samacharsecretary.com

1 जनवरी को खजराना गणेश मंदिर में भव्य भोग, तिल चतुर्थी पर लगेगा सवा लाख लड्डुओं का आशीर्वाद

इंदौर  लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भक्तों की ज्यादा संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। नए साल और तिल चतुर्थी महोत्सव के दौरान भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। मंदिर परिसर में भीड़ मैनेजमेंट, पानी की व्यवस्था, पार्किंग, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा, साथ ही श्रद्धालुओं को सुगम और आधुनिक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर में भगवान गणेश का विशेष श्रंगार किया जाएगा। इन दिनों पूरे मंदिर परिसर में विशेष लाइटिंग और फूलों से सजावट भी की जाएगी। दुनिया भर में हजारों लोगों की आस्था का केंद्र इंदौर का खजराना गणेश मंदिर अब उन करोड़पति मंदिरों में शुमार है, जहां हर साल करोड़ों का दान आता है. अब यहां भगवान के लिए 6 किलो सोने का मुकुट तैयार किया जा रहा है. गणेश जी का मुकुट तैयार हो जाने के बाद माता रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के भी मुकुट बनाने की तैयारी चल रही है. बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी की सुबह मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में कई व्यवस्थाएं की जाती हैं, जिससे भक्तों को दर्शन करने में आसानी हो। इसके साथ ही पुलिस व्यवस्था भी मंदिर में लगाई जाती है। मंदिर में दर्शन के लिए स्टेप्स के साथ कई बदलाव किए जाते हैं। साथ ही ये प्रयास भी किए जाते हैं कि भक्तों को ज्यादा देर तक लाइन में इंतजार ना करना पड़े। सालाना बढ़ रही खजराना मंदिर की दान राशि इंदौर में होलकर रियासत के समय से ही खजराना गणेश मंदिर जन-जन की आस्था का केंद्र रहा है. इस मंदिर को देवी अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया था. तभी से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने को लेकर मंदिर की प्रसिद्धि दुनिया भर में फैली हुई है. यही वजह है कि न केवल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ रही है, बल्कि मंदिर में आने वाले दान की राशि भी सालाना कई करोड़ रुपये हो चुकी है. 31 दिसंबर को 11 बजे तक ही एंट्री     नव वर्ष की पूर्व संध्या और पहले दिन श्रद्धालुओं के लिए कई व्यवस्था की जाएंगी।     31 दिसंबर की रात 11 तक ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।     इसके बाद मंदिर में 1 जनवरी को सुबह 4 बजे से मंदिर में दोबारा दर्शन शुरू किए जाएंगे।     31 दिसंबर को पुजारी जयदेव भट्ट महाआरती करेंगे। खजराना गणेश मंदिर में 6 जनवरी से तिल चतुर्थी महोत्सव शुरू होगा। जिसमें सात दिवसीय तिल चतुर्थी मेला भी लगेगा। तिल चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश का सवा लाख लड्‌डूओं का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। इस महोत्सव की शुरुआत ध्वजा पूजन के साथ होगी। मंदिर में विशेष सजावट भी की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि श्रद्धालुओं के लिए अनेक ऑनलाइन सुविधाएं शुरू की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर की वेबसाइट को अपडेट किया जाए। नया पोर्टल और एप भी शुरू कि जाए। सहयोग राशि के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी शुरू की जाए। बता दे कि बुध‌वार को कलेक्टर ने मंदिर का दौरा भी किया जहां उन्होंने मंदिर के विकास के लिए बनाए गए मास्टर प्लान को भी देखा और मीटिंग में दिशा-निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने विकास कामों को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए। दान राशि से बन रहा सोने का मुकुट इतना ही नहीं मंदिर के कई ऐसे प्रमुख दानदाता हैं, जो मंदिर परिसर में चाहे धर्मशाला हो, शैक्षणिक परिसर हो या फिर अन्य कोई संसाधन, वे गुप्त दान के जरिए मंदिर की हर व्यवस्था के लिए तैयार रहते हैं. अब यहां पर दान राशि से ही भगवान का मुकुट बनाया जा रहा है, जो करीब 6 किलो सोने से तैयार किया जा रहा है. 8 करोड़ रुपए का तैयार हो रहा है मुकुट मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट बताते हैं कि "मंदिर में हर महीने में 40 से 50 लाख रुपए का दान प्राप्त हो रहा है. इसी अनुपात में सालाना दान राशि करोड़ों में जमा हो जाती है. भगवान के लिए सोने का मुकुट जो बनाया जा रहा है उसकी कीमत करीब 7-8 करोड़ रुपए है. फिलहाल डेमो के लिए चांदी का मुकुट तैयार किया गया है, जिनकी डिजाइन और स्वरूप फाइनल होने के बाद उन्हें स्वर्ण में तैयार किया जाएगा." तिल चतुर्थी पर लगेगा सवा लाख लड्डुओं का भोग आगामी तिल चतुर्थी के अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में सवा लाख लड्डुओं का भोग लगेगा. इस दौरान यहां 3 दिवसीय मेला भी लगेगा, जो 6, 7 और 8 जनवरी को आयोजित होगा. तिल चतुर्थी पर बड़ी संख्या में भक्त खजराना मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं. इनके लिए इंदौर जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने सुविधाजनक दर्शन की व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है. प्रतिवर्ष होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग भगवान को गुड-तिल भी अर्पित करने आते हैं. मध्य प्रदेश के 5 धनी मंदिर की लिस्ट सबसे ज्यादा कमाई करने वाला मंदिर है उज्जैन का बाबा महाकाल ज्योतिर्लिंग. इसकी नेटवर्थ सैकड़ों करोड़ में है. वहीं, दूसरे नंबर पर मैहर का मां शारदा देवी धाम है. इसके बाद ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है जिसकी सालाना इनकम 37 से 40 करोड़ के आसपास है. वहीं, चौथे स्थान पर है सलकनपुर की दुर्गा माता का मंदिर जो देवी बीजासन के रूप में जाना जाता है. इंदौर का खजराना गणेश मंदिर मध्य प्रदेश का 5वां सबसे धनी मंदिर खजराना गणेश इस लिस्ट में पांचवे नंबर पर है जिसकी सालाना नेटवर्ट 6 से 7 करोड़ रुपए आंकी गई है. यह दान और चढ़ावे से आने वाली रकम है.

इंद्रेश उपाध्याय की शादी की भव्य तैयारियाँ, करीबी दोस्तों के साथ धूमधाम से मनाया गया विवाह समारोह

छतरपुर वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज 5 दिसंबर को जयपुर के होटल ताज आमेर में हरियाणा की शिप्रा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस शुभ अवसर पर देशभर के साधु-संतों और कई प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी रहेगी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी उनके परम मित्र हैं और विवाह समारोह में शामिल हो रहे हैं। शादी की रस्में शुरु हो गई है। मशहूर है दोनों की दोस्ती वृंदावन के इंद्रेश महाराज और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री दोनों की ही दोस्ती काफी मशहूर है। दोनों अक्सर साथ में देखे जाते हैं। जब हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा निकली थी, तब इंद्रेश महाराज उनके साथ ही थे। दोनों एक-दूसरे की कथाओं में जाते रहते हैं। इंद्रेश महाराज के विवाह को लेकर भी शास्त्री ने कहा था कि इंद्रेश के विवाह में उनकी मां ही गीत गाएंगी। हाल ही में आए थे घर प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय हाल ही में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की जन्मस्थली आए थे। उन्होंने शास्त्री की मां के हाथों से बने देशी चूल्हे पर कड़ी-पुड़ी और चाय का स्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने उस झोपड़ी को भी देखा जहां धीरेंद्र शास्त्री का बचपन बीता था। बाबा रामदेव ने भी लिए मजे हाल ही में सीएम मोहन यादव के बेटे की शादी में बागेश्वर बाबा और बाबा रामदेव भी पहुंचे हुए थे। वहां अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि यशस्वी मुख्यमंत्री अपने बालक की शादी यहां कर रहे, इससे बड़ी-बड़ी जगहों में डेस्टिनेशन वेडिंग कर लाखों-करोड़ों खर्च करने वालों का खर्चा बचेगा। लोग कहेंगे कि मैं भी अपने बालक का विवाह सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराउंगा। इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कहें कि आप भी कर लो।' इस पर परिसर में जोर के ठहाके लगने लगे। तभी बाबा रामदेव उठे और उन्होंने बाबा बागेश्वर को संबोधित करते हुए कहा कि 'चिंता मत करो महाराज आपका भी विवाह यहीं सामूहिक कन्या विवाह समारोह में ही कराएंगे।' सिर्फ बात ही हो रही लंबे समय से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवाह की बातें मीडिया और उनके समर्थकों में हो रही हैं। हालांकि कभी भी धीरेंद्र शास्त्री ने इन बातों का खंडन नहीं किया। वह विवाह की बात को बड़ी ही होशियारी से टाल देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका नाम कभी कथावाचक जया किशोरी तो कभी देवी चित्रलेखा से जुड़ा है। वह खुद कई बार इन बेसिर-पैर की बातों का खंडन कर चुके हैं। बागेश्वर बाबा अपनी कथाओं में भी बिना तारीख बताए कई बार श्रोताओं को अपने विवाह के प्रीतिभोज में आमंत्रित कर चुके हैं। मित्र के विवाह से पड़ेगा दवाब अब उनके परम मित्र इंद्रेश महाराज के विवाह के बाद उनके ऊपर भी विवाह का दवाब बनेगा। उनकी माताजी कई बार उनसे निवेदन कर चुकी हैं। उनके पैतृक मकान में एक तस्वीर भी लगी है, जिसमें शास्त्री की मां उनके कान ऐंठ रही हैं, और उस पर लिखा है,'अब तो शादी कर ले मेरे लाल…' अब उनकी शादी की शुभ घड़ी कब आएगी, यह तो किसी को नहीं पता है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएंगे।  

DAVV छात्रा दुष्कर्म केस: धर्म परिवर्तन के दबाव में आरोपी इंदौर से दबोचा गया

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की छात्रा ने मुस्लिम युवक हम्स शेख पर दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआईआर लिखवाई है। आरोपित ने छात्रा के साथ जबरदस्ती की और मुसलमान बनने के लिए धमकाया। तिलक नगर टीआई मनीष लोधा के मुताबिक संचार नगर निवासी हम्स पुत्र सादिक शेख पीड़िता के साथ पढ़ता था। सहपाठी होने के कारण उसकी बातचीत होने लगी थी। युवक ने पीड़िता के घर जाकर दुष्कर्म किया हम्स ने छात्रा को शादी का प्रस्ताव दिया तो उसने फटकार दिया। कुछ दिन उसने दूरी बनाई, लेकिन बाद में माफी मांग कर दोबारा बातचीत करने लगा। 26 जुलाई को हम्स पीड़िता के घर आ गया और उसकी के साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह ब्लैकमेल करने लगा। अगस्त में शादी होने के बाद पीड़िता को लगा कि वह अब परेशान नहीं करेगा। लेकिन वह शादी करने और मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाने लगा। पीड़िता ने पति को घटना बताई और बुधवार रात हम्स के खिलाफ केस दर्ज करवाया।   छात्रा ने हिंदू संगठन से मांगी थी मदद हिंदू संगठन की मदद से पकड़ा आरोपित हम्स से परेशान छात्रा ने हिंदू संगठन और करणी सेना के कार्यकर्ताओं से भी मदद मांगी थी। आरोपित कॉलेज आने-जाने के दौरान छात्रा को परेशान करता था। छात्रा द्वारा घटना बताने पर हम्स को पिपल्याहाना से पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उस वक्त पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। आरोप है कि हम्स के पक्ष में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष अजहर शेख ने काल लगाकर कार्रवाई न करने का दबाव बनाया था।

सरकारी अस्पताल में दलाली का खेल! MY के डॉक्टरों पर 10% कमीशन के लिए मरीज रेफर करने के गंभीर आरोप

इंदौर शहर के शासकीय अस्पतालों से डॉक्टर मुनाफा कमाने के लालच में मरीजों को लामा कर निजी अस्पतालों में भेज रहे हैं। हाल ही में एमवाय अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के एक डॉक्टर द्वारा इंडेक्स अस्पताल में मरीज को लामा कर भेजने का मामला सामने आया है। मरीज ने खुद इसकी शिकायत की थी कि रातभर जमीन पर बिना इलाज के रखा और सुबह डॉक्टर ने निजी अस्पताल में जाने के लिए कहा। मामले में डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है। एक मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजने पर डॉक्टर को 10 प्रतिशत कमिशन मिलता है। यानी तीन लाख का इलाज यदि मरीज का निजी अस्पताल में हो रहा है तो डॉक्टर को इसके एवज में 30 हजार रूपये मिलते हैं। यह खेल आयुष्मान योजना के नाम पर तेजी से चल रहा है।   रोजाना 10 से अधिक मरीज जाते है निजी अस्पताल एमवायएच अस्पताल में आने वाले मरीज को यह कहा जाता है कि निजी अस्पताल में बेहतर सुविधा के साथ निश्शुल्क उपचार मिल जाएगा। एमवाय अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, रोजाना 10 से अधिक मरीज अधूरे इलाज में लामा करवाकर निजी अस्पताल में चले जाते हैं। इनमें से कुछ अपनी मर्जी से जाते हैं, बाकि डॉक्टर कमिशन के चक्कर में पहुंचा देते हैं। मरीजों को ले जाने में एंबुलेंस गैंग भी सक्रिय, रोक लगाने पर प्रशासन फेल एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों के अलावा मरीजों को ले जाने में एंबुलेंस गैंग भी सक्रिय है।   करीब एक वर्ष पहले मरीजों को एमवाय अस्पताल से निजी अस्पताल लेकर जाने पर एंबुलेंस गैंग का मुखिया दीपक वर्मा पकड़ाया था। इस दौरान जूनियर डॉक्टरों ने उसकी पिटाई कर दी थी। इसके बाद दीपक और असलम आदि को परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। कभी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आता पूर्व संभागायुक्त ने इस दौरान अस्पताल में निजी एंबुलेंस वाहन को परिसर में पार्किंग करने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इन्हें रोकने पर प्रशासन फेल नजर आ रहा है। अभी एमवाय अस्पताल में तिरूपती बालाजी एंबुलेंस से राहुल और बहादुर, श्री बालाजी एंबुलेंस से दीपक, एकाक्ष सामाजिक संस्था से रामगोपाल श्रीवास्तव आदि सक्रिय है। लेकिन प्रशासन इनपर कभी कार्रवाई करते हुए नजर नहीं आता है। निजी अस्पतालों के एजेंट घुमते हैं अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने वाले कई एजेंट घुमते हैं। पूर्व में भी इस तरह के लोगों को पकड़ा गया है। इन्हें मरीजों के हिसाब से निजी अस्पताल में कमिशन मिलता है। इसके लिए यह मरीजों को एमएलटी, एक्सरे सहित अन्य जांच होने के बाद निजी अस्पताल में आपरेशन के लिए लेकर चले जाते हैं। इसमें सबसे अधिक मरीज हड्डी रोग विभाग, न्यूरोसर्जरी, कैंसर, मेडिसिन विभाग आदि के होते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में लामा रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमने हाल ही में एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की है। लामा रोकने के लिए एक कमेटी भी बनाई जा रही है। जो लामा कर जाने वाले सभी मरीजों का रिव्यू करेगी। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

शासकीय डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई: मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का मामला, एक निलंबन–एक की वेतन कटौती

इंदौर शासकीय अस्पतालों से लाखों रुपये वेतन लेने के बाद भी यहां के डॉक्टर अपनी जेब भरने में ही व्यस्त रहते हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल एमवायएच हमेशा से मरीजों को निजी अस्पताल में भेजने के लिए चर्चा में रहा है। एक बार फिर निजी अस्पताल में मरीज को भेजने का मामला सामने आया है। मामले में एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसी प्रकार ड्यूटी के समय घर पर आराम कर रही महिला सीनियर डॉक्टर को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले अस्पताल में रात के समय रतलाम से न्यूरोसर्जरी विभाग में एक मरीज इलाज के लिए आया। रातभर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसका इलाज करने के बजाय जमीन पर रखा। इसके बाद उससे कहा कि आयुष्मान कार्ड है तो इंडेक्स अस्पताल में इलाज करवाओ और उसे भेज दिया। मामले में मरीज द्वारा लिखित शिकायत के बाद जांच की गई। जांच में सामने आया कि विभाग में एमसीएच के विद्यार्थी द्वारा मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। इसके एवज में उसे निजी अस्पताल की ओर से राशि भी मिलती है। मामले में जांच के बाद डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है।   कलेक्टर पहुंचे अस्पताल, ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिली एमवाय अस्पताल में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगती है, वे इस दौरान निजी अस्पताल में रहते हैं या फिर घर पर आराम करते रहते हैं। हाल ही में सिमरोल सड़क हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया था, लेकिन इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में कोई ड्यूटी डॉक्टर नहीं था। हादसे के बाद डीन पहुंचे तो कोई डॉक्टर नहीं मिला। दो घंटे बाद ड्यूटी पर महिला सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पहुंची। कारण पूछने पर कहा कि घर पर थी। इस बीच कलेक्टर भी पहुंचे। लापरवाही सामने आने के बाद डीन ने महिला डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है। सीनियर डॉक्टर भी गिरोह में शामिल एमवाय अस्पताल में मरीजों को लापरवाही कर निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजने के लिए कई गिरोह बने हुए हैं। इन गिरोह में सीनियर डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्हीं के संरक्षण में ड्यूटी डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर द्वारा यह कार्य किया जाता है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर तो अपने ही खुद के अस्पताल में मरीजों को लापरवाही करवाकर ले जाते हैं। इसी प्रकार पेट रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, न्यूरोसर्जरी विभाग आदि से भी मरीज बाहर जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इनके गिरोह में एंबुलेंस संचालक, स्टाफ, आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारी भी शामिल रहते हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने कहा कि एमवायएच से मरीज को लापरवाही कर निजी अस्पताल में भेजने के मामले में कार्रवाई की गई है। एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसके साथ ही ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने पर सीनियर रेजिडेंट को बर्खास्त किया गया है। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टीकमगढ़ में बड़ा हादसा: बिजली आते ही खंभे पर चढ़े युवक की मौके पर ही मौत

टीकमगढ़ बिजली सुधार के लिए एक व्यक्ति को लाइनमैन द्वारा खंभे पर चढ़ाया गया। जहां पर खंभे पर चढ़ने के दौरान ही बिजली चालू हो गई। तब वह झुलस गया और उसकी मौत हो गई। अब नाराज स्वजनों और ग्रामीणों ने लाइमैन पर कार्रवाई के साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया है। जहां पर बल्देवगढ़ के साथ ही आसपास के पुलिस थाना से पुलिसबल पहुंच गया। जहां पर लोगों को समझाइश दी जा रही है। लेकिन लोग चक्काजाम कर अड़े हुए हैं। बताया गया कि बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के सूरजपुर फीडर के लाइनमैन हरिदास अहिरवार द्वारा अपने सहयोगी निजी व्यक्ति मोहन अहिरवार उम्र 35 वर्ष निवासी डूडयन खेरा को 11 केवी लाइन पर विद्युत सुधार कार्य के लिए चढ़ाया गया था। लेकिन लाइन बंद नहीं कराने के कारण यह घटना हुई।   लोगों द्वारा घटना के तत्काल बाद ही गुरुवार को सुबह 7:30 बजे से चक्का जाम कर दिया गया। अब बल्देवगढ़ छतरपुर मार्ग पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह, एसडीओपी राहुल कटरे भी मौके पर पहुंचे हैं।

पशुपालकों के लिए संजीवनी बनी राहत योजना: 59 लाख रुपये से डेयरी सेक्टर को सहारा

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में घोषित इस योजना के तहत होशियारपुर और तारागढ़ गांव के पशुपालकों और डेयरी किसानों को कुल 59 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल पंजाब में पशुपालन और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत राजपुरा में 17 लाख रुपये और तारागढ़ में 42 लाख रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिससे स्थानीय पशु चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पंजाब सरकार ने पशुपालकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस वर्ष 204 डेयरी किसानों को 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की है। यह राशि 2 से 20 पशुओं वाली डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए दी गई है। इसके अलावा, 9,150 बेरोज़गार युवाओं को डेयरी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे स्वरोज़गार के अवसर प्राप्त कर सके। प्रदेश भर में 47 राज्य और ज़िला स्तरीय सेमिनार और शिविर आयोजित किए गए है, जिनमें पशुधन किसानों को बीमा योजना के लाभ, दावा प्रक्रिया और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में शिक्षित किया गया है। यह पहल भागीदारी और विश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद सीज़न के दौरान 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर ज़िले में 3.14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं आने की उम्मीद है, जबकि जालंधर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर क्रमशः 5.25 लाख, 3.61 लाख और 2.64 लाख मीट्रिक टन का योगदान देंगे। मंत्री ने किसानों द्वारा लाए गए प्रत्येक अनाज को खरीदने की सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब का डेयरी उद्योग उल्लेखनीय परिवर्तन देख रहा है। माझा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्टरलाइज्ड फ्लेवर्ड दूध और लस्सी तथा दही जैसे किण्वित डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। यह साहसिक कदम उच्च गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में पंजाब की स्थिति को मजबूत करता है। स्थानीय दूध संयंत्र में अपग्रेड की गई सुविधाएं उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएंगी, जो क्षेत्र और उससे आगे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मूल्य वर्धित दूध उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 30,000 पशुओं का बीमा किया गया है और किसानों को 7 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इस योजना के तहत, पशुओं की मृत्यु या बीमारी की स्थिति में किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण जारी रखने में मदद मिलती है। सरकार ने युवाओं को डेयरी खेती के बारे में सक्रिय रूप से शिक्षित करने और विभागीय योजनाओं के बारे में सूचित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि अधिकतम लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके। पशु चिकित्सालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के तहत, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की खरीद और अनुकूलन के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा किसानों के दरवाजे पर टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपलब्ध है, जिसमें रोग निदान, उपचार, टीकाकरण, छोटी शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप और विस्तार सेवाएं शामिल हैं। पंजाब में वर्तमान में पशु चिकित्सा उपचार की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं, जिससे पशुधन रोगों का शीघ्र पता लगाने और प्रबंधन की क्षमता बढ़ रही है। वेरका ब्रांडेड उत्पादों को अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा रहा है, जिससे दूध, दही और लस्सी जैसे प्रतिष्ठित उत्पाद वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर की शुरुआत और एक नए शुभंकर ‘वीरा’ सहित नवीन ब्रांडिंग प्रयास उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ाने और वैश्विक मंच पर ब्रांड दृश्यता को ऊंचा करने के लिए तैयार है। राज्य पारंपरिक पसंदीदा जैसे रबड़ी और काजू बादाम दूध सहित नए डेयरी उत्पादों को भी पेश कर रहा है। ये परिवर्धन उपभोक्ता स्वाद की गहरी समझ और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पिछले डेढ़ साल में पंजाब को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पूर्ण सांप्रदायिक सद्भाव है और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण है, जो राज्य के समग्र विकास और समृद्धि को गति दे रहा है। नीदरलैंड स्थित डी ह्यूस कंपनी द्वारा राजपुरा में 138 करोड़ रुपये के पशु आहार संयंत्र की स्थापना इस बात का उदाहरण है कि पंजाब किस प्रकार निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। यह संयंत्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। 

निजी सचिव पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप तूल पकड़ा, डिप्टी स्पीकर के विधायक ने दिए जांच के निर्देश

जींद  हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा के निजी सचिव मोहित शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति रखने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब गरमाया जब आरटीआई कार्यकर्ता भारत भूषण शर्मा ने मोहित शर्मा की संपत्ति की जाँच की माँग की। इसके बाद एक यूट्यूबर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दावा किया गया कि चीफ सेक्रेटरी ने आईएएस अधिकारी प्रियंका सोनी को इस मामले की शिकायत की है। वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. कृष्ण मिड्डा ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और स्पष्ट शब्दों में कहा, “अभी तक मेरे निजी सचिव मोहित शर्मा के खिलाफ कोई आधिकारिक जाँच नहीं चल रही है। सोशल मीडिया पर चल रही सारी खबरें निराधार हैं। मैं खुद मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखकर अपने निजी सचिव की संपत्ति की पूरी जाँच करवाऊँगा। मुझे भी सच जानना है कि कहीं मैं अब तक अंधेरे में तो नहीं रहा। जाँच शुरू होते ही मोहित शर्मा को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा ताकि वे जाँच को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें।”   डिप्टी स्पीकर ने यूट्यूबर्स को कड़ी चेतावनी भी दी,“बिना तथ्यों के वीडियो बनाना बंद करें, वरना उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। अगर मेरा निजी सचिव जाँच में दोषी पाया गया तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी।” गौरतलब है कि मोहित शर्मा साल 2009 से मिड्डा परिवार के साथ हैं। पहले वे डिप्टी स्पीकर के पिता डॉ. हरिचंद मिड्डा के निजी सचिव थे। फिलहाल मामला पूरी तरह सुर्खियों में है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र कब स्वीकृत होता है और जाँच कब शुरू होती है।

नक्सल-रोधी अभियान में निर्णायक वार: 18 इनामी नक्सली मारे गए, AK-47 व LMG समेत हथियार जब्त

छत्तीसगढ़ बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. लगभग 20 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में जवानों ने 1 करोड़ 30 लाख रुपये इनामी 18 नक्सलियों को मार गिराया. हालांकि, इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हैं, जिनका इलाज रायपुर में जारी है. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने मारे गए नक्सलियों के शवों के साथ बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें AK-47, LMG 303 रायफल और ऑटोमैटिक हथियार शामिल हैं. 16 नक्सलियों की हुई पहचान अब तक 18 में से 16 नक्सलियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि दो शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. मारे गए नक्सलियों में 9 पुरुष और 9 महिला माओवादी शामिल हैं. सभी पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था. यह मुठभेड़ हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है. ऐसे हुआ था मुठभेड़ यह मुठभेड़ बुधवार सुबह 9 बजे उस समय शुरू हुई जब DRG, STF, COBRA और CRPF की संयुक्त टीम बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन क्षेत्र में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।

डबल डॉक्यूमेंट विवाद: दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला का फैसला कल, सात साल की सज़ा बना असर का कारण

रामपुर सपा नेता आजम खान व उनके परिवार पर दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड के बाद अब दो पासपोर्ट के मामले पर लोगों की नजर है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा। पासपोर्ट के मामले में अब्दुल्ला अकेले आरोपित हैं। इससे पहले दो जन्म प्रमाण पत्र में आजम खां, उनकी पत्नी और अब्दुल्ला को सजा हुई थी, जबकि दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला को सजा हुई थी। दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला जेल में बंद हैं। सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला का राजनीतिक जीवन शुरू होते ही विवादों में घिर गया। वह दो बार विधायक बने, लेकिन दोनों बार विधायकी चली गई। वर्ष 2017 से राजनीति में कदम रखने के बाद वह ज्यादा दिन सत्ता का सुख हासिल नहीं कर पाए। अब तक तीन मुकदमों में सजा हो चुकी है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 17 माह जेल में भी बिताने पड़े। जमानत पर बाहर आए तो 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सजा हो गई। अब फिर से वह पिता के साथ जेल में बंद हैं। पिता की तरह ही अब्दुल्ला पर भी ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए। सपा सरकार जाने के बाद वर्ष 2019 में जिले में 42 मुकदमे दर्ज हुए। साथ ही पुराने मुकदमों की फाइल भी खुल गई। इनमें एक मुकदमा मुरादाबाद के थाना छजलैट में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था। इस तरह अब्दुल्ला को 43 मुकदमों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भी उनके खिलाफ 41 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें दो पासपोर्ट का मामला भी है, जिसमें शुक्रवार को फैसला आना है। इस फैसले को जानने के लिए सभी उत्सुक हैं। पासपोर्ट मामले में अकेले अब्दुल्ला के आरोपित होने पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप सक्सेना का कहना है कि अब्दुल्ला ने अपने पिता मोहम्मद आजम खां के साथ सुनियोजित षड्यंत्र के अन्तर्गत चुनाव नामांकन में आयु संबंधी अयोग्यता छिपाने के लिए कूटरचित मिथ्या विवरण व दस्तावेज प्रस्तुत कर पैन कार्ड संख्या DWAPK7513R जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 का बनवाया और नामांकन पत्र में आयु संबंधी अयोग्यता पूर्ण कर अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया गया। इस कारण पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला दोनों मुलजिम बनाए गए थे, जबकि अलग-अलग जन्मतिथि से बने दोनों पासपोर्ट का प्रयोग अब्दुल्ला ने अकेले किया था। उनके द्वारा विदेश यात्राएं की गईं, जिसके कारण वह अकेले आरोपित बनाए गए।