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मैनचेस्टर में बड़ा मुकाबला शुरू, अंशुल करेंगे डेब्यू; टीम इंडिया में बदलाव की बयार

मैनचेस्टर  पांच मैच की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 1-2 से पिछड़ रही भारतीय टीम के लिए मैनचेस्टर में आज से ‘करो या मरो’ का मुकाबला शुरू होगा. भारतीय टीम हर हाल में मुकाबला अपना नाम करना चाहेगी क्योंकि अगर ये मैच फिसला तो सीरीज भी हाथ से निकली. इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 से पहले ही बढ़त बना ली है. बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. 9 ओवर के बाद भारत का स्कोर 25-0 9 ओवर के बाद भारत ने बिना विकेट गंवाए रन बना लिए हैं. भारत के लिए यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. जायसवाल 8 रन बनाकर खेल रहे हैं तो वहीं, राहुल 15 रन बना चुके हैं. दोनों की नजर टीम इंडिया के लिए बड़े स्कोर बनाने पर है. 9वें ओवर की 5वीं गेंद पर यशस्वी जायसवाल का बैट भी टूट गया. 3 बदलाव के साथ उतरा भारत टीम इंडिया इस मैच में 3 बदलाव के साथ उतरी है. खराब प्रदर्शन के कारण करुण नायर को बाहर किया गया है. उनकी जगह साईं सुदर्शन की एंट्री हुई है. वहीं, चोटिल आकाशदीप और नीतिश रेड्डी की जगह शार्दुल ठाकुर और अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है. अंशुल कंबोज और अनिल कुंबले में गजब कनेक्शन  भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेला जा रहा चौथा टेस्ट मैच कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला, जिसके साथ ही क्रिकेट के मैदान पर 35 साल पुराना इंतजार खत्म हो गए। बता दें कि अंशुल को इस मुकाबले में आकाशदीप सिंह की जगह मौका मिला है। कंबोज ने खत्म किया 35 साल का इंतजार कंबोज का टेस्ट कैप हासिल करना सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक खास पल है। इससे पहले, 1990 में इसी मैनचेस्टर के मैदान पर भारतीय टीम के एक और दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था। कुंबले ने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट में एक महान स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाई और अब अंशुल कंबोज उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने टेस्ट करियर की शुरुआत कर रहे हैं।इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों के बीच एक और दिलचस्प समानता है। जहां अनिल कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एक पारी में सभी 10 विकेट झटके थे, वहीं अंशुल कंबोज ने भी 2024 में केरल के खिलाफ फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यह दुर्लभ उपलब्धि हासिल की थी। यह आंकड़ा बताता है कि कंबोज में भी कुंबले जैसी मैच-विनिंग क्षमता है और वह लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं। अंशुल से है फैंस को उम्मीदें अंशुल कंबोज के डेब्यू से भारतीय टीम को एक नए तेज गेंदबाजी विकल्प के साथ मजबूती मिली है। मैनचेस्टर की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए, कंबोज की उपस्थिति टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फैंस को उम्मीद है कि वह अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम को इस मुकाबले में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अंशुल कंबोज इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर मैनचेस्टर में कैसा है मौसम? ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड के ऊपर फिलहाल बादल मंडरा रहे हैं यानी कंडिशन ओवरकास्ट है. मौसम पूर्वानुमान की माने तो आज लगभग 65 फीसदी बारिश की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में टॉस की अहमियत काफी ज्यादा बढ़ जाती है. स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे से मैच की शुरुआत होगी, जिसमें उसके एक घंटे के बाद लगभग बारिश की आशंका है. टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी ही लेगी ताकि पिच की नमी का फायदा उठाया जा सके. इंजरी से जूझ रही भारतीय टीम अर्शदीप सिंह नेट्स में बॉलिंग करते हुए चोटिल होकर इस टेस्ट मैच से बाहर हो गए. आकाशदीप भी अनफिट हैं और नीतीश रेड्डी तो पूरी सीरीज से ही बाहर हो चुके हैं. ऐसे में भारतीय टीम कई बदलावों के साथ मैदान पर उतर सकती है. अंशुल कंबोज का हो सकता है डेब्यू नेट्स में अंशुल कंबोज ने पूरे दमखम के साथ गेंदबाजी की. मैनेजमेंट को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ तीसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा या अंशुल कंबोज में से किसी एक को चुनना होगा। कंबोज चोटिल अर्शदीप के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल हुए है, जिससे उनके अप्रत्याशित पदार्पण की संभावना बढ़ गई है. शुभमन गिल ने भी इशारों-इशारों में उनके डेब्यू की बात बीती रात कही थी. इंग्लैंड ने पहले ही घोषित की प्लेइंग इलेवन जुलाई 2017 में आखिरी टेस्ट मैच खेलने वाले स्पिनर लियाम डॉसन आठ साल बाद टीम में वापसी कर रहे हैं. 11 खिलाड़ी कुछ तरह हैं. जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर भारत का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यू ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज  

महिला क्रिकेट में भारत की दो रानियाँ! स्‍मृति मंधाना टॉप पर, दीप्ति शर्मा ने मचाया धमाल

दुबई इंग्लैंड के विरुद्ध मौजूदा वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत की दीप्ति शर्मा बल्लेबाजों में 10 स्थानों की छलांग लगाकर 23वें स्थान पर पहुंच गई हैं, जबकि सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने मंगलवार को जारी नवीनतम आइसीसी रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। सीरीज के शुरुआती दो मैचों में शानदार प्रदर्शन से इंग्लैंड और भारत के खिलाडि़यों को इस रैंकिंग में फायदा हुआ है। दीप्ति ने शुरुआती वनडे में नाबाद 62 रन की पारी के साथ टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की थी। उन्होंने इसके बाद दूसरे वनडे में भी नाबाद 30 रन का योगदान दिया। हरमनप्रीत को हुआ तगड़ा नुकसान सोफिया डंकले को 24 स्थानों का फायदा हुआ। वह बल्लेबाजों की सूची में 52वें पायदान पहुंच गईं। मंधाना पहले दो मैचों में 28 और 42 के स्कोर के साथ रैंकिंग में शीर्ष पर बनी हुई हैं और उन्होंने अपनी 727 की रेटिंग भी बरकरार रखी है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर 17 और सात के स्कोर के बाद पांच स्थान फिसलकर 21वें स्थान पर आ गई हैं। एक्‍लेस्‍टोन नंबर-1 पर बरकरार गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज सोफी एक्लेस्टोन अपनी स्थिति और मजबूत करने में सफल रही। मौजूदा सीरीज में चार विकेट चटकाने वाली इस अनुभवी खिलाड़ी की रेटिंग 747 से बढ़कर 776 हो गई है। गेंदबाजों की रैंकिंग में उनके बाद ऑस्ट्रेलिया की एशले गार्डनर (724) और मेगन शुट्ट (696) दूसरे और तीसरे पायदान पर है।। दीप्ति चौथे स्थान पर बनी हुई हैं।  

65 मिलियन पाउंड में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ब्रायन म्ब्यूमो के साथ 5 साल का अनुबंध किया

लंदन मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ब्रेंटफोर्ड के फॉरवर्ड ब्रायन म्ब्यूमो के साथ जून 2030 तक के लिए अनुबंध किया है। यह अनुबंध 65 मिलियन पाउंड (करीब 88 मिलियन अमेरिकी डॉलर) में हुआ, जिसमें एक साल के विस्तार का विकल्प भी शामिल है। कैमरून के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी म्ब्यूमो इस समर ट्रांसफर विंडो में यूनाइटेड की ओर से साइन किए गए तीसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले क्लब ने स्ट्राइकर मैथियस कुन्हा और डिफेंडर डिएगो लियोन को टीम में शामिल किया था। म्ब्यूमो ने क्लब की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, “जैसे ही मुझे पता चला कि मैनचेस्टर यूनाइटेड में शामिल होने का मौका है, मैंने अपने सपनों के क्लब के में शामिल होने का फैसला किया। मैं बचपन में इस टीम की जर्सी पहनता था।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी हमेशा यही सोच होती है कि मैं कल से बेहतर बनूं। पता है कि मुझमें वह जज्बा है, जिससे मैं यहां एक नया स्तर हासिल कर सकता हूं। सभी ने मुझे यहां बन रहे माहौल और भविष्य के लिए रोमांचक योजनाओं के बारे में बताया। यह शानदार स्टेडियम और जबरदस्त फैंस के साथ एक बड़ा क्लब है। हम सभी सबसे बड़े खिताबों के लिए चुनौती पेश करने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।” म्ब्यूमो गुरुवार से शुरू हो रहे मैनचेस्टर यूनाइटेड के अमेरिका दौरे का हिस्सा हो सकते हैं, जो प्री-सीजन के तहत आयोजित किया जा रहा है। ब्रायन म्ब्यूमो ने ब्रेंटफोर्ड के लिए 242 मुकाबलों में 70 गोल करने के साथ 51 असिस्ट दिए। इनमें से 20 गोल पिछले सीजन में आए। पिछले सीजन में 25 वर्षीय म्ब्यूमो ने प्रीमियर लीग में 20 गोल दागे, जो लीग में चौथे सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड था। इसके साथ ही उन्होंने 8 असिस्ट भी दिए। ब्रेंटफोर्ड के शीर्ष लीग में प्रमोशन के बाद से, म्ब्यूमो ने प्रति सीजन औसतन 18 गोल किए, जो एक बेहद प्रभावशाली रिकॉर्ड है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉल डायरेक्टर जेसन विलकॉक्स ने कहा, “प्रीमियर लीग में ब्रायन का गोल और असिस्ट का रिकॉर्ड असाधारण है। गजब की निरंतरता ने उन्हें पिछले तीन सीजन में इंग्लैंड के सबसे अहम खिलाड़ियों में शुमार कर दिया है। अमेरिका में अनुभव ब्रायन के लिए रूबेन और उनके नए साथियों के साथ काम करने का एक बेहतरीन अवसर होगा, क्योंकि हम आने वाले रोमांचक सीजन की तैयारियों में जुटे हैं।”  

इंग्लैंड की टेस्ट टीम घोषित, लंबे इंतजार के बाद इस गेंदबाज की धमाकेदार वापसी

मैनचेस्टर  इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी है. इस मैच में इंग्लैंड ने एकमात्र बदलाव किया है. लियाम डॉसन को चोटिल शोएब बशीर की जगह टीम में शामिल किया गया है. बता दें कि बशीर को लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी. तीसरे टेस्ट के तुरंत बाद उनकी सर्जरी भी हुई. उनकी जगह अनुभवी ऑलराउंडर लियाम डॉसन को टीम में लिया गया, जो आखिरी बार 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट में खेले थे. दिलचस्प रूप से उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू 2016 में भारत के खिलाफ चेन्नई में किया था. ऐसा रहा है डॉसन का करियर डॉसन अब तक 3 टेस्ट खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने 7 विकेट लिए हैं और 84 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 66 नाबाद रहा है. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की प्रेस रिलीज़ में कहा गया, 'भारत के खिलाफ एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की पुरुष टीम में एक बदलाव किया गया है. हैम्पशायर के स्पिनर लियाम डॉसन को चोटिल शोएब बशीर की जगह शामिल किया गया है. यह डॉसन का जुलाई 2017 के बाद पहला टेस्ट होगा.' लियाम डॉसन पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर की टी20 लीगों में खेले हैं, लेकिन उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 212 मैचों में 10,731 रन बनाए हैं और 371 विकेट चटकाए हैं. इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रुक ने डॉसन की वापसी पर कहा, हां बिल्कुल, वो चालाक और अनुभवी खिलाड़ी हैं. उन्होंने हर जगह खेला है, हर टीम के खिलाफ खेला है. उम्मीद है कि इस हफ्ते वो शानदार प्रदर्शन करेंगे. डॉसन की मौजूदगी से इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी क्रम को मजबूती मिली है और इंग्लैंड 2-1 की बढ़त के साथ सीरीज़ को मैनचेस्टर में ही खत्म करने की कोशिश करेगा.  इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन (मैनचेस्टर टेस्ट): ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जैमी स्मिथ (विकेटकीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर.

शतरंज का महाकुंभ लौट आया भारत: 23 साल बाद होगी विश्व कप की मेजबानी

नई दिल्ली  भारत में शतरंज विश्वकप होगा. शीर्ष स्टार खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे. 23 साल बाद फिर से भारत में विश्वकप होगा. शतरंज की सर्वोच्च संस्था फिडे ने घोषणा की.  30 अक्टूबर से 27 नवंबर तक भारत टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा.  आयोजन स्थल की जल्द घोषणा की जाएगी. शीर्ष खिलाड़ी डी.गुकेश, आर प्रग्गनानंदा, अर्जुन एरिगेसी समेत 206 खिलाड़ी शतरंज विश्वकप में हिस्सा लेंगे.  नॉकआउट प्रारूप में सभी मुकाबले खेले जाएंगे. प्रत्येक राउंड तीन दिन तक चलेगा. 2002 में अंतिम बार भारत ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी. विश्वनाथन आनंद ने 2002 में विश्वकप जीता था. शतरंज की वैश्विक संस्था फिडे (FIDE) ने 21 जुलाई को इस बात की पुष्टि की कि 2025 का वर्ल्ड कप भारत में आयोजित होगा। इस टूर्नामेंट में 206 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जो वर्ल्ड कप खिताब के साथ-साथ 2026 फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने के लिए मुकाबला करेंगे। आखिरी बार 2002 में हुआ था आयोजन भारत ने इससे पहले 2002 में हैदराबाद में इस प्रतियोगिता की मेजबानी की थी, जिसमें भारत के दिग्गज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने खिताब अपने नाम किया था। अब 23 साल बाद यह टूर्नामेंट फिर से भारतीय धरती पर आयोजित हो रहा है। वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन नॉकआउट फॉर्मेट में किया जाएगा, जिसमें हर राउंड में हारने वाला खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। फिडे के मुताबिक, शीर्ष तीन खिलाड़ी सीधे 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाएंगे, जो भविष्य के वर्ल्ड चैंपियन के लिए चयन प्रक्रिया का हिस्सा होता है। स्टार खिलाड़ी होंगे आकर्षण का केंद्र इस मेगा इवेंट में भारत के कई शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, वर्ल्ड कप 2023 के उपविजेता आर. प्रज्ञानानंद, दुनिया के टॉप-5 खिलाड़ियों में शुमार अर्जुन एरिगैसी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी इस टूर्नामेंट को भारतीय दर्शकों के लिए और भी रोमांचक बना देगी। फिडे के सीईओ एमिल सुतोव्स्की ने वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हम भारत में वर्ल्ड कप 2025 के आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। भारत वह देश है जहां शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है।

बिली जीन किंग कप फाइनल्स 16 सितंबर से

नई दिल्ली डिफेंडिंग चैंपियन इटली और मेज़बान चीन के बीच मुकाबले के साथ बिली जीन किंग कप फाइनल्स की शुरुआत 16 सितंबर से शेनझेन में होगी। इस बात की जानकारी टूर्नामेंट आयोजकों ने सोमवार को दी। इटली की टीम में विश्व नंबर 9 जैस्मिन पाओलिनी शामिल हैं, जबकि चीन की अगुवाई ओलंपिक चैंपियन झेंग किनवेन करेंगी। आमतौर पर यह टूर्नामेंट नवंबर में होता है, लेकिन इस बार इसे डब्ल्यूटीए टूर के एशियाई स्विंग के साथ तालमेल बैठाने के लिए सितंबर में आयोजित किया जा रहा है। स्पेन और यूक्रेन के बीच दूसरा क्वार्टरफाइनल 17 सितंबर को खेला जाएगा, जिसमें विश्व नंबर 10 पाउला बडोसा एक्शन में नजर आएंगी। इसके बाद 18 सितंबर को अमेरिका का मुकाबला कज़ाखस्तान से और ब्रिटेन का सामना जापान से होगा। सेमीफाइनल मुकाबले 19 और 20 सितंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 21 सितंबर को होगा।  

तेज गेंदबाजी का नया सितारा अंशुल कंबोज: अश्विन ने की बुमराह-जहीर से तुलना

नई दिल्ली पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने अंशुल कंबोज की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें जहीर खान और जसप्रीत बुमराह जैसा तेज गेंदबाज करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह न केवल अपने क्षेत्र का कुशल खिलाड़ी है बल्कि अपनी रणनीति की भी अच्छी समझ रखता है। ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी के अलावा तेज गेंदबाज आकाश दीप और अर्शदीप सिंह की जोड़ी के चोटिल होने के बाद कंबोज को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए पिछले सप्ताह भारतीय टीम में शामिल किया गया था। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर कहा, ‘‘अंशुल की सबसे अच्छी बात यह है कि वह अपनी रणनीति को अच्छी तरह से समझता है। मैंने कई तेज गेंदबाजों को देखा है, अगर आप उनसे उनकी रणनीति के बारे में पूछते हैं, तो वे बस यही कहते हैं कि वे खुद को अभिव्यक्त करना चाहते हैं और खेल का आनंद लेना चाहते हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अंशुल अपनी रणनीति को अच्छी तरह से समझता है और यह भी जानता है कि मैदान पर उस पर कैसे अमल करना है। अधिकतर तेज गेंदबाजों में यह गुण नहीं होता है। जहीर खान भी ऐसे तेज गेंदबाज थे जो अपनी रणनीति को समझते थे और उस पर अच्छी तरह से अमल करते थे। वह अद्भुत खिलाड़ी थे।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में, जस्सी (बुमराह) एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो रणनीति को अच्छी तरह से समझते हैं और उसे बखूबी अंजाम देते हैं। अंशुल भी इसी तरह का खिलाड़ी है। मैं कौशल की तुलना नहीं कर रहा हूं क्योंकि कौशल एक बहुत ही अलग चीज़ है। मैंने उसे आईपीएल में खेलते हुए देखा है। उसकी लेंथ बहुत अच्छी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बुमराह और सिराज के साथ अगर आप अंशुल कंबोज को अंतिम एकादश में शामिल करते हैं तो यह मजबूत गेंदबाजी आक्रमण होगा।’’ भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट की श्रृंखला का चौथा टेस्ट बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होगा। भारतीय टीम सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। सीरीज जीत की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया मैनचेस्टर में हर हाल में जीत चाहेगी जहां उसने आज तक एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है।  

क्रिकेट की दुनिया में भारत का दबदबा बरकरार, ICC ने दी 3 मेगा इवेंट्स की मेजबानी; पाक को झटका

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने साल 2026 से 2031 तक होने वाले टूर्नामेंट्स के मेजबान देशों की घोषणा कर दी है। इसमें 3 टूर्नामेंट्स भारत की झोली में आए हैं तो इंग्लैंड को सबसे ज्यादा 4 टूर्नामेंट्स की मेजबानी मिली है। साल 2026 में टी20 वर्ल्डकप के बाद भारत को दो बड़े आयोजनों की मेजबानी का जिम्मा सौंपा गया है, जिसमें 2029 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 में आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप (वनडे वर्ल्डकप )शामिल है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को 2027, 2029 और 2031 में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की मेजबानी का अधिकार मिला है। साथ ही 2030 में आयोजित होने वाले टी20 वर्ल्डकप के लिए उन्हें आयरलैंड और स्कॉटलैंड के साथ सह मेजबान बनाया गया है। टीम इंडिया 2031 का वनडे वर्ल्डकप बांग्लादेश के साथ मिलकर होस्ट करेगी। इसी तरह अगले साल यानी 2026 में मेंस टी20 विश्वकप की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करेंगे। यह टूर्नामेंट फरवरी-मार्च में आयोजित होगा, जिसमें 20 टीमों को 4 अलग अलग ग्रुप में बांटा जाएगा। नामिबिया बनेगा पहली बार मेजबान भारत के बड़े स्टेडियम जैसे कोलकाता का ईडन गार्डन्स और श्रीलंका का आर. प्रेमदासा स्टेडियम इस आयोजन के फाइनल को होस्ट कर सकते हैं। इसके बाद 2027 में वनडे विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया मिलकर करेंगे। पहली बार नामीबिया किसी आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा। 2028 में टी20 वर्ल्डकप की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड मिलकर करेंगे तो 2029 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की मेजबानी इंग्लैंड को दी गई है। 2029 में होने वाले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भारत करेगा तो 2030 टी20 वर्ल्डकप की मेजबानी इंग्लैंड, आयरलैंड और स्कॉटलैंड मिलकर करेंगे। 1999 के बाद आयरलैंड और स्कॉटलैंड पहली बार किसी बड़े क्रिकेट इवेंट की मेजबानी करेंगे। इसके बाद 2031 में भारत और बांग्लादेश मिलकर आईसीसी मेंस वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप की मेजबानी करेंगे। इस दौरान पाकिस्तान को एक भी आईसीसी इवेंट की मेजबानी नहीं दी गई है। वेस्टइंडीज भी खाली हाथ लौटा है, जिसने 2024 में टी20 वर्ल्डकप की मेजबानी की थी। 2003 के बाद साउथ अफ्रीका को 24 साल बाद वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप की मेजबानी मिली है।  

संघर्ष और संकल्प की मिसाल: वीनस विलियम्स ने 16 माह बाद रचा इतिहास

वॉशिंगटन सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स ने 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद अपना पहला पेशेवर टेनिस मैच जीत लिया है। विलियम्स ने हैली बैप्टिस्ट के साथ जोड़ी बनाते हुए ‘डीसी ओपन’ के पहले दौर में डबल्स वाइल्ड कार्ड जोड़ी यूजिनी बूचार्ड और क्लरवी नगुनुए को शिकस्त दी। यह एक बड़ा उलटफेर था। 3-1 से पिछड़ने और ब्रेक प्वाइंट का सामना करने के बाद, वीनस और बैप्टिस्ट ने वापसी करते हुए आखिरी 12 में से 11 गेम जीते। साल 2022 में पहले दौर में हार के बाद, यह डीसी टूर्नामेंट में वीनस की दूसरी उपस्थिति है। 45 वर्षीय पूर्व विश्व नंबर-1 वीनस विलियम्स ने इस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री ली थी। उन्होंने मार्च 2024 के मियामी ओपन के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला था। उनकी पिछली जीत अगस्त 2023 में ‘सिनसिनाटी ओपन’ में आई थी। वीनस ने ‘स्काई स्पोर्ट्स’ से कहा, “कोर्ट पर वापसी प्रेरणादायक थी। मुझे अब भी यह खेल बेहद पसंद है। मैं अब भी दमदार शॉट्स लगा रही हूं। मुझे पहले ही प्वाइंट से लग गया था कि हम एक अच्छी टीम हैं। हमें वर्षों पहले ही यह जोड़ी बना लेनी चाहिए थी।” वर्तमान में वीनस की कोई आधिकारिक रैंकिंग नहीं है। उन्होंने अपनी बहन सेरेना विलियम्स के साथ मिलकर महिला डबल्स में 14 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। विलियम्स बहनों ने कई वर्षों तक टेनिस की दुनिया पर दबदबा बनाए रखा है। मंगलवार को वीनस सिंगल्स प्रतियोगिता के पहले दौर में एक और अमेरिकी खिलाड़ी, पेटन स्टर्न्स का सामना करेंगी। इस मुकाबले में वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ कोर्ट पर उतरते ही वीनस डब्ल्यूटीए टूर-स्तरीय मुख्य ड्रॉ में खेलने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगी। इससे पहले 46 वर्ष की उम्र में किमिको डेटे ने सात साल पहले टोक्यो में यह उपलब्धि हासिल की थी। वहीं, पुरुष एकल में ब्रिटेन के डैन इवांस और कैमरन नॉरी वाशिंगटन में दूसरे दौर में पहुंच गए हैं। साल 2023 में वाशिंगटन का खिताब जीतने वाले इवांस ने जिजो बर्ग्स के खिलाफ 3-6, 6-4, 6-3 से कड़े मुकाबले में जीत हासिल की। 35 वर्षीय वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी का अगला मुकाबला 13वीं वरीयता प्राप्त अमेरिकी एलेक्स मिशेलसन से होगा। इस बीच, कैमरून नोरी ने ब्रिटिश क्वालीफायर बिली हैरिस को 6-3, 7-6 (7-4) से हराया और दूसरे दौर में उनका सामना फ्रेंच ओपन सेमीफाइनलिस्ट और दूसरी वरीयता प्राप्त इटली के लोरेंजो मुसेट्टी से होगा।  

आकाश चोपड़ा ने मैनचेस्टर टेस्ट के लिए चुनी टीम इंडिया की संभावित XI, इन नामों पर जताया भरोसा

नई दिल्ली पूर्व भारतीय टेस्ट ओपनर आकाश चोपड़ा ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन का चुनाव किया है। टीम इंडिया इस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में तीन मैचों के बाद 2-1 से पीछे है। ऐसे में जसप्रीत बुमराह को रेस्ट देना उचित नहीं होगा। इसके अलावा आकाश चोपड़ा ने बताया है कि अन्य कौन-कौन से बदलाव टीम में किए जा सकते हैं। आकाश चोपड़ा ने चोटिल होकर सीरीज से बाहर हो चुके नितीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप के रिप्लेसमेंट के बारे में भी बात की। क्रिकेटर से कमेंटेटर बने आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर संभावित प्लेइंग इलेवन को लेकर बात की और कहा, “मैं नंबर एक और नंबर दो पर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल को रखूंगा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये बाएं और दाएं हाथ की जोड़ी कमाल की रही है। नंबर तीन पर मैं करुण नायर को ही रखूंगा। भले ही उन्होंने रन नहीं बनाए हैं, लेकिन कम से कम एक और मौका उनको मिलना चाहिए। नंबर चार पर बिना किसी विवाद के कप्तान शुभमन गिल होने चाहिए।” आकाश चोपड़ा ने आगे ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के साथ-साथ गेंदबाजी कॉम्बिनेशन पर बात की। उन्होंने नंबर पांच पर ऋषभ पंत को रखा है। अगर वे विकेटकीपिंग के लिए फिट नहीं हैं तो ध्रुव जुरेल को 6 पर खिलाया जा सकता है। आकाश चोपड़ा ने बताया कि टीम में अन्य कोई खिलाड़ी ऐसा नहीं है, जो मिडिल ऑर्डर में खेलता हो। अभिमन्यु ईश्वरन और साई सुदर्शन हैं, लेकिन वे टॉप ऑर्डर में खेलते हैं। आगे वे रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर को रखते हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ अंशुल कंबोज को रखना चाहते हैं। अगर आकाश दीप फिट नहीं हैं तो कंबोज बेस्ट चॉइस होंगे। आकाश चोपड़ा के मुताबिक टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, करुण नायर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अंशुल कंबोज