। ब्रैडमैन ने सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेली है, जबकि स्मिथ ने टी20 और वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट को मिलाकर यह आंकड़ा हासिल किया है। स्मिथ दुनिया के चौथे ऐसे बल्लेबाज भी बन गए, जिन्होंने एक देश के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में 5000 या इससे ज्यादा रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर ने दो देशों के खिलाफ ये उपलब्धि हासिल की हुई है, जबकि विराट कोहली भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं। बाकी दो नाम स्मिथ और डॉन ब्रैडमैन के हैं। सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6707 और श्रीलंका के खिलाफ 5108 रन बनाए थे, जबकि विराट कोहली ने 5551 रन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाए हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी एक विरोधी टीम के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन 6707 – सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया 5551 – विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया 5108 – सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका 5085* – स्टीवन स्मिथ बनाम इंग्लैंड 5028 – डॉन ब्रैडमैन बनाम इंग्लैंड दाएं हाथ के बल्लेबाज स्टीव स्मिथ का ये मौजूदा एशेज सीरीज में पहला शतक है। अभी तक वे इस सीरीज में एक अर्धशतक ही जड़ पाए थे। हालांकि, कप्तान के तौर पर उन्होंने दो मैच इस सीरीज में जिताए हैं। एक मैच हारे हैं और एक मुकाबला जारी है। स्मिथ के टेस्ट शतकों की संख्या अब 37 हो चुकी है। 11 महीने के बाद स्टीव स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़ा है। आखिरी शतक उनका फरवरी 2025 में श्रीलंका में आया था।