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U19 एशिया कप: पाकिस्तान ने मैच पर कसा शिकंजा, विहान के विकेट से भारत बैकफुट पर

दुबई  इंडिया वर्सेस पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला दुबई के आईसीसी अकैडमी ग्राउंड पर खेला जा रहा है। बारिश की वजह से टॉस देरी में हुई। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। भारत को पहला बड़ा झटका वैभव सूर्यवंशी (5) के रूप में 29 के स्कोर पर लगा। आयुष म्हात्रे शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, मगर वह 25 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हुए। भारत को तीसरा झटका 105 के स्कोर पर लगा जब विहान मल्होत्रा 12 रन बनाकर आउट हुए। अब आरोन जॉर्ज का साथ देने त्रिवेदी आए हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें अपना-अपना पिछला मुकाबला यहां बड़े अंतर से जीतकर आ रही है। टीम इंडिया ने यूएई को 234 रनों से तो पाकिस्तान ने मलेशिया को 297 रनों से धूल चटाई थी। आज के मैच में जीत दर्ज करने वाली टीम सेमीफाइनल का टिकट कन्फर्म करेगी। शफीक ने विहान मल्होत्रा को कॉट एंड बोल्ड आउट कर भारत को तीसरा झटका दे दिया है। भारत मुश्किल में है। टीम इंडिया को यहां से एक बड़ी साझेदारी की दरकार है। आरोन जॉर्ज के हेलमेट पर लगी खतरनाक बाउंसर! पारी का 14वां ओवर डाल रहे अली रजा ने तीखी बाउंसर डाली जो सीधा भारतीय बल्लेबाज के हेलमेट पर जाकर लगी। अच्छी खबर यह है कि उन्हें कोई चोट नहीं आई। भारत का स्कोर 100 रन के करीब है। टीम इंडिया को दूसरा झटका आयुष म्हात्रे के रूप में लगा है। हारून जॉर्ज की क्लासिक बैटिंग! नंबर-3 पर बैटिंग करने आए हारून जॉर्ज क्लासिक बल्लेबाजी कर रहे हैं। बेहतरीन टाइमिंग के साथ शॉट्स लगा रहे हैं। वह अभी तक 6 चौकों की मदद से 27 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। वहीं आयुष म्हात्रे 38 रन बनाकर खेल रहे हैं। आयुष म्हात्रे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। 6ठे ओवर की आखिरी गेंद पर उन्होंने सामने की तरफ शानदार छक्का लगाकर भारत के स्कोर को 50 के पार पहुंचाया। भारतीय कप्तान 21 गेंदों पर 37 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। वैभव सूर्यवंशी आउट! पारी का चौथा ओवर लेकर आए मोहम्मद सैयाम ने वैभव को कॉट एंड बोल्ड आउट कर भारत को पहला और बड़ा झटका दे दिया है। वैभव 5 रन बनाकर लौटे पवेलियन।

भारत–पाक मुकाबले से पहले बड़ा फैसला: BCCI ने ICC की रिक्वेस्ट नहीं मानी, नो-हैंडशेक नियम लागू

