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दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश के लिए खोलेगी विकास के नए द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में होगी सहायक दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित दुबई और स्पेन यात्रा से मध्य प्रदेश को 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के साथ किये अपनी विदेश यात्रा के अनुभव साझा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश में विकास के नए द्वार खोलेगी। दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। इस यात्रा से मध्यप्रदेश को 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे पूर्व भी जर्मनी, जापान और यूके आदि की यात्रा के दौरान वहां से मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बड़े प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश में निरंतर देश-विदेश से आ रहे निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे। यह अत्यंत आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दुबई और स्पेन की यात्रा से लौटने पर स्टेट हैंगर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम एवं मीडिया संवाद में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन और दुबई यात्रा में 11 हजार 119 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिससे 14 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बदलना आवश्यक है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसके लिए भरसक प्रयत्न कर रहे हैं। गरीब, युवा, महिला,किसान सभी वर्गों को साथ लेकर विरासत सहेजने से लेकर विकास की गति बढ़ाने का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित रहने को कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई को बनाया प्रमुख केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने अपने ग्यारह वर्ष के कार्यकाल में सात बार दुबई की यात्रा कर दो तरफा व्यापारिक और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने का कार्य किया है। दुबई एक लघु विश्व की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे प्रधानमंत्री जी की नीतियों का अनुसरण करते हुए उद्योग एवं व्यापार वर्ष 2025 में देश-विदेश से निवेश लाने के प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में दुबई और स्पेन की यात्रा महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री के संकल्प को पूर्ण करने के लिए इस यात्रा को सार्थक बनाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का एक-एक निर्णय विश्व में भारत की साख बढ़ाने का कार्य कर रहा है। प्रदेश में 20 वर्ष में बदला वातावरण, अब विकास की गति तीव्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत दो दशक विकास के दशक रहे हैं। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में जो स्थिति रही उसमें निर्णायक परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल को मध्यप्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन वर्षों में नागरिकों को यह अनुभव करवाया गया है कि सरकार क्या होती है। देश में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश ऐसा राज्य होगा जो प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां गुजरात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार सरोवर परियोजना में सबसे बड़े बांध को पूर्ण करवाकर राष्ट्र को समर्पित किया वहां मध्यप्रदेश के हित में अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की स्वीकृति देकर उल्लेखनीय कदम उठाया। अब प्रदेश के विकास की गति तीव्र से तीव्रतम होगी। भारत स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत सरकार ने भारत-स्पेन सांस्कृति सहयोग वर्ष की घोषणा की है। इस नाते उनकी स्पेन यात्रा अधिक प्रासंगिक हो गई है। इस वर्ष में अन्य गतिविधियों के साथ मध्यप्रदेश में स्पेन के कला और सांस्कृतिक जगत के प्रतिनिधियों और कलाकारों के मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निवेश बढ़ाने के निरंतर प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई और स्पेन की यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। प्रदेश में सम्पन्न संभाग स्तरीय उद्योग कॉनक्लेव, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, दुबई और स्पेन यात्रा के पूर्व इंग्लैंड, जर्मनी और जापान की यात्राओं में नए निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रयास किए गए हैं। भारत के प्रमुख नगरों कोलकाता, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना में भी सेक्टर वाइज बैठकों और संगोष्ठियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र में नई इकाईयों की स्थापना के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। बहनों को देंगे रक्षा बंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षा बंधन 9 अगस्त से पहले लाड़ली बहनाओं के खाते में 1500 रुपए पहुंचने वाले हैं। योजना में दी जाने वाली 1250 रुपए की मासिक राशि के अलावा रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में अतिरिक्त 250 रुपए दिए जाएंगे। दुबई एवं स्पेन प्राप्त निवेश प्रस्ताव   क्र. संगठन संपर्क व्यक्ति पदनाम क्षेत्र प्रस्तावित निवेश (करोड़ रू.) प्रस्तावित रोजगार देश 1 बीएनडब्ल्यू डेवलपर्स श्री अंकुर अग्रवाल सीईओ संस्थापक इंफ्रॉस्ट्रक्चर 2750 3575 दुबई, यूएई 2   श्री प्रवीण मेहता   प्रपोजल टू सेट सीनियर केयर सस्टेनेबल सिटी 1100 1430 दुबई, यूएई 3 कोनारेस मेटल सप्लाई भरत भाटिया सीईओ और चेयरमैन इस्पात निर्माण 640 832 दुबई यूएई 4 स्पेन कम्यूनिकेशन श्री नरेश खेतरपाल निदेशक हॉस्पिटैलिटी और मीडिया 500 650 दुबई, यूएई 5 अल्फा मेआ जनरल ट्रेडिंग       500 500 दुबई, यूएई 6 सराफ ग्रुप श्री इब्राहिम सराफ चैयरमैन वेयरहाउस 250 300 दुबई, यूएई 7 रिलायंस डिफेंस श्री दिनेश   रक्षा क्षेत्र 250 325 दुबई, यूएई 8 रेडियंट एजेस श्री मिलिंद सुरेश गोकर्ण   नेट जीरो एआईडेटा सेंटर 200 260 दुबई, यूएई 9 माविप ग्रुप श्री प्रत्यूष शास्त्री   इंदौर सिविक आई, हेल्थ्केयर सिटी और ग्रिड में निवेश प्रस्ताव 170 221 दुबई, यूएई 10 तौरानी ग्रुप ऑफ कंपनिज श्री उमेश सहजवानी निदेशक इस्पात निर्माण 100 130 दुबई, यूएई 11 ब्रावो फार्मा श्री राकेश पांडे संस्थापक और निदेशक फार्मा 100 130 दुबई, यूएई 12   श्री राजीवभार्गव   टायर रिट्रीडिंग 100 130 दुबई, यूएई 13 फॉर्च्यून … Read more

