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अवैध संपत्ति की जांच में SVU ने मारा छापा, शिक्षा विभाग के अधिकारी हुए निशाने पर

मुजफ्फरपुर/पटना विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गुरुवार को शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय उप-शिक्षा निदेशक बीरेन्द्र नारायण के ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, बीरेन्द्र नारायण के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान लगभग 3.75 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक है। उनके खिलाफ कांड संख्या-18/2025 दर्ज किया गया है। यह केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(b), 13(2), 12 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2)(a) के तहत दर्ज किया गया है। छापेमारी एक साथ पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया स्थित उनके कई ठिकानों पर की गई है। फिलहाल निगरानी टीम दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े कागजात की गहन जांच कर रही है। लगाए गए हैं ये आरोप जांच में सामने आया है कि बीरेन्द्र नारायण ने अपने सेवाकाल के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए 3 करोड़ 75 लाख 66 हजार 92 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से कहीं अधिक है। इन जगहों पर की जा रही है छापेमारी विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना से प्राप्त वारंट के आधार पर आज एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इनमें शामिल हैं –     तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर स्थित उप-शिक्षा निदेशक का कार्यालय     मुजफ्फरपुर स्थित आवास     पटना के जगनपुरा (पटना सेंट्रल स्कूल के पास) स्थित आवास     पैतृक आवास, ड्राईवर टोला, रामबाग, पूर्णिया इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए विशेष निगरानी इकाई, बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद ने बताया कि छापेमारी अभी जारी है और अवैध संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार विरोधी फ्रंट का आरोप: समराला के लोग झेल रहे हैं असहनीय परिस्थितियाँ

समराला  भ्रष्टाचार विरोधी फ्रंट समराला की मासिक बैठक संरक्षक कमांडेंट रछपाल सिंह और प्रधान अमरजीत सिंह बालिओं की अध्यक्षता में स्थानीय ‘बागी भवन’ में हुई। बैठक में कामरेड जगजीत सिंह बागी के दामाद दविंदर सिंह जटाना विशेष तौर पर रोपड़ से पहुंचे। बैठक के दौरान वक्ताओं ने शहर की समस्याओं का गंभीर संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि समराला प्रशासन और नगर कौंसिल का कामकाज बेहद खराब है। शहर की प्रमुख समस्याओं में ट्रैफिक की दिक्कतें, समराला-खन्ना और माछीवाड़ा रोड की खराब हालत, मेन चौक पर पड़े बड़े गड्ढे, दुकानदारों द्वारा बाजार में किए गए अवैध कब्जे, एसडीएम कार्यालय के सामने जमा बरसात का पानी, कचहरियों के मुख्य द्वार और एसडीएम कार्यालय व कचहरियों की दीवारों के साथ उगा हुआ बड़ा-बड़ा घास शामिल है।  नगर कौंसिल द्वारा बाजार से अवैध कब्जे हटाने के नाम पर की जा रही खानापूर्ति मज़ाक बनकर रह गई है। प्रधान अमरजीत सिंह बालिओं ने कहा कि इस समय पूरे पंजाब में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसरशाही अपने दफ्तरों से बाहर नहीं निकलती, अधिकारी और कर्मचारी किसी की सुनवाई नहीं करते। जनता के चुने प्रतिनिधि अपना वोट बैंक टूटने के डर और अपनी कुर्सी बचाने के लिए चुपचाप बैठे हैं। समराला शहरवासी नरक जैसी स्थिति झेलने को मजबूर हैं।

हरियाणा समेत कई राज्यों में 650 करोड़ रुपये के फर्जी GST ITC मामले में ED की दबिश

हरियाणा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 650 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट' से जुड़े धन शोधन मामले में बृहस्पतिवार को कई राज्यों में छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार संघीय जांच एजेंसी के गुवाहाटी कार्यालय द्वारा अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, तमिलनाडु और तेलंगाना में कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है।

प्रेशर IED के धमाके में दो जवान घायल, रायपुर की गई एयरलिफ्टिंग

रायपुर दंतेवाड़ा जिला के मालेवाही थाना क्षेत्र में आज सुबह सातधार पुल से आगे नक्सलियों द्वारा लगाए प्रेशर आईईडी के चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए. स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें रायपुर एयरलिफ्ट किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, आज सुबह सीआरपीएफ 195 वाहिनी की कम्पनी, 195 वाहिनी मुख्यालय से सातधार एवं मालेवाही के मध्य नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत एरिया डोमिनेशन एवं डिमाइनिंग की कार्रवाई के लिए रवाना हुए थे. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश घायल हो गए.

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी सफलता: 16 नक्सली ने थामा शस्त्र और जुड़ गए मुख्यधारा से

रायपुर नक्सल उन्मूलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार और भेदभाव से त्रस्त होकर घोर नक्सल प्रभावित लंका और डूंगा पंचायत में सक्रिय जनताना सरकार सदस्य (सीएनएम अध्यक्ष), पंचायत मिलिसिया डिप्टी कमांडर, पंचायत सरकार सदस्य, पंचायत मिलिसिया सदस्य और न्याय शाखा अध्यक्ष सहित 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वालों में ज्यादातर छोटे ओहदे वाले हैं, लेकिन ये नक्सलवाद को पोषित करने और बनाए रखने के लिए अहम किरदार निभाते हैं ये माओवादी लड़ाकू माओवादी नक्सलियों के लिए राशन और मेडिसन जैसे मूलभूत सामग्री उपलब्ध कराने का काम अवैतनिक तरीके से करते हैं. ये नक्सलियों के हथियार और सामग्रियों का परिवहन