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महिला संबंधी अपराधों की जांच को बेहतर बनाने प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

भोपाल  महिला सुरक्षा शाखा पुलिस मुख्यालय द्वारा आज नवीन पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में “महिला अपराधों की विवेचना में सुधार” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला एवं बाल अपराधों की विवेचना को ओर अधिक प्रभावी, त्रुटिरहित एवं तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ बनाना था। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा), उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा), महिला थाना प्रभारी तथा उप निरीक्षक स्तर के विवेचक सहित कुल 62 पुलिस अधिकारी प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यशाला का शुभारंभ विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) श्री अनिल कुमार द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचना के दौरान दोनों पक्षों को सुनते हुए समस्त साक्ष्यों का समुचित संकलन एवं विश्लेषण किया जाए तथा पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने पर ही अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने विवेचकों को निर्देशित किया कि वे अपने पुराने प्रकरणों के निर्णयों का गंभीरता से अध्ययन करें और उनमें हुई त्रुटियों से सीख लेकर भविष्य की विवेचनाओं में सुधार करें। उन्होंने महिला थानों में आने वाली पीड़िताओं एवं शिकायतकर्ताओं की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई पर विशेष बल दिया। साथ ही दोषमुक्ति की दर कम करने, प्रभावी साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करने तथा पुलिस, अभियोजन एवं अन्य सहयोगी इकाइयों के मध्य बेहतर समन्वय और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रतिभागियों से विस्तृत चर्चा की। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए गए। बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में आयु निर्धारण विषय पर श्रीमती किरणलता केरकेट्टा, उप पुलिस महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा); पॉक्सो एक्ट पर सुश्री मनीषा पटेल, एडीपीओ (पुलिस आयुक्त कार्यालय भोपाल); डीएनए सैम्पल के प्रकार एवं सैम्पलिंग के दौरान सावधानियों पर डॉ. ए.के. सिंह, फोरेंसिक विशेषज्ञ; यौन उत्पीड़न के मामलों में साइबर की भूमिका पर श्री प्रणय नागवंशी, एसपी (सायबर); तथा विवेचना को सुदृढ़ बनाने की प्रक्रिया पर सुश्री प्रियंका उपाध्याय, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला अभियोजन संचालनालय भोपाल एवं सुश्री अर्चना तिवारी, उप निरीक्षक, नगरीय भोपाल द्वारा जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को पॉक्सो एक्ट के महत्वपूर्ण प्रावधान, साक्षी संरक्षण योजना, पीड़िता की पहचान के प्रकटीकरण पर रोक तथा पीड़िता के अधिकारों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही डीएनए प्रोफाइलिंग, डीएनए फिंगरप्रिंट, सैम्पलिंग की वैज्ञानिक प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्य एवं साइबर फोरेंसिक के उपयोग, यौन उत्पीड़न मामलों में शिकायत की प्रक्रिया तथा विवेचना को सुदृढ़ बनाने और त्रुटियों से बचने के उपायों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।  

सीमा-सचिन बने छठी बार माता-पिता, घर में आई खुशियों की बहार

रबूपुरा रबूपुरा में रह रही पाकिस्तान से आई महिला सीमा हैदर ने मंगलवार को दूसरे बच्चे को जन्म दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में सीमा ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सीमा हैदर और सचिन के घर फिर गूंजी किलकारी, छठे बच्चे को दिया जन्म ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में रह रही पाकिस्तान से आई महिला सीमा हैदर छठी बार मां बनी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में सीमा ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद रबूपुरा पहुंचने पर सचिन के परिजनों ने बेटे के जन्म की खुशी में मिठाई बांटी। पिछले साल सीमा ने बेटी को जन्म दिया था। जोकि करीब ग्यारह महीने की हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की रहने वाली सीमा हैदर पबजी गेम खेलने के दौरान कस्बा रबूपुरा के रहने वाले सचिन मीणा के संपर्क में आई थी। उसके बाद दोनों में प्यार हो गया और तीन साल पहले सीमा अपने चार बच्चों को लेकर नेपाल के रास्ते भारत आ गए। वह रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही थी। इसका खुलासा होने पर सीमा हैदर के साथ सचिन मीणा व उसके पिता को भी जेल जाना पड़ा था। मामला महीनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा था। पिछले साल 18 मार्च को सीमा ने सचिन मीणा की बेटी को जन्म दिया था। इसके करीब ग्यारह माह बाद अब उसके बेटा पैदा हुआ है। हालांकि सचिन मीणा और उसके परिजनों ने इस संबंध में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। यूट्यूब पर हैं दो मिलियन सब्सक्राइबर सीमा और सचिन मीणा सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। दोनों यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ब्लॉग व तरह तरह की वीडियो बनाकर डालते रहते हैं। दोनों के यूट्यूब चैनल पर दो मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वहीं उनके इंस्टाग्राम पर भी फॉलोवर की संख्या एक मिलियन है।

योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक : रूपनारायण सिन्हा

रायपुर. छत्तीसगढ़ योग आयोग एवं  रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय शिक्षक एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ योग भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परंपरा है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने गहन शोध एवं अनुभव के आधार पर विकसित किया है। जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के स्वाभाविक व्यवहार का अध्ययन कर विभिन्न योग आसनों की रचना की गई, जो आज भी मानव जीवन को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।यह बात छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष  रूपनारायण सिन्हा ने कही। वे  रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी रायपुर में आयोग एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्ष  सिन्हा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नियमित योगाभ्यास अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है, जिसे योग के माध्यम से सहज रूप में प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रसेवा एवं राष्ट्रप्रेम को जीवन का सर्वोच्च आदर्श बताते हुए भावी शिक्षकों से स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शाल एवं पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात भारतीय परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। उक्त सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र संकाय अंतर्गत संचालित बी.एड. तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत 289 विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों को योग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें विद्यालय स्तर पर योग शिक्षण हेतु सक्षम बनाना है। इस अवसर पर आर्य समाज बैजनाथपारा रायपुर के प्राचार्य  योगीराज साहू, प्रति-कुलाधिपति प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य, कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, लेखा अधिकारी  गौरव देवांगन, परिवीक्षा अधिकारी  रविकांत कुंभकार, अधिष्ठाता शिक्षा संकाय प्रो. अभिषेक वास्तव, डॉ. ज्योति साहू सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

राज्यपाल के अपर सचिव भार्गव का विदाई समारोह सम्पन्न

भोपाल राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने राज्यपाल के स्थानांतरित अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव को विदाई दी। इस अवसर पर राज्यपाल की ओर से प्रमुख सचिव ने  भार्गव को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। विदाई समारोह लोकभवन में मंगलवार को आयोजित किया गया था। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने  भार्गव के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलने के लिए बधाई दी। उन्होंने  भार्गव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने आशा जताई कि लोकभवन के साथ  भार्गव का सम्पर्क और संवाद निरंतर बना रहेगा। राज्यपाल के स्थानांतरित अपर सचिव  भार्गव ने लोकभवन में बिताए गए समय को अपने प्रशासनिक जीवन का महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय अध्याय बताया। लोकभवन परिवार के सहयोग, पारस्परिक विश्वास एवं टीम भावना के कारण ही वे अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सके। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार माना। विदाई कार्यक्रम में लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने  भार्गव के कार्यकाल को अत्यंत प्रभावी, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताया। वक्ताओं ने कहा कि  भार्गव ने अपने दायित्वों का निर्वहन उच्च प्रशासनिक दक्षता, समन्वय क्षमता एवं संवेदनशील कार्यशैली के साथ किया। उन्होंने लोकभवन में विभिन्न महत्त्वपूर्ण आयोजनों एवं संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। सभी ने  भार्गव के सौम्य व्यक्तित्व, सरल व्यवहार एवं निर्णय क्षमता की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि  भार्गव ने सदैव कार्य के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जो सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका सम्मान कर उन्हें गरिमामय एवं भावभीनी विदाई दी। विदाई समारोह का संचालन आई.टी. प्रमुख  जितेन्द्र पाराशर ने किया। आभार प्रदर्शन नियंत्रक हाउस होल्ड मती शिल्पी दिवाकर ने किया। इस अवसर पर लोकभवन के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

हरदा के डायल-112 हीरोज: सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना

भोपाल. डायल-112 केवल आपात सेवा नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय, साहस और मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त प्रतीक है। हरदा जिले में भूसे से भरे ट्रक में लगी आग पर डायल-112 जवानों की सूझबूझ और तत्काल कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। दिनांक 16 फरवरी 2026 को रात्रि 2:18 बजे हरदा जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत टिमरनी रोड स्थित गिरिराज वेयर हाउस के पास खड़े भूसे से भरे एक ट्रक में आग लगने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक 400 संदीप कुजूर एवं पायलट मोहित ने देखा कि ट्रक में रखे भूसे के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए एफआरव्ही वाहन में उपलब्ध अग्निशमन यंत्र का उपयोग किया तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से आग पर प्रभावी नियंत्रण पाया। इस साहसिक कार्रवाई के दौरान आग बुझाते समय आरक्षक संदीप कुजूर का पैर आग की लपटों से झुलस गया, किंतु उन्होंने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए जन-सुरक्षा सुनिश्चित की। डायल-112 जवानों की त्वरित और साहसिक कार्यवाही से बड़ा हादसा टल गया। डायल-112 हीरोज द्वारा विषम परिस्थितियों में प्रदर्शित यह साहस और समर्पण पुलिस की जन-सेवा भावना को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करता है।  

मजदूर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का संकल्प, मंत्री पटेल का बड़ा बयान

मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक हुई भोपाल मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64वीं बैठक में श्रमिकों के बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को केंद्र में रखते हुए मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन देने और प्रारंभिक स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग की व्यवस्था विकसित करने पर प्राथमिकता दी गई। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मंडल की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को इन अवसरों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में मंडल का आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट माननीय सदस्यों द्वारा चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन, कल्याण आयुक्त संजय कुमार एवं श्रमिकों एवं नियोजकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना शासन की जिम्मेदारी है। वेतनमान से जुड़े मामलों में देरी कार्यकुशलता को प्रभावित करती है, इसलिए सभी लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सामाजिक सुरक्षा अंशदान जमा न करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति, खेल एवं कौशल विकास गतिविधियों तथा नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने बताया कि श्रम कल्याण बोर्ड में संपूर्ण कंप्यूटरीकरण एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा नवीन श्रम संहिताओं पर संभागीय स्तर की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें से एक भोपाल में संपन्न हो चुकी है। इन संहिताओं के आधार पर राज्य में श्रम कानूनों में संशोधन किए जा रहे हैं। सिलाई केंद्रों का पुनः संचालन, 17 केंद्र सक्रिय बैठक में बताया गया कि चचाई और इंदौर में सिलाई केंद्रों को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। वर्तमान में 27 श्रम कल्याण केंद्रों में से 17 में सिलाई-कढ़ाई केंद्र संचालित हो रहे हैं। कौशल विकास विभाग द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का परीक्षण कराया गया है। मंडल के अंतर्गत संचालित श्रम कल्याण केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण, राष्ट्रीय पर्व, विश्वकर्मा जयंती जैसे आयोजन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। श्रमिकों के लिए कंप्यूटर केंद्र भी संचालित हैं। खेलों को बढ़ावा, समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक में खेल प्रतियोगिताओं की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि खेलों के माध्यम से श्रमिकों का सर्वांगीण विकास संभव है। साथ ही नियमित कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के एरियर भुगतान को शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही गई। भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई। अंत में सभी सदस्यों ने श्रमिक एवं कर्मचारी हितों को सर्वोपरि रखते हुए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।  

‘एमपी पेवेलियन’ में एआई गवर्नेंस मॉडल ने खींचा सबका ध्यान

भोपाल  इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट–2026 ‘सशक्त भारत के लिए एआई आधारित सुशासन’ के विजन पर आधारित मध्यप्रदेश के 14 प्रमुख स्टार्ट-अप और विभिन्न शासकीय विभागों के नवाचारों के प्रदर्शन से नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट–2026’ में ‘एमपी पेवेलियन’ विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पेवेलियन में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक स्वचालन, डिजिटल हेल्थ केयर, संचार प्रशिक्षण और रोबोटिक्स जैसे विविध क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग की सशक्त झलक प्रस्तुत की गई है। स्टार्ट-अप श्रेणी में नोवोसएज (एग्रीदूत)ने एआई, एमएल, आईओटी और जीआईएस आधारित प्रिसीजन फार्मिंग प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किया, जो किसानों को रीयल-टाइम खेत-स्तरीय जानकारी, फसल रोग पूर्वानुमान और उपग्रह आधारित विश्लेषण उपलब्ध कराता है और 15 से अधिक एफपीओ और 15,000 से अधिक किसानों को सेवा दे रहा है। नुआइग ने हेल्थ टेक और वृद्धजन देखभाल के लिए एआई एजेंट, प्रिडिक्टिव केयर इंजन और डॉक्टर–रोगी संवाद के स्वचालित सारांश जैसे समाधान प्रस्तुत किए। क्वासी इंटेलिजेंस ने ‘क्वासी विज़न प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से चौबीस घंटे औद्योगिक सुरक्षा निगरानी, उत्पादन ट्रैकिंग और वेयरहाउस विश्लेषण की सुविधा प्रदर्शित की, जबकि ग्रेडिन डॉट एआई ने प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस तकनीक से उद्योगों की परिचालन लागत में 15–20 प्रतिशत तक कमी की संभावनाएं दर्शाईं। आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर) ने हाई-फिडेलिटी पेशेंट सिम्युलेटर, पोर्टेबल टेस्ट किट और एआई डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल हेल्थ केयर नवाचार प्रस्तुत किए। कॉमोनिफाई (कॉमन स्कूल) ने एआई-आधारित इमर्सिव कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इंटरव्यू, मीटिंग और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए रीयल-टाइम फीडबैक आधारित समाधान प्रदर्शित किया। आरएसईएनएल एआई फिल्म्स ने जनरेटिव एआई आधारित सिनेमैटिक स्टोरीटेलिंग मॉडल प्रस्तुत किया, जो कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल निर्माण को संभव बनाता है। यंगोवेटर ने रोबोटिक्स एवं स्टेम शिक्षा के लिए ह्यूमनॉइड और थ्रीडी प्रिंटेड रोबोट सहित इंटरैक्टिव लैब प्रदर्शित की, जिसने अब तक 25,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है। जैंगोह (न्यूज़ेरा टेक लैब्स) ने सॉवरेन एआई आधारित समाधान जैसे भीड़ विश्लेषण, बहुभाषीय अनुवाद और सरकारी योजना सहायता प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किए। आस्कगैलोर ने थ्रीडी एआई डिजिटल ह्यूमन असिस्टेंट प्रदर्शित किए जो बहुभाषीय और संदर्भ-संवेदनशील संवाद में सक्षम हैं। रिमोट फिज़ियोस ने आईओटी और एआई आधारित टेली-रिहैबिलिटेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे विशेषज्ञ निगरानी में उपचार की सुविधा दिखाई। ट्रायोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ ने एआई-सक्षम एक्सआर इनडोर नेविगेशन सिस्टम का प्रदर्शन किया जो जटिल परिसरों में जीपीएस रहित मार्गदर्शन प्रदान करता है। प्लांटिक्स ने एआई आधारित डिजिटल क्रॉप इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया, जो 800 से अधिक फसल रोगों का उच्च सटीकता से निदान कर 22 मिलियन किसानों को सशक्त बना रहा है। समिट में मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों ने भी एआई-सक्षम शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने डिजिटल पर्यटन प्रचार उपकरणों का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने तपेदिक जोखिम पूर्वानुमान ‘पाटो’, एआई आधारित जांच एवं ‘सुमन सखी’ जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधान प्रदर्शित किए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (मनरेगा) ने एआई आधारित जिला प्रदर्शन प्रणाली प्रस्तुत की, जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने ‘एमपी अर्बन लॉकर’ सहित शहरी शासन से जुड़े डिजिटल नवाचारों का प्रदर्शन किया। एमपी पेवेलियन राज्य की तकनीकी प्रगति, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और एआई-सक्षम सुशासन की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है।  

केला निर्यात में फ्रूट केयर और पैक हाउस अपनाने से बढ़ेगा निर्यात

भोपाल  कृषक कल्याण वर्ष-2026 जिले को केले के एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कृषि उन्नयन संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विशेषज्ञों, निर्यातकों और प्रगतिशील किसानों सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रेक्षक सम्मिलित हुए, जहाँ जिले के केले को वैश्विक मानकों पर खरा उतारने के लिए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय केला विशेषज्ञ  के. बी. पाटिल ने किसानों को कहा कि जिस प्रकार बच्चों को संभाला जाता है, उसी प्रकार पैकिंग के दौरान केले की फ्रूट केयर जरूरी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अब स्पॉटलेस और फ्रेश केले की मांग है। केला निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक फ्रूट केयर और वैज्ञानिक पैकेजिंग पर ध्यान देना ज़रूरी हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात और प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। क्योंकि पहले केला आंखों से देखा जाता है, इसके बाद खाया जाता है। क्योंकि अब वह ज़माना गया जब फल विक्रेता केलों को यह कहकर बेचते थे कि ले जाइए साहब छींटे वाला केला है, परतु वास्तविक में यह पकने की नहीं बल्कि सड़न की प्रक्रिया की शुरूआत होती है।  पाटिल ने कहा कि पैक हाउस के महत्व को बताते हुए कहा कि केले की पैकिंग खेतों के बजाय पैक्स हाउस में की जानी चाहिए जिससे वे लंबे समय तक ताजे रहें। उन्होंने कहा कि कृषकों एवं उद्योग के दृष्टिकोण से केले के उत्पादन संबंधी चुनौतियों,संभावनाओं एवं उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। जिले में लगभग 3,600 हेक्टेयर में केले की खेती हो रही है, जिसकी उत्पादकता 850 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यहाँ के किसानो ने क्लाइमेट चेंज को मात देने वाले मॉडल्स अपनाए हैं। किसानों को टिश्यू कल्चर के लाभों और उद्योग की चुनौतियों को समझते हुए चहुमुखी प्रयास करने होंगे। केला निर्यात विशेषज्ञ  अमोल महाजन ने बताया कि भारत दुनिया का 26 प्रतिशत केला उत्पादित करता है, लेकिन निर्यात के मामले में हम अभी 9वें स्थान पर हैं। भौगोलिक स्थिति के आधार पर फिलीपींस और इक्वाडोर जैसे देशों की तुलना में भारत से मिडिल ईस्ट देशों तक माल पहुँचाना आसान और कम समय लेने वाला है। निर्यात के क्षेत्र में एक बहुत अच्छा अवसर है। निर्यात एवं व्यापार में नए अवसर के लिये पैक हाउस,कोल्ड स्टोरेज, फ्रूट सर्विस, ट्रांसपोर्ट, वेंडर एवं मटेरियल सप्लाई के लिये प्रयास किए जाए तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही, पैकिंग कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मिर्च एक्सपोर्ट की जानकारी खरगोन के  अभिषेक पाटीदार ने दी। उन्होंने मार्केट चेन, कृषि लागत ,जैविक एवं प्राकृतिक खेती के सम्बन्ध में भी अपनी विचार साझा किए। कृषि संवाद कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को कृषि के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया गया। इस क्रम में जैन इरीगेशन जलगांव के अंतर्राष्ट्रीय केला विशेषज्ञ  केबी पाटिल, एग्रोनॉमिस्ट  अजहर जैदी, जैन कृषि तीर्थ जलगांव के डॉ. सुधीर भोंगले द्वारा टिश्यू कल्चर तकनीक पर, मुंबई एवं बुरहानपुर के केला एक्सपोर्टर  अमोल महाजन द्वारा केला एक्सपोर्ट, खरगोन के  अभिषेक पाटीदार, वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र सिंह, रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. व्हायके जैन, अवार्ड टू बनाना फॉर्मर ऑफ इंडिया  संतोष लछेटा द्वारा केला उत्पादन तकनीक एवं जिले के प्रगतिशील किसान  भरत पाटीदार,  बलराम जाट एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन विभाग द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत बीजों की प्रदर्शनी लगाई गई। पात्र किसानों को कृषि उपकरणों के लिये अनुदान सहायता राशि के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद  गजेन्द्र सिंह पटेल,जिला पंचायत अध्यक्ष  बलवंत सिंह पटेल ,पूर्व कैबिनेट मंत्री  प्रेम सिंह पटेल, कलेक्टर मती जयति सिंह सहित अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की उपस्थिति में किसानों को आधुनिक खेती और वैश्विक बाजार से जुड़ने की रणनीतियां बताई गई।  

प्यार का दिखावा, फिर हत्या की साजिश: गर्भवती पत्नी का गला घोंटने वाला CA गिरफ्तार

गुरुग्राम हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। पत्नी 5 महीने की गर्भवती भी थी। सामने आई जानकारी के मुताबित पति ने सोझी समझी साजिश के तहत इस खौफनाक कांड को अंजाम दिया। पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। दोनों की शादी कुछ महीने पहले सितंबर 2025 में हुई थी। पति पत्नी वैलेंटाइन डे मनाने के बाद हिसार से वापस गुरुग्राम लौट रहे थे, तभी पति ने झज्जर के बादली थाना क्षेत्र के पासौर गांव के पास पत्नी की धार दार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों की पहचान 27 साल की महक और अंशुल धवन के तौर पर हुई है। पुलिस को खुद किया फोन झज्जर पुलिस ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन किया और मामले को लूट की वारदात के रूप में पेश करने की कोशिश की। हालांकि, जब बादली पुलिस उसे अपराध स्थल पर ले गई, तो वह घटनाक्रम और हमलावरों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अंशुल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। महक के पिता कृष्ण कथूरिया, जो हांसी में सब्जी की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी सितंबर 2025 में हुई थी। उन्होंने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो महक का शव खेतों में पड़ा था और उसकी गर्दन पर चोट के गहरे निशान थे। पिता ने आरोप लगाया कि अंशुल ने पहले महक का गला घोंटा फिर धार दार हथियार से वार किया। पुलिस ने बताया कि रास्ते में दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को भी गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि किसी ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत FIR) दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

विगत पांच दिनों में त्वरित पुलिस कार्यवाही से चार अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों को मिला जीवनदान

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत 5 दिनों के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में घटित चार गंभीर घटनाओं में तत्परता, साहस एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समय पर राहत एवं बचाव कार्य कर तीन नागरिकों को सुरक्षित बचाया। इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया एवं समर्पित सेवा भावना के चलते संभावित बड़े हादसों को टालते हुए पीड़ितों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। थाना सनावद जिला खरगौन दिनांक 16 फरवरी को थाना सनावद क्षेत्र में भ्रमण के दौरान प्रधान आरक्षक श्री गंभीर मीणा एवं आरक्षक श्रीकृष्ण बिरला ने ढकलगांव रोड के समीप एक व्यक्ति को मोटर साइकिल से अचेत अवस्था में सड़क पर गिरा हुआ देखा, जिसके पास एक महिला घबराई हुई स्थिति में खड़ी थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाई। आरक्षक श्रीकृष्ण बिरला द्वारा तत्काल व्यक्ति को सीपीआर प्रदान किया गया, वहीं प्रधान आरक्षक श्री गंभीर मीणा द्वारा तुरंत डायल-112 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क कर मौके पर बुलाया गया। पुलिस द्वारा समय रहते दिए गए CPR जैसी जीवनरक्षक तकनीक का उपयोग करते हुए जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए। कुछ ही मिनटों की सतर्कता और निरंतर प्रयासों से युवक की धड़कनें सामान्य हुईं। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। राजगढ़- थाना लीमा चौहान दिनांक 14 फरवरी 2026 को ग्राम निपानिया में प्रधानमंत्री रोजगार सड़क निर्माण योजना अंतर्गत नाली निर्माण कार्य के दौरान साइड की कच्ची दीवार की मिट्टी अचानक धंसने से दो मजदूर मिट्टी में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना लीमा चौहान पुलिस द्वारा तत्काल पुलिस बल एवं दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचकर बिना विलंब रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाला गया। इस दौरान कार्यवाहक आरक्षक 226 श्री अमितेंद्र रघुवंशी एवं कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 659 श्री दिवाकर वर्मा द्वारा मौके पर ही सीपीआर (CPR) प्रदान कर एक मजूदर को बचाया। तत्पश्चात उसे तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया। दुर्भाग्यवश दूसरे मजूदर को मृत अवस्था में निकाला गया, जिनका पोस्टमार्टम कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। थाना खिलचीपुर, जिला राजगढ़ 15 फरवरी 2026 को थाना खिलचीपुर क्षेत्र अंतर्गत झारखंडेश्वर मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्टॉप पानी डेम के समीप पैदल पुल पार करते समय 15-16 वर्ष की किशोरी संतुलन बिगड़ने से नदी में गिर गई। सूचना प्राप्त होते ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक 53 श्री अविनाश शर्मा, थाना खिलचीपुर तथा एसडीईआरएफ जवान 89 श्री संजय वर्मा द्वारा तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए नदी में उतरकर किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर की गई त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। किशोरी पूर्णतः सुरक्षित है। थाना कनाडिया, जिला इंदौर दिनांक 13 फरवरी 2026 को थाना कनाडिया क्षेत्रांतर्गत स्नेह जीव मैरिज गार्डन में विद्युत सुधार कार्य के दौरान एक व्यक्ति दो मंजिला टावर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी खजराना श्री कुंदन मंडलोई, थाना प्रभारी कनाडिया डॉ. सहर्ष यादव एवं पुलिस स्टाफ द्वारा तत्परता से घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया। उपरोक्त घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं, बल्कि संकट की प्रत्येक घड़ी में नागरिकों के साथ खड़ी है। मानवीय संवेदना, साहस एवं त्वरित निर्णय क्षमता के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस निरंतर जनसेवा के अपने दायित्व का निर्वहन कर रही है और समाज में सुरक्षा, विश्वास व सहयोग की सुदृढ़ भावना को सशक्त कर रही है।