samacharsecretary.com

कमबैक मैच में मोहम्मद शमी हुए महंगे, दलीप ट्रॉफी में जमकर पड़े रन

नई दिल्ली  तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे से भारतीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में वह लगातार टूर्नामेंट में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि शमी की प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी निराशाजनक रही और उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2025 के क्वार्टर फाइनल में महंगा स्पेल डाला है। नौ महीने बाद रेड बॉल क्रिकेट में मोहम्मद शमी की वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ईस्ट जोन के लिए खेल रहे शमी को नॉर्थ जोन के खिलाफ सिर्फ एक विकेट मिला। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 23 ओवर में 100 रन लुटाए। शमी ने नॉर्थ जोन के बल्लेबाज साहिल लोत्रा को आउट किया। उनके अलावा मनीषी ने ईस्ट जोन के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 22.2 ओवर में 111 रन देकर छह विकेट लिए, जबकि सिराज सिंधु जसवाल (2/44) ने भी दो विकेट लिए। इससे पहले मोहम्मद शमी ने लाल गेंद से रणजी ट्रॉफी में खेला था, जहां उन्होंने दो पारियों में सात विकेट लिए थे। टेस्ट मैचों में उनका आखिरी प्रदर्शन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 के दौरान हुआ था। 34 वर्षीय शमी को हाल ही में फिटनेस समस्याओं के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना गया था। नार्थ जोन ने आयुष बदोनी (63) और कन्हैया वधावन (नाबाद 42) की पारियों की मदद से पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 308 रन बना लिये हैं। ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी नार्थ जोन के लिए शुभम खजुरिया और कप्तान अंकित कुमार की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। 15वें ओवर में मनीषी ने अंकित कुमार (30) को पगबाधा आउटकर ईस्ट जोन को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद उन्होंने शुभम खजुरिया (26) को भी पगबाधा आउट कर पवेलियन भेज दिया। मनीषी का तीसरा शिकार यश ढुल (39) बने। यश ढुल और आयुष बदोनी के बीच तीसरे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी हुई। 43वें ओवर में मुख्तार हुसैन ने आयुष बदोनी (60 गेंदों में 63 रन) को आउटकर बड़ी सफलता दिलाई। आयुष बदोनी ने अपनी पारी में सात चौके लगाये। निशांत सिंधु (47) और साहिल लूथरा 19 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण दिन का खेल जल्दी समाप्त होने के समय नार्थ जोन ने 75.2 ओवर में छह विकेट पर 308 रन बना लिये थे और कन्हैया वधावन (नाबाद 42) और मयंक डागर (नाबाद 28) क्रीज पर मौजूद थै। ईस्ट जोन की ओर से मनीषी ने 19 ओवर में 90 रन देकर तीन विकेट लिये। मोहम्मद शमी, सूरज सिंधु जायसवाल और मुख्तार हुसैन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।  

BCCI में बड़ा बदलाव: राजीव शुक्ला को मिली कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी

नई दिल्ली बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। नए अध्यक्ष के चुने जाने तक राजीव शुक्ला बीसीसीआई के कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह इससे पहले उपाध्यक्ष की भूमिका में थे। सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को बीसीसीआई के एपेक्स कमिटी की बैठक हुई शीर्ष परिषद की बैठक की अध्यक्षता राजीव शुक्ला ने की। बैठक के मुख्य अजेंड में स्पॉन्सरशिप था। उसमें ड्रीम11 से करार खत्म होने और अगले दो-ढाई साल के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश को लेकर चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया कप में दो हफ्ते भी नहीं बचे हैं, इसलिए तब तक नया स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, 'अब दो सप्ताह भी नहीं बचे हैं। हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन नई निविदा निकालना, कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और बाकी तकनीकी चीजों में समय लगता है।' सूत्र ने शॉर्ट टर्म यानी सिर्फ एशिया कप के लिए अलग प्रायोजक लाने के सवाल पर कहा कि ऐसी नहीं करेंगे। फोकस 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक के लिए प्रायोजक लाने पर है। राजीव शुक्ला नए बीसीसीआई अध्यक्ष का चुनाव होने तक कार्यवाहक प्रमुख की भूमिका में रहेंगे। राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून बन जाने के बावजूद बीसीसीआई को अगले महीने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग कराने के अलावा चुनाव भी कराने होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई चुनाव को नहीं टाल सकता क्योंकि सरकार ने जो खेल कानून बनाया है, अभी उसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उसे अधिसूचित होने में कुछ महीने लग सकते हैं लिहाजा बीसीसीआई ने चुनाव नहीं टालने का फैसला किया है। वर्तमान में बीसीसीआई का प्रशासन लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बने संविधान के हिसाब से चलता है। जब तक संसद से पारित नए खेल कानून की अधिसूचना जारी नहीं हो जाती, तब तक बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों को उसी संविधान से चलना होगा। उन पर लोढ़ा समिति की सिफारिशें ही लागू रहेंगी। उसके हिसाब से पदाधिकारी 70 वर्ष की उम्र के बाद पद नहीं संभाल सकते। नए कानून की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्र का ये बंधन नहीं रहेगा।  

ग्लैमरस एक्स-टेनिस स्टार अन्ना कुर्निकोवा बिना शादी के 4वीं बार मां बनने वाली

लंदन  टेनिस कोर्ट पर अपनी खूबसूरती और दिलकश अदाओं से करोड़ों दिल जीत चुकीं अन्ना कुर्निकोवा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. ग्लैमरस एक्स-टेनिस स्टार कुर्निकोवा ने 44 साल की उम्र में अपनी चौथी प्रेग्नेंसी की घोषणा कर सबको चौंका दिया है. वह अपने पार्टनर और मशहूर स्पेनिश सिंगर 50 साल के एनरिके इग्लेसियस के साथ चौथे बच्चे का स्वागत करने जा रही हैं. स्पैनिश मैगजीन Hola के मुताबिक कुर्निकोवा पहले से ही प्रेग्नेंसी के बीच के चरण में हैं और उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है. यह खुशखबरी उस समय आई है जब कुछ महीने पहले उन्हें व्हीलचेयर और प्रोटेक्टिव बूट में देखा गया था, जिसके बाद उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी. इग्लेसियस लगातार अपने फैन्स के लिए परफॉर्म कर रहे हैं, वहीं टेनिस फैन्स को कुर्निकोवा की झलक कभी-कभार ही मिलती है. तीन बच्चों के बाद चौथी बार किलकारी कुर्निकोवा और इग्लेसियस के पहले से तीन बच्चे हैं- जुड़वां लूसी और निकोलस (7 वर्ष) और बेटी मैरी (5 वर्ष). अगस्त में मियामी में उन्हें बच्चों को मार्शल आर्ट्स क्लास के लिए ले जाते देखा गया था, जिससे उनकी तबीयत को लेकर उठे सवाल शांत हो गए.  कोर्ट से शोहरत, मॉडलिंग से ग्लैमर रूसी स्टार कुर्निकोवा ने 14 साल की उम्र में प्रोफेशनल टेनिस में कदम रखा था. वह सिंगल्स में भले ही ग्रैंड स्लैम खिताब न जीत सकीं, लेकिन मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाकर 1999 और 2002 में ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स खिताब जीता. टेनिस कोर्ट से बाहर भी कुर्निकोवा ने खूब सुर्खियाँ बटोरीं. 2002 में उन्हें दुनिया की सबसे सेक्सी महिला चुना गया था, जिसमें उन्होंने ब्रिटनी स्पीयर्स और जेनिफर लोपेज जैसी स्टार्स को पीछे छोड़ा. 2010 में उन्हें अब तक की सबसे सेक्सी टेनिस खिलाड़ी घोषित किया गया. हर साल चोटों से जूझीं कुर्निकोवा का करियर चोटों से भरा रहा. पीठ और पैरों की गंभीर चोटों ने उन्हें बार-बार कोर्ट से दूर किया. 2003 में महज 21 साल की उम्र में उन्होंने टेनिस को अलविदा कह दिया. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- 'मैं तभी तक खेलूंगी जब तक मुझे मजा आएगा. यह समझना जरूरी है कि टेनिस ही जिंदगी में सबकुछ नहीं है. लगभग हर साल मुझे चोट लगी. 1997 में स्ट्रेस फ्रैक्चर, 1998 में अंगूठे का लिगामेंट फट गया, 1999 में फिर से स्ट्रेस फ्रैक्चर और 2001 में तो पूरा साल ही मैं कोर्ट से बाहर रही.' 2001 से कुर्निकोवा-एनरिके साथ-साथ  दोनों की मुलाकात 2001 में इग्लेसियस के हिट गाने ‘Escape’ के म्यूजिक वीडियो के दौरान हुई थी. उस समय से दोनों साथ हैं और पिछले दो दशकों से मियामी में रह रहे हैं. उनकी ऑन-स्क्रीन हॉट केमिस्ट्री ने ही रियल लाइफ में रोमांस की शुरुआत की थी. मियामी में आलीशान जीवन कपल ने इस साल मियामी बीच के Bay Point इलाके में 6.5 मिलियन डॉलर का आलीशान घर खरीदा. इसमें पांच बेडरूम और साढ़े चार बाथरूम हैं. यह घर उनकी प्रॉपर्टी लिस्ट में नया इजाफा है. शादी का रहस्य बरकरार इस कपल की शादी हुई है या नहीं, यह अब तक रहस्य है. इग्लेसियस कई बार कुर्निकोवा को अपनी 'वाइफ' कह चुके हैं, लेकिन उनका कहना है, 'असल मायने यह रखते हैं कि आप अच्छे माता-पिता बनें, न कि शादी का कागज आपके पास हो.'

