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गोरक्षा के संकल्प, भारतीय संस्कृति और पंचगव्य विज्ञान को बड़े पर्दे पर लाएगी ‘गोदान’

लखनऊ. गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर फिल्म का ट्रेलर लांच किया गया। फिल्म के निर्माता व निर्देशक ने स्पष्ट किया कि देश में गो-रक्षा को लेकर सबसे व्यापक, ठोस और जमीनी स्तर पर कार्य उत्तर प्रदेश में हुआ है, और इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन और प्रतिबद्ध नेतृत्व है। इन्हीं बातों ने उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए प्रेरित किया। सीएम योगी के सत्ता संभालते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर शुरु हुआ ताबड़तोड़ एक्शन योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु हुआ और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई। गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित ‘गोदान’ फिल्म 6 फरवरी को देशभर में एक साथ रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का समग्र दस्तावेज है। निर्माता ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया। गोरक्षा को लेकर सीएम योगी के अभूतपूर्व कार्य बने प्रेरणा फिल्म निर्माता विनोद चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान कहा कि आज देश में गो-रक्षा के क्षेत्र में जो ठोस कार्य दिख रहा है, उसका सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश है। प्रदेश में गोशालाओं का विस्तार, निराश्रित गोवंश की व्यवस्था, तस्करी पर सख्ती और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकता बनाना, ये सभी कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभव हो पाए हैं। निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि जो दायित्व सामान्यतः समाज और हर नागरिक का होना चाहिए, उसे मुख्यमंत्री स्वयं उदाहरण बनकर निभा रहे हैं। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है, जो वैदिक काल से हमारे जीवन का आधार रही है। समुद्र मंथन से कामधेनु की प्राप्ति की कथा से लेकर आज तक गाय भारतीय सभ्यता की पोषक रही है। नई पीढ़ी को गाय के महत्व से जोड़ने का प्रयास विनोद चौधरी ने कहा कि नई युवा पीढ़ी धीरे-धीरे गाय के महत्व को भूलती जा रही है। दूध देने तक गाय को रखा जाता है और उसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, फिर यह कहा जाता है कि इसकी जिम्मेदारी सरकार निभाए। जबकि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि गोमाता का पालन-पोषण करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाय हमारी माता है। जो लोग गाय को केवल पशु कहते हैं, वे स्वयं पशुता की मानसिकता में जी रहे हैं। जैसे मां हमें पोषण देती है, वैसे ही गाय संपूर्ण मानव समाज का पोषण करती है।   पंचगव्य से पंच परिवर्तन का संदेश फिल्म ‘गोदान’ में पंचगव्य से पंच परिवर्तन को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि पंचगव्य किस प्रकार मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। निर्माता के अनुसार, गाय पर हाथ फेरने मात्र से मानसिक शांति मिलती है, रक्तचाप संतुलित होता है और अनेक बीमारियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। फिल्म में यह संदेश वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है। युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए फिल्म निर्माता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फिल्म को टैक्स-फ्री किए जाने की अपेक्षा भी व्यक्त की। उनका कहना था कि यह फिल्म किसी एक जाति, धर्म या वर्ग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए है। विशेषकर युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। स्कूल के बच्चों, परिवारों और समाज के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुंचना चाहिए। सीएम योगी से मुलाकात के दौरान विनोद चौधरी (निर्माता), शांतनु शुक्ला (प्रचार-प्रसार प्रमुख), डॉ. कपिल त्यागी (सीएमडी, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) और नवल किशोर उपस्थित रहे। प्रदेश में गो सेवा-संरक्षण के अभूतपूर्व प्रबंध गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन, सभी के लिए गोमाता  सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। गोमाता पर बनी यह फिल्म हर युवा, बच्चे और बुजुर्ग को सपरिवार देखनी चाहिए।

मप्र अपडेट: आज रात से भारी बारिश की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भोपाल  मध्य प्रदेश का मौसम आज रात से बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है और आसमान से पानी बरसने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है।  बादल छाने से अगले दिन  कहीं-कही बारिश भी हो सकती है। बारिश का ये सिलसिला संडे और मंडे को तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते आज शाम या रात से मौसम करवट बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। आज 3000 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक कल यानी एक फरवरी से उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज हो सकती है। एक से तीन फरवरी तक राज्य के सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। साथ ही 2800 मीटर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। चार फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में बारिश-बर्फबारी का अनुमान है। पांच फरवरी को समूचे प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है। छह फरवरी को फिर से तीन पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शनिवार से बादल छाने लगेंगे और  इससे ठंड से भी राहत मिल सकती है। रविवार-सोमवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश कराने वाले सिस्टम हैं एक्टिव मौसम विभाग का कहना है कि  पूर्वोत्तर असम पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के उत्तर-पूर्वी भाग पर चक्रवात के तौर पर एक्टिव है। 2 फरवरी यानि सोमवार को एक नए पश्चिमी विक्षोभ से मौसम के  प्रभावित होने भी संभावना है। लिहाजा इस  बारिस से जहां प्रदेश के लोगों को ठंड से निजात मिलेगी वहीं फसलों के लिए भी ये बारिश लाभ पहुंचा सकती है। तीन दिन के लिए यलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक एक से तीन फरवरी तक समूचे राज्य में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। एक फरवरी को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, यूएस नगर जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। तीन फरवरी तक विभिन्न इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। बता दें कि साल 2022 में भी फरवरी पहले सप्ताह में मौसम काफी खराब रहा था। तब भी तीन फरवरी को उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हुई थी। 

प्रत्येक पात्रता पर्चीधारी परिवार को राशन दुकान से मिल रहा खाद्यान्न: खाद्य मंत्री राजपूत

अंत्योदय योजना में 35 किलो प्रति परिवार मिल रहा खाद्यान्न : खाद्य मंत्री  राजपूत प्रत्येक पात्रता पर्चीधारी परिवार को राशन दुकान से मिल रहा खाद्यान्न: खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में प्रदेश की लगभग 5.37 करोड़ अबादी को प्रतिमाह निःशुल्क खा‌द्यान्न का वितरण किया जा रहा है। इसमें अंत्योदय अन्न योजना में 35 किलोग्राम प्रति परिवार एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को 5 किलोग्राम प्रति सदस्य खाद्यान्न दिया जा रहा है। प्रत्येक पात्रता पर्चीधारी परिवार को राशन दुकान से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्र परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा "वन नेशन-वन राशन कार्ड" अन्तर्गत प्रदेश एवं देश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से बायोमेट्रिक सत्यापन/ओटीपी/नॉमिनी के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश के 15 लाख से अधिक पात्र परिवारों द्वारा पोर्टेबिलिटी से अपनी सुविधा अनुसार अन्य दुकान से प्रतिमाह राशन प्राप्त किया जा रहा है। पात्र परिवारों को पूरे माह उचित मूल्य दुकान से राशन का वितरण किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने एवं वास्तविक गरीब परिवारों को निःशुल्क खा‌द्यान्न वितरण करने तथा अपात्र एवं 2 बार नाम वाले हितग्राहियों को हटाकर नवीन हितग्राहियों को लाभांवित करने के लिये eKYC करना अनिवार्य किया गया है। इसमें 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोडकर, पात्र हितग्राहियों के eKYC उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई POS मशीन के साथ ही भारत सरकार के मेरा eKYC मोबाईल ऐप से हितग्राही के फेस अथेंटिकेशन द्वारा किया जा सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्मिलित 29 पात्रता श्रेणी के अंतर्गत नवीन हितग्राहियों को जोड़ने की कार्यवाही नियमित रूप से की जा रही है। इन नवीन आवेदकों द्वारा POS मशीन / फेस अथेंटिकेशन से eKYC के बाद 3 दिवस की अवधि में पात्रता पर्ची जारी करने की व्यवस्था की गई है। विगत एक वर्ष में लगभग 20 लाख नवीन हिग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। हितग्राही द्वारा eKYC कराने के बाद पात्रता पर्ची जारी की जा रही है। किसी भी पात्रता पर्चीधारी परिवार का राशन रोकने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिये गए हैं। पात्रता पर्ची के लिये आवेदनकर्ताओं को eKYC करने के लिए SMS के साथ ही उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं स्थानीय निकाय के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है।  

