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मंत्री राजेश अग्रवाल ने 25 वरिष्ठजनों को वितरित किए वस्त्र एवं फल, आत्मीय संवाद कर जाना कुशलक्षेम

रायपुर सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा, संवेदना और जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाते हुए अजीरमा, अंबिकापुर स्थित आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में वरिष्ठजनों के सम्मान एवं सेवा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग से अनुदान सहायता प्राप्त स्वसहायता समूह रॉबर्ट कानन बाला स्मृति सेवा संस्थान द्वारा वर्ष 1993 से संचालित इस वृद्धाश्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल तथा नगरपालिक निगम महापौर मती मंजूषा भगत ने 25 वरिष्ठजनों को वस्त्र एवं फल वितरित किए। वरिष्ठजनों से आत्मीय संवाद, जाना कुशलक्षेम कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठजनों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली। उन्होंने अपने हाथों से वरिष्ठजनों को वस्त्र एवं फल प्रदान किए तथा उनके साथ समय बिताकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे मार्गदर्शक और पथप्रदर्शक हैं। उनके जीवन का अनुभव, संघर्ष और जीवन मूल्य समाज तथा नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान, उनकी सेवा और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी मानवीय और नैतिक जिम्मेदारी भी है। सेवा संकल्प अभियान सेवा और संवेदना को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सेवा और संवेदना की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा जनभागीदारी के माध्यम से जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब उसमें अपनत्व और संवेदना जुड़ी हो। समाज के वरिष्ठजनों के साथ समय बिताना, उनकी आवश्यकताओं को समझना और उन्हें सम्मान देना भी सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है। ऐसे कार्यक्रम समाज में पारस्परिक सहयोग, सम्मान और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। वस्त्र एवं फल वितरण से बढ़ी आत्मीयता सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के लिए वस्त्र दान किया गया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठजनों को अपने हाथों से वस्त्र प्रदान करते हुए मन भावुक हो गया। उनके साथ कुछ पल बिताना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना आत्मीय अनुभव रहा। वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें फल भी वितरित किए गए। इस दौरान वृद्धाश्रम में मौजूद वरिष्ठजनों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी और उनके स्नेह ने पूरे वातावरण को भावनात्मक एवं आत्मीय बना दिया। सेवा कार्यों में जनभागीदारी का आह्वान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए। छोटे-छोटे सेवा कार्य भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी ला सकते हैं। उन्होंने युवाओं और सामाजिक संगठनों से भी वरिष्ठजनों, जरूरतमंदों और समाज के वंचित वर्गों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा, सहयोग और संवेदना की भावना को निरंतर मजबूत करने का संकल्प है। सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे अभियान व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकते हैं। आस्था निकुंज वृद्धाश्रम में लंबे समय से मिल रहा आश्रय और सहयोग अजीरमा स्थित आस्था निकुंज वृद्धाश्रम का संचालन रॉबर्ट कानन बाला स्मृति सेवा संस्थान द्वारा वर्ष 1993 से किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग से अनुदान सहायता प्राप्त इस संस्था के माध्यम से वरिष्ठजनों को आश्रय एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम ने वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, अपनत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत किया। इस अवसर पर कलेक्टर  अजीत वसंत, जिला पंचायत सीईओ मती रोमा वास्तव, उपसंचालक समाज कल्याण, आश्रम के प्रबंधक सहित जिले के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

जमुई समेत कई जिलों की घटनाओं के बाद एक्शन मोड में सरकार, बढ़ेगी पुलिस गश्त

पटना बिहार के जमुई, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कानून को चुनौती देने वाली वारदातों के बाद सिस्टम को टाइट किया जा रहा है। सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को प्रभावी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी एसपी से कहा है कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करें। शिथिल कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी पुलिस बल के वास्तविक लीडर के रूप में कार्य करें और अपने जिले की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी लें। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले के डीएम और एसपी के कामकाज का मूल्यांकन उनकी त्वरित प्रतिक्रिया, जनता से मिलने वाले फीडबैक और धरातल पर दिखने वाली सुरक्षा के आधार पर किया जाएगा। मुख्य सचिव ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक की और अपराध मुक्त समाज बनाने को लेकर कई सख्त निर्देश दिये। बैठक में राज्य के सभी डीएम व एसपी मौजूद थे। उन्होंने सभी से कहा कि प्रशासन के ‘इकबाल’ से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून हाल में कायम रहना चाहिए और बदलाव दिखने चाहिए। मुख्य सचिव ने सघन गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि अनुमंडल स्तर तक कड़ी निगरानी रखें। खराब प्रदर्शन करने वाले या गैर-गंभीर पुलिस अधिकारियों को उनके पदों से तुरंत हटायें व सख्त कार्रवाई करें। तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करें ताकि वे और मनोयोग से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी जिलों में करेंगे रात्रि विश्राम मुख्य सचिव ने पुलिस को हमेशा गतिशील और अलर्ट रहने को कहा है। निर्देश दिया कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए रणनीतिक स्थानों पर तुरंत चेकपोस्ट लगाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को जिलों के साथ टैग किया जाएगा। मुख्यालय के अधिकारी जिलों में जाकर विजिट करें व वहीं पर रात्रि विश्राम करेंगे। इससे जिलों के कानून व्यवस्था की सच्ची और असली तस्वीर अधिकारियों के सामनेन आएगी। पर्व-त्योहार में खास निगरानी मुख्य सचिव ने कहा है कि त्योहारों के सीजन में सभी डीएम और एसपी अतिरिक्त सतर्कता बरतें। सामाजिक सद्भाव या शांति भंग करने के उद्देश्य से फैलाई जाने वाली भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ‘रैपिड एक्शन पॉलिसी’ के तहत कार्य करे। फेक न्यूज को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने हालिया घटनाओं में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। जमुई कांड में दो सौ से अधिक सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी ने कहा है कि भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने की प्रदेश में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा जबलपुर के शहपुरा टोल प्लाजा पर वसूली स्थगित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी की पहल से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो रहा हैं। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  गडकरी को प्रदेश की प्रमुख परियोजनाओं और भविष्य के सड़क विस्तार योजनाओं की जानकारी भी दीं। सड़क परियोजनाओं को पूर्ण करने में न हो विलंब केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। हर प्रोजेक्ट का डिजाइन सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी तकनीकी मानकों के अनुरूप हों। ऐसे स्थानों पर जहाँ क्षेत्रीय निवासियों को हो रही कठिनाईयों के कारण, सड़क परियोजनाएं लम्बित हो रही है, वहां परस्पर संवाद और समन्वय से समाधान निकाला जाए। भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति के प्रकरणों में राज्य सरकार के अधिकारी केन्द्रीय मंत्रालयों से परस्पर सम्पर्क में रहें। किसी भी स्थिति में परियोजनाओं को पूर्ण करने में विलंब न हों। बैठक में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल उपस्थित थे। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की नागपुर, जबलपुर और रायपुर से सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर (उ.प्र.) से विशेष संबंध रहा है। अटल एक्सप्रेस-वे का निर्माण बटेश्वर तक किया जाएगा। उन्होंने सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत उज्जैन को जोड़ने वाले सभी मार्गों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री  गडकरी ने जबलपुर के शहपुरा आर.ओ.बी. के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित आवागमन के दृष्टिगत नागरिकों की परेशानी को देखते हुए शहपुरा टोल प्लाजा पर टोल वसूली स्थगित करने के निर्देश दिए। बैठक में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सड़क कनेक्टिविटी नागपुर, जबलपुर और रायपुर से बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।  गडकरी ने कहा कि बालाघाट जिले में बेहतर रोड नेटवर्क के लिए कार्य योजना बनाई जाए। केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारी रहे मौजूद बैठक में देवास जिले में सन्दलपुर से नसरूल्लागंज बायपास, उज्जैन झालाबड़ फोरलेन, सतना चित्रकूट फोरलेन, जबलपुर-लखनादौन-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लौनी-बुरहानपुर लिंक के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह सहित प्रदेश के वन और राजस्व विभाग तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे।  

रूस-भारत संवाद में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं पर मंथन

ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग आयोजित किया गया। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन और विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का व्यापक संगम प्रस्तुत किया। दोनों देशों की भागीदारी ने यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया। रूस-भारत : व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा यूपीआईटीएस-2026 में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रूस की ओर से भारत स्थित रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व के ट्रेड कमिश्नर आंद्रेई सोबोलेव और डिप्टी ट्रेड कमिश्नर डॉ. येवगेनी ग्रिवा समेत वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद के दौरान दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर रहा। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआईटीएस को उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को समझने और प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी तलाशने के अवसर के रूप में देखा। इस दौरान औद्योगिक तकनीक, गैस एवं संबंधित क्षेत्र, प्रयोगशाला और निदान समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा व्यावसायिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं सामने आईं। चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं रूस की प्रदर्शनी में विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को प्रमुखता दी गई। इसमें औद्योगिक तकनीक एवं गैस, प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक समाधान, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम तथा बिजनेस सर्विसेज से जुड़े उत्पाद एवं समाधान शामिल रहे। यूपीआईटीएस में इन क्षेत्रों की मौजूदगी ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर उपलब्ध कराया। रूस-भारत संवाद के माध्यम से तकनीक, उत्पादों और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ-साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। वियतनाम ने कारोबार के साथ दिखाई संस्कृति की विविधता यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी पहले दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए उसे व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान के समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया। वियतनाम के पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम के कारोबारी एवं औद्योगिक क्षेत्रों की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिला। ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भारत और वियतनाम के बीच पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण तथा अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ विभिन्न वियतनामी कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित अन्य प्रमुख कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे। फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक वियतनाम की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष उसका फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के माध्यम से देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को भी मंच दिया। इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। इससे यूपीआईटीएस में आने वाले आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ उसकी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला। वैश्विक कारोबार का केंद्र बन रहा यूपीआईटीएस रूस और वियतनाम की भागीदारी ने यूपीआईटीएस-2026 को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी से आगे बढ़ाकर व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद के अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया। एक ओर रूस के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर वियतनाम ने व्यापार को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ते हुए अपनी व्यापक आर्थिक क्षमता प्रदर्शित की। यूपीआईटीएस में साझेदार देशों के लिए तैयार किए गए विशेष कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ाना है। बी2बी बैठकें, बिजनेस डायलॉग, देश विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चाएं इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को कारोबारी परिणामों से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। इससे प्रदेश के एमएसएमई, निर्यातकों, स्टार्टअप, युवा उद्यमियों और बड़े उद्योगों को वैश्विक बाजारों में नए साझेदार और कारोबारी अवसर तलाशने का मंच मिल रहा है।

साइबर अपराध में 205 आरोपी गिरफ्तार, पंचकूला पुलिस ने 4.61 करोड़ रुपये लौटाए

 पंचकूला हरियाणा के पंचकूला जिले से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ की सीमाएं लगती हैं। अपराधी वारदात के बाद दूसरे राज्यों में भाग न पाएं, इसके लिए इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों पर और अधिक चौकसी बरती जाएगी। इसके साथ ही पंचकूला शहर में बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह निर्देश पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित जीओ मैस में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों एवं विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ने दिए हैं। बैठक में अपराध की स्थिति, लंबित मामलों, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, सीसीटीवी निगरानी, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, क्राइम यूनिटों की कार्रवाई तथा फील्ड पुलिसिंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। पुलिस कमिश्नर ने थाना स्तर पर विभिन्न प्रकार के मामलों की समीक्षा की और अपराध के आंकड़ों को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों, विशेषकर महिला विरुद्ध अपराधों पर विशेष ध्यान देने तथा मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस कमिश्नर द्वारा सभी थाना क्षेत्रों की सीसीटीवी कैमरा रिपोर्ट भी चैक की गई तथा थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साइबर अपराध में 205 आरोपित पकड़े बैठक में साइबर क्राइम के इस वर्ष के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। इस वर्ष अब तक साइबर अपराध के 103 मामले दर्ज हुए हैं तथा पुलिस द्वारा इस वर्ष 205 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुना आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4.61 करोड़ रुपये लोगों को के बचाए इस दौरान पुलिस द्वारा 7,94,19,086 (करीब 8 करोड) रुपये की राशि होल्ड करवाई गई है, जबकि 4,61,42,258 रुपये शिकायतकर्ताओं को वापस दिलवाए जा चुके हैं। शेष राशि भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं को वापस दिलवाई जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर जागरूकता पर अधिक जोर देने के निर्देश दिए। साथ ही आर्थिक अपराध शाखा की दोनों इकाइयों के आंकड़ों की समीक्षा की गई। पुलिस ने इस वर्ष आर्थिक अपराध से जुड़े 50 मामलों में कार्रवाई करते हुए 79 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को मामलों की प्रभावी जांच करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के आदेश दिए। 1 करोड़ 25 लाख का सामान बरामद सितंबर में क्राइम टीमों ने इस माह अब तक चोरी, स्नैचिंग, वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, सेंधमारी जैसी आपराधिक वारदातों के 27 मामलों को सुलझाते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, अवैध शराब, चोरी किए गए 18 दुपहिया वाहन, 2 कार तथा अन्य सामान बरामद किया है।बरामद सामान की कुल कीमत 1 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक है। इस दौरान पुलिस ने 4 देशी कट्टे, 1 पिस्टल और 8 कारतूस भी बरामद किए हैं। बुजुर्गों की मदद के लिए तैयार रहे पुलिस पुलिस कमिश्नर ने अकेले रह रहे बुजुर्गों के सत्यापन के बाद पुलिस टीमों को निर्देश दिए कि सत्यापन तक ही सीमित न रहें, बल्कि अब नियमित रूप से ऐसे बुजुर्गों से मिलें, उनसे संवाद करें और जरूरत के समय उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के साथ निरंतर संपर्क और सहयोग भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपराधिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस कमिश्नर ने इंटर स्टेट बॉर्डर नाकों पर और अधिक चौकसी बरतने के आदेश दिए। बॉर्डर नाकों पर बैरिकेडिंग समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरणों को जोड़ा गया है, जिनकी पुलिस कमिश्नर द्वारा स्वयं जांच भी की गई। उन्होंने अधिकारियों को बॉर्डर क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैठक में डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह, सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज, क्राइम यूनिटों के प्रभारी, दोनों ट्रैफिक थाना प्रभारी तथा विभिन्न महत्वपूर्ण शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।

पीडीएस के तहत सितंबर माह के खाद्यान्न का भंडारण पूर्ण, वितरण जारी

पीडीएस के तहत सितंबर माह के खाद्यान्न का भंडारण पूर्ण, वितरण जारी 24 सितंबर तक लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों ने लगभग 19.58 लाख  क्विंटल चावल का किया उठाव रायपुर,  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य में सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह के लिए खाद्यान्न का आबंटन 14,186 उचित मूल्य दुकानों को जारी किया गया है। सितंबर माह के लिए आबंटित खाद्यान्न का सभी उचित मूल्य दुकानों में भंडारण पूर्ण हो चुका है तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है। 24 सितंबर 2026 तक राज्य में लगभग 60 लाख राशनकार्डधारियों द्वारा सितंबर माह के खाद्यान्न का उठाव किया जा चुका है। इस दौरान कुल 19 लाख 57 हजार 880 क्विंटल चावल का उठाव हुआ है। शेष राशनकार्डधारियों को भी निर्धारित पात्रता के अनुसार खाद्यान्न का वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण का कार्य प्रचलित है। राज्य शासन द्वारा खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी और मानिटरिंग की जा रही है, ताकि पात्र राशनकार्डधारियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जा सके। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुचारू संचालन तथा राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नर्सिंग विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम जारी होने पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का जताया आभार

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल का कटनी ज़िले के अल्प प्रवास में जिले के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भेंट कर आत्मीय स्वागत किया तथा नर्सिंग विद्यार्थियों के लंबित परीक्षा परिणाम जारी कराने की पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जिले के एमजीएम कॉलेज/स्कूल नर्सिंग कॉलेज,  साईनाथ कॉलेज एवं विजडम नर्सिंग कॉलेज, कटनी के पदाधिकारियों सहित नर्सिंग कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित होने से उनकी आगे की पढ़ाई एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में सुविधा मिलेगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर, शहर के उद्योगपति  मनीष गेई एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

भू-अर्जन मुआवजे का ऑनलाइन भुगतान बना किसानों के लिए बड़ी सहूलियत

भू-अर्जन मुआवजे का ऑनलाइन भुगतान बना किसानों के लिए बड़ी सहूलियत एक साल में 901 किसानों के खातों में डीबीटी से पहुंचे 30.34 करोड़ रुपये चेक और बैंक के चक्कर से मिली राहत, मुआवजा, पुनर्वास और बोनस की राशि सीधे खाते में रायपुर,  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए शासकीय सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लगातार सरल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में रायगढ़ जिले में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित करने की व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी सहूलियत साबित हो रही है। बीते एक वर्ष में रायगढ़ अनुविभाग के 901 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये अंतरित किए जा चुके हैं।  रायगढ़ अनुविभाग में 26 सितम्बर 2025 से भू-अर्जन से संबंधित भुगतान ऑनलाइन करने की व्यवस्था लागू की गई। इसके बाद किसानों को चेक जारी करने के स्थान पर स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। 21 सितम्बर 2026 तक इस व्यवस्था के माध्यम से 901 किसानों को 30 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भू-अर्जन मुआवजे के रूप में 391 किसानों के खातों में 20 करोड़ 67 लाख 53 हजार 163 रुपये अंतरित किए गए हैं। इसी तरह पुनर्वास एवं बोनस के तहत 510 किसानों को 9 करोड़ 67 लाख 24 हजार 739 रुपये का भुगतान किया गया है। इस प्रकार दोनों मदों में कुल 901 किसानों को 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुए हैं। चेक से सीधे खाते तक, आसान हुई भुगतान प्रक्रिया पूर्व में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था। चेक प्राप्त करने के बाद किसानों को उसे बैंक में जमा कराने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ता था। कई बार इसके लिए कार्यालय और बैंक के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को इस प्रक्रिया से राहत मिली है। अब स्वीकृत मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंच रही है। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हुई है। किसानों ने कहा—बिना परेशानी सीधे खाते में मिल रही राशि ग्राम कोतासुरा के किसान श्री टंकधर मालाकार ने बताया कि भू-अर्जन मुआवजा वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए काफी सुविधाजनक है। पहले की तुलना में अब मुआवजा राशि आसानी से प्राप्त हो रही है। ग्राम दनौट की श्रीमती चम्पाबाई अगरिया ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से किसानों को काफी लाभ मिला है। अब बिना किसी परेशानी के मुआवजे की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। ग्राम मुरालीपाली के श्री हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि पहले भू-अर्जन की राशि प्राप्त करने के लिए चेक मिलने के बाद बैंक जाना पड़ता था। अब मुआवजा एवं पुनर्वास की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो रही है, जिससे किसानों को काफी सुविधा मिली है। भू-अर्जन मुआवजे की ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था ने किसानों के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है। डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से एक ओर किसानों को कार्यालय और बैंक के अनावश्यक चक्कर से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर 2023 में हुई थी शुरुआत, चौथे संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शक

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो चार साल में 60 से 90 देशों तक पहुंच गया है। पहले संस्करण में 1,914 प्रदर्शक आए थे, इस बार संख्या 2,400 के पार है। 90 देशों के 600 से अधिक विदेशी खरीदार भी इसमें शामिल हो रहे हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है।   चार साल के आंकड़े ट्रेड शो के बढ़ते दायरे की तस्वीर भी साफ करते हैं। वर्ष 2024 के दूसरे संस्करण में प्रदर्शकों, बी2बी विजिटर्स और विदेशी खरीदारों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2025 में 2,228 प्रदर्शकों के साथ 85 देशों के खरीदार आए। कुल 5.07 लाख से अधिक लोगों ने ट्रेड शो देखा, इनमें 1.40 लाख से ज्यादा बी2बी विजिटर्स थे। इस बार 4.5 लाख से अधिक सामान्य विजिटर्स के आने का अनुमान है।   छह देशों के विशेष पवेलियन इस बार ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम को पार्टनर देशों के रूप में जोड़ा गया है। इनके विशेष पवेलियन भी बनाए गए हैं। यहां प्रदेश के कारोबारी विदेशी कंपनियों और खरीदारों से सीधे बात कर सकेंगे। कारोबार के साथ तकनीकी सहयोग और संयुक्त उद्यम पर भी बातचीत होगी।   1,882 करोड़ के एमओयू, 11,200 करोड़ की इन्क्वायरी पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि ट्रेड शो अब सिर्फ उत्पाद दिखाने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में यहां 1,882 करोड़ रुपये के 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी भी मिली थी। ओडीओपी पवेलियन में लगे 466 स्टॉल से 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस लीड और डील सामने आई थीं।   एक करोड़ से अधिक एमएसएमई को मिल रहा बाजार उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। प्रदेश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। ट्रेड शो में इन छोटे और मध्यम उद्यमों को देश-विदेश के खरीदारों के सामने अपने उत्पाद रखने का मौका मिल रहा है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के ब्रासवेयर समेत अलग-अलग जिलों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां पहुंचे हैं।   80 हजार करोड़ से करीब दो लाख करोड़ पहुंचा निर्यात प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017 में करीब 80 हजार करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक करीब दो लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अब एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025-30 में वस्तु एवं सेवा निर्यात को वित्त वर्ष 2024 के 21 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों पर खास जोर है। सभी जिलों को निर्यात से जोड़ने की भी तैयारी है।   निर्यात बढ़ाने की यह कवायद प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का भी हिस्सा है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ यूपी में बने उत्पादों के लिए देश और विदेश में नए बाजार तैयार करने पर जोर है।   हस्तशिल्प के साथ एआई और ईवी भी ट्रेड शो में यूपी के उद्योगों का बदलता चेहरा भी नजर आ रहा है। हस्तशिल्प, हैंडलूम और परंपरागत उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रेड और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उत्पाद भी यहां हैं। एक तरफ भदोही का कालीन और मुरादाबाद का ब्रासवेयर है तो दूसरी तरफ एआई, ईवी और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग। चार साल में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दायरा इसी तरह परंपरागत हुनर से नई तकनीक तक फैल गया है।

नई दिल्ली के 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह में मध्यप्रदेश ने प्रस्तुत की संधारणीय जल प्रबंधन की अनुकरणीय रूपरेखा

भोपाल  अपर मुख्य सचिवनगरीय विकास एवं आवास  संजय दुबे ने कहा है कि जल केवल एक साधारण प्राकृतिक संसाधन नहीं, अपितु एक रणनीतिक परिसंपत्ति है, जो राज्य की आर्थिक संवृद्धि, नगरीय सहनशीलता, पर्यावरण संधारणीयता और दीर्घकालिक विकास आयोजना की मूल धुरी है। अपर मुख्य सचिव  दुबे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 9वें 'भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह' में "जल को राष्ट्रीय परिसंपत्ति के रूप में पुनर्परिभाषित करना" विषय पर आयोजित उच्चस्तरीय परिचर्चा में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भावी जल सुरक्षा और समर्थ शहरों के निर्माण के लिए नवोन्मेषी वित्तीय तंत्रों, टिकाऊ अधोसंरचना विकास तथा एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन को अंगीकार करना समय की मांग है। नगरीय विकास और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संतुलन अपर मुख्य सचिव  दुबे ने राज्य की दूरदर्शी जल प्रबंधन नीतियों को रेखांकित करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश शासन संधारणीय अधोसंरचना, नवीन वित्तीय प्रबंधन और उत्तरदायी जल संरक्षण को एक साथ एकीकृत कर रहा है। उन्होंने इंदौर में नर्मदा नदी प्रणाली से संबद्ध जल अधोसंरचना के लिए जारी किए गए देश के सफल 'ग्रीन बॉन्ड' का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर का यह नवाचार यह सिद्ध करता है कि किस प्रकार नगरीय विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ गति दी जा सकती है। 'नमामि नर्मदे' मिशन और दीर्घकालिक जल सुरक्षा अपर मुख्य सचिव  दुबे ने कहा कि 'नमामि नर्मदे' मिशन नदियों के पुनरुद्धार, पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति मध्यप्रदेश की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह मिशन राज्य के उस व्यापक दृष्टिकोण के अनुकूल है, जिसके तहत आर्थिक प्रगति को प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन और संरक्षण का संबल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बल दिया कि 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए मध्यप्रदेश समावेशी विकास, सुदृढ़ नगरीकरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिये जल सुरक्षा को निरंतर सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। 'इंडिया वाटर डाइजेस्ट' पॉलिसी ब्रीफ का विमोचन सत्र में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) तथा एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई नीतिगत रिपोर्ट "इंडिया वाटर डाइजेस्ट: स्केलिंग इन्वेस्टमेंट फॉर ए वाटर-सिक्योर इंडिया" का विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट जल क्षेत्र में पूंजीगत निवेश को बढ़ाने तथा भारत की विकास यात्रा में जल सुरक्षा को एक अनिवार्य आर्थिक स्तंभ के रूप में स्थापित करने पर बल देती है। इस अवसर पर देश-विदेश के नीति निर्माता, विकास संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं जल क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ उपस्थित थे।