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उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं को सशक्त बनाने के लिए नीति संवाद 21 सितम्बर को

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के सहयोग से सोमवार, 21 सितम्बर को भोपाल में “मध्यप्रदेश में उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं का सुदृढ़ीकरण” विषय पर नीति संवाद आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से एमपीटी होटल पलाश रेसीडेंसी के प्रथम तल स्थित विमर्श हॉल में होगा। इसमें नीति-निर्माताओं, विषय-विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थाओं, उद्योग प्रतिनिधियों, कृषक उत्पादक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा उद्यानिकी क्षेत्र के समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  स्वरोचिष सोमवंशी स्वागत उद्बोधन देंगे। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  मन शुक्ला प्रारंभिक उद्बोधन देंगे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित तथा कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण  के.सी. गुप्ता का विशेष संबोधन होगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन “मध्यप्रदेश उद्यानिकी-2026 : जिला वर्गीकरण, कमोडिटी क्लस्टर और मूल्य श्रृंखला की कमियाँ” विषय पर प्रस्तुति देंगे। सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सलाहकार  आमिर मनन देवा उत्पादन से समृद्धि तक प्रतिस्पर्धी उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण और एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख  निशांत बंसोड़ मूल्य संवर्धन, प्र-संस्करण, ब्रांडिंग तथा वैश्विक बाजार तक पहुँच पर प्रस्तुति देंगे। नीति संवाद में तीन पैनल चर्चाएँ होंगी। पहली चर्चा में मध्यप्रदेश की उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं की संभावनाओं, दूसरी में आधुनिक कृषि के लिए वित्तीय संसाधनों, योजनाओं के अभिसरण, तकनीक एवं निजी निवेश और तीसरी चर्चा में प्र-संस्करण, मूल्य संवर्धन तथा बाजार से जुड़ाव के माध्यम से उद्यानिकी विकास को गति देने पर मंथन होगा। चर्चाओं में एपीडा, राष्ट्रीय उद्यानिकी बोर्ड, एमपीआईडीसी, नाबार्ड, सेंट्रल बैंक, डब्ल्यूआरआई-इंडिया, पारले एग्रो, डाबर, जैन इरिगेशन, कृषि-तकनीक संस्थानों, महिला कृषक उत्पादक कम्पनी और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। मुक्त चर्चा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के प्रतिनिधि अपने सुझाव रखेंगे। कार्यक्रम के समापन पर राज्य नीति आयोग की सलाहकार डॉ. आकांक्षा चंद भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगी। आयोग की प्रशासनिक अधिकारी मती पूर्णिमा शर्मा आभार व्यक्त करेंगी।  

अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी समेत दुनिया के दिग्गजों का लखनऊ में होगा ‘टेक महाकुंभ’

लखनऊ अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत दुनिया के विभिन्न देशों के उद्यमी, टेक विशेषज्ञ और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि अगले महीने लखनऊ में जुटेंगे। मौका होगा उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में 23 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय इंटरनेशनल डायलॉग 2026 का। देश-दुनिया के करीब 1,200 नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, न्यायिक व पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डाटा सुरक्षा और कानूनी अनुपालन तक भविष्य की तकनीकों पर यहां मंथन होगा।  यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे रोजगार तथा नए अवसरों की असीम संभावनाएं बनेंगी। इसी उद्देश्य से इंटरनेशनल डायलॉग के जरिए नीति, उद्योग और शिक्षा जगत को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी है। अब इनोवेशन और रोजगारपरकता के जरिए विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जाएगा। सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि शैक्षणिक संस्थान रिसर्च और प्रतिभा तैयार करें और युवाओं के लिए इंटर्नशिप, रोजगार तथा नए अवसरों का रास्ता खुले। फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणाली समझने का मिलेगा मौका तीन दिन के इस वैश्विक संवाद के केंद्र में ऐसी तकनीकें होंगी, जो आने वाले वर्षों में उद्योग से लेकर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम कम्युनिकेशन पर चर्चा की जाएगी। पोस्ट-क्वांटम तैयारियों और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमता विकसित करने जैसे विषय भी विमर्श का हिस्सा होंगे। इसी तरह फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणालियों पर दुनिया भर के विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा डाटा प्रोटेक्शन, प्राइवेसी, ऑडिट, गवर्नेंस और लीगल कंप्लायंस के जरिए नई तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर रहेगा। उद्योग से होगा सीधा संवाद 23 अक्टूबर का पहला दिन टैलेंट एंड इंडस्ट्री एंगेजमेंट के नाम रहेगा। इसका फोकस विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को सीधे उद्योग जगत से जोड़ने पर होगा। कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान इंटर्नशिप और प्लेसमेंट से लेकर भविष्य में जरूरी कौशल, तकनीकी मार्गदर्शन और मास्टरक्लास तक आयोजित करने की योजना है। तकनीकी प्रदर्शन के साथ स्टार्टअप को भी मंच मिलेगा। उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच रिसर्च, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके पीछे सोच युवाओं को केवल डिग्री देने तक सीमित न रहकर उन्हें उद्योग और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की है। पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और होगा नॉलेज एक्सचेंज 24 अक्टूबर इंटरनेशनल डायलॉग का मुख्य समिट दिवस होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप की भागीदारी की योजना है। इस दौरान पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और नॉलेज एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम होंगे। विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन तथा साझा शोध की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इसका मकसद नीति बनाने वालों और तकनीक विकसित करने वालों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। युवाओं के लिए इंटर्नशिप से प्लेसमेंट तक का मंच : डॉ. जीके गोस्वामी यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि समिट का एक बड़ा हिस्सा रोजगार और भविष्य के कौशल पर केंद्रित होगा। युवा पेशेवरों और विद्यार्थियों को मेंटर्स तथा उद्योग के विशेषज्ञों से जोड़ने के साथ इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और उद्यमिता नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी बातचीत होगी। इसके जरिए यूपीएसआईएफएस ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जिसमें शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले युवा आधुनिक तकनीक को केवल सैद्धांतिक रूप से न जानें, बल्कि उसका व्यावहारिक इस्तेमाल भी समझें। किताबों से लैब तक कानून, यूपीएसआईएफएस दिखाएगा 'लॉ विथ लैब्स' इंटरनेशनल डायलॉग में यूपीएसआईएफएस का 'लॉ विथ लैब्स' मॉडल भी प्रमुखता से सामने आएगा। इसकी अवधारणा कानून की पढ़ाई को वैज्ञानिक साक्ष्य और उभरती आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ने की है। यानी कानून की समझ से प्रयोगशाला, वैज्ञानिक साक्ष्य और अंततः न्याय तक की पूरी कड़ी। संस्थान में फॉरेंसिक डीएनए के साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3-डी प्रिंटिंग, साइबर फॉरेंसिक और एडवांस डिजिटल डायग्नोस्टिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ी प्रयोगशालाएं हैं। जिसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो तकनीक के इस्तेमाल के साथ उससे जुड़े कानूनी और अनुपालन संबंधी पहलुओं को भी समझ सकें। कंपनियों और स्टार्टअप के लिए भी खुलेगा मंच टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप, लॉ फर्म, लीगल-टेक कंपनियों और कंप्लायंस से जुड़े संस्थानों को आयोजन में भागीदार बनने का अवसर दिया गया है। इसके लिए सिल्वर श्रेणी में पांच लाख रुपये या अधिक, गोल्ड में आठ लाख रुपये या अधिक और प्लेटिनम में 12 लाख रुपये या अधिक की श्रेणियां निर्धारित हैं। भागीदारी के जरिए टैलेंट डेवलपमेंट, तकनीकी प्रदर्शन, रिसर्च, प्रशिक्षण और पॉलिसी डायलॉग से जुड़ने के अवसर प्रस्तावित हैं। टैलेंट डेवलपमेंट, रिसर्च, इनोवेशन और पॉलिसी सपोर्ट के लिए आगे का रोडमैप तैयार करने की योजना है। यूपीएसआईएफएस इसमें सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सेतु की भूमिका निभाएगा।

झाबुआ बॉर्डर पर पथराव से हड़कंप, BJP नेता समेत 6 के वाहनों को नुकसान

रतलाम. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (एटलेन) पर झाबुआ जिले के थांदला के पास शनिवार रात करीब 11 बजे आधा दर्जन से अधिक वाहनों पर पथराव की घटना सामने आई है। इनमें भाजपा नेता सोनू यादव की कार भी शामिल है। पथराव से कुछ वाहनों के कांच टूट गए, जबकि कुछ की बॉडी क्षतिग्रस्त हुई। कुछ लोगों को चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान एक कार में सवार लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर पथराव की घटना को लाइव कैप्चर किया। वाहन सवारों ने धामनोद टोल नाके पर पहुंचकर पुलिस को शिकायत की। सूचना मिलने पर रतलाम से पुलिस बल मौके के लिए रवाना हुआ।

योगी सरकार में साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, 75 जिलों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की पहुंच को समाज के प्रत्येक वर्ग तक विस्तार देने के प्रयासों के क्रम में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परिषदीय विद्यालयों के साथ कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिससे साक्षरता अभियान को समाज के विविध वर्गों तक पहुंचाया जा सके। ज्ञात हो कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है। रविवार को हुई परीक्षा के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साक्षरता की इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों तक पहुंचे इस अभियान के माध्यम से पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को जीवन के आवश्यक कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास आगे बढ़ाया गया है। 75 जिलों में एक साथ परखी गई साक्षरता उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में शिक्षार्थियों के मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा संपन्न कराई गई। लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता ने प्रदेश में संचालित वयस्क साक्षरता अभियान के व्यापक दायरे को रेखांकित किया। विद्यालय से कारागार तक पहुंचा साक्षरता का संदेश इस परीक्षा की विशेषता यह रही कि साक्षरता का अवसर परिषदीय विद्यालयों तक सीमित न रहकर कारागारों एवं बाल सुधार गृहों तक भी पहुंचा। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से इन स्थानों पर भी परीक्षा आयोजित की गई। चंदौली और जौनपुर में भारत सरकार की टीम ने किया निरीक्षण परीक्षा के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार की टीम जनपद चंदौली एवं जौनपुर में उपस्थित रही। टीम द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। राज्य मुख्यालय से तीन जिलों में पहुंची निगरानी टीम प्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से भी अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी, शिक्षा निदेशक बेसिक/साक्षरता ने जनपद लखनऊ, श्रीमती नीलम, उप निदेशक, साक्षरता ने जनपद प्रतापगढ़ तथा श्रीमती प्रतिमा मिश्रा, सहायक निदेशक, साक्षरता ने जनपद सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

आगामी वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक शासकीय भर्तियां की जाएंगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीमच में शीघ्र ही एयरपोर्ट बनाया जायेगा। साथ ही खेल सुविधाओं में विस्तार के लिये सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाया जायेगा। प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में एक लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं। आगामी ढाई वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक भर्तियां और की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नीमच के अग्रोहा भवन में आयोजित सेवा से संकल्प अभियान के अभिनंदन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संकल्प से ही शक्ति और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है तथा प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच के विकास, नागरिकों के जुझारूपन और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सनातन परंपरा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। प्रदेश के बजट और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तथा प्रदेश का कुल बजट बढ़कर 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में ड्रॉपआउट रेट शून्य होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो गई है तथा बिजली उत्पादन 32 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में प्रदेश में लगभग 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें करीब 8 हजार सीटें उपलब्ध हैं। नीमच में एयरपोर्ट और सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है तथा प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बेहतर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार से जिले के युवाओं और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। चीता प्रोजेक्ट को बताया नीमच के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच के खिमला क्षेत्र में मादा चीता को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के अग्रणी देशों की कतार में है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है तथा न्यायपालिका एवं संवैधानिक संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं समझौतों में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक भूमिका निरंतर मजबूत हुई है और देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है। विधायक  दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि जिले में 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा से संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नीमच को विभिन्न सौगातें देने तथा चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच को चयनित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने गांधी सागर बांध के पानी से किसानों को मिल रहे लाभ और कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का भी उल्लेख किया। विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष मती स्वाति चोपड़ा एवं  वंदन खंडेलवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अभियान में सहभागी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं विभिन्न संगठनों की सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सज्जन सिंह चौहान, आयुक्त उज्जैन संभाग  आशीष सिंह,पुलिस महानिरीक्षक  राकेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

हथियारबाजी और चाकूबाजी पर अंबिकापुर IG सख्त, बोले- बदमाशों पर कसें नकेल

अंबिकापुर सरगुजा संभाग में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने अंबिकापुर शहर की कानून व्यवस्था को लेकर बैठक ली और गुंडे-बदमाशों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आईजी दीपक झा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल की मौजूदगी में थाना कोतवाली, गांधीनगर, मणिपुर के थाना प्रभारियों और यातायात प्रभारी की संयुक्त बैठक ली। बैठक का मुख्य एजेंडा था- गणेश उत्सव से लेकर नवरात्रि, दशहरा और दीपावली तक शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रहे। आईजी दीपक झा ने आम नागरिकों से अपील की है कि आगामी प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सहयोग की भावना के साथ मनाएं। पुलिस हर स्तर पर सुरक्षा के लिए तैयार है।वहीं असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराते, चाकूबाजी, स्टंटबाजी या किसी भी तरह का उपद्रव करते पाया गया और कानून व्यवस्था में शांति भंग करने का प्रयास किया तो पुलिस को कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईजी का निर्देश- कुंडली खोलो, नकेल कसो आईजी झा ने बैठक में निर्देश दिए कि शहर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले उपद्रवियों, आदतन गुंडा बदमाश, गैंग हिस्ट्रीशीटर, निगरानी बदमाशों की पूरी कुंडली खंगाली जाए। प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र के ऐसे असामाजिक तत्वों का रिकॉर्ड अपडेट करे और उन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। विशेष अभियान में 120 के विरुद्ध कार्रवाई आईजी के निर्देशों के परिपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में शहर के तीनों थानों में विशेष अभियान चलाया गया।अभियान के तहत 13 नए गुंडा फाइल खोले गए। आदतन अपराधियों की गतिविधियों को देखते हुए थाना कोतवाली में दो, थाना गांधीनगर में 10 और थाना मणिपुर में एक कुल 13 लोगों के विरुद्ध नए गुंडा फाइल खोलकर निगरानी शुरू की गई है। अब इनकी हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी। 82 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों पर धारा 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। इसमें थाना कोतवाली से 36, गांधीनगर से 36 और मणिपुर से 10 कुल 82 लोगों को पाबंद किया गया।इसके अलावा कुल 34 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।  

युवक से मारपीट करने वाले पिता-पुत्र पर पुलिस का शिकंजा, निकाला जुलूस

राजनांदगांव. रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति को कमरे में बंद कर उसकी बेदम पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने पिता पुत्र व अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर शहर में उनका जुलूस निकाला। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। बसंतपुर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी – के अनुसार आरोपियों के नाम सौरभ जैन पिता दीपक जैन उम्र 25 वर्ष, दीपक जैन पिता भीखमचंद जैन उम्र 50 वर्ष दोनों निवासी सदर लाईन तथा करण साहू पिता मुकेश साहू उम्र 30 वर्ष निवासी चौखड़ियापारा राजनांदगांव बताया जाता है। प्रकरण में प्रार्थी सन्नी पंसारी पिता स्व. धन्नू राम पंसारी निवासी ठेठवारपारा, राजनांदगांव द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि उसके द्वारा आरोपी दीपक जैन एवं सौरभ जैन, निवासी सदर बाजार, राजनांदगांव से लगभग 3 लाख रुपये उधार लिया गया था, जिसकी वह प्रतिमाह किश्त अदा कर रहा था। गत 18 सितम्बर को प्रार्थी समदा अस्पताल से वापस अपने घर जा रहा था। दोपहर करीब 1.30 बजे दुर्गा चौक के पास पहुंचने पर आरोपी सौरभ जैन, दीपक जैन एवं उनके एक अन्य साथी द्वारा प्रार्थी को जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले जाया गया। वहां घर का शटर बंद कर उधारी रकम वापस करने की बात कहते हुए पैसों की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा तत्काल रकम नहीं होने की बात कहने पर आरोपीगण द्वारा एक राय होकर लकड़ी के बैट एवं हाथ-मुक्के से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 296, 115 (2), 351(2), 127(2), 119(1), 140(3), 3 ( 5 ) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। आरोपियों के कब्जे/पेश करने पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का बैट एवं आई – क्यूब स्कूटी क्रमांकसीजी 08-ए वाय-7009 जप्त की गई। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

अब अभयारण्य में हुए चार चीतें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता राधा को छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में मादा चीता का नामकरण राधा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ चीता प्रोजेक्ट सफलता के नये मानदण्ड स्थापित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुके वन जीवों को पुर्नस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। गत वर्ष छोड़े गये चीतें पूरी तरह स्वस्थ है। गांधी सागर अभयारण्य में एक और चीते का छोड़ जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मादा चीता राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभयारण्य में पहले से दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब गांधी सागर में दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है, प्रदेश में चीतों की बढ़ती हुई संख्या इसका प्रमाण है। हमारा सौभाग्य है मध्यप्रदेश वन्यजीवों की विविधता से भरपूर है। हमारा प्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में भी जाना जाने लगा है। असम से जंगली भैंसे भी लाएं गए हैं और प्रदेश में गजराज की संख्या भी लगभग 100 हो गई है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीतों से वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार एवं आजीविका के लिये नये अवसर सृजित होंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीता संरक्षण का दायरा और बढ़ाया गया है, मादा चीता राधा को गांधी सागर में बसाया जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को कूनो से आगे विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नये वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और भविष्य में चीता प्रजनन की संभावनाओं को और भी तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "सेकंड होम ऑफ "चीता गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी" बुकलेट का भी विमोचन किया। चीता पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में गरोठ विधायक  चन्दर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू और मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव डॉ. समिता राजौरा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश का चीता प्रोजेक्ट एशिया का पहला प्रोजेक्ट है। एशिया से चीते गायब हो गए थे, प्रधानमंत्री  मोदी के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने संकल्प लिया और चीतों के पुनर्वास का अभियान शुरू किया। प्रदेश में चीतों की संख्या अब लगातार बढ़ती जा रही है। जहां सैकड़ों साल पहले चीतें विलुप्त हो गए थे, वहीं अब वे स्थानीय वातावरण में खेलते-कूदते दिखाई दे रहे हैं। यह वन्य जीवों के प्रति जीयों और जीने दो के सिद्धांत के आधार पर प्राप्त उपलब्धि का प्रतीक है। हमारे जंगल आबाद हो रहे हैं यह हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है।  

‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा में अर्जुन राम मेघवाल, युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

फाजिल्का. पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत आज तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भव्य आगाज फाजिल्का से हुआ। इस सामाजिक जागरूकता यात्रा के शुभारंभ के लिए विशेष रूप से पहुंचे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज सुधार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री आसफवाला स्थित ऐतिहासिक 1971 युद्ध स्मारक पहुंचे। वहां उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। इसके बाद उन्होंने वार मेमोरियल में दर्ज 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और शहादत की अमर गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है।  संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में सीटों का आवंटन दूसरे चरण की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। काउंसलिंग के लिए पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तें लागू रहेंगी। पहले चरण में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत शासन के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उनका प्रवेश यथावत रहेगा। इससे प्रथम चरण में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 4 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था से संबंधित मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णयों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों से नीट यूजी-2026 काउंसलिंग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट upneet.gov.in और dgme.up.gov.in को नियमित रूप से देखने की अपील की है। योगी सरकार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को मिला व्यापक आधार योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे और मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग पोर्टल पर प्रदेश के अनेक राजकीय एवं निजी मेडिकल संस्थान सूचीबद्ध हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायालयीन निर्देशों, शासन के निर्णयों और निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।  हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी हेल्पलाइन: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700 समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक।