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मध्य प्रदेश भाजपा की कमान हेमंत खंडेलवाल को मिली, चुने गए निर्विरोध अध्यक्ष

भोपाल मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष का भी ऐलान हो गया है। इस बार एमपी भाजपा की कमान हेमंत खंडेलवाल को दी गई है। इसकी औपचारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव, वर्तमान के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत तमाम बड़े नेताओं ने उनके नाम का नामांकन पत्र दिया था। इस तरह बैतुल से विधायक खंडेलवाल को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। हेमंत खंडेलवाल उत्तर प्रदेश के मथुरा में जन्मे हैं। पेशे से व्यवसायी और नेता रहे खंडेलवाल ने बी कॉम और एलएलबी की पढ़ाई की है। साल 2008-09 में पिता विजय खंडेलवाल की मौत होने के बाद हुए उपचुनाव में सांसद बने थे। इसके बाद 2013 से 2018 तक बैतुल से विधायक भी रहे। साल 2023 में फिर से एमएलए का चुनाव लड़ा और बैतुल से विधायकी अपने नाम की। सीएम मोहन हाथ पकड़कर मंच पर ले गए  हेमंत खंडेलवाल ने सबसे पहले अपना नामांकन जमा किया, उसके बाद सीएम मोहन यादव उन्हें हाथ पकड़कर मंच पर ले गए। वहीं डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के साथ-साथ वीडी शर्मा भी उनके प्रस्तावक बने। हेमंत खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, विवेक शेजवलकर और सरोज पांडे के सामने अपना नामांकन दाखिल किया है। कल विधिवत उनके नाम का औपचारिक रूप से ऐलान कर दिया जाएगा। हेमंत खंडेलवाल बैतूल से बीजेपी के विधायक हैं। पार्टी ने सर्वसम्मति से हेमंत खंडेलवाल को प्रदेशाध्यक्ष चुन लिया शाम 4.30 बजे से 6.30 बजे तक का समय नामांकन जमा करने के लिए निर्धारित था। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार स्क्रूटनी के बाद रात 8 बजे तक नामांकन की वापसी और 8.30 बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करना तय है। एक से ज्यादा नामांकन जमा होने की स्थिति में बुधवार सुबह 11 से 2 बजे तक मतदान किया जाना है। हालांकि इसकी नौबत ही नहीं आएगी, पार्टी ने सर्वसम्मति से हेमंत खंडेलवाल को प्रदेशाध्यक्ष चुन लिया है। यानि वे निर्विरोध चुने गए हैं। नए अध्यक्ष के रूप में बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के नाम पर सीएम मोहन यादव समेत प्रदेश के अधिकांश वरिष्ठ नेता सहमत थे। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही रायशुमारी कर उनके नाम पर सहमति बना ली थी।  खंडेलवाल पहली पंक्ति में मंत्री वीरेंद्र खटीक और गोपाल भार्गव के बीच में बैठे थे। सीएम मोहन यादव इशारा मिलते ही उनको पीठ पर हाथ रखकर मंच की ओर बढ़े। चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, निर्वाचन अधिकारी विवेक शेजवलकर और पर्यवेक्षक सरोज पांडे के सामने उन्होंने नामांकन दाखिल कराया। हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर      हेमंत खंडेलवाल मध्य प्रदेश में बीजेपी और आरएसएस से जुडे़ हैं।     2008 के उपचुनाव में पहली बार बैतूल से लोकसभा सांसद चुने गए थे।     