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मौसम अपडेट: झारखंड में सूखा सन्नाटा, अगले 10 दिन तक बारिश का कोई संकेत नहीं

रांची झारखंड में फिलहाल मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों में बारिश की कोई विशेष संभावना नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदा हो रहा है, जिससे राज्य में तापमान में हल्की-फुल्की बदलाव के साथ मौसम स्पष्ट बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 अक्टूबर के बीच आसमान साफ रहने की उम्मीद है, जिससे किसानों को फसल कटाई में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन भू-जलस्तर पर इससे प्रभाव पड़ने की आशंका भी बनी रहेगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि 13 से 16 अक्टूबर के बीच झारखंड में मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। 17 और 18 अक्टूबर को भी बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। हालांकि अक्टूबर के पहले 12 दिनों में राज्य में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आसमान वर्षा किसानों और जल प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में शुष्क मौसम जारी रहने से फसल की कटाई में राहत मिलेगी, लेकिन भू-जलस्तर पर इससे दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि यदि अगले सप्ताह तक भी बारिश का वितरण असमान रहा, तो जल-मोतीकरण, सिंचाई परियोजनाओं और भू-जल पुनर्चक्रण पर गंभीर विचार जरूरी होगा।  

भावांतर योजना से किसानों को मिले अधिकतम लाभ, पंजीयन केंद्र बढ़ाएं, प्रचार तेज़ करें : मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता वाली भावांतर भुगतान योजना की प्रगति की समीक्षा आज महिला एवं बाल विकास मंत्री और मंदसौर-नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक में मंदसौर और नीमच जिलों के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सुश्री भूरिया नेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को योजना का लाभ सुचारु रूप से और समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र किसान इससे वंचित न रहे। उन्होंने मंडियों एवं उपमंडियों में हेल्प डेस्क स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में पंजीयन केंद्र संचालित करने और प्रचार-प्रसार के माध्यम से योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मंदसौर जिले में अब तक 16,385 किसानों का पंजीयन हो चुका है और 256 पंजीयन केंद्रों के माध्यम से यह प्रक्रिया लगातार जारी है। इनमें से 68 केंद्र सहकारी समितियों में संचालित हैं। जिला प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया के लिए मंडियों में पेयजल, छांव, तकनीकी सहायता, रियल टाइम स्टॉक मॉनिटरिंग और मॉडल रेट निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की है। पंजीयन कार्य 3 से 17 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि खरीदी प्रक्रिया 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित है। नीमच जिले में भी योजना के अंतर्गत पंजीयन कार्य तेज़ी से चल रहा है। अब तक 7,000 से अधिक किसानों का पंजीयन हो चुका है और जिले में 71 पंजीयन केंद्र कार्यरत हैं। इनमें से 68 सहकारी समितियों में एवं 3 मार्केटिंग सोसायटी में संचालित हैं। मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और प्रचार के लिए पोस्टर, बैनर, पंपलेट के साथ कृषि गोष्ठियों का भी आयोजन किया जा रहा है। मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई परेशानी न हो और योजना का लाभ उन्हें पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के तहत प्राप्त हो।  

मेधावी प्रशिक्षणार्थियों की मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट, ITI में चमकी प्रतिभा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) के मेधावी प्रशिक्षणार्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी होनहार प्रशिक्षणार्थियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल सहित कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल जिले की सुश्री त्रिशा तावड़े (ऑल इंडिया में केंद्रीय जोन की टॉपर), भोपाल जिले की सुश्री चंचल सैवारिक (ऑल इंडिया में ट्रेड कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (VI & OD) में महिला टॉपर), जबलपुर जिले की सुश्री पूजा जाटव (ऑल इंडिया में ट्रेड ड्रोन तकनीशियन में महिला टॉपर), उज्जैन जिले के श्री श्याश महेश्वरी (ऑल इंडिया में ट्रेड फैशन डिजा़इन एंड टेक्नोलॉजी में पुरुष टॉपर, बालाघाट जिले के श्री अमन गजभिये (ऑल इंडिया में ट्रेड मेसन बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर में पुरुष टॉपर) जबलपुर जिले की सुश्री श्रुति विश्वकर्मा (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक (ट्रैक्टर) में महिला टॉपर, बैतूल जिले के श्री अरविंद कुमरे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में पुरुष टॉपर), बैतूल जिले की सुश्री निकिता तायवडे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में महिला टॉपर), भोपाल जिले के श्री अभिजीत सिंह सिसोदिया (ऑल इंडिया में ट्रेड मिल्क एवं मिल्क प्रोडक्ट तकनीशियन में पुरुष टॉपर) एवं खरगोन जिले के श्री शिवम यादव (ऑल इंडिया में ट्रेड स्टेनोग्राफर एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (हिंदी) में पुरुष टॉपर) ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने इन प्रशिक्षणार्थियों की विशिष्ट उपलब्धियों से अवगत कराया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त तीन शिक्षकों ने भी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सोमवार को मंत्रालय में ही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त मध्यप्रदेश के तीन शिक्षकों ने भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

