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जौनपुर में बड़ी कार्रवाई: 42 करोड़ की कोडीन सिरप जब्त, ड्रग माफिया पकड़ा गया

 जौनपुर उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का नेटवर्क लगातार बड़ा होता जा रहा है, और अब जौनपुर में भी शुभम जायसवाल सिंडिकेट का नाम सामने आया है. वाराणसी, सोनभद्र और गाजियाबाद में कार्रवाई के बाद, जौनपुर खाद्य-औषधि विभाग ने जिले में भारी मात्रा में कोडीन मिश्रित कफ सिरप बरामद कर हढ़कंप मचा दिया है. शैली इंटरप्राइजेज के जरिए कोडीन सिरप की सप्लाई अधिकारियों ने बताया कि जौनपुर में संचालित 12 फार्मों को झारखंड की राजधानी रांची से संचालित हो रही शैली इंटरप्राइजेज के जरिए करोड़ों रुपये की कोडीन सिरप सप्लाई की जा रही थी. शैली इंटरप्राइजेज शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद के नाम पर रजिस्टर्ड है और जांच में सामने आया है कि इसी फर्म के माध्यम से अवैध कोडीन सिरप की तस्करी का पूरा नेटवर्क जमा हुआ था. खाद्य-औषधि विभाग की टीम ने जौनपुर में छापा मारकर 1,89,000 कोडीन मिश्रित कफ सिरप की बोतलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 42 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है. अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार की जड़ें उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, नेपाल और यहां तक कि बांग्लादेश तक फैली हुई हैं. 12 फर्मों पर FIR दर्ज जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जौनपुर की 12 दवा कंपनियों ने शैली इंटरप्राइजेज से लाखों बोतलें खरीदीं, जिसके बदले उन्हें नकद भुगतान किया गया था. ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर जौनपुर कोतवाली में शैली इंटरप्राइजेज समेत 12 फर्मों पर FIR दर्ज कर ली गई है. मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार, शुभम जायसवाल इस पूरे अवैध नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जिसका सिंडिकेट कोडीन कफ सिरप की सप्लाई को नशे के बाजार में करोड़ों रुपये कमाने के लिए उपयोग करता था. जांच एजेंसियां अब फाइनेंशियल ट्रेल और बैंक खातों की जांच में जुटी हुई हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की भी पहचान की जा सके.

हरियाणा के कई इलाकों में कोहरा छाया, हिसार में तापमान 8.6 डिग्री; पहाड़ों की बर्फबारी से ठंड बढ़ने की संभावना

चंडीगढ़   उत्तर भारत में कोहरे और सर्दी का असर अब धीरे धीरे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना जताते हुए शीतलहर और कड़ाके की सर्दी के आसार जताए हैं, जिसका असर दिल्ली से लेकर बिहार और मध्य प्रदेश तक पड़ेगा। हरियाणा में अब बढ़ती ठंड के बीच सुबह शाम के वक्त हल्का कोहरा भी छाने लगा है। प्रदेश मे अभी अभी रात्रि तापमान (न्यूनतम) 8 से 10 डिग्री के आसपास बना है। वहीं उतर से नमी वाली हवाएं चलने से धुंध देखी जा रही है। यूपी-पंजाब में छाया कोहरा पंजाब, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्का कोहरा छाया रहा। अगले 2–3 दिनों में मध्य भारत, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि प्रदेश अभी पूरी तरह से ठंड की चपेट में नहीं आया है। वजह ये है कि दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान घट नहीं रहा है। रातें जरूर ठंडी हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते रात्रि तापमान में करीब 3.2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में पारा 8.9, सिरसा में 9.6 और जींद में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश में अन्य क्षेत्रों में बीते दिन तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। सोनीपत में शुक्रवार रात 8 बजे के बाद हल्का कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय अन्य जिलों में भी कोहरा छा रहा है, हालांकि विजिबिलिटी पर इसका कोई असर अभी नहीं है। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान – ठंड और बढ़ेगी चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। दिन में बीच-बीच में हल्के बादल छाने से औसत तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है। 23 नवंबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील डॉ. खीचड़ के अनुसार राज्य में मौसम 23 नवंबर तक शुष्क और परिवर्तनशील बना रह सकता है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बादलवाई देखने को मिल सकती है। हवा की दिशा में बार-बार बदलाव और धीमी गति से चलने वाली हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कुछ स्थानों पर अलसुबह हल्की धुंध छाने की संभावना है।  

