जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था, आज यह संख्या 35-36 फीसदी हो गईः सीएम योगी बोले सीएमः रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है पकड़ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज आत्मनिर्भर और प्रगति तभी करता है, जब ऐसे संगठन नेतृत्व करते हैं और सरकार उन्हें पीछे से सपोर्ट करती है। सीएम ने फिक्की फ्लो के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आधी आबादी बढ़ेगी तो समाज बढ़ेगा। आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी तो देश-प्रदेश भी आत्मनिर्भर होगा। आधी आबादी विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित होगी तो भारत को विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। जितनी सशक्त भागीदारी पुरुषों की है, उससे भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाएं निर्वहन कर सकती हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में समाज का नेतृत्व कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए। सीएम योगी ने फिक्की फ्लो के कार्यों की प्रशंसा की। आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता सीएम ने कहा कि 20 चैप्टर में 16 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स आपके साथ जुड़े हैं, लेकिन 140 करोड़ के भारत में यह संख्या कम है। आपने 11 वर्ष में बदलते हुए भारत को देखा है। देश ने अलग-अलग क्षेत्र में प्रगति की है। भारत की अभूतपूर्व प्रगति दुनिया को आकर्षित करती है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने खुद को चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। नया भारत सबसे तेज गति से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है। हम बहुत जल्द तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। इसमें पीएम का मार्गदर्शन, नेतृत्व है, लेकिन अर्थव्यवस्था को लीड वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं, उनके नेतृत्व में भारत नई गति दे रहा है। आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। यूपी की कानून व्यवस्था देश में मॉडल के रूप में जानी जाती सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष पहले हमें जब सत्ता मिली थी, तबके यूपी की स्थिति किसी से छिपी नहीं हैं। असुरक्षा का वातावरण, कानून व्यवस्था तार-तार, दंगे होते थे। बेटी, बाजार, व्यापारी, उद्यमी भी सुरक्षित नहीं थे। यूपी की बागडोर जब हमारे हाथ में आई, तब हमने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और प्रदेश सरकार ने अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। आज देश में यूपी की कानून व्यवस्था मॉडल के रूप में जानी जाती है। जिस प्रदेश में निवेश आता नहीं था और पुराने निवेश भी बाइंडअप करके लोग बाहर निकलना चाहते थे। वहां सुरक्षा के अहसास और सरकार के ईमानदारी से किए गए प्रयास का परिणाम है कि उस प्रदेश में पिछले 8 वर्ष में 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाने में सफलता हासिल हुई। 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव की सफलतापूर्वक ग्राउंड ब्रेकिंग करा चुके हैं। बहुत जल्द 5 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कार्रवाई को बढ़ाएंगे। निवेश आया तो रोजगार भी बढ़ा। 8 वर्ष में वीमेन वर्कफोर्स में हुई तीन फीसदी की बढ़ोतरी सीएम योगी ने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था। आज यह संख्या 35-36 फीसदी (8 वर्ष में तीन फीसदी बढ़ोतरी) हुई। 2017 में यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या केवल 10 हजार थी। उनमें से कुछ रिटायर भी हुई होंगी। आज यूपी पुलिस में 44,000 महिला कार्मिक हैं। हमने 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की। स्कूली शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि सेक्टरों में महिलाओं का कार्य काफी बेहतरीन है। 8 वर्ष में यूपी में बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण आदि योजनाएं प्रारंभ की गईं। बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ा गया। जनसहभागिता के जरिए स्कूलों का कायाकल्प करके उन्हें हर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। आज यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इसमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इन बच्चों को यूपी सरकार हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, स्वेटर, मोजा, बुक, शूज आदि उपलब्ध कराती है। स्कूलों के अंदर पठन-पाठन का बेहतर माहौल बने, ड्राप आउट रेट को न्यूनतम स्तर पर लेकर जाएं। इस दिशा में फिक्की फ्लो बेहतर योगदान कार्य कर सकता है। कोरोना में आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की सीएम योगी ने कहा कि कोरोना के दौरान जब दुनिया पस्त और हर व्यक्ति सशंकित था तो आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम ने प्रदेश सरकार के आह्वान पर डोर टू डोर जाकर हर घर की स्क्रीनिंग की। बीमार को अस्पताल या जरूरतमंद के घर तक दवा पहुंचाई गई। जिससे 25 करोड़ के उत्तर प्रदेश को हम कोरोना से बचाने में सफल रहे। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम में शत-प्रतिशत महिलाएं कार्य करती हैं। इन्होंने 25 करोड़ की आबादी को महामारी से बचाने में बेहतरीन कार्य किया। प्रथम चरण में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ तो उद्योग, काम-धंधे बंद हुए। प्रवासी कामगार, श्रमिक यूपी व अपने राज्यों की तरफ गए। कई राज्यों ने अपने श्रमिकों को लेने से इन्कार कर दिया तो हमने उनकी भी व्यवस्था यूपी में की। क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। काम-धंधा लगभग बंद हो गया था। प्रधानमंत्री जी ने रोजगार भत्ता देना प्रारंभ किया, लेकिन चैलेंज था कि जिसके खाते में पैसा जाता था, वह अगले दिन बैंक में लाइन लगाकर खड़ा हो जाता था। कोविड में भीड़ एकत्र न हो, यह जरूरी था। उस समय यूपी के अंदर हम लोगों ने हर ग्राम पंचायत में बीसी सखी योजना लागू की। गांव की ही बेटी बीसी सखी के रूप में कार्य करेगी। रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है इस पर पकड़ सीएम योगी ने रेडिमेड गारमेंट्स का जिक्र किया और कहा कि ग्लोबल मार्केट में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट है। रेडिमेड गारमेंट्स में उसकी पकड़ छूट रही है। भारत उस मार्केट पर पर पकड़ बना सकता है। रेडिमेड गारमेंट्स में फ्लैटेड फैक्ट्री के मॉडल के माध्यम से आधी आबादी को आगे बढ़ाने में फिक्की फ्लो बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। ग्लोबल मार्केट की डिमांड के अनुसार डिजाइन, … Read more