samacharsecretary.com

नीट स्टूडेंट केस में सनसनी, 18-21 साल के युवक की पहचान पर सवाल

पटना  बिहार की राजधानी पटना में NEET स्टूडेंट संग रेप और मर्डर मामले में नया मोड़ आया है. नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर मिले स्पर्म को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जी हां, एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है. FSL के आधिकारिक सूत्र का कहना है कि पटना में नीट की तैयारी करने वाली छात्रा के अंडरगारमेंट पर मिला स्पर्म 18 से 21 साल के किसी लड़के का है. अब तक इस केस में शक की सुई शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की तरफ घुमी हुई थी. मगर इस खुलासे ने मामले को और उलझा दिया है. दरअसल, नीट छात्रा संग रेप और मर्डर मामले में एफएसएल के आधिकारिक सूत्र ने नया खुलासा किया है. इसके मुताबिक, पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली मृतक छात्रा के अंडरगारमेंट पर जो स्पर्म पाया गया था, वो 18 से 21 वर्ष के लड़के का है. अब सवाल है कि आखिर वो लड़का कौन है? क्या वही है नीट छात्रा का कातिल? क्यों अब तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया? इन सभी सवालों का जवाब तलाशने में पुलिस जुट गई है. सूत्रों का कहना है कि एफएसल की रिपोर्ट आने के बाद अब एसआईआट ने इस उम्र के उस लड़के की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों का कहना है कि 18 से 21 साल का यह लड़का, मृतक छात्रा का करीबी या हॉस्टल से जुड़ा है. खुलासा से नया मोड़ बता दें कि यह खुलासा ने पूरे केस को नया मोड़ दे दिया है, जहां शुरू में इसे सुसाइड बताया जा रहा था. परिवार और आम लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, और पटना की सड़कों पर प्रदर्शन हो रहे हैं. 18 साल की यह छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी. वह पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET एग्जाम की तैयारी कर रही थी. 6 जनवरी 2026 को शाम को वह अपने कमरे में बेहोश मिली थी. हॉस्टल के कर्मचारी उसे NMCH हॉस्पिटल ले गए, जहां वह कोमा में चली गई. इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. कैसे-कैसे उलझता गया केस सूत्रों की मानें तो शुरू में पुलिस ने इसे सुसाइड का मामला बताया. कहा गया कि छात्रा ने ज्यादा नींद की गोलियां खा लीं और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी. लेकिन परिवार ने आरोप लगाया कि यह सुसाइड नहीं, बल्कि रेप और हत्या है. उन्होंने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और अन्य पर शक जताया. परिवार का कहना था कि पुलिस ने तीन दिन तक हॉस्टल सील नहीं किया, जिससे सबूत मिटाने का मौका मिल गया. मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच्चाई सामने ला दी. पोस्टमॉर्मट रिपोर्ट से खुला राज पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर कई चोटें मिलीं, जैसे गर्दन और प्राइवेट पार्ट्स पर निशान. यह साफ हो गया कि मौत से पहले उसके साथ यौन हिंसा हुई थी. एफएसली की टीम ने छात्रा के कपड़े और अंडरगारमेंट जांचे, जहां मेल स्पर्म के निशान मिले. इस स्पर्म के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया. इसके बाद उम्र का पता चला है. सूत्रों का कहना है कि जिसका सैंपल मिला है, वह छात्रा का दोस्त, रिश्तेदार या हॉस्टल से जुड़ा कोई हो सकता है.

