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नशे में गाड़ी चलाना पड़ा भारी: जयपुर में मोबाइल कोर्ट ने ठोका 18 हजार का फाइन

जयपुर राजधानी जयपुर में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जयपुर महानगर प्रथम की मोबाइल कोर्ट ने नियम उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए कई मामलों में अधिकतम अभियोजन व्यय लगाना शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-13 और 14 के पीठासीन अधिकारी रोहित शर्मा (RJS) और हिमांशू चावला (RJS) के निर्देशन में की जा रही है। नियम तोड़ने वालों को कड़ा संदेश अभियोजन अधिकारी संदीप कुमार मूंड और मोहन शर्मा ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अदालतें अधिकतम अभियोजन व्यय आरोपित कर सख्त संदेश दे रही हैं। इस कदम का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियम तोड़ने वालों को चेतावनी देना है। विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई और भी सख्त की गई है। नशे में ड्राइविंग पर भारी जुर्माना मोबाइल कोर्ट ने नशे में ड्राइविंग से जुड़े कई गंभीर मामलों में भारी अभियोजन व्यय लगाया है। राजेश (RJ14GQ4169) और रामअवतार (RJ14PF1084) पर ₹18,000–₹18,000 का जुर्माना लगाया गया। रतिराम गुर्जर (RJ26CA9648) पर ₹14,000 और सुधीर शर्मा (MH43X4832) पर ₹15,000 का अभियोजन व्यय निर्धारित किया गया। नियम तोड़ने वाली बस जब्त, यात्रियों दूसरे साधनों से भेजा चैकिंग के दौरान बस RJ14PD7516 को यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, जिसके बाद मोबाइल कोर्ट ने मौके पर ही बस को जब्त कर लिया। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वहीं पर अन्य साधन उपलब्ध करवाए गए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सरकार का बड़ा फैसला: विदेशी ट्रेनिंग के लिए बदले नियम, कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश यात्राओं से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब वे अधिकारी विदेशी प्रशिक्षण या स्टडी टूर पर जा सकेंगे, जिनकी यात्रा से सरकारी खजाने पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। नये दिशा-निर्देशों के अनुसार बाहरी एजेंसियों द्वारा स्पॉन्सर्ड विदेशी प्रशिक्षण यात्राओं पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। यदि कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था, विश्वविद्यालय या संगठन यात्रा का पूरा खर्च वहन करता है, तो ऐसे मामलों में वित्त विभाग की पूर्व अनुमति भी आवश्यक नहीं होगी। विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं कि स्पॉन्सर्ड प्रशिक्षण यात्राओं पर रोक लागू न की जाए। सरकार के अनुसार यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अधिकारियों को वैश्विक प्रथाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से किया गया है। नई गाइडलाइन में यह भी प्रावधान जोड़ा गया है कि यदि मुख्य सचिव कार्यालय की ट्रेनिंग ब्रांच की सिफारिश पर किसी आईएएस या एचसीएस अधिकारी को विदेश प्रशिक्षण पर भेजा जाता है, तो वह भी प्रतिबंध से मुक्त रहेगा। सरकारी खर्च पर यात्राएं अब भी सीमित सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां राज्य सरकार पर कोई आर्थिक भार न आए। अन्य स्थितियों में विदेशी यात्राओं पर पुराने नियम और प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेंगे। नये प्रावधानों से अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के अधिक अवसर मिलेंगे और इससे प्रशासनिक गुणवत्ता, निर्णय क्षमता और वैश्विक तकनीक तथा प्रबंधन का अनुभव भी बढ़ेगा।

द्वितीय अनूपूरक बजट में 13,476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण

द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को करेंगे साकार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सत्र समाप्ति पर दिए संबोधन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया धन्यवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी  है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया। द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना  योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है। अनूपूरक बजट की विशेषताएं ·         द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान ·         विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं ·         जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता ·         प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान ·         बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान ·         मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग ·         मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान ·         मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी ·         अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही ·         पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान ·         मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट. ·         गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये  निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे। पक्ष और विपक्ष दोनों का आभार माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय  ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

5 दिवसीय शीतकालीन सत्र संपन्न: सत्ता vs विपक्ष की तकरार रही सुर्खियों में

पटना शीतकालीन सत्र की समाप्ति के बाद बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों को शुक्रवार के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार और बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिन के निर्धारित कार्य निपटाने के बाद क्रमश: दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र 01 दिसम्बर से और बिहार विधान परिषद का सत्र 03 दिसम्बर से शुरू हुआ था। इस नई विधानसभा का गठन हाल ही में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद किया गया था। आज समाप्त हुए सत्र के दौरान 01 दिसम्बर को नव-निर्वाचित विधायकों को विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने शपथ दिलाई, जबकि 02 दिसम्बर को प्रेम कुमार को सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद 03 दिसम्बर को बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित किया था। राज्यपाल के संयुक्त संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव 04 दिसम्बर को दोनों सदनों में पारित किया गया। इसी दिन विधानसभा में नरेन्द्र नारायण यादव को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुना गया। इसी सत्र में 05 दिसम्बर को वित्तीय वर्ष 2025-26 का द्वितीय अनुपूरक बजट राज्य के दोनों सदनों में पारित किया गया। निर्धारित कार्य पूरा करने के बाद दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

