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भारत के नए गेमिंग कानून से ड्रीम स्पोर्ट्स बर्बाद, दिवालिया हालात

मुंबई  मशहूर फैंटेसी गेमिंग एप ड्रीम11 की मूल कंपनी, ड्रीम स्पोर्ट्स ने कहा है कि नए ऑनलाइन गेमिंग कानून से उसकी 95% आय पर सीधा असर पड़ा है। इसके बावजूद कंपनी ने साफ किया कि वह कर्मचारियों की छंटनी नहीं करेगी, बल्कि अब अपने अन्य पोर्टफोलियो कंपनियों, फैनकोड, ड्रीमसेटगो, ड्रीम गेम स्टूडियो और ड्रीम मनी, को बढ़ाने पर ध्यान देगी। 'बिजनेस को नए सिरे से खड़ा करेंगे' ड्रीम स्पोर्ट्स ने बयान में कहा, 'हम हमेशा कानून का पालन करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस बदलाव के कारण हमें बड़ी आर्थिक चुनौती झेलनी पड़ रही है, लेकिन हमारा मकसद एक मजबूत भारतीय खेल कंपनी बनाना है।' ड्रीम स्पोर्ट्स ने कहा कि वह इस कठिन समय में अपने कर्मचारियों के साथ खड़ी है और टीम की सामूहिक ताकत से बिजनेस को नए सिरे से खड़ा करेगी। नया कानून और उसका असर हाल ही में संसद ने ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन और रेगुलेशन) विधेयक, 2025 पास किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह अब कानून बन गया है। इसमें सभी तरह के पैसे वाले ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्या है इस कानून का उद्देश्य? इस नए कानून से पैसों से खेले जाने वाले गेम की बढ़ती लत पर लगाम लगेगी, इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकना है। इसके बाद ड्रीम11, माय11सर्किल, विंजो, जुपी और पोकरबाजी जैसी कंपनियों ने अपने पैसे वाले गेम बंद कर दिए हैं। क्या है सरकार का रुख? आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'ऑनलाइन मनी गेमिंग एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन गई थी। इसके समाज पर बुरे असर साबित हो चुके हैं। हमारा लक्ष्य ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है और भारत को गेम बनाने का हब बनाना है।' मंत्री के मुताबिक ऑनलाइन गेमिंग तीन हिस्सों में बंटा है- 1. ई-स्पोर्ट्स- समाज के लिए फायदेमंद 2. सोशल गेमिंग- समाज के लिए अच्छा 3. पैसे वाला ऑनलाइन गेमिंग- समाज के लिए हानिकारक जानकारी के अनुसार, सरकार अब पहले दो सेक्टरों (ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग) को कानूनी मान्यता देकर बढ़ावा देगी। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने भी कहा कि जल्द ही नए नियम लाए जाएंगे, जिनमें ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स के प्रमोशन व रेगुलेशन की रूपरेखा तय होगी।  

गिल और रोहित नंबर-1 पर कायम, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने रैंकिंग में बनाई बढ़त

