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अब स्कूलों पर भी लागू होगा ESI एक्ट, हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

रायपुर राज्य के निजी, सहायता प्राप्त और आंशिक सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर भी कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 (ईएसआई एक्ट) लागू होगा. यह फैसला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश के विभिन्न स्कूलों द्वारा ईएसआई अंशदान से बचने के लिए दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया है. स्कूलों की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसमें आए फैसले के बाद अब प्रदेश के 8 हजार से अधिक स्कूलों को ईएसआई एक्ट का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा. दरअसल, राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर 2005 को एक अधिसूचना जारी कर शिक्षा संस्थानों को भी ईएसआई एक्ट के दायरे में लाने का फैसला किया था. इसके तहत जिन स्कूलों में 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें 1 अप्रैल 2006 से इस अधिनियम के तहत अंशदान देना अनिवार्य किया गया था. कई स्कूलों ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं. लेकिन अब कोर्ट के फैसले के बाद इन याचिकाओं को निरस्त कर दिया गया है, और सभी संबंधित संस्थानों को ईएसआई में पंजीकरण और अंशदान देना होगा. छत्तीसगढ़ में सत्र 2024-25 की स्थिति में कुल 56802 स्कूल हैं, जिनमें से 7382 निजी, 413 अनुदान प्राप्त और 180 अन्य स्कूल हैं. इस फैसले से प्रदेश के करीब 7975 निजी और अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थान ईएसआई के दायरे में आ जाएंगे, जिससे इन संस्थानों में कार्यरत 96,500 से अधिक शिक्षण कर्मचारी और 50 हजार से ज्यादा गैर-शिक्षण कर्मचारी को बीमारी, मातृत्व और दुर्घटना की स्थिति में कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी. सरकार ने दी बड़ी दलील सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और ईएसआईसी की तरफ से दलील दी गई कि अधिनियम का उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देना है, न कि केवल औद्योगिक संस्थानों तक सीमित रहना. 20 से अधिक कर्मचारियों वाले किसी भी प्रतिष्ठान पर यह कानून लागू किया जा सकता है. सरकार का तर्क था कि यदि इस अधिनियम को शिक्षा संस्थानों से बाहर रखा गया, तो हजारों कर्मचारी अपने कानूनी अधिकारों और लाभों से वंचित रह जाएंगे.

बालाघाट में तेज रफ्तार पर सख्ती, ROB पर लगे CCTV से स्पीड पर रखी जाएगी नजर

बालाघाट  सरेखा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) शुरू होते ही युवा यहां फर्राटा भर रहे हैं। इससे अन्य राहगीरों के लिए खतरा बढ़ रहा है। अब यातायात पुलिस वाहनों की गति को नियंत्रित करने की तैयारी में है। ब्रिज की तीनों दिशाओं में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इससे उन वाहन चालकों की पहचान होगी, जो ब्रिज पर स्टंटबाजी या हाई स्पीड में गाड़ी चला रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा साइन बोर्ड लगाए जाएंगे ब्रिज पर 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अधिक गति में वाहन चलाने वालों को ई-चालान भेजे जाएंगे। यातायात थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि यहां बेरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुन सिंह सनोडिया का कहना है कि गति नियंत्रण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा व्हाइट स्ट्रिप बनाई जाएगी। ‘ पत्र लिखकर बसों को न चलाने का निर्देश वाय’ आकार में बने इस ब्रिज के एक छोर (हनुमान चौक) को तीन सितंबर को शुरू किया गया है, जबकि दूसरा छोर (बैहर बायपास) दो महीने पहले शुरू किया गया था। हनुमान चौक वाले छोर पर अभी हल्के वाहनों (कार, दो पहिया वाहन) को ही आवागमन की अनुमति है। यातायात पुलिस ने जिला बस एसोसिएशन को पत्र लिखकर बसों को न चलाने के लिए निर्देशित किया है।

ऑपरेशन सक्सेसफुल: जवानों ने मुठभेड़ में 2 नक्सलियों को किया ढेर, हथियार मिले

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इस मुठभेड़ में जवानों ने 2 नक्सलियों को ढेर कर बड़ी सफलता हासिल की है. बासागुड़ा थाना और गंगालूर थाना की सीमा पर दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है. बीजापुर एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह से जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इस मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है. इलाके में अभी रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है. जवानों ने मौके से मारे गए नक्सलियों के शव और हथियार 303 रायफल को बरामद किया है.

मुख्यमंत्री साय बोले – पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 2027 तक 5 लाख हितग्राहियों को किया जाएगा लाभान्वित

छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य, देश में प्रति व्यक्ति बिजली खपत में छत्तीसगढ़ काफी आगे रायपुर, छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च 2027 तक प्रदेश के 1 लाख 30 हजार घरों की छतों पर सौर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन हमारा प्रयास इससे भी आगे बढ़कर इसे 5 लाख छतों तक पहुँचाने का है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बड़ी सब्सिडी दी जा रही है। 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने पर 30 हजार से लेकर 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इससे उपभोक्ताओं को कुल लागत का 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित 97वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस “फोरम ऑफ रेगुलेटर्स” को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम अपने राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। इन 25 वर्षों में हमारी उत्पादन क्षमता करीब 30,000 मेगावाट तक पहुँच गई है। स्टेट सेक्टर, निजी क्षेत्र और केंद्रीय सेक्टर की भागीदारी से आज छत्तीसगढ़ की धरती से 30 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। हाल ही में हमने 32 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता वाले बिजलीघरों की स्थापना के लिए एमओयू किए हैं। इनमें ताप विद्युत, पंप स्टोरेज, परमाणु, बैटरी स्टोरेज और सौर ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में 60 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन करने वाला राज्य बनने का है। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में छत्तीसगढ़ देश से काफी आगे है। यहाँ खपत 2,211 यूनिट है, जबकि भारत में यह औसत केवल 1,255 यूनिट है। छत्तीसगढ़ अपनी आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हम अपने राज्य के साथ ही पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दो दिन पहले ही हमने कैबिनेट बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2030 तक लागू रहने वाली नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को औद्योगिक नीति में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्षगण, पदाधिकारियों और विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति के लिए जो गहन विचार-विमर्श हुआ है, इसका उपभोक्ताओं सहित हम सभी को दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुनने हेतु विशेष आभार भी प्रकट किया। इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष  जिश्नु बरुआ, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव  रोहित यादव सहित राज्य विद्युत नियामक आयोग के अन्य सदस्य एवं अन्य राज्यों से आए सदस्यगण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य में सुधार: पंजाब के मुख्यमंत्री मान डिस्चार्ज

चंडीगढ  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को बृहस्पतिवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मान को पांच सितंबर को थकान और हृदय गति सामान्य नहीं होने की शिकायत के बाद मोहाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को कहा था कि मान की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अस्पताल से बाहर निकलते समय मुख्यमंत्री ने लोगों की ओर हाथ हिलाया और हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अस्पताल से ही ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ के माध्यम से मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की थी। मान स्वास्थ्य कारणों से आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर भी नहीं जा सके थे।

अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर,  छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने वाले राज्योत्सव पर भारतीय वायु सेना का शौर्य प्रदर्शन होगा। सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम आसमान में आकर्षक करतब दिखायेगी। इस शौर्य प्रदर्शन में वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे। अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में राज्योत्सव की तैयारियां को लेकर आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में विमानन विभाग एवं वायु सेना के अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की। अपर मुख्य सचिव साहू ने वायु सेना के शौर्य प्रदर्शन के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों को तैयारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में लोक निर्माण, परिवहन, संस्कृति, जनसंपर्क, गृह और सामान्य प्रशासन विभाग सहित जिला प्रशासन रायपुर के अधिकारी शामिल हुए।

इस जिले में पुलिस महकमे में हड़कंप! 78 पुलिसकर्मियों की नई पोस्टिंग, 29 दरोगा भी शामिल

सुलतानपुर  उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने विभाग में व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किए हैं। इस फेरबदल में 29 दरोगा समेत 78 पुलिसकर्मियों को नई तैनाती मिली। एसपी ने ट्रांसफर के आदेश का तत्काल पालन कराने का निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारी नई तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करने को कहा है। सुलतानपुर पुलिस लाइन से 29 उपनिरीक्षकों (दरोगा) को जिले के विभिन्न थानों में भेजा गया है। इनमें कोतवाली नगर, लम्भुआ थाना, अखंडनगर थाना, कादीपुर समेत कई थाने शामिल हैं। स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सुनील कुमार, मेवालाल भारती, नंदलाल, विनोद मिश्र, शिव बहादुर सिंह समेत कई वरिष्ठ उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके साथ ही 27 दीवान (हेड कांस्टेबल) और 22 आरक्षियों (सिपाही) को भी विभिन्न थानों में नई तैनाती दी गई है। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने ट्रांसफर कर मुख्य आरक्षी शाहिद खान को थाना लम्भुआ, रंजीत सिंह रावत को थाना सन्मुआ और शाहनवाज अहमद को थाना चौदा भेजा दिया है। इसके साथ ही लक्ष्मीराम और राजेंद्र प्रताप सिंह को शिवगढ़ थाने में तैनात किया गया है। वहीं पुलिस कोतवाली देहात में रुद्रमणि यादव और शिवशंकर, थाना कोठनगर में महेंद्र सिंह, फतेहपुर में रंजीत कुमार की तैनाती की गई है। बंधुआकला थाने में मो. फरहान खान, राघवेंद्र सिंह और हवलदार राम को भेजा गया है। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अनुपालन आख्या पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कार्यालय में जमा करनी होगी।  

रायपुर रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट काउंटर बदला, अब यहां मिलेगा टिकट

