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इतिहास रचने का मौका: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका में होगी निर्णायक जंग

नवी मुंबई खेल में कुछ ऐसे पल आते हैं जो प्रतियोगिता से कहीं आगे निकल जाते हैं-ऐसे पल जब गर्व, विरासत और विश्वास मिलकर जीत से भी बड़ी चीज बन जाते हैं। रविवार को डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में, ऐसे ही एक पल पर फ्लडलाइट्स की रोशनी पड़ेगी। भारत महिला और दक्षिण अफ़्रीकी महिला, दो टीमें जिन्होंने इस विश्व कप में निरंतरता और साहस की कठिन राह पर चलकर इतिहास रचा है, अब अंतिम पुरस्कार के लिए भिड़ेंगी-आईसीसी महिला विश्व कप 2025 का ख़िताब। यह सिर्फ़ एक और फ़ाइनल नहीं है। यह लचीलेपन, कलात्मकता और उस शांत संकल्प का चरमोत्कर्ष है जिसने पिछले एक दशक में महिला क्रिकेट को परिभाषित किया है। सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ रोमांचक जीत के बाद भारत ने एक बार फिर देश के सपने को जगा दिया है। जब उन्होंने नौ गेंद शेष रहते 339 रनों का लक्ष्य हासिल किया, तो यह सिर्फ़ एक जीत नहीं थी-यह एक बयान था। जेमिमा रोड्रिग्स, शांत और प्रभावशाली, ने नाबाद 127 रनों की पारी खेली, जिसकी गूंज भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा रहेगी। दूसरी ओर, कप्तान हरमनप्रीत कौर, जो समान रूप से आक्रामक और शालीन थीं, 88 गेंदों पर 89 रनों की पारी खेलीं, एक ऐसे नेता का आत्मविश्वास जो जानता है कि नियति बुला रही है। दबाव में बनी 221 रनों की वह साझेदारी सिर्फ़ स्कोरकार्ड पर दर्ज रन नहीं थे। यह धैर्य, स्पष्टता और साहस का प्रतीक था। तब से भारत का ड्रेसिंग रूम गुलज़ार है। और इस गुलज़ार में यह विश्वास छिपा है कि रविवार वह दिन हो सकता है जब वे आखिरकार अपनी धरती पर कप उठाएं। स्मृति मंधाना, बाएं हाथ की खूबसूरत बल्लेबाज, जिनका बल्ला दर्शकों की ताल पर थिरकता हुआ प्रतीत होता है, इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण रही हैं – 100 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से 389 रन, और उससे भी ज़्यादा जरूरी, जरूरत पड़ने पर रन। अगर वह डीवाई पाटिल पर फिर से हमला बोलती हैं, तो शायद मैच भारत के पक्ष में झुक जाए। शेफाली वर्मा, जो बोल्ड और बेबाक हैं, शुरुआत में ही लय हासिल करने की कोशिश करेंगी, जबकि ऋचा घोष की आखिरी क्षणों की शानदार गेंदबाजी इस लाइन-अप को एक ऐसा खतरा देती है जिससे हर प्रतिद्वंद्वी डरता है। फिर आती हैं खामोश किलर- दीप्ति शर्मा। उनकी ऑफ-स्पिन नियंत्रण में कविता की तरह है, उनकी विविधताएँ तनावपूर्ण ओवर में ढोल की थाप से भी ज़्यादा सटीक हैं। उनके साथ, श्री चरणी और क्रांति गौड़ गुमनाम नायक रहे हैं, जो अटूट अनुशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। लेकिन, जैसा कि किसी भी शानदार समापन की मांग होती है, एक योग्य चुनौती भी मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका का सफर भी उतना ही काव्यात्मक रहा है – एक टीम जो कभी करीबी मुकाबलों से जूझती थी, अब विश्वास की लय पर चल रही है। कप्तान लॉरा वोल्वार्ट ने सपने जैसी बल्लेबाजी की है – 470 रन, हर शॉट शान और उद्देश्य के साथ बनाया गया। शालीनता और धैर्य का मिश्रण करने की उनकी क्षमता ने एक पीढ़ी को प्रेरित किया है। उनके साथ, ताजमिन ब्रिट्स लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि मारिज़ैन काप – जो कभी नहीं झुकती – दक्षिण अफ़्रीका की जुझारूपन की मिसाल हैं। सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड के ख़िलाफ उनका पाँच विकेट लेना महज़ एक जादू नहीं था; यह इस बात का संकेत था कि यह प्रोटिया टीम अब दबाव में नहीं झुकेगी। काप और नॉनकुलुलेको म्लाबा की अगुवाई में उनका गेंदबाज़ी आक्रमण अनुशासन से भरपूर है। नादिन डी क्लार्क, जो अथक और दृढ़ हैं, उनके कवच में धार जोड़ती हैं। साथ मिलकर, वे एक ऐसी टीम बनाती हैं जो खेल के एक ही पल में किसी भी खेल का रुख़ पलट सकती है। डीवाई पाटिल की पिच रनों का वादा करती है – सही उछाल, एक समान गति, और ऐसी कैरी जो स्ट्रोक लगाने को मज़ेदार बना दे। लेकिन बारिश का पूर्वानुमान खेल में नाटकीयता और शायद भाग्य भी जोड़ सकता है। डीएलएस में उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जो भी टॉस जीतेगा, वह पहले गेंदबाजी करेगा, यह जानते हुए कि बारिश भी उनके विरोधियों की तरह उनका पीछा कर सकती है। भारत के पास घरेलू दर्शक, लय और जादू है। दक्षिण अफ्रीका के पास इतिहास रचने वाली एक शांत टीम जैसी मजबूती है। एक टीम अपनी शानदार कहानी में एक सुनहरा अध्याय जोड़ने का सपना देख रही है। दूसरी टीम पहली बार एक सुनहरा अध्याय लिखने का सपना देख रही है। कल का मुकाबला सिर्फ़ कौशल का नहीं है। यह हिम्मत का है, रोशनी में कौन सबसे आखिर में पलक झपकाएगा और जब दुनिया दबाव में झुक रही होगी, तब कौन अपनी लय में रहेगा, इसका भी है। जब पहली गेंद फेंकी जाएगी और वह सफ़ेद गेंद नवी मुंबई की हवा में घूमेगी, तो हर सीट उत्सुकता से कांप उठेगी। डीवाई पाटिल स्टेडियम एक साथ उठ खड़ा होगा, दिल एक लय में धड़केंगे, और कहीं न कहीं, किसी कमेंटेटर की आवाज ने यही कहा होगा – “नाम याद रखना।” क्योंकि कल रात के अंत तक, भारत और दक्षिण अफ्रीका खेल को यादगार नए नाम देंगे। भारत महिला: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, राधा यादव, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणानी, क्रांति गौड़, मेघना सिंह, पूजा वस्त्रकर, देविका वैद्य, यास्तिका भाटिया, अनुषा बारेड्डी, मन्नत कश्यप। दक्षिण अफ़्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), ताजमिन ब्रिट्स, सुने लुस, मारिज़ैन काप, एनेके बॉश, क्लो ट्रायॉन, नादिन डी क्लार्क, सिनालो जाफ़्टा (विकेटकीपर), अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा, एनेरी डर्कसन, डेल्मी टकर, लारा गुडॉल, एलिज-मारी मार्क्स, मसाबाता क्लास, मिके डी रिडर, नोंडुमिसो शांगसे।  

तीसरे टी20 में नहीं खेलेंगे हेज़लवुड, टीम इंडिया के बल्लेबाजों के लिए खुला मौका बड़ा स्कोर बनाने का

होबार्ट तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में थोड़ी राहत मिलेगी और वह पहले से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को अंतिम एकादश में जगह मिल पाती है या नहीं क्योंकि उनको लगातार बाहर रखने पर सवाल उठने लग गए हैं। सही लंबाई पर गेंद डालने में हेजलवुड की सटीकता और उछाल, भारतीय बल्लेबाजों के लिए दुःस्वप्न बन गई। ऑस्ट्रेलिया को इस महीने के आखिर में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला खेलनी है और उसे देखते हुए हेजलवुड को विश्राम दिया गया है। स्टार सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने मेलबर्न में खेले गए दूसरे मैच के बाद कहा था, ‘‘यह निश्चित रूप से राहत की बात होगी। मैंने ऐसी गेंदबाजी का सामना पहले कभी नहीं किया।’’ ⁠ऐसी स्थिति में भारतीय बल्लेबाजों को राहत मिलना स्वाभाविक है और वे जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस या सीन एबॉट जैसे गेंदबाजों का सामना करते समय अधिक आश्वस्त महसूस करेंगे। कप्तान सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल दोनों को अतिरिक्त उछाल और अच्छी सीम मूवमेंट वाली गेंदों से निपटने में दिक्कत हो रही है। सूर्यकुमार और गिल ने कैनबरा में बारिश से प्रभावित मैच में अच्छी बल्लेबाजी की थी और वह उसको दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। यह मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था। होबार्ट स्थित बेलेरिव ओवल एक ऐसा मैदान है, जहां दोनों तरफ की सीमा रेखा छोटी है और ऐसे में शार्ट पिच गेंद पर कवर, प्वाइंट, स्क्वायर लेग या मिड-विकेट पर लंबे शॉट लगाए जा सकते हैं। बेलेरिव ओवल वह मैदान है जहां विराट कोहली ने 2012 में श्रीलंका के खिलाफ 321 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 86 गेंदों में नाबाद 133 रन की शानदार पारी खेली थी। बेलेरिव ओवल की पिच पारंपरिक रूप से सफेद गेंद से होने वाले मैचों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। यह तेज गेंदबाज एलिस का बीबीएल में घरेलू मैदान भी है, जो स्थानीय फ्रेंचाइजी होबार्ट हरिकेंस के कप्तान हैं। इस दौरे पर बल्लेबाजी की गहराई को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन का जुनून चर्चा का विषय रहा है और एमसीजी में 125 रन के मामूली स्कोर पर आउट होने के बाद उसकी इस रणनीति पर सवाल उठने लग गए हैं। अतिरिक्त उछाल वाली पिच पर भारत तीन स्पिनरों के साथ उतरा और एक बार फिर अर्शदीप को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली, जबकि वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अर्शदीप सिंह को बाहर रखने के फैसले पर हैरानी व्यक्त करते हुए अपने यूट्यूब चैनल पर कहा था, ‘‘अगर जसप्रीत बुमराह खेल रहे हैं, तो अर्शदीप सिंह का नाम सूची में दूसरे स्थान पर होना चाहिए। अगर बुमराह नहीं खेल रहे हैं, तो अर्शदीप सिंह का नाम सूची में पहले स्थान पर होगा।‘‘ अगर आंकड़ों पर गौर करें तो स्पष्ट हो जाता है कि पिछले 15 से 20 मैचों में भारत के आठवें नंबर के बल्लेबाज ने प्रति पारी औसतन पांच गेंदों का सामना किया है और यही वजह है कि टीम प्रबंधन की इस रणनीति पर सवाल उठने लग गए हैं। भारतीय टीम प्रबंधन अर्शदीप के बजाय हर्षित राणा को प्राथमिकता दे रहा है जिन्होंने पिछले मैच में 33 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 35 रन बनाए। यदि चार गेंदों पर बाउंड्री से बनाए गए 18 रन को हटा दिया जाए, तो दिल्ली के इस ऑलराउंडर ने 29 गेंदों पर 17 रन बनाए। उन्होंने ऐसे समय में गेंद बर्बाद की जबकि दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा खड़े थे और उन्हें स्ट्राइक लेने का मौका नहीं मिल रहा था। जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो हर्षित की गेंदबाजी में निरंतरता का अभाव है। अब यहां देखना दिलचस्प होगा कि अर्शदीप को उनकी जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है या नहीं। अगर टीम प्रबंधन हर्षित को टीम में बनाए रखने की रणनीति पर कायम रहता है तब भी अर्शदीप को किसी एक स्पिनर के स्थान पर अंतिम एकादश में रखना चाहिए क्योंकि यहां के विकेट से स्विंग मिलने की संभावना है। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर। ऑस्ट्रेलिया: मिशेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, टिम डेविड, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, ग्लेन मैक्सवेल, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमन, मिशेल ओवेन, जोश फिलिप, तनवीर संघा, मैथ्यू शॉर्ट और मार्कस स्टोइनिस। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:45 पर शुरू होगा।  

वुमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में बारिश का खतरा, इंडिया vs साउथ अफ्रीका: कौन लेगा ट्रॉफी? पूरी गणना

Women's WC: बारिश से रद्द होने पर भारत या साउथ अफ्रीका में कौन बनेगी चैंपियन? जानें मैच के गणित वुमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में बारिश का खतरा, इंडिया vs साउथ अफ्रीका: कौन लेगा ट्रॉफी? पूरी गणना अगर फाइनल रद्द हुआ तो कौन बनेगी विजेता? वुमेंस WC में भारत-साउथ अफ्रीका की चैंपियनशिप का गणित नवी मुंबई आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में रविवार (2 नवंबर) को भारतीय टीम का सामना साउथ अफ्रीका से होना है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेला जाएगा. इंग्लैंड ने पहले सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 125 रनों से पराजित किया था. वहीं हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से पराजित करके खिताबी मुकाबले में एंट्री ली है. दोनों ही टीम्स ने अब तक महिला वर्ल्ड कप खिताब नहीं जीता है. ऐसे में जो भी टीम खिताबी मुकाबला जीतेगी, वो इतिहास रच देगी. फाइनल भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले में बारिश का खतरा भी मंडरा रहा है. accuweather.com के मुताबिक 2 नवंबर को नवी मुंबई में बारिश का पूर्वानुमान 63 प्रतिशत है. रविवार को नवी मुंबई में सुबह के समय बादल छाए रहेंगे. फिर दोपहर में बादलों और धूप के बीच आंख मिचौली का खेल सकता है, साथ ही बारिश भी हो सकती है. क्या फाइनल के लिए है रिजर्व डे? अब फैन्स के मन में सवाल है कि यदि रविवार को मैच धुलता है तो क्या होगा. बता दें कि यदि 2 नवंबर को फाइनल का नतीजा नहीं निकल पाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने खिताबी मकाबले लिए रिजर्व डे रखा है. बारिश या अन्य वजहों के चलते यदि रविवार को 20-20 ओवरों का खेल संभव नहीं हो पाता है, तो मुकाबला रिजर्व डे (3 नवंबर) में जाएगा. हालांकि नवी मुंबई में 3 नवंबर यानी सोमवार को बरसात का अनुमान 55 प्रतिशत है. सोमवार को नवी मुंबई में अधिकांश समय बादल छाए रहेंगे और कभी-कभार बारिश होने की भी संभावना जताई गई है. मुकाबला रिजर्व डे में वहीं से शुरू होगा, जहां पर रुका था. फाइनल में एक बार टॉस हो गया तो मैच को लाइव माना जाता है. अगर बारिश का खलल रिजर्व डे में भी पड़ता है और मिनिमम 20-20 ओवर्स का खेल संभव नहीं हो पाता है, तो भारत और साउथ अफ्रीका को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा. 2002 में हुई आईसीसी मेन्स चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और श्रीलंका की टीम्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था. वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को मिलेगी रिकॉर्डतोड़ प्राइज मनी आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में 2 नवंबर (रविवार) को भारत और साउथ अफ्रीका की टक्कर होनी है. यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा. भारत और साउथ अफ्रीका दोनों ने ही अब तक महिला वर्ल्ड कप नहीं जीता है. ऐसे में विजेता बनने वाली टीम के लिए ये ऐतिहासिक पल होगा. खिताबी मुकाबले के रोमांचक होने की पूरी संभावना है.         वर्ल्ड कप में इस बार चैम्पियन बनने वाली टीम पर पैसों की बारिश होगी. महिला वर्ल्ड कप के 13वें संस्करण की विजेता टीम को 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) मिलेंगे. यह राशि 2022 में ऑस्ट्रेलिया को मिली इनामी रकम (1.32 मिलियन डॉलर) से 239 प्रतिशत ज्यादा है.        वहीं रनर अप (दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम) को 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 20 करोड़ रुपये) मिलेंगे. यह राशि 2022 में इंग्लैंड को मिली 600000 डॉलर से 273 प्रतिशत ज्यादा है.      सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीम्स (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) को एकसमान 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) की रकम मिली है. पिछले संस्करण में ये राशि केवल 300000 डॉलर थी.  अंकतालिका में 5वें और 6वें स्थान पर आने वाली टीम्स (श्रीलंका और न्यूजीलैंड) को एकसमान 700000 डॉलर (लगभग 5.8 करोड़ रुपये) मिले हैं.  इसके अलावा 7वें और 8वें स्थान पर रहने वाली टीम्स (बांग्लादेश और पाकिस्तान) को 280000 डॉलर (लगभग 2.3 करोड़ रुपये) मिले हैं. इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए प्रत्येक टीम को 250000 डॉलर (लगभग 2 करोड़ रुपये) की गारंटी मनी अलग से दी जा रही है. यही नहीं ग्रुप स्टेज के दौरान हर मैच में जीत पर टीम्स को 34,314 डॉलर (लगभग 28 लाख रुपये) मिले हैं. भारत का फुल स्क्वॉड: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, अमनजोत कौर, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, क्रांति गौड़, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर, स्नेह राणा, अरुंधति रेड्डी, हरलीन देओल, उमा छेत्री (विकेटकीपर). साउथ अफ्रीका का स्क्वॉड: लौरा वोलवॉर्ड (कप्तान), ताजमिन ब्रिट्स, सुने लुस, एनेरी डर्कसेन, एनेके बॉश, मारिजाने कैप, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), क्लो ट्रायोन, नादिन डिक्लर्क, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा, तुमी सेखुखुने, नोंदुमिसो शांगसे, कराबो मेसो, मसाबाता क्लास.  