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला दुबई में खेला जा रहा है। इस मैच में भी हर किसी की नजरें दोनों टीमों के कप्तानों पर टिकी थी। दरअसल, पहलगाम अटैक के बाद भारत ने क्रिकेट के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ अलग ही रुख अपनाया है। मैच चाहे किसी भी लेवर पर हो भारतीय खिलाड़ी ना पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिला रहे हैं और ना ही किसी तरह की बातचीत कर रहे हैं। इस मामले में दखल देते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने जूनियर-लेवल क्रिकेट से पॉलिटिक्स को दूर रखने की रिक्वेस्ट की थी। हालांकि बीसीसीआई ने इस रिक्वेस्ट को नजरअंदाज कर दिया और भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस के दौरान पाकिस्तान के कप्तान से हाथ नहीं मिलाया।   इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले से पहले, एक PTI रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ICC U-19 क्रिकेट से राजनीति को दूर रखना चाहता था और उसने भारत से हाथ न मिलाने वाले अपने रुख को तोड़ने का आग्रह किया था। यह पॉलिसी सबसे पहले सितंबर में इसी शहर में सीनियर एशिया कप मैच के दौरान भारतीय सेना और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लागू की गई थी। बाद में इसी रुख को महिला वनडे वर्ल्ड कप और राइजिंग स्टार्स एशिया कप T20 टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में भी अपनाया गया था। हालांकि, ICC ने आखिरी फैसला BCCI पर छोड़ दिया, और कहा कि अगर यह पॉलिसी जारी रखनी है, तो मैच रेफरी को पहले से जानकारी देनी होगी।   रविवार को, भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस के बाद पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया। जब पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने पहले बॉलिंग करने का फैसला किया, तो म्हात्रे उनके पीछे बिना हाथ मिलाए खड़े रहे। प्रेजेंटर से थोड़ी बातचीत के बाद, यूसुफ ने बिना आई कॉन्टैक्ट किए माइक्रोफोन म्हात्रे को दे दिया और सीधे डगआउट में चले गए। बता दें, पाकिस्तान ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। बारिश की खलल के चलते मैच शुरू होने में देरी हुई, जिस वजह से यह मैच अब 49-49 ओवर का हो रहा है।  

अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी कोलकाता के बाद हैदराबाद पहुंचे, खेलेंगे फ्रेंडली मैच

हैदराबाद अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ‘जीओएटी भारत दौरा 2025’ की कोलकाता में खराब शुरूआत के बाद दूसरे चरण के लिये शनिवार की शाम को पहुंच गए। निजामों के शहर में उनके कार्यक्रम की शुरूआत शाम सात बजकर 50 मिनट पर एक नुमाइशी मैच से होगी । तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मैदान पर उतरेंगे, जिनके बाद मेस्सी और इंटर मियामी के उनके साथ रौड्रिगो डि पॉल और लुई सुआरेज आयेंगे ।   इससे पहले कोलकाता में लगभग 50,000 दर्शक सॉल्ट लेक स्टेडियम में लाचार दिखे क्योंकि नेता, वीवीआईपी, सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय सेल्फी लेने के लिए मेस्सी को घेरकर खड़े थे जिससे फुटबॉल प्रेमी नाराज हो गए जबकि इनमें से कई ने कार्यक्रम के टिकट खरीदने के लिए 4,000 रुपये से 12,000 रुपये तक तथा कुछ ने तो कालाबाजारी से 20,000 रुपये तक की टिकट खरीदी थी। 2022 फीफा विश्व कप विजेता अर्जेंटीना की टीम का हिस्सा रहे लियोनेल मेसी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के प्रवेश द्वार पर दुनिया की सबसे ऊंची 70 फीट की लोहे की अपनी फुटबॉलर प्रतिमा का अनावरण किया। अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक निजी जेट से सुबह-सुबह पहुंचने के कुछ घंटों बाद उन्होंने हयात होटल से रिमोट कंट्रोल के जरिए वीआईपी रोड पर स्थित अपनी प्रतिमा का वर्चुअली अनावरण किया। इस दौरान कई इंटर मियामी खिलाड़ी और हिंदी फिल्म सुपरस्टार शाहरुख खान मौजूद थे।   बड़ी रकम खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद हजारों प्रशंसकों ने मेसी की एक साफ झलक नहीं मिल पाने से निराशा में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशंसकों की भीड़ द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने, तोड़-फोड़ और पुलिस के हस्तक्षेप से यह आयोजन फीका पड़ गया । मेसी के समय से पहले मैदान से निकलने की खबर फैलते ही दर्शकों का गुस्सा फुट पड़ा। मैदान में बोतलें और फिर प्लास्टिक की कुर्सियां भी फेंकी गईं। प्रायोजक बैनर और होर्डिंग फाड़ दिए गए, बड़ी संख्या में सीटें तोड़ दी गईं और भीड़ ने मैदान के कुछ हिस्सों में जबरन घुसने के लिए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की।

क्या टूटेगा कोहली का 9 साल पुराना कीर्तिमान? अभिषेक शर्मा के पास सुनहरा मौका

नई दिल्ली  भारतीय टी20 टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज का हिस्सा हैं। शुरुआती दोनों मैचों में शुरुआत मिलने के बाद अभिषेक पवेलियन लौट गए। उन्होंने दो मैचों में 17-17 रन बनाए। उनके जल्दी आउट होने के कारण भारत को उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं मिली। हालांकि अभिषेक शर्मा के पास अंतिम तीन मैचों में विराट कोहली का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है, जिसे क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली ने नौ साल पहले 2016 में बनाया था।   अभिषेक शर्मा एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक T20 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने के बेहद करीब हैं। भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने साल 2016 में 31 T20 मैचों में 1,614 रन बनाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मौजूदा कैलेंडर ईयर में अभिषेक शर्मा 39 टी20 मैचों में 1,533 रन बना चुके हैं। अभिषेक शर्मा को विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अब केवल 82 रनों की जरूरत है। अभिषेक इस लिस्ट में पहले ही सूर्यकुमार यादव (2022 में 1503 रन) को पीछे छोड़ चुके हैं और अब उनके निशाने पर सिर्फ कोहली का रिकॉर्ड है।   चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुरू होंगे क्रिकेट मैच, कोहली-पंत खेल सकते हैं मुकाबला अभिषेक शर्मा ने 2025 में भारत के लिए खेलते हुए टी20 इंटरनेशनल में 790 रन बना लिए हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 14 दिसंबर को धर्मशाला में खेला जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। दोनों टीमों ने एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों को जान लिया है, ऐसे में धर्मशाला मैच बाकी सीरीज का रुख तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। धर्मशाला मैदान की छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के सेट होने के बाद स्ट्रोक प्ले में मदद करती हैं। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 187 के करीब है और शाम को बाद में ओस पड़ने की उम्मीद है। टी20 क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय विराट कोहली- 1614 (2016) अभिषेक शर्मा- 1533 (2025) सूर्यकुमार यादव- 1503 (2022) सूर्यकुमार यादव- 1338 (2023)

संन्यास से वापसी पर विनेश फोगाट को मिला पिता का साथ, महावीर फोगाट ने कही ये अहम बात

हरियाणा  पहलवान विनेश फोगाट ने सन्यास के फैसले पर यू-टर्न लेते हुए मैट पर वापसी करने का फैसला किया है। उनके इस फैसले से उनके कोच एवं ताऊ द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट सहित खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है।  महावीर फोगाट ने कहा कि विनेश के पास ओलिंपिक का लंबा अनुभव है जो उनके काम आएगा और वो इस बार पदक जीतने के सपने को अवश्य पूरा करेगी। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक के बाद करीब 15 माह तक मैट से दूरी बनाने के बाद वापसी के सवाल पर कहा कि ये अधिक लंबा समय नहीं है, कई बार खिलाड़ी चोटिल होकर भी मैट से दूर रह जाता है। ओलिंपिक होने में करीब तीन साल का समय बचा हुआ है। इतने समय में वे आराम से कम बैक कर सकती हैं।  वहीं ताऊ ने कहा कि ओलिंपिक का लंबा अनुभव उनके काम आएगा जो मेडल जीताने में मदद करेगा। 2024 पेरिस ओलिंपिक में जिस प्रकार वे 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण गोल्ड मेडल से वंचित रह गई थीं। उससे भी बड़ा सबक मिला है और इस प्रकार की सभी बातों पर ध्यान देकर विनेश खेल पर ध्यान केंद्रित करेंगी और देश को ओलिंपिक में गोल्ड मेडल दिलाएगी।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी: एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुरू होंगे मैच, कोहली–पंत उतर सकते हैं मैदान में

