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पद्मश्री लेखक आलोक मेहता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की ‘मोदी राज के 25 वर्ष’ पर केंद्रित पुस्तक

प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर मध्यप्रदेश’ अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ (कॉफी टेबल बुक) ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं। यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन निवेश पर क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के साथ हुई अहम चर्चा

भोपाल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के दूसरे दिन दावोस में मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के डिप्टी सीईओ एवं हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट्स श्री तुषार सिंहवी के साथ बैठक कर राज्य में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, इनलैंड कंटेनर डिपो, वेयरहाउसिंग तथा एकीकृत सप्लाई चेन अवसंरचना में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने भारत में अपने विस्तार की मजबूत मंशा व्यक्त करते हुए लॉजिस्टिक्स आधारित निवेश के लिए मध्यप्रदेश को एक रणनीतिक गंतव्य के रूप में परखने में गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर मंत्री श्री शुक्ला ने राज्य की समर्पित लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात नीति की जानकारी साझा की, जिसके अंतर्गत पूंजी निवेश सहायता, अवसंरचना सुविधा, स्टांप शुल्क प्रतिपूर्ति, भूमि आवंटन में सहयोग और हरित लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश, देश के केंद्र में स्थित होने से यहाँ प्राप्त भौगोलिक लाभ, राज्य के हवाई अड्डों के माध्यम से लागत प्रभावी कार्गो हैंडलिंग और खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स (एपीआई सहित), वस्त्र एवं परिधान और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजबूत औद्योगिक आधार मौजूद हैं। साथ ही भूमि की पर्याप्त उपलब्धता, विश्वसनीय विद्युत एवं जल आपूर्ति तथा स्थिर श्रम वातावरण मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन परियोजनाओं के लिए उच्च दक्षता वाला निवेश गंतव्य बनाता है। आगामी कदम दोनों पक्षों ने विशिष्ट परियोजना अवसरों की पहचान करने तथा लॉजिस्टिक्स एवं संबद्ध अवसंरचना क्षेत्रों में संभावित निवेश पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। यह संवाद मध्यप्रदेश में आधुनिक एवं सतत लॉजिस्टिक्स क्षमताओं के विकास के माध्यम से औद्योगिक वृद्धि और निर्यात संवर्धन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नितिन नबीन कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और दूरदर्शिता की सीएम योगी ने की सराहना

सीएम ने जताई आशा, उत्तर प्रदेश को भी निरंतर प्राप्त होता रहेगा मार्गदर्शन नई दिल्ली/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और उन्हें बधाई के साथ उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुष्पगुच्छ भेंट किया और अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करके भी उन्हें पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "आपके कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और दूरदर्शिता से पार्टी को नई ऊर्जा-दिशा मिलेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती प्राप्त होगी।" सीएम ने आशा जताई कि उत्तर प्रदेश को भी आपका निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आप अंत्योदय के पथ पर चलते हुए अपनी निष्ठा व समर्पण से संगठन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगे एवं सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं में 'राष्ट्र प्रथम' के भाव को और सुदृढ़ करेंगे। आपके उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं।

गूगल करेगा म.प्र. में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश

गूगल के एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट श्री गुप्ता ने दिखाई रूचि कृषि और शिक्षा में जेमिनी एआई के उपयोग पर हुआ संवाद भोपाल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता के साथ दावोस में मंगलवार को मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने बैठक कर राज्य में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। श्री गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश की रूचि दिखाई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित रहे। गूगल की ओर से राज्य में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि एवं शिक्षा क्षेत्रों में नवाचार और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। बैठक में राज्य शासन द्वारा आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरित ऊर्जा आधारित नीति तैयार करने की योजना से अवगत कराया गया। साथ ही, गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने की मध्यप्रदेश की क्षमता, अनुकूल नीतिगत ढांचा और सहयोगी दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया। गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग दिए जाने पर सहमति व्यक्त की।  

एवरस्टोन समूह ने मध्यप्रदेश में विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की दिखाई रूचि