बिहार में आपदा से निपटने 20 जिलों में बनेंगे इमरजेंसी रिस्पॉन्स व ट्रेनिंग सेंटर

पटना. बिहार में आपदा प्रबंधन को और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने दूसरे चरण में प्रदेश के 20 जिलों में “डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स फैसिलिटी-कम-ट्रेनिंग सेंटर” की स्थापना का ऐलान किया है। इससे आपदा के समय त्वरित राहत, बेहतर समन्वय और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की व्यवस्था मजबूत होगी। 38 जिलों में चरणबद्ध तरीके से बनेगा आपदा केंद्र आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने बताया कि राज्य के सभी 38 जिलों में चरणबद्ध तरीके से यह केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। फिलहाल पहले चरण में 18 जिलों का चयन किया गया था, जिनमें से 17 जिलों में केंद्र पूरी तरह चालू हो चुके हैं, जबकि पटना जिले में निर्माण कार्य प्रगति पर है। दूसरे चरण में 20 जिलों में निर्माण कार्य संयुक्त सचिव ने बताया कि दूसरे चरण में भूमि की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए 20 जिलों में केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। इन केंद्रों में अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, जहां एसडीआरएफ टीमों की तैनाती, प्रशिक्षण, उपकरणों का भंडारण और आपातकालीन समन्वय की व्यवस्था रहेगी। आपदा राहत में बड़ा फैसला: अनुग्रह राशि बढ़ी राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को मिलने वाली ग्रैच्युटस रिलीफ राशि 6000 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये कर दी है। सिद्दीकी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ प्रभावित जिलों के 9,71,678 परिवारों को कुल 680.17 करोड़ रुपये की राहत राशि दी जा चुकी है। बाढ़ आश्रय स्थलों का तेजी से निर्माण आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए राज्य के 10 बाढ़ प्रभावित जिलों में 100 “बाढ़ आश्रय स्थल” बनाए जा रहे हैं। इनमें से 96 आश्रय स्थल पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष चार का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन जिलों में कटिहार, सीतामढ़ी, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, पूर्णिया, किशनगंज, दरभंगा, शिवहर, अररिया और मधुबनी शामिल हैं। 312 करोड़ का अत्याधुनिक SDRF मुख्यालय संयुक्त सचिव ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहटा में बने नए एसडीआरएफ मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया था। यह भवन 312.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसमें प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र और आवासीय परिसर शामिल हैं। इससे राज्य की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

हरियाणा बजट के लिए मिस्ड काल या लिंक के जरिए 31 तक दें सुझाव

गुरुग्राम. हरियाणा सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का मत है कि बजट जनहित, विकास प्राथमिकताओं और नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो। इसी उद्देश्य से राज्य के प्रत्येक नागरिक को अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए सुझाव देने के कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। नागरिक 7303350030 नंबर पर मिस्ड काल देकर 31 जनवरी तक अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त एआइ-सहायक के माध्यम से thevoxai.in/haryanabudget लिंक पर संवाद करने की सुविधा भी उपलब्ध है। विस्तृत सुझाव देने के लिए नागरिक bamsharyana.nic.in/suggestion.aspx लिंक पर जाकर आनलाइन फार्म भर सकते हैं। पोर्टल पर हरियाणवी, हिंदी और अंग्रेज़ी तीनों भाषाओं में सुझाव देने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। लोग समय रहते अपने सुझाव साझा करें, ताकि बजट निर्माण की प्रक्रिया अधिक समावेशी और प्रभावी बन सके। प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें बजट निर्माण में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे हरियाणा के समग्र विकास को नई दिशा मिल सके।