कर्नाटक  कर्नाटक सरकार ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच आयोजित कराने की अनुमति दे दी है और इससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भी अवगत करा दिया गया है। यह अनुमति वेंकटेश प्रसाद को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनने के एक सप्ताह बाद आयी है। प्रसाद और उपाध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर ने इस सप्ताह की शुरुआत में बेलगावी में राज्य के विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात सार्थक रही।   इस फैसले का जल्द परिणाम यह होगा कि विराट कोहली चिन्नास्वामी में खेल सकेंगे क्योंकि केएससीए सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों से दिल्ली के मुकाबलों को अलूर से यहां स्थानांतरित करने का विचार कर रहा है। कोहली और ऋषभ पंत दोनों ही विजय हजारे ट्रॉफी के लिए दिल्ली की टीम का हिस्सा हैं और वह पहले तीन मैचों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। भारत के दो बड़े खिलाड़ियों के खेलने की संभावना को देखते हुए केएससीए चिन्नास्वामी के कुछ स्टैंड्स को प्रशंसकों के लिए खोलने का भी विचार कर रहा है ताकि दो हजार से तीन हजार प्रशंसकों के लिए खेल देखने की व्यवस्था की जा सके। सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रसाद के नेतृत्व वाली केएससीए समिति ने जस्टिस जॉन डिकुन्हा की रिपोर्ट से यथासंभव अधिक से अधिक बदलावों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विजय हजारे ट्रॉफी के मैचों की मेजबानी को शुरुआती कदम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि प्रसाद और केएससीए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चिन्नास्वामी आईपीएल के मुकाबलों की मेजबानी करने से वंचित न रहे। इस घटनाक्रम से अवगत एक पदाधिकारी ने कहा, "आईपीएल की वापसी की दिशा में हम सही रास्ते पर हैं।" शुक्रवार को राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, "भविष्य में किसी भी घटना से बचने के लिए हमने एहतियाती कदम उठाए हैं और हमने उसी अनुसार अनुमति दी है। गृह मंत्री जी परमेश्वर, केएससीए अध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों से चर्चा करेंगे।"  

इतिहास की गोल्फ शॉट: जन्मतिथि विशेष पर जानिए दीक्षा डागर की अनोखी ओलंपिक–डेफलंपिक्स उपलब्धि

नई दिल्ली  भारत में गोल्फ धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। दीक्षा डागर का नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाता है जिन्होंने गोल्फ को देश में एक सशक्त खेल के रूप में बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। उनकी भूमिका इसलिए भी अहम है क्योंकि शारीरिक अक्षमता के बावजूद उन्होंने उस खेल में बड़ी सफलता हासिल की है जिसे देश में आज भी शीर्ष खेलों की सूची में शामिल होने का इंतजार है। दीक्षा डागर का जन्म 14 दिसंबर 2000 को झज्जर, हरियाणा में हुआ था। दीक्षा बचपन से ही सुनने में कमजोर रही हैं। गोल्फ दीक्षा को विरासत में मिली है। उनके पिता नीरज डागर भी गोल्फर हैं। उन्होंने ही दीक्षा का परिचय गोल्फ से कराया था। 6 साल की उम्र में उन्होंने गोल्फ खेलना शुरू कर दिया था। पिता गोल्फर थे, इसलिए खेल की तकनीक बेटी को जल्द समझ आ गई और इसका असर 2011 में दिखा। 2011 में 11 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप जीता। इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 में इंग्लैंड के यॉर्कशायर में आयोजित विश्व जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप में उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता। इन दो पदकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहचान दिलायी। 2017 में ताइपे में हुए डेफलिंपिक्स में दीक्षा ने मिश्रित टीम इवेंट में रजत पदक जीता। इस आयोजन में पदक जीतने वाली वह भारत की पहली महिला गोल्फर बनीं। दीक्षा 'हेरिटेज लेडीज ओपन' और 'लागो ताहो ओपन' जैसे प्रमुख टूर्नामेंट जीत चुकी हैं। दीक्षा ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लिया था। 24 साल की इस खिलाड़ी ने 2017 डेफलिंपिक्स में रजत जबकि 2021 और 2025 डेफलिंपिक्स में स्वर्ण जीता। टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच और अमेरिकी गोल्फर टाइगर वुड्स को अपना प्रेरणास्रोत मानने वाली दीक्षा ओलंपिक्स और डेफलंपिक्स दोनों में हिस्सा लेने वाली इतिहास की पहली गोल्फर हैं। भारत सरकार ने 2023 में दीक्षा को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था। दीक्षा डागर बेशक अपने आस-पास घटित होने वाली चीजों को सुनने में सक्षम न हों, लेकिन उनके गोल्फ स्टिक से निकलने वाली गेंद की गूंज पूरी दुनिया सुनती है। दृढ़ इच्छाशक्ति की धनी इस खिलाड़ी से भारत को भविष्य में बड़ी उम्मीद है।