श्रीलंका की एशिया कप टीम में युवा स्टार ‘बेबी मलिंगा’, देखें पूरा स्क्वॉड

कोलंबो  एशिया कप 2025 के लिए श्रीलंका ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने इस टूर्नामेंट के लिए 16 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसकी कप्तानी चरिथ असलंका करेंगे. श्रीलंकाई टीम में ऑलराउंडर वानिंदु हसारंगा और तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना जैसे स्टार खिलाड़ियों को भी जगह मिली है. बता दें कि मथीशा पथिराना का एक्शन पूर्व श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा की तरह है, जिसके चलते उन्हें 'बेबी मलिंगा' भी कहा जाता है. पथिराना ने दिसंबर 2024 में श्रीलंकाई के लिए आखिरी बार कोई मुकाबला खेला था. 22 साल के पथिराना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का प्रतिनिधित्व करते हैं. एशिया कप 2025 के मुकाबले इस बार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेले जाएंगे. टूर्नामेंट का आयोजन टी20 फॉर्मेट में होना है. ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, ओमान और यूएई को रखा गया है. जबकि ग्रुप-बी में हॉन्ग कॉन्ग, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान की टीमें हैं. एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर को होगी और इसका खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को होना है. श्रीलंका के ग्रुप मुकाबले कब-कब? श्रीलंका ने एशिया कप के पिछले संस्करण (2023) में दूसरा स्थान हासिल किया था. श्रीलंका अपने अभियान की शुरुआत 13 सितंबर को अबू धाबी में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से करेगा. फिर उसका सामना 15 सितंबर को दुबई में हॉन्ग कॉन्ग से होगा. इसके बाद श्रीलंकाई टीम 18 सितंबर को अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज का अपना आखिरी मुकाबला खेलेगी. एशिया कप के लिए श्रीलंका का 16 सदस्यीय स्क्वॉड: चरिथ असलंका (कप्तान), पथुम निसंका, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, नुवानीदु फर्नांडो, कामिंदु मेंडिस, कामिल मिशारा, दासुन शनाका, वानिंदु हसारंगा, डुनिथ वेलालगे, चमिका करुणारत्ने, महीश तीक्ष्णा, दुष्मंथा चमीरा, बिनुरा फर्नांडो, नुवान तुषारा, मथीशा पथिराना.

