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MP की दर्दनाक हकीकत: बेटियों की जान को सबसे अधिक खतरा, NCRB रिपोर्ट में आंकड़े डरावने

भोपाल भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, भ्रूण हत्या रोकने के तमाम प्रयास के बाद भी मध्य प्रदेश की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। भ्रूण हत्या, शिशु हत्या और माता-पिता द्वारा बच्चों को छोड़ने के मामले में देश में अव्वल राज्य मध्य प्रदेश है। NCRB की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में उक्त तीन प्रकृति के 196 मामले सामने आए हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर UP दूसरे नंबर पर 156 प्रकरणों के साथ महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर 112 प्रकरणों के साथ उत्तर प्रदेश है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात के कानूनी प्रविधानों को लेकर उचित जानकारी का अभाव और बच्चे के लिंग को लेकर सामाजिक दबाव इसकी बड़ी वजह है। एक समय था जब मध्य प्रदेश में शिशु लिंगानुपात 912 पर आ गया था। जानकारों ने इसकी वजह भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात को बताया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'लाड़ली लक्ष्मी' योजना प्रारंभ की। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' सहित बेटियों के हित में कई योजनाएं प्रारंभ की गई, जिससे लोग उन्हें बोझ न मानें। इसके बाद भी प्रदेश का शिशु लिंगानुपात 917 है। यानी, प्रति हजार बेटों पर 917 बेटियां ही पैदा हो रही हैं, जबकि प्राकृतिक तौर पर यह आंकड़ा 950 से ऊपर होना चाहिए। बच्चों की हत्या के सर्वाधिक मामले में MP को मिला ये स्थान छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या NCRB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रदेश में वर्ष 2023 में छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या कर दी गई। हत्या के सर्वाधिक मामले में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। हत्यारों ने 1832 लोगों की जान ले ली, जिसमें 706 मामलों में विवाद के कारण हत्या की गई। 121 प्रकरणों में हत्या का कारण प्रेम प्रसंग और 103 में संपत्ति का विवाद रहा है। प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की सर्वाधिक 227 घटनाएं उत्तर प्रदेश, 144 गुजरात और 138 महाराष्ट्र में हुईं। मध्य प्रदेश में 30-45 आयु वर्ग के 666 लोगों की हत्या हुई। दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश को मिला स्थान ए्ससी के साथ दुष्कर्म के 560 मामले, देश में तीसरे नंबर पर एसटी के विरुद्ध सर्वाधिक अपराध के मामले में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर तो है ही अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2023 में 560 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 176 में पीड़िता नाबालिग थीं।

केंद्र से बिहार को 10,219 करोड़ का कर अंशदान, सम्राट चौधरी ने धन्यवाद किया व्यक्त

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य के अंशदान (टैक्स डिवॉल्यूशन) के तहत 10,219 करोड़ रुपए की राशि जारी की है, जो विकास कार्यों को नई गति देगी। चौधरी ने कहा, ‘‘ नवरात्र के शुरुआती दिन यानी 22 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले मॉल एवं सेवाकर (जीएसटी) में कर की दरें कम करके देशवासियों को बड़ा उपहार दिया और अब बिहार को 10,219 करोड़ रुपए की टैक्स डिवॉल्यूशन राशि प्रदान कर राज्य के करोड़ों लोगों का मनोबल बढ़ाया है। इसके लिए समस्त बिहारवासी उनकी ओर कृतज्ञता प्रकट करते हैं।'' उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह राशि राज्य के बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय करों से वर्ष 2025-26 में बिहार को करीब 1.38 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। अर्थशास्त्री डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 15वें वित्त आयोग द्वारा तय किए गए फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित की जाती है। इस फॉर्मूले के तहत प्रत्येक राज्य को कर संग्रहण में उसकी आबादी, भौगोलिक स्थिति, आय-व्यय क्षमता तथा अन्य आर्थिक मानकों के अनुरूप हिस्सा आवंटित किया जाता है। डॉ. कुमार ने कहा कि अनुमानित कुल राशि को केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान 14 किश्तों में राज्यों को वितरित करती है। इससे राज्यों के विकास कार्यों और योजनाओं के लिए नियमित रूप से संसाधन उपलब्ध रहते हैं और वित्तीय स्थिरता बनी रहती है।

धार्मिक जुलूस पर हमला: बुरहानपुर में तनाव, 10 युवकों पर केस दर्ज

बुरहानपुर नेपानगर थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में गुरुवार को पूरी तरह शांति बनी रही। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में शांति पूर्ण तरीके से माता की मूर्तियों का विसर्जन किया। पुलिस ने मूर्ति विसर्जन जुलूस पर पथराव करने के आरोप में गांव के दस लोगों पर छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें से तीन को नेपानगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। बता दें कि बुधवार शाम जवारा और माता मूर्ति विसर्जन के दौरान लाउड स्पीकर बजाने को लेकर धर्म विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया था, जिससे दुर्गोत्सव समित के एक पदाधिकारी का सिर फूट गया था। मां दुर्गा की छोटी मूर्ति खंडित हो गई थी। इसके बाद विहिप बजरंग दल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नावरा पुलिस चौकी का घेराव कर दिया था।   सूचना मिलने पर नेपा विधायक मंजू दादू, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे थे। भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण रात करीब एक बजे तक गांव छावनी में तब्दील था। मामला शांत होने के बाद भी कुछ पुलिस कर्मियों को गांव में अब भी तैनात किया गया है। इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला     नेपानगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी इरफान खान, लड्डू खान, शाकिर गुलाब, मुख्तयार लियाक़त, जलील रमजान, खालिक मोहम्मद, इलियास इशाक, अकील खान, हमिद हुसैन, सोएब सभी निवासी नयाखेड़ा के खिलाफ धारा 190, 191(2), 296, 299, 351(3) और 115(2) के तहत केस दर्ज किया है। रात में कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रामीणों को समझाइश देकर जवारों का विसर्जन कराया गया। खंडित मूर्ति को गुरुवार को प्रशासन के मौजूदगी में विसर्जित किया गया। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार का कहना है कि शांति भंग करने वाले आरोपितों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। नदीम किराना के पास हुई घटना     मुख्य शिकायतकर्ता मुकेश कीर ने पुलिस को बताया कि दोपहर बाद जैसे ही माता की मूर्ति और जवारे नदीम किराना दुकान के पास पहुंचे, इरफान खान ने गालियां देते हुए लाउड स्पीकर बंद करने के लिए कहा। मना करने पर उसने पत्थर चलाना शुरू कर दिया।     उसके बाद उसने समाज के अन्य लोगों को बुला लिया और सभी ने पथराव शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसके पिता ओमप्रकाश कीर से भी मारपीट की। इस दौरान दीपेश चौहान, शंकर चौहान सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

MP: बच्चे की शरारत से बड़ा हादसा, ट्रैक्टर नदी में गिरा, 7 की मौत

उज्जैन उज्जैन जिले में इंगोरिया के पास देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक ट्रैक्टर ट्राली चंबल नदी में गिर गई। हादसे में 8 लोग पानी में डूब गए। इनमें से 7 लोगों को बचा लिया गया और एक लापता है। घायल 4 लोगों को गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने बताया कि इंगोरिया के पास कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्राली में देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। वहां एक 12 वर्ष के बच्चे ने गलती से ट्रैक्टर की चाबी घुमा दी। इससे ट्रैक्टर चालू हो गया और आगे बढ़ गया, जिससे ट्रैक्टर नदी में गिर गया। इस दौरान ट्रैक्टर में सवार लोग भी पानी में गिर गए। तत्काल 7 लोगों को बचा लिया गया। एक व्यक्ति का लापता बताया जा रहा है, जिसकी खोजबीन जारी है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों के साथ बचाव अभियान में जुटी हुई है। 4 घायलों को गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया।   सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे में घायल हुए कुछ लोगों को इलाज के लिए गौतमपुरा अस्पताल भेजा गया है। तीन लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। जानकारी के मुताबिक इंगोरिया के पास ये लोग देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी हुई थी, इसी दौरान एक बच्चे ने ट्रैक्टर की चाबी घुमाकर उसे स्टार्ट कर लिया। इसके बाद ट्रैक्टर दौड़ पर और ट्राली सहित नदी में डूब गया।  

पंजाब सरकार की बड़ी सौगात: दिवाली से पहले कर्मचारियों की बढ़ी खुशी

चंडीगढ़ पंजाब के जल आपूर्ति और स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बुधवार को पंजाब भवन में विभाग के 15 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नवनियुक्त उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कैबिनेट मंत्री ने उन्हें ईमानदारी, समर्पण और दृढ़ता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग में इन उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी देकर पंजाब सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और उम्मीद है कि ये सभी उम्मीदवार अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और मेहनत से निभाएंगे और पंजाब के सर्वांगीण विकास में योगदान देंगे। बता दें कि पंजाब सरकार की अनुकंपा के आधार पर भर्ती नीति के तहत जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग में ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के खाली पदों पर 2 जूनियर नक्शा नवीस, 2 क्लर्क, 8 सेवादार, 1 सफाई सेवक और 2 हैल्पर (तकनीकी) नियुक्त किए गए हैं। इस अवसर पर जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग के प्रमुख सचिव नीलकंठ एस. अवध, विभाग की प्रमुख पल्लवी और मुख्य इंजीनियर भी उपस्थित थे।

1278 परिवारों को रोजगार से जोड़ा गांधी सेवा आश्रम, चंबल से उत्तराखंड-असम तक छाया मानवता का असर

मुरैना जौरा स्थित गांधी सेवा आश्रम में 53 साल पहले महात्मा गांधी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने बंदूकें डालकर आत्मसमर्पण किया था। यह आश्रम अब गांधीवादी विचारों की अलख ही नहीं जगा रहा, बल्कि मुरैना से लेकर दूसरे प्रांतों के गरीब परिवारों को रोजगार भी दे रहा है। चंबल से लेकर उत्तराखंड, बिहार और असम तक 1278 परिवारों को तीन दशक से भी ज्यादा समय से कुटीर उद्योगों से जोड़कर रोजी-रोटी मुहैया करवा रहा है। कहां-कहां मिला लोगों को रोजगार आश्रम जौरा से लेकर मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में 1130 परिवारों को साढ़े तीन दशक से रोजगार दे रहा है। इनमें 325 परिवार सूत कताई व खादी की बुनाई का काम कर रहे हैं। 805 परिवार मधुमक्खी पालन से आजीविका चला रहे हैं। इनके अलावा रोजगार की यह मुहिम उत्तराखंड में 50 परिवारों का भरण पोषण कर रही है। उत्तराखंड में यह परिवार कालीन बुनाई व अगरबत्ती बनाने का काम करते हैं। असम के 50 परिवार साड़ी, चादर व साफी बनाने का काम करते हैं, वहीं बिहार में गांधी सेवा आश्रम से जुड़कर 48 परिवार दौरी (बांस की टोकरी) बनाने का काम करते हैं। एक चक्की से शुरू हुआ रोजगार का चक्का आश्रम में सबसे पहले आटा चक्की लगाई गई थी। रोजगार की यह चक्की ऐसी चली कि गांधी सेवा आश्रम में आज खादी बनाने से लेकर सरसों तेल, मधुमक्खी पालन से शहद, केंचुआ खाद, स्वदेशी साबुन आदि सामान बनाए जा रहे हैं। यहां बनने वाले उत्पाद खादी ग्रामोद्योग, मप्र की जेलों में, पुलिस महकमे को, पुणे के प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, उज्जैन के बाल आश्रम सहित कई जगहों पर सप्लाई होते हैं। जिनकी बंदूक उगलती थी आग, वो बना रहे केंचुआ खाद आश्रम में काम करने वाले पूर्व दस्यु बहादुर सिंह कुशवाह माधौसिंह-हरिविलास गैंग के सबसे भरोसेमंद सदस्य थे। यह पूर्व दस्यु अब यहां केंचुआ खाद बनाने का प्रशिक्षण देकर किसानों को खाद बनाना सिखा रहा है। इसी तरह पूर्व दस्यु सोनेराम भी आश्रम से जुड़कर बागवानी का काम कर रहे हैं। आश्रम प्रबंधक प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को गांधीवादी विचारों से जोड़ने के साथ गरीब परिवारों को कुटीर उद्योगों के जरिए रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। आश्रम का प्रयास देश के अन्य राज्यों से भी धीरे-धीरे जुड़ रहा है। 27 सितंबर 1970 को बना था गांधी सेवा आश्रम गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव के प्रयासों से 14 अप्रैल 1972 को समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी प्रभावती देवी की मौजूदगी में गांधीजी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने आत्मसमर्पण किया था। जौरा में जिस जगह पर डकैतों ने आत्मसमर्पण किया, वहां 27 सितंबर 1970 को गांधी सेवा आश्रम बना था।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात में डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जताई शुभकामनाएं

रांची झारखंड के रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उपायुक्त ने मुख्य सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके नए पद के लिए हार्दिक शुभकामनाएं प्रकट कीं। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य रांची जिले के प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं की दिशा पर संवाद स्थापित करना था। भजंत्री ने इस अवसर पर मुख्य सचिव को जिले में चल रहे प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यों की जानकारी दी। भजंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव के मार्गदर्शन से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रणाली में सुधार आएगा, बल्कि जनसंपर्क और जनता की समस्याओं का समाधान भी और प्रभावी होगा। दोनों अधिकारियों ने रांची जिले के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की। विशेष रूप से जन शिकायतों के त्वरित निवारण और सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने भी रांची जिले के विकास में पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में नवीन तकनीकों के इस्तेमाल और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर विशेष बल दिया। साथ ही जनता की सहभागिता को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया

ग्रामीणों के लिए खुशी का अवसर: कृषि मंत्री ने CM ग्राम सेतु योजना के पुल का किया शिलान्यास

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के बेड़ों में केनाभिट्ठा नदी पर मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत एक उच्च स्तरीय पुल का बीते बुधवार को राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शिलान्यास किया। शिलान्यास समारोह में ग्रामीण लोग नाच-गाना कर खुशी जाहिर करते हुए उपस्थित थे। तिर्की ने ग्रामीणों की लंबे समय से इस पुल के निर्माण की मांग को पूरा किए जाने पर खुशी जताई। तिर्की ने बताया कि बारिश के मौसम में इस क्षेत्र में पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कत होती थी, साथ ही स्थानीय किसान भी इस परेशानी से प्रभावित होते थे। तिर्की ने कहा कि गठबंधन सरकार ने बेड़ों के लोगों को यह सौगात दी है, जिससे उनके आवागमन में सुधार होगा और खेती के कार्यों में आसानी होगी। तिर्की ने कहा कि सरकार क्षेत्र की जनता की मांगों और जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को लगातार लागू कर रही है और इस क्षेत्र में विकास का कार्य तेजी से हो रहा है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत निष्ठा भी जताई कि वे क्षेत्र की जनता के साथ पारिवारिक संबंध मानती हैं और उनका हर सुख-दुख खुद का मानती हैं। शिलान्यास कार्यक्रम में उप प्रमुख मुद्दसिर हक, जिला परिषद सदस्य बेरिनिका कच्छप, जगन्नाथ लोहरा, बीरेंद्र उरांव, बुधराम, दिनेश उरांव, राजेश सहाय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

ट्यूबवेल बिजली बिल भुगतान स्थगित, हरियाणा के किसानों की मौज बढ़ी

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों के भुगतान को दिसंबर तक स्थगित करने की घोषणा की है। विगत जुलाई तक के बकाया बिल अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अगले साल जनवरी तक भरे जा सकेंगे। इस राहत से लगभग सात लाख दस हजार किसान लाभान्वित होंगे। हरियाणा निवास पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और विधायक रणधीर पनिहार के साथ मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने फसली ऋण की वसूली स्थगित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ के कारण 50 प्रतिशत से अधिक फसलें नष्ट हुई हैं और उन क्षेत्रों के ऋणी किसानों की फसल खराबी 33 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां की सहकारी समितियों से खरीफ सीजन के चालू फसली ऋण की वसूली स्थगित की जाएगी। ऐसे किसानों को रबी सीजन की फसल के लिए नया फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस निर्णय से लगभग तीन लाख किसान लाभान्वित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारी वर्षा और जलभराव से क्षतिग्रस्त मकानों, घरेलू सामान को हुए नुकसान और मृत पशुओं के लिए प्रभावित 2,386 परिवारों के बैंक खातों में कुल चार करोड़ 72 लाख छह हजार रुपये हस्तांतरित किए। कुल 2,371 मकानों को हुए नुकसान के लिए चार करोड़ 67 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। वहीं, 13 पशुओं की मौत पर चार लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था, जिसमें 6,397 गांवों के पांच लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। सत्यापन कार्य प्रगति पर है। पानी से फसलें खराब हुए क्षेत्रों में प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक मुआवजा दिया जाएगा।   धान किसानों के खातों में 109 करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं। प्रदेश में 30 सितंबर तक पांच लाख टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 3.58 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। 187 टन बाजरा सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा और 4,970 टन व्यापारियों से खरीदा गया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 2,775 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य की खरीद संस्थाओं द्वारा बाजरा जिस भाव पर खरीदा जा रहा है, शेष की भरपाई सरकार करेगी। यदि किसी किसान का बाजरा खराब होने के कारण व्यापारियों द्वारा कम मूल्य पर खरीदा जाता है, तो सरकार भावांतर दर के तहत भुगतान करेगी।

हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल-कॉलेजों के लिए दिए नए निर्देश, जानें क्या बदला

चंडीगढ़ पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने कार्यालय में हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा जारी किए गए "हिंद की चादर नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी" के 350वें शहीदी पर्व संबंधी आधिकारिक लोगो को लगाया है। बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी, भाई दयाला जी, भाई मतीदास जी और भाई सतीदास जी के 350वें शहीदी पर्व को लेकर देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में एक विशेष आधिकारिक लोगो भी जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि यह लोगो अगले एक साल तक सभी सरकारी दफ्तरों, आधिकारिक डाक और संस्थानों में प्रमुख रूप से लगाया जाएगा। इसके साथ ही इसकी मर्यादा और पवित्रता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके अधीन आने वाले सभी विभागों को इस लोगो का एचडी प्रिंट जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने अपने अधीन आने वाले विभागों के प्रमुखों, सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के मुखियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने दफ्तरों में इस लोगो को प्रमुख स्थान पर लगाएं।