राजस्थान विधानसभा के ऑनर किलिंग सहित 10 विधेयक राज्यपाल ने लौटाए

जयपुर. राज्यपाल ने 10 विधयेकों के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें अलग-अलग कारणों से पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटा दिया है, जिनमें से नौ अशोक गहलोत सरकार के समय विधानसभा से पारित हुए और एक वसुंधरा राजे सरकार के पहले कार्यकाल में 2008 में पारित किया गया था। इसका खुलासा बुधवार को किया गया। विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार, ऑनर किलिंग संबंधी 2019 का विधेयक लौटाते हुए राज्यपाल की ओर से कहा है कि इसमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 व दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), 1973 का संदर्भ है, जो अब अस्तित्व में नहीं है और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103 में ऑनर किलिंग के अपराध से निपटने के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं। इन विधेयक को मिली मंजूरी विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा ने बुधवार को सदन में यह भी बताया कि पिछले विधानसभा सत्र में पारित राजस्थान भू-जल (संरक्षण और प्रबंध) प्राधिकरण विधेयक-2024, राजस्थान भू-राजस्व (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक-2025, राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक-2025, राजस्थान विनियोग विधेयक-2025, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2025, राजस्थान माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025, राजस्थान मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2025, राजस्थान आयुर्विज्ञान संस्थान, जयपुर विधेयक, 2025 और राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक, 2025 को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। सदन को दी दो अध्यादेशों की जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने जहां सरकार की ओर से पिछले दिनों लाए गए राजस्थान दुकान और वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश, 2025 की जानकारी देने के लिए सदन में इसकी प्रति रखी। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश, 2025 को सदन में रखा। उल्लेखनीय है कि इन दोनों अध्यादेशों के स्थान पर इसी सत्र में विधेयक लाए जाएंगे, अन्यथा ये अध्यादेश अस्तित्व खो देंगे। राज्यपाल पहले भी लौटाते रहे हैं विधेयक राज्यपाल पहले भी विधानसभा से पारित विधेयक लौटाते रहे हैं। विधेयकों को राज्यपाल उन परिस्थितियों में लौटा देता है, जब राज्य के विधेयक के प्रावधान केंद्रीय कानूनों के प्रावधानों के विपरीत हों। कानूनों को लेकर स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य केवल राज्य सूची के विषयों पर ही कानून ला सकते हैं। समवर्ती सूची में केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन केंद्रीय कानून ही प्राथमिकता के साथ मान्य होगा। राज्य का कोई कानून केंद्रीय प्रावधानों को नहीं पलट सकता। वसुंधरा राजे सरकार के समय पारित धर्म स्वातंत्रय विधेयक को तत्कालीन राज्यपाल प्रतिभा पाटिल ने लौटा दिया था। बाद में यह विधेयक नए सिरे से लाया गया, जिसे तत्कालीन राज्यपाल ने राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया और वहां वर्षों तक अटका रहा। गहलोत राज 9 विधेयक, जो लौटे हैं 0- राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक, 2019 : 5 अगस्त 2019 को पारित 0- राजस्थान सम्मान और परम्परा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक,2019 : 5 अगस्त 2019 को पारित 0- कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 : 2 नवंबर 2020 को पारित 0- कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 : 2 नवंबर 2020 को पारित 0- आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 : 2 नवंबर 2020 को पारित 0- व्यास विद्या पीठ विश्वविद्यालय, जोधपुर विधेयक, 2022 : 4 मार्च 2022 को पारित 0- सौरभ विश्वविद्यालय, हिण्डौन सिटी (करौली) विधेयक, 2022 : 22 मार्च 2022 को पारित 0- राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक, 2023 : 2 अगस्त 2023 को पारित 0- नाथद्वारा मंदिर (संशोधन) विधेयक, 2023 : 2 अगस्त 2023 को पारित