मेसी का बड़ा ऐलान: इंटरनेशनल फुटबॉल से रिटायरमेंट, घर में खेलेंगे फेयरवेल मैच

ब्यूनस आयर्स फुटबॉल के सबसे बड़े स्टार में से एक लियोनल मेसी ने एक बड़ा इशारा दे दिया है कि अर्जेंटीना के साथ उनका सफर आखिर दौर में पहुंच रहा है. 38 साल के मेसी ने Apple TV से बात करते हुए कहा कि 4 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में वेनेजुएला के खिलाफ होने वाला वर्ल्ड कप क्वालिफायर शायद उनका आखिरी घरेलू मैच हो सकता है.  अर्जेंटीना पहले ही 2026 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुका है और 35 अंकों के साथ साउथ अमेरिकन टेबल में टॉप पर है. लेकिन मेसी के लिए ब्यूनर्स आयर्स के एस्टादियो मोन्यूमेंटल (Estadio Monumental) में होने वाला यह मैच सिर्फ एक कंपटीशन भर नहीं है, बल्कि यह उनके लिए बड़ा इमोशनल मोमेंट होगा.  ल‍ियोनेल मेसी ने अपने फेयरवेल मैच के बारे में क्या कहा?  मेसी ने इंटर मियामी की लीग्स कप सेमीफाइनल में ऑरलैंडो सिटी को हराने के बाद कहा- यह मेरे लिए खास होने वाला है, बहुत ही खास मैच होगा, क्योंकि यह मेरा आखिरी क्वालिफायर गेम है. मुझे नहीं पता इसके बाद कोई फ्रेंडली या और मैच होंगे या नहीं…. पर हां, यह मैच मेरे लिए बहुत खास है और इसी वजह से मेरा पूरा परिवार मेरे साथ होगा. मेरी पत्नी, मेरे बच्चे, मेरे माता-पिता, मेरे भाई-बहन और मेरी पत्नी की तरफ से जितने रिश्तेदार हो सकें. इसके बाद क्या होगा, यह मैं नहीं जानता, लेकिन अभी हमारा ध्यान इसी पर है.  कैसा है मेसी का वर्ल्ड कप क्वाल‍िफायर में रिकॉर्ड  मेसी का वर्ल्ड कप क्वालिफायर में 193 मैच खेले हैं और रिकॉर्ड 31 गोल किए हैं. इसी दौरान उन्होंने अर्जेंटीना के लिए कई यादगार प्रदर्शन भी किए. 2022 में कतर वर्ल्ड कप जीतना उनके इंटरनेशनल करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही, जिसने उन्हें फुटबॉल इतिहास के महान खिलाड़ियों में हमेशा के लिए जगह दिला दी.  मेसी 9 सितंबर को इक्वाडोर के खिलाफ होने वाले अगले क्वालिफायर मैच में भी खेलने की उम्मीद है, लेकिन वह मैच बाहर (अवे) होगा. ऐसे में 4 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाला मुकाबला शायद आखिरी मौका होगा जब स्थानीय फैन्स उन्हें वर्ल्ड कप क्वालिफायर में खेलते देख पाएंगे.  अगर यह सचमुच उनका आखिरी मैच होता है, तो यह अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास का एक अहम अध्याय बंद कर देगा. हालांकि मेसी ने अभी तक इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.  फुटबॉल इत‍िहास में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल गोल  क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल) – 221 मैच, 138 गोल  लियोनल मेसी (अर्जेंटीना) – 193 मैच, 112 गोल  अली दाई (ईरान) – 148 मैच , 108 गोल सुनील छेत्री (भारत) – 155 मैच  95 गोल  रोमेलू लुकाकू (बेल्जियम) – 124 मैच खेले, 89 गोल कैसे होते हैं फुटबॉल के क्वाल‍िफायर मैच?  कॉनमेबोल (South American Football Confederation) साउथ अमेर‍िकी में फुटबॉल से संबध‍ित देशों को चलाने वाली एक गवर्न‍िंग बॉडी है. इसी तरह हर महाद्वीप की गवर्न‍िंंग बॉडी हैं.   कॉनमेबोल के द‍िशा न‍िर्देश में वर्ल्ड कप क्वालिफायर 7 सितंबर 2023 से शुरू हुए और सितंबर 2025 में खत्म होंगे.  हिस्सा लेने वाले देश अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, इक्वाडोर, पराग्वे, पेरू, उरुग्वे और वेनेजुएला.  कैसे होते हैं क्वाल‍िफाइंग मैच  हर टीम बाकी 9 टीमों से एक-एक मैच घर (होम) और बाहर (अवे) खेलेगी. यानी कुल 18 मैच. 18 राउंड के बाद जो टीमें टॉप-6 में रहेंगी, वे सीधे FIFA World Cup 2026 के लिए क्वालिफाई कर लेंगी. जो टीम सातवें नंबर पर रहेगी, उसे FIFA Play-Off Tournament खेलना होगा. 

डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने हासिल किया दूसरा स्थान, वेबर ने जीता गोल्ड

ज्यूरिख भारत के स्टार भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में हुए डायमंड लीग फाइनल में दूसरा स्थान हासिल किया. नीरज का फाइनल में बेस्ट थ्रो 85.01 मीटर रहा. जर्मनी के जूलियन वेबर चैम्पियन बनने में कामयाब रहे. वेबर का बेस्ट थ्रो 91.51 मीटर रहा. मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन नीरज ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल जीतकर डायमंड ट्रॉफी अपने नाम की थी. जबकि 2023 और 2024 में नीरज दूसरे स्थान पर रहे थे. फाइनल में नीरज चोपड़ा का पहला प्रयास कुछ खास नहीं रहा और वो 84.35 का ही थ्रो कर पाए. दूसरी ओर जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.37 मीटर का थ्रो करके लीड बना ली. वेबर ने दूसरा थ्रो और जबरदस्त किया और उसमें उन्होंने 91.51 मीटर की दूरी हासिल की. यानी वेबर ने अपने पर्सनल बेस्ट में फिर सुधार किया. दूसरी ओर नीरज का दूसरा थ्रो कुछ खास नहीं रहा और वो 82.00 मीटर की दूरी ही हासिल कर पाए. नीरज चोपड़ा का तीसरा अटेम्प्ट फाउल रहा. भारतीय खिलाड़ी से उम्मीद थी कि वो चौथे प्रयास में अच्छा करेंगे, लेकिन इस बार भी नीरज ने फाउल किया. नीरज का पांचवां प्रयास भी बेकार गया. यानी वो फिर फाउल कर बैठे. छठे प्रयास में नीरज ने कुछ जोर लगाया जिसके चलते वो केशोर्न वाल्कॉट को पछाड़ दूसरे स्थान पर पहुंचे. नीरज ने आखिरी प्रयास में 85.01 मीटर का थ्रो किया, जो उनका इस फाइनल में बेस्ट थ्रो रहा. नीरज चोपड़ा का डायमंड लीग फाइनल प्रदर्शन: पहला प्रयास: 84.35 मीटर दूसरा प्रयास: 82.00 मीटर तीसरा प्रयास: फाउल चौथा प्रयास: फाउल पांचवां प्रयास: फाउल छठा प्रयास: 85.01 मीटर फाइनल में सभी 7 खिलाड़ियों के बेस्ट थ्रो- 1. जूलियन वेबर (जर्मनी): 91.51 मीटर 2. नीरज चोपड़ा (भारत): 85.01 मीटर 3. केशोर्न वाल्कॉट (त्रिनिदाद एंड टोबैगो): 84.95 मीटर 4. एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा): 82.06 मीटर 5. जूलियस येगो (केन्या): 82.01 मीटर 6. एंड्रियन मर्डारे (मोल्दोवा): 81.81 मीटर 7. साइमन वीलैंड (स्विट्जरलैंड): 81.29 मीटर diamond leagueनीरज चोपड़ा ने इस सीजन में दो डायमंड लीग प्रतियोगिताओं में भाग लिया. दोहा लेग में नीरज ने अपने करियर का बेस्ट थ्रो (90.23 मीटर) किया, लेकिन वो दूसरे स्थान पर रहे थे. फिर पेरिस लेग में 88.16 मीटर के थ्रो के साथ नीरज ने जीत हासिल की. फाइनल में अपनी जगह पक्की करने के बाद नीरज ने सिलेसिया और ब्रुसेल्स लेग से बाहर रहने का विकल्प चुना.  नीरज चोपड़ा ने कुल 15 अंकों के साथ डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाई. डायमंड लीग के किसी लेग में पहले स्थान पर रहने के लिए 8 प्वाइंट्स, दूसरे स्थान पर रहने के लिए 7 अंक, तीसरे स्थान पर रहने के लिए 6 प्वाइंट्स और चौथे स्थान पर रहने के लिए 5 अंक दिए जाते हैं. डायमंड लीग फाइनल में विजेता को क्या मिलता है? डायमंड लीग फाइनल के विजेता को डायमंड ट्रॉफी म‍िलती है. साथ ही उसे 30 हजार डॉलर से पचास हजार डॉलर तक की इनामी राशि मिलती है. इसके अलावा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिए उसे वाइल्ड कार्ड भी मिलता है. कुल मिलाकर नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग फाइनल से पहले छह टूर्नामेंट्स में भाग लिया. इनमें से चार में उन्होंने जीत हासिल की है, जबकि दो में दूसरे स्थान पर रहे. डायमंड लीग फाइनल के बाद अब नीरज चोपड़ा की निगाहें अगले महीने होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 पर टिकी हैं, जहां वो अपने खिताब का बचाव करना चाहेंगे. बता दें कि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 13 से 21 सितंबर तक जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित की जाएगी.

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, जिन्होंने ना कहा हिटलर के ऑफर को

नई दिल्ली  मेजर ध्यानचंद 'हॉकी के जादूगर' थे। उनका खेल अद्भुत था। जब गेंद उनके पास होती, तो इसे उनसे छीनना नामुमकिन होता। मेजर ध्यानचंद ने भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण दिलाए। उनकी गिनती दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में होती है। आज भी भारतीय उनके खेल को याद करके गर्व महसूस करते हैं। 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में जन्मे ध्यान सिंह के पिता ब्रिटिश सेना में थे। वह हॉकी के शौकीन थे। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए ध्यान सिंह महज 16 साल की उम्र में बतौर सिपाही सेना में शामिल हो गए। उन्होंने भी सेना में सेवा देते हुए हॉकी खेलना शुरू कर दिया। ध्यान सिंह के दोस्त उन्हें 'चंद' कहकर पुकारते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि ध्यान सिंह ड्यूटी के बाद अक्सर चांदनी रात में घंटों हॉकी की प्रैक्टिस किया करते थे। ऐसे में उनका नाम 'ध्यानचंद' पड़ गया। सेना में रहते हुए ध्यानचंद ने रेजिमेंटल मैच खेलने शुरू कर दिए थे। साल 1922 से 1926 के बीच अपने शानदार खेल के चलते ध्यानचंद सुर्खियों में आ गए। मेजर ध्यानचंद की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें सेना की टीम में न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुन लिया गया। इस दौरे पर मेजर ध्यानचंद ने शानदार प्रदर्शन किया और सेना की टीम ने 18 मैच जीते। सिर्फ एक ही मुकाबले में उसे हार मिली। जब नवगठित भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ने 1928 ओलंपिक के लिए एक टीम भेजने का फैसला किया, तो ध्यानचंद को ट्रायल के लिए बुलाया गया। ध्यानचंद ने न सिर्फ टीम में जगह बनाई, बल्कि पांच मुकाबलों में 14 गोल दागते हुए शीर्ष स्कोरर भी रहे। भारतीय हॉकी टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और गोल्ड जीता। साल 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारत को हॉकी में गोल्ड मेडल जिताने में मेजर ध्यानचंद का अहम योगदान रहा। 'हॉकी के जादूगर' ने तीन ओलंपिक के 12 मुकाबलों में 37 गोल दागे। 1936 ओलंपिक में ध्यानचंद के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने जर्मनी को 8-1 से शिकस्त दी। जर्मनी की करारी हार से हिटलर काफी गुस्से में था। वह मुकाबले के बीच में ही स्टेडियम से बाहर चला गया। इस मुकाबले की समाप्ति के बाद हिटलर ने ध्यानचंद से मुलाकात की और उन्हें अपनी सेना में बड़ा पद ऑफर किया, लेकिन ध्यानचंद ने विनम्रता के साथ इसे ठुकरा दिया। जब मेजर ध्यानचंद हॉकी खेलते, तो मानो गेंद उनकी हॉकी स्टिक से चिपक ही जाती। हॉलैंड के खिलाफ एक मैच के दौरान उनकी हॉकी स्टिक को तोड़कर चेक तक किया गया, लेकिन जांच में उन्हें निर्दोष पाया गया। जब द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ, उस वक्त तक ध्यानचंद 40 साल से ज्यादा के हो चुके थे। साल 1948 में जब स्वतंत्र भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया, उस समय मेजर ध्यानचंद ने टीम का हिस्सा बनने से मना कर दिया। उनका मानना था कि अब युवा खिलाड़ियों को मौका देने का समय आ गया है। ध्यानचंद ने भारतीय सेना में करीब 34 साल अपनी सेवा दी। वह 1956 में बतौर लेफ्टिनेंट रिटायर हुए। करीब 22 वर्षों तक मेजर ध्यानचंद ने भारत के लिए हॉकी खेलते हुए 400 से ज्यादा गोल दागे। 'पद्म भूषण' से सम्मानित इस दिग्गज हॉकी खिलाड़ी के नाम पर आज खिलाड़ियों को 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड' दिए जाते हैं। 3 दिसंबर 1979 को मेजर ध्यानचंद ने कैंसर से जंग लड़ते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया। भारत में 29 अगस्त को उनके जन्मदिवस को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