मौसम में दोहरा असर: दिन में गर्माहट, रात में ठंडक—तापमान 3 डिग्री बढ़ा

रायपुर  पूर्वी हवा के प्रभाव से राज्य में शीतलहर का प्रभाव टल गया है. अभी की स्थिति में रात में हल्की ठंड है और दिन में गर्मी महसूस हो रही है. 6 डिग्री तक लुढ़क चुका राज्य का न्यूनतम तापमान 11 के करीब पहुंच गया है. शहर में भी ठंड सुबह-सुबह ही महसूस हो रही है और आउटर में इसका प्रभाव ज्यादा है. राज्य में अब पूर्वी हवा का प्रभाव असर दिखा चुका है और कड़ाके की ठंड अब हल्की हो चुकी है. इस तरह का प्रभाव अगले दो से तीन दिन रहने की संभावना है. इसके बाद हवा का आगमन फिर से उत्तर से होता है तो तापमान में गिरवाट की शुरुआत होगी. इधर विभिन्न इलाकों में सर्दी अपनी सामान्य स्थिति में आ चुकी है. पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था, जो चार दिन पहले 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था. इसी तरह 13 डिग्री के पारा के साथ रायपुर में अच्छी ठंड पड़ रही थी जो अब सुबह सुबह ही ज्यादा प्रभाव दिखा रही है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज आकाश साफ रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान 16 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जा सकता है.

स्थानीय चुनाव: उम्मीदवारों के लिए नई नियमावली, शपथ पत्र में दर्ज करनी होगी अपने खिलाफ आपराधिक प्रकरण की जानकारी

भोपाल  महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष के साथ पार्षद पद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अब अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण की पूरी जानकारी शपथ पत्र में देनी होगी। इतना ही नहीं, लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की तरह प्रतिदिन का चुनावी खर्च का ब्यौरा देना होगा।  राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी बदलाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की लिमिट नगरीय विकास एवं आवास विभाग के परामर्श से तय की जाएगी। प्रदेश के नगर निकायों में महापौर, नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षद पद के चुनाव पांच साल में होते हैं। कुछ नगरपालिका और नगर परिषदों को छोड़ 90 फीसदी निकायों में यह चुनाव वर्ष 2027 में होंगे। इसके पहले 2022 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निकायों में चुनाव कराए गए थे। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दीपक सिंह ने आदेश जारी किया है। जिसके तहत पार्षद पद के उपचुनाव भी नई व्यवस्था से होंगे। कितने केस दर्ज, चल-अचल संपत्ति कितना बताना होगा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि चुनाव लड़ने वाले महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष, पार्षद पद के उम्मीदवार को अपनी खुद, पत्नी या पति और तीन बच्चों की आमदनी और चुकाए जाने वाले टैक्स की जानकारी भी देना होगी। यह भी बताना होगा कि उसकी आय का साधन क्या है? लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जिस तरह से सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर की डिटेल देते हैं, उसी तरह इन्हें भी जानकारी देना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग को बताना होगा कि दो साल या अधिक समय की सजा वाले कितने आपराधिक मामले उन पर दर्ज हैं। इसकी थाने में दर्ज एफआईआर, थाना और जिला का ब्यौरा बताने के साथ न्यायालय में चल रहे केस और अन्य ब्यौरे देने होंगे। इसके साथ ही संयुक्त स्वामित्व वाली चल और अचल संपत्ति की जानकारी भी शपथ पत्र में देना तय किया गया है। साथ ही उम्मीदवार द्वारा शेयर और कंपनियों में किए गए निवेश का ब्यौरा भी देना होगा। साथ ही कितना कर्ज लिया और दिया गया है तथा किन सरकारी एजेंसियों का कितना बकायादार उम्मीदवार है, इसकी जानकारी देने का प्रावधान भी इसमें किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि उम्मीदवार अपने घर पर लगे फ्लश शौचालय और जलवाहित शौचालय की भी लिखित जानकारी देंगे। चुनाव में कितना खर्च होगा, इसकी लिमिट होगी तय आयोग ने कहा है कि चुनाव में किस तरह से धन बल का उपयोग किया जाता है, राज्य निर्वाचन आयोग इससे वाकिफ है। इसलिए नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग के साथ चर्चा कर चुनाव में होने वाले खर्च की अधिकतम सीमा भी तय की जाएगी। आयोग के उम्मीदवारों द्वारा जो खर्च किया जाएगा और उसका भुगतान किया जाएगा उसकी पूरी डिटेल दी जाएगी। इसके साथ ही चुनाव खर्च का एक अलग रजिस्टर बनाया जाएगा। चुनाव खर्च की जानकारी तीस दिन के भीतर देना भी अनिवार्य किया गया है। इसमें यह व्यवस्था भी की गई है कि प्रत्याशी के चुनावी खर्च की जानकारी कोई भी व्यक्ति दस रुपए की फीस जमा करके ले सकेगा।  