टीम इंडिया के अगले लीड पेसर बने अर्शदीप? अश्विन ने किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम प्रबंधन के टी20 टीम के अंतिम एकादश में अर्शदीप सिंह को शामिल नहीं करने पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज के रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें जसप्रीत बुमराह के बाद दूसरी पसंद का तेज गेंदबाज होना चाहिए। अश्विन का मानना है कि अर्शदीप जैसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। अश्विन की यह टिप्पणी मेलबर्न में दूसरे टी-20 मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की चार विकेट से हार के बाद आई है। भारत केवल 125 रन पर आउट हो गया और ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। कैनबरा में पांच मैचों की श्रृंखला का पहला टी-20 मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर ऐश की बात में कहा, ‘‘अगर बुमराह खेल रहे हैं तो अर्शदीप सिंह का नाम आपके तेज गेंदबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर बुमराह नहीं खेल रहे हैं तो अर्शदीप उस टीम में आपका पहला मुख्य तेज गेंदबाज़ बन जाएगा। मुझे समझ नहीं आ रहा कि अर्शदीप सिंह को इस टीम में लगातार अंतिम एकादश से बाहर क्यों रखा जा रहा है। यह वास्तव में मेरी समझ से परे है।’’ अश्विन हालांकि इस बात को समझते हैं कि हर्षित राणा ने दूसरे मैच में बल्लेबाजी में योगदान दिया लेकिन उनका मानना है कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड जैसी पिच पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ को टीम से बाहर नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘बेशक, हर्षित राणा का बल्ले से दिन अच्छा रहा। उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन मैं अपनी बात उनसे जोड़ कर नहीं कह रहा हूं। मेरी बात अर्शदीप सिंह से जुड़ी हुई है। उन्होंने 2024 में टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इसके बाद उन्हें लगातार बाहर रखा जा रहा है जिससे उनकी लय भी थोड़ा गड़बड़ गई है।’’ दिलचस्प बात यह है कि हर्षित अनुभवी शिवम दुबे से पहले बल्लेबाजी के लिए आए और उन्होंने 33 गेंदों पर 35 रन बनाए। लेकिन बुमराह के बाद दूसरे तेज गेंदबाज के रूप में उनका योगदान निराशाजनक रहा और उन्होंने दो ओवर में 27 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया। जब राहुल द्रविड़ मुख्य कोच और रोहित शर्मा कप्तान थे तब अर्शदीप टी-20 क्रिकेट में भारत के सबसे विश्वसनीय तेज गेंदबाजों में से एक बन गए थे। वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं। अश्विन ने कहा, ‘‘हमने एशिया कप में देखा कि उसने (अर्शदीप) अच्छी गेंदबाजी की। उसने दूसरे स्पैल में बहुत अच्छी वापसी की लेकिन वह लय में नहीं दिख रहा था। अगर आप अपने चैंपियन गेंदबाज़ को नहीं खिलाते हैं तो वह बेकार लगेगा। इसलिए अगर आप अर्शदीप सिंह हैं तो यह वाकई मुश्किल स्थिति हैं। मुझे उम्मीद है कि उसे टीम में जगह मिलेगी जिसका वह हकदार है।’’  

हरमनप्रीत कौर के सामने सुनहरा मौका, वर्ल्ड कप फाइनल में टूटेगा बड़ा रिकॉर्ड!

