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ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री

ब्रांड यूपी की पहचान बनने के बाद अब लॉंच होगा ओडीओपी 2.0 ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री अब खान-पान की परंपरा भी बनेगी ब्रांड, उत्तर प्रदेश में शुरू होगी एक जनपद-एक व्यंजन की नई पहल सभी यूनिटी मॉल और बड़े रीटेल नेटवर्क में प्रमुखता से प्रदर्शित होंगे उत्तर प्रदेश के उत्पाद डिजिटल रणनीति से बढ़ेगा निर्यात, बनेगा ओडीओपी निर्यात सहायता केंद्र स्थानीय उद्योग, निर्यात और रोज़गार को नई ऊँचाई देगा ओडीओपी 2.0: मुख्यमंत्री ओडीओपी और ओडीओसी मिलकर बनाएंगे उत्तर प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की नई ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रांड उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी 'एक जनपद- एक उत्पाद योजना' अब अपने अगले चरण ओडीओपी 2.0 टू के माध्यम से स्थानीय उद्योग, स्वरोज़गार और निर्यात को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक बाजार, आधुनिक मांग, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता और पैकेजिंग की नई आवश्यकताओं को देखते हुए ओडीओपी को अब और अधिक व्यापक, व्यावसायिक और परिणामोन्मुखी स्वरूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। ओडीओपी 2.0 के माध्यम से सरकार का लक्ष्य होगा कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद बड़े बाज़ार, निर्यात और स्थायी रोजगार का मजबूत आधार बनें।  शुक्रवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खाद्य परंपरा को भी एक संगठित पहचान देने की दिशा में 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) की अवधारणा को साकार करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ी हुई है। प्रदेश के हर क्षेत्र में खान-पान की कुछ न कुछ विशिष्ट परंपरा है। कहीं हलवा अच्छा है तो कहीं दालमोठ। उन्होंने कहा कि हर जिले के विशेष व्यंजनों की मैपिंग कर उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ओडीओपी' और 'ओडीओसी' मिलकर उत्तर प्रदेश को 'लोकल से ग्लोबल' की दिशा में नई गति देंगे। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 में प्रारंभ ओडीओपी योजना आज उत्तर प्रदेश के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है। अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं, 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण हो चुका है और 08 हजार से अधिक उद्यमियों को प्रत्यक्ष विपणन सहायता दी गई है। प्रदेश में तीस साझा सुविधा केंद्र स्वीकृत किए गए हैं और 44 ओडीओपी उत्पादों को अब तक जियो टैग प्राप्त हो चुके हैं। ओडीओपी उत्पाद आज प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स  प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं और राज्य के कुल निर्यात में इनका योगदान पचास प्रतिशत से अधिक है। ओडीओपी को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ओडीओपी 2.0 को लेकर कहा कि यह अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, स्थानीय उद्यम और निर्यात को नई ऊँचाई देने का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि अब उन इकाइयों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जिन्होंने पहले चरण में उत्कृष्ट कार्य किया है, ताकि वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं को इस तरह आगे बढ़ाया जाए कि तकनीक, पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार सहित चारों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश के उत्पाद सशक्त रूप में स्थापित हों। बैठक में यह भी बताया गया कि ओडीओपी से जुड़े कॉमन फैसिलिटी सेंटरों को अब और अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉमन फैसिलिटी सेंटरों के साथ विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे उद्यमियों को तकनीकी परामर्श, डिज़ाइन, पैकेजिंग और उत्पादन से जुड़ा पूरा सहयोग एक ही स्थान पर सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ओडीओपी उत्पादों को केवल पारंपरिक बाजारों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बड़े रीटेल नेटवर्क और आधुनिक बाजारों से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हो रहे यूनिटी मॉल में ओडीओपी के समर्पित केंद्र बनाए जाएं। साथ ही सभी प्रतिष्ठित रीटेल नेटवर्क के साथ संवाद कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां उत्तर प्रदेश के उत्पाद प्रमुख रूप से प्रदर्शित हों। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से प्रमाणन और ब्रांड मूल्य प्रदान किया जाएगा, जिससे वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के उत्पाद विशिष्ट पहचान बना सकें।

नशा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, झालावाड़ में 125 करोड़ की संपत्ति स्थाई रूप से जमींद कर दी

झालावाड़/जयपुर नशे के खिलाफ जिले में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए झालावाड़ पुलिस ने नशा माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत नशा तस्करी से अर्जित लगभग 125 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई में आलीशान मकान पेट्रोल पंप कृषि भूमि कॉमर्शियल प्लॉट्स और महंगी गाड़ियां शामिल हैं। तीन महीने की खुफिया तैयारी पुलिस की एमओबी शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद थाना प्रभारियों साइबर टीम और विशेष जांच दल ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए इन संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया। स्पेशल टीम ने संभाला मोर्चा आर्थिक कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। इसमें हेमन्त शर्मा पिंकू मैरोठा वीकेश और नीतेश शामिल रहे। पूरी कार्रवाई का संचालन और मॉनिटरिंग स्वयं एसपी अमित कुमार ने की। दिल्ली से मिली कानूनी मंजूरी एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिल चुकी है। अब तस्कर इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे गिरवी नहीं रख सकेंगे और न ही किसी तरह उपयोग कर सकेंगे। इस कार्रवाई ने जिले में नशा कारोबार करने वालों के बीच दहशत फैल दी है। साफ संदेश है कि नशा बेचोगे तो जेल भी होगी और काली कमाई भी खत्म होगी।   एसपी का संदेश एसपी अमित कुमार ने कहा यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थाई नहीं रह सकतीं। सभी तस्करों के मामलों में थाना प्रभारी को केस अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब तक 71 नशा तस्कर जांच में हैं और उनकी 107 संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज की जा चुकी हैं। जिले में नशा नेटवर्क पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।    

इंडिगो का बड़ा फ्लाइट कैंसिलेशन: दिल्ली से सभी उड़ानें रद्द, 550 फ्लाइट एक दिन में कैंसल

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन में व्यवधान लगातार चौथे दिन भी जारी है। जानकारी के मुताबिक इंडिगो ने शुक्रवार को दिल्ली और देश के अन्य एयरपोर्ट्स से कम से कम 550 उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसके चलते एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल है। कई यात्रियों ने असुविधा के साथ ही सामान गायब होने की भी शिकायतें की हैं। इससे पहले गुरुवार को 550 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया था। दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकरियों के मुताबिक यहां से उड़ान भरने वाली 135 और आने वाली 90 उड़ानों को रद्द किया गया है। बेंगलुरु एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कम से कम 102 उड़ानों को रद्द किया गाय है। वहीं हैदराबाद से 92 फ्लाइट्स को कैंसल कर दिया गाय है। अब तक चार दिनों में 1000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसल हो चुकी हैं। मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 53 और यहां आने वाली 51 फ्लाइट्स को कैंसल किया गया है। इस तरह मुंबई एयरपोर्ट से संचालिन होने वाली कुल 104 उड़ानें रद्द हो गई हैं। इंडिगो हाल के दिनों में चालक दल की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। दरअसल उड़ान ड्यूटी की सीमा तय करने वाले नए एफडीटीएल नियम लागू होने के बाद से ही एयरलाइन चालक दल की कमी का सामना कर रही है। नए नियमों के तहत पायलटों के लिए साप्ताहिक विश्राम समय बढ़ाया गया है और रात में लैंडिंग की संख्या सीमित की गई है ताकि उड़ान सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। बड़ी संख्या में पायलट्स अनिवार्य रेस्ट पीरियड के चलते फ्लाइट नहीं ले जा पा रहे हैं। इंडिगो ने डीजीसीए को बताया है कि 8 दिसंबर से विमानों का संचालन कम कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि 10 फरवरी से संचालन स्थिर हो जाए। इंडिगो ने डीजीसीए से एफडीटीएल के नियमें रात्रिकालीन संचालन से जुड़े कुछ बदलावों को लेकर 10 फरवरी तक छूट की मांग की है। इंडिगो का कहना है कि एफडीएल नियमों के लागू होने की वजह से उन्हें ज्यादा पायलट्स की जरूरत है। एफडीटीएल नियमों के तहत साप्ताहिक आराम के घंटों को 36 से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। इसे अलावा एक पायलट हफ्तेभऱ में दो से ज्यादा नाइट लैंडिंग नहीं कर सकता है। केवल दो ही लगातार नाइट ड्यूटी लगाई जा सकती हैं। इंडिगो का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उड़ानों की संख्या में कमी करनी पड़ेगी। एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है। इंडिगो ने कहा है कि विमानों के संचालन को पटरी पर लाने में समय लगेगा। ऐसे में आने वाले समय के लिए भी यात्रियों को तैयार रहना है। घर से निकलने से पहले वे फ्लाइट का शेड्यूल जरूर चेक करें। केंद्रीय मंत्री की हाई लेवल बैठक सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू ने गुरुवार को हालात का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की थी। उन्होंने इंडिगो को किराया बढ़ाने को लेकर भी चेतावनी दी। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीजीसीए को हालात पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा एयरपोर्ट्स पर फंसे यात्रियों की मदद का आश्वासन दिया है।  

सुनहरा अवसर: जल्द करें आवेदन, 526 पुलिस पदों के लिए भर्ती शुरू

बिलासपुर सारकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों के पुलिस बल में 526 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। रिक्त पदों में आरक्षक चालक और आरक्षक ट्रेडमैन शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत 17 से 19 नवंबर तक ट्रेड टेस्ट आयोजित किया जाएगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने भर्ती में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता का दवा किया है। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के झांसे में न जाने की चेतावनी दी है। यह टेस्ट बिलासपुर संभागीय मुख्यालय के पुलिस परेड मैदान में 17 नवंबर से शुरू होगा। इसमें पहले आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण और लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। यह सीधी भर्ती वर्ष 2023-24 के लिए आयोजित की जा रही है। बिलासपुर जिला पुलिस बल में कुल 140 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पहले दिन, 17 नवंबर को बिलासपुर जिले में आरक्षक चालक के लिए 100, आरक्षक कुक ट्रेड के लिए 5, आरक्षक नई ट्रेड के लिए 11 और आरक्षक टेलर ट्रेड के लिए 4 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।

EOW ने शिक्षक के घर पर मारा छापा, 6 टीमों ने दबिश दी, दस्तावेजों की जांच हो रही

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक शिक्षक के घर पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने छापा मारा हैं। बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू की छह टीमें सुबह 5 बजे दबिश दी। आय से अधिक संपत्ति को लेकर यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल टीम दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच के बाद खुलासा होगा। सीधी जिले के शिक्षक अभिमन्यु सिंह के ठिकानों पर EOW ने रेड मारी है। ईओडब्ल्यू की छह टीमें सुबह 5 बजे शहर में स्थित पटेल पुल और मड़वास के ठिकानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि राजधानी भोपाल में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की गई थी। जिसके बाद यह छापेमार कार्रवाई की गई है। ईओडब्ल्यू की टीमें सभी दस्तावेज और कागज को खंगाल रहे है। जांच पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा होने की संभावना है। आपको बता दें कि शिक्षक अभिमन्यु, सीधी के कुसमी विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल खोखरा में पदस्थ है।

सरकारी स्कूल में नवाचार की मिसाल: ‘मैथ्स पार्क’ से बच्चे कर रहे गणित में महारत

डोंगरगढ़ राजनांदगांव जिले के डोगरगढ़ विकासखंड के ग्राम सेंदरी का शासकीय हाई स्कूल इन दिनों पूरे प्रदेश में उदाहरण बनकर उभर रहा है। यहां स्थापित संभवतः प्रदेश का पहला मैथ्स पार्क  न केवल बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदल रहा है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर भी नया रूप ले रही है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहा यह इलाका अब अभिनव शिक्षण पद्धति के जरिए सीखने-सिखाने का केंद्र बन गया है। इस अनोखे पार्क में शून्य के जनक आर्यभट्ट से लेकर महान गणितज्ञ रामानुजन् तक के सिद्धांतों को रोचक आकृतियों, मॉडल्स और गतिविधियों के माध्यम से जीवंत किया गया है। जटिल माने जाने वाले प्रमेय, आकृतियां और गणितीय अवधारणाएं अब बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का साधन बन गई हैं। इससे न केवल विषय का भय समाप्त हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों में गणित के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। वैदिक गणित की सरल तकनीकों को भी पार्क में शामिल किया गया है, जिससे तेज और सटीक गणना का अभ्यास बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि पार्क को सरकारी अनुदान के बजाय स्कूल के शिक्षकों ने स्वयं अपनी कमाई से करीब दस लाख रुपये की राशि जुटाकर विकसित किया है। गणित के शिक्षक गोकूल जंघेल इस नवाचार के प्रणेता हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों में गणित के प्रति रुचि जगाने की मंशा से इस पार्क का निर्माण किया गया है। आकृतियों और संकेतों के जरिए बेसिक गणित को सरल रूप में समझाने की कोशिश की गई है ताकि बच्चे कठिन सिद्धांतों को भी आसानी से पकड़ सकें। 109 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों वाले इस हाई स्कूल में कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद थे, तभी इस नवाचार की नींव रखी गई। प्राचार्य किरण मिश्रा बताती हैं कि महामारी के चलते बच्चे पढ़ाई से दूर हो रहे थे। तब शिक्षकों ने इसे एक अवसर मानकर पहले वृक्षारोपण अभियान चलाया और फिर मैथ्स पार्क का डिजाइन तैयार कर इसे जमीन पर उतारा। उनका कहना है कि इस पार्क के चलते बच्चों में गणित के प्रति जागरूकता और रुचि तेजी से बढ़ी है। जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने इस प्रयास की सराहना करते हुए स्कूल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। गणित पार्क में मौजूद मॉडल्स और गतिविधियों ने छात्रों का गणित से डर लगभग खत्म कर दिया है। कक्षा 9वीं की छात्रा निहारिका यादव और 10वीं के उदित नारायण साहू का कहना है कि अब गणित उनका पसंदीदा विषय बन गया है, क्योंकि वे सिर्फ पढ़ते नहीं बल्कि खेलते हुए सीखते हैं। ग्राम सेंदरी का यह स्कूल किसी सामान्य शासकीय विद्यालय जैसा नहीं, बल्कि किसी आधुनिक निजी संस्थान जैसी अनुभूति देता है। स्वच्छ परिसर, सुव्यवस्थित कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्ट बेस्ड पढ़ाई ने शिक्षा को बेहतर दिशा दी है। इसकी सफलता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 40 से अधिक विद्यार्थी राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, और बोर्ड परीक्षा में एक छात्र ने प्रदेश के टॉप-10 में स्थान हासिल किया है। सेंदरी का यह सरकारी स्कूल यह साबित कर रहा है कि नीयत सशक्त और उद्देश्य स्पष्ट हों तो संसाधन बाधा नहीं बनते। यहां के शिक्षकों की लगन और समर्पण ने शिक्षा को नवाचार, सेवा और समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बना दिया है। यह कहानी सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि उस उम्मीद की है जो बताती है कि सही पहल से पूरा वातावरण बदल सकता है।

महोत्सव की बदइंतजामी पड़ी भारी: गीता महोत्सव के बाद लाडवा SDM की छुट्टी, दो अफसर ट्रांसफर

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव की अव्यवस्था का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखने लगा है। आयोजन में भीड़ कम रहने और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर हुई किरकरी के बाद सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसी क्रम में लाडवा एसडीएम पंकज सेतिया को पद से हटा दिया गया है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज और पंजाबी गायक कंवर ग्रेवाल के कार्यक्रमों में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ न आने से पूरे आयोजन की योजना और प्रबंधन पर सवाल उठे। प्रशासन की तैयारी को लेकर उठी आपत्तियों के बाद सरकार ने जवाबदेही तय करते हुए आदेश जारी किए।   मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी तबादला आदेशों के अनुसार 2019 बैच के एचसीएस अधिकारी अनुभव मेहता को लाडवा का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। अनुभव मेहता इससे पहले करनाल में एसडीएम थे। उन्हें लाडवा एसडीएम के साथ कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल में संयुक्त निदेशक प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। पूर्व एसडीएम पंकज सेतिया लगभग 15 महीनों से लाडवा में तैनात थे और उनके पास कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज भी था। गीता महोत्सव में अव्यवस्थाएं उजागर होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है। इसी आदेश में 2020 बैच के एचसीएस अधिकारी अजय सिंह को कैथल एसडीएम पद से हटाकर सिरसा में सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

परिवार समारोह में व्यस्त, चोरों ने साफ किए ₹1 करोड़ के गहने-नकदी

पिथौरा चोर कितने शातिर हो गए हैं, इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इधर परिवार के तमाम सदस्य शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए, और उधर ताक लगाए चोरों ने घर में धावा बोलकर 25 लाख रुपए नगदी सहित एक करोड़ के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिया. मामला महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम बल्दीडीह का है. गांव में निवासरत योगेश अग्रवाल परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए रायपुर गए थे. वहीं घर को सूना देख चोरों ने धावा बोलकर 25 लाख नगदी सहित सोने-चांदी के आभूषण ले उड़े. चोरी की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है. सूचना मिलते ही सायबर सेल एवं सांकरा पुलिस मौके पर पहुंच कर पड़ताल में जुट गई. एडिशनल एसपी प्रतिभा तिवारी ने बताया कि घटना स्थल की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है. फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है. फोरेंसिक की टीम, डॉग स्काड की टीम घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू की दी है. आस-पास के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है. जल्द ही आरोपी सलाखो के पीछे होंगे.

सुखबीर बादल का बड़ा दावा: चुनावों में विपक्ष को दबाने की रणनीति तैयार

पटियाला शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आगामी ज़िला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में विपक्षी दलों विशेषकर अकाली दल को निशाना बनाने की संगठित साजिश रची जा रही है। बादल ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप जारी की, जिसने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। हालांकि दैनिक ट्रिब्यून आडियो की पुष्टि नहीं करता। पुलिस ने आडियो को फर्जी एआई जनरेटेड करार दिया है। बादल के अनुसार, वायरल हुई इस ऑडियो क्लिप में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नामजदगी प्रक्रिया के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने की रणनीति बनाते सुने जा रहे हैं। क्लिप में कथित तौर पर अधिकारी कहते हैं कि यदि कोई “कार्रवाई” करनी हो तो वह नामजदगी केंद्रों के बाहर गांवों, घरों या रास्ते में की जाए, न कि केंद्रों के अंदर।   कुछ DSP यह कहते सुनाई देते हैं कि वे स्थानीय राजनीतिक नेताओं के संपर्क में हैं और विपक्षी उम्मीदवारों को पर्चा भरने से रोकना उनकी “प्राथमिकता” है। एक अधिकारी कथित रूप से कहता है कि बल प्रयोग पर कोई आपत्ति नहीं, बशर्ते विपक्षी उम्मीदवार केंद्र तक पहुंचने से पहले ही रोक दिए जाएं। सुखबीर बादल ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने विपक्ष को रोकने की यह कथित योजना लागू की, तो पंजाब में स्थानीय चुनावों की निष्पक्षता पर गहरा सवाल उठेगा। बादल ने चेतावनी दी कि किसी भी कार्यकर्ता या उम्मीदवार के साथ अन्याय होने पर पुलिस और प्रशासन को कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर जवाब देना होगा। वहीं, पटियाला पुलिस ने क्लिप को फर्जी और एआई जनरेटेड बताया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई कॉल या निर्देश कभी जारी नहीं हुआ और न ही किसी अधिकारी को इस तरह के आदेश देने का अधिकार है। पटियाला SSP से संपर्क करने की कोशिशें की गईं, लेकिन वे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। बता दें, अकाली दल और अन्य विपक्षी दल पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि उनके उम्मीदवारों के नामांकन पर्चे फाड़े गए, या उन्हें समय पर पर्चा दाखिल करने नहीं दिया गया। इन आरोपों के बाद SAD ने राज्य चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर वे अदालत का रुख भी करेंगे।

अब्दुल्ला आजम को बड़ा झटका: अदालत ने जुर्माने के साथ सुनाई सजा

रामपुर दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा काट रहे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट केस में भी कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला आजम वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए। सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट का मामला शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में 2019 में दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास दो पासपोर्ट हैं।  इसमें से एक पासपोर्ट का इस्तेमाल वह विदेश यात्रा में भी कर चुके हैं। यह मामला एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने को लेकर अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू हुई। शुक्रवार को रामपुर कोर्ट ने फैसला सुनाया। सुनवाई के लिए पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाते हुए  50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। क्या है मामला शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। इसमें विधायक ने कहा था कि अब्दुल्ला आजम खां द्वारा असत्य व कूट रचित दस्तावेज तथा विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवाया है। वह इसका उपयोग कर रहे हैं। पासपोर्ट संख्या जेड4307442 दस जनवरी 2018 है। अब्दुल्ला आजम खां की जन्मतिथि शैक्षिक प्रमाण पत्रों हाईस्कूल बीटेक व एमटेक में  एक जनवरी1993 अंकित है। पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 में जन्मतिथि  30 सितंबर 1990 अंकित है। पासपोर्ट का प्रयोग आर्थिक लाभ हेतु व्यापार व व्यवसाय संबंधी विदेश यात्राओं तथा विभिन्न संस्थाओं में पहचान पत्र  के रूप में तथा विभिन्न पदों के आवेदन में किया गया है। दूसरी ओर शैक्षिक प्रमाण पत्रों का प्रयोग भी आर्थिक लाभ हेतु शैक्षिक संस्थाओं की मान्यताओं व आईडी के लिए किया गया है। अब्दुल्ला आजम के शैक्षिक प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट का विवरण जन्मतिथि व जन्म स्थान विरोधाभासी है फिर भी अब्दुल्ला आजम सभी दस्तावेजों का प्रयोग जरूरत के अनुसार जानबूझकर अनुचित लाभ लेने के लिए कर रहे है। केस में आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने असत्य विवरण अंकित पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 बनवाया है जो जिसका दुरुपयोग किया जाना भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा -12(1) एके अन्तर्गत दंडनीय अपराध है ।