महेंद्रगढ़ के कनीना नपा के पूर्व प्रधान की सड़क हादसे में मौत, पूरे इलाके में शोक की लहर

महेंद्रगढ़ महेंद्रगढ़ के कनीना नगर पालिका के पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह लोढ़ा की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी पुत्रवधु कनीना नगर पालिका की मौजूद चेयरपर्सन हैं। बताया जा रहा है कि यह हादसा गुरुवार शाम को हुआ, जब वे शादी समारोह में जा रहे थे। राजेंद्र सिंह लोढ़ा गुरुवार को रेवाड़ी से राजस्थान की ओर शादी समारोह में जा रहे थे। इसी दौरान बस ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद राजेंद्र सिंह लोढ़ा को रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति को भी गंभीर चोट लगी है। लोगों को जब इस घटना की जानकारी लगी तो कनीना कस्बा के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रख शोक जताया। वहीं अनेक प्राइवेट शिक्षण संस्थान भी बंद रहे। 3 बार लड़ा कनीना विधानसभा का चुनाव, नहीं बने विधायक  वहीं राजेंद्र लोढ़ा ने तीन बार कनीना विधानसभा का चुनाव भी लड़ा, मगर विधायक नहीं बन पाए। राजेंद्र लोढ़ा वर्ष 1987 से 1991 तथा बाद में 1995 से 2000 तक नगर पालिका कनीना के चेयरमैन भी रहे हैं। 

चेतावनी वाली रिपोर्ट: पंजाब के डैम में पानी की भंडारण क्षमता पर गंभीर सवाल

चंडीगढ़ पंजाब के डैम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, डैम में गाद जमा होने की वजह से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के जलाशयों की पानी जमा करने की क्षमता कम हो गई है। इस वजह से 24 डैम की क्षमता में 4,183.6 मिलियन क्यूबिक मीटर की कमी आई है, जो इन जलाशयों की क्षमता का लगभग पांचवां हिस्सा है। सूत्रों मुताबिक, इस साल पंजाब में आई बाढ़ की वजह, ज्यादा बारिश के अलावा, गाद से भरे डैम को बताया गया क्योंकि गाद की वजह से ये डैम अपनी क्षमता के हिसाब से पानी जमा नहीं कर पाए। राज्य में बाढ़ की वजह से 40 लोगों की जान चली गई, जबकि 1.9 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। ये आंकड़े चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद मनीष तिवारी के एक सवाल के जवाब में पेश किए गए। बताया गया कि पंजाब के 14 जलाशयों में गाद के कारण कुल 222.3 MCM (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी कम हो गया। हिमाचल प्रदेश में गाद के कारण जलाशयों की कुल क्षमता 18,882.974 MCM का 3,960.37 MCM पानी कम हो गया।  अकेले भाखड़ा डैम जलाशय में 2,568 MCM पानी कम हो गया, जबकि  ब्यास दरिया में 1190 MCM पानी की कमी हो गई।  हरियाणा के एकमात्र जलाशय कौशल्या डैम में, जिसकी कुल क्षमता 13.68 MCM है। पानी 1.26 MCM कम हो गया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय का कहना है कि पानी राज्य का विषय है और बांधों की सुरक्षा मुख्य रूप से राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों पर निर्भर करती है। केंद्रीय जल आयोग 166 प्रमुख जलाशयों में लाइव स्टोरेज की निगरानी करता है जिसमें  पंजाब और हिमाचल प्रदेश शामिल है। 

दूध की ‘सुपरस्टार’ गाय: पंजाब की इस गाय ने 78 किलो दूध देकर जीती मिल्किंग चैंपियनशिप

