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कोयला घोटाला: सौम्या चौरसिया के निज सचिव की गिरफ्तारी, EOW ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में EOW ने कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को कई जगहों पर छापेमारी के बाद सोमवार को पूर्व IAS सौम्या चौरसिया के निज सचिव रहे जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर ACB/EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया है. जयचंद कोसले पर आरोप है कि उन्होंने सौम्या चौरसिया का निज सचिव रहते हुए कोल घोटाले से 50 लाख रुपए कमाया है. EOW आय कोर्ट से जयचंद को 14 दिन के पुलिस रिमांड में लेने का प्रयास कर रही है. प्रदेश में कुल 10 ठिकानों पर रेड बता दें, आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने ‘शराब घोटाला’ और ‘कोयला घोटाला’ मामलों में  रविवार की सुबह राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की. राजधानी रायपुर में शराब कारोबारी अवधेश यादव और उनके सहयोगियों के छत्तीसगढ़ स्थित 3 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की. इसके अलावा सौम्या चौरसिया के निजी सहायक रहे जयचंद कोसले के सभी ठिकानों पर भी दबिश कार्रवाई पूरी कर ली गई है. दोनों घोटालों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, नगदी और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए जिनकी जांच फिलहाल जारी है. साथ ही यह कार्रवाई सुबह से रात लगभग 11ः30 बजे तक चली. रेड कार्रवाई के दूसरे दिन आज जयचंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है. क्या है कोयला घोटाला मामला ? ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की. जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई. 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया गया था. खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने आदेश जारी किया था. यह परमिट कोल परिवहन में कोल व्यापारियों को दिया जाता है. पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया. इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी. इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपये की वसूली की गई. कहां खर्च की अवैध कमाई जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया. साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्‍तेमाल किया गया. आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा. क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला? ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था. उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके. इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फ़िल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था. ईडी ने अपनी जांच के बाद यह बताया है कि यह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी, फिर भी नियमों में संशोधन करके यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया था. ईडी के टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से भारी कमीशन लिया गया था. यह जानकारी सामने आने के बाद जब कंपनी के मालिक विधु गुप्ता को ईडी ने गिरफ्तार किया तो उसने कांग्रेस सरकार में CSMCL में एमडी अरुणपति त्रिपाठी, बिजनेसमैन अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा का नाम लिया. ED ने जब इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो मामले में और भी खुलासे होने लगे. इसके बाद साल 2024 के अंत में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम सामने आया. सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिलाता था.

CGPSC परीक्षा घोटाला: रिटायर्ड IAS सहित पांचों आरोपी CBI कोर्ट में हुए पेश

रायपुर CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. पांचों आरोपी पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव, सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को सीबीईओ ने गिरफ्तार किया. कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर सभी को सीबीआई रिमांड पर सौंपा था. आज रिमांड पूरी होने पर फिर से सभी को कोर्ट में पेश किया गया है. इससे पहले 7 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई ने आज लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव समेत निशा कोसले, दीपा आदिल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीबीआई ने 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष के भतीजे, डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित) और ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, सीजीपीएससी) शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी को शशांक गोयल और भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित) और साहिल सोनवानी (डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित) को गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं. जानें क्या है सीजीपीएससी घोटोला सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया. इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई. जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया. वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में आज सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र के अबूझमाड़ में मुठभेड़ हुई। सुबह से शुरू जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान माओवादियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों और पुलिस को अब तक घटना स्थल से दो पुरुष माओवादियों के शव के साथ हथियार बरामद हुए हैं। माओवादियों से एक एके-47 राइफल, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार-प्रसार सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जब्त की है। मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। सर्च अभियान अभी भी जारी है। अभियान पूर्ण होने पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

जंगल के पास हाथी ने ग्रामीण को सूंड से उठाकर पटका, मौके पर जान गई

कोरबा खेत में काम कर घर लौट रहे ग्रामीण का सामना लोनर हाथी से हो गया. वह भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचता, इससे पहले दंतैल ने सूंड से पकड़कर ग्रामीण को जमीन पर पटक दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत तनेरा ग्राम के गोरिल्ला डांड़ की है. जानकरी के मुताबिक, धन सिंह गोंड़ 45 वर्ष परिवार सहित निवास करता था. धनसिंह रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे खेत के समीप जंगल से जलाऊ लकड़ी लेकर घर लौट रहा था. इसी दौरान उसका सामना लोनर हाथी से हो गया. धन सिंह दंतैल से अपनी जान बचाकर भाग रहा था. वह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दंतैल ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया. इससे उसकी मौत हो गई. पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि हमला करने वाले हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया है. ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी ली गई. आगे की कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने की समझाइश दी गई है. वन विभाग की ओर से नियमों के मुताबिक, पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि दी गई है. वहीं हाथी के दहशत में गुजर-बसर कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे.