मुंबई  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रविवार को आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल खेला जाना है। दोनों टीमों की नवी मुंबई के मैदान पर मैदान भिड़ंत होगी। भारत तीसरी बार टूर्नामेंट के फाइनल में खिताबी सूखे को खत्म करने उतरेगा। भारत ने साल 2005 और 2017 में फाइनल खेला था मगर निराशा हाथ लगी। वहीं, साउथ अफ्रीका का यह महिला वर्ल्ड कप का पहला फाइनल है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर खिताबी मुकाबले में इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। वह टूर्नामेंट की 'सिक्सर क्वीन' बनने से सिर्फ दो कदम दूर हैं।   हरमनप्रीत फिलहाल महिला वनडे वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाली खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। वह टूर्नामेंट में 34 मैचों में कुल 22 सिक्स लगा चुकी हैं। वेस्टइंडीज की धाकड़ ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन ने 29 मुकाबलों में 22 छक्के जमाए हैं। शीर्ष पर न्यूजीलैंड की दिग्गज सोफी डिवाइन हैं, जिन्होंने 32 मैचों में 23 सिक्स उड़ाए। 36 वर्षीय हरमनप्रीत को डिवाइन से आगे निकालने के लिए महज दो सिक्स की जरूरत है। डिवाइन इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो गई हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद अपने करियर को अलविदा कहा। हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार पारी खेली थी। उन्होंने 89 गेंदों में 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 89 रन बनाए। भारत ने 339 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। जेमिमा रोड्रिग्स (134 गेंदों में नाबाद 127) प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। महिला वनडे वर्ल्ड कप में सर्वाधिक सिक्स लगाने वाली प्लेयर्स की सूची में भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना तीसरे पायदान पर हैं। उन्होंने 24 मैचों में 22 छक्के ठोके हैं। उनके बाद साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर क्लो ट्रायोन हैं। ट्रायोन ने 26 मुकाबलों में 17 सिक्स जड़े हैं।  

BCCI की नाराज़गी: एशिया कप ट्रॉफी न मिलने पर ICC से करेगा शिकायत

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि बोर्ड आईसीसी की तिमाही बैठक में पुरुष टी20 एशिया कप 2025 की ट्रॉफी सौंपने में हुई देरी पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराएगा। यह बैठक 4-7 नवंबर तक दुबई में आयोजित की जाएगी। बीसीसीआई सचिव ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, "मैंने बीसीसीआई की ओर से अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि हम अगले 2-3 दिन और इंतजार करेंगे। अगर हमें ट्रॉफी वापस नहीं मिलती, तो हम 4 नवंबर से शुरू होने वाली आईसीसी बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे। फिलहाल हम अगले दो दिनों का इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हमने 10 दिन पहले एसीसी को एक पत्र भेजा है। अगर ट्रॉफी नहीं आती, तो हम आईसीसी के सामने अपनी शिकायत रखेंगे, क्योंकि वह क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था है।" सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने 28 सितंबर को एशिया कप 2025 के खिताबी मैच में पाकिस्तान को 5 विकेट से मात दी थी। इसके बाद टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नौवां एशिया कप खिताब जीतने के बाद जब भारत ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार किया, तो अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर बाद अधिकारी ट्रॉफी वापस अपने साथ ले गए। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी के बगैर ही जीत का जश्न मनाया। पिछले महीने ऐसी खबरें आई थीं कि मोहसिन नकवी ने 10 नवंबर को ट्रॉफी सौंपने के अपने इरादे की जानकारी दी थी। एसीसी अध्यक्ष ने कथित तौर पर इस महीने दुबई में एक कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश की है, जहां एशिया कप भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सौंपा जा सके। यह कार्यक्रम महाद्वीपीय संस्था और बीसीसीआई के बीच पत्रों के आदान-प्रदान के बाद प्रस्तावित किया गया था। भले ही बीसीसीआई ने ट्रॉफी और विजेताओं के पदकों के मुद्दे को सुलझाने के लिए एसीसी को औपचारिक रूप से पत्र लिखा था, लेकिन मामला अभी तक अनसुलझा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी ने ट्रॉफी को एसीसी मुख्यालय से किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है।

शतरंज की दुनिया में नया इतिहास: विश्वनाथन आनंद सम्मानित, FIDE वर्ल्ड चेस कप ट्रॉफी का नाम उनके नाम पर