ताला महोत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया शुभारंभ

रायपुर. ताला की विरासत से बिलासपुर और छत्तीसगढ़ को मिली वैश्विक पहचान :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज ताला महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि मनियारी नदी के तट पर स्थित ताला गांव की देवरानी–जेठानी मंदिर तथा रुद्र शिव की अद्वितीय प्रतिमा ने न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में विशेष पहचान दिलाई है। इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है।  उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि बीते दो वर्षों में क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के आठ महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विधायक   धरमलाल कौशिक अपने क्षेत्र के विकास को लेकर सदैव चिंतित रहते हैं, इसी कारण यहां अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। जो भी सड़कें अभी शेष हैं, उन्हें भी स्वीकृत कर आगामी तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा।   साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि कल ही महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की गई है, जिसके तहत सभी पात्र महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपये जमा किए गए हैं। इससे मेला-मड़ई में महिलाओं की भागीदारी और रौनकता में वृद्धि हुई है। विधायक धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष से ताला महोत्सव में दिन के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत एक सराहनीय पहल है, जिससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ताला की रुद्र शिव प्रतिमा जैसी मूर्ति विश्व में कहीं और नहीं है, जिसके शरीर और चेहरे पर उकेरी गई विभिन्न जीव-जंतुओं की आकृतियां इसकी अद्वितीय विशेषता हैं। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री   अरुण साव के प्रयासों से बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में दो वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं। गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बन रहे हैं, पीने का पानी, चावल और इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड आम जनता को उपलब्ध हो रहा है। क्रेडा के अध्यक्ष   भूपेंद्र सवन्नी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि क्रेडा की ओर से मंदिर परिसर में 11 लाख रुपये की लागत से दो हाई मास्ट सोलर लाइट स्वीकृत की गई हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष  रामकुमार कौशिक और जिला पंचायत सदस्य   गोविंद यादव सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के नागरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित थे। लोक कलाकार सुनील सोनी के नेतृत्व में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर महोत्सव का वातावरण उल्लासपूर्ण बना दिया।

दो वर्षों की अवधि में आर्थिक रूप से अधिक मजबूत हुईं महिलाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरेछत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने दो साल पूरे कर लिए हैं। आज यह योजना सिर्फ हर महीने मिलने वाली राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आत्मसम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का आधार बन चुकी है। योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के हाथों पहली किस्त जारी होने के साथ हुई थी। मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसे पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ लागू किया, ताकि लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंचे।मुख्यमंत्री ने 30 जनवरी को नारायणपुर जिले से महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस दौरान 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के बैंक खातों में 641 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरे अब तक योजना के तहत कुल 15 हजार 595 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि योजना कितने बड़े स्तर पर महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव है। नियमित आर्थिक मदद से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार व समाज के फैसलों में खुलकर भागीदारी कर रही हैं। डीबीटी व्यवस्था के कारण दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाकों तक भी लाभ बिना रुकावट पहुंच रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिल रहे हैं। इस छोटी लेकिन नियमित मदद ने महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है। घर की जरूरतें आसान हुई हैं, बचत की आदत बढ़ी है और आर्थिक फैसलों में उनकी भूमिका मजबूत हुई है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में कई महिलाएं इस राशि से छोटे-छोटे काम शुरू कर रही हैं। कहीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार, कहीं पापड़ और खाद्य सामग्री का निर्माण, तो कहीं श्रृंगार की दुकानें चल रही हैं। इससे साफ है कि सही नीति और लगातार सहयोग से महिलाएं खुद की पहचान बना रही हैं। यह योजना मजदूर, छोटे किसान और सीमित आय वाले परिवारों के लिए भी सुरक्षा कवच साबित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अचानक आने वाले खर्चों की चिंता अब पहले जैसी नहीं रही। कई महिलाएं भविष्य के लिए बचत और योजनाएं बनाने लगी हैं। राज्य सरकार के सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का असर यह है कि सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में भी महतारी वंदन योजना प्रभावी ढंग से लागू हो रही है। नियद नेल्ला नार योजना के जरिए अब तक 7,763 नई महिलाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। महिला एवं बाल विकास मंत्री  मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह योजना छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है। यह योजना महिलाओं के जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास लेकर आई है। नियमित आर्थिक सहायता से उनकी सामाजिक और पारिवारिक भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ हर पात्र महिला तक समय पर और पारदर्शी तरीके

नीतीश सरकार की ‘डोरस्टेप’ से बुर्जुग अब घर बैठे करेंगे जमीन की रजिस्ट्री

पटना. बिहार में बुजुर्गों और असहाय लोगों के लिए जमीन रजिस्ट्री अब बोझ नहीं, सुविधा बनने जा रही है. बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है. 1 अप्रैल से ई-निबंधन पोर्टल में बदलाव के साथ यह नई व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग मात्र ₹400 शुल्क देकर घर से ही जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे. क्यों जरूरी था यह बदलाव? अब तक जमीन रजिस्ट्री के लिए लोगों को रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. बुजुर्ग, बीमार या चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन थी. कई मामलों में रजिस्ट्रार या नियुक्त कर्मियों की उपलब्धता पर प्रक्रिया निर्भर रहती थी, जिससे देरी और असुविधा होती थी. सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उम्रदराज लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कैसे मिलेगी घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा नई व्यवस्था के तहत ई-निबंधन पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है. पात्र आवेदक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे, जिसके बाद तय तारीख पर निबंधन कार्यालय से अधिकृत अधिकारी आवेदक के घर पहुंचेंगे. वहीं पर फोटो, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके लिए मात्र ₹400 का नाममात्र शुल्क लिया जाएगा. किसे मिलेगा इस योजना का लाभ यह सुविधा खासतौर पर 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की जा रही है. इसके साथ ही ऐसे लोग जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं या जिनके पास देखभाल के लिए कोई परिजन नहीं हैं, उन्हें भी इस व्यवस्था से बड़ी राहत मिलेगी. आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या करीब 48 लाख से ज्यादा है, ऐसे में यह कदम लाखों परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगा. सरकार का कहना है कि यह पहल “डिजिटल ईज ऑफ लिविंग” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. जमीन रजिस्ट्री जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल बनाकर आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम बचाने की कोशिश की जा रही है. रजिस्ट्री पूरी होने के बाद दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी. फरवरी में पूरा होगा सिस्टम अपडेट ई-निबंधन पोर्टल के तकनीकी अपडेट का काम फरवरी में पूरा कर लिया जाएगा, ताकि 1 अप्रैल से यह सुविधा राज्यभर में सुचारू रूप से लागू हो सके. सभी निबंधन कार्यालयों को इसके लिए आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री   शिवराज सिंह चौहान ने कही।   चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।  इस दौरान   चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री   रामविचार नेताम उपस्थित रहें। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।  इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  मती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

आईईडी ब्लास्ट में घायल जवानों से अस्पताल में की मुलाकात

रायपुर. चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चाचिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चाचिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चा उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा शनिवार शाम रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा जवानों के परिजनों से भी चर्चा की। चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चा उपमुख्यमंत्री   शर्मा ने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अस्पताल में उपस्थित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के बेहतर एवं समुचित उपचार हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।  उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हमारे जवान अत्यंत साहस और समर्पण के साथ देश-प्रदेश की सुरक्षा में लगे हैं, और उनका त्याग अतुलनीय है। ज्ञात हो कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 25 जनवरी को एक के बाद एक कुल छह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे। यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। घटना के बाद सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया, जहाँ उनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें से 6 जवानों को उपचार उपरांत स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि शेष जवानों की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है।

बिहार में पछुआ हवाओं से कोहरे और बारिश की दोहरी मार

पटना. राज्य में कोहरे के साथ ठंड का प्रभाव बने रहने की संभावना है। बीते दिनों कुछ स्थानों पर वर्षा और हवा की गति में तेजी आने के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम में बदलाव आने के साथ पटना सहित 30 जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट के साथ 21.3 डिग्री सेल्सियस एवं 25.2 डिग्री सेल्सियस फारबिसगंज का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।  16 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 16 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। राज्य के बक्सर, भोजपुर, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, पूर्वी-पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर में घना कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। पटना सहित अन्य भागों में पछुआ के कारण सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बने होने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। तीन फरवरी को दक्षिण पश्चिम भागों के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद एवं अरवल जिले के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है।  अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के आसार है। शुक्रवार को भागलपुर (सबौर) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना का न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। तीन सौ मीटर के साथ गयाजी में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। शुक्रवार को पटना सहित आसपास इलाकों में पछुआ के कारण ठंड का प्रभाव पूरे दिन बना रहा।

हरियाणा में किसानों को आधार कार्ड से ही मिल जाएगा लोन

पंचकूला. किसानों को कृषि ऋण के लिए अब यहां-वहां धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। जल्द ही ग्रामीण क्रेडिट सिस्टम शुरू होगा, जिसमें किसानों को ऋण से जुड़े दस्तावेजों के लिए बैंकों और राजस्व कार्यालयों में नहीं भटकना पड़ेगा। कृषि ऋण लेने के लिए सिर्फ आधार नंबर की जरूरत होगी, जबकि जमीन से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से अपने आप मिल जाएगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार जल्द ही रिजर्व बैंक आफ इंडिया के साथ एक एमओयू साइन करेगी। इस फ्रेमवर्क के तहत कृषि लोन की मंजूरी सीधे डिजिटाइज्ड जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी होगी। इससे वित्तीय संस्थानों और राजस्व प्रशासन के बीच बिना किसी रुकावट के समन्वय पक्का होगा। ‘पटवारी-तहसील-बैंक का जो पुराना सिस्टम था, जिसकी वजह से देरी होती थी, उसे खत्म कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड लोन पर ध्यान दिया जाएगा, जो हरियाणा में खेती के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला क्रेडिट साधन है। आधार प्रमाणीकरण के बाद मिलेगा लोन आधार प्रमाणीकरण के बाद जमीन का विवरण अपने आप मिल जाएगा। लोन से जुड़ी एंट्री अपने आप जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएंगी और भुगतान करने पर गिरवी की एंट्रीज तुरंत हटा दी जाएंगी। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानवीय दखल के काम करेगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। दूसरे चरण में इस सिस्टम को बढ़ाकर सभी तरह के कृषि और ग्रामीण लोन को शामिल किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में एक यूनिफाइड डिजिटल क्रेडिट इकोसिस्टम बनेगा। इस पहल से सभी स्टेकहोल्डर्स को काफी फायदे होंगे। धोखाधड़ी से जुड़े जोखिम कम होंगे किसानों का समय बचेगा, उन्हें तेजी से क्रेडिट मिलेगा और लोन स्टेटस और जमीन के रिकॉर्ड की रियल-टाइम ट्रैकिंग से पूरी पारदर्शिता मिलेगी। बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को रियल टाइम में वेरिफाइड जमीन का डेटा मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी वाले आवेदनों से जुड़े जोखिम कम होंगे और परिचालन क्षमता (ऑपरेशनल एफिशिएंसी) बेहतर होगी। राजस्व प्रशासन को खुद-ब-खुद अपडेट होने वाले रिकार्ड, कम गलतियों और जमीन के रिकॉर्ड की बेहतर विश्वसनीयता से फायदा होगा।