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नस्ल सुधार ने बदली किसान विनोद की किस्मत, घर की बछिया बनी आर्थिक समृद्धि का आधार

​रायपुर  ​ग्रामीण अंचलों में अक्सर दैनिक जरूरतों की चीजों के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। ऐसा ही कुछ हाल नारायणपुर जिले के धौड़ाई गांव निवासी किसान श्री विनोद नुरेटी का था। उनके परिवार में दूध की रोजाना जरूरत तो थी, लेकिन गांव में उपलब्धता न होने और बाजार में ऊंची कीमतों के कारण उन्हें काफी दिक्कत झेलनी पड़ती थी। परंतु, राज्य सरकार के पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन और विनोद की मेहनत ने इस समस्या को न सिर्फ खत्म किया, बल्कि उनकी आजीविका की नई राह भी खोल दी। ​कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार की नींव दूध की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विनोद नुरेटी ने पशुधन विकास विभाग से संपर्क साधा। विभागीय सलाह पर उनकी देशी गाय का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया। परिणामस्वरूप, एक उच्च नस्ल की बछिया का जन्म हुआ। देशी नस्ल में सुधार का यह प्रयोग किसान के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ​'उन्नत मादा वत्स पालन योजना' से मिला आर्थिक बल बछिया के सही पोषण और नस्ल संवर्धन के लिए पशुधन विकास विभाग की उन्नत मादा वत्स पालन योजना के तहत विनोद को 18 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही विभाग की ओर से समय-समय पर नि:शुल्क पशु चिकित्सा देखभाल और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई गईं। ​आत्मनिर्भरता और आय का नया जरिया विभागीय मार्गदर्शन और अनुदान से विनोद ने बछिया की बेहतर देखरेख की, जो समय के साथ एक स्वस्थ और अत्यधिक दुधारू गाय के रूप में विकसित हुई। आज स्थिति यह है कि विनोद के परिवार को न केवल घर पर ही प्रचुर मात्रा में शुद्ध दूध मिल रहा है, बल्कि वे दूध, दही और घी बेचकर हर महीने अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।    ​ जो परिवार कल तक दूध की एक-एक बूंद के लिए दूसरों पर निर्भर था, आज वह खुद दूध उत्पादन कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन चुका है। विनोद नुरेटी के लिए यह योजना केवल एक बछिया के पालन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने उनके पूरे परिवार के जीवन में आर्थिक स्थिरता, सुविधा और सम्मान की नई सुबह ला दी है।

खनिज विभाग ने कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते 5 ट्रैक्टर किए जब्त, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में प्रशासन की सक्रिय पहल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सीएम हेल्पलाइन एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया गया। जब्त सभी वाहनों को कोटमी चौकी में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। शिकायतों के निराकरण में प्रशासन की तत्परता कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप जिले में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर विशेष निगरानी रखते हुए नियमित जांच की जा रही है। इससे एक ओर जहां खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासन की व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है। अवैध खनन और परिवहन पर लगातार जारी रहेगा अभियान खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों की जांच के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोका जा सके। इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी  आदित्य मानकर एवं खनिज विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, कानून के प्रभावी पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

लोयाबाद में अचानक धंसी जमीन, घर हुआ जमींदोज; बाल-बाल बचे महिला और बच्चे

धनबाद सिजुआ क्षेत्र के लोयाबाद सात नंबर मुस्लिम मुहल्ले में रविवार की सुबह अचानक तेज आवाज के साथ अरमान अंसारी का घर भू-धंसान की चपेट में आकर जमींदोज हो गया. घटना के बाद वहां करीब 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया है. गड्ढे में लगातार पानी का रिसाव हो रहा है और मिट्टी भी ढह रही है. घनी आबादी के बीच हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. हालांकि घर में मौजूद अरमान अंसारी की पत्नी जमीला खातून और उनके बच्चे बाल-बाल बच गये. कमरे में रखा सामान जमीन में समा गया. जमीन धंसते ही कमरे से भागे परिवार के सदस्य बताया जाता है कि रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जमीला खातून और उनके बच्चे घर में मौजूद थे. इसी दौरान अचानक एक कमरे की जमीन धंसने लगी. खतरा भांपते ही परिवार के सदस्य कमरे से बाहर निकल गये. कुछ ही देर में पूरा कमरा जमींदोज हो गया. आसपास के लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार के सदस्यों और उनका सामान बाहर निकालने में मदद की. बताया गया कि अरमान अंसारी बाहर काम करते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे घर में रहते हैं. लोयाबाद सात नंबर में भू धंसान से प्रभावित लोग घटनास्थल से दो घर बाद डबलू अंसारी के घर का एक कमरा भी भू-धंसान की चपेट में आया है. घटना के बाद मो सरफुद्दीन, मो वसीम, सोनू अंसारी, फातिमा खातून, मो इखलाक, आलम मंसूरी, अरमान अंसारी, क़िताबुल खान और बेबी खातून समेत आसपास के लोग अपने-अपने घर खाली करने की तैयारी में हैं. पुलिस ने की बैरिकेडिंग, बीसीसीएल भराई की तैयारी में घटना की सूचना मिलते ही लोयाबाद पुलिस और बांसजोड़ा कोलियरी प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद और महामंत्री असलम मंसूरी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर लोगों को वहां जाने से रोक दिया है. लोयाबाद सात नंबर में भू धंसान से बना गोफ बांसजोड़ा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि भू-धंसान वाली जगह की भराई का काम शुरू कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को दूसरी जगह बसाने की तैयारी भी की जा रही है. बीसीसीएल की लापरवाही का लगाया आरोप चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो और असलम मंसूरी ने घटना के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया. उनका आरोप है कि इलाके में बीसीसीएल की ओर से खनन किया गया है और यहां सिरमोहन भी था. उनका कहना है कि संभवतः आसपास के तालाब का पानी सिरमोहन में प्रवेश कर रहा है, जिससे जमीन खोखली हुई और भू-धंसान की घटना हुई. हालांकि भू-धंसान के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. दोनों ने सिजुआ जीएम से बात कर प्रभावित लोगों के लिए जल्द राहत कार्य शुरू कराने की मांग की.

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव का निशाना, नीमच में कसा तंज

 नीमच   जैसी बुद्धि है, वैसा कार्यक्रम किया है। मैं राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के संबंध में अधिक कहना नहीं चाहता हूं। राहुल गांधी पहले तथ्यात्मक व वास्तविक जानकारी जुटाए। एनएसयूआई के पदाधिकारियों से चर्चा करने की बजाय वास्तविक छात्रों से बात करें। 2014 से अब तक कांग्रेस तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है यह बात मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच में मीडिया से चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेृतत्व में साल 2014 से अब तक कांग्रेस तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है। देशभर में अधिकांश चुनाव हार चुकी है। देश लगभग कांग्रेस मुक्त हो चुका है। उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क सहित अन्य सौगातें दीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की सरकार विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण को संजोने का कार्य कर रही है। इसी क्रम में उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क सहित अन्य सौगात देने के बाद मैं नीमच आया हूं। नीमच और यहां लोग मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं नीमच और यहां लोग मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं। गांधी सागर अभ्यारण्य में मादा चीता को छोड़ने का कार्यक्रम भी है। सेवा संकल्प अभियान में सहभागिता के दौरान नीमच में जल्द एयर पोर्ट शुरू करने और स्टेडियम निर्माण की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की है। इस दौरान विधायक दिलीप सिंह परिहार, अनिरूद्ध माधव मारू मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को नीमच से वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैहर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और कल्याण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा किसान, महिला, युवा और कमजोर वर्गों को विकास की प्राथमिकता में रखा गया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण से संपूर्ण समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में नीमच से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शारदा का आशीर्वाद पूरे विंध्य, मध्यप्रदेश और देशवासियों पर सदैव बना रहता है। मां शारदा की पावन नगरी मैहर को जिला बने लगभग तीन वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में मैहर ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने जिले के स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जनकल्याण और विकास कार्यों में निरंतर सहयोग के लिए बधाई दी।    किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को रात के समय खेतों में बिजली के कारण होने वाले परेशानी से मुक्ति दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार आगामी रबी फसल से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध कराएगी। बिजली व्यवस्था के विस्तार और सुधार से किसानों के घरों में समृद्धि आएगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। सरकार किसानों की सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है। स्लीमनाबाद टनल के आगामी समय में शुरू होने से क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को नयी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के जल से माँ शारदा की नगरी में अभिषेक का संकल्प क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे किसानों के जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। धान खरीदी और किसानों को बेहतर लाभ देने की दिशा में प्रयास मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसानों को उपज बेचने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए तैयारियां समय पर पूरी की जा रही है। सरकार धान की खरीदी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य तक सीमित लाभ न मिले, बल्कि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य और आवश्यकतानुसार बोनस सहित अन्य लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और विविध गतिविधियों से बढ़ेगी किसानों की आय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन और गौ-पालन सनातन संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर पर सरकार का विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी लगातार काम कर रही है। सांदीपनी विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा के साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है। मजबूत शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के नए अवसर प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देंगे। मैहर की पर्यटन पहचान को स्थानीय विकास से जोड़ा जा रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैहर के पर्यटन और धार्मिक महत्व को देखते समुचित विकास किया जा रहा है। मां शारदा लोक का निर्माण इसी दिशा में सरकार का प्रयास है। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देगी। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में रहेगा जिससे स्थानीय अर्थव्यस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़े, रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिले—इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है। कृषि में नवाचार और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि जिले में एक जिला-एक उत्पाद के तहत कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों द्वारा आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से टमाटर, करेला सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन की सराहना की। उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन एवं आय दोनों में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में किसानों की आय वृद्धि के लिए मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क भी स्थापित किया जाएगा। प्रगतिशील कृषकों से संवाद किया मुख्यमंत्री ने जिले के प्रगतिशील कृषकों से संवाद कर आधुनिक तकनीकों का कृषि में उपयोग कर आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों से संवाद कर सभी कृषकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया। सांसद  गणेश सिंह ने कहा कि डबल इंजन की केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर कृषक कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार के निर्देशानुसार अब कृषकों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। अपेक्स बैंक के चेयरमैन  महेंद्र सिंह यादव ने कार्यक्रम में कहा कि बलराम महोत्सव से कृषक कल्याण वर्ष में सभी कृषकों के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि योजनाओं से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। कृषि के लिए ऋण शून्य प्रतिशत पर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में विधायक  कांत चतुर्वेदी ने दिया। बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी लगाकर कृषकों को सरकार की शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण … Read more

BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में वित्त मंत्री ने कहा—विकसित भारत के लक्ष्य के लिए स्वस्थ युवा आबादी सबसे बड़ी ताकत

रायपुर  वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी आज नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री  चौधरी ने कहा कि आने वाले 10-20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि देश आर्थिक रूप से विकसित होने से पहले अस्वस्थ न हो जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और शोध को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ आबादी विकसित भारत की आधारशिला  चौधरी ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है, लेकिन इस आबादी को स्वस्थ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर निरंतर काम किया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने बताया कि लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट प्राप्त करना कठिन होता था, क्योंकि पूरे राज्य में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देशभर से आए विशेषज्ञों का स्वागत  चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और यह एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित की जा रही है। नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ-साथ शहर को भी देखने और समझने का आग्रह किया। वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं तथा कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं को सशक्त बनाने के लिए नीति संवाद 21 सितम्बर को

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के सहयोग से सोमवार, 21 सितम्बर को भोपाल में “मध्यप्रदेश में उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं का सुदृढ़ीकरण” विषय पर नीति संवाद आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से एमपीटी होटल पलाश रेसीडेंसी के प्रथम तल स्थित विमर्श हॉल में होगा। इसमें नीति-निर्माताओं, विषय-विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थाओं, उद्योग प्रतिनिधियों, कृषक उत्पादक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा उद्यानिकी क्षेत्र के समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  स्वरोचिष सोमवंशी स्वागत उद्बोधन देंगे। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  मन शुक्ला प्रारंभिक उद्बोधन देंगे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित तथा कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण  के.सी. गुप्ता का विशेष संबोधन होगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन “मध्यप्रदेश उद्यानिकी-2026 : जिला वर्गीकरण, कमोडिटी क्लस्टर और मूल्य श्रृंखला की कमियाँ” विषय पर प्रस्तुति देंगे। सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सलाहकार  आमिर मनन देवा उत्पादन से समृद्धि तक प्रतिस्पर्धी उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण और एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख  निशांत बंसोड़ मूल्य संवर्धन, प्र-संस्करण, ब्रांडिंग तथा वैश्विक बाजार तक पहुँच पर प्रस्तुति देंगे। नीति संवाद में तीन पैनल चर्चाएँ होंगी। पहली चर्चा में मध्यप्रदेश की उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं की संभावनाओं, दूसरी में आधुनिक कृषि के लिए वित्तीय संसाधनों, योजनाओं के अभिसरण, तकनीक एवं निजी निवेश और तीसरी चर्चा में प्र-संस्करण, मूल्य संवर्धन तथा बाजार से जुड़ाव के माध्यम से उद्यानिकी विकास को गति देने पर मंथन होगा। चर्चाओं में एपीडा, राष्ट्रीय उद्यानिकी बोर्ड, एमपीआईडीसी, नाबार्ड, सेंट्रल बैंक, डब्ल्यूआरआई-इंडिया, पारले एग्रो, डाबर, जैन इरिगेशन, कृषि-तकनीक संस्थानों, महिला कृषक उत्पादक कम्पनी और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। मुक्त चर्चा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के प्रतिनिधि अपने सुझाव रखेंगे। कार्यक्रम के समापन पर राज्य नीति आयोग की सलाहकार डॉ. आकांक्षा चंद भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगी। आयोग की प्रशासनिक अधिकारी मती पूर्णिमा शर्मा आभार व्यक्त करेंगी।  

अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी समेत दुनिया के दिग्गजों का लखनऊ में होगा ‘टेक महाकुंभ’

लखनऊ अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत दुनिया के विभिन्न देशों के उद्यमी, टेक विशेषज्ञ और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि अगले महीने लखनऊ में जुटेंगे। मौका होगा उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में 23 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय इंटरनेशनल डायलॉग 2026 का। देश-दुनिया के करीब 1,200 नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, न्यायिक व पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डाटा सुरक्षा और कानूनी अनुपालन तक भविष्य की तकनीकों पर यहां मंथन होगा।  यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे रोजगार तथा नए अवसरों की असीम संभावनाएं बनेंगी। इसी उद्देश्य से इंटरनेशनल डायलॉग के जरिए नीति, उद्योग और शिक्षा जगत को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी है। अब इनोवेशन और रोजगारपरकता के जरिए विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जाएगा। सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि शैक्षणिक संस्थान रिसर्च और प्रतिभा तैयार करें और युवाओं के लिए इंटर्नशिप, रोजगार तथा नए अवसरों का रास्ता खुले। फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणाली समझने का मिलेगा मौका तीन दिन के इस वैश्विक संवाद के केंद्र में ऐसी तकनीकें होंगी, जो आने वाले वर्षों में उद्योग से लेकर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम कम्युनिकेशन पर चर्चा की जाएगी। पोस्ट-क्वांटम तैयारियों और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमता विकसित करने जैसे विषय भी विमर्श का हिस्सा होंगे। इसी तरह फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणालियों पर दुनिया भर के विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा डाटा प्रोटेक्शन, प्राइवेसी, ऑडिट, गवर्नेंस और लीगल कंप्लायंस के जरिए नई तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर रहेगा। उद्योग से होगा सीधा संवाद 23 अक्टूबर का पहला दिन टैलेंट एंड इंडस्ट्री एंगेजमेंट के नाम रहेगा। इसका फोकस विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को सीधे उद्योग जगत से जोड़ने पर होगा। कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान इंटर्नशिप और प्लेसमेंट से लेकर भविष्य में जरूरी कौशल, तकनीकी मार्गदर्शन और मास्टरक्लास तक आयोजित करने की योजना है। तकनीकी प्रदर्शन के साथ स्टार्टअप को भी मंच मिलेगा। उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच रिसर्च, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके पीछे सोच युवाओं को केवल डिग्री देने तक सीमित न रहकर उन्हें उद्योग और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की है। पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और होगा नॉलेज एक्सचेंज 24 अक्टूबर इंटरनेशनल डायलॉग का मुख्य समिट दिवस होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप की भागीदारी की योजना है। इस दौरान पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और नॉलेज एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम होंगे। विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन तथा साझा शोध की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इसका मकसद नीति बनाने वालों और तकनीक विकसित करने वालों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। युवाओं के लिए इंटर्नशिप से प्लेसमेंट तक का मंच : डॉ. जीके गोस्वामी यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि समिट का एक बड़ा हिस्सा रोजगार और भविष्य के कौशल पर केंद्रित होगा। युवा पेशेवरों और विद्यार्थियों को मेंटर्स तथा उद्योग के विशेषज्ञों से जोड़ने के साथ इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और उद्यमिता नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी बातचीत होगी। इसके जरिए यूपीएसआईएफएस ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जिसमें शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले युवा आधुनिक तकनीक को केवल सैद्धांतिक रूप से न जानें, बल्कि उसका व्यावहारिक इस्तेमाल भी समझें। किताबों से लैब तक कानून, यूपीएसआईएफएस दिखाएगा 'लॉ विथ लैब्स' इंटरनेशनल डायलॉग में यूपीएसआईएफएस का 'लॉ विथ लैब्स' मॉडल भी प्रमुखता से सामने आएगा। इसकी अवधारणा कानून की पढ़ाई को वैज्ञानिक साक्ष्य और उभरती आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ने की है। यानी कानून की समझ से प्रयोगशाला, वैज्ञानिक साक्ष्य और अंततः न्याय तक की पूरी कड़ी। संस्थान में फॉरेंसिक डीएनए के साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3-डी प्रिंटिंग, साइबर फॉरेंसिक और एडवांस डिजिटल डायग्नोस्टिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ी प्रयोगशालाएं हैं। जिसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो तकनीक के इस्तेमाल के साथ उससे जुड़े कानूनी और अनुपालन संबंधी पहलुओं को भी समझ सकें। कंपनियों और स्टार्टअप के लिए भी खुलेगा मंच टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप, लॉ फर्म, लीगल-टेक कंपनियों और कंप्लायंस से जुड़े संस्थानों को आयोजन में भागीदार बनने का अवसर दिया गया है। इसके लिए सिल्वर श्रेणी में पांच लाख रुपये या अधिक, गोल्ड में आठ लाख रुपये या अधिक और प्लेटिनम में 12 लाख रुपये या अधिक की श्रेणियां निर्धारित हैं। भागीदारी के जरिए टैलेंट डेवलपमेंट, तकनीकी प्रदर्शन, रिसर्च, प्रशिक्षण और पॉलिसी डायलॉग से जुड़ने के अवसर प्रस्तावित हैं। टैलेंट डेवलपमेंट, रिसर्च, इनोवेशन और पॉलिसी सपोर्ट के लिए आगे का रोडमैप तैयार करने की योजना है। यूपीएसआईएफएस इसमें सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सेतु की भूमिका निभाएगा।

झाबुआ बॉर्डर पर पथराव से हड़कंप, BJP नेता समेत 6 के वाहनों को नुकसान

रतलाम. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (एटलेन) पर झाबुआ जिले के थांदला के पास शनिवार रात करीब 11 बजे आधा दर्जन से अधिक वाहनों पर पथराव की घटना सामने आई है। इनमें भाजपा नेता सोनू यादव की कार भी शामिल है। पथराव से कुछ वाहनों के कांच टूट गए, जबकि कुछ की बॉडी क्षतिग्रस्त हुई। कुछ लोगों को चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान एक कार में सवार लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर पथराव की घटना को लाइव कैप्चर किया। वाहन सवारों ने धामनोद टोल नाके पर पहुंचकर पुलिस को शिकायत की। सूचना मिलने पर रतलाम से पुलिस बल मौके के लिए रवाना हुआ।

योगी सरकार में साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, 75 जिलों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की पहुंच को समाज के प्रत्येक वर्ग तक विस्तार देने के प्रयासों के क्रम में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परिषदीय विद्यालयों के साथ कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिससे साक्षरता अभियान को समाज के विविध वर्गों तक पहुंचाया जा सके। ज्ञात हो कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है। रविवार को हुई परीक्षा के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साक्षरता की इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों तक पहुंचे इस अभियान के माध्यम से पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को जीवन के आवश्यक कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास आगे बढ़ाया गया है। 75 जिलों में एक साथ परखी गई साक्षरता उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में शिक्षार्थियों के मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा संपन्न कराई गई। लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता ने प्रदेश में संचालित वयस्क साक्षरता अभियान के व्यापक दायरे को रेखांकित किया। विद्यालय से कारागार तक पहुंचा साक्षरता का संदेश इस परीक्षा की विशेषता यह रही कि साक्षरता का अवसर परिषदीय विद्यालयों तक सीमित न रहकर कारागारों एवं बाल सुधार गृहों तक भी पहुंचा। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से इन स्थानों पर भी परीक्षा आयोजित की गई। चंदौली और जौनपुर में भारत सरकार की टीम ने किया निरीक्षण परीक्षा के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार की टीम जनपद चंदौली एवं जौनपुर में उपस्थित रही। टीम द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। राज्य मुख्यालय से तीन जिलों में पहुंची निगरानी टीम प्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से भी अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी, शिक्षा निदेशक बेसिक/साक्षरता ने जनपद लखनऊ, श्रीमती नीलम, उप निदेशक, साक्षरता ने जनपद प्रतापगढ़ तथा श्रीमती प्रतिमा मिश्रा, सहायक निदेशक, साक्षरता ने जनपद सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।