रायपुर रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित टिकट काउंटर को रेलवे आरक्षण केंद्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यानी अब कुछ दिनों बाद यात्रियों को मिलने वाली जनरल टिकट आरक्षण केंद्र के अंदर से ही मिलेगी. तब तक यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए रेलवे के वाणिज्य विभाग ने व्यापक व्यवस्था की है. वाणिज्य विभाग के अधिकारियों, निरीक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा भीड़ की लगातार निगरानी की जा रही है. जानकारी के मुताबिक अब तक एक काउंटर को शिफ्ट किया गया है, जिसके बदले तीन अतिरिक्त ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) और चार मोबाइल टिकट सुविधा प्रदान करने वाले कर्मचारियों को तैनात किया गया है. अगले 24 घंटों में एक और एटीवीएम शिफ्ट किया जाएगा, जबकि 48 घंटों में दूसरा एटीवीएम और 48 से 72 घंटों के भीतर सभी अनारक्षित टिकट काउंटर रेलवे आरक्षण केंद्र में पूरी तरह स्थानांतरित हो जाएंगे. यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वाणिज्य विभाग के कंट्रोल रूम में हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है. इसके अलावा, 24×7 मुख्य वाणिज्य निरीक्षक और चीफ सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी स्वयं स्थिति का जायजा ले रहे हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर घंटे समीक्षा कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश के लिए अलर्ट: 15 और 16 सितंबर को भारी बारिश का तांडव होने वाला है

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश का दौर थम गया है। हालांकि, गुरुवार को बालाघाट के मलाजखंड में भारी बारिश हुई। नर्मदापुरम, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग की मानें तो मध्यप्रदेश में अगले 2 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जरूर रह सकता है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 15-16 सितंबर से नया सिस्टम बनने के बाद फिर से पूरे प्रदेश में तूफानी बारिश(Heavy Rain) का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग की मानें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में 14 और 15 सितंबर और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 15 से 17 सितंबर तक अतिभारी बारिश की संभावना है। मौजूदा समय में प्रदेश में कोई सिस्टम एक्टिव नहीं है। वहीं 15 सितंबर से नया सिस्टम बन सकता है। जिसके बाद एक बार फिर से पूरा प्रदेश भीगने की संभावना है।मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जरूर रह सकता है। 15-16 सितंबर से नया सिस्टम बनने के बाद फिर से पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू होगा । जानकारी के मुताबिक, भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। एमपी में कोटे से 4.4 इंच ज्यादा बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 34.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.6 इंच पानी ज्यादा गिर गया है। 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच बारिश हो चुकी है। मंडला में 57 इंच, श्योपुर में 56.3 इंच, शिवपुरी में 54.3 इंच और अशोकनगर में 54.1 इंच पानी गिरा है। वहीं, खरगोन में सबसे कम 25.7 इंच बारिश हो चुकी है। बुरहानपुर में 25.9 इंच, खंडवा में 26.8 इंच, शाजापुर में 26.8 इंच और बड़वानी में 26.9 इंच बारिश हुई है।

हाई कोर्ट का फैसला: कांकेर सांसद की आपत्तियां खारिज, चुनाव याचिका पर सुनवाई जारी

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग की ओर से दायर उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी. न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने 11 सितंबर को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य पेश किए हैं, इसलिए मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है. क्या है पूरा मामला? कांकेर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग के खिलाफ कांकेर निवासी बिरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को चुनाव याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान की मांग की थी. याचिका में आरोप है कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी व छेड़छाड़, वोटिंग डेटा के प्रसारण में देरी और वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं हुईं. कई मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान और गई. गिनती की मांग की याचिकाकर्ता ने गोंडरदेही, डोंडी लोहारा और कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर वोटों के अंतर और डेटा ट्रांसमिशन में हेरफेर की आशंका जताई है. सांसद नाग ने जताई आपत्ति निर्वाचित सांसद भोजराज नाग ने दलील दी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है, इसलिए यह रिपजेंटेशन आफ पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन है और इसे खारिज किया जाना चाहिए. साथ ही चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. याचिका वकील के जरिए दाखिल की गई, जबकि कानून के मुताबिक उम्मीदवार को खुद याचिका दाखिल करनी चाहिए. तीन नवंबर को होगी अगली सुनवाई हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर 2025 को निर्धारित की है. अब अदालत याचिकाकर्ता के आरोपों और साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर यह तय करेगी कि कांकेर लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम बरकरार रहेगा या नहीं. क्या कहा कोर्ट ने कोर्ट ने कहा कि याचिका में सभी आवश्यक तथ्य और साक्ष्य मौजूद हैं. याचिकाकर्ता ने स्पष्ट रूप से ईवीएम में गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं का जिक्र किया है, जो विस्तृत सुनवाई योग्य हैं. न्यायालय ने साफ किया कि चुनाव आयोग को पक्षकार बनाने की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है और याचिका धारा 81, 82, 83 के अनुरूप है. याचिका बीरेश ठाकुर ने विधिवत रूप से दाखिल की है, सभी पन्नों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं. सांसद भोजराम की आपत्ति में दम नहीं, इसलिए याचिका खारिज नहीं की जा सकती.