भारत मंडपम में चमका मध्यप्रदेश, गति शक्ति के मंच पर राज्य की तकनीकी पहल को मिली सराहना

डेटा और पारदर्शिता से गढ़ रहे हैं प्रदेश का भविष्य भोपाल भारत मंडपम में सोमवार को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में देशभर के मंत्रालयों, राज्यों, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की उपलब्धियों को साझा करना और इससे जुड़े नए तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित करना था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 13 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत “एक भारत – एक योजना” के विजन के साथ की थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना था जिससे योजना निर्माण, समन्वय और क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना भारत की विकास यात्रा का मजबूत इंजन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नीति नहीं बल्कि ‘Whole-of-Government Approach’ का जीवंत उदाहरण है, जहाँ सभी मंत्रालय और राज्य एक साझा लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। श्री गोयल ने बताया कि अब तक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 13.59 लाख करोड़ रूपये की 293 बड़ी परियोजनाएँ मूल्यांकित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि गति शक्ति योजना ने योजना और निष्पादन के बीच की दीवारें तोड़ दी हैं और भारत को विकास के नए युग में प्रवेश कराया है। उन्होंने विशेष रूप से मध्यप्रदेश सरकार और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की सराहना करते हुए कहा की “मध्यप्रदेश ने दिखाया है कि जब तकनीक, दृष्टि और निष्ठा एक साथ आती हैं तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। श्री राकेश सिंह जी और उनकी टीम ने गति शक्ति के सिद्धांतों को जमीनी स्तर पर उतारकर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे अन्य राज्य भी प्रेरणा ले सकते हैं।” राज्य मंत्री श्री जतिन प्रसाद ने कहा पीएम गतिशक्ति विकसित भारत 2047 की नीव रखने वाला एम महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रधान मंत्री जी की दूर दृष्टि का ही परिणाम है की आज हम पीएम गतिशक्ति के चौथी वर्षगांठ मे इन उपलब्धियों को सेलिब्रेट कर रहें है।   गति शक्ति ने सड़क निर्माण को विज्ञान और तकनीक से जोड़ा : मंत्री श्री राकेश सिंह मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की “गति शक्ति” योजना ने न केवल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को तेज किया है बल्कि राज्य सरकारों को भी तकनीक आधारित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग ने भास्कराचार्य राष्ट्रीय संस्थान (BISAG–N) के सहयोग से गति शक्ति प्लेटफॉर्म को अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बना लिया है। इससे विभाग में पारदर्शिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार आया है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग ने “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया है, जिसके माध्यम से प्रत्येक पुल, सड़क और भवन की स्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। अब इंजीनियरिंग टीमों से लेकर मुख्यालय तक, हर स्तर पर कार्य की स्थिति रियल टाइम में देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अब तक राज्य की 95% सड़कों की GIS आधारित मैपिंग पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया से सड़कों के वास्तविक नेटवर्क और स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो गई है। मंत्री श्री सिंह ने कहा की गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य में सात नए ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट भी चिन्हित किए गए हैं, जिन पर डीपीआर निर्माण का कार्य जारी है। अब सड़कें केवल जनसंख्या या यातायात के आधार पर नहीं, बल्कि भूमि, पर्यावरणीय संतुलन और भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखकर तय की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गति शक्ति पोर्टल की मदद से अब बजट में दोहराव वाली सड़क परियोजनाओं की पहचान संभव हो पाई है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर बजट के लिए प्रस्तावित सड़कों को मार्क करके न सिर्फ ड्यूप्लकैशन को पहचान जा सकता है बल्कि सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति मे भौगोलिक संतुलन भी बेहतर रूप मे स्थापित किया जा सकता है। मंत्री श्री सिंह ने बताया की लोक निर्माण विभाग की लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली (LPPP) और रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (RAMS) को गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसी भी सड़क की निर्माण प्रगति और रखरखाव की स्थिति एक क्लिक पर देखी जा सकेगी। विभाग ने “लोकपथ मोबाइल ऐप” को भी गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और उनका समाधान ऑनलाइन देख पाएंगे। इस ऐप से सड़क मरम्मत, गड्ढों की स्थिति और कार्य की प्रगति की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी। अब विभाग में सड़क निर्माण की समयसीमा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तय की जाएगी। पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म पर तैयार हो रहे विशेष मॉड्यूल का उपयोग कर मिट्टी, मौसम, स्थलाकृति और ऐतिहासिक डेटा के विश्लेषण से यह तय किया जाएगा कि किस इलाके में कौन सा कार्य कितने समय में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अगस्त 2025 में 1632 इंजीनियरों को गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित किया है जिससे वे एलाइनमेंट निर्धारण, डिजाइनिंग और डीपीआर सत्यापन जैसे तकनीकी कार्यों में दक्ष बन सकें। गुणवत्ता निगरानी में नया मॉडल — रैंडम इंस्पेक्शन से जवाबदेही बढ़ी मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रैंडम इंस्पेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। हर माह की 5 और 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं की टीमें जिलों में जाकर निरीक्षण करती हैं और निरीक्षण स्थलों का चयन रैंडम सॉफ्टवेयर से होता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि गतिशक्ति पोर्टल की सहायता से अब इन निरीक्षणों और भी बेहतर और जवाबदेह बनाया जा रहा है। अपने संबोधन में श्री राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से मध्य प्रदेश आज गति शक्ति के क्षेत्र में “लीडर स्टेट” के रूप में अपनी … Read more

घाटशिला उपचुनाव: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की समीक्षा बैठक, चुनाव अधिकारियों को मिले आदेश

रांची 11 नवंबर को घाटशिला विधानसभा उपचुनाव होने हैं। इसके चलते राज्य में तैयारियां शुरू हो गई हैं। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि घाटशिला में प्रत्येक बूथ मॉडल बूथ के रूप में कार्य करेंगे। मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन्स को फॉलो करते हुए मतदान हेतु सभी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। के. रवि कुमार घाटशिला अनुमंडल सभागार में 45-घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उप चुनाव के लिए वरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि निर्वाचन कार्य में जीरो एरर के साथ कार्य करना है। मतदान के लिए प्रत्येक बिंदुओं पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तृत नियमावली बनाए गए है एवं हर कार्य के लिए मॉड्यूल एवं एसओपी बने हुए है, सभी पदाधिकारी अपने कार्यों के संपादन के लिए इन दिशा निर्देशों का अक्षरशः: अनुपालन सुनिश्चित करें। कुमार ने कहा कि निर्वाचन कार्य को त्रुटि रहित बनाने के लिए एवं मतदान प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए तैयार दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पदाधिकारियों को ट्रेनिंग देना सुनिश्चित करें। सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर विशेष ध्यान रखें। इसके लिए प्रतिनिधियों के सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लें एवं उन्हें आदर्श आचार संहिता के क्या करें क्या न करें का बिंदुवार जानकारी उपलब्ध करा दें।  

विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

तरनतारन विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। 22 सितंबर को उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील दायर की थी। गौरतलब है कि जिला सेशल कोर्ट प्रेम कुमार की अदालत ने 2013 के उम्सा कांड मामले में विधायक लालपुरा और अन्य को एससी/एसटी एक्ट के तहत 4 साल कैद की सजा सुनाई थी। माननीय हाईकोर्ट ने पहले इस मामले की सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की थी, लेकिन आज कोर्ट नंबर 13 में हुई सुनवाई के दौरान अगली तारीख 28 अक्टूबर तय की गई है। इस फैसले के बाद विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा ने अपनी सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 

हरियाणा में बड़ा बदलाव: मामूली अपराधों पर अब जेल जाने की जरूरत नहीं

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने छोटे तकनीकी और प्रक्रियागत चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए जुर्माना और प्रशासनिक कार्रवाई के विकल्प को मंजूरी दे दी है। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अध्यादेश-2025 को लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।  इस अध्यादेश के तहत 17 विभागों के 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया जाएगा। छोटे अपराधों के लिए अब जेल की बजाय चेतावनी और सुधार का मौका मिलेगा, जिससे राज्य में कारोबार करना और नियमों का पालन करना आसान होगा। यह अध्यादेश केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2025 में पारित बिल पर आधारित है, जिसका उद्देश्य नियामक बाधाओं को कम कर जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और कारोबार को सरल बनाना है। कैबिनेट ने हरियाणा मानव इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस एवं एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत राज्य नियम बनाने को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत छह प्रशासनिक प्रभागों के आयुक्त लोकपाल के रूप में नियुक्त होंगे, जो एचआईवी और एड्स पीड़ितों की शिकायतों का निपटारा करेंगे। रोहतक, हिसार, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला में नियुक्त लोकपाल संबंधित जिले के सिविल सर्जनों के समन्वय से काम करेंगे। साथ ही, सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं एआरटी केंद्रों में रेट्रोवायरल थैरेपी (ART) दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

Namo Bharat Train हरियाणा में दौड़ेगी: दिल्ली से बावल तक, जानें कौन-कौन बनेगा स्टेशन

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने नमो भारत ट्रेन के पहले फेज में दिल्ली से रेवाड़ी के बावल तक रूट को मंजूरी दे दी है। पहले केवल दिल्ली से धारूहेड़ा तक ही इस ट्रेन के संचालन की अनुमति थी, लेकिन अब बावल तक विस्तार से यात्रियों को काफी लाभ होगा। योजना के तहत दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए राजस्थान के शाहजहांपुर तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना बनाई गई है। हरियाणा रैपिड मेट्रो ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) ने इस बदलाव के संदर्भ में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को पत्र भेजा है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पहले यह योजना धारूहेड़ा तक सीमित थी, लेकिन 18 सितंबर को हुई बैठक में इस पर असहमति जताई गई और ट्रेन के संचालन को बावल तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को भी पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रेन का संचालन हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित बावल तक किया जाना चाहिए। डॉक्टर चंद्रशेखर खरे ने NCRTC को पत्र लिखा राव इंद्रजीत सिंह की आपत्ति के बाद 26 सितंबर को HMRTC के प्रबंध निदेशक डॉक्टर चंद्रशेखर खरे ने NCRTC को पत्र लिखकर नमो भारत ट्रेन के संचालन को धारूहेड़ा की बजाय बावल तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। पत्र में बताया गया है कि इस निर्णय पर विचार-विमर्श के बाद सरकार ने सहमति व्यक्त की है। डॉक्टर चंद्रशेखर खरे ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ट्रेन का संचालन केवल बावल तक होगा और अगर भविष्य में बावल से आगे विस्तार किया जाता है, तो उसका खर्च हरियाणा सरकार वहन नहीं करेगी। बावल हरियाणा का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है, इसलिए यहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।   नमो भारत ट्रेन के स्टेशन नमो भारत ट्रेन के लिए दिल्ली में सराय काले खां, INA, मुनिरका और एरो सिटी में स्टेशन बनाए जाएंगे। गुरुग्राम में साइबर सिटी, इफको चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल में भी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। गुरुग्राम के चार स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे।  

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने जताया शोक, DGP पर कार्रवाई की उठी आवाज

हरियाणा  हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड का मामला सुलझ नहीं रहा है। लगातार 6 दिन से आईपीएस के परिवार और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। आज यानी सोमवार को सातवां दिन है। परिवार की सहमति न मिलने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। वहीं उनके घर सांत्वना जताने के लिए नेताओं का तांता लगा हुआ है।  केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के घर आए हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने IPS Y पूरन कुमार के मामले में कहा कि पुरन कुमार हैदराबाद से थे और हरियाणा केडर के आईपीस थे उनके परिवार के साथ मुलाकात की है उनकी पत्नी IAS अधिकारी है। परिवार ने कहा है कि हमे हमेशा परेशान किया गया और गलत काम करने वाले दूसरे थे और आरोप IPS पर लगाया गया। वह बेहद अच्छे अधिकारी थे। इतना बड़ा अधिकारी आत्महत्या करता है तो इसका मतलब परेशान था। यहां के सीएम ने उनकी पत्नी से मुलाकात की है और कहा है कि जो आरोपी है उन पर कार्यवाही होगी। पार्टी के नेता मैने यहां भेजे डीजीपी पर सबसे बड़े आरोप है और एसपी पर आरोप है वही जिस तरह से पोस्टमार्टम नहीं हुआ है तो उसमे जल्द करवाई करने की कोशिश है, जिसमें की एसपी रोहतक को गिरफ्तार करने की जरूरत है वहीं डीजीपी पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। मैं मोदी जी के मंत्रिमंडल के जिस तरह शामिल हु तो वहीं दलित नेता होने के जाते मै यहां पर आया हूं और हम दुख व्यक्त करते है वही महाराष्ट्र में भी इस घटना पर रोष जताया है। नायब सैनी से मैने समय मांगा है और उनसे मुलाकात करूंगा, जिसमें कि डीजीपी पर एक्शन होना चाहिए और उन्होंने कहा है कि फिर हम अंतिम संस्कार करेंगे। आठवले ने कहा कि इनके परिवार के लोग भी मिले है। इस घटना से पता चलता है कि इतने साल होने के बाद भी भेदभाव दिखाई देता है। आठवले ने कहा कि मैं मुलाकात करूंगा और कहूंगा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। आठवले ने कहा कि IPS वह हरियाणा से थे तो मामला। यही चंडीगढ़ का है और राज्य सरकार का यह मामला है जिसमे की वह उनका ही मामला बनता है जिसमें कि कार्यवाही के आदेश देने चाहिए। इनके अलावा तेलंगाना के डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्का, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उदयभान और सतपाल ब्रह्मचारी दिवंगत आईपीएस वाई पूरण के घर पहुंचे। इसके अलावा दोपहर 12.20 बजे उद्योग मंत्री राव नरवीर अमनीत पी कुमार से मिलने पहुंचे और तकरीबन 40 मिनट रूके। अनुराग रस्तोगी 10.30 बजे पहुंचे और 12 बजे बाहर आए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव तरुण भंडारी भी एक बजे अमनीत पी कुमार के आवास पर पहुंचे। इस दौरान आज तेलंगाना के डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्का पूरन कुमार की पत्नी से शोक जताने के लिए उनके चंडीगढ़ स्थित घर पर पहुंच गए हैं। पूरन कुमार मूलरूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। आंध्र प्रदेश से अलग होकर ही तेलंगाना राज्य बना है। इसके बाद तेलंगना के डिप्टी CM ने कहा कि DGP और SP को सस्पेंड कर तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। तेलंगाना सीएम रेड्डी ने भी परिवार से फोन पर बात की है। हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। एक दलित अधिकारी के साथ ऐसा हो रहा है तो दूसरे दलित कैसे सेफ हो सकते हैं। वाई पूरन कुमार को DGP लंबे समय से परेशान कर रहे थे। इसके अलावा चौधरी अभय सिंह चौटाला ने आज दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के असामयिक निधन के पश्चात उनके आवास पर जाकर शोक प्रकट किया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। बता दें रविवार को चंडीगढ़ पुलिस ने IPS वाई पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार को नोटिस भेजकर शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। चंडीगढ़ प्रशासन पोस्टमॉर्टम PGI के डॉक्टरों से कराएगी। इस बोर्ड में बैलिस्टिक एक्सपर्ट और मजिस्ट्रेट भी शामिल होगा। हालांकि IAS अफसर अमनीत, उनके पंजाब के बठिंडा से MLA भाई अमित रतन कोटफत्ता पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को हटाने पर अड़े हुए हैं। सरकार रोहतक के SP नरेंद्र बिजारनियां को हटाकर उन्हें मनाने की कोशिश कर चुकी है।  

सरल, सहज और आत्मीय है,’यादों का सिलसिला’ : डीजीपी मकवाना

जीवन लौटकर नहीं आता, इसलिए संस्मरण मधुर होते हैं : एन के त्रिपाठी भोपाल  गत दिवस ,पुलिस ऑफ़िसर्स मेस में , पूर्व डीजीपी नरेंद्र कुमार ( एन के ) त्रिपाठी,  की पुस्तक ‘यादों का सिलसिला’ का विमोचन करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि यादों का सिलसिला किताब सरल सहज और आत्मीय है। इसमें कई संस्मरण में संवेदनाएं भी समाहित हैं। न्याय और प्रक्रिया का द्वंद भी देखने को मिलता है। पुलिस अधिकारियों को इसे जरूर पढ़ना चाहिए।  कार्यक्रम की अध्यक्षता माखन लाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने की एवं विशिष्ट अतिथि श्री मनोज श्रीवास्तव थे। इस अवसर पर अनेक पूर्व एवं वर्तमान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में चीफ इलेक्शन कमिश्नर एवं  वरिष्ठ चिंतक श्री मनोज श्रीवास्तव ने पुस्तक पर  टिप्प्णी करते हुए कहा कि यादों का सिलसिला पुस्तक यादों के प्रभाव को कम नहीं करती, इसमें जीवन भर की यादें ऑटो बायोग्राफी के रूप में हैं। इसमें प्रदेश का बदलता परिदृश्य भी समाहित किया गया है। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि यादों का सिलसिला पुस्तक बड़े रोचक विवरण से भरी हुई है। इतनी अच्छी प्रस्तुति करना हर किसी के बस की बात नहीं। त्रिपाठी जी की तरह सभी अधिकारियों को अपने अनुभव को पुस्तक के रूप में संग्रहित करना चाहिए जो आने वाले लोगों को नसीहत बने।  मीडियावाला के प्रधान संपादक सुरेश तिवारी ने इस अवसर पर यादों का सिलसिला पुस्तक में समाहित साहित्य के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रामजी श्रीवास्तव ,आभार प्रदर्शन महेंद्र जोशी एवं स्वागत अजय श्रीवास्तव नीलू ने किया l