दुबई  आईसीसी पुरुष वनडे खिलाड़ी रैंकिंग की नई जारी सूची में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने बढ़त हासिल की है जबकि शुभमन गिल और रोहित शर्मा बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-1 से श्रृंखला हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैके में श्रृंखला के अंतिम मैच में शानदार जीत के बाद आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम को नवीनतम रैंकिंग में बढ़त मिली।  ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 50 ओवरों के इस मुकाबले में 431/2 का विशाल स्कोर बनाया, जिसमें उनके तीन बल्लेबाजों ट्रैविस हेड (142), मिच मार्श (100) और कैमरन ग्रीन (नाबाद 118) ने शतक जड़े। परिणामस्वरूप, तीनों ने वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में अच्छी बढ़त हासिल की, जिसमें हेड एक स्थान ऊपर चढ़कर 11वें स्थान पर, मार्श चार पायदान ऊपर चढ़कर 44वें स्थान पर और ग्रीन 40 पायदान ऊपर चढ़कर 78वें स्थान पर पहुँच गए।  ऑस्ट्रेलियाई टीम के उनके साथी जोश इंगलिस ने भी वनडे बल्लेबाजों की सूची में जगह बनाई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला के दूसरे मैच में 87 रनों की पारी की बदौलत यह दाएं हाथ का बल्लेबाज 23 स्थानों के सुधार के साथ 64वें स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय जोड़ी शुभमन गिल (784 रेटिंग अंक) और रोहित शर्मा (756) वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि पाकिस्तान के दाएं हाथ के बल्लेबाज बाबर आजम (739) शीर्ष तीन में शामिल हैं।  वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष पर स्थिति और भी कड़ी है, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच श्रृंखला समाप्त होने के बाद श्रीलंका के स्पिनर महेश दीक्षाना 671 रेटिंग अंकों के साथ साथी स्पिनर केशव महाराज के साथ शीर्ष पर हैं। महाराज ने सीरीज के आखिरी मैच में 57 रन देकर 1 विकेट चटकाने के बाद अपनी रैंकिंग खो दी है। उनकी रेटिंग दीक्षाना के बराबर हो गई है, जबकि श्रीलंकाई स्पिनर पूरे हफ्ते मैदान पर नहीं उतरे।  गेंदबाजों की वनडे रैंकिंग में सबसे बड़ा उछाल लुंगी एनगिडी के जरिए आया। दक्षिण अफ़्रीकी तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के ख़लिाफ तीन मैचों में सीरीज में सबसे ज्यादा 7 विकेट लेने के बाद छह स्थान की छलांग लगाकर 28वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी सीन एबॉट (नौ स्थान की छलांग के साथ 48वें स्थान पर) और नाथन एलिस (21 स्थान की छलांग के साथ 65वें स्थान पर) ने भी प्रोटियाज के साथ सीरीज के दौरान कुछ अच्छे प्रदर्शन के बाद वनडे गेंदबाजों की सूची में जगह बनाई है।   

भारत में फिडे विश्व कप, प्रधानमंत्री मोदी ने जताई खुशी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि दो दशक से अधिक समय के बाद प्रतिष्ठित फिडे विश्व कप 2025 की मेजबानी करना भारत के लिए प्रसन्नता की बात है। मोदी ने कहा कि शतरंज युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस टूर्नामेंट में रोमांचक मैच देखने को मिलेंगे और दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिष्ठित फिडे विश्व कप 2025 की मेजबानी करना भारत के लिए प्रसन्नता की बात है और वह भी दो दशक से अधिक समय के बाद।’’ फिडे शतरंज विश्व कप का आयोजन गोवा में 30 अक्टूबर से 27 नवंबर तक किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में अगले साल के कैंडिडेट टूर्नामेंट के लिए तीन स्थान और 20 लाख डॉलर की इनामी राशि दांव पर लगी होगी। इस टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन डी गुकेश, मैग्नस कार्लसन, फाबियानो करुआना और आर प्रज्ञानानंदा सहित 206 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।  