भारत vs पाकिस्तान U19 एशिया कप: तारीख, समय, वेन्यू और LIVE स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला रविवार, 14 दिसंबर को दुबई के आईसीसी अकैडमी ग्राउंड पर खेला जाना है। भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें अपना-अपना पिछला मुकाबला बड़े अंतर से जीतकर यहां पहुंची है, ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों का कॉन्फिडेंस काफी हाई होगा। भारत ने यूएई को 234 रनों से तो पाकिस्तान ने मलेशिया को 297 रनों से धूल चटाई। भारत के लिए पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 171 रन बनाए, वहीं पाकिस्तान के लिए समीर मिन्हास चमके जिन्होंने 177 रनों की धुआंधार पारी खेली। भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान इन दोनों ही खिलाड़ियों पर हर किसी की नजरें रहेगी। आईए एक नजर India U19 vs Pakistan U19 मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं-   वैभव सूर्यवंशी का यह रिकॉर्ड उड़ा देगा होश, U19 के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा इंडिया बनाम पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 मैच रविवा, 14 दिसंबर को होगा। इंडिया बनाम पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 मैच ICC एकेडमी ग्राउंड, दुबई में होगा। इंडिया बनाम पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 मैच 10:30 AM IST पर शुरू होगा।

भारत की नजरें ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर: 1000 इंटरनेशनल मैच जीतने से कितनी दूर टीम इंडिया?

