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लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त दिसंबर में जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य में लाडली बहना योजना अग्रिम सफलता प्राप्त कर चुकी है। बताते चलें कि इस योजना के प्रति महिलाओं की रुचि शुरू से ही देखने को मिली है जिसके चलते राज्य की करोड़ों महिलाएं योजना में पंजीकृत है और मासिक लाभ प्राप्त कर पा रही है। लाडली बहना योजना को अधिक आकर्षक बनाने के लिए और महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने हेतु सरकार के द्वारा निरंतर ही प्रयास किए जा रहे हैं तथा इस योजना में संशोधन भी करवाए गए है। संशोधित आधार पर 12 नवंबर 2025 को लाडली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी हो चुकी है। योजना की 30वीं किस्त जारी होने के बाद सभी पंजीकृत महिलाओं ने सफलतापूर्वक लाभ प्राप्त किया है अब इसी क्रम में राज्य सरकार के द्वारा दिसंबर महीने की अगली यानी 31वीं किस्त हेतु प्रयोजना तैयार की जा रही है जिसके लिए जल्द ही निर्णय सामने आ सकते हैं। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया । इसके बाद नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” … Read more

अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षा कवच होगा अभेद्य

6970 सुरक्षा कर्मियों का सुरक्षा घेरा, एटीएस-एनएसजी से लेकर साइबर टीम तक मुस्तैद एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर ड्यूटी, 90 तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती अयोध्या, श्रीराम मंदिर अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभूतपूर्व स्तर पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भारी पुलिस बल तथा विभिन्न विशेष इकाइयों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड टीमों तक का समन्वित प्रबंधन शामिल है। सुरक्षा योजना के अंतर्गत उच्च पदस्थ अधिकारियों को रणनीतिक नेतृत्व के लिए तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्रीय अधिकारियों और निरीक्षकों की संख्या उल्लेखनीय है। सुरक्षा ड्यूटी के लिए पुलिस बल में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला आरक्षियों को नियुक्त किया गया है, जो भीड़ नियंत्रण, सर्चिंग, विस्फोटक की जांच सहित आपात प्रतिक्रिया जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। विशेष सुरक्षा इकाइयों के रूप में बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा निरीक्षण दल, ट्रैफिक प्रबंधन यूनिट, फायर यूनिट तथा रिस्पॉन्स टीम की जिम्मेदारी संवेदनशील बिंदुओं पर सुनिश्चित की गई है। तकनीकी उपकरण जैसे माइंस टीम, बीडीएस यूनिट, एक्स-रे स्कैनिंग मशीन, सीसीटीवी मॉड्यूल, हाई रिस्पॉन्स वैन, पेट्रोलिंग यूनिट और एंबुलेंस यूनिट्स को भी नियुक्त किया गया है। विशेष जांच के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्शन डिवाइस, वाहन माउंटेड स्कैनर तथा बैगेज एक्सरे स्कैनर का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।   सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस बल विभिन्न परीक्षेत्रों से कुल 14 एसपी कुल 30 एएसपी कुल 90 डीवाईएसपी कुल 242 इंस्पेक्टर (पुरुष) उप निरीक्षक कुल 1060 महिला उप निरीक्षक कुल 80 पुरुष हेड कांस्टेबल कुल 3090 महिला हेड कांस्टेबल कुल 448 यातायात व्यवस्था के लिए तैनाती कुल 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर कुल 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर कुल 820 ट्रैफिक पुलिस के जवान विशेष सुरक्षा इकाइयां एटीएस कमांडो की कुल 02 टीम एनएसजी स्नाइपर कुल 02 टीम एंटी ड्रोन यूनिट कुल 01 टीम धर्म ध्वज समारोह में सुरक्षा प्रबंधन का विवरण एस्कॉर्ट 2 सेट, प्रत्येक में 3 कर्मी एक्सेस कंट्रोल 16 सेट एएस चेकिंग टीम 3 यूनिट स्पाटर डिटेक्टिव ड्यूटी 15 यूनिट बेयरर यूनिट 2 यूनिट एंटी मोबाइल माइन्स टीम 01 बीडीडीएस 09 टीम स्पॉट चेक टीम 15 फायर ब्रिगेड 04 पायलट वाहन यूनिट 12 डीएफएमडी 105 एचएचएमडी 380 वाहन माउंटेड जैमर 01 नागरिक पुलिस कुल 5784 यातायात पुलिस 1186 ध्वजारोहण में लगे कुल सुरक्षा कर्मी 6970 ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक विजिलेंस एटीएस टीम 2 कुल लगभग 90 तकनीकी सदस्य एंटी ड्रोन सिस्टम 01 04 साइबर कमांडो अतिरिक्त सुरक्षा बिंदु पार्किंग प्रबंधन के लिए 38 कर्मी भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियर मॉड्यूल वीआईपी रूट और मंदिर परिसर सुरक्षा विशेष प्रोटोकॉल रूट डायवर्जन पर पुलिस तैनाती स्नाइपर और हाई ग्राउंड सर्विलााँस

धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास

3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य से किसानों को सीधा लाभ रायपुर,  प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है। किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा। उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।

छत्तीसगढ़ में बड़ी कामयाबी: 48 लाख के इनामी 15 सक्रिय माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। इसी क्रम में आज सुकमा जिले में एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर 48 लाख रुपये के इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादियों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं। हार्डकोर नक्सली भी किये सरेंडर आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM के 4, SCM के 2, पार्टी सदस्य 3 और अन्य 8 सदस्य शामिल हैं। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष माओवादी हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 4 माओवादियों पर 8-8 लाख, 2 पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख, 1 पर 2 लाख, 1 पर 1 लाख का इनाम था। आत्मसमर्पित माओवादियों ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और पुना मुर्गम योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इसके साथ ही तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की बढ़ी मौजूदगी ने भी उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। इस आत्मसमर्पण अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, RAF, CRPF (02, 212, 217, 223 बटालियन), COBRA 207 और विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग को नई गति मिलेगी, सीएम साय ने चिराग पासवान से की रणनीतिक बातचीत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। रायपुर में वर्ल्ड फूड इंडिया का रीजनल समिट कराने का किया आग्रह मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी अनुरोध किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। सीएम साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। प्रदेश में फूड इर्रेडिएशन यूनिट के लिए केंद्र से मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी है, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित होगा छत्तीसगढ़ सीएम ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत एवं इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।

मशहूर ‘नीले ड्रम वाली मुस्कान’ अस्पताल में एडमिट, खुशखबरी नजदीक—डॉक्टर्स ने दिया बड़ा अपडेट

मेरठ अपने पति की हत्या को लेकर सुर्खियों में रहने वाली मुस्कान एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, प्रेग्नेंट मुस्कान अब मां बनने वाला है। मेरठ जिला जेल प्रशासन के मुताबिक हत्या की आरोपी सोमवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन किसी भी समय डिलीवरी हो सकती है। अस्पताल प्रशासन उसे लगातार मॉनिटर कर रहा है और उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जेल प्रशासन ने डिलीवरी को लेकर दी ये जानकारी इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान की डिलीवरी जेल प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि उसे प्रसव पीड़ा के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक उसे किसी भी वक्त बेबी हो सकता है। मेरठ जेली में बंद है मुस्कान बता दें कि सौरभ की हत्या के आरोप में मुस्कान पिछले 8 महीने से जेल में बंद है। इस दौरान वह 8 महीने की गर्भवती हो चुकी है। जेल प्रशासन SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत उसकी पूरी देखभाल कर रहा है। पिछली जांच रिपोर्ट में मुस्कान का वजन जेल में रहते हुए 22 किलो बढ़ गया है। उसकी सेहत को देखते हुए हर हफ्ते अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। उसे दूध, अंडा, फल और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। बच्चे के डीएनए टेस्ट पर उठ रहे सवाल बच्चे के डीएनए टेस्ट को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन जेल अधीक्षक का कहना है कि इस पर फैसला न्यायालय करेगा। वहीं, जेल में होने वाली आरती और सुंदरकांड पाठ में मुस्कान नियमित रूप से शामिल होती है। गर्भवती महिलाओं से जेल में कोई काम नहीं कराया जाता। जेल मैनुअल के मुताबिक, मां 6 साल की उम्र तक बच्चे को अपने साथ जेल में रख सकती है। इस दौरान बच्चे की निशुल्क शिक्षा और खानपान की व्यवस्था भी होती है।

सुबह-शाम कोहरे की चादर, मुरादाबाद में तापमान गिरकर 10 डिग्री

मुरादाबाद दो दिन से सुबह और शाम को घना कोहरा छाने लगा है। इससे ठंड अचानक बढ़ गई है। रविवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में व कोहरे की चेतावनी जारी की है।रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के करीब पहुंच गया। सुबह के समय 500 मीटर तक ही विजिबिलिटी रही। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक सुबह कोहरा या धुंध बनी रहेगी। तापमान 10–11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम आर्द्रता 80 और न्यूनतम 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उधर, देर से धूप निकलने और रात में ओस गिरने से सर्दी बढ़ गई है। कोहरे के चलते लोगों ने सुबह के सैर का समय बदल दिया है। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। हाईवे पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। कुछ फीट दूर से ही वाहन नजर नहीं आ रहे थे। इससे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों गेहूं की बोआई जोरों पर है। मौजूदा मौसम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठंड और कोहरे का यह दौर फसलों के लिए लाभकारी है। सभी प्रकार की रबी फसलों की बढ़वार पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। एक्यूआई पुअर श्रेणी में दर्ज मुरादाबाद में ठंड बढ़ने के साथ वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 से 250 के बीच दर्ज किया गया। बुद्धि विहार में एक्यूआई 140 रहा। यह मॉडरेट श्रेणी है। ईको हर्बल पार्क में एक्यूआई 258 रहने के साथ पुअर श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके अलावा रोजगार कार्यालय क्षेत्र में एक्यूआई 183 दर्ज किया। सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतें गिरते तापमान के बीच जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आशीष  ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मौसम का यह बदलाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए एहतियात बेहद जरूरी है।     ठंड में सिर और कान ढककर निकलें     अस्थमा व सांस के मरीज मास्क पहनकर बाहर निकलें     सुबह की सैर फिलहाल टालना बेहतर  

रायसेन में मासूम से अत्याचार पर जनआक्रोश, गिरफ्तारी न होने से मंडीदीप-जाम और बाड़ी बंद; शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा बयान दिया

रायसेन  रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। आरोपी ने चॉकलेट का बहाना बनाकर बच्ची को जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद गंभीर हालत में नाबालिग को एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर चक्काजाम किया और गौहरगंज का बाजार शनिवार को पूरे दिन बंद रहा। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपराधी को कड़ी सजा दिलाने में कोई कोताही नहीं होगी। दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ा, मंडीदीप में जाम, बाड़ी शहर बंद मासूम से दुष्कर्म मामले में आरोपित अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, हिन्दू संगठनों सहित जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित भीड़ ने मंडीदीप में जाम लगा दिया है। यहां पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र पटवा भी पहुंचे हैं और धरने पर साथ में बैठे हैं। पूर्व सांसद बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव भी जाम में फंस गए हैं। आरोपी फरार, जिले कई जगह बंद आरोपित सलमान की गिरफ्तार करने की मांग जिले भर में उठी। रायसेन जिला मुख्यालय, बाड़ी बंद, ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप बंद। रायसेन शहर में भोपाल सागर तिराहे पर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शहर में दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। कल उदयपुरा बंद की घोषणा की गई है। पुलिस आरोपित सलमान को लगातार तलाश रही है लेकिन अभी तक कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। जिले में विभिन्न जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: मेरे संसदीय क्षेत्र में मासूम बेटी के साथ हुई दुष्कर्म की घटना से मन व्यथित और अत्यंत आक्रोशित है। इस मामले में आज मैंने केंद्रीय चिकित्सालय,भोपाल पहुंचकर पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिवारजनों को दिलासा दी कि हम मजबूती से साथ खड़े हैं और न्याय जरूर दिलाएंगे। बेटी के उपचार में कोई कमी न रहे और समुचित इलाज की व्यवस्था हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है। साथ ही प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि जो आरोपी है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। मैंने यह भी निर्देश दिया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाया जाए। जिससे पीड़िता के साथ जल्द से जल्द न्याय हो सके। जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।

TMC के हुमायूं कबीर के मस्जिद निर्माण ऐलान पर उमा भारती ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया

भोपाल  विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक साम्प्रदायिक मोड आ गया है. बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की आधारशिला रखने का ऐलान किया है. 6 दिसंबर वही तारीख है जब 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ दी गई थी.  टीएमसी विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं प्रखर हिंदूवादी नेत्री उमा भारती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि इबादत के नाम पर बनी मस्जिद का हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं.  हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक और पूर्व मंत्री हैं.  हुमायूं कबीर ने 2021 में भरतपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी. इस बार 2026 में विधानसभा चुनाव होने को हैं. 2021 में हुमायूं कबीर को 96 हजार 226 वोट मिले थे. उन्होंने बीजेपी के ईमान कल्याण मुखर्जी को 43 हजार 83 वोटों के मार्जिन से हराया था. 2016 में हुमायूं कबीर भरतपुर सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और उन्हें मात्र 1497 वोट मिले थे.  लेकिन जब वे टीएमसी में आए तो उनकी किस्मत बदल गई. हुमायूं कबीर ने कहा कि वह  6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे. इस दौरान मुस्लिम समाज के कई नेता शिरकत करेंगे. उन्होंने कहा कि यह निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा. हुमायूं कबीर ने कहा कि इस कार्यक्रम में कई मुस्लिम मौलानाओं को न्योता दिया जाएगा.  हुमायूं कबीर बेलडांगा क्षेत्र में काफी असर रखते हैं और मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं. कबीर पहले भी विवादित बयान और राजनीतिक गतिविधियों के लिए चर्चा में रहे हैं. माना जाता है कि वे पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे हैं, पर ममता बनर्जी की आलोचना से बचते रहे हैं. राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं उमा भारती ने इस बयान पर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बने हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं." पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह देते हुए उमा भारती ने कहा कि, "मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात कहने वालों पर कार्रवाई करिए, बंगाल एवं देश की अस्मिता एवं सद्भाव के लिए आपकी भी जिम्मेवारी है."  6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की बरसी राम मंदिर आंदोलन के दौरान आज से 33 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को लाखों कारसेवकों ने अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया था. हिंदू संगठनों का दावा था कि यह मस्जिद भगवान राम के जन्मस्थान पर मुगल शासक बाबर द्वारा बनवाई गई थी. मुस्लिम संगठन इसे अपनी मस्जिद बताते थे. इस विध्वसं के बाद देश भर में कई जगहों पर साम्प्रदायिक दंगे हुए थे.  इस मामले में 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल की जमीन हिन्दू पक्ष को दी और मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक 5 एकड़ जमीन देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था.  बाबरी मस्जिद ही क्यों? TMC MLA हुमायूं कबीर के बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा  है कि, 'मस्जिद बनाना ठीक है, लेकिन खास तौर पर 'बाबरी मस्जिद' ही क्यों? जो विवाद पहले ही सुलझ चुका है, उसे राजनीतिक फायदे के लिए फिर से खोला जा रहा है. हमारा रिश्ता बाबर से नहीं, बल्कि शिवाजी महाराज से है." टीएमसी विधायक के इस बयान पर बीजेपी नेता और बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेन्दु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है, "वह यह सब सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए कर रहे हैं. चुनाव पास आ रहे हैं. बेचारे मुसलमान TMC को छोड़ रहे हैं. जैसे 2021 में उन्होंने CAA को NRC कहकर सभी मुसलमानों को एक किया था, इस बार वे बाबरी मस्जिद के निर्माण पर चर्चा करके ऐसा कर रहे हैं."   हुमायूं कबीर के इस बयान पर टीएमसी की अबतक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं है.   

लॉटरी का चस्का: पंजाब में 1200 करोड़ का कारोबार, तीन राज्यों के टिकटों की हुई जबरदस्त बिक्री

जालंधर पंजाब में लॉटरी का कारोबार बढ़ता जा रहा है और यह 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पंजाब के प्रमुख छह जिले लॉटरी के हब हैं लेकिन प्रदेश का कोई भी जिला इससे अछूता नहीं है क्योंकि हर जगह ही यह कारोबार फैला हुआ है। पंजाब सरकार की भी लॉटरी से 250 करोड़ रुपये के राजस्व पर नजर है और इसमें हर साल बढ़ोतरी हो रही है। करोड़पति बनने की चाह जहां कई लोगों की किस्मत बदल रही है वहीं इसकी लत लोगों को बर्बाद भी कर रही है। पंजाब में नगालैंड, सिक्किम व केरल के टिकटों की भी बिक्री हो रही है। प्रदेश के प्रमुख रूप से छह जिले लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला और जीरकपुर इसके हब हैं लेकिन बाकी के जिलों में भी लॉटरी के कारोबार ने अपने पैर जमा रखे हैं। पंजाब सरकार त्योहारों के मौके पर बंपर लॉटरी निकलती है जिसमें 11 करोड़, ढाई करोड़, डेढ़ करोड़ और एक करोड़ और इसके नीचे के इनाम निकाले जाते हैं। पंजाब राज्य लॉटरी निदेशालय इसका पूरा कामकाज देखती है लेकिन रोज लगने वाली पर्ची की लॉटरी का भी क्रेज बढ़ गया है। रोज लोग लाइनों में लगकर लॉटरी की पर्ची खरीदते हैं और शाम तक लॉटरी के नतीजे आने का इंतजार करते हैं। लॉटरी की यह लत अधिक खतरनाक है जो कई बार लोगों को बर्बादी पर राह पर भी धकेल रही है। इसके अलावा ऑनलाइन लॉटरी की बिक्री के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं जो लोगों के साथ ठगी का साधन भी बनता जा रहा है। इसे लेकर अधिकतर लोग धोखाधड़ी का शिकार भी हो चुके हैं। सरकार कई बार लोगों को इसे लेकर सतर्क कर चुकी है कि वे इसके झांसे में न आएं क्योंकि सरकार ऑनलाइन ऐसी लॉटरी की टिकटों की बिक्री नहीं करती है और यह पूरी तरह से फर्जी है। सरकार का राजस्व भी लॉटरी से बढ़ रहा है।  वर्ष 2024-25 में लॉटरी से सरकार को 235 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था और वर्ष 2025-26 में 250 करोड़ राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। लॉटरी से कमाई में केरल टॉप पर है। पिछली वित्तीय वर्ष में केरल ने लॉटरी से 13,500 करोड़ रुपये की कमाई की थी। लुधियाना के एक लॉटरी विक्रेता ने बताया कि प्रदेश में रोजाना औसत 3 से 4 करोड़ रुपये से अधिक की लॉटरी की टिकटें बिकती है लेकिन यह बिक्री एक सी नहीं रहती है। कभी इसमें बढ़ोतरी होती है और कभी कमी भी आती है। लोहड़ी बंपर पर मिलेंगे 23.47 करोड़ रुपये के इनाम पंजाब सरकार ने अब लोहड़ी बंपर की शुरुआत कर दी है जिसमें लॉटरी के कुल विजेताओं को 23.47 करोड़ रुपये का इनाम दिए जाएंगे। 17 जनवरी 2026 को यह ड्रॉ निकाला जाएगा। हाल ही में दिवाली बंपर में एक सब्जी बेचने वाले की 11 करोड़ रुपये की लॉटरी निकली थी। राजस्थान के अमित सेहरा बठिंडा घूमने आए थे और तभी उन्होंने लाॅटरी का टिकट खरीदा था। पंजाब सरकार की बैसाखी, राखी, दिवाली जैसे मौकों पर निकाली जा रही बंपर लाॅटरी की टिकटें 100 से 500 रुपये तक में मिलती हैं। ऑनलाइन लॉटरी में झांसे में न आने की दी सलाह   पंजाब राज्य लॉटरी निदेशालय के निदेशक शौकत अहमद पार्रे ने ऑनलाइन लॉटरी के झांसे में न आने की लोगों को सलाह दी है। इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी स्कीम की बिक्री बैन है। पंजाब राज्य लॉटरी इसी तरह की कोई स्कीम नहीं निकालती है। निदेशालय के नाम पर मैसेज और ईमेल भेजकर लोगों को लॉटरी निकलने की बात कही जाती है और टैक्स की राशि जमा करवाने की बात कहकर ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया जाता है। किसी भी तरह की ऑनलाइन टिकट की खरीदारी न करें। लॉटरी के नतीजे निदेशालय की वेबसाइट पर जाकर ही ड्रॉ में चैक करें। रोजाना तीन से चार वक्त ड्रा निकाले जा रहे सरकारी लॉटरी के साथ गैर कानूनी लॉटरी का ट्रेंड बढ़ रहा है जिससे सरकार को जीएसटी के राजस्व से भी हाथ धोना पड़ रहा है। अनुमान के अनुसार गैर कानूनी लॉटरी का कुल कारोबार पचास फीसदी तक है और श्रमिक कालोनियों में लाॅटरी के टिकट बेच कर खूब कमाई की जा रही है।  प्रदेश में पंजाब सरकार के अलावा गोवा, नगालैंड, सिक्कम, मिजोरम आदि राज्य सरकारों की बंपर, मासिक, साप्ताहिक एवं डेली लॉटरी चल रही हैं। डेली लॉटरी में रोजाना तीन से चार वक्त ड्राॅ निकाले जा रहे हैं। इनमें टिकट की कीमत सात, दस रुपये होती है और यह कम से कम पांच टिकटों का सेट ही मिलता है। लाॅटरी का चस्का भी शराब, सिगरेट एवं नशे जैसा ही है। अगर किसी तो लग जाता है तो यह जल्दी से छूटता नहीं। ज्यादातर रोज कमाने वाले लोग ही रोजाना लॉटरी खेलते हैं। ऐसे ही एक शख्स ने बताया कि वह अपनी रोजाना की कमाई का पांच से दस फीसदी हिस्सा लॉटरी में लगा देता है और कभी छोटे-छोटे इनाम भी निकल आते हैं। मसलन यदि सात रुपये के पांच टिकट लिए और उनका लॉटरी में नंबर आ गया तो छह सौ रुपये बन जाते हैं। उनका कहना है कि अब यह एक चस्का सा लग गया है और छूट नहीं पा रहा। सैंकड़ों परिवारों को आर्थिक बर्बादी की तरफ धकेल लाॅटरी का गोरखधंधा पंजाब में त्योहारों पर निकलने वाले सरकारी बंपर हों या गली-मोहल्लों में चलने वाला डेली लॉटरी का खेल, अमृतसर में इन दिनों लॉटरी का कारोबार काफी जोरों पर चल रहा है। साथ ही अवैध लॉटरी का गोरखधंधा सैकड़ों परिवारों को आर्थिक बर्बादी की तरफ भी धकेल रहा है। पंजाब में सरकारी बंपर लॉटरी टिकट जैसे लोहरी, दिवाली बंपर बहुत लोकप्रिय हैं। लोग त्योहारी जोश में बड़ी-इनामी टिकटों के लिए एक रात में किस्मत बदल जाने की उम्मीद में कतारों में खड़े होते हैं। ऐसे ड्रॉ बड़े इनाम रखते हैं इसलिए टिकट की बिक्री जोरों से होती है। एक तरफ राज्य सरकार लॉटरी टिकट बेचकर राजस्व जुटाती है वहीं दूसरी तरफ गैर-कानूनी ढंग से चल रहा लाॅटरी का गोरखधंधा लोगों को बर्बाद भी कर रहा है। इस पर एक गंभीर विश्लेषण की जरूरत है कि पल भर में करोड़पति बनने का … Read more