फुटबॉल संकट: 30 अक्टूबर तक सुधार नहीं तो AIFF पर लग सकता है प्रतिबंध

नई दिल्ली भारतीय फुटबॉल पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि वैश्विक संचालन संस्था फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) ने संकटग्रस्त अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को सख्त चेतावनी दी है कि उसे 30 अक्टूबर तक नया संविधान अपनाना और उसकी पुष्टि करनी होगी या फिर निलंबन का जोखिम उठाना पड़ेगा। एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे को मंगलवार को लिखे दो पन्नों के कड़े पत्र में दोनों अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने 2017 से उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद महासंघ द्वारा अपने संविधान को अंतिम रूप देने में विफलता पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की। शीर्ष अदालत बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। निलंबन का मतलब होगा कि राष्ट्रीय टीमों और क्लबों को सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और साथ ही अहमदाबाद में 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए भारत की महत्वाकांक्षी बोली भी अनिश्चितता में पड़ जाएगी। फीफा और एएफसी ने चौबे के नेतृत्व वाले एआईएफएफ को संशोधित संविधान को मंजूरी देने के लिए उच्चतम न्यायालय से एक ‘निश्चित आदेश’ प्राप्त करने, इसे फीफा और एएफसी के अनिवार्य नियमों के अनुरूप बनाने और 30 अक्टूबर की समय-सीमा से पहले अगली आम सभा की बैठक में इसकी पुष्टि करने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘इस कार्यक्रम का पालन नहीं करने पर हमारे पास इस मामले को निर्णय लेने वाली फीफा की संबंधित संस्था के पास विचार और निर्णय के लिए भेजने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा… जिसमें निलंबन की संभावना भी शामिल है।’’ इस पत्र पर फीफा के मुख्य सदस्य संघ अधिकारी एल्खान मामादोव और एएफसी के उप महासचिव (सदस्य संघ) वाहिद कर्दानी ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए हैं। यह पहली बार नहीं है जब भारतीय फुटबॉल को इस तरह की शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। अगस्त 2022 में फीफा ने भारत को ‘तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप’ के आरोप में निलंबित कर दिया था जब उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने अस्थायी रूप से एआईएफएफ का संचालन किया था। यह प्रतिबंध देश की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के जश्न के दौरान लगाया गया था लेकिन सीओए के भंग होने और चुनाव होने के दो सप्ताह के भीतर इसे हटा लिया गया था। चुनावों में चौबे ने एकतरफा परिणाम में दिग्गज फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया को हराया था। विश्व निकायों ने ‘अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के संशोधित संविधान को अंतिम रूप देने और लागू करने में निरंतर विफलता’ पर चिंता व्यक्त की। यह मामला 2017 से भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। पत्र में कहा गया है, ‘‘बार-बार आश्वासन के बावजूद, एक स्पष्ट और अनुपालनकारी प्रशासनिक ढांचे के अभाव ने भारतीय फुटबॉल के मूल में शून्य और कानूनी अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं।’’ पत्र में इसे ‘लंबे समय से चल रहा गतिरोध’ बताते हुए कहा गया है कि इसने ‘प्रशासन और संचालन संबंधी संकट को जन्म दिया है। पत्र के अनुसार, ‘‘इससे क्लब और खिलाड़ी घरेलू प्रतियोगिता कैलेंडर को लेकर अनिश्चित हैं। दिसंबर 2025 के बाद व्यावसायिक साझेदारियां अभी तक तय नहीं हुई हैं और विकास, प्रतियोगिताओं और विपणन से संबंधित आवश्यक कार्य लगातार कमजोर होते जा रहे हैं।’’ वित्तीय स्थिरता की कमी और ‘भारत के फुटबॉल पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके गहरे नकारात्मक प्रभाव’ की निंदा करते हुए दोनों संस्थाओं ने कहा कि वे इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में भाग लेने वाले क्लबों के फुटबॉल खिलाड़ियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। पत्र में कहा गया है, ‘‘हमें फिफप्रो से विभिन्न क्लबों द्वारा खिलाड़ियों के अनुबंधों को एकतरफा रूप से समाप्त करने की चिंताजनक रिपोर्ट मिली है जो मौजूदा गतिरोध का सीधा परिणाम है और खिलाड़ियों की आजीविका और करियर को प्रभावित कर रहा है।’’ दोनों संस्थाओं ने एआईएफएफ को समय-सीमा तक तीन तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। पत्र में कहा गया, ‘‘एआईएफएफ के संशोधित संविधान को मंजूरी देने के लिए भारत के उच्चतम न्यायालय से एक निर्णायक आदेश प्राप्त करें। एआईएफएफ संविधान का फीफा और एएफसी के नियमों और विनियमों के अनिवार्य प्रावधानों के साथ पूर्ण अनुकूलन सुनिश्चित करें।’’ उन्होंने कहा,‘‘एआईएफएफ की अगली आम बैठक में एआईएफएफ संविधान की औपचारिक पुष्टि प्राप्त करें।’’ पत्र के अनुसार, ‘‘एआईएफएफ के निलंबन का परिणाम फीफा और एएफसी के सदस्य के रूप में उसके सभी अधिकारों का नुकसान होगा जैसा कि फीफा और एएफसी के नियमों में परिभाषित है।’’ उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार को एआईएफएफ और उसके वाणिज्यिक साझेदार फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) के बीच मास्टर राइट्स समझौते से संबंधित मामले की सुनवाई करने वाला है। यह समझौता आठ दिसंबर को समाप्त हो रहा है। एफएसडीएल ने पिछले महीने करार नवीनीकरण पर अनिश्चितता का हवाला देते हुए आगामी सत्र को ‘रोक’ दिया था। इस फैसले के कारण कम से कम तीन क्लबों को अपना परिचालन स्थगित करना पड़ा या वेतन में देरी करनी पड़ी और सभी 11 आईएसएल क्लबों ने ‘अस्तित्व के संकट’ की चेतावनी दी। उच्चतम न्यायालय ने 22 अगस्त को एआईएफएफ और एफएसडीएल को अंतरिम उपाय तय करने के लिए बातचीत करने की अनुमति दी जिससे कि सत्र समय पर शुरू हो सके।  

