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गुना में खाद संकट बना मौत का कारण, लंबी लाइन में ठिठुरती महिला ने तोड़ा दम

गुना  मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाद संकट से किसान बेहद परेशान हैं. हालात ये है कि खाद वितरण केंद्रों के बाहर किसानों की लंबी कतारें रोजाना देखने को मिल रही हैं. कई किसान तो खाद लेने के लिए खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. इसी अव्यवस्था ने एक आदिवासी महिला की जान ले ली. परिजन के अनुसार, बागरी डबल लॉक गोदाम पर लगातार 36 घंटे से ज्यादा लाइन में लगी सहारिया आदिवासी महिला भूरिया बाई की बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई. परिजनों के अनुसार भूरिया बाई मंगलवार सुबह से ही खाद लेने लाइन में लगी हुई थी. केंद्र पर भारी भीड़ और लंबे इंतजार के कारण किसान रातभर खुले आसमान के नीचे ही लाइन में पड़े रहते हैं. भूरिया बाई भी ठंड में जमीन पर रात गुजारने को मजबूर हुई. इसी दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टियां होने लगीं. परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिवार इस अचानक हुई मौत से सदमे में है और गांव में शोक का माहौल है. परिजनों ने शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है. खाद के लिए लग रही लंबी कतारें बागरी खाद वितरण केंद्र की स्थिति पिछले कई दिनों से बदतर बनी हुई है. महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर सभी खुले आसमान के नीचे कई-कई घंटे खड़े रहते हैं. जब थक जाते हैं, तो वहीं बैठ जाते हैं. घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया मौके पर पहुंचे. कलेक्टर ने बताया कि महिला लाइन में ही थी और तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं. शासन स्तर पर भी घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी जा रही है. विधायक ऋषि अग्रवाल ने साधा निशाना बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसान दो-दो दिन तक ठंड में खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकार दावा करती है कि खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. अगर खाद है तो किसानों को क्यों नहीं मिल रही? एक महिला की मौत हुई. इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने पूछते हुए कहा कि वे खुद रात में वितरण केंद्र पहुंचे थे, जहां काफी किसान लाइन में खड़े मिले. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है. सरकार खाद की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू वितरण के दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान भूख, ठंड और इंतजार में रातें गुजारने को मजबूर हैं.

बिहार चुनाव हार: उदय नारायण चौधरी साधारण ऑटो से पहुंचे RJD दफ्तर

पटना बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल इस बड़ी हार की वजहों को लेकर समीक्षा में जुटी है। पार्टी में हार पर मंथन का आज दूसरा दिन है और पटना स्थित राजद कार्यालय में दिग्गज नेता जुट रहे हैं। राजद नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भी इसी कड़ी में राजद कार्यालय पहुंचे। उदय नारायाण चौधरी खास अंदाज में राजद कार्यालय आए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ऑटो रिक्शा में बैठकर राजद कार्यालय में पहुंचे थे। कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें नजर आ रहा है कि उदय नारायण चौधरी ऑटो रिक्शा से उतर रहे हैं। आपको बता दें कि राजद बिहार चुनाव में मिली हार की दो चरणों में समीक्षा कर रही है। आज इस बैठक के पहण चरण का दूसरा दिन है। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

PACS की मांग पर सरकार गंभीर: लेशी सिंह ने दिए सख्त निर्देश, ब्याज-मुक्त समय बढ़ाने की तैयारी

पटना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान अधिप्राप्ति से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने की। बैठक में सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) रमेंद्र कुमार ने धान अधिप्राप्ति की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और साधारण चावल को फोर्टिफाइड चावल में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में अधिप्राप्ति के दौरान PACS स्तर पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक और प्रोसेसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी रेखांकित किया गया। मंत्री लेशी सिंह ने PACS प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में PACS की दो प्रमुख मांगों—राइस मिलों की वास्तविक क्षमता की जांच और लंबित भुगतानों के शीघ्र निष्पादन के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि PACS को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और सभी लंबित भुगतान निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान PACS की एक और महत्वपूर्ण मांग पर भी विचार किया गया, जिसमें उन्होंने दो महीने की अवधि के स्थान पर अधिप्राप्ति से संबंधित कुल छह महीने तक की ब्याज-मुक्त अवधि की सुविधा की मांग की। इस पर मंत्री ने PACS को आश्वासन दिया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक निर्णय शीघ्र लेगा, जिससे PACS इकाइयों पर आर्थिक दबाव कम हो सके। बैठक में यह सहमति बनी कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और PACS तथा सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए जल्द ही राज्यभर के सभी जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग के दोनों मंत्रियों ने सहमति जताई और PACS प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि अधिप्राप्ति से संबंधित सभी चुनौतियों के समाधान के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। अंत में मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, PACS की मजबूती और अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान अधिप्राप्ति सुचारू और समयबद्ध ढंग से हो और सभी संबंधित पक्षों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, सचिव नैय्यर इकबाल, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के वरिष्ठ पदाधिकारी और PACS के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

राजधानी में 53KM लंबा नदी किनारा साइकिल ट्रैक तैयार, पूरी प्लानिंग एक नजर में

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना किनारे 53 किलोमीटर लंबे साइकिल कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. वजीराबाद बैराज से लेकर एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर राजधानी में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा देगा. तीन चरणों में बनने वाली इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साइकिल ट्रैक निर्माण के लिए सभी विभागों से लगभग स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, लेकिन रेलवे से NOC अभी भी लंबित है. पुराने यमुना रेल पुल के पास ट्रैक बनाने के लिए रेल मंत्रालय की अनुमति अनिवार्य है. बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों से इस परियोजना की प्रगति की जानकारी ली. अधिकारियों ने बैठक में सीएम को बताया कि रेलवे से संबंधित स्वीकृति अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय मिलने की उम्मीद है. बाकी विभाग पीडब्ल्यूडी, डीडीए, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा विभाग और एनएचएआई पहले ही अपनी मंजूरी दे चुके हैं. यमुना के दोनों किनारों पर बनेगा ट्रैक परियोजना के तहत यमुना नदी के दोनों तरफ अलग-अलग हिस्सों में साइकिल कॉरिडोर बनाया जाएगा. अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि इस ट्रैक को कई जगह नदी पार करते हुए जोड़ा जाएगा, जिससे यह 53 किलोमीटर का पूरा नेटवर्क एक-दूसरे से सुचारू रूप से जुड़ सके. यह दिल्ली में साइक्लिंग को एक बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने वाली पहली संगठित परियोजना मानी जा रही है. तीन चरणों में होगा विकास साइकिल कॉरिडोर का विकास तीन चरणों में होगा. पहले चरण में पुराने यमुना रेल पुल से एनएच-24 तक ट्रैक बनाया जाएगा, दूसरे चरण में एनएच-24 से कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क तक मार्ग तैयार किया जाएगा और तीसरे चरण में वजीराबाद यमुना बैराज से पुराने यमुना रेल पुल तक ट्रैक का निर्माण किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से जुड़ा टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां अंतिम दौर में हैं और रेलवे से NOC मिलते ही पहला चरण शुरू कर दिया जाएगा, जिसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. पर्यावरण संरक्षण में बड़ी पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके विकसित होने के बाद यमुना किनारे ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों को नेचर फ्रेंडली स्पेस में घूमने, साइकिल चलाने और समय बिताने का नया विकल्प मिलेगा.  

संजू देवी की ऐतिहासिक जीत पर अरुण साव ने जताया गर्व, कहा—‘नई पहचान गढ़ रही है हमारी बेटी’

रायपुर  छत्तीसगढ़ की उभरती कबड्डी स्टार संजू देवी ने बांग्लादेश में 17 से 24 नवंबर 2025 तक आयोजित 2nd Women Kabaddi World Cup में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया. इसी उपलब्धि के बाद आज उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उनके साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में खुशी और गर्व व्यक्त किया. डीसीएम अरुण साव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेटियों की कामयाबी पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि संजू का खेल प्रदर्शन हजारों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा. साव ने कहा-“सरकार खेल सुविधाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों से नई प्रतिभाओं को सामने लाने पर निरंतर काम कर रही है. आने वाले सालों में छत्तीसगढ़ खेलों का बड़ा हब बनने जा रहा है.” अकादमी ट्रेनिंग से वर्ल्ड कप तक का सफर डीसीएम ने बताया कि बहतराई (बिलासपुर) में 2023 से हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स और बालिका कबड्डी की आवासीय अकादमियां संचालित हो रही हैं, जहाँ सैकड़ों खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं. जुलाई 2023 में शुरू हुई बालिका कबड्डी अकादमी में संजू देवी को उसी वर्ष प्रवेश दिया गया था. महज दो वर्षों में उन्होंने इंटर-यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया. जनवरी 2025 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में सफल प्रदर्शन के आधार पर संजू का चयन भारतीय टीम में हुआ. वर्ल्ड कप में उन्होंने थाईलैंड, बांग्लादेश, जर्मनी और युगांडा को हराकर टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाया. सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने ईरान को मात दी, और फाइनल में संजू ने चीनी ताइपे को हराने में अहम भूमिका निभाई. इस मुकाबले में उन्होंने अकेले 16 अंक अर्जित किए. टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर उन्हें Most Valuable Player चुना गया और 1,500 डॉलर की पुरस्कार राशि प्रदान की गई. संजू जैसी बेटियां प्रदेश का भविष्य बदलेंगी : डिप्टी सीएम  साव साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियों में अपार प्रतिभा है और सरकार हर कदम पर उनका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है. अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में स्वर्ण : संजू देवी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजू देवी ने कहा कि अकादमी, प्रशिक्षकों और सरकार से मिले लगातार समर्थन के कारण ही वह विश्व मंच पर खेल सकीं. उन्होंने कहा-“अब मेरा लक्ष्य है कि भारत के लिए और ज्यादा स्वर्ण पदक जीतूं. अगला फोकस एशियन गेम्स पर है.” वहीं उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बहुत जल्द ही उत्कृष्ठ खिलाड़ी सम्मान की घोषणा की जाएगी. डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस पर डीसीएम साव ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है. पीएम मोदी, अमित शाह समेत देशभर के वरिष्ठ अधिकारी रायपुर आएंगे. सरकार की तरफ से सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी पूरी है. कांग्रेस में विवाद को लेकर उपमुख्यमंत्री साव ने कसा तंज आज सचिन पायलट, पीसीसी चीफ और चरणदास महंत की मौजूदगी में कांग्रेस ने SIR के विरोध में प्रेस कांफ्रेस की. इस दौरान कांग्रेस नेताओं में विवाद की स्थिति देखने को मिली. इस मामले में डिप्टी सीएम साव ने कहा कि कांग्रेस में आपसी झगड़े सालों से जारी है. छत्तीसगढ़ में भी 5 साल तक मुख्यमंत्री पद को लेकर लड़ते रहे. आज कर्नाटक की जनता उनके झगड़े से परेशान हो चुकी है. छत्तीसगढ़ की जनता ने भी इनका खामियाजा भुगता. कांग्रेस के झगड़े अभी भी खत्म नहीं हो रहे हैं. जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी.

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जूडो कमाल, हरियाणा और यूपी की शानदार जीत

उदयपुर लेक सिटी उदयपुर में चल रहे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दूसरे दिन जूडो मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। एमबी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिताओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों के पुरुष और महिला खिलाड़ियों ने अपने-अपने भार वर्गों में दमदार खेल दिखाया। जूडो मैट पर खिलाड़ियों की त्वरित मूवमेंट, काउंटर अटैक और टैकल की बारीक रणनीतियाँ देखने को मिलीं। कई मैच अंतिम सेकंड तक रोमांचक रहे और केवल एक अंक के अंतर से नतीजे तय हुए। दर्शकों को खिलाड़ियों की चुस्ती और आत्मविश्वास ने मंत्रमुग्ध कर दिया। स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि देशभर के विश्वविद्यालयों से सैकड़ों प्रतिभागी जूडो स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे मुकाबलों का स्तर बेहद उच्च रहा। अधिकारियों ने खिलाड़ियों की फिटनेस और अनुशासन की भी सराहना की। आयोजन प्रभारी अधिकारी एवं यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि जूडो की प्रतिस्पर्धाएं गुरुवार और शुक्रवार को भी जारी रहेंगी। इसके अलावा 28 नवंबर से बीच वॉलीबॉल की स्पर्धाएं शुरू होंगी। बुधवार को रेती बिछाने का कार्य पूरा कर पोल और नेट लगाए गए तथा मैदान पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। दूसरे दिन कोटा ओपन यूनिवर्सिटी सहित हरियाणा और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। आयोजकों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने देखा पंजाब का पराली समाधान, जानें कैसे काम कर रहा है ये गांव

चंडीगढ़  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब दौरे पर हैं. यहां वे किसानों, मनरेगा लाभार्थियों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में संवाद करने वाले हैं. इसी कड़ी में वे आज शिवराज चौहान मोगा के रणसिंह कलांपहुंचे. यहां उन्होंने किसानों के साथ बैठकर खाना खाया और मनरेगा में काम करने वाले लोगों से बातचीत की. इसके साथ ही उन्होंने यहां के पराली मैनेजमेंट को समझा. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा “मैं पराली मैनेजमेंट पर हुए काम को देखना चाहता हूं, जहां पराली को जलाने के बजाय खेतों में मिलाया गया है. मैं इसे पूरे देश को दिखाना चाहता हूं. मैं अभी रणसिह कलां आया हूं, और यहां के लोगों का प्यार और स्नेह अद्भुत है.”   रणसिंह कलांमें पराली जलाना है बंद पंजाब के मोगा जिले का रणसिंह कलां गांव देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के किसान एक तरह से मिसाल बन गए हैं. इस गांव के किसानों ने पिछले सालों से पराली नहीं जलाई गई है. यहां किसानों ने पराली को जलाना पूरी तरह से बंद कर दिया है. 2019 में पंचायत द्वारा पराली जलाने पर बैन लगाने के बाद से 150 किसानों ने 1301 एकड़ में खड़ी पराली को जलाए बिना खेतों की मिट्टी में मिला दिया. इससे मिट्टी उपजाऊ भी हुई है. इसके साथ ही खाद की मांग घट गई है. कैसे नष्ट हो रही पराली रणसिंह कलांगांव में किसानों ने पराली जलाने के बजाय इसे खेतों में ही खत्म करना शुरू कर दिया है. किसानों सुपर सीडर जैसी मशीनों का यूज करके पराली को मिट्टी में मिला रहे हैं. इसके अलावा किसान सोसायटी भी चला रहे हैं. इसके जरिए पराली को खेतों में मिलाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदे गए हैं. जिनसे काम किया जा रहा है. रणसिंह कलां की इस पहल के बाद आसपास के गांव भी इसे अपना रहे हैं. यही वजह है कि खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रणाली को देखने पहुंचे हैं. यहां उन्होंने किसानों से पूरी प्रक्रिया को समझा है. यहां किसानों को पराली न जलाने पर मुआवजा भी दिया जाता है. इसके साथ ही लकी ड्रा भी कराया जाता है.  

सुहागरात से पहले बता देना, छोड़ दूंगी—RJ महविश का वीडियो वायरल, पलाश-स्मृति शादी केस में धमाका

इंदौर   म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल और विश्व विजेता क्रिकेट महिला टीम का उप कप्तान स्मृति मंधाना की शादी पोस्टपोन होने से पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है. हालांकि शादी के पोस्टपोन होने की वजह स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने को बताया जा रहा है. इस बीच जब पलाश मुच्छल की एक महिला संग चैट वायरल हुई तो सोशल मीडिया पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया और तो और हंगामा उस वक्त और भी ज्यादा तब बढ़ गया, जब पलाश की एक्स गर्लफ्रेंड संग तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैल गईं. फिलहाल पलाश और स्मृति की शादी अनिश्चितकाल के लिए टल गई है और यह कब तक होगी कुछ भी नहीं पता, लेकिन इस मुद्दे के बीच क्रिकेटर युजवेंद्र चहल की रूमर्ड गर्लफ्रेंड आरजे महविश के इस नए वीडियो ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है. 'सुहागरात से पहले भी बता देना' आरजे महविश ने बीती रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में महविश ने ऐसी-ऐसी बात कही है, जिसे सुनने के बाद लड़कों को बड़ा झटका लगने वाला है. महविश ने कहा, 'मर्द न बड़ी प्यारी चीज होते हैं, जब पूछो तब सिंगल ही होते हैं, देखों भाई मुझे सच और झूठ नहीं पता पर मेरी शादी के वक्त न मैं अपना दूल्हा कर रही हूं इंटरनेट पर एक हफ्ते पहले लॉन्च और मेरा वाला जिसके भी डीएम में सुहागरात मना रहा होगा न, गर्ल्स प्लीज बस आकर मुझे बता देना और ये मत सोचना कि अब तो शादी हो रही है ये कैसे ढूंढेगी. सुहागरात मनाने से पहले भी बता देना, ये भी मत सोचना उस पर ट्रस्ट करती होगी या नहीं! मैं दुनिया में किसी पर ट्रस्ट नहीं करती, अब मैं किसी के लिए ये नहीं कह पाती कि ये बंदा तो किसी के लिए कर ही नहीं सकता, कोई भी कुछ भी कर सकता है, तुम उसके स्क्रीन शॉट पब्लिक कर देना वरना मुझे पर्सनल में भेज देना, मैं पब्लिक कर दूंगी और हो सकता है मैं पब्लिक भी न करूं, मैं बस सुकून से निकलकर जाना चाहती हूं, बचाओ दोस्तों'. वीडियो पर लोगों के कमेंट्स अब आरजे महविश के इस वीडियो पर डेढ़ लाख से ज्यादा लाइक आ चुके हैं और कमेंट बॉक्स में लोग भर-भरकर कमेंट्स पोस्ट कर रहे हैं. एक ने लिखा है, 'क्या तुम पलाश की बात कर रही हो? दूसरा यूजर लिखता है, 'इतना तो मैं ड्रम से नहीं डरता, जितना तुम डरा रही हो'. तीसरे ने लिखा है, 'क्या आप अपने पति के लिए लॉयल रहोगी? एक और लिखता है, 'अच्छे पति की गारंटी मांग कर रही हो, तुम लॉयल हो इसकी क्या गारंटी होगी? महविश के वायरल वीडियो पर लोग सपोर्ट करने के साथ-साथ उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं.

मान्यता विवाद पर ईडी की दबिश: रावतपुरा सरकार सहित 7 मेडिकल कॉलेजों से सबूत जुटाए

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता को लेकर कथित रिश्वतखोरी के मामले में आज देशभर में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की. इसमें रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर के साथ संस्थान के डायरेक्टर अतुल तिवारी के ठिकाने भी शामिल हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है. इनमें रावतपुर सरकार मेडिकल कॉलेज के साथ सात मेडिकल कॉलेजों के परिसरों और एफआईआर में नामजद निजी व्यक्तियों के ठिकानें भी शामिल हैं. ईडी की यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से 30 जून 2024 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है. इसमें आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी. सीबीआई के अनुसार, उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारी बिचौलियों और कॉलेजों से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को लीक की, जिसके बाद निरीक्षण के मानकों में हेरफेर कर अकादमिक कोर्स चलाने की मंजूरी हासिल की गई.

जिले में आवारा कुत्तों का आतंक, एक दिन में 8 लोगों को बुरी तरह काटा

झज्जर  जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कुत्तों के झुंड मुख्य बाजार, पालिका बाजार, रेलवे रोड, सुभाष नगर, दिल्ली गेट, नीमवाली कॉलोनी और बाहरी मुहल्लों तक खुले घूमते दिखाई दे रहे हैं।  बता दें कि बीते दिन बुधवार शाम कुत्तों ने अलग-अलग स्थानों पर आठ लोगों को काट डाला। इनमें पांच घायलों को सामान्य अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई, जबकि तीन लोगों का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। दो दिन पहले भी पांच लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया था।