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‘मल्टी लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम’ से बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

घरौंडा. वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब टोल प्लाजा पर रुककर टोल टैक्स देने की झंझट जल्द ही खत्म होने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत टोल प्लाजा और बैरियर हटाए जाएंगे। उनकी जगह मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें वाहन बिना रुके चलते-चलते ही टोल टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए 26 जनवरी से ट्रायल किया जाएगा। इस नई टोल कलेक्शन प्रणाली का ट्रायल फिलहाल हरियाणा और गुजरात में किया जा रहा है। हरियाणा में नेशनल हाईवे स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद वाहन चालकों को न तो टोल प्लाजा पर रुकना पड़ेगा और न ही लंबी कतारों में समय बर्बाद करना होगा। 100 फीसदी टोल वसूली का दावा अधिकारियों के अनुसार मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम के लागू होने से टोल टैक्स चोरी की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी और 100 प्रतिशत वाहनों से टोल वसूली सुनिश्चित की जा सकेगी। जहां सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं वाहन चालकों को समय की बचत, ईंधन की खपत में कमी और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। यह ट्रायल सफल रहता है तो इस प्रणाली को देशभर के राजमार्गों पर लागू किया जाएगा। एनएच-44 पर हो जान गंवा रहे लोग एनएच-44 पर लगातार हो रहे हादसों में पैदल पार करने वाले वाहनों की टक्कर से जान गंवा रहे हैं। दैनिक जागरण लगातार हाईवे के ब्लैक स्पाट पर हो रहे हादसों और उनमें हो रही मौतों को प्रमुखता से उठा रहा है। हाईवे पर रोजाना हो रही मौतों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अब आगे आया है। दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक 55 किलोमीटर के हिस्से में बीच के डिवाइडर पर आठ फुट ऊंची ग्रिल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि हाईवे को पैदल पार करने से रोका जा सके, और उनकी वाहनों से टकराकर मौत न हो। दिल्ली, सोनीपत या पानीपत के हिस्से में रोजाना हाईवे को पैदल पार करने वाले कई लोगों की वाहनों की टक्कर से मौत हो जाती है। 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में 418 हादसों में मौत हो चुकी है। चलती गाड़ियों से ऐसे कटेगा टोल टैक्स मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसके तहत सड़क के ऊपर ओवरहेड स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जिनमें फास्टैग सेंसर, नंबर प्लेट रीडर (एनपीआर) कैमरे, लेजर कैमरे और वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम शामिल हैं। हाईवे पर दोनों तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर ऐसे चार ओवरहेड सिस्टम लगाए गए हैं। स्पीड पर भी रहेगी नजर इस नई प्रणाली की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ टोल वसूली ही नहीं, बल्कि वाहन की गति (स्पीड) पर भी नजर रखी जाएगी। सिस्टम में लगे कैमरे वाहन की स्पीड रिकार्ड करेंगे। यदि कोई चालक तय सीमा से अधिक गति से वाहन चलाता है तो आगे लगे दूसरे ओवरहेड सिस्टम के जरिए उसकी पुष्टि की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टोल टैक्स कटेगा, बल्कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान भी सीधे वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा।

आपदा से निपटने नायब सरकार देगी एचएसडीआरएफ भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता

चंडीगढ़. अग्निवीर योजना के पहले बैच के सेवा काल की समाप्ति से पहले ही हरियाणा सरकार ने एक अहम और दूरगामी कदम उठाया है। राज्य में गठित की जा रही हरियाणा स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एचएसडीआरएफ) में अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का स्पष्ट इरादा है कि अग्निवीरों की सैन्य ट्रेनिंग, अनुशासन और आपात परिस्थितियों में काम करने की दक्षता का उपयोग करते हुए एक स्पेशल स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स तैयार की जाए। यह फैसला न केवल आपदा प्रबंधन के लिहाज से अहम है, बल्कि अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों का भी ठोस जवाब माना जा रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट (संशोधन) एक्ट-2025 के तहत राज्यों को विशेष आपदा प्रतिक्रिया बल गठित करने का अधिकार मिला है। इसी क्रम में हरियाणा सरकार ने एचएसडीआरएफ के गठन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसको लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ़ सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। बैठक में मौजूदा आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे एक स्थायी, पेशेवर और पूर्णकालिक बल में बदलने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। एचएसडीआरएफ में प्राथमिकता देने के साथ-साथ हरियाणा सरकार पहले ही अग्निवीरों को फायर सर्विसेज, पुलिस, जेल विभाग, वन विभाग, माइनिंग विभाग सहित कई विभागों में नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विधानसभा में भी ऐलान कर चुके हैं कि अग्निवीरों को सरकार स्थाई रोजगार में प्राथमिकता देगी। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि एक नया एसडीआरएफ बटालियन गठित किया जाएगा, जिसमें अधिकतम संख्या अग्निवीरों की होगी। यह बटालियन प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ औद्योगिक हादसों, आगजनी, बाढ़, भूकंप और केमिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में तैनात होगी। सरकार का मानना है कि कम समय में कठिन प्रशिक्षण से गुजरने वाले अग्निवीर, आपदा जैसी स्थितियों में तेज निर्णय और फील्ड ऑपरेशन के लिए सबसे उपयुक्त संसाधन हैं। एचएसडीआरएफ के ढांचे के तहत राज्य के सभी डिवीजनों में एक-एक क्विक रिस्पांस टीम गठित की जाएगी। इन टीमों में भी अग्निवीरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। किसी भी संवेदनशील या आपात स्थिति में ये टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करेंगी। हरियाणा पहले ही आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मजबूत आधार रखता है। आईआरबी, भोंडसी की पहली बटालियन वर्तमान में नोडल डिजास्टर रिस्पांस यूनिट के तौर पर कार्यरत है, जहां सैकड़ों कर्मियों को ढही इमारतों में खोज एवं बचाव, बाढ़ राहत सहित अन्य आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब इसी ढांचे को विस्तार देते हुए अग्निवीरों को शामिल किया जाएगा। गृह विभाग द्वारा 1,149 पदों वाले पूर्ण एसडीआरएफ बटालियन को स्वीकृति दी जा चुकी है। केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार इसके लिए अलग इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष यूनिफॉर्म, आधुनिक उपकरण और वरिष्ठ नेतृत्व की व्यवस्था की जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा तय गाइडलाइंस के अनुसार प्रशिक्षण और तैनाती की पूरी योजना बनाई जा रही है।

स्कूलों में बच्चों को ठण्ड से बचाने मिलेगी गुड़-रोटी और सोया खिचड़ी

चंडीगढ़. 18 दिन की छुट्टियों के बाद सोमवार को स्कूल खुल गए है। ऐसे में अब सरकारी स्कूलों के रणीय ऊर्जा छात्रों के लिए सोमवार से मिड डे मील योजना के तहत पौष्टिक भोजन में बदलाव भी किया है। इसमें पहली बार गुड़-रोटी व सोया खिचड़ी भी जोड़ी गई है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जनवरी 2026 का मिड डे मील शेड्यूल जारी किया है। यह योजना बाल वाटिका से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए लागू है। जनवरी में प्रत्येक दिन बच्चों को अलग-अलग पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार, 19 जनवरी को सब्जी पुलाव और काला चना, 20 जनवरी को रोटी और घीया चना की दाल, 23 जनवरी को गुड़ रोटी और दही, 27 जनवरी को पौष्टिक सोया खिचड़ी परोसी जाएंगी। चौथे सप्ताह में पहले सप्ताह का जाएगा।

ललित गर्ग ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से अलंकृत होंगे

भोपाल वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं सामाजिक चिंतक ललित गर्ग को उनके चार दशकों से अधिक समय से जारी सृजनात्मक, मूल्यनिष्ठ और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकारिता योगदान के लिए ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान जैन दर्शन, साहित्य और सामाजिक चेतना को समर्पित एक प्रतिष्ठित संस्था ‘श्रुतसेवा निधि न्यास’ के द्वारा 8 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में फिरोजाबाद क्लब लिमिटेड के सुसज्जित आॅडिटोरियम में आयोजित अक्षराभिषेक उत्सव समारोह में प्रदान किया जाएगा। न्यास के महामंत्री श्री अमित कुमार जैन ने बताया कि न्यास का श्रीमती शांतिदेवी गुप्त श्रुतसेवा अलंकरण के अंतर्गत ‘पत्रकार शिरोमणि’ के रूप में श्री गर्ग को 25000/- रुपये की नगद राशि, सम्मान पत्र, शाॅल, माला, प्रशस्ति पत्र एवं साहित्य प्रदत्त किया जाएगा। इस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। समारोह का उद्देश्य सहात्यि एवं पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका को रेखांकित करना है। ललित गर्ग पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता, साहित्य एवं लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं और राजधानी दिल्ली के एक विशिष्ट एवं सम्मानित बौद्धिक व्यक्तित्व के रूप में प्रतिष्ठित रहे हैं। उन्होंने निर्भीक, विचारोत्तेजक और मूल्यपरक लेखन के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर जनचेतना को दिशा दी है। अब तक उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का संपादन किया है तथा उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। श्री गर्ग विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे सूर्यनगर एजुकेशनल सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष तथा सुखी परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। सुखी परिवार फाउंडेशन के माध्यम से गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी कल्याण, सामाजिक सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रवादी विचारधारा, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता को अपने लेखन और जीवन-कार्य के माध्यम से अभिव्यक्त करते आए हैं। आयोजक संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, ललित गर्ग को यह सम्मान उनकी सैद्धांतिक पत्रकारिता, साहित्यिक योगदान और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया जा रहा है। समारोह को लेकर पत्रकारिता जगत एवं साहित्यिक क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है