पणजी पणजी से बड़ी खबर सामने आई है, FIDE  वर्ल्ड चेस कप 2025 की नई ट्रॉफी अब भारत के महान शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद के नाम पर होगी. गोवा में शुक्रवार को हुए शानदार उद्घाटन समारोह में इसे “विश्वनाथन आनंद ट्रॉफी” के नाम से समर्पित किया गया. यह ब्रास से बनी और गोल्ड-प्लेटेड ट्रॉफी हर साल नए चैम्प‍ियन को मिलेगी, यानी एक रोलिंग ट्रॉफी, जो आने वाले विजेताओं के बीच घूमती रहेगी. 2002 के बाद यह पहली बार है जब FIDE वर्ल्ड कप कप भारत में आयोजित हो रहा है, तब  आनंद ने हैदराबाद में दो गेमों के फइनल में रुस्तम कासिमदज़नोव (Rustam Kasimdzhanov) को हराया था.  ट्रॉफी का अनावरण एक रंगारंग उद्घाटन समारोह के दौरान किया गया, जिसमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और FIDE (Fédération Internationale des Échecs, इंग्ल‍िश ट्रांसलेशन-International Chess Federation) प्रमुख अर्कडी ड्वोर्कोविच (Arkady Dvorkovich) शामिल हुए . इस इवेंट में  ऑल इंड‍िया चेस फेडरेशन (AICF) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने कहा- विश्वनाथन आनंद कप,  FIDE  विश्व कप (ओपन) विजेता रनिंग ट्रॉफी की घोषणा करते हुए मुझे बेहद गर्व और खुशी हो रही है, जिसे शतरंज के बादशाह और भारत के पहले ग्रैंडमास्टर श्री विश्वनाथन आनंद के सम्मान में स्थापित किया गया है.  यह रनिंग ट्रॉफी भारतीय शतरंज की जबरदस्त प्रगति और @vishy64theking (विश्वनाथन आनंद) की अद्भुत उपलब्धियों और विरासत का प्रतीक है. जिसे आने वाली कई सदियों तक संजोकर रखा जाएगा और यह शतरंज की नई पीढ़ियों तक प्रेरणा बनकर पहुंचेगी.  उन्होंने 'X' पर लिखा- यह भव्य, शानदार और बेहद प्रतीकात्मक डिजाइन में बनी यह ट्रॉफी भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर को नृत्य मुद्रा में दर्शाती है, एक ऐसा दृश्य जो शतरंज के शाश्वत आकर्षण को फिर से जीवंत कर देता है. गोवा की समृद्ध संस्कृति और 'शतरंज की भावना और कहानी' को प्रदर्शित करने वाले एक रंगारंग समारोह के बाद नितिन नारंग द्वारा पढ़े गए एक पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टूर्नामेंट की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा- शतरंज विश्व कप 'शतरंज के घर' में लौट रहा है, ऐसा लग रहा है जैसे खेल का चक्र पूरा हो गया है. प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के मेजबान के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका जारी है और यह भारत और विश्व दोनों के लिए शुभ संकेत है. मैं FIDE शतरंज विश्व कप 2025 के शुभारंभ की घोषणा करता हूं.  वहीं विमेंस वर्ल्ड कप चैम्प‍ियन दिव्या देशमुख ने ड्रॉ ऑफ कलर्स समारोह किया और भारत के गुकेश के लिए ब्लैक पीस चुने, यानी शनिवार को ऑड नंबर्स वाले खिलाड़ी काले मोहरों से खेल की शुरुआत करेंगे. वहीं इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा-  जब भारत ने पिछली बार 2002 में वर्ल्ड कप होस्ट किया था, तब हमारे पास 10 से भी कम ग्रैंडमास्टर थे. आज हमारे पास 90 हैं. भारत ने ओपन और विमेंस दोनों ओलंपियाड खिताब जीते हैं, और दिव्या देशमुख विमेंस वर्ल्ड कप चैंपियन हैं. आने वाले सालों में हम और चैंपियन बनाएंगे.” टूर्नामेंट की एक झलक     कुल 206 खिलाड़ी, 82 देशों से, और 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 17 करोड़ रुपये की इनामी राशि दांव पर रहेगी.      विजेता को Candidates 2026 में एंट्री मिलेगी, यानी वर्ल्ड चेस चैम्पियनशिप के अगले चरण का टिकट.     मुकाबले 1 नवंबर से शुरू, आठ राउंड तक चलेंगे.     50 टॉप सीड्स को पहले राउंड में बाय मिला है. भारत की मजबूत दावेदारी भारत के युवा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, दूसरे सीड अर्जुन एरिगैसी और पिछले संस्करण के रनर-अप आर प्रज्ञानानंदा सीधे दूसरे राउंड से खेल शुरू करेंगे. पहले राउंड में देश के जूनियर विश्व चैंपियन प्रणव वी उतरेंगे, जो अल्जीरिया के अला एद्दीन बुलरेन्स से भिड़ेंगे. वहीं इंटरनेशन प्लेयर्स में जर्मनी के विंसेंट कीमर एक प्रमुख दावेदार होंगे. वह लाइव रेटिंग सूची में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी हैं. उन्होंने यूरोपीय क्लब कप और यूरोपीय टीम चैम्प‍ियन में 18 रेटिंग अंक हासिल किए हैं. वहीं समरकंद ग्रैंड स्विस व‍िनर अनीश गिरी भी क्ल‍ियर फेवरेट होंगे.  वेस्ली सो और लेवोन अरोनियन की अमेरिकी जोड़ी भी एक बड़ा खतरा होगी. वहरीं 2017 वल्ड्र कप विजेता लेवोन अरोनियन ने भी कई खिताब जीतकर एक अच्छा वर्ष बिताया है. नवीनतम FIDE रेटिंग सूची के अनुसार, 22 खिलाड़ियों को 2700 या उससे अधिक रेटिंग दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि इस आयोजन में विश्व शतरंज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी शामिल होंगे.   