नई दिल्ली  आईसीसी वनडे और टी20 रैंकिंग में नंबर-1 टीम इंडिया का सपना अब इंटरनेशनल क्रिकेट में 1000 मैच जीतना है। 1932 में भारत ने अपना पहला इंटरनेशल मैच खेला था, मगर उन्हें पहली जीत दर्ज करने के लिए 20 साल की कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी। भारत को इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली जीत 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ मदरास में मिली थी। भारतीय क्रिकेट को इंटरनेशनल क्रिकेट में पहचान तब मिली जब टीम इंडिया ने कपिल देव की अगुवाई में 1983 का वर्ल्ड कप जीता। इसके बाद भारतीय क्रिकेट ने नई ऊंचाइयों को छूना शुरू कर दिया था। इस दौरान कई उतार चढ़ाव आए, मगर धीरे-धीरे भारत ने वर्ल्ड कप क्रिकेट पर अपनी बादशाहत कायम की। टीम इंडिया अभी तक 2 वनडे वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप और 3 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीत चुका है। भारत का अब सपना 1000 इंटरनेशनल मैच जीतने का है। 1932 से टीम इंडिया ने अभी तक टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर 1931 मैच खेले हैं जिसमें 928 में जीत मिली है, 709 मैच हारे हैं, 18 टाई रहे हैं, 224 ड्रॉ रहे हैं, वहीं 52 मुकाबलों के नतीजे नहीं निकल पाए हैं। भारत को 1000 मैच जीतने का आंकड़ा छूने के लिए अभी और मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि अभी फासला 72 जीत का है। भारत ने 1 जनवरी 2023 से अभी तक 153 मैच खेले हैं, जिसमें 103 मैचों में उन्हें जीत मिली है। टीम इंडिया साल में औसतन जितने मैच खेलती और जीतती है उससे अंदाजा लगाया जाए तो अगले 2 से 3 साल में भारत इस 1000 जीत के जादुई आंकड़े को छू सकता है। बता दें, भारत इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली दूसरी टीम है। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया पहले पायदान पर हैं, जो एकमात्र ऐसी टीम है जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 1000 से अधिक मैच जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया अभी तक टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर 1163 मैच जीत चुका है। टीम इंडिया के टेस्ट, वनडे और टी20 आंकड़ों की बात करें तो भारत को सबसे ज्यादा सफलता ‘क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट’ टी20 में मिली है। भारत इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 173 मैच जीतने वाली टीम है, वहीं पाकिस्तान 165 जीत के साथ दूसरे पायदान पर है। वहीं वनडे में भारत ने वर्ल्ड क्रिकेट में सबसे अधिक 1072 मैच खेले हैं जिसमें उन्हें 570 मुकाबलों में जीत मिली है। सबसे ज्यादा वनडे मैच जीतने वाली टीमों की लिस्ट में भारत ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे पायदान पर है। ऑस्ट्रेलिया ने इस फॉर्मेट में 1019 में सर्वाधिक 617 मैच जीते हैं। वहीं बात टेस्ट क्रिकेट की करें तो टीम इंडिया इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीमों की लिस्ट में 185 जीत के साथ चौथे पायदान पर है। भारत के ऊपर ऑस्ट्रेलिया 424, इंग्लैंड 403 और साउथ अफ्रीका 191 जीत के साथ मौजूद हैं।

मिचेल स्टार्क ने बताया T20I से संन्यास का असली कारण, भारत दौरे ने बदली रणनीति

नई दिल्ली  टी20 क्रिकेट के इस दौरा में जहां खिलाड़ी टेस्ट और वनडे जैसे फॉर्मेट से दूरी बनाने लगते हैं, ताकि वह इस फॉर्मेट के लिए हमेशा उपलब्ध रह सके, वहीं ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने T20I क्रिकेट से रिटायरमेंट लेकर हर किसी को हैरान कर दिया था। स्टार्क ने सितंबर 2025 में इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। उनका फोकस अब सिर्फ वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर रहेगा। हाल ही में स्टार्क ने खुलासा किया है कि उन्होंने सिर्फ T20I क्रिकेट से ही क्यों संन्यास लिया है। इसके पीछे भारत दौरे का एक खास कनेक्शन है। मिचेल स्टार्क ने कॉफी विद COGS से कहा, “उम्मीद है कि 2027 में इंडिया और इंग्लैंड का टूर कर पाऊंगा। शायद इसी वजह से मैंने T201 क्रिकेट छोड़ दिया। तो हां, यही प्लान है। ऐसा हो या न हो, मेरा शरीर मुझे बता देगा। लेकिन मैं ज़रूर करना चाहूंगा।” मिचेल स्टार्क टेस्ट और वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियम बॉलर हैं। इंग्लैंड के खिलाफ जारी एशेज टेस्ट सीरीज के पहले दो मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर उन्होंने इस बात को साबित भी किया है।   स्टार्क एशेज 2025 के पहले दो टेस्ट मैचों में ही 18 विकेट चटका चुके हैं, वहीं अन्य कोई गेंदबाज अभी तक 10 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंचा है। स्टार्क ने पहले टेस्ट में करियर बेस्ट परफॉर्मेंस देते हुए एक पारी में 7 विकेट चटकाने के साथ कुल 10 विकेट लिए थे। वहीं दूसरे मुकाबले में उन्होंने 8 शिकार किए थे। स्टार्क की नजरें 2027 में भारत और इंग्लैंड दौरे के अलावा वनडे वर्ल्ड कप पर भी होगी। यह निश्चित रूप से उनका आखिरी वनडे वर्ल्ड कप हो सकता है।