संघर्ष से सफलता तक: बस्तर में ‘बिहान’ योजना से महिलाओं की आर्थिक उड़ान

एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से बढ़ रही आय रायपुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के तहत राज्य में  महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। बस्तर जिले में जगदलपुर, तोकापाल, लोहंडीगुड़ा और दरभा – इन चार विकासखंडों में चिन्हांकित 16 इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर्स के माध्यम से लगभग 4600 परिवारों को एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समूह से जुड़ी महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाना है, जिससे वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर सकें। 'बिहान' परियोजना के तहत, पारंपरिक खेती से हटकर उन्नत किस्म के बीजों और नई तकनीकों का उपयोग करके अधिक मात्रा में उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, पौधों में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह परियोजना के पहले चरण में, स्वसहायता समूह से जुड़ी 1800 से अधिक दीदियों ने अपने घरों के बाड़ी में 5 से 10 डिसमिल भूमि पर लतर वाली सब्जियों जैसे करेला, बरबटी, लौकी, तरोई और गिलकी का उत्पादन शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने मल्चिंग और मचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। ग्राम कलचा के जयंती बघेल बिहान स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और लगभग 15 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इसी तरह ग्राम नेगीगुड़ा की पद्मा बघेल 'रुपशिला स्व सहायता समूह' से जुड़ी हैं और 10 डिसमिल में सब्जी उगा रही हैं। ग्राम बीजापुट की चंपा बघेल 'जीवन ज्योति स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और 25 डिसमिल में, जबकि ग्राम करणपुर की हीरामणि 'दुलार देई स्व सहायता समूह' की सदस्य हैं और 5 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इस पहल से गांवों में सब्जियों का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है, जिससे न केवल स्वयं के परिवार के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने पर होने वाले खर्च में भी कमी आ रही है। इस बचत राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, संपत्ति निर्माण या नए व्यवसाय में कर सकती हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त सब्जी को स्थानीय बाजारों और छोटी मंडियों में बेचकर महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।g  भविष्य में, बस्तर में उत्पादित सब्जियों की मांग के अनुरूप जिले के बाहर भी इनकी आपूर्ति की योजना है। एक सदस्य, कई आजीविका गतिविधियां 'बिहान' परियोजना का लक्ष्य एक सदस्य को तीन से चार आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है। इसमें सब्जी उत्पादन के अलावा मक्का, पशुपालन (मुर्गी, बकरी), वनोपज (इमली प्रसंस्करण), मछली पालन और लघु धान्य उत्पादन जैसी संबद्ध गतिविधियां भी शामिल हैं, जो महिलाओं की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 'बिहान' की यह पहल बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे सही मायने में 'लखपति दीदी' बन सकेंगी।

प्रदेश के सभी शासकीय भवन दिसम्बर-2025 तक किये जाने हैं सौर ऊर्जीकृत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर रहे है। इसी क्रम में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को दिसम्बर-2025 तक सौर ऊर्जीकृत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये RESCO द्वारा सभी जिलों में पृथक-पृथक निविदाएँ जारी कर दर आमंत्रित की गयी है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाने हैं। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए RESCO विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। रेस्को द्वारा लगाये गये संयंत्र की प्रति यूनिट दर विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा निर्धारित व्यवसायिक दर (जिसमें शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं) से काफी कम होगी। इस प्रकार शासकीय कार्यालय “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत, नेट जीरो’’ के सिद्धांत पर कार्य कर सकेंगे।  RESCO परियोजना अंतर्गत म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक निविदा जारी की गई है। इसमें RESCO विकासकों से प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक दर माँगी गई है। प्रत्येक जिले की न्यूनतम दर के आधार उस जिले में RESCO परियोजनाएँ स्थापित होंगी। भोपाल जिले में अधिकतम 15.6 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जबकि ग्वालियर जिले में 5.26 MW, इंदौर जिले में 3.12 MW, छिंदवाड़ा जिले में 1.43 MW, दतिया जिले में 1.4MW, धार जिले में 1.34 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। शासकीय विभागों/संस्थाओं के भवन पर RESCO इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिये सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफ़टॉप संयंत्र का रख–रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा। RESCO की आय पूरी तरह से 25 वर्ष तक सौर ऊर्जा के उत्पादन पर आधारित है। इससे RESCO विकासक सौर संयंत्र से अधिकतम उत्पादन की कोशिश करेंगे, जिससे शासकीय विभागों को अधिकाधिक लाभ होगा। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा राज्य में 133 शासकीय कार्यालयों में सफलतापूर्वक RESCO पद्धति से सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाए, जो सफलतापूर्वक संचालित हैं। इसमें IIM Indore, CAPT भोपाल, शासकीय मेडिकल कॉलेज (रीवा, शिवपुरी, खण्डवा, दतिया, विदिशा), NLIU भोपाल, AG कार्यालय ग्वालियर, SAI भोपाल, भारत सरकार का पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन आदि शामिल हैं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से निश्चित ही प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में होगा।  

भोपाल मेट्रो का रफ्तार परीक्षण सफल, जल्द शुरू होगा टेक्निकल ट्रायल

भोपाल सुभाष नगर से एम्स तक 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो रेल को दौड़ाया जा रहा है। यह परीक्षण पिछले तीन दिन से तीन से चार घंटे तक किया जा रहा है, जिसके तहत 10 से 15 फेरे लगाए जा रहे हैं। इसी बीच एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर आवागमन सहित अन्य काम किए जा रहे हैं। दरअसल, आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) की टीम भोपाल मेट्रो की तकनीकी जांच करने इसी महीने आ सकती है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। यह टीम रेलवे से जुड़ी है और लखनऊ से आएगी। इसकी अनुमति के बाद सीएमआरएस (आयुक्त मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। इस टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद ही भोपाल मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। सितंबर तक तय की डेटलाइन बता दें कि परीक्षण के दौरान एक्सपर्ट ट्रैक, उसकी फिटनेस, अधिकतम स्पीड, सिग्नल, ब्रेकिंग सिस्टम आदि पैमाने पर जांच कर रहे हैं। मेट्रो कारपोरेशन ने सभी काम को खत्म करने की डेटलाइन सितंबर तक तय की है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेट्रो की शुरुआत कर सकते हैं। वर्ष 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला मार्ग एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कारिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। तीन अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार परीक्षण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे नवीन विधायक विश्राम-गृह का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आज प्रातः 10:30 बजे विधायक विश्राम गृह खण्ड-क्र.-1 के सामने, विधायक विश्राम गृह परिसर भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण कार्य का भूमि-पूजन होगा। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने रविवार को भूमि-पूजन स्थल का निरीक्षण किया और भूमि-पूजन कार्यक्रम की उत्कृष्ट तैयारियों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह नवीन विधायक विश्राम गृह लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है।  