बाबा बागेश्वर का नवरात्रि संदेश: इस बार लेना होगा बड़ा प्रण

छतरपुर  नवरात्र के पावन अवसर पर बाबा बागेश्वर ने भक्तों को एक खास संदेश दिया. बाबा ने कहा कि इस नवरात्र में हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि भारत में हो रहे लव जिहाद को रोकें. उनका कहना था कि सनातन धर्म की बेटियां सुरक्षित रहें, हमारी परंपराओं पर कोई आंच न आए, यही हमारी जिम्मेदारी है. बाबा बागेश्वर का संकल्प भक्तों की भीड़ बाबा के आसपास उमड़ पड़ी और उन्होंने ध्यानपूर्वक सुना. बाबा बागेश्वर ने भावुक होकर कहा, “हमारे देश की बेटियां हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं. उन्हें बचाना हम सबका कर्तव्य है. जब तक हम जागरूक नहीं होंगे, विदेशी ताकतें हमारी परंपराओं में सेंध लगाती रहेंगी.” इस मौके पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भी उपस्थित थे. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हे भगवती, इस नवरात्र में हम सब यह वचन ले रहे हैं कि लव जिहाद जैसी घटनाओं को हम पूरी ताकत से रोकेंगे. हमारा जीवन चाहे जैसा भी हो, वह सनातन धर्म की सेवा में समर्पित रहेगा.” धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू हज नहीं जाते, तो मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में बवाल मचा हुआ है. छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते हैं, तो मुस्लिमों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए.  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजिकों को सलाह दी है कि गरबा समारोह के मुख्य दरवाजे पर छिड़कने के लिए गोमूत्र रखना चाहिए. यह बात बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित धार्मिक स्थल बंबरबेनी माता के दर्शन करने के दौरान कही.  मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि गैर-हिंदुओं का भी नवरात्रि उत्सव और 'गरबा' नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने और आरती करने जैसे नियमों का पालन करें.   विधायक शर्मा ने कहा कि अगर मुसलमान या ईसाई फिर से देवी की पूजा करना चाहते हैं, तो उन्हें एक चम्मच गंगाजल पीने और तुलसी का पत्ता खाने पर हिंदू धर्म में स्वीकार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अभी ऐसा कर सकते हैं क्योंकि "सभी का DNA हिंदू है". हालांकि, भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई गरबा स्थलों पर (प्रवेश पाने के लिए) छल करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. देवी दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक जीवंत नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं. विश्व हिंदू परिषद  सहित कई हिंदूवादी संगठन ऐसे आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करते रहे हैं ताकि 'लव जिहाद' के प्रयासों को रोका जा सके. बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता भक्तों ने बाबा के शब्दों को अपने दिल में जगह दी और कई लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि बेटियां सुरक्षित रहें और सनातन धर्म की परंपराएं मजबूती से बनी रहें. बाबा बागेश्वर ने कहा कि नवरात्र सिर्फ मां भगवती की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा समय है जब हम अपने जीवन में अच्छे संस्कार, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए संकल्प लें. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सही शिक्षा दें, समाज में जागरूकता फैलाएं और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इस अवसर पर भक्तों ने मिलकर माता की आराधना की, मंत्र पढ़े और संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों को निभाने में पीछे नहीं हटेंगे. नवरात्र का यह पर्व अब केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देने वाला पर्व बन गया है.

देश का पहला कॉस्मेटिक लेजर इंस्टिट्यूट जयपुर में, लेजर तकनीक की नई क्रांति

जयपुर  राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे रहें हैं. इसको लेकर अस्पताल के अलग-अलग विभागों में बीमारियों के लिए इंस्टीट्यूट और सेंटर शुरू किए जा रहे हैं. हाल ही में सवाई मानसिंह अस्पताल में जेनेटिक टेस्टिंग लैब और टॉक्सिकोलॉजी लैब की शुरुआत की गई थी.अब इस अस्पताल में खूबसूरत दिखने की चाह रखने वालों और चर्म रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए देश का पहला सरकारी कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी की शुरुआत होने वाली है. कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी की शुरूआत होने के बाद चर्म रोग से संबंधित बिमारियों के मरीजों को इसका सबसे ज्यादा फायदा लाभ मिलेगा. सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन में 7 करोड़ रुपए की लागत से इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी तैयार हो गया है, जो 3 महीने में शुरू हो जाएगा. इंस्टीट्यूट में झड़ते  बालों को दोबारा उगाने, चेहरे पर मस्से हटाने, अनचाहे बालों को खत्म करने, बालों की ग्रोथ बढ़ाने, घाव भरने, सफेद दाग, जन्म से बने दाग-धब्बों, टेंटू और पिगमेंटेशन जैसी सभी प्रकार की परेशानियों का इलाज एक्साइमर तकनीक से होगा. इन खास मशीनों से होगा चर्म रोग का इलाज  सवाई मानसिंह अस्पताल में तैयार हो रहे इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में इलाज के लिए खासतौर पर लेजर और कॉस्मेटिक प्रोसिजर से जुड़े सभी लोगों का इलाज आधुनिक मशीनों से बेहतर तरीके से होगा. जिसमें चमड़ी पर रोगों की गहराई से जांच के लिए डर्मास्कोप, बाल झड़ने का कारण, मोटाई और स्कैल्प की जांच के लिए ट्राइकोस्कोप, स्कीन से अनचाहे बाल हटाने लिए डायोड लेजर, चेहरे के खड्डे भरने और मस्से हटाने के लिए फ्रेक्शनल कार्बन डाइ ऑक्साइड, सफेद दागों का इलाज, फोटोथेरेपी, टेटू और बर्थमार्क जैसे चिन्हों को हटाने के लिए एनडी-याग लेजर से इलाज की सुविधा लोगों को यहां मिलेगी. चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी संस्थान सरकारी स्तर पर देश का पहला और विदेश स्तर पर लंदन के बाद दूसरा इंस्टीट्यूट होगा. इंस्टीट्यूट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना है, जहां इलाज के साथ डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी. सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल के चर्म रोग विभाग में हर साल करीब चार लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं. बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी शुरू की जा रही है.  इसके बाद लाखों लोगों को हर साल इसका फायदा मिलेगा. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद लोगों को ख़ासतौर पर सफेद दाग के लिए एक्साइमर से आसान इलाज के साथ रिसर्च सुविधा, रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहतरीन दवाईयां उपलब्ध होगी. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद निजी कॉस्मेटिक सेंटर्स पर महंगा इलाज से राहत मिलेगी और पैसे की बचत भी होगी. इंस्टीट्यूट में लोगों के लिए सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिलेगी. अभी फिलहाल चरक भवन के इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में फर्नीचर इंस्टालेशन और अन्य तमाम कार्य चल रहे हैं, जो जल्द ही पूरे हो जाएंगे.

अब ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाएं बिना लाइन के: 51 फेसलेस सुविधाएं, प्रदूषण जांच के लिए 600 केंद्र उपलब्ध

भोपाल  परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है। प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है। पारदर्शिता के उपाय परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।  

हजार साल पुरानी परंपरा: इस मंदिर में नवरात्र के दौरान महिलाओं का प्रवेश निषेध

नालंदा शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। जगह-जगह माता रानी के जयकारे गूंज रहे हैं और भक्तगण पूजा-अर्चना में लीन हैं। लेकिन नालंदा जिले के प्रसिद्ध मां आशापुरी मंदिर में आज भी एक अनूठी और सदियों पुरानी परंपरा का पालन किया जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित रहता है। गिरियक प्रखंड के घोसरावां गांव स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मंदिर परिसर में भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती। यही नहीं, पुरुष श्रद्धालुओं के लिए भी इन नौ दिनों में गर्भगृह के दर्शन वर्जित रहते हैं। मंदिर के पुजारी जनार्दन उपाध्याय के मुताबिक, यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है। तांत्रिक अनुष्ठानों के कारण होता है ऐसा पुजारियों का कहना है कि नवरात्रि में होने वाली साधनाएं तंत्र-मंत्र पर आधारित होती हैं, जिनके प्रभाव से नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान यदि महिलाएं उपस्थित हों तो उन पर इन शक्तियों का असर हो सकता है और पूजन विधि में विघ्न उत्पन्न हो सकता है। नवरात्रि के अंतिम दिन विशेष हवन के आयोजन के बाद ही मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। तब जाकर महिलाओं और पुरुषों को गर्भगृह के दर्शन का अवसर मिलता है। इस हवन का उद्देश्य मंदिर की ऊर्जा को शुद्ध करना होता है। नौवीं शताब्दी से चली आ रही परंपरा स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से यह परंपरा चली आ रही है। यहां शारदीय नवरात्र में महिलाओं को प्रवेश नहीं करने दिया जाता है। जानकार बतातें हैं कि आशापूरी मंदिर में महिलाओं का नवरात्र में प्रवेश पर रोक पहली बार नौवीं शताब्दी में लगाई गई थी। उस समय यह क्षेत्र विश्व के प्रमुख बौद्ध साधना केंद्रों में से एक था। बौद्ध भिक्षु और तांत्रिक साधक यहां आकर गहन साधना किया करते थे। नवरात्रि के दौरान तांत्रिक अनुष्ठान की परंपरा तब से ही बनी हुई है। माना जाता है कि मां आशापुरी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, इसी कारण इस मंदिर को 'आशापुरी' कहा जाता है। बिहार ही नहीं, बंगाल, झारखंड और ओडिशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा का विधान बता दें कि आदिशक्ति की उपासना का पावन पर्व नवरात्रि आज यानी 22  सितंबर से आरंभ हो गया है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा का विधान है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की साधना भक्तों को शक्ति और आत्मबल प्रदान करती हैं। मां शैलपुत्री की आराधना करने से सांसारिक सुख और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और साधक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है।  

जीएसटी सुधार लागू, ओपी चौधरी ने कहा- PM मोदी के नेतृत्व में ही संभव

रायपुर पूरे देश में आज से गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स (GST) रिफॉर्म लागू हो गया है. दिवाली पर्व से पहले उपभोक्ताओं को मिली सौगात से बाजार गुलजार हो गया है. जीएसटी रिफॉर्म को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आज से GST की नई दरें लागू होगी. कई समान सस्ते होंगे. GST 2.O रिफार्म के माध्यम से पीएम मोदी और निर्मला सीता रमन ने देश के 140 करोड़ जनता को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है. 12 लाख तक की इनकम टैक्स छूट के बाद सरकार ने अब इससे भी बड़ा तोहफ़ा सभी वर्गों के लोगों को दिया है. रोज़मर्रा की जरूरत की चीज़ें जैसे तेल, शैम्पू, साबुन, टूथब्रश, इसके साथ ही एसी, फ्रिज, टीवी और किसानों के लिए ट्रैक्टर और कृषि यंत्र पर दाम घटा दिए गए हैं. इस ऐतिहासिक फैसले से आम जनता की बचत बढ़ेगी और उनकी क्रय शक्ति (पर्चेसिंग पावर) मजबूत होगी. अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी. ऐसा सिर्फ PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो सकता है. साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि जिन श्रेणियों में कीमतें कम की गई हैं, उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए. प्रदेशवासियों को नवरात्री पर्व की दी बधाई वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्री की आज से शुरुआत होने जा रही है. यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं, ऐसा भाव हमारी संस्कृति में रहा है. इस अवसर पर में सभी मातृ शक्ति को प्रणाम है. मातृ शक्ति के प्रति हमारी सरकार समर्पित है. जिसका एक उदाहरण हमारी महत्वकांशी योजना महतारी वंदन योजना है. इस योजना के लाभान्वित हो रही माताएं सारंगढ़ जिले के दानसरा गांव में श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही है. योजना का पैसा आज प्रदेश की 70 लाख महतरियों को मिलने से मातृ शक्ति को नया आत्मविश्वास और ऊर्जा मिली है. उन्होंने आगे कहा कि जिन माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें ग्रामीण बैंक के माध्यम से मातृ शक्ति ऋण योजना के तहत बिना मॉर्गेज के केवल एक प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 25,000 रुपए तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस राशि का उपयोग वह सिलाई मशीन खरीदने, छोटा व्यवसाय शुरू करने या किराना दुकान चलाने के लिए कर सकती हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा में राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया

मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर प्रदान कर रही है नवकरणीय ऊर्जा विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा भारत और मध्यप्रदेश 5 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को वर्चुअली किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने का दिया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री  मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था अब दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारी मातृभूमि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र बन चुकी है। भारत आज ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, आईटी, कृषि, फार्मा, रक्षा और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है एवं भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो और 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य रखा है। देश 251.5 गीगावाट नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को पार कर चुका है और सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता में 100 गीगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और स्मार्ट ग्रिड जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और सतत् दिशा प्रदान की है। परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अनूठी उपस्थिति के साथ देश के प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। यहाँ देश का सबसे बड़ा 'सौर पार्क' रीवा में स्थापित है, जो दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण उपक्रमों को ऊर्जा प्रदान करता हैं। साथ ही सांची शहर को देश का पहला सोलर सिटी बनाया गया है और ओमकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत है। नीमच में भारत का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण क्षमता के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाता है।