BWF विश्व चैंपियनशिप: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने वांग झीयी को हराया

नई दिल्ली  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने गुरुवार को BWF विश्व चैंपियनशिप में विश्व की नम्बर 2 खिलाड़ी वांग झीयी को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। सिंधु ने झीयी सीधे सेटों में हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया।  ओलिंपिक में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकीं सिंधु ने वर्ल्ड नंबर-2 वांग झी के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा। सिंधु ने 5वें हेड टु हेड मैच में वांग को तीसरी बार हराया। वर्ल्ड नंबर 15 सिंधु ने पहला गेम कड़ी टक्कर के बाद 21-19 के अंतर से जीता।  दूसरे गेम में भी सिंधु ने 12-6 के अंतर से बढ़त बनाने के बाद इसे कायम रखा। अंत में सिंधु ने दूसरा सेट 21-15 के अंतर से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। अब क्वार्टर फाइनल में सिंधु का सामना विश्व की नम्बर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी साउथ कोरिया की आन से यंग से हो सकता है।   

ट्रोलिंग पर मोहम्मद शमी का करारा जवाब, उठाया मुस्लिम क्रिकेटरों का मुद्दा

नई दिल्ली तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में खेल और अपनी जिंदगी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए हैं। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रोल मुस्लिम क्रिकेटरों को सबसे ज्यादा टारगेट करते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसी बातों पर वह ध्यान ही नहीं देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही टिप्पणियां मिलती हैं। मीडिया बातचीत में शमी ने कहा, 'मैं इस तरह की ट्रोलिंग पर ध्यान ही नहीं देता। मुझे एक काम दिया गया है। मैं मशीन नहीं हूं। अगर मैं पूरे साल कड़ी मेहनत करता हूं तो कभी-कभी मैं नाकाम भी होऊंगा, कभी-कभी कामयाब भी। यह तो लोगों के ऊपर है कि उसे कैसे ले रहे हैं।' शमी ने आगे कहा, ‘जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तब आप सब कुछ भूल जाते हैं। आपके लिए विकेट लेना और मैच जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। मैं वैसे मौकों पर सोशल मीडिया पर नहीं जाना चाहता। आपको पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों ही कॉमेंट्स मिलेंगे। जब आप खेल रहे हैं तो आपको ऐसी चीजों से बहुत दूरी बनाकर रहने की जरूरत है।’ शमी ने आगे कहा, 'हम सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। टोल्स को तो सिर्फ 2 लाइन टाइप करना होता है। सच्चा फैन कभी भी इस तरह की चीजें नहीं करेगा। अगर आपको कुछ आपत्तियां हैं तो उन्हें उठाइए- लेकिन सम्मानपूर्वक। अगर आपको लगता है कि आप मुझसे बेहतर कर सकते हैं तो प्लीज आइए और कोशिश कीजिए। यह तो हमेशा खुला हुआ है।' मोहम्मद शमी एक चैंपियन गेंदबाज हैं। वह 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। इसी तरह इस साल चैंपियंस ट्रॉफी में भी वह 9 विकेट के साथ संयुक्त रूप से भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उनके नाम वनडे और टेस्ट दोनों में ही 200 से ज्यादा विकेट दर्ज हैं। इतने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद वह ट्रोल्स का निशाना बने थे। 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के हाथों हार के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल्स ने उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया था। कुछ पोस्ट में उनके खिलाफ 'गद्दार' और 'देशविरोधी' जैसी निहायत ही शर्मनाक टिप्पणियां की गई थीं।  

रोहित-विराट-धोनी पर पड़ा असर, BCCI को एक फैसले ने लगाया 250 करोड़ का चूना

नई दिल्ली  ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. ये बिल जैसे ही कानून बना तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और खिलाड़ियों को बड़ा नुकसान हुआ है. रियल मनी गेमिंग पर पूरी तरह से बैन लगने के चलते ड्रीम 11 और बीसीसीआई (BCCI) के रास्ते अलग हो चुके हैं. ड्रीम-11 जैसे रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगने से  बीसीसीआई को करीब 245 करोड़ सालाना नुकसान हुआ है, जबकि स्टार क्रिकेटर्स को भी झटका लगा है. विराट कोहली का 10 से 12 करोड़ और रोहित शर्मा और एमएश धोनी को 6 से 7 करोड़ रुपये का सालाना लॉस हुआ है. दरअसल, ड्रीम 11 से बीसीसीआई (BCCI) को साल भर में करीब 120 करोड़ रुपए मिल रहे थे, जो टीम इंडिया का लीड स्पॉन्सर था. लेकिन नए कानून के लागू होते ही दोनों के बीच 358 करोड़ का करार समय से पहले ही खत्म हो गया. इतना ही नहीं आईपीएल का एसोसिएट स्पॉन्सर माय11सर्किल था, जिसके साथ बीसीसीआई की करीब 125 करोड़ रुपये सीजन की डील थी. इस तरह बोर्ड को साल में 250 करोड़ का सीधा नुकसान हुआ है. बीसीसीआई को इतनी महंगी डील मिलना मुश्किल क्रिकेटबज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर जोर दियाकि बीसीसीआई (BCCI) को फिर भी दूसरे स्पॉन्सर मिल जाएंगे, लेकिन इस बार शायद डील इतनी महंगी देखने को न मिले. रिपोर्ट के मुताबिक, विराट, रोहित और धोनी को छोड़कर बाकी खिलाड़ियों की फीस उतनी महंगी नहीं थी, लेकिन फिर भी ये करोड़ों रुपये चार्ज कर रहे थे.अब इन सभी खिलाड़ियों को तगड़ा झटका लगा है. किस खिलाड़ी को कितने पैसे मिल रहे थे? विराट कोहली को MPL एड करेन के लिए साल में 10 से 12 करोड़ देता था. रोहित शर्मा को ड्रीम 11 की तरफ से करीब 7 करोड़ आते थे. एमएस धोनी भी विंजो से करीब  6 से 7 करोड़ कमाते थे. जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या को  Dream11 से 3 से 6 करोड़ देता था. इन खिलाड़ियों को भी करोड़ों का नुकसान भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान  कप्तान शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़, रिंकू सिंह और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ My11 Circle से जुड़े हुए थे. इनका भी करोड़ों का नुकसान होने वाला है, क्योंकि भारत में ड्रीम11 और My11 Circle जैसी गेमिंग कंपनियां बैन हो चुकी हैं और वो अपना कारोबार समेट रही हैं. साल में कितने करोड़ का नुकसान? दरअसल, क्रिकेट में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री ने तेजी से पैर पसारे थे. ये कंपनियां एड कराने के लिए खिलाड़ियों को खूब पैसा दे रहीं थीं. भारत में क्रिकेट जगत का लगभग हर बड़ा नाम इन कंपनियों से सीधे तौर पर जुड़ा था. सभी के पास अलग-अलग गेमिंग कंपनियों के साथ ब्रांड डील थीं. एक रिपोर्ट में दावा किया गा है कि इन गेमिंग एप्स पर बैन लगनेसे बीसीसीआई (BCCI) और खिलाड़ियों को हर साल 150-200 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.