माइकल क्लार्क स्किन कैंसर से जूझे, नाक से गांठ हटाई गई, पोस्ट में किया इमोशनल खुलासा

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार माइकल क्लार्क को स्किन कैंसर (त्वचा कैंसर) का पता चला है. 44 साल के क्लार्क ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सेहत को लेकर जानकारी साझा की और लोगों से नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराने की अपील की. क्लार्क ने इंस्टाग्राम पर लिखा 'स्किन कैंसर वास्तविक है! खासकर ऑस्ट्रेलिया में. आज मेरी नाक से एक और कैंसर वाली गांठ निकाली गई. यह एक फ्रेंडली र‍िमाइंडर है क‍ि आप अपनी त्वचा की जांच कराते रहें. इलाज से बेहतर है बचाव, लेकिन मेरे मामले में नियमित जांच और शुरुआती पहचान ही सबसे अहम है. शुक्रगुजार हूं कि डॉ. बिश सोलिमान ने इसे समय रहते पकड़ लिया.' माइकल क्लार्क का स्किन कैंसर से सामना नया नहीं है. उन्हें पहली बार 2006 में स्किन कैंसर का पता चला था. इसके बाद 2019 में तीन नॉन-मेलेनोमा लीजन की भी पहचान हुई थी. उस समय भी क्लार्क ने लोगों से अपील की थी कि वे धूप से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें और अपनी त्वचा की नियमित जांच कराते रहें. क्लार्क का शानदार करियर अपनी शानदार बल्लेबाजी और शानदार स्किल लिए मशहूर क्लार्क ने 2003 से 2015 तक ऑस्ट्रेलिया के लिए 115 टेस्ट (8643 रन), 245 वनडे (7981 रन) और 34 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच (488 रन) खेले. उन्होंने टेस्ट और वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की. क्लार्क ने 47 टेस्ट (24 जीत, 16 हार), 74 वनडे और 18 टी20 में ऑस्ट्रेलिया की अगुवाई की. उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 2015 का वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया. आक्रामक रणनीति और जुझारू स्वभाव ने उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया. स्किन कैंसर क्यों होता है? स्किन कैंसर असामान्य त्वचा कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है. इसका मुख्य कारण सूर्य की अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें या टैनिंग बेड का ज्यादा इस्तेमाल है. यह दुनिया में सबसे आम कैंसर है, जिसमें शुरुआती पहचान और इलाज बेहद जरूरी है. ऑस्ट्रेलिया में स्किन कैंसर की स्थिति ऑस्ट्रेलिया दुनिया में स्किन कैंसर के सबसे ज्यादा मामलों वाला देश है. इसका कारण है – यहां का उच्च UV स्तर, भूमध्य रेखा के करीब होना और गोरे रंग की आबादी. आंकड़ों के मुताबिक, 70 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले हर 3 में से 2 ऑस्ट्रेलियाई किसी न किसी रूप में स्किन कैंसर से प्रभावित होते हैं.

बोरुसिया डॉर्टमंड ने चेल्सी से चुक्वुएमेका के साथ किया करार

बर्लिन जर्मन क्लब बोरुसिया डॉर्टमंड ने इंग्लिश मिडफील्डर कार्नी चुक्वुएमेका को इंग्लिश प्रीमियर लीग टीम चेल्सी से स्थायी करार पर साइन करने की पुष्टि कर दी है। क्लब ने जानकारी दी। 21 वर्षीय चुक्वुएमेका ने पिछले सीजन डॉर्टमंड के लिए छह महीने लोन पर खेला था, जिसमें उनके प्रदर्शन ने प्रभावित किया। अब उन्होंने डॉर्टमंड के साथ जून 2030 तक का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉर्टमंड ने यह डील करीब 25 मिलियन यूरो (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) में पूरी की है, जो पिछले सर्दियों में तय शुरुआती विकल्प से कम है। डॉर्टमंड के स्पोर्टिंग डायरेक्टर सेबेस्टियन केली ने कहा, “कार्नी एक असाधारण प्रतिभा है, जिसने पिछले सीजन के दूसरे हिस्से में हमारे लिए अपनी क्षमता के कई झलक दिखाई। वह तंग हालात में फर्क ला सकता है, मिडफील्ड में रचनात्मकता देता है और हमारे खेल में एक नया आयाम जोड़ता है।” चुक्वुएमेका ने 2024/25 सीजन में डॉर्टमंड के लिए सभी प्रतियोगिताओं में 17 मैच खेले, जिसमें फीफा क्लब विश्व कप के चार मैच भी शामिल थे। उन्होंने बुंडेसलीगा में फ्राइबर्ग के खिलाफ 4-1 की जीत में एक गोल दागा। हालांकि चोट की छोटी-छोटी समस्याओं के कारण वे अक्सर बतौर सब्स्टीट्यूट ही खेले, लेकिन कोचिंग स्टाफ ने उनकी लंबी अवधि की उपयोगिता को पहचाना। मुख्य कोच निको कोवाच इस सीजन उन्हें और ज्यादा नियमित रूप से शामिल करने की योजना बना रहे हैं। खुद चुक्वुएमेका ने भी इस करार पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “बोरुसिया डॉर्टमंड का स्थायी हिस्सा बनना शानदार अहसास है। पिछले कुछ महीनों में मैंने कोच, टीम और खासकर फैंस को करीब से जाना है। अब बीवीबी मेरा नया घर है और मैं टीम के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपना सब कुछ दूंगा।”  

CPL 2025 में रोमारियो शेफर्ड ने किया कमाल, एक ओवर में बटोरे 20 रन

नई दिल्ली  वेस्टइंडीज के स्टार ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड ने कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) 2025 में गजब कर दिया। गुयाना अमेजन वॉरियर्स का हिस्सा शेफर्ड ने सेंट लूसिया किंग्स के खिलाफ मैच में एक लीगल डिलीवरी बॉल पर 20 रन बटोरे। उन्होंने एक गेंद पर तीन सिक्स लगाए। उन्होंने यह करिश्मा सेंट लूसिया किंग्स के तेज गेंदबाज ओशेन थॉमस के विरुद्ध किया। आईपीएल में आरसीबी के लिए खेलने वाले शेफर्ड ने मुकाबले में तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली। सातवें नंबर पर आए शेफर्ड ने 34 गेंदों में नाबाद 73 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल हैं। उन्होंने वॉरियर्स को 202/6 के स्कोर तक पहुंचाया। शेफर्ड ने 15वें ओवर में 20 रन बटोरने का कारनामा किया। थॉमस अपनी लाइन से भटक रहे थे और अक्सर ओवरस्टेप कर रहे थे। उन्होंने दूसरी गेंद नो बॉल फेंकी। इसके बाद उन्होंने वाइड गेंद की। थॉमस ने फिर एक और नो बॉल फेंकी जो डीप मिडविकेट की दिशा में छक्के के लिए गई। अगली गेंद भी नो बॉल थी। शेफर्ड ने इसे डीप स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का जड़ा। थॉमस एक लीगल बॉल फेंकने में कामयाब रहे। हालांकि, शेफर्ड ने फिर अपने तेवर दिखाए और गेंद को डीप स्क्वायर लेग की दिशा में सिक्स के लिए भेजा। उन्होंने इफ्तिखार अहमद (27 गेंदों में 33) के साथ छठे विकेट के लिए 102 रनों की साझेदारी की। हालांकि, शेफर्ड की तूफानी पारी पर पानी फिर गया। सेंट लूसिया किंग्स ने 203 रनों का लक्ष्य 18.1 ओव में 6 विकेट के नुकसान पर आसानी से चेज कर लिया। एकीम ऑगस्टे ने उसके लिए सर्वाधिक 73 रन बनाए। एकीम ने 35 गेंदों की अपनी पारी में 6 चौके और 4 छक्के जड़े। उन्होंने टिम सीफर्ट के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की पार्टनरशिप की। विकेटकीपर-बल्लेबाज सीफर्ट ने 24 गेंदों में 37 रन जुटाए। टिम डेविड ने 22 गेंदों में 25 रनों का योगदान दिया। उनके बल्ले से दो चौके और एक छक्का निकला। कप्तान डेविड विसे 10 और खारी पियरे 4 रन बनाकर नाबाद लौटे। विसे ने विजयी चौका लगाया।  

IPL को अलविदा कहे आर अश्विन, भविष्य की योजनाओं पर किया खुलासा

नई दिल्ली महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अब इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL को भी अलविदा कह दिया है। बुधवार 27 अगस्त को उन्होंने आधिकारिक रूप से आईपीएल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। वे अब भारत में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते नजर नहीं आएंगे, क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट को उन्होंने पिछले साल दिसंबर में ही ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अलविदा कह दिया था। हालांकि, उन्होंने नया प्लान भी बताया है। अश्विन ने कहा है कि वे अन्य टी20 लीग्स में खेलते दिखाई देंगे। आर अश्विन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर आईपीएल से रिटायरमेंट की जानकारी देते हुए लिखा, "खास दिन और इसलिए एक खास शुरुआत। कहते हैं हर अंत की एक नई शुरुआत होती है, एक आईपीएल क्रिकेटर के रूप में मेरा समय आज समाप्त हो रहा है, लेकिन विभिन्न लीगों में खेल के एक अन्वेषक के रूप में मेरा समय आज से शुरू हो रहा है। इतने सालों की शानदार यादों और रिश्तों के लिए सभी फ्रेंचाइजी टीमों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा और सबसे जरूरी IPL और BCCI का, जो उन्होंने मुझे अब तक दिया है। आगे जो भी है उसका आनंद लेने और उसका पूरा लाभ उठाने के लिए उत्सुक हूं।" पिछले सीजन अश्विन चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके के लिए खेले, लेकिन परफॉर्मेंस उनकी अच्छी नहीं थी। ऐसे में उनको रिलीज किए जाने की संभावना था, लेकिन इससे पहले उन्होंने आईपीएल से रिटायरमेंट की ही घोषणा कर दी। IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने 9.75 करोड़ रुपये में आर अश्विन को खरीदा था, लेकिन उनका प्रदर्शन चेन्नई की पिचों पर भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। यहां तक कि वे बाद में तो प्लेइंग इलेवन से भी ड्रॉप कर दिए गए थे। आर अश्विन ने आईपीएल 2025 में कुल 9 मैच चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले, जो पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी पायदान पर रही। इन मैचों में 7 विकेट ही उनको मिले। उनका इकॉनमी रेट 9.12 का रहा। सीएसके के लिए वे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले छठे खिलाड़ी थे, जबकि पर्पल कैप की रेस में यानी सीजन में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में वे 49वें नंबर पर थे। ओवरऑल वह आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले पांचवें गेंदबाज हैं। उन्होंने 187 विकेट 221 मैचों में निकाले हैं।  

फुटबॉल सेंसेशन आना मारिया मार्कोविच अब अमेरिका की नई लीग में खेलेंगी

वाशिंगटन क्रोएशिया की आना मारिया मार्कोविच सिर्फ फुटबॉल नहीं खेलतीं, बल्कि मैदान पर उनकी हर एंट्री 'फैशन शो' जैसी लगती है. 25 साल की आना सोशल मीडिया पर ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत फुटबॉलर’ कही जाती हैं और अब उन्होंने अपने करियर का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका की ब्रुकलिन एफसी जॉइन कर ली है. इस डील को और भी खास बना दिया उनकी बहन कीकी मार्कोविच ने, जो उनके साथ इस टीम का हिस्सा बनी हैं. आना मारिया जब मैदान पर उतरती हैं, तो दर्शकों की निगाहें गेंद से ज्यादा उन पर टिक जाती हैं. उनके हर टच में जैसे ग्लैमर और पैशन घुला हो.  फुटबॉलर कम, सुपरमॉडल ज्यादा? आना ने क्लब से जुड़ते हुए कहा, 'यह शहर और क्लब मुझे अलग तरह की ऊर्जा दे रहे हैं. बहन किकी के साथ यह सफर और भी रोमांचक होगा. हम यहां सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि असर छोड़ने आए हैं.' स्विट्जरलैंड में पली-बढ़ी आना अब तक एफसी ज्यूरिख, ग्रासहॉपर्स और पुर्तगाल के ब्रागा जैसी टीमों के लिए खेल चुकी हैं. ब्रागा में रहते हुए उन्होंने अपने पार्टनर टोमस रिबेरो के और करीब आने की कोशिश की,लेकिन रिश्तों और करियर की उलझनों के बीच उन्होंने क्लब छोड़ा.उन्होंने एक बार मजाकिया, लेकिन दिल छू लेने वाला वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था – 'कभी-कभी फुटबॉल से नफरत सी हो जाती है.' बिकिनी में फोटो के बारे में क्या कहती हैं? आना सिर्फ अपनी खूबसूरती की वजह से चर्चा में नहीं हैं. वह क्रोएशियाई राष्ट्रीय टीम की अहम खिलाड़ी हैं और 25 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 2 गोल दाग चुकी हैं. लेकिन कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास, उनके स्टाइलिश आउटफिट्स और सोशल मीडिया पर उनके बिकिनी शॉट्स ही उन्हें अलग पहचान देते हैं. बिकिनी फोटो से लेकर ग्लैमरस शूट्स तक, उनके हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स बरसते हैं. हालांकि इसके साथ ही उन्हें अक्सर सेक्सिस्ट कमेंट्स और स्लेजी मैसेज भी झेलने पड़ते हैं. आना का कहना है, 'जब मैं बिकिनी में फोटो डालती हूं तो लोग मुझे जज करते हैं, लेकिन अगर कोई मेल प्लेयर स्विमिंग ट्रंक में फोटो डाले तो उतनी बातें नहीं होतीं.' आना मारिया मार्कोविच एक स्पोर्ट्स आइकन होने के साथ-साथ फैशन और ग्लैमर वर्ल्ड की क्रश भी बन चुकी हैं. इंस्टाग्राम पर उनके बोल्ड फोटोशूट्स अक्सर वायरल रहते हैं. कभी मैदान पर उनके पैरों का जादू, तो कभी उनकी हॉट लुक्स- फैन्स के लिए हर एंगल से वह एक फैंटेसी हैं.

सचिन का बड़ा खुलासा – क्यों धोनी को युवराज से पहले उतारा गया मैदान में?

नई दिल्ली  'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर ने  रेडिट पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के जरिए फैंस के तमाम सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उनसे एक सवाल यह भी पूछा गया कि 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने युवराज सिंह से पहले महेंद्र सिंह धोनी को उतारने का सुझाव क्यों दिया था। 2011 वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान थे लेकिन युवराज सिंह से पहले उनके उतरने का फैसला उनका खुद का नहीं था, बल्कि सचिन तेंदुलकर का था। मुंबई के वानखेड़े मैदान में भारत और श्रीलंका के बीच खिताबी मुकाबला हुआ था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 274 रन बनाए थे। जवाब में 114 रन पर भारत के 3 विकेट गिर चुके थे। वीरेंदर सहवाग, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली आउट होकर पवैलियन जा चुके थे। कोहली के आउट होने के बाद वैसे तो युवराज सिंह को उतरना था लेकिन उनकी जगह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे। इसके पीछे सचिन तेंदुलकर का दिमाग था। उन्होंने ही तत्कालीन कोच गैरी कर्स्टन को इसका सुझाव दिया था। बाद में वीरेंदर सहवाग ने खुलासा किया था कि फाइनल में युवराज सिंह से पहले धोनी को प्रमोट करके बल्लेबाजी का सुझाव सचिन तेंदुलकर ने दिया था। रेडिट के 'AMA' सेशन में एक फैन ने सहवाग के उसी खुलासे के आधार पर सचिन से पूछा कि क्या वीरु ने जो कहा था वह सच है और इस तरह के रणनीतिक बदलाव की वजह क्या थी? मास्टर-ब्लास्टर ने धोनी को प्रमोट करके युवराज सिंह से पहले उतारने के 2 कारण बताए। उन्होंने कहा, 'इसके दो कारण थे। लेफ्ट-राइट बैटिंग कॉम्बिनेशन से दोनों ऑफ-स्पिनरों को दिक्कत होती। इसके अलावा मुरलीधरन सीएसके के लिए खेल चुके थे (2008 से 2010) और एमएस ने नेट्स में तीन सीजन तक उनको खेला था।' 2011 के फाइनल की बात करें तो वीरेंदर सहवाग के तौर पर भारत का पहला विकेट 1 रन पर ही गिर गया था। उसके बाद स्कोरबोर्ड में सिर्फ 30 रन और जुड़े थे कि सचिन तेंदुलकर भी 18 रन बनाकर लसिथ मलिंगा का शिकार बन गए थे। उस समय गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच साझेदारी ने टीम को मुश्किल से उबारा। 114 रन के टीम स्कोर पर कोहली भी 35 रन बनाकर आउट हो गए। चूंकि गौतम गंभीर बाएं हाथ के बल्लेबाज थे, लिहाजा सचिन ने लेफ्टी युवराज सिंह से पहले राइट-हैंडर महेंद्र सिंह धोनी को उतारने का सुझाव दिया। धोनी और गौती के बीच 119 रन की साझेदारी हुई। गंभीर महज तीन रन से शतक से चूक गए और आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद युवराज सिंह बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने और धोनी ने मिलकर भारत को 6 विकेट से जीत दिलाकर विश्व चैंपियन बना दिया। महेंद्र सिंह धोनी ने 79 गेंदों में 91 रन की नाबाद पारी खेली थी।