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज पहुंचकर माघ मेले की तैयारियों का भी लिया जायजा

सीएम योगी ने किया मां गंगा का पूजन, बड़े हनुमान के चरणों में झुकाया शीश  सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज पहुंचकर माघ मेले की तैयारियों का भी लिया जायजा  मुख्यमंत्री ने रामबाग में की हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज दौरे पर रहे। यहां उन्होंने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी के आवास पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में पहुंचे। यहां उन्होंने संकट मोचन हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की। फिर संगम नोज पहुंचकर 'त्रिवेणी पूजन' किया व मां गंगा की आरती उतारी। मुख्यमंत्री ने बड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर उनके चरणों में शीश झुकाया। मुख्यमंत्री ने माघ मेले की तैयारियों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया।  मुख्यमंत्री ने की हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले रामबाग स्थित शहर उत्तरी के भाजपा विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी के आवास पहुंचे। यहां आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रीविजय प्रद हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की। सीएम ने यहां पूजन-अर्चन, आरती भी उतारी। आयोजक व विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न भेंट किया।  सीएम योगी ने संगम नोज पर पहुंचकर किया मां गंगा का पूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां से संगम गए। यहां वे वीआईपी घाट से बोट में बैठकर संगम नोज पहुंचे। उन्होंने बोट से ही यमुना नदी में कलरव कर रहे पक्षियों को दाना भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने संगम नोज पर पहुंचकर त्रिवेणी संगम पर पूजन-अर्चन किया, फिर मां गंगा की आरती उतारी। उन्होंने मां गंगा के चरणों में शीश झुकाकर माघ मेले की सफलता की कामना की। सीएम बोट में ही बैठकर वापस आए, फिर हनुमान कॉरिडोर की तरफ रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने आमजन का अभिवादन भी किया।  बड़े हनुमान के चरणों में झुकाया शीश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। सीएम यहां बड़े हनुमान मंदिर भी गए। वहां हनुमान जी के चरणों के समक्ष बैठकर दर्शन-पूजन कर आरती उतारी और विधि-विधान से पूजा की। धार्मिक कार्यक्रमों में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंदगोपाल गुप्त ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, सुरेंद्र चौधरी, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह,  दीपक पटेल, पूजा पाल, पीयूष निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, राजमणि कोल आदि मौजूद रहे।