चंडीगढ़  राजस्थान के हनुमान गढ़ में राष्ट्रीय स्तर की दूध चुवाई प्रतियोगिता में RCBA के बैनर तले ऑल इंडिया डेयरी चैंपियनशिप कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मिल्किंग चैंपियनशिप में देश कई राज्यों के डेयरी मालिकों और पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस मौके पर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत अन्य राज्यों के डेयरी मालिकों की गायों ने दूध देने की प्रतियोगिता में जीत हासिल की. इस मौके पर नवांशहर के बैंस डेयरी फार्म के प्रीतपाल सिंह की HF गाय ने 78 किलो 600 ग्राम दूध देकर पहला स्थान प्राप्त किया. इसके अलावा दूसरा स्थान भी इसी डेयरी की गाय ने 69.500 ग्राम देकर हासिल किया और एक ट्रैक्टर जीता. यह पहली बार नहीं है. इससे पहले भी इस गाय ने कई बार पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया है. इस मौके पर प्रीतपाल सिंह के पिता चमन सिंह ने कहा कि 1 दिसंबर को राजस्थान के हनुमानगढ़ में पशु मिलकिंग मेला का आयोजन किया गया, जो 3 दिसंबर को खत्म हुआ. इस मेले में सिर्फ दूध चुवाई का कार्यक्रम था. HF गाय, जिसने पहला स्थान प्राप्त किया है और ट्रैक्टर जीता था. HF गाय की डाइट में क्या-क्या? HF गाय एक अमेरिकन गाय है, जिसकी डाइट में हरा चारा, मक्की का चारा भी शामिल है. गाय को एक साल तक यही चारा दिया जाता है. डॉक्टर की सलाह के साथ गाय को पाउडर भी दिया जाता है. इस तरह की गाय, जो ज्यादा दूध देती हैं. उनके लिए इतना करना पड़ता है. इन गायों को ठंड भी कम लगती है. प्रीतपाल सिंह के पिता चमन सिंह ने बताया कि उनके पास 75 पशु हैं. उनका टारगेट 100 गायों का है, जो की दुधारू हो. हर रोज 8-9 क्विंटल दूध देती हों. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अमूल कंपनी वाले भी उनके यहां से दूध लेकर जाते हैं और हर गुरुवार को उन्हें पेमेंट मिल जाता है. उन्होंने कहा कि उनके 2 बेटे हैं. बड़ा बेटा इटली में डेयरी फार्म का काम करता था. हम भी इटली में फॉर्म में डेयरी का काम करते थे. फिर उनके बेटे ने डेयरी का काम शुरू कर दिया, जिसके बाद अब वह मिलकर डेयरी का काम कर रहे हैं.

CET ग्रुप-C का इंतजार खत्म: 13.5 लाख युवाओं का रिजल्ट जारी, अब अगला कदम क्या होगा?

चंडीगढ़  लगभग चार माह के इंतजार के बाद शुक्रवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एचएसएससी ने ग्रुप सी पदों के लिए हुई सीईटी कॉमन पात्रता परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। प्रदेशभर के करीब साढ़े 13 लाख युवाओं को इन नतीजों का बेसब्री से इंतजार था। यह परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं थी बल्कि उन युवाओं के सपनों का रास्ता थी जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे थे। रिजल्ट जारी होने की जानकारी मिलते ही हरियाणा के शहरों, कस्बों और गांवों में युवाओं की नजरें मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन पर टिक गईं। कोई साइबर कैफे पहुंचा, कोई घर पर बैठा ऑनलाइन रिजल्ट देखने लगा। कई जगह स्टूडेंट्स ने ग्रुप बनाकर रिजल्ट देखना शुरू किया। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों में ‘ओपन हो रहा है’, ‘ओटीपी नहीं आ रहा’, ‘तेरा कितना आया’ जैसे संदेश तेजी से वायरल होने लगे। रिजल्ट आते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक बढ़ गया, जिससे ओटीपी देरी से आने और लॉगिन में दिक्कत की समस्या दिखी। इसके बावजूद युवाओं में उत्साह साफ दिखाई दिया क्योंकि अब सबसे बड़ा सवाल रिजल्ट नहीं बल्कि यह था कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी। चयन आयोग ने 26 और 27 जुलाई को डबल शिफ्ट में यह परीक्षा आयोजित करवाई थी। कुल 1350 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे और 13 लाख 47 हजार से ज्यादा युवा परीक्षा में शामिल हुए थे। इसलिए स्लो हुई साइट इन नतीजों का इंतजार काफी लंबा था। चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने जैसे ही सोशल मीडिया पर रिजल्ट की जानकारी साझा की, उम्मीदवारों ने तुरंत वेबसाइट पर लॉगिन करना शुरू कर दिया। साइट पर अचानक बढ़े लोड के कारण कई अभ्यर्थियों को ओटीपी प्राप्त करने में परेशानी हुई। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई अभ्यर्थी अपना पासवर्ड भूल जाता है तो ‘फॉरगेट पासवर्ड’ विकल्प से नया पासवर्ड बना सकता है। रिजल्ट के साथ पीडीएफ भी जारी रिजल्ट के साथ शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों की पीडीएफ सूची भी जारी कर दी गई है। उम्मीदवार अपने अकाउंट से स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। अगला बड़ा सवाल यह है कि ग्रुप सी भर्तियों का नोटिफिकेशन कब जारी होगा। सूत्रों के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत विभाग, प्रशासनिक शाखाएं, फार्मेसी, क्लर्क, ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट, फील्ड वर्कर और तकनीकी स्टाफ जैसे कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। भले ही रिजल्ट से जुड़ी औपचारिकताओं में आयोग को कुछ समय लगेगा, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि ग्रुप सी नौकरियों के रास्ते अब पूरी तरह खुल चुके हैं।

संभागायुक्त सिंह का आदेश: सभी जिलों में 15 दिन में सभी वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेशन करवाएं

संभाग के सभी जिलों में 15 दिवस में सभी वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेशन करवाएं – संभागायुक्त  सिंह संभागायुक्त  सिंह ने भोपाल शहर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए समीक्षा बैठक ली  भोपाल         संभागायुक्त  संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में शहर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आयोजित बैठक में ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भोपाल शहर में वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि बिना पीयूसी वाले वाहनों को 15 दिवस का समय निर्धारित किया गया है। सभी वाहनों का 15 दिवस के अंदर पीयूसी प्रमाण पत्र बनवाएं, 15 दिवस के बाद ट्रैफिक पुलिस वृहद अभियान चलाकर चलानी कार्यवाही करें। शहर के सभी भारी वाहन, स्कूल बस, मध्यम लोडिंग वाहन एवं कार चालक अनिवार्य रूप से दो सप्ताह में पीयूसी सर्टिफाईड कराएं।        संभागायुक्त श्री सिंह ने संभाग के सभी जिलों के आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस भोपाल को निर्देशित किया कि परिवहन पोर्टल के माध्यम से सभी वाहन मालिकों को पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि मॉडरेड श्रेणी के हॉट स्पॉट की मॉनीटरिंग के लिए विस्तृत रणनीति तैयार कर कारण एवं निवाकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रैमासिक स्तर पर निरंतर तुलनात्मक गणना की जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी को पीयूसी मशीनों के केलिब्रेशन मॉनीटरिंग को ऑनलाइन कर व्यापक स्तर पर जांच करें।              बैठक में उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संभाग के सभी जिलों के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस पीयूसी सर्टिफिकेशन करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।   

इंद्रेश उपाध्याय की शादी की पहली झलक, दुल्हन शिप्रा की सादगी पर फिदा हुए लोग

जयपुर    जाने-माने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय आज जयपुर में शादी के बंधन में बंध गए. उनकी हल्दी, मेहंदी, संगीत के बाद अब उनकी शादी की पहली झलक सामने आ गई है, जो आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. कथावाचक इंद्रेश और उनकी दुल्हन की मंडप से पहली फोटो सामने आई है, जिसे देखने के बाद लोग काफी खुश हो गए हैं और दूल्हा-दुल्हन की तारीफ कर रहे हैं.   मंडप से पहली तस्वीर आई सामने इंद्रेश उपाध्याय और उनकी दुल्हन शिप्रा की मंडप से फोटो सामने आई है, जिसमें उनके पीछे काफी सारे मेहमान नजर आ रहे हैं. इंद्रेश उपाध्याय  ने लाइट पीच कलर का धोती-कुर्ता पहन रखा है और सिर्फ मैचिंग कलर की पगड़ी भी पहन रखी है, जिसमें वो किसी राजा से कम नहीं लग रहे हैं.  दुल्हन की सादगी ने जीता दिल  कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की दुल्हन शिप्रा का ब्राडल लुक ने लोगों का ध्यान खींच लिया है. उन्होंने लहंगे की बजाय ट्रेडिशनल कपड़े पहने हैं, जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही हैं. गोल्डन कलर की सिल्क साड़ी पहनी है, जिसके साथ लाल रंग का दुप्पटा ओढ़ रखा है. दुल्हनिया शिप्रा ने किसी ट्रेंड को फॉलो किए बिना सादगी भरे अंदाज से लोगों को दिल जीत लिया है और हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है. कथावाचक के हाथ में लगाई थी मेहंदी शादी के पहले दिन की रस्म मेहंदी की थी, इस दौरान दुल्हन शिप्रा ने खुद इंद्रेश के हाथों पर मेहंदी लगाई थी. मेहंदी की  रस्म में भी वो राजस्थानी लहंगा-चोली पहने नजर आई थीं, और उनकी खूब तारीफ भी हुई थी. मेहंदी सेरेमनी के वीडियो भी जमकर वायरल हुए थे और लोग दोनों की जोड़ी की तारीफ कर रहे थे. शादी में शरीक हुए धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और कवि कुमार विश्वास दोनों भी इस शादी में शरीक होने आज ही जयपुर पहुंचे. दोनों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो दोनों जयपुर एयरपोर्ट पर बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं.