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भोपाल के तीन स्‍थानों पर आठवाँ ह्रदय दृश्‍यम 5 से 7 दिसम्‍बर, 2025 तक- राज्य मंत्री लोधी

राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के सुविख्‍यात कलाकारों की होंगी संगीत सभाएं रविन्द्र भवन में 5, 6 दिसंबर को जगदीशपुर में और भारत भवन में 7 दिसंबर को आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट एवं व्‍यंजन मेला भी होगा जगदीशपुर के चमन महल में भी होंगी प्रस्‍तुतियाँ ऐतिहासिक पृष्‍ठभूमि पर सुरीले राग की अनुगूँज ह्रदय को करेगी झंकृत भोपाल  संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि संगीत समागम ‘ह्रदय दृश्‍यम’ के आठवें संस्‍करण का आयोजन 5 से 7 दिसम्‍बर, 2025 तक भोपाल के तीन स्‍थानों पर किया जा रहा है। रविन्द्र भवन में 5, 6 दिसंबर को जगदीशपुर में और भारत भवन में 7 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के कलाकारों की संगीत सभाएं होंगी। 'ह्रदय दृश्‍यम' मध्‍यप्रदेश की दूरदर्शी सांस्कृतिक संवेदना का ऐसा उदाहरण है, जो प्रदेश की कलात्मकता को नए आयाम देता है। इस संगीत समारोह के माध्‍यम से एक ओर समृद्ध सांस्‍कृतिक संसार की छवि सुरों के माध्‍यम से उकेरी जाती है, दूसरी ओर मध्‍यप्रदेश की प्राचीन धरोहरों को बढ़ावा दिया जाता है।  इस वर्ष रवीन्‍द्र भवन एवं भारत भवन के साथ ही विशेष रूप से भोपाल से निकट प्राचीन जगदीशपुर स्थित सौंदर्यपूर्ण चमन महल में भी संगीत सभाएँ आयोजित की जा रही हैं। जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा विरासत से विकास की पहल की गई है, इसी अनुक्रम में जगदीशपुर को इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए चुना गया है।‘ह्रदय दृश्यम’ ताल, स्वर, रंग और परम्‍परा के संगम से हृदय को स्पंदित करती है और भोपाल की झीलों, पहाड़ियों और ऐतिहासिक स्थलों के बीच एक आध्यात्मिक-संगीतमय वातावरण रचती है। युवाओं को जोड़ने वाला आयोजन संस्‍कृति विभाग की परम्‍परा सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के माध्‍यम से नई पीढ़ी को भी प्रेरित करने की रही है। (ओमेगा रैंक) के सीएसआर फंड के सहयोग से आयोजित 'ह्रदय दृश्‍यम' के आठवें संस्‍करण में ध्‍यान रखा गया है कि युवा श्रोता वर्ग भी इस कार्यक्रम से जुड़े और अपनी परम्‍पराओं और विरासत के बारे में जाने। इसके लिए ऐसे कलाकारों को आमंत्रित किया गया है जो सभी वर्गों के साथ युवाओं के बीच भी लोकप्रिय हैं। तीन दिवसीय विविधतापूर्ण सांगीतिक उत्सव अपर मुख्य सचिव संस्कृति, पर्यटन, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 'हृदय दृश्यम' 2025 की शुरुआत 5 दिसंबर को भोपाल के प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में होगी। उद्घाटन शाम 5 बजे होगा, जिसके बाद लगातार तीन घंटे संगीत प्रस्तुतियाँ दर्शकों को भारतीय संगीत की विविध विधाओं से परिचित कराएँगी। सबसे पहले मंच सजाएंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात बांसुरी वादक पं. राकेश चौरसिया, अपअने सुरों के माध्यम से श्रोताओं को एक अलौकिक संगीत-यात्रा पर ले जाएंगे। इसके बाद सेनिया बंगश घराने के सुप्रसिद्ध कलाकार श्री अमान और अयान अली बंगश सरोद जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री मधुवंती बागची के सुगम संगीत की रहेगी। जगदीशपुर का ऐतिहासिक चमन महल – संगीत और इतिहास का संगम भोपाल एवं इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं, जो अपने उत्कृष्ट स्थापत्य, अद्वितीय वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं। 'ह्रदय दृश्‍यम' का प्रारंभ से उद्देश्‍य रहा है कि संगीत, संस्‍कृति के साथ ही मध्‍यप्रदेश के ऐतिहासिक स्‍थलों को भी प्रचारित कर बढ़ावा दिया जाये। पूर्व में इकबाल मैदान, गौहर महल, माण्‍डू, राजबाड़ा इंदौर इत्‍यादि ऐतिहासिक स्‍थलों पर ह्रदय दृश्‍यम की संगीत सभाऐं सज चुकी हैं। जगदीशपुर स्थित चमन महल में समारोह के दूसरे दिन 6 दिसंबर को संगीत सभाऐं सजाई जाएंगी। वर्ष 1715 में निर्मित चमन महल अपनी अनोखी वास्तुकला, मुगल और अफगानी शैली के मिश्रण, ऊँचे मेहराबों, पत्थर के बरामदों और विशाल बागों के लिए जाना जाता है। जब प्राचीन वास्तुकला में संगीत की धुनें गूंजेंगी, तो अनुभव और भी दिव्य हो उठेगा। सायं 5:30 बजे पूर्वरंग के बाद विख्यात सितार वादक श्री रवि चारी सितार वादन की प्रस्तुति देंगे। रवि चारी अपने सूक्ष्म तानों, नफीस अलंकरणों और रचनात्मक तानों के लिए जाने जाते हैं। आधुनिकता और परंपरा की संतुलित शैली उन्हें युवा श्रोताओं में भी लोकप्रिय बनाती है। रात्रि 8:15 से पं. आदित्य कल्याणपुरकर का तबला वादन की प्रस्तुति देंगे। मध्‍यप्रदेश के व्‍यंजन एवं कला का भी आनन्‍द चमन महल में आयोजित पारंपरिक व्यंजन एवं आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट मेला विशेष आकर्षण का केन्‍द्र होगा। यहां संगीतप्रेमियों को स्‍वर लहरियों के साथ मध्‍यप्रदेश के उन व्‍यंजनों का स्‍वाद चखने का अवसर मिलेगा, जो देश ही नहीं दुनिया भर में लो‍कप्रिय हैं। विभिन्न अंचलों – मालवा, बुंदेलखंड, निमाड़ और बघेलखंड के साथ ही जनजातीय व्‍यंजन एवं स्थानीय पकवान यहाँ उपलब्ध होंगे। साथ ही मध्‍यप्रदेश के कलाकारों की हस्‍तशिल्‍प कला भी यहां प्रदर्शन सह विक्रय हेतु उपलब्‍ध रहेगी। यह आयोजन संगीत, कला और स्वाद के माध्यम से सांस्कृतिक अनुभव को पूर्ण बनाएंगे। जगदीशपुर आने के लिए रहेगी बस की व्यवस्था जगदीशपुर के कार्यक्रम के लिए रविन्द्र भवन से बस दिनांक 6 दिसंबर को शाम को 4 बजे रवाना होगी। यह बस सेवा सभी के लिए निःशुल्क होगी। कला, अध्यात्म और आधुनिक संगीत समारोह के अंतिम दिन 7 दिसंबर, 2025 को, भारत भवन में संगीत सभाएँ होंगी। सायं 6:30 बजे से नाद ब्रह्मा द्वारा फ्यूजन बैण्ड प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। फ्यूजन संगीत आज की पीढ़ी में अत्यंत लोकप्रिय शैली है, जिसमें भारतीय शास्त्रीय, लोक और आधुनिक पश्चिमी धुनों का संगम होता है।

देश की सुरक्षा के लिए नौसेना का समर्पण वंदनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नौसेना दिवस पर कहा है कि हर भारतवासी के लिऐ यह गर्व का अवसर है। समुद्र की विस्तारित सीमाओं तक देश की सुरक्षा के लिए समर्पित नौसेना का समर्पण वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रसेवा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले नौसेना के जवानों के चरणों में नमन किया।  

नव्य,भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के चार सालो में श्रद्धालुओं की संख्या पहुंची 26 करोड़ के पार

विश्व धार्मिक पर्यटन के मानचित्र  पर काशी के विकास मॉडल का नक्शा तेजी से उभर रहा डबल इंजन की सरकार द्वारा धाम का विस्तार,सुविधा, सुगमता और सुरक्षा के साथ मूल-भूत सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी,फ्लाईओवर का जाल ,पार्किंग, पर्यटक के लिए अन्य कई सुविधाएं 13 दिसंबर 2021 को लोकार्पित विश्वनाथ धाम ने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का लिखा नया अध्याय 13 दिसंबर 2025 को श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के हो जाएंगे 4  साल वाराणसी, उत्तर वाहिनी गंगा के तट पर विराजमान श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद बाबा के भक्तो की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिल रही है। 13 दिसंबर 2021 को लोकार्पित नव्य-भव्य धाम ने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिखा है। चार वर्षों में लगभग 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाज़िरी लगा चुके हैं, यही नहीं बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान भी बाबा विश्वनाथ धाम की आभा से खींचे चले आ रहे है। योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा काशी का चतुर्मुखी विकास,श्री काशी विश्वनाथ  धाम का विस्तार,सुविधा, सुगमता और सुरक्षा के चलते बाबा के भक्तो ने महादेव के दरबार में हाज़िरी का कीर्तिमान बना दिया है। भक्तों की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार ने न केवल मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा बढ़ाई है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुगमता और सुविधा भी प्रदान की है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा का अच्छा प्रबंध किया गया है। ,ठंड बरसात और गर्मी में तेज धूप से बचाने के लिए जर्मन हैंगर, गर्मी में पैरों को जलन से बचाने हेतु मैट,कूलर,पीना का पानी ,सावन में वृद्धो ,दिव्यांगजनों एवं आशक्त जनों के लिए निःशुल्क व्हील चेयर ,गोल्फ कार्ट ,गर्मी के दिनों में कैनोपी,ओआरएस, चिकित्सा व्यवस्था आदि सुविधाओं ने शिव भक्तों को बाबा के चौख़ट तक पहुंचने की राह आसान कर दी है। योगी सरकार के प्रयासों से बदला काशी का स्वरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने काशी को विश्व धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री खुद बाबा दरबार में महीने मे औसतन एक या दो बार हाज़िरी लगाते रहते है और भक्तो के हर छोटी बड़ी सुविधा के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा करके आवशयक निर्देश देते है।  शहर का चौतरफा विकास न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी साबित हुआ है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही  है। 3 हज़ार से 5 लाख वर्ग फुट तक का भव्य विस्तार काशी विश्वनाथ धाम परिसर का लगभग तीन हज़ार वर्ग फुट से, लगभग पांच लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में विस्तारित होने के बाद ,धाम में सनातनियो का दर्शन के लिए ताँता लगा रह रहा है। नव्य-भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का 13 दिसम्बर 2021 के लोकार्पण होने के बाद बाबा के दरबार में हाज़िरी लगाने वाले शिव भक्तो की संख्या में कई गुना वृद्धि हो गई है। 13 दिसंबर 2021 के बाद हर वर्ष बढ़ता भक्तों का सैलाब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण का 13 दिसंबर 2025 को चार वर्ष पूरा हो रहा है। 2 दिसंबर 2025 तक यहां दर्शन के लिए आने वालों की संख्या लगभग 26 करोड़ ,23 लाख 56 हज़ार से अधिक पहुंच गई है। अब प्रतिवर्ष औसतन लगभग 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा का दर्शन कर रहे हैं। धाम में भक्तों की कुल संख्या का वर्षवार संख्या 2021 (13–31 दिसंबर) — 48,42,716 2022 (जनवरी–दिसंबर) — 7,11,47,210 2023 (जनवरी–दिसंबर) — 5,73,10,104 2024 (जनवरी–दिसंबर) — 6,23,90,302 2025 (जनवरी–2 दिसंबर) — 6,66,66,511

ठिठुरन चरम पर! पंजाब का ये शहर गिरा 2.4 डिग्री पर, टूट सकते हैं सभी रिकॉर्ड

पंजाब पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पंजाब में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर का असर तेज हो गया है। बुधवार को आदमपुर 2.4 डिग्री के साथ देश का सबसे ठंडा मैदानी शहर दर्ज हुआ, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों में पंजाब के तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह ठंड बढ़ने की संभावना है। गुरुवार के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया गया है। उधर, हिमाचल में 5 और 7 दिसंबर को ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 8 दिसंबर से हिमाचल में मौसम फिर शुष्क होने की उम्मीद है।   

सुगम खाद्य आपूर्ति और सशक्त उपभोक्ता ही खाद्य विभाग की प्रतिबद्धता: गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल भारत के ओजस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन एवं मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पिछले दो वर्षों में 'खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता न्याय' के मूल मंत्र को चरितार्थ करने का अथक प्रयास किया है। हमारी यात्रा केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रही है, बल्कि हमने ऐसी व्यवस्थाओं का निर्माण किया है जो पारदर्शिता, दक्षता और जन-सरोकार पर आधारित हैं। हमने प्रदेश के करोड़ों परिवारों को न केवल सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्हें एक मजबूत उपभोक्ता संरक्षण कवच भी प्रदान किया है। पिछले दो वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों, नवाचारों और दूरगामी फैसलों से मध्यप्रदेश की खाद्य वितरण और उपभोक्ता न्याय प्रणाली को एक नई दिशा दी गयी है।सार्वजनिक वितरण प्रणाली का डिजिटल सशक्तिकरण राज्य की जनता के लिए एक अधिकार बन कर उभरा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली राज्य की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है। पिछले दो वर्षों में, विभाग ने पीडीएस को भ्रष्टाचार-मुक्त और 'सही हितग्राही को सही लाभ' सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व डिजिटल पहल की है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न का उपार्जन प्रदेश के किसानों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 6.05 लाख किसानों से 42.4 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कर 9,200.18 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में 6.69 लाख किसानों से 43.52 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन कर समर्थन मूल्य राशि 1001 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। उपार्जन अवधि में ही 14.18 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन केंद्र से सीधे मिलर्स को प्रदाय कर परिवहन हैंडलिंग व्यय की बचत की गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 8.59 लाख किसानों का पंजीयन किया गया है, जिनसे दिसंबर 2025 से समर्थन मूल्य राशि 2369 प्रति क्विंटल की दर से धान का उपार्जन किया जाएगा। इसी तरह रवि विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 48.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं पर 6.13 लाख किसानों को 125 में प्रति क्विंटल की दर से 605 करोड़ तथा रबी विपणन वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 77.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं पर 9 लाख किसानों को 175 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1360 करोड़ राज्य सरकार द्वारा बोनस का भुगतान किया गया। ई-केवाईसी अभियान में आधारभूत सुधार हमने प्रदेश के समस्त राशन उपभोक्ताओं की पहचान को प्रमाणित करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशाल ई-केवाईसी अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रणाली से फर्जी और डुप्लीकेट नामों को हटाना तथा सुनिश्चित करना था कि केवल पात्र व्यक्ति ही रियायती राशन प्राप्त करें। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने माह दिसंबर 2023 से अभी तक 1.61 करोड़ हितग्रहियों के ई-केवाईसी किए गए हैं। अभी तक 92 फीसदी से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। प्रदेश की 27,875 उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीन से पात्र हितग्राहियों की ईकेवायसी करने की व्यवस्था के अतिरिक्त बच्चों तथा हितग्राही द्वारा घर बैठे ईकेवाईसी करने की सुविधा भारत सरकार के "मेरा ईकेवायसी" ऐप के माध्यम से दी गई है। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' का पूर्ण क्रियान्वयन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना को प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किया। अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के तहत अब मध्यप्रदेश के 30,000 उपभोक्ता देश के अन्य राज्यों से और अन्य राज्यों के 6821 उपभोक्ता मध्यप्रदेश से अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर रहे हैं। इसी प्रकार अंतर जिला पोर्टेबिलिटी से 15, 39, 384 परिवारों द्वारा अन्य दुकान से प्रतिमाह राशन प्राप्त किया जा रहा है। यह सुविधा प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रदेश में विगत दो वर्ष में लगभग 17 लाख परिवारों के डाटाबेस में मोबाइल सीडिंग की गई। इस प्रकार कुल 97 प्रतिशत परिवारों की मोबाइल सीडिंग की जाकर प्रतिमाह वितरित सामग्री की सूचना के लिये एसएमएस प्रेषित किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ता द्वारा प्राप्त सामग्री का मिलान किया जा सके। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को रोकने के लिए राशन वितरण को शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित किया गया। इसने मैनुअल हस्तक्षेप को समाप्त किया और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक वितरण के बाद हितग्राही को उसके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से वितरण की जानकारी भेजी जाती है, जिससे शिकायत की संभावना नगण्य हो जाती है। इसके अलावा अगस्त 2024 से कैरी फॉरवार्ड वितरण व्यवस्था समाप्त कर आवंटन माह में ही समस्त पात्र परिवारों को पात्रतानुसार राशन वितरण कराया जा रहा है, जिससे परिवारों को समय पर सामग्री प्राप्त हो रही है। माह दिसंबर 2023 से अभी तक 91.14 लाख नवीन हितग्राहियों को जोड़कर निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण कराया गया तथा मृत/अपात्र/स्थाई रूप से पलायन करने वाले 72.94 लाख हितग्राहियों को पोर्टल से विलोपित किया गया।  

स्कूल में दहशत: दबंगों ने कक्षा में घुसकर छात्र पर हमला, वीडियो वायरल

जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार को गणित विभाग में संचालित कक्षा में कुछ युवक घुसे और एक छात्र को घसीटकर उसके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने विभाग के गमले और दरवाजों को भी तोड़ दिया। घटना के बाद से छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है और मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है। छात्र ने क्या कहा विश्वविद्यालय के गणित विभाग को दी शिकायत में छात्र नितेश कुमार मरकाम ने बताया कि वह विश्वविद्यालय में बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर का छात्र है। बुधवार को सुबह के सत्र में वह क्लास अटेंड कर रहा था तभी देवेन्द छात्रावास के कुछ छात्र पहुंचे और खींचकर क्लास से बाहर निकाला गया और मेरे साथ मारपीट की गई है। इसमें मुख्य आरोपित सत्यम केवट है जबकि मौके पर उसके अन्य साथी भी थे।   डिपार्टमेंट में भी नुकसान छात्र ने इस बात का भी उल्लेख किया कि उसे मारते हुए बाहर ले जाया गया, जिससे घटना को सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने देखा है। इस दौरान डिपार्टमेंट में नुकसान भी किया गया। इस मामले में आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इस मामले में गणित विभाग के प्रमुख डॉ. जेके मैत्रा ने कहा कि छात्र नितेश ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे क्लास में पढ़ने के दौरान जबरन बाहर निकाला गया और जमकर मारपीट की गई।

24 लाख राशनकार्ड धारकों को बड़ी अपडेट: केंद्र के ताज़ा आदेश से बदलेगी वितरण प्रक्रिया

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार से मुफ्त राशन योजना के लगभग 24 लाख लाभार्थियों के भविष्य पर स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन मामलों की आगे जांच के लिए संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा में लाभार्थियों की जानकारी और उनके प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने संबंधी सवाल पूछे जाने पर खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई भंभानिया ने बताया था कि पंजाब में कुल 40,93,003 राशन कार्डों के मुकाबले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य में 1.51 करोड़ लाभार्थी दर्ज थे। वड़िंग ने मंत्री के हवाले से कहा कि 20,69,338 लाभार्थियों की e-KYC अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया में देरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि दो लाख से अधिक लाभार्थियों को सूची से बाहर क्यों किया गया है, जबकि सरकार का दायित्व है कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति मुफ्त राशन का लाभ न ले पाए, और साथ ही कोई योग्य व्यक्ति इस सुविधा से वंचित भी न हो।  

ग्रामीणों का प्रदर्शन: किशनपुरा में स्कूल को ताला, व्यवस्थाओं को लेकर उठाए बड़े सवाल

चरखी दादरी  चरखी दादरी के गांव डूडीवाला किशनपुरा में वीरवार को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल में मौजूद अध्यापकों को बाहर निकाल दिया और साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, स्कूल दोबारा नहीं खुलने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में कुछ अध्यापक गुटबाजी कर माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। वे इन शिक्षकों के ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। साथ ही करीब 5–6 महीनों से स्थायी प्रिंसिपल का पद खाली है, जिस कारण स्कूल का प्रबंधन अस्त-व्यस्त चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले ही मुख्यमंत्री को शिकायत भेज चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल पर ताला लगने से गांव के करीब 400 बच्चों की पढ़ाई पूर्ण रूप से बाधित हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की उदासीनता का नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर बीईओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों के भविष्य के लिए मजबूरन यह कदम उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

अपेक्स बैंक ने मुख्यमंत्री को सौंपा 4.27 करोड़ का लाभांश, सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में हुआ हस्तांतरण

भोपाल मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को सहकारिता विभाग की समीक्षा के उपरांत प्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपेक्स बैंक के लाभांश रु. 4.27 करोड़ का चेक भेंट किया ।  इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन, नीरज मंडलोई,  प्रमुख सचिव,  माननीय मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी.आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक,  सहकारी संस्थायें मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में जल-पर्यटन का केंद्र बनेगी शिकारा सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान पर्यटकों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने का मिलेगा मौका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में 'शिकारा नाव' सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर 'शिकारा नाव' सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई। शिकारे की सैर का लिया आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेगऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी। पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष  तोमर विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है – हरियाणा वि.स. अध्यक्ष  हरविंदर शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल मती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष  रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।