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WPL 2026 Schedule Out: पहला मुकाबला मुंबई बनाम बैंगलोर, देखें पूरा कार्यक्रम और फाइनल डेट

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने वुमेंस प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल के चौथे सीजन के शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। डब्ल्यूपीएल 2026 का आगाज डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और 2 बार की विजेता मुंबई इंडियंस के बीच 9 जनवरी से खेले जाने वाले मैच से होगा। इस टूर्नामेंट को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग की मेजबानी नवी मुंबई करेगा वहीं दूसरा भाग वडोदरा में खेला जाएगा। WPL 2026 का आगाज 9 जनवरी से होगा और फाइनल 5 फरवरी को खेला जाएगा। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 9-17 जनवरी तक सीजन के पहले 11 गेम खेले जाएंगे। इसके बाद लीग बाकी 11 मैचों के लिए वडोदरा जाएगी, जिसकी शुरुआत गुजरात जायंट्स और RCB के बीच मैच से होगी। लीग फेज 1 फरवरी तक चलेगा। सीजन में सिर्फ़ दो डबल-हेडर दिन (10 और 17 जनवरी) हैं और दोनों में दोपहर के गेम में UP वॉरियर्स शामिल होंगे। दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर 3 फरवरी को खेला जाएगा, और टेबल में टॉप पर रहने वाली टीम सीधे 5 फरवरी को वडोदरा में होने वाले फाइनल में पहुंच जाएगी। WPL 2026 का पूरा शेड्यूल नई मुंबई लेग 9 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 10 जनवरी: UP वॉरियर्स बनाम गुजरात जायंट्स 10 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स 11 जनवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जायंट्स 12 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम UP वॉरियर्स 13 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जायंट्स 14 जनवरी: UP वॉरियर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स 15 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम UP वॉरियर्स 16 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात जायंट्स 17 जनवरी: UP वॉरियर्स बनाम मुंबई इंडियंस 17 जनवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वडोदरा लेग 19 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 20 जनवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस 22 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम UP वॉरियर्स 24 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम दिल्ली कैपिटल्स 26 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस 27 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स 29 जनवरी: यूपी वॉरियर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 30 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम मुंबई इंडियंस 1 फरवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्स  

ODI में धमाका तय! रोहित शर्मा कर सकते हैं दो बड़े कीर्तिमान दर्ज, बस चाहिए 98 रन और 8 छक्के