भोपाल   वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 दावोस के दूसरे दिन विभिन्न उद्योगपतियों से चर्चाओं का दौर जारी रहा। इस कड़ी में मंगलवार को मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने एवरस्टोन समूह के प्रेसिडेंट एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जयंत सिन्हा के साथ बैठक कर राज्य में निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने मध्यप्रदेश ने ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) इकोसिस्टम में अपनी सशक्त उपस्थिति को रेखांकित किया। इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास विकसित हो रहे ईवी और ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स के साथ वस्त्र एवं परिधान उद्योग में राज्य की स्थापित क्षमताओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत आधार की जानकारी साझा की गई। चर्चा के दौरान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, श्री मनीष सिंह और प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने उद्योगपतियों के साथ सोलर पैनल, बैटरी, इंगट्स और वेफर्स सहित उपकरण एवं कंपोनेंट विनिर्माण में उपलब्ध निवेश अवसरों पर भी विचार किया गया। राज्य शासन ने निवेशकों के अनुकूल भूमि अधिग्रहण ढांचे की जानकारी देते हुए भोपाल और होशंगाबाद के समीप क्षेत्रों को विनिर्माण आधारित निवेश के लिए उपयुक्त बताया और राज्य में बढ़ती आंतरिक मांग को भी रेखांकित किया। प्रेसिडेंट एवरस्टोन समूह श्री जयंत सिन्हा ने समूह के पोर्टफोलियो और निवेश प्राथमिकताओं से अवगत कराते हुए स्केलेबल प्लेटफॉर्म, दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्रों में रुचि साझा की। बैठक में दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा एवं संबंधित क्षेत्रों में संभावित सहयोग और निवेश के लिए आगे भी विस्तृत चर्चा जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। यह संवाद मध्यप्रदेश की विनिर्माण आधारित विकास रणनीति और सतत आर्थिक प्रगति की दिशा में वैश्विक निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

यूपी दिवस विशेष: यूपी में अब पलायन नहीं, ‘परावर्तन’ का दौर

योगी सरकार के श्रम, रोजगार, निवेश और सामाजिक सुरक्षा मॉडल से बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर युवाओं व श्रमिकों को अब रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रदेश छोड़ने की मजबूरी नहीं विकास, आत्मनिर्भरता और समावेशी समृद्धि की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश लखनऊ,  उत्तर प्रदेश, जो कभी रोजगार के लिए पलायन करने वाले राज्यों में गिना जाता था, आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और सामाजिक सुरक्षा का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। बीते पौने नौ वर्षों में योगी सरकार की नीतियों का असर अब जमीन पर साफ दिख रहा है। जहां पहले युवा और श्रमिक रोज़गार के लिए प्रदेश छोड़ने को मजबूर थे, अब उनके लिए घर के पास पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रदेश छोड़ने की अब कोई मजबूरी नहीं। पूर्व में राज्य से बाहर जा चुके युवा व श्रमिक भी अब लौट रहे हैं। पलायन का स्थान 'परावर्तन' ने ले लिया है, जो प्रदेश में विकास, आत्मनिर्भरता और समावेशी समृद्धि की नई कहानी लिख रहा है। रोजगार सृजन से लगा पलायन पर ब्रेक योगी सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक निवेश, एमएसएमई विस्तार, सेवायोजन मेलों और कौशल विकास योजनाओं के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुए हैं। बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट आई है और लाखों युवाओं को सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित सेवामित्र पोर्टल पर 53 हजार से अधिक कुशल कामगार पंजीकृत हो चुके हैं, जिन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर बने विकास की रीढ़ इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, पारदर्शी प्रक्रियाओं और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' सुधारों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, एयरपोर्ट्स, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और लॉजिस्टिक्स हब जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों को जिलों तक पहुंचाया। उत्तर प्रदेश रोजगार और फैक्ट्री इकाइयों के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थायी नौकरियां बनी हैं। वर्तमान में प्रदेश में 30 हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनकी संख्या 2017 तक इसकी आधी भी नहीं थी। बीते पौने नौ सालों में युवाओं, श्रमिकों और महिलाओं के लिए उनके गृह जनपदों में रोजगार के अवसरों की संख्या कई गुना बढ़ी है। श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से मजबूत हुआ भरोसा योगी सरकार ने केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य को भी प्राथमिकता दी है। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में निराश्रित हुए बच्चों के लिए हर मंडल में अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100 बालक-बालिकाओं को आवासीय शिक्षा दी जा रही है। दुर्घटना, मृत्यु और दिव्यांगता पर आर्थिक संबल सरकार ने श्रमिकों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच तैयार किया है। कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर ₹5 लाख, स्थायी दिव्यांगता पर ₹3 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर ₹2 लाख, पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5 लाख, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख, ₹25,000 अंत्येष्टि सहायता तथा अपंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना/मृत्यु पर ₹1.25 लाख की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इन प्रावधानों ने श्रमिकों की असुरक्षा को काफी हद तक खत्म किया है। पेंशन, बैंकिंग और परिवार सुरक्षा योजनाएं प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, अटल पेंशन योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना और निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना में लाखों लाभार्थी शामिल हैं। कन्या विवाह सहायता योजना के तहत दो बालिकाओं के विवाह पर ₹55,000 से ₹61,000 तक की सहायता दी जा रही है। इस सुरक्षा के चलते युवाओं में घर के पास ही रोजगार की भावना को बल मिला है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत राज्य में 9.52 करोड़ से अधिक बैंक खाते भी खोले जा चुके हैं। निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में इलाज की सौ फीसदी व्यय प्रतिपूर्ति की जा रही है। इससे श्रमिक परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उत्तर प्रदेश में ही मिल रही हैं।