नेपानगर में पानी की नई क्रांति: 36 करोड़ से घर-घर पहुंचेगा नल कनेक्शन

भोपाल बुरहापुर जिले के नेपानगर में अब हर घर तक नल का स्वच्छ जल पहुँच रहा है। नगरीय विकास एवं आवास के उपक्रम म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह परियोजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक  की सहायता से संचालित हो रही है। परियोजना की कुल लागत लगभग 36 करोड़ रुपये है। इसमें आगामी दस वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है। बुरहानपुर जिले की नेपानगर की इस परियोजना के अंतर्गत, ताप्ती नदी से जल लेकर इसे 7.7 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शोधित किया जा रहा है। शोधित जल को संग्रहित करने के लिए नगर में 150 किलोलीटर और 160 किलोलीटर की क्षमता वाले दो ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। इसके साथ ही 1900 किलोलीटर क्षमता का ग्राउंड स्टोरेज रिजर्वायर  भी स्थापित किया गया है। इस जल प्रदाय परियोजना से नेपानगर की 35 हजार से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। हर घर तक पहुँचते नल कनेक्शन न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बना रहे हैं। घर में आसानी से जल उपलब्ध होने पर क्षेत्रीय नागरिक भी खासे उत्साहित हैं। नेपानगर वार्ड क्रमांक 22निवासी हेमंत पाटिल का कहना है कि इस योजना के माध्यम से हमें पर्याप्त जल मिल रहा है। स्वच्छ जल मिलने से बीमारियों का खतरा कम हुआ है। वार्ड क्रमांक 23 निवासी भास्कर पवार का कहना है कि नल के माध्यम से जल मिलने से अब समय की बचत हो रही है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह प्रयास  न केवल शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर भी अग्रसर है।  

रक्षाबंधन पर रेलवे का गिफ्ट: MP में पहली बार दौड़ेगी तेजस ट्रेन, 23 जुलाई से संचालन शुरू

इंदौर रक्षाबंधन सहित अन्य आगामी त्यौहारों को देखते हुए मध्य प्रदेश में पहली बार इंदौर से मुंबई के बीच सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन का चलेगी। जिससे इंदौर से मुंबई जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। पश्चिम रेलवे ने लंबे समय से यात्रियों द्वारा की जा रही मांग के बाद सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन का संचालन 23 जुलाई से 30 अगस्त तक किया जाएगा। जानें कब-कब चलेगी ट्रेन पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के मुताबिक ट्रेन संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल – इंदौर स्पेशल प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से 11.20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन एक बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 09086 इंदौर–मुंबई सेंट्रल स्पेशल प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम पांच बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन सुबह 7.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम तथा उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर एवं एसी 3-टियर कोच होंगे। सोमवार से इसकी बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू होगी। बता दें कि इसका किराया अभी तक तय नहीं हुआ है। अवंतिका से महंगा होगा तेजस का किराया तेजस स्पेशल ट्रेन का किराया अभी इंदौर से मुंबई के बीच चल रही अवंतिका ट्रेन से अधिक रहेगा। तेजस ट्रेन की स्पीड भी अधिक रहेगी। इससे यह जल्दी गंतव्य तक पहुंचाएगी। तेजस स्पेशल ट्रेन के किराए निर्धारण का अधिकार आईआरसीटीसी को है। यदि ट्रेन चलने में देरी होती है तो आईआरसीटीसी यात्रियों को रिफंड भी देता है। जानकारी अनुसार इस ट्रेन में पांच से 12 साल के बच्चे का पूरा किराया लगेगा। इमरजेंसी कोटा के तहत यात्री ट्रेन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, मेल-एक्सप्रेस आदि में वेटिंग टिकट के एवज में बर्थ उपलब्ध कराई जाती है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग, गंभीर रोगी, पुरस्कार विजेता आदि किसी को भी रियायती टिकट नहीं दिए जाएंगे। ऐसे सभी यात्रियों को पूरा किराया देना होगा।

सड़क हादसा: यात्री बस की चपेट में आया बाइक सवार, मौके पर ही तोड़ा दम

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. यात्री बस की चपेट में आकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. घटना बलांगी पुलिस चौकी अंतर्गत तुंगवा पुलिस चेक पोस्ट के पास हुई है. जानकारी के अनुसार, बाइक सवार अचानक यात्री बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर वाहन को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए. सूचना पर बलांगी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. बलांगी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज रही है. फिलहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है. वहीं वाहन को जब्त कर फरार बस चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है. बलंगी पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.

दिल्ली में मरीज के पेट से निकला 10.6 किलो वजनी ट्यूमर, डॉक्टरों की बड़ी सफलता

नई दिल्ली  दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों की टीम ने मरीज के पेट से 10.6 किलो वजनी Gastrointestinal Stromal Tumor (GIST) को निकालने में सफलता प्राप्त की। ट्यूमर पिछले 8 महीनों से मरीज के शरीर में था और धीरे-धीरे पूरे पेट में फैल गया था। यह ट्यूमर इतना बड़ा हो गया था कि उसने पेट के सभी हिस्सों को घेर लिया था और दोनों तरफ की एक्सटर्नल इलिएक वेसल्स को अपनी चपेट में ले लिया था। इसकी वजह से मरीज को राइट हाइड्रोनेफ्रोसिस (Hydronephrosis) हो गया था। डॉक्टरों के लिए यह सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि ट्यूमर कई अहम अंगों, ओमेंटम और ब्लैडर डोम से जुड़ा हुआ था। इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व डॉ. शिवानी बी. परुथी ने किया। सर्जरी में उनका साथ डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल, डॉ. चारु भांबा (MS), सर्जरी विभाग की HOD डॉ. कविता, और डॉ. आरके चेजारा ने दिया। टीम ने आपसी तालमेल और सटीक योजना से इस बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में कामयाबी पाई। सर्जरी की सफलता पर डॉ. संदीप बंसल ने कहा, 'इतना बड़ा GIST ट्यूमर निकालना हमारे अस्पताल में मेडिकल एडवांसमेंट और टीमवर्क का बड़ा उदाहरण है। ऐसी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक करना पूरे मेडिकल स्टाफ के समर्पण का नतीजा है। हम आगे भी इस तरह के केस को चुनौती मानकर मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश करेंगे।'   गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (GIST) एक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर है, जो पाचन तंत्र की संयोजी ऊतकों में पैदा होता है और Interstitial Cells of Cajal (ICC) से विकसित होता है। सफल सर्जरी के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है और अब Medical Oncology Team उसकी रिकवरी पर लगातार नजर रख रही है। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि सही तकनीक, अनुभवी टीम और समर्पण से किसी भी जटिल केस को सफल बनाया जा सकता है।

चैतन्य बघेल से मिलने पहुंचे भूपेश बघेल, ईडी कार्रवाई पर उठाए सवाल– कहा ‘राजनीतिक दबाव’

रायपुर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को सपरिवार ईडी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बेवजह मेरे बेटे को फंसाया जा रहा है. हम लड़ाई लड़ते रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद सबसे पहला राहुल गांधी का और उनके बाद प्रियंका गांधी का फोन आया था. बेटे से मिलकर कहा कि अगर आज चैतन्य के दादा जिंदा होते तो खुश होते, क्योंकि वे बहुत से मुद्दों पर जेल जाते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके बयान हो चुके हैं, उन पर भी उनका और उनके बेटे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापामारी की थी. इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर दोपहर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय प्राप्त हुई.” लगभग 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही चैतन्य बघेल की भूमिका भी एजेंसी की जांच के दायरे में है. ईडी ने दावा किया है कि घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में लगभग 3200 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गई है. कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई का धरना चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर शराब घोटाले के संबंध में ईडी पूछताछ कर रही है. वहीं दूसरी ओर चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में सुबह से ईडी कार्यालय के पास राजीव गांधी चौक पर कांग्रेस युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता-कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपरिवार बेटे से मुलाकात करने के लिए आने की वजह से ईडी कार्यालय के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया है.