2013 के विधानसभा चुनाव में बैतूल से विधायक चुने गए थे।      बैतूल में बीजेपी के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।     मध्य प्रदेश बीजेपी के कोष्याध्यक्ष भी रह चुके हैं।     हेमंत खंडेलवाल 2023 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार बैतूल से विधायक चुने गए हैं। मालवा-निमाड़ से 8 बार बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष बने मालवा-निमाड़ क्षेत्र से भाजपा ने सबसे ज्यादा 8 बार संगठन को नेतृत्व दिया। भाजपा के पहले प्रदेशाध्यक्ष रहे सुंदरलाल पटवा (सामान्य) मंदसौर के थे। इस पद पर वे दो बार रहे। पहली बार 1980 से 1983 तक और दूसरी बार 1986 से 1990 तक। इसके बाद रतलाम के लक्ष्मीनारायण पाण्डे (सामान्य) 1994 से 1997 तके प्रदेशाध्यक्ष रहे।मालवा क्षेत्र से धार के विक्रम वर्मा (ओबीसी) 2000 से 2002 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। इसी तरह देवास से पूर्व सीएम कैलाश जोशी (सामान्य) ने 2002 से 2005 तक संगठन का नेतृत्व किया। उज्जैन के सत्यनारायण जटिया (एससी) फरवरी 2006 से नवंबर 2006 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। खंडवा सांसद रहे नंदकुमार सिंह चौहान (सामान्य) इस पद पर 2016 से 2018 तक रहे। ग्वालियर-चंबल से 4 बार प्रदेशाध्यक्ष चुने गए  ग्वालियर-चंबल से संगठन को 4 बार नेतृत्व मिला। नरेंद्र सिंह तोमर (सामान्य) को दो बार कमान सौंपी गई। पहली बार वे 2006 से 2010 तक और दूसरी बार 2012 से 2014 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। 2014 में वो मोदी कैबिनेट में शामिल हुए। इसके बाद कमान प्रभात झा (सामान्य) को मिली, वे 2010 से 2013 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे। मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा (सामान्य) भी चंबल से हैं। उन्हें 2020 में संगठन की कमान सौंपी गई थी। महाकौशल क्षेत्र से दो बार संगठन को नेतृत्व मिला इसी तरह महाकौशल क्षेत्र से दो बार प्रदेशाध्यक्ष मिला। पहली बार शिवप्रसाद चनपुरिया (सामान्य) 1985 से 1986 से तक अध्यक्ष रहे। दूसरी बार राकेश सिंह (सामान्य) को मौका मिला। वे 2018 से 2020 तक संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रहे। वर्तमान में राकेश सिंह पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। मध्य क्षेत्र से शिवराज के बाद हेमंत दूसरे नेता मध्य क्षेत्र से दूसरी बार किसी नेता को प्रदेश भाजपा संगठन के नेतृत्व का मौका मिला है। हेमंत खंडेलवाल (सामान्य) शिवराज के बाद दूसरे नेता हैं। प्रदेश का सीएम बनने से पहले शिवराज सिंह चौहान (ओबीसी) मई 2005 से फरवरी 2006 तक भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रहे। छत्तीसगढ़ के दो नेता भी एमपी संगठन की कमान संभाल चुके अविभाजित मध्य प्रदेश के समय छत्तीसगढ़ के दो नेता भी एमपी भाजपा अध्यक्ष रहे। रायगढ़ से लखीराम अग्रवाल (सामान्य) ने 1990 से 1994 तक और नंदकुमार साय (एसटी) ने 1997 से 2000 तक प्रदेश संगठन की कमान संभाली थी।  