मां और बेटी दोनों की सेहत पर चुपचाप वार कर रहा एनीमिया

आरा. एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करती है, लेकिन इसके दुष्परिणाम गंभीर होते हैं। खासकर किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह बीमारी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। समय रहते जांच और संतुलित आहार न मिलने पर एनीमिया मां और गर्भस्थ शिशु- दोनों की सेहत पर गहरा असर डालता है। किशोरावस्था में माहवारी के दौरान नियमित रक्तस्राव होता है। यदि इस दौरान शरीर को पर्याप्त आयरन और पोषक तत्व नहीं मिलते, तो हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है और एनीमिया की समस्या पैदा हो जाती है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास के लिए मां के शरीर में अतिरिक्त रक्त की जरूरत होती है। ऐसे में खून की कमी होने पर गर्भवती महिलाओं के एनीमिक होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। एनीमिया से बचाव के लिए सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत हर बुधवार 5 से 9 वर्ष की किशोरियों को गुलाबी गोली, जबकि 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को नीली गोली दी जा रही है। आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर ये गोलियां शरीर में खून की कमी को दूर करने में कारगर साबित हो रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एनीमिया से बचाव के लिए आयरनयुक्त आहार बेहद जरूरी है। भोजन में पालक, सोयाबीन, चुकंदर, अनार और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। आज सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर मातृ मृत्यु दर को कम करने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा देने के उद्देश्य से बुधवार, 21 जनवरी को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में गर्भवती एवं धातृ महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नियमित एएनसी जांच जरूरी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का खतरा अधिक रहता है। किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित एएनसी जांच अनिवार्य है। शरीर में पर्याप्त रक्त न होने पर मां और बच्चे दोनों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सही खान-पान, नियमित जांच और गुलाबी-नीली गोलियों के सेवन से एनीमिया को काफी हद तक रोका जा सकता है।

CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा में उमड़ी महिलाओं की भीड़

गोपालगंज. समृद्धि यात्रा के तहत बरौली हाईस्कूल में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष पर तीखा हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम ढलते ही घर से निकलने में डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी। पढ़ाई-लिखाई की स्थिति दयनीय थी और इलाज के समुचित इंतजाम नहीं थे। सड़कों का अभाव था और बिजली बहुत कम जगहों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तब हमने एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक काम किए गए। आज बिहार में हालात बदले हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब कहीं हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते हैं क्या? विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नेता केवल सात महीने के लिए मुख्यमंत्री बना। उस दौरान गड़बड़ी की और हटने के बाद अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि पुराने लोगों ने कभी विकास के लिए काम नहीं किया, जबकि उनकी सरकार शुरू से ही बिहार के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत रही है।

लुधियाना में जबरदस्त धमाके के साथ मकान की उड़ी छत

लुधियाना. महानगर के जनकपुरी स्थित इंदिरा कॉलोनी में आज दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब यहां एक क्वार्टर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई और देखते ही देखते क्वार्टर की छत मलबे में तब्दील होकर नीचे गिर गई। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय या तो परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे या समय रहते बाहर निकल आए। इस भयानक धमाके में छत तो जमींदोज हो गई और घर का सामान जलकर राख हो गया, लेकिन किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। मोहल्ला निवासियों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा जैसे कोई बम फटा हो। हादसे की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में इसे गैस लीकेज का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है ताकि हादसे की असल वजह साफ हो सके।

राजस्थान के करौली में कुख्यात सटोरिए रशीद के घर पर चला बुलडोजर

करौली. राजस्थान में करौली के सट्टा किंग एवं मोटरसाइकिल रैली पर हुए पथराव और दंगे के मुख्य आरोपी, पूर्व सभापति रशीदा खातून के पुत्र अमीनुद्दीन खान की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने भारी जाप्ते के साथ उसके अंबेडकर सर्किल क्षेत्र स्थित अवैध भवन और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया। कई रास्तों को बंद किया प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले नजदीकी स्कूल में छुट्टी करवाकर आसपास की दुकानों एवं भवनों को एहतियातन खाली कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील करते हुए मेला गेट, शिकारगंज सहित आसपास के कई रास्तों को बंद किया गया। शहर के मुख्य चौराहों, तिराहों और बाजार क्षेत्रों में करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कई थानों का पुलिस बल मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद करौली ने जांच के दौरान भवन निर्माण में अनियमितताएं पाई थीं, जिसके बाद पट्टा और निर्माण स्वीकृति को विधिवत निरस्त कर दिया गया था। पट्टा रद्द होने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमना राम, उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा और पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।