 रांची  साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ 30 नवंबर (रव‍िवार) से शुरू हो रही वनडे सीरीज में रोहित शर्मा के न‍िशाने पर दो रिकॉर्ड होंगे. पहला 20 हजारी इंटरनेशनल रन वाले क्लब में शामिल होने का, दूसरा 650 इंटरनेशनल छक्कों के क्लब में एंट्री लेने का, सवाल यह है कि क्या रोहित इस वनडे सीरीज में ऐसा कर पाएंगे?  रोहित शर्मा साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज से पहले वह इंटरनेशनल क्रिकेट में 20,000 रन पूरे करने से चंद रन दूर हैं. उनके नाम अभी तक उन्होंने 502 इंटरनेशनल मैचों में 19,902 रन बनाए हैं, जिसमें 50 शतक और 109 अर्धशतक शामिल हैं.  38 साल के हिटमैन इस खास उपलब्धि को हासिल करने वाले दुनिया के सिर्फ 14वें बल्लेबाज बन सकते हैं. इस लिस्ट में पहले से ही सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और राहुल द्रविड़ जैसे भारतीय दिग्गज शामिल हैं. रोहित के पास यह रिकॉर्ड बनाने का पहला मौका 30 नवंबर, रविवार को रांची के JSCA स्टेडियम में होने वाले पहले मैच में मिलेगा.  20,000+ इंटरनेशनल रन बनाने वाले बल्लेबाज     सचिन तेंदुलकर – 664 मैच – 34,357 रन     कुमार संगकारा – 594 मैच – 28,016 रन     विराट कोहली – 553 मैच – 27,673 रन     रिकी पोंटिंग – 560 मैच – 27,483 रन     महेला जयवर्धने – 652 मैच – 25,957 रन     जैक्स कैलिस – 519 मैच – 25,534 रन     राहुल द्रविड़ – 509 मैच – 24,208 रन     ब्रायन लारा – 430 मैच – 22,358 रन     जो रूट – 377 मैच – 21,774 रन     सनथ जयसूर्या – 586 मैच – 21,032 रन     शिवनारायण चंद्रपॉल – 454 मैच – 20,988 रन     इंजमाम-उल-हक – 499 मैच – 20,580 रन     एबी डिविलियर्स – 420 मैच – 20,014 रन रोहित जड़ चुके हैं अब तक 642 छक्के  रोहित शर्मा इंटरनेशनल क्रिकेट में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब हैं. वह दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन सकते हैं, जो 650 इंटरनेशनल छक्के लगा देंगे. अभी उनके नाम 642 छक्के हैं, यानी उन्हें सिर्फ 8 छक्कों की जरूरत है. अब तक कोई और बल्लेबाज 600 छक्के भी नहीं लगा सका है. क्रिस गेल 553 छक्कों के साथ काफी पीछे हैं.  इस ODI सीरीज में फैन्स की नजरें रोहित पर ही रहेंगी, क्योंकि वो फरवरी 2025 के बाद पहली बार घर पर ODI खेलेंगे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और 101 के एवरेज से 202 रन बनाए थे.  उनकी खास पारी तीसरे ODI में आई, जब उन्होंने 125 गेंदों पर नाबाद 121 रन बनाकर दिखा दिया कि वह टीम इंडिया के अब भी सबसे भरोसेमंद और धमाकेदार बैटर हैं,  ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम: रोहित शर्मा, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, ऋतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल और कुलदीप यादव. ODI सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम: टेम्बा बावुमा (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्जके, डेवाल्ड ब्रेविस, नांद्रे बर्गर, क्विंटन डिकॉक, टोनी डी जोरजी, रुबिन हरमन, मार्को जानसेन, केशव महाराज, एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, लुंगी एंगिडी और प्रेनेलन सुब्रायन. भारत साउथ अफ्रीका ODI सीरीज 2025 का शेड्यूल  30 नवंबर : रांची, दोपहर 1:30  3 द‍िसंबर : रायपुर, दोपहर 1:30  6 द‍िसंबर : व‍िशाखापत्तनम, दोपहर 1:30 

RCB फैंस खुश! रजत पाटीदार की फिटनेस रिपोर्ट क्लियर, खेलने की अनुमति मिली

नई दिल्ली  रजत पाटीदार बाएं घुटने की हल्की चोट से उबर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने उन्हें खेलने की अनुमति दे दी है। वह शुक्रवार को कोलकाता में मध्य प्रदेश की टीम से दोबारा जुड़ेंगे और रविवार को होने वाले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी के तीसरे राउंड के लिए उपलब्ध रहेंगे। पाटीदार एमपी के कप्तान हैं। पिछले चार हफ्तों से वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल पाए थे। दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ पहले अनौपचारिक टेस्ट में भारत ए के लिए खेलने के बाद उन्हें लगातार घुटने में दर्द हो रहा था। इसके कारण वह रणजी ट्रॉफी के कुछ मैच से भी दूर रहे। यह दर्द उन्हें 15 अक्टूबर को पंजाब के ख़िलाफ एमपी के पहले रणजी मैच के दौरान महसूस हुआ था।   क्रिकइंफो के अनुसार पाटीदार ने 10 दिन का रिहैब प्रोग्राम पूरा किया और सीओई की मेडिकल टीम ने उन्हें फिर से खेलने की अनुमति दे दी है। वह नेट में दोबारा बल्लेबाजी शुरू कर चुके हैं। चोट से पहले पाटीदार बेहतरीन लय में थे। उन्होंने रणजी सीजन की शुरुआत पंजाब के ख़िलाफ़ दोहरा शतक लगाकर की थी। इस दौरान दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन के कप्तान के तौर पर वह खिताबी सफर में दो शतक और दो अर्धशतक भी लगा चुके थे। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 उनके लिए आईपीएल 2025 के बाद पहला सफ़ेद गेंद का टूर्नामेंट होगा, जहां वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को उनका पहला खिताब दिलाने वाले कप्तान थे। इसके बाद पाटीदार को राज्य टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी सौंप दी गई, जहां उन्होंने शुभम शर्मा की जगह ली। पिछले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी सीजन में एमपी उपविजेता रही थी और पाटीदार का योगदान अहम था। वह 428 रन के साथ टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज थे। उन्होंने नौ पारियों में 186.08 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे और उनके 27 सिक्सर उस सीजन में सबसे ज्यादा थे।  