किन्नर समाज का बड़ा ऐलान: न्याय की मांग पूरी न हुई तो राजस्थान की सड़कें जाम

जयपुर  राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा हमेशा से आपसी भाईचारे, समरसता और विविधता के सम्मान की रही है। इसी परंपरा की रक्षा के लिए बुधवार को राजधानी जयपुर में सर्व किन्नर समाज ने एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की। विवादित और भड़काऊ बयानबाज़ी के खिलाफ सर्व किन्नर समाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न केवल कड़ा विरोध दर्ज कराया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि नफरत और उकसावे की राजनीति का किन्नर समाज से कोई लेना-देना नहीं है। जयपुर में आयोजित इस प्रेस वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने हाल ही में शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा द्वारा दिए गए विवादित बयानों को राजस्थान की गंगा-जमुनी तहज़ीब के खिलाफ बताया। समाज ने कहा कि ऐसे बयान न सिर्फ किन्नर समाज की छवि को धूमिल कर रहे हैं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का भी प्रयास हैं, जो प्रदेश की शांति व्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सर्व किन्नर समाज ने स्पष्ट आरोप लगाया कि शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार आपत्तिजनक और उकसाऊ बयान दे रहा है। “किन्नर जिहाद” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर समाज ने तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि पूरे किन्नर समाज को कटघरे में खड़ा करने की साजिश भी है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान में किन्नर समाज सदियों से सभी धर्मों, जातियों और समुदायों के साथ सौहार्द के साथ रहता आया है। चाहे त्योहार हों, सामाजिक कार्यक्रम हों या आम जनजीवन—किन्नर समाज ने हमेशा प्रेम और आशीर्वाद की परंपरा को आगे बढ़ाया है। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के बयान को पूरे समाज से जोड़ना पूरी तरह अनुचित और दुर्भावनापूर्ण है। प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि शिव शंकर सैनी उर्फ़ तनिषा ने मार्च 2023 में लिंग परिवर्तन कराया था। इस संबंध में समाज की ओर से दस्तावेज़, प्रमाण पत्र, एफिडेविट और वीडियो साक्ष्य प्रेस के सामने प्रस्तुत किए गए। समाज ने सवाल उठाया कि यदि तनिषा स्वयं को “सनातनी किन्नर” बताता है, तो इसके ठोस और वैध प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सर्व किन्नर समाज ने यह भी बताया कि “किन्नर जिहाद” प्रकरण को लेकर तनिषा के खिलाफ अब तक प्रदेश के अलग-अलग पांच पुलिस थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। समाज का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसे बयान प्रदेश में सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किन्नर समाज किसी भी तरह की सांप्रदायिक राजनीति या उकसावे का हिस्सा नहीं बनेगा और प्रदेश में शांति, सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इस प्रेस वार्ता में सर्व किन्नर समाज से नूरी बाई बगरू, गोरीरेखा चांदपोल, काजोल बाई (किन्नर अखाड़ा, कोटा), सिमरन बाई शाहपुरा, राजकुमारी बाई मेड़ता सिटी, प्रीति बाई सांगानेर, अन्नू बाई चोमू, हिना बाई टोंक, सलोनी बाई अजमेर, हिना बाई करौली, पूनम नायक रतलाम, हलीमा झालावाड़ पाटन, मौसम बाई, विजया बाई, चकोरी बाई जयपुर, मंजू बाई सुमेरपुर, फयाज नायक तोड़ी मोड़, नूर शेखावत और रितिका सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के माध्यम से सर्व किन्नर समाज ने राजस्थान की जनता को यह संदेश दिया कि प्रदेश की असली ताकत उसकी सामाजिक एकता और भाईचारा है, और इसे तोड़ने की किसी भी कोशिश का डटकर विरोध किया जाएगा।

धनबाद में मेयर और 55 वार्ड पार्षद पदों की नामांकन प्रक्रिया शुरू

धनबाद. नगर निकाय चुनाव के धनबाद नगर निगम के मेयर और 55 वार्ड पार्षद के लिए नामांकन गुरुवार की सुबह 10 बजे से आरंभ हो गया। इसको लेकर उपायुक्त कार्यालय में पूरी तैयारी कर ली गई है। सुबह 9:30 बजे से ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी धनबाद लोकेश बारंगे उपायुक्त कार्यालय में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। मेमको मोड़ से लेकर निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय तक का उन्होंने निरीक्षण किया। दो जगहों पर रोके जाएंगे समर्थक नामांकन को लेकर सुरक्षा पर भी विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। उपायुक्त कार्यालय के अंदर अत्यधिक भीड़ न हो और चुनाव के अलावा अन्य कामों में बाधा न पहुंचे इसका विशेष ख्याल रखा गया है। इसके लिए सबसे पहले मेमको मोड़ और निरंकारी चौक पर बैरियर लगाया गया है। यहां से प्रत्याशियों के केवल तीन वाहनों को ही आगे जाने की अनुमति है। इसके अलावा दूसरा बैरियर उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट पर है। प्रत्याशियों को अपना वाहन यहीं छोड़ना होगा। इसके बाद वे अपने प्रस्तावक और अधिवक्ता के साथ ही अंदर जा पाएंगे। इन जगहों पर पुलिस की तैनाती की गई है। पूर्व मेयर करेंगे नामांकन  धनबाद नगर निगम के पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल गुरुवार को अपना नामांकन करेंगे। नामांकन से पूर्व वे झरिया के श्री श्याम मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद समर्थकों के साथ उपायुक्त कार्यालय धनबाद के लिए रवाना होंगे। इस बीच वे धनबाद के शक्ति मंदिर में पूजा करेंगे।

खड़े ट्रेलर में स्लीपर बस घुसने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत

भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार अलसुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। सेवर थाना क्षेत्र में लुधावई पुलिया के पास कासगंज से जयपुर जा रही एक स्लीपर बस बीच हाईवे पर खड़े ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेलर खराब था जो बीच हाईवे पर खड़ा था। ट्रेलर चालक ने कोई खराब का संकेत नहीं लगा रखा था। बस चालक को लगा ट्रेलर चल रहा है, इसी के चलते हादसा हुआ। मौके पर भरतपुर जिला कलेक्टर कमर चौधरी एसपी दिगंत आनन्द मौके पर पहुंचे। घायलों को भिजवाया अस्पताल सेवर थाना प्रभारी सतीश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल जिला आरबीएम अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, चारों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है, उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जाएगी। मृतकों की हुई पहचान मृतकों की पहचान कान्हा (8 वर्ष) पुत्र रामवीर निवासी सतोवा मथुरा (उत्तर प्रदेश), गीता (38 वर्ष) पत्नी रामवीर निवासी सतोवा मथुरा (उत्तर प्रदेश), मुक्खन सिंह (28 वर्ष) पुत्र खेम सिंह निवासी कठूमर अलवर (राजस्थान) और मुस्लिम (40 वर्ष) पुत्र इस्माइल, निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। रामवीर की पत्नी और बेटे की मौत इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानी मथुरा के सतोवा निवासी रामवीर की है. रामवीर अपनी पत्नी गीता और 8 वर्षीय बेटे कान्हा के साथ खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जा रहे थे। रामवीर भगवान की मूर्तियों के लिए कागज की पगड़ियां बनाते हैं और हर महीने माल सप्लाई करने खाटूश्याम जी जाते थे। इस बार वो पत्नी और बेटे को भी साथ लेकर गए थे। हादसे में रामवीर की पत्नी और बेटे की मौत हो गई, जबकि रामवीर खुद गंभीर रूप से घायल हो गए। घने कोहरे के चलते हुए हादसा हादसा गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। घना कोहरा हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। टक्कर के बाद बस में फंसे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है।

बिहार में ‘कृषि सुपर बाजार’ का किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

पटना. बिहार में अब किसान अपनी उपज के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहेंगे। राज्य सरकार ने कृषि विपणन व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कृषि रोड मैप (2023-28) के तहत प्रदेश के कृषि उपज बाजार प्रांगणों को आधुनिक “कृषि सुपर बाजार” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधे बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा सके। इस संबंध में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि राज्य में कुल 53 कृषि उपज बाजार प्रांगण कार्यरत हैं, जिनमें से 22 बाजार प्रांगणों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन बाजारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इन 22 बाजारों का हो रहा आधुनिकीकरण आधुनिकीकरण की सूची में सासाराम, बेगूसराय, कटिहार, फारबिसगंज, जहानाबाद, दरभंगा, किशनगंज, छपरा, बिहटा, पूर्णिया (गुलाबबाग), मुसल्लहपुर (पटना), आरा, हाजीपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, गया, बेतिया, दाउदनगर, मोहनिया और स्मार्ट सिटी योजना के तहत बिहारशरीफ कृषि बाजार समिति शामिल हैं। कृषि रोड मैप बना ‘गेम चेंजर’ कृषि मंत्री ने बताया कि दाउदनगर, वैशाली, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और मोहनिया बाजार प्रांगणों में विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य बाजारों में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। यहां आधुनिक शेड, पक्की सड़कें, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, कार्यालय भवन और भंडारण जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। किसानों को मिलेगा डायरेक्ट प्रॉफिट उन्होंने कहा कि बाजार प्रांगणों के विकास का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाना है। भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्द्धन की सुविधाओं से किसानों की बाजार पहुंच मजबूत होगी और बिचौलियों की भूमिका स्वतः कम हो जाएगी। ई-नाम से जुड़कर खुलेगा राष्ट्रीय बाजार राज्य के 20 कृषि उपज बाजार प्रांगणों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) से जोड़ा जा चुका है। इससे किसान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर देशभर में अपनी फसल बेच पा रहे हैं। सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी और किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी।

हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज PG पाठ्यक्रमों में एडमिशन के पुराने अलॉटमेंट को किया रद्द

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एडमिशन के पुराने अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया है। अब नई काउंसलिंग से ही सीट मिलेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि, नियम बदले तो पुराना एडमिशन खत्म माना जाएगा। नियमों में बदलाव और काउंसलिंग रद्द होने से पुराना एडमिशन मान्य नहीं रह गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि, 2025 के नियम 11 में किए गए संशोधन के बाद किसी भी अभ्यर्थी के पास पहले से आवंटित सीट पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे पर अब और कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी।दरअसल, भिलाई निवासी अनुष्का यादव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में राज्य सरकार के 22 और 23 जनवरी 2026 के उन आदेशों को चुनौती दी थी। जिसके तहत पहले से पूरी हो चुकी काउंसलिंग और सीट आवंटन को अचानक रद्द कर दिया गया था। तर्क दिया कि उसने मेरिट के आधार पर भिलाई के एक निजी मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस की सीट हासिल की थी। 10.79 लाख रुपए फीस समेत 10 लाख की बैंक गारंटी जमाकर जॉइन कर लिया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि, एक बार प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे रद्द करना अनुचित है। याचिका में शासन के फैसले को अवैधानिक और मनमानीपूर्ण बताया गया। साथ ही कहा कि, इस प्रक्रिया से पहले प्रवेश पाने वाले छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि, काउंसलिंग रद्द करने का निर्णय कोई मनमानी कार्रवाई नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल मामले में दिए गए आदेश के पालन में उठाया गया कदम था। इसके अलावा कहा कि डोमिसाइल आधारित आरक्षण पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में असंवैधानिक है और केवल संस्थागत प्राथमिकता को ही एक सीमा तक अनुमति दी जा सकती है।

अयोध्या जेल की सुरक्षा फेल, दो गंभीर आरोपी फरार, 7 अधिकारियों पर कार्रवाई

अयोध्या यूपी के अयोध्या में जिला कारागार से दो बंदी फरार हो गए। दोनों बंदियों ने बैरक मे लगी ग्रिल काट कर बाहर निकले, उसके बाद बांस के सहारे जिला कारागार के पीछे जहां कैमरे का सर्विलांस नहीं था उस क्षेत्र से चारदीवारी फांद कर भाग गए। सूचना पर जिला पुलिस ने तीन टीमों को बनाकर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। इसमें अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरी पुत्र साधु राम निवासी, मुसाफिरखाना और सुल्तानपुर निवासी शेर अली नाम के बंदी शामिल हैं। दोनों बंदियों के फरार होने की जानकारी पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली उन्होंने मौका का मुआयना किया। उन लोगों ने जेल के पिछले हिस्से जिस तरफ हरियाली ज्यादा है वहां बांस के ऊंचे पेड़ों के सहारे दीवार फान गए। हमने उनकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों को लगा दिया है जल्द सफलता मिलेगी। इनमें एक बंदी हत्या के प्रयास के मामले में व दूसरा बलात्कार के आरोप में जेल में निरुद्ध थे। जेल अधीक्षक समेत 7 सस्पेंड अयोध्या जिला कारागार अयोध्या से दो बंदियों के फरार होने पर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीजी जेल पीसी मीणा ने ऐक्शन लेते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूसी मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही जेलर जेके यादव,डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी को भी निलंबित कर दिया है। यही नहीं ड्यूटी पर तैनाती के दौरान लापरवाही पर हेड जेल वॉर्डर व 3 जेल वॉर्डर को भी सस्पेंड कर दिया है। उधर मामले की जांच के लिए डीआईजी जेल ए के मैत्रेय अयोध्या पहुंच गए हैं । कुछ देर पहले ही जिलाधिकारी निखिल टीकाराम एवं एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर भी जेल पहुंच गए। जिला जेल से दो बंदियों के फरार होने के मामले में जांच करने पहुंचे डीआईजी जेल मैत्रीए ने कहा कि दोनों बंदी विशेष चार नंबर बैरक में बंद थे। रोशनदान की ईंट तोड़कर दोनों बाहर निकले थे। मौके से 25 फीट का बांस, 30 फुट की सरिया व कंबल बरामद हुआ है। कंबल की रस्सी बनाकर बाउंड्री वाल कूदे थे दोनों।