Jannik Sinner का धमाल: शेल्टन पर जीत के साथ पेरिस मास्टर्स सेमीफाइनल में एंट्री

पेरिस  पेरिस मास्टर्स में जैनिक सिनर ने बेन शेल्टन पर 6-3, 6-3 से शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सिनर विश्व नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने के एक कदम और करीब पहुंच गए हैं। शेल्टन पर लगातार सातवीं जीत के साथ सिनर ने पहली बार पेरिस सेमीफाइनल में जगह बनाई है। 24 वर्षीय सिनर अब तीसरे वरीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ेंगे, जिन्होंने तीन सेटों तक चले रोमांचक मुकाबले में दो मैच प्वाइंट बचाकर डेनियल मेदवेदेव को शिकस्त दी है। कार्लोस अल्काराज की कैमरन नॉरी के खिलाफ अप्रत्याशित दूसरे दौर की हार ने इतालवी खिलाड़ी के लिए रास्ता खोल दिया है, जो फ्रांस की राजधानी में एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीतकर स्पेनिश खिलाड़ी को पछाड़ सकते हैं। सिनर ने दूसरे सेट के बीच में कुछ देर के लिए अपनी सर्विस गंवा दी थी, लेकिन जल्द ही नियंत्रण हासिल करते हुए 23 वर्षीय शेल्टन के खिलाफ 70 मिनट से भी कम समय में जीत हासिल की। सिनर ने 'स्काई स्पोर्ट्स' को बताया, "मैं बहुत खुश हूं। यह बहुत ही कठिन मुकाबला था। कई बार उनकी शानदार सर्विस की वजह से आप ज्यादा नियंत्रण में नहीं रहते, लेकिन इस मैच में लगा कि मैं बहुत अच्छा रिटर्न कर रहा हूं। मैंने बहुत मजबूत और आक्रामक खेल दिखाया।" ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन चैंपियन ने कहा, "मैं इस समय रैंकिंग के बारे में नहीं सोच रहा हूं। यह मेरे खेलने के तरीके का नतीजा है। पेरिस में सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मायने रखता है। यह एक बहुत लंबा सीजन रहा है, जिसमें कुछ बेहतरीन परिणाम मिले हैं। मैं इन परिणामों को कभी कमतर नहीं आंकता।" सिनर सेमीफाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ेंगे। जर्मन खिलाड़ी ने डेनियल मेदवेदेव को 2-6, 6-3, 7-6 (7-5) से शिकस्त दी है। वहीं, अलेक्जेंडर बुब्लिक ने ऑस्ट्रेलिया के छठे वरीय एलेक्स डी मिनौर को कड़े मुकाबले में 6-7 (5-7), 6-4, 7-5 से शिकस्त देकर अपने पहले मास्टर्स सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। 13वीं वरीयता प्राप्त बुब्लिक अपने अगले मुकाबले में कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे से भिड़ेंगे। अलियासिमे ने शंघाई मास्टर्स चैंपियन वैलेंटिन वाचेरोट को 6-2, 6-2 से शिकस्त देकर अंतिम चार में जगह पक्की की है।

ज्वेरेव दो मैच प्वाइंट बचाकर पेरिस मास्टर्स के सेमीफाइनल में, अब मुकाबला सिनर से

पेरिस अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने दो मैच प्वाइंट बचाकर दानिल मेदवेदेव को 2-6, 6-3, 7-6 (5) से हराया और पेरिस मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने की उम्मीद बरकरार रखी। ज्वेरेव ने इस जीत से मेदवेदेव के खिलाफ पिछले दो साल से चला आ रहा पांच मैचों की हार का सिलसिला समाप्त कर दिया। दुनिया में तीसरे नंबर के खिलाड़ी ज्वेरेव सेमीफाइनल में दूसरे नंबर के यानिक सिनर से भिड़ेंगे। पिछले सप्ताहांत वियना फाइनल में दोनों की भिड़ंत हुई थी, जहां सिनर ने तीसरे सेट में 7-5 से जीत हासिल की थी। दोनों का एक दूसरे के खिलाफ रिकॉर्ड 4-4 से बराबर है। ⁠ निर्णायक सेट में 4-5 के स्कोर पर ज्वेरेव ने मेदवेदेव के खिलाफ दोनों मैच प्वाइंट बचाए। पेरिस मास्टर्स में 2020 फाइनल में ज्वेरेव को हराने वाले मेदवेदेव ने टाईब्रेकर में 5-5 की बराबरी कर ली, लेकिन ज्वेरेव ने फिर से बढ़त बनाते हुए ढाई घंटे में जीत हासिल कर ली। सिनर ने नंबर सात बेन शेल्टन को 6-3, 6-3 से हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इससे वह फिर से नंबर एक रैंकिंग हासिल करने के करीब पहुंच गए। यदि सिनर खिताब जीत लेते हैं, तो यह वर्ष की उनकी पहली मास्टर्स ट्रॉफी होगी और इससे वह फिर से विश्व के नंबर एक खिलाड़ी भी बन जाएंगे। अमेरिकी खिलाड़ी पर सिनर की यह लगातार सातवीं जीत है। फेलिक्स ऑगर अलियासिमे ने एक अन्य क्वार्टर फाइनल में वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाले वैलेन्टिन वेचेरोत को 6-2, 6-2 से पराजित किया। सेमीफाइनल में उनका सामना अलेक्जेंडर बुब्लिक से होगा, जिन्होंने छठी वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर को बिना सर्विस गंवाए 6-7(5) 6-4 7-5 से हराया।  

भारतीय टेनिस के दिग्गज रोहन बोपन्ना ने लिया रिटायरमेंट, फैंस को समर्पित किया भावुक संदेश

मुंबई  भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. बोपन्ना ने 1 नवंबर (शनिवार) को भावुक पोस्ट शेयर करके दो दशक से ज्यादा समय तक चले अपने टेनिस करियर पर विराम लगाया. 45 साल के बोपन्ना का आखिरी टूर्नामेंट पेरिस मास्टर्स 2025 रहा, जहां उन्होंने अलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ जोड़ी बनाई थी. उस टूर्नामेंट में बोपन्ना-बुब्लिक को राउंड ऑफ 32 में जॉन पीयर्स और जेम्स ट्रेसी ने 5-7, 6-2, 10-8 से हरा दिया था. रोहन बोपन्ना ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "एक अलविदा, लेकिन अंत नहीं. ऐसी चीज को अलविदा कहना बहुत मुश्किल होता है, जिसने आपकी जिंदगी को अर्थ (Meaning) दिया हो. 20 अविस्मरणीय सालों के बाद अब वक्त आ गया है. मैं आधिकारिक तौर पर अपना रैकेट टांग रहा हूं. जब मैं यह लिख रहा हूं, मेरा दिल भारी भी है और आभारी भी. कूर्ग जैसे छोटे से शहर से अपनी यात्रा शुरू की, लकड़ी के ब्लॉक काटकर सर्व मजबूत की, कॉफी के बागानों में दौड़कर स्टैमिना बनाई और टूटे कोर्ट्स पर सपने देखते हुए आज दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचा, यह सब किसी सपने जैसा लगता है." रोहन बोपन्ना ने आगे लिखा, "टेनिस मेरे लिए सिर्फ एक खेल नहीं रहा, इसने मुझे जीवन का उद्देश्य दिया. जब मैं खो गया था, तब ताकत दी. जब मैं टूटा हुआ था, तब विश्वास दिलाया. हर बार जब मैं कोर्ट पर उतरा, तो इस खेल ने मुझे धैर्य, जज्बा और दोबारा उठने की हिम्मत दी. जब मैं अंदर से कहता था कि कुछ नहीं कर सकता, तब टेनिस ने मुझे लड़ना सिखाया और सबसे बढ़कर यह याद दिलाया कि मैंने शुरुआत क्यों की और मैं कौन हूं." 'आपने मुझे वो सब दिया…' रोहन बोपन्ना ने अपने माता-पिता का जिक्र करते हुए कहा कि वो उनके लिए असली हीरो हैं. बोपन्ना लिखते हैं, "आपने मुझे वो सब दिया जिसकी मदद से मैं अपना सपना पूरा कर सका. आपके त्याग, आपकी निःशब्द ताकत और आपके अटूट विश्वास के कारण ही मैं यहां तक पहुंचा." बोपन्ना ने अपनी बहन (रश्मि), पत्नी (सुप्रिया) और बेटी (त्रिधा) का धन्यवाद किया, जो हर मोड़ पर बोपन्ना के साथ खड़ी रहीं. बोपन्ना ने अपने कोच, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और फैन्स का भी आभार जताया. रोहन बोपन्ना ने अंत में लिखा, "मैं भले ही अब प्रतियोगिता से दूर हो रहा हूं, लेकिन टेनिस से मेरा रिश्ता खत्म नहीं हुआ है. इस खेल ने मुझे सब कुछ दिया. अब मैं इस खेल को कुछ लौटाना चाहता हूं, ताकि छोटे-शहरों के युवा यह विश्वास कर सकें कि उनकी शुरुआत ही उनकी सीमाओं को परिभाषित नहीं करतीं. अगर आपके पास विश्वास, मेहनत और दिल है, तो कुछ भी संभव है. यह 'गुडबाय' नहीं, बल्कि उन सबके लिए 'थैंक यू' है, जिन्होंने मुझे गढ़ा, संभाला और प्यार दिया. आप सब मेरी कहानी का पार्ट हैं और मैं आप सबका हिस्सा हूं." रोहन बोपन्ना ने अपने सुनहरे करियर में दो ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीते. बोपन्ना ने फ्रेंच ओपन 2017 में मिक्स्ड डबल्स खिताब जीता था. तब बोपन्ना और गैब्रिएला डाब्रोव्स्की की जोड़ी ने अन्ना-लेना ग्रोनफेल्ड-रॉबर्ट फराह को 2-6, 6-2, [12-10] से हराया था. फिर बोपन्ना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2024 में मैथ्यू एब्डेन (ऑस्ट्रेलिया) के साथ मिलकर मेन्स डबल्स खिताब अपने नाम किया. रोहन-एब्डेन ने इटली के सिमोन बोलेली और आंद्रे वावसोरी को 7-6 (0), 7-5 से पराजित किया. इसी के साथ बोपन्ना ग्रैंड स्लैम (ओपन एरा) जीतने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी बन गए थे.