सिरसा में हनीट्रैप में 16 लाख की वसूली पर महिला सहित दो गिरफ्तार

सिरसा. शहर थाना पुलिस ने हनीट्रैप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित दो आरोपितों को सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि नौ नवंबर 2025 को महावीर कालोनी की गली नंबर चार निवासी शिवकुमार ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर पूजा नामक महिला का फोन आया। महिला ने कहा कि आपका परिचित हिसार के डाटा गांव निवासी राजेश कुमार मेरे पास आया है और वह आपसे मिलना चाहता है। इसके बाद पीड़ित को सुरखाब चौक पर बुलाया। कमरे में बंद कर बना लिया वीडियो, फिर लगे धमकाने पीड़ित के अनुसार बाद में उसे आटो मार्केट बुलाकर एक अनजान मकान में ले जाया गया, जहां पहले से एक अन्य महिला मौजूद थी। दोनों महिलाओं ने उसे बैठा लिया और कपड़े उतरवा दिए। इसी दौरान एक युवक आया और उसका वीडियो बनाने लगा। थोड़ी देर बाद दो अन्य युवक भी पहुंचे, जिन्होंने मारपीट कर अभद्र व्यवहार किया। आरोपितों ने उसका मोबाइल छीनकर 20 लाख रुपये की मांग की और राशि न देने पर वीडियो परिवार को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। शहर थाना प्रभारी ने बताया कि 10 नवंबर 2025 को आरोपितों ने फ्लाईओवर के नीचे से पीड़ित का अपहरण कर लिया और लगातार पैसे देने का दबाव बनाते रहे। इस दौरान पीड़ित का एटीएम कार्ड छीनकर 25 हजार रुपये निकलवा लिए तथा उसके प्लाट के कागजात जबरन लेकर सरकारी रेट पर बेचकर कुल 16 लाख 61 हजार रुपये की वसूली की गई। पीड़ित की शिकायत पर थाना शहर सिरसा में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कीर्ति नगर पुलिस चौकी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हांसी के डाटा गांव निवासी राजेश कुमार, बाजेकां गांव निवासी दलबीर सिंह तथा एक महिला को सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया।

HCS की 26 अप्रैल को प्रारंभिक व 27 से 29 जून तक तीन दिन होगी मुख्य परीक्षा

चंडीगढ़. हरियाणा लोकसेवा आयोग (एचपीएससी) ने दो साल बाद एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा) व एलाइड सर्विस की भर्ती परीक्षा का शेड्यूल घोषित किया है। है। 26 अप्रैल को प्रारंभिक परीक्षा व 27 से 29 जून तक तीन दिन मुख्य परीक्षा चलेगी। उसके बाद अगस्त-सितंबर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी होगा। भर्ती परीक्षा में 150 से ज्यादा पद हो सकते हैं। इस बार परीक्षा के लिए नया पैटर्न लागू किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा का पेपर 400 अंक का होगा। इसमें दो पेपर शामिल होंगे। एक जनरल स्टडीज व दूसरा सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट। मुख्य परीक्षा 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के चार पेपर और एक हिंदी व दूसरा अंग्रेजी का पेपर होगा। पेपर हिंदी व अंग्रेजी दोनों ही भाषा में तैयार की जाएगी। भाषा व साहित्य के पेपर छोड़ बाकी सभी परीक्षाओं को हिंदी व अंग्रेजी में देने का विकल्प भी होगा। प्रत्येक परीक्षा की अवधि तीन घंटे और अंक 100 तय होंगे। ऐसे में युवाओं को नए पैटर्न के अनुसार ही तैयारी करनी होगी। इंटरव्यू 75 अंक का होगा। पुराने पैटर्न में प्रारंभिक परीक्षा में 100-100 अंकों के दो पेपर जनरल स्टडीज और एप्टीट्यूड टेस्ट के थे। मुख्य परीक्षा में चार पेपर थे, जिसमें इंग्लिश और हिंदी 100-100 अंक के और जनरल स्टडीज व आप्शनल सब्जेक्ट 200-200 अंक के होते थे।

हरियाणा के हिसार में ठंड से दो लोगों की मौत

हिसार. प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। छह जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है, जिसे मौसम विभाग ने आगामी वर्षा के संकेत के रूप में देखा है। जिन जिलों में रात की ठंड में नरमी आई है, वहां छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार यह स्थिति तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से बनी है, जिसका असर 25 जनवरी के बाद तक रह सकता है। वहीं, हिसार में सर्दी से दूसरी मौत दर्ज की गई। गांव लाडवा निवासी 72 वर्षीय महेंद्र का शव खेत में मिला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ठंड बताया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान बादलों की मौजूदगी का संकेत है, दिन के तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। जहां न्यूनतम पारा बढ़ा, वहां वर्षा होने की संभावना ज्यादा हिसार, रोहतक, सिरसा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और अंबाला जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान बढ़ा है। यहां न्यूनतम तापमान में औसतन आठ डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इन्हीं क्षेत्रों में पहले चरण में छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की वर्षा के आसार बने हैं। ठंड अभी कायम, सुबह-शाम सतर्कता बरतना जरूरी  बादलों और बढ़े तापमान के बावजूद रात की ठंड जानलेवा बनी हुई है। खुले में रहने वाले बुजुर्गों और कमजोर वर्ग के लिए जोखिम बना है। प्रशासन ने अलसुबह और देर रात विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कृषि क्षेत्र के लिए भी विभाग ने फसलों पर स्प्रे नहीं करने की सलाह दी है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुलाई हरियाणा BJP की पहली बैठक

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन ने हरियाणा बीजेपी की पहली बैठक बुला ली है। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, संगठन मंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा शामिल होंगे। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। हरियाणा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ प्रदेश के नेता मंथन करेंगे। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा में पार्टी नेताओं के बीच चल रहे सियासी घमासान का भी बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष फीडबैक लेंगे। नई दिल्ली में हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हरियाणा के नेताओं की यह पहली बैठक होगी। इस बैठक को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

छिंदवाड़ा में आर्सेनिक जहर मिली काजू की मिठाई खाकर मरे थे 3 लोग

छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव के मिठाई कांड में खाद्य विभाग की पहली रिपोर्ट सामने आ चुकी है। लावारिस थैली में रखी मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है। जिसके कारण मिठाई जहरीली हो गई थी। गौरतलब है कि बीते दिन मिठाई के सेवन से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब खाद्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार है। अब उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल खाद विभाग की रिपोर्ट आने के बाद यह तो तय हो गया है की लावारिस मिठाई हत्या के उद्देश्य से ही रखी गई थी। पुलिस मामले में संदिग्ध से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक मिला होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों और स्वजनों से भी पूछताछ की जा रही है। जबलपुर फॉरेंसिक लैब से पोस्टमार्टम की बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है। मिठाई मामले में दसरू यदुवंशी (उम्र 53 वर्ष) एवं सुंदरलाल कथूरिया (उम्र 75 वर्ष) और 22 वर्षीय खुशबू की मौत हो चुकी है। मिठाई कांड में यह कथूरिया परिवार में मृत होने वाली खुशबू (नातिन) इस मामले में सुंदरलाल कथूरिया (दादा) के बाद मौत का शिकार होने वाली दूसरी सदस्य है। कथुरिया परिवार की दूसरी बेटी खुशबू का विवाह चांद क्षेत्र के थावड़ी ग्राम में हुआ था, जिससे उसे चार माह की दूधमुंही बच्ची भी है। मिठाई को लेकर रहस्य गहराया खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यह पंजाबी पिन्नी स्थानीय बाजारों में आम तौर पर नहीं मिलती।दुकानदारों का कहना है कि छिंदवाड़ा में इसकी मांग भी नहीं है। मिठाई की पैकेजिंग अच्छी क्वालिटी की थी, लेकिन डिब्बे पर किसी दुकान या निर्माता का नाम नहीं लिखा था। बाजार में इसकी कीमत करीब 700 से 800 रुपए बताई जा रही है। फिलहाल दो महिलाएं, संतोषी बाई (45) और पूजा (19), जुन्नारदेव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं।

साय कैबिनेट की कल बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरी सहित कई नीतिगत प्रस्तावों पर होगी चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है, जिस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण को अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो राजधानी रायपुर के साथ-साथ नवा रायपुर को भी पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में शामिल किया जा सकता है। इससे राजधानी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने और अपराध नियंत्रण में अधिक अधिकार मिलेंगे। इस व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रेटी शक्तियां भी प्राप्त होंगी, जिससे कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। कैबिनेट बैठक में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण के प्रारूप को भी स्वीकृति दी जा सकती है। इस अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया जाएगा। ऐसे में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अभिभाषण को अंतिम रूप दिया जाएगा।