कलेक्ट्रेट कार्यालय में माह के पहले दिवस वंदेमातरम का गायन हुआ

सिंगरौली  माह के प्रथम दिन वन्देमातरम से कार्यदिवस शुरू करने के क्रम में कलेक्ट्रेट में सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया गया। सामूहिक वंदे मातरम के गायन के दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, सहकारिता अधिकारी पी.के मिश्रा,लोक सेवा प्रबंधक रमेश पटेल सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

नगरीय क्षेत्र में प्रातः 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक भारी वाहनो का प्रवेश रहेगा वर्जित

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया प्रतिबंधत्मक आदेश परसौना से  पॉवर प्लांट तक पर्याप्त स्ट्रीट लाईटें लगाने का संबंधित कम्पनियो को जारी किया गया निर्देश सिंगरौली  वर्तमान में सिंगरौली जिला अंतर्गत सड़क मार्ग से होकर कोयला, राखड़, गिट्टी एवं बालू आदि का परिवहन करने वाले भारी वाहनों के आवागमन के कारण प्रायः हाने वाली सड़क दुर्घटनाओं से जन-धन की हानि तथा आमजन को हो रही असुविधा एवं निर्मित हो रही कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ऐसे वाहनों का परिवहन विनियमित किये जाने के प्रस्ताव प्रस्तुत किये गए है।  साथ ही इस परिपेक्ष्य में जारी पूर्ववर्ती प्रतिबंधात्मक आदेशों में यथाप्रस्तावित संशोधन परिवर्धन किया जाना प्रासांगिक है। उक्त के दृष्टिगत रखते हुयें कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री  चन्द्रशेखर शुक्ला, द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से इस आशय का निर्देश जारी किया गया है कि परसौना से रजमिलान मुख्य मार्ग में बंधौरा पॉवर प्लांट से कोयला परिवहन करने वाले वाहनों से रात्रि के समय में अंधेरा होने के कारण सड़क दुर्घटनाए हो रही है उक्त सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। बंधौरा पॉवर प्लांट की स्वामी कंपनी महान एंर्जन लिमिटेड द्वारा  उक्त सड़क मार्ग में परसौना से पॉवर प्लांट तक पर्याप्त स्ट्रीट लाईटें लगवाया जाना सुनिश्चित करें।परसौना से रजमिलान बंधौरा मार्ग पर परिवहन करने वाले लोड एवं खाली दोनों प्रकार के वाहनों को आते जाते समय 10-10 के समूह में आगे एवं पीछे कॉनवाय वाहन अनिवार्य रूप से चलाया जाये  एवं वाहनों की अधिकतक स्पीड 20 किलोमीटर प्रति घंटा सुनिश्चित की जावे। जारी आदेश में  बरगवां गडरिया कॉनवाय पांइट से बंधौरा गड़ाखाड़ बाजार तक कोयला, राखड़ एवं गिट्टी बालू  इत्यादि का परिवहन करने वाले तथा अन्य सभी प्रकार के भारी वाहन तथा खाली भारी वाहनों का बरगवां गडरिया कॉनवाय पांइट से बंधौरा गड़ाखाड़ बाजार तक कोयला, राखड़ एवं गिट्टी बालू इत्यादि का परिवहन करने वाले तथा अन्य सभी प्रकार के भारी वाहन तथा खाली भारी वाहनों का प्रवेश में दिए गए विवरण अनुसार प्रतिबंधित किया जाकर नो एण्ट्री का समय निर्धारित किया जाता है।      जिसके तहत तेलाई मोड़ काचन नदी पुल के पास नवानगर, जंयत की ओर तथा बैढ़न विन्ध्यनगर की ओर नो इंन्ट्री प्रातः 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक प्रभावशील रहेगी।  जयंत  तिराहा बस पड़ाव के पास निगाही,नवानगर, माजन मोड़, बैढ़न परसौना की ओर प्रातः 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक तथा इंदिरा चौक लेवर गेट के पास से बैढ़न माजन – गनियारी तरफ एवं गनियारी तिराहा  बैढ़न माजन  विन्ध्य नगर की ओर नो इंन्ट्री प्रातः 7 बजे से रात्रि 11 तक प्रभावशील रहेगी। उक्त अवधि में संबंधित क्षेत्रो मे बड़े वाहनो का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होकर दिनांक31 अगस्त 2025 तक प्रभावशील रहेगा ।आदेश के उलंघन की दशा में संबंधित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 एवं अन्यसुसंगत प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।  

खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का किया गया सघन निरीक्षण

निरीक्षण कर कई दुकानों से खाद्य सामग्रियों के विधिक नमूने भेजे गए एमसीबी/मनेंद्रगढ़ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत जिले में अपमिश्रित खाद्य पदार्थों की रोकथाम हेतु नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ दीपक कुमार अग्रवाल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह पदेन उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिले में डॉ. अविनाश खरे के निर्देशानुसार समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों का सतत एवं सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इस अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता एवं उनकी टीम द्वारा जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से विधिक एवं सर्विलांस नमूने संकलित किए गए। चिरमिरी स्थित मेसर्स अरविन्द इंटरप्राइजेज से विस्क फार्म हेयलो बटर कुकीज एवं अमूल ताजा होमोजिनाइज्ड टोन्ड मिल्क, मेसर्स एन एच 43 ग्रॉसरी, चिरमिरी रोड नागपुर से लाल गुलाब दलिया, तथा मेसर्स महेन्द्रा एजेंसी फव्वारा चौक मनेन्द्रगढ़ से कैलॉग्स कॉर्न फ्लेक्स के विधिक नमूने संकलित किए गए। इसी क्रम में श्री महन्त होटल नागपुर एवं गुप्ता स्वीट्स नागपुर से प्रयुक्त रिफाइंड सोयाबीन कुकिंग ऑयल तथा मेसर्स जे. अमरचंद जैन एंड कंपनी मनेन्द्रगढ़ से फॉर्च्यून प्लस रिफाइंड सोयाबीन तेल, फॉर्च्यून राइस ब्रान तेल एवं फॉर्च्यून रिफाइंड सनफ्लावर तेल के सर्विलांस नमूने संकलित किए गए हैं। सभी नमूने परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, जिससे समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

शहीदों के परिजनों को मिलेगा विभाग चुनने का विकल्प, मुख्यमंत्री साय का आभार: उप मुख्यमंत्री

मंत्रिपरिषद का बड़ा निर्णय नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब अन्य विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति का विकल्प एमसीबी राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया गया है। विगत दिनों मंत्रिपरिषद ने "एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013" की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी है।   उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है। उनके परिजनों को केवल विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था। लंबे समय से शहीद परिवारों की इस मांग को हमने सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से रखा। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है। अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे।   उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस संशोधन के अनुसार, अब नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिला अथवा संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे। पूर्व में यह प्रावधान था कि अनुकम्पा नियुक्ति उसी विभाग में दी जाए, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक सेवारत था। परंतु शहीदों के परिजनों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नीति में संशोधन कर यह विकल्प प्रदान किया है।   उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर इस निर्णय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के समक्ष मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया।  उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को लगातार शहीद परिवारों और उनके संगठनों से यह मांग प्राप्त हो रही थी कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से निर्णय पारित हुआ।    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा राज्य के शहीद परिवार ने पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के साथ अन्य विभागों में नियुक्ति की मांग की थी। अब उनके लिए यह रास्ता खुल गया है, जिससे उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है।

कलेक्टर ने आमजनों की सुनी समस्याएं, गंभीरतापूर्वक निराकरण के दिए निर्देश

एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में कुल 29 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदक सरिता निवासी मंगोरा आंगनबाड़ी सहायिका में नियमों के विपरित नियुक्ति करने के संबंध में, देवकली निवासी नागपुर स्वत्व भुगतान के संबंध में, मुख्तार निवासी डोमनापारा भूमि के संबंध में, कमलेश्वर सारथी निवासी चिरमिरी आत्मादाह के लिए बाध्य होने के संबंध में, विजेन्द्र सिंह, मुन्नी बाई, केवल सिंह निवासी बाही सचिव को अविलम्ब हटाये जाने के संबंध में, रघुनाथ निवासी बोरीडांड भूमि के संबंध में, धरम दास निवासी पोड़ी आगे की शिक्षा प्राप्त करने हेतु अनुमति के संबंध में, राहुल गायकवाड़ निवासी कमलडांड शासकीय आवागमन रास्ते को क्षतिग्रस्त करने के संबंध में, हिरदन सिंह निवासी धवलपुर पट्टा निरस्त करने के संबंध में, रामनरेश तिवारी वेतन वृद्धि स्वीकृत करने के संबंध में, तारामणी निवासी उजियारपुर पीएम आवास का अंतिम किस्त प्रदान करने के संबंध में, रामबाई निवासी जामपारा पीएम आवास की राशि में गड़बड़ी करने के संबंध में, अर्चना निवासी साल्ही नामांतरण के संबंध में, सीताशरण निवासी उजियारपुर आवारा पशुओं को सुरक्षित करने के संबंध में, उदय सिंह निवासी महाई भूमि के संबंध में, यशोदा निवासी फुनगा भूमि के संबंध में, अदिति यादव निवासी मनेन्द्रगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति के देरी के संबंध में, अंजु उर्मलिया निवासी खोंगापानी स्वच्छता व्यव्स्था की घोर उपेक्षा के संबंध में, गौरी निवासी चनवारीडांड भूमि के संबंध में, अजीजा खातून निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, बुद्धिराम नाहक, भगवान निवासी चिरमिरी राशन दुकानों में हो रही अनिमिततों के संबंध में, पवन निवासी मनेन्द्रगढ़ नौकरी वापस दिलाने के संबंध में, सुखराम निवासी भुकभुकी भूमि के संबंध में, शुभम फ्लाई एस आबंटित प्लाट में अतिक्रमण कर्ता के विरूद्ध कार्यवाही न करते हुए अभिन्यास पुनरीक्षण के संबंध में, दिप्ति अग्रवाल निवासी मनेन्द्रगढ़ शिकायत दर्ज कर उचित कार्यवाही किये जाने के संबंध में, अनुपा राय निवासी पेन्ड्री भूमि के संबंध में, द्वारिका सिंह निवासी धवलपुर भूमि के संबंध में, समस्त वार्ड पंच निवासी साल्ही सचिव को अविलम्ब हटाये जाने के संबंध में, दूजेराम कुर्रे निवासी मनवारी राशन वितरण में गड़बड़ी करने के संबध में अपना शिकायत लेकर आये थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

लोकार्पण: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला जनता के उत्साह ने रोका, पैदल चलकर स्वीकार किया अभिवादन

गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम से लौटते समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला उस समय रुक गया। जब असुरन चौक पर भारी संख्या में लोग उनका स्वागत करने के लिए जुट गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब वापस लौट रही थीं, तभी लोगों का उत्साह देख वह खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने गाड़ी से उतरकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ थे। राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच देखकर लोग और ज्यादा उत्साहित हो गए। राष्ट्रपति ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और कुछ कदम पैदल भी चलीं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन लोगों का जोश देखते ही बन रहा था। दरअसल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को यूपी को पहले आयुष विश्वविद्यालय की सौगात दी। गोरखपुर में 52 एकड़ में स्थापित गुरु गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण करने के बाद उन्होंने कहा कि आयुष विश्व में भारत का डंका बजा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य को संपदा बताते हुए इसे ठीक रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित हो, इसके लिए हमें भी आज से ही प्रयास करना होगा। शैक्षणिक, चिकित्सा समेत यह संस्था भी इसका माध्यम बनेगी। राष्ट्रपति ने महायोगी गुरु गोरखनाथ की पवित्र धरती को नमन करते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ के बारे में कहा गया है कि आदि गुरु शंकराचार्य के बाद इतना प्रभावशाली महापुरुष भारत में दोबारा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय समृद्ध, प्राचीन परंपराओं का नवनिर्मित व प्रभावशाली आधुनिक केंद्र है। यह उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में मेडिकल एजुकेशन व चिकित्सा सेवा के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 100 आयुष कॉलेज उत्कृष्टता से लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष पद्धतियों में स्नातक से लेकर उच्चतम उपाधियों के स्तर पर भी शिक्षण एवं शोध कार्य किया जाएगा। यहां आयुष पद्धति से जुड़े रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शिक्षा दी जाएगी। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विश्वस्तरीय व स्वीकार्य बनाने के लिए शोध कार्य पर विशेष बल दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने की योगी के परिश्रम को सराहा राष्ट्रपति ने यूपी के प्रथम आयुष विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट परिकल्पना व निर्माण को दिशा-गति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति ने अथक शब्द की चर्चा की, उन्होंने बताया कि अथक मतलब थकना मना है। दिन रात परिश्रम करना पड़ेगा। निद्राजीत बनना है। डॉक्टर कहते हैं कि छह से आठ घंटे सोना पड़ेगा, वरना शरीर साथ नहीं देगा, लेकिन सीएम आदित्यनाथ जैसे योगी कहते हैं कि निद्रा पर जय करने और खुद को शारीरिक व मानसिक सशक्त बनाने के लिए योग करना होगा। योग करने से आठ घंटे की नींद तीन घंटे में पूरी होगी। सीएम योगी का अथक परिश्रम और जनता के प्रति समर्पण भाव है। इस एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सुविधाएं जनता को समर्पित हैं।  

केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा- कक्षा पहली से छठवीं तक क्षेत्रीय भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए

रायपुर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार सुबह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री अठावले ने रायपुर के माना में स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र में थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी फॉर्मूले को लेकर विवाद था। हिंदी हमेशा से हमारी राष्ट्रीय भाषा रही है और हम इसका सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने तर्क दिया कि मराठी स्कूलों में किसी अन्य भाषा को पढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मराठी लोगों ने इसका विरोध किया। हालांकि, देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने किसी भी आंदोलन से पहले ही हिंदी भाषा के अनिवार्य उपयोग के फैसले को रद्द कर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में हिंदी को लागू करना चाहिए, लेकिन कक्षा पहली से छठवीं तक क्षेत्रीय भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का काम है तंज कसना, उनका मन सही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय जातिगत जनगणना को लेकर लिया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी, लेकिन जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने इस पर कोई निर्णय क्यों नहीं लिया? धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर मंत्री आठवले ने कहा कि प्रलोभन देकर और दबाव में धर्मांतरण सही नहीं है। अगर कोई अपनी स्वेच्छा से करना चाहे तो उन्हें अधिकार है लेकिन अगर दबाव में हो रहा है तो इस पर रोक लगनी चाहिए और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल में भाजपा की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के दौरे के संदर्भ में आठवले ने कहा कि वहां अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में बंगाल में ममता बनर्जी की छुट्टी हो जाएगी और भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 7 जुलाई को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे पर आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को सभा करने का अधिकार है। खड़गे हमारे समाज से हैं और उनका स्वागत है।  

‘रानी’ ने रचा इतिहास! राजस्थान में एक साथ पांच बाघ शावकों का जन्म, देश में नया रिकॉर्ड

जयपुर राजस्थान के जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन ‘रानी’ ने एक साथ पांच शावकों को जन्म देकर देश में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह पहली बार है जब किसी बाघिन ने भारत में एक साथ पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। पार्क प्रशासन ने मंगलवार को शावकों के बाबत जानकारी साझा करते हुए इनके फोटो और वीडियो जारी किए हैं।  पार्क के सीनियर पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि बाघिन ‘रानी’ ने 27 अप्रैल 2025 को दो मादा और तीन नर शावकों को जन्म दिया था। दो माह के संरक्षण और देखभाल के बाद अब इन्हें मां रानी के साथ कराल (ओपन एनक्लोजर) में छोड़ा गया है, जहां वे मानसून के मौसम का आनंद ले रहे हैं। अब पार्क में आने वाले पर्यटक रानी और उसके नन्हें शावकों का दीदार कर सकेंगे। डॉ. माथुर ने बताया कि सभी शावकों को बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीनेट किया गया है। पहचान के लिए उनका लिंग परीक्षण भी किया गया, जिसमें एक सफेद और दो गोल्डन शावक नर हैं, जबकि शेष दो गोल्डन शावक मादा हैं। उन्होंने बताया कि शावकों को अब नियमित रूप से खुले कराल में मां के साथ रखा जाएगा ताकि वे प्राकृतिक परिवेश में खेलने, मिट्टी से संपर्क और सामाजिक व्यवहार को विकसित कर सकें। इससे उनकी शारीरिक और मानसिक ग्रोथ बेहतर होगी। अगस्त में इन्हें बूस्टर डोज भी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि रानी ने इससे पहले 10 मई 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से एक की मृत्यु हो गई थी। शेष दो शावक आज भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्क में दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बाघिन रानी और उसके शावकों की देखभाल के लिए पार्क प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए। गर्मी से राहत के लिए कलर स्प्रे, टाट की बोरियों, और विशेष आहार की व्यवस्था की गई। पार्क स्टाफ की सतत निगरानी में रानी और उसके सभी शावक स्वस्थ हैं।  

राजस्थान में मूसलाधार बारिश, तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न, जनजीवन अस्त-व्यस्त

धौलपुर/अलवर राजस्थान में मानसून ने इस बार जोरदार दस्तक दी है, जिससे जहां एक ओर किसानों को राहत मिली है, वहीं शहरी इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। धौलपुर, अलवर और कोटपुतली-बहरोड़ में तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगहों पर घरों, दुकानों और सरकारी भवनों में पानी घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। धौलपुर में हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। जगन टॉकीज, हरदेव नगर, कोर्ट परिषद और बाड़ी रोड जैसे प्रमुख क्षेत्र पानी में डूब गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान नहीं कर रहा। दुकानों में पानी घुसने से कारोबार ठप हो गया और स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस जाने वालों तक को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से पानी सीधे घरों और दुकानों में घुस गया। अलवर में सुबह 6:30 बजे शुरू हुई मूसलधार बारिश ने 9 बजे तक शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। होप सर्कस, घंटाघर, सराफा बाजार, अशोक टॉकीज, बस स्टैंड और एसएमडी चौराहे समेत शहर के अधिकांश हिस्से जलमग्न हो गए। दुकानों और घरों में पानी भरने से काफी नुकसान हुआ। चूड़ी मार्केट और अन्य बाजारों में व्यापार पूरी तरह ठप हो गया। कच्ची बस्तियों में झोंपड़ियों की छतें टपकने लगीं और घरों में रखा सामान भीग गया। एसएमडी चौराहे पर नाले के ऊपर लगे जाल में कचरा फंसने से पानी का बहाव रुक गया, जिससे आसपास के घरों में पानी भर गया। इसी तरह कोटपुतली-बहरोड़ क्षेत्र में मंगलवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। तेज बारिश के बीच आसमान में घने बादल छाए रहे। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि इससे खेतों को अच्छी नमी मिलेगी और फसलों को फायदा होगा। हालांकि लगातार बारिश से कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है, जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।