गौतम गंभीर की कोचिंग स्टाइल पर बोल पड़े ABD, कहा—जज़्बाती होना नुकसानदेह

नई दिल्ली  दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2 टेस्ट मैच की होम सीरीज में 0-2 से सफाया होने के बाद भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार चर्चा में हैं। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक उन पर भारत में टेस्ट क्रिकेट को बर्बाद करने के आरोप लग रहे। उनके खिलाफ कही जा रही बातों का लब्बालुआब है- प्रयोग पर प्रयोग, बैटिंग ऑर्डर में मनमाने बदलाव, स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों का तिरस्कार, ऑलराउंडरों के साथ सनक की हद तक प्यार। हालांकि गंभीर ने दो टूक कहा है कि यही तो बदलाव का दौर होता है। ट्रांजिशन फेज यही तो होता है। इस बीच दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज पूर्व बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने कहा है कि इमोशनल कोच का होना अच्छी बात नहीं होती।   रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब चैनल पर डिविलियर्स ने गौतम गंभीर को लेकर बेबाकी से अपनी बात रखी। वह और गंभीर काफी समय तक एक ही वक्त में इंटरनेशनल क्रिकेट खेले हैं। दोनों बतौर खिलाड़ी कई बार अंतरराष्ट्रीय मैचों में आमने-सामने हुए हैं। आईपीएल में भी दोनों लंबे वक्त तक एक दूसरे के खिलाफ खेले हैं। डिविलियर्स ने अपने उन्हीं अनुभवों के आधार पर 'कोच गौतम गंभीर' का मूल्यांकन करने की कोशिश की है। डिविलियर्स ने कहा, 'जब नेतृत्व की बात आती है तो मुझे नहीं पता कि गौतम गंभीर कैसे हैं। मैं उन्हें इमोशनल प्लेयर (भावुक खिलाड़ी) के तौर पर जानता आया हूं और अगर चेंज रूम में भी वही स्थिति है तो आम तौर पर इमोशनल कोच का होना अच्छी बात नहीं मानी जाती है।' दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज ने हालांकि साथ में ये भी कहा कि भावुक खिलाड़ी रहे गंभीर भावुक कोच भी होंगे, ये जरूरी नहीं। उन्होंने कहा, ‘यह कहने की जरूरत नहीं कि वह पर्दे के पीछे उसी तरह के कोच हैं। कुछ भी सही या गलत नहीं होता। कुछ खिलाड़ी पूर्व खिलाड़ी के साथ सहज महसूस करते हैं, कुछ उनके साथ सहज होते हैं जिनके साथ कभी नहीं खेला है लेकिन उसके पास वर्षों का कोचिंग अनुभव हो।’ डिविलियर्स ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा, 'मुझे गैरी कर्स्टन के तहत खेलना बहुत पसंद था। वह भी गंभीर की तरह पूर्व खिलाड़ी हैं। कुछ खिलाड़ियों को इस बात से आत्मविश्वास आता है कि कोई पूर्व महान खिलाड़ी उनके आस-पास है- कोई है जो उसे और ज्यादा झोंकने के लिए प्रेरित करता है।'  

भारत में CWG आयोजन से युवाओं को मिलेगा नया मंच, मेडल टैली भी बढ़ेगी: लवलीना

गांधीनगर  भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने जा रहा है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने इसे लेकर खुशी जताई है। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों को अधिक मौके मिलते हैं। वे इससे प्रेरित होते हैं। गांधीनगर में स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 2030 में आयोजित होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में स्पोर्ट्स कल्चर काफी डेवलप हुआ है। भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से देश को मिलने वाले मेडल की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही देश को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण यह संभव हो सका है।  ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने आईएएनएस से कहा, " जब छोटे बच्चे देखते हैं कि भारत में इस तरह के खेल हो रहे हैं, तो इससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिलती है। जब मैं 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स देखती थी तो सोचती थी कि मैं भी भारत का प्रतिनिधित्व करूंगी। अब जब यह भारत में हो रहा है तो इसकी बहुत खुशी है। जब कॉमनवेल्थ गेम्स दूसरे देशों में हो रहा हो, तो बहुत सारे लोग वहां जाकर इसे नहीं देख पाते, लेकिन जब यह भारत में हो रहा है, तो बहुत सारे छोटे बच्चे इसे देख सकते हैं। यह बहुत बड़ी बात है। इसका आयोजन गुजरात में हो रहा है, जो यहां के खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी बात है। हमें लगता है कि यह एक बड़ा मौका है।" ओलंपिक पदक विजेता ने कहा, "पहले क्रिकेट को बहुत महत्व दिया जाता था, लेकिन पीएम मोदी ने दूसरे खेलों को लेकर लोगों में दिलचस्पी पैदा की है। वह दूसरे खेलों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। यह बहुत बड़ी बात है। सरकार अच्छा काम कर रही है।" कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद शहर को मिली है। इसकी मेजबानी के लिए भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 के एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया।

ऑल-टाइम ऑस्ट्रेलियन XI में नहीं चुने गए पोंटिंग; विशेषज्ञों ने इस खिलाड़ी को बताया सबसे कम आंका गया

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल कप्तान और कमाल के बल्लेबाज रिकी पोंटिंग जब हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की ऑल टाइम XI चुनने के लिए कहा गया तो उन्होंने 11 खिलाड़ियों की लिस्ट में अलावा अपने साथ खेले कई दिग्गज खिलाड़ियों के नाम लिए। इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लीजेंड डॉन ब्रैडमैन को भी शामिल किया, जिनका टेस्ट का औसत लाजवाब है। हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ऑलटाइम XI से खुदको बाहर रखा। रिकी पोंटिंग की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया ने एक समय पर दुनिया पर राज किया था, ऑस्ट्रेलिया उस दौरान 2003 और 2007 में वर्ल्ड चैंपियन भी बना था।   रिकी पोंटिंग ने कहा "मैं इसमें थोड़ा बायस्ड हो सकता हूं क्योंकि मैं कई चैंपियंस टीम का हिस्सा रहा हूं और कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेला हूं। मैं अपने दो ग्रेट मेट्स (साथी) जस्टिन लैंगर और मैथ्यू हेडन के साथ जाना चाहूंगा जो पारी का आगाज करेंगे। ग्रेट सर डॉन ब्रैडमैन को नंबर-3 पर रखूंगा, उनका टेस्ट में औसत 99 का है। डिमियन मार्टिन को मैं नंबर-4 पर रखूंगा, मुझे लगता है कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले सबसे अंडर रेटेड प्लेयर हैं। उन्हें मैं नंबर-4 पर रखूंगा। नंबर-5 पर मैं माइकल हसी को रखूंगा। नंबर-6 पर मैं अपने ग्रेटेस्ट टीम मेट जो हर फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं एंड्र्यू साइमंस को रखूंगा। एडम गिलक्रिस्ट नंबर-7 पर, शेन वॉर्नर नंबर-8 पर, ब्रेट ली नंबर-9 पर, जेसन गिलेस्पी नंबर-10 पर। और जब आप ऑस्ट्रेलिया के सबसे घटिया बल्लेबाज के बारे में मेरे से पूछेंगे जो मेरे साथ खेला हो, लेकिन वह गेंद से कमाल थे..ग्लेन मैक्ग्रा नंबर-11 पर।" जब रिकी पोंटिंग से 12वें खिलाड़ी के बारे में पूछा गया तो हर किसी को लगा कि वह यहां तो अपना नाम ले लेंगे, लेकिन यहां भी उन्होंने डैरेन लेहमन का नाम लिया। उन्होंने कहा, “12वें खिलाड़ी के रूप में मैं इस ग्रुप में डैरेन लेहमन को जोड़ना चाहूंगा, उनकी फील्डिंग के लिए नहीं बल्कि वह पानी अच्छा पिलाते हैं।”  

फॉरेस्ट की धमाकेदार 3-0 जीत; रोमा और एस्टन विला ने भी यूरोपा लीग में दिखाया दम

नॉटिंघमशायर  नॉटिंघम फॉरेस्ट ने माल्मो एफएफ को 3-0 से मात देकर यूरोपा लीग में तीन प्वाइंट्स हासिल कर लिए हैं। मुकाबले के 27वें मिनट कप्तान रायन येट्स ने गोल दागकर नॉटिंघम फॉरेस्ट का खाता खोला। इसी के साथ टीम ने मुकाबले में 1-0 से लीड हासिल कर ली। मुकाबले के 44वें मिनट अर्नॉड कलिमुएंडो ने गोल करते हुए फॉरेस्ट की लीड को दोगुना कर दिया। माल्मो एफएफ की टीम 0-2 से पिछड़ गई थी। टीम लगातार गोल करने की कोशिश करती रही, लेकिन इसी बीच 59वें मिनट में निकोला मिलेंकोविक ने गोल दागकर फॉरेस्ट को 3-0 से आगे कर दिया। यहां से माल्मो की टीम दबाव से बाहर नहीं निकल सकी। इस जीत के साथ नॉटिंघम फॉरेस्ट ने 8 प्वाइंट्स हासिल कर लिए हैं। फॉरेस्ट टेबल में 16वें नंबर पर आ गई है। दूसरी ओर, माल्मो के पास 1 अंक है। यह टीम 34वें पायदान पर मौजूद है। एक अन्य मैच में, रोमा ने मिड्टजिलैंड को 2-1 से शिकस्त देकर पहली घरेलू जीत दर्ज की। इस टीम के लिए नील एल ऐनाउई और स्टीफन ऐल शरावी मुकाबले के हीरो रहे, जिन्होंने एक-एक गोल किए। नील एल ऐनाउई ने मुकाबले के 7वें मिनट खाता खोला। इसके बाद स्टीफन ऐल शरावी ने 83वें मिनट गोल दागकर रोमा को 2-0 से आगे कर दिया। मुकाबले के 86वें मिनट मिड्टजिलैंड ने पॉलिन्हो के गोल की बदौलत अपना खाता खोला, लेकिन यह टीम मुकाबला गंवा बैठी। इस बीच, डोनियल मैलेन के शानदार प्रदर्शन की बदौलत एस्टन विला ने यंग बॉयज को 2-1 से शिकस्त देकर पांच लीग फेज मैचों में अपनी चौथी जीत दर्ज की। डच फुटबॉलर ने मुकाबले के 27वें मिनट गोल दागकर मैच का खाता खोला, जिसके बाद 42वें मिनट एक और गोल दागकर एस्टन विला को 2-0 से आगे कर दिया। यंग बॉयज ने मुकाबले के 90वें मिनट सब्स्टीट्यूट जोएल मोंटेइरो की शानदार हाफ-वॉली के साथ अपना खाता खोला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

सैंटियागो नीवा बने महिला बॉक्सिंग टीम के हेड कोच, ओलंपिक तैयारी पर फोकस

नई दिल्ली  बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने सैंटियागो नीवा को महिला नेशनल बॉक्सिंग टीम का हेड कोच नियुक्त किया है। नीवा साल 2017 से 2021 तक भारत के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। भारत के साथ नीवा के पिछले कार्यकाल ने देश के हाई-परफॉर्मेंस स्ट्रक्चर पर गहरी छाप छोड़ी है। ऐसे में स्वीडिश टैक्टिशियन टीम को और बेहतर बनाने के मकसद से भारतीय खेमे में वापस आ रहे हैं। नीवा के मार्गदर्शन में भारतीय बॉक्सिंग ने 2019 मेन्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीते, जिसमें अमित पंघाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था, जबकि मनीष कौशिक ने देश को ब्रॉन्ज जिताया। इसके बाद भारत ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में अब तक की सबसे बड़ी ओलंपिक बॉक्सिंग टीम उतारी, जहां लवलीना बोरगोहेन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। लॉस एंजिल्स 2028 के मद्देनजर नीवा सभी वेट कैटेगरी में भारतीय महिला खिलाड़ियों को मेडल की दावेदार बनाने पर काम करेंगे। नीवा के पास दो दशकों से ज्यादा एलीट इंटरनेशनल कोचिंग अनुभव है, उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग में कुछ सबसे असरदार हाई-परफॉर्मेंस रोल निभाए हैं। नेशनल महिला टीम ने हाल ही में ग्रेटर नोएडा में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते। इस मौके पर नीवा ने कहा, "मैं भारत वापस आकर बहुत उत्सुक हूं। मेरे पिछले कार्यकाल के 5 साल बहुत शानदार रहे हैं। मैं इस नए अध्याय का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। उम्मीद है कि हम साथ मिलकर बड़ा मुकाम हासिल करेंगे। मुझे पहले भी महिला बॉक्सर्स के साथ काफी सफलता मिली है। भारतीय महिला टीम में बहुत क्षमता है। 2028 एलए ओलंपिक में हम इतिहास रचना चाहेंगे।" नीवा की नियुक्ति पर बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, "सैंटियागो की नियुक्ति हमारे विमेंस प्रोग्राम के लिए एक जरूरी कदम है। वह टेक्निकल एक्सीलेंस और अंतरराष्ट्रीय समझ का मिश्रण लेकर आए हैं, जिससे भारत के प्रदर्शन में निखार आएगा। उन्होंने कहा, "हमारे एथलीट्स ने दिखाया है कि वे दुनिया के सबसे मुश्किल प्लेटफॉर्म पर भी आगे बढ़ सकते हैं। सैंटियागो के मार्गदर्शन से हमें दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भारत की मौजूदगी और महत्वाकांक्षा को मजबूत करने का भरोसा है।"

ऑस्ट्रेलिया की पिंक-बॉल स्क्वॉड का एलान, कमिंस की गैरमौजूदगी पर बढ़ी चर्चा

मेलबर्न  क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 4 दिसंबर से गाबा में शुरू होने जा रहे डे-नाइट एशेज टेस्ट के लिए 14 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। कप्तान पैट कमिंस लगातार दूसरे मैच में नहीं खेल सकेंगे। पैट कमिंस पीठ की चोट के कारण पर्थ में सीरीज का पहला टेस्ट में नहीं खेले थे। इस लो-स्कोरिंग मुकाबले को ऑस्ट्रेलियाई ने सिर्फ दो दिनों के अंदर अपने नाम किया था। इस तेज गेंदबाज को पूरी तरह से फिट होने के लिए दो हफ्तों का समय दिया गया है। 32 वर्षीय पैट कमिंस टीम के साथ ब्रिस्बेन जाएंगे। पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में ब्रेंडन डॉगेट, मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड के साथ अपनी जगह बनाए रख सकते हैं। ब्रेंडन डॉगेट ने पर्थ में टेस्ट डेब्यू करते हुए 5 विकेट हासिल किए थे। इस टीम में अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा को शामिल किया गया है। ख्वाजा पीठ में ऐंठन के कारण पर्थ में खेल गए सीरीज के पहले मैच की दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं कर सके थे। 'क्रिकेटडॉटकॉमडॉटएयू' के मुताबिक, कमिंस ने शुक्रवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में जमकर ट्रेनिंग की। उन्होंने मंगलवार को न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) के क्रिकेट सेंट्रल हेडक्वार्टर में ट्रेनिंग सेशन किया। इस दौरान पिंक बॉल से स्टीव स्मिथ को एक घंटे से ज्यादा समय तक पूरी गति से बॉलिंग की। ऑस्ट्रेलियाई टीम रविवार को गाबा में अपना पहला ट्रेनिंग सेशन करेगी, जिसके बाद सोमवार को एक सेशन होगा। पर्थ स्टेडियम में खेले गए सीरीज के शुरुआती मैच में इंग्लैंड की टीम पहली पारी में महज 172 रन पर सिमट गई। इस पारी में मिचेल स्टार्क ने 7 विकेट हासिल किए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पहली पारी में महज 132 रन ही बना सकी। इंग्लैंड के पास यहां से 40 रन की लीड थी, लेकिन मेहमान टीम दूसरी पारी में सिर्फ 164 रन पर सिमट गई। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 205 रन का टारगेट मिला, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। दूसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम : स्टीव स्मिथ (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ब्रेंडन डॉगेट, कैमरून ग्रीन, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, माइकल नेसेर, मिचेल स्टार्क, जेक वेदरल्ड, ब्यू वेबस्टर।

चैंपियन टीम की घर वापसी: श्रीलंका के खिलाफ रोमांचक होम सीरीज का ऐलान

नई दिल्ली  पहली बार महिला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम अगले महीने फिर मैदान पर अपने खेल का जौहर दिखाएंगी। बीसीसीआई ने शुक्रवार को ऐलान किया कि भारत दिसंबर में श्रीलंका के साथ 5 टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज की मेजबानी करेगा। इसी महीने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ये पहली इंटरनेशनल सीरीज होगी। दिसंबर में भारत और बांग्लादेश के बीच सीरीज थी लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के बाद वो स्थगित हो गई। उसके बाद बीसीसीआई और श्रीलंका क्रिकेट ने मिलकर 5 टी20 मैच की सीरीज का कार्यक्रम बनाया। अगले साल भारतीय महिला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाएगी। फरवरी-मार्च में दोनों देशों के बीच 1 टेस्ट, 2 टी20 और 3 ओडीआई की सीरीज खेली जाएगी। श्रीलंका के खिलाफ होम टी20 सीरीज से भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा। इस सीरीज से खिलाड़ियों को महिला प्रीमियर लीग 2026 (WPL 2026) के लिए भी अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिलेगा। भारत-श्रीलंका टी20 सीरीज की बात करें तो ये मैच विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में खेले जाएंगे। दोनों देशों के बीच सीरीज का पहला टी20 मैच 21 दिसंबर को विशाखापत्तनम के डॉक्टर वाईएस राजशेखर रेड्डी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा मैच भी उसी स्टेडियम में 23 दिसंबर को खेला जाएगा। भारत और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच तीसरा टी20 इंटरनेशनल 26 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। उसके बाद के दोनों मैच भी तिरुवनंतपुरम में ही 28 दिसंबर और 30 दिसंबर को खेला जाएगा। पिछले महीने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम के हौसले निश्चित तौर पर बुलंद होंगे। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम वनडे वर्ल्ड कप की लय को बरकरार रखना चाहेंगी। दूसरी तरफ श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम 2026 के व्यस्त सीजन से पहले अच्छे प्रदर्शन से अपना मनोबल बढ़ाना चाहेगी।