इंडिया पहुंचीं जे-लो: उदयपुर रॉयल वेडिंग में करेंगी धमाकेदार परफॉर्मेंस

उदयपुर यूएस बेस्ड अरबपति राजू मंटेना और पद्मजा मंटेना की बेटी नेत्रा की उदयपुर में शाही शादी है, जिसमें बॉलीवुड और हॉलीवुड की नामचीन हस्तियां पहुंच चुकी हैं। जहां संगीत नाइट में रणवीर सिंह से लेकर वरुण धवन, कृति सेनन, जान्हवी कपूर और जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी परफॉर्मेंस से चार चांद लगाए, वहीं जेनिफर लोपेज भी इंडिया पहुंच चुकी हैं। वह नेत्रा मंटेना की शाही शादी में हिस्सा लेने आई हैं। नेत्रा की शादी वामसी गडिराजू हो रही है और दोनों अमेरिका के पॉपुलर कपल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शाही शादी पर खूब पैसा खर्च किया गया है और शादी में परफॉर्म करने आ रहे सेलिब्रिटीज को भी मोटी रकम दी गई है। इसमें जेनिफर लोपेज का भी नाम शामिल है। जेनिफर लोपेज जैसे ही इंडिया पहुंचीं, उन्हें एयरपोर्ट पर फैंस और पपाराजी ने घेर लिया। जेनिफर ने सबको फ्लाइंग किस की और स्माइल करते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जेनिफर की यह उदयपुर में पहली परफॉर्मेंस नहीं है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में संजय हिंदूजा की शादी में परफॉर्म किया था। जेनिफर लोपेज के संजय हिंदुजा की शादी में ली थी इतनी फीस  एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर लोपेज जब साल 2015 में संजय हिंदुजा और अनुसूया महतानी की शादी में शामिल हुईं थीं। इसके लिए तब उन्होंने 6.5 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। वहीं, अरबपति कपल- संजय और अनुसूया ने जेनिफर को लग्जरी कोहिनूर सूट में ठहराया था, जिसका एक रात का किराया 3 लाख रुपये बताया जाता है। इसके बाद साल 2016 में जेनिफर लोपेज पॉपुलर रूसी कपल Khadija Uzhakhova और Said Gutseriev की शादी में शामिल हुई थीं। खादिजा रूसी तेल व्यवसायी मिखाइल गुटसेरिएव के बेटे हैं। उन्होंने 20 साल की डेंटिस्ट स्टूडेंट से शादी की थी। इस शादी में शामिल होने के लिए जेनिफर लोपेज ने करीब 9 करोड़ रुपये प्रति घंटे के हिसाब से फीस ली थी। वहीं, 'ईटाइम्स' के मुताबिक, जेनिफर लोपेज ने साल 2011 में यूक्रेन के अरबपति Serhiy Taruta की बेटी की शादी में परफॉर्म करने के लिए 1 मिलियन डॉलर लिए थे। जगमंदिर आइलैंड पैलेस में नेत्रा मंटेना की शादी, 24 नवंबर तक कार्यक्रम मालूम हो कि नेत्रा और वामसी की शादी उदयपुर के पिछोला लेक के बीच बने जगमंदिर आइलैंड पैलेस में 23 नवंबर को होगी। उनकी शादी के कार्यक्रम 24 नवंबर तक चलेंगे। शादी की रस्मों की शुरुआत संगीत सेरिमनी से हुई थी, जिसे द लीला पैलेस में रखा गया था। नेत्रा और वामसी गडिराजू की संगीत नाइट को करण जौहर ने होस्ट किया था और पूरा मजमा रणवीर सिंह लूट ले गए। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे को 'व्हाट झुमका' गाने पर नचाया। बाद में बाकी मेहमानों को भी जमकर नचाया।

हेलिकॉप्टर सेवा के नए नियम: 80 किलो से ऊपर वजन वालों को देना होगा अतिरिक्त शुल्क

उज्जैन मध्यप्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू कर दी गई है। सेवा शुरू होते ही यह चर्चा में आ गई है क्योंकि इसे संचालित करने वाली एविएशन कंपनी ने यात्रियों के वजन के अनुसार अतिरिक्त शुल्क देने का नियम लागू किया है। कंपनी के अनुसार 80 किलो तक के यात्रियों को टिकट शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा, जबकि 80 से 100 किलो तक वजन वाले यात्रियों को प्रति किलो 150 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। वहीं 100 किलो से अधिक वजन वाले यात्रियों को दो सीटों का किराया देना होगा। गुरुवार को पर्यटन विभाग द्वारा इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। पहली उड़ान को मंत्री तुलसी सिलावट और अन्य जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्री सिलावट और विधायकगण इंदौर से हेलिकॉप्टर द्वारा उज्जैन पहुंचे, जहां साधु-संतों को भी हवाई सैर कराई गई। अब यह सेवा आम यात्रियों के लिए भी शुरू हो चुकी है। इंदौर से उज्जैन तक किराया 5,000 और इंदौर से ओंकारेश्वर तक 6,500 रुपये किराया देय होगा। हेलिपैड पर हर यात्री का वजन अनिवार्य होगा। कंपनी की वेबसाइटों www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola और https://transbharat.in/ पर यात्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। कंपनी ने यात्रियों के साथ ले जाने वाले सामान पर भी सीमा तय की है। प्रत्येक यात्री को अधिकतम 4 किलो सामान ले जाने की अनुमति होगी। अतिरिक्त सामान के लिए कंपनी ने कोई स्पष्ट नीति नहीं बताई है। हालांकि यह सेवा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है लेकिन इसका किराया सामान्य यात्रियों की पहुंच से बाहर है। इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर रूट की एक दिन की यात्रा का अनुमानित खर्च प्रति व्यक्ति 17,000 तक होगा। दो या अधिक सदस्यों वाले परिवार के लिए यह राशि और भी अधिक हो जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि यह सेवा मुख्य रूप से अमीर तबके के यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।  

15 दिसंबर से शुरू होगा तानसेन समारोह 2025, इन कलाकारों को मिला प्रतिष्ठित तानसेन सम्मान

ग्वालियर  राष्ट्रीय तानसेन सम्मान और राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान की घोषणा शुक्रवार को संस्कृति विभाग ने की। ये सम्मान 15-19 दिसंबर तक ग्वालियर में तानसेन समारोह में दिए जाएंगे। संस्कृति संचालक एनपी नामदेव ने बताया, 2024 के लिए तानसेन सम्मान पं. राजा काले मुंबई, 2025 के लिए पं. तरुण भट्टाचार्य, कोलकाता को दिया जाएगा। तोमर सम्मान 2024 के लिए साधना परमार्थिक संस्थान समिति, खरगोन व 2025 के लिए रागायन, ग्वालियर को दिया जाएगा। सम्मानित कलाकार एवं संस्था को 5 लाख की सम्मान राशि एवं सम्मान पट्टिका भेंट की जाती है। संतूर वादक पं. भट्टाचार्य से पत्रिका की विशेष बातचीत पत्रिका से विशेष बातचीत में संतूर वादक पं. भट्टाचार्य ने कहा, यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा, ग्वालियर के तानसेन समारोह (Tansen Samaroh) वह मंच है, जहां से हम अपने संगीत को पूरी दुनिया तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा, वे समारोह में अब तक चार बार प्रस्तुति दे चुके हैं। मप्र के श्रोता बेहद सटीक और हार्डकोर हैं, वे हर स्वर व ताल समझते हैं। शांति और अमन का संदेश फैला सकते हैं शास्त्रीय संगीत की महत्ता पर पं. भट्टाचार्य ने कहा, इसके जरिए हम दुनिया में शांति का संदेश फैला सकते हैं। 10 साल तक शास्त्रीय संगीत सिखाने से बच्चों का मन पूरी तरह से बदल सकता है। संतूर के बारे में कहा, यह वीणा की तरह सततंरी वाद्य है। उल्लेख वेद-पुराणों में भी मिलता है। संतूर में मैंने कई प्रयोग किए हैं। शास्त्रीय संगीत (Tansen Samaroh) का आकर्षण कायम है। स्कूल-कॉलेज के बच्चों में रुचि बढ़ी है।

GRP ने शुरू की सराहनीय सेवा, अब ऑटो चालक की जानकारी पाएं बस एक कोड स्कैन से

उज्जैन  धार्मिक नगरी उज्जैन आने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे पुलिस ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। अब उज्जैन में महिलाएं और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री निश्चिंत होकर ऑटो में यात्रा कर सकेंगे। इंदौर में सफल शुरुआत के बाद अब उज्जैन में भी भरोसे वाली सवारी नाम से सुरक्षित ऑटो सेवा शुरू की जा रही है। इसके तहत करीब 350 ऑटो चालकों का पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन पूरा किया जा रहा है और सत्यापन के बाद उनके ऑटो पर विशेष क्यूआर कोड लगाया जाएगा। यात्री इस कोड को स्कैन कर ऑटो चालक की पहचान, वाहन विवरण और रूट जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य अपराधों पर रोक लगाना, यात्रियों में विश्वास बढ़ाना और ऑटो सेवा को पारदर्शी बनाना है। विशेष रूप से देर रात स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों, महिलाओं और अकेले सफर करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह कदम अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है। आज  पुलिस अधीक्षक इंदौर रेल पद्म विलोचन शुक्ल ने ऑटो चालकों को हमारी भरोसे की सवारी योजना की विस्तृत जानकारी दी और सुरक्षित व जिम्मेदार परिवहन के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। जल्द ही उज्जैन रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड वाले ऑटो दिखाई देने लगेंगे।  उन्होंने बताया कि ऑटो में QR कोड लगाने की शुरूआत दिसंबर के पहले हफ्ते से हो सकती है। एसपी ने बताया कि यात्री अपनी यात्रा पूर्ण होने के बाद इसी क्यूआर कोड से फीडबैक भी दे सकेंगे। वहीं क्यूआर कोड लगाने वाले ऑटो चालकों में से बेस्ट को सम्मानित भी किया जाएगा। एसपी ने ऑटो चालकों से कहा कि सभी ऑटो चालकों को QR कोड लगवाना अनिवार्य नहीं है, जिसकी मर्जी होगी उसके ऑटो पर QR कोड लगाया जाएगा। एसपी शुक्ल ने बताया कि शासकीय रेलवे पुलिस द्वारा हमारी सवारी, भरोसे वाली टैग के साथ वाहन चालकों को सत्यापित वाहन चालक का QR कोड मिलेगा। इस QR कोड में ऑटो चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, कोई केस तो दर्ज नहीं के साथ ही ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर का भी पता चल सकेगा।    

निमाड़ उत्सव का शुभारंभ, महेश्वर में अहिल्या घाट पर होगी भव्य लाइट शो और भजन संध्या

महेश्वर  मां अहिल्या की नगरी महेश्वर में 22 से 24 नवंबर तक निमाड़ उत्सव 2025 आयोजित किया जा रहा है। इसमें तीन दिनों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ अहिल्या घाट पर लाइट एंड साउंड शो होगा। पहले दिन 22 नवंबर की शाम 7 बजे उत्सव का शुभारंभ होगा। उद्घाटन के बाद सुप्रसिद्ध गायक लखविंदर लख्खा और साथी भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगे। इसी दिन अत्याधुनिक तकनीक से तैयार लाइट एंड साउंड शो का लोकार्पण किया जाएगा। महेश्वर के अहिल्या घाट पर लाइट एंड साउंड शो तकनीक और परंपरा का अद्वितीय संयोजन साबित होने जा रहा है। महेश्वर का यह शो अत्याधुनिक तकनीक नवाचार, सटीक इंजीनियरिंग कौशल और विरासत धरोहर संवर्द्धन  संरक्षण को एक साथ समाहित करने वाला देश के चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में शुमार हो गया है। यह प्रोजेक्ट कई अभूतपूर्व चुनौतियों को पार कर तैयार किया गया है, जो इसे देश का सबसे अनोखा और जटिल शो बनाता है। नदी के बदलते जलस्तर के बीच हाइड्रॉलिक सिस्टम का विकास घाट के किनारे प्रोजेक्टर इंस्टॉल करने में सबसे बड़ी बाधा नर्मदा का लगातार बदलता जलस्तर रहा। प्रोजेक्टर की ऊंचाई अधिक रखने से नाविकों और पर्यटकों को किले का स्पष्ट दृश्य प्रभावित होता, ऐसे में पहली बार नदी की स्थिति के अनुरूप कस्टम हाइड्रॉलिक सिस्टम तैयार किया गया। यह सिस्टम पानी के दबाव, लहरों और जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के बावजूद प्रोजेक्टर को स्थिर रखने में सक्षम है। वॉटर-कोरोजन रेजिस्टेंट डिजाइन, प्रेशर कंट्रोल तकनीक और प्रोजेक्शन की सटीकता बनाए रखना इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। महेश्वर किले की ऐतिहासिक संरचना को देखते हुए टीम ने बिना कील या ड्रिलिंग के लाइटिंग, लेजर, साउंड और वायरिंग का पूरा सेटअप तैयार किया। कमिश्नर दीपक सिंह की रही अहम भूमिका नर्मदा तट पर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने में इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनकी निरंतर मॉनिटरिंग, समयबद्ध समीक्षा और फील्ड स्तर पर की गई मार्गदर्शन ने टीम को कठिन परिस्थितियों में भी योजना को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद की। पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी किले की भव्यता, नर्मदा की लहरों और तकनीक का यह अनूठा संगम महेश्वर पर्यटन को नए आयाम देने जा रहा है। शो के शुरू होने के साथ ही महेश्वर का इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि तकनीक के माध्यम से दर्शकों के सामने नए रूप में प्रस्तुत होगी। महेश्वर के लिए यह आयोजन एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। 23 नवंबर के कार्यक्रम 23 नवंबर को लोकनृत्यों और निमाड़ी काव्य का दौर चलेगा। पुरी का प्रसिद्ध गोटिपुआ नृत्य चंद्रमणि प्रधान एवं साथी, बड़ौदा का राठ नृत्य विजय भाई राठवा एवं साथी, तथा निमाड़ी कवि— मोहन परमार खरगोन, दिलीप काले महेश्वर, राम शर्मा परिंदा मनावर,जितेंद्र यादव कसरावद, धनसिंह सेन जलकोटा और बिहारी पाटीदार करौंदिया—अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री जगदीश जोशीला गोगांव करेंगे। 24 नवंबर को लोकनृत्य श्रृंखला में कथक नृत्य गौरी शर्मा एवं साथी खरगोन, खंडवा का गणगौर अनुजा जोशी एवं साथी और काठी नृत्य रामदास साकल्ले एवं साथी खंडवा प्रस्तुत किया जाएगा। इस दिन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन भी आयोजित होगा, जिसमें सुदीप भोला, डॉ. शंभूसिंह सिंह मनहर, डॉ भुवन मोहिनी, नरेंद्र श्रीवास्तव ‘अटल’ महेश्वर और राम भदावर ‘ओज’ काव्य पाठ करेंगे। कार्यक्रम के सूत्रधार बुद्धि प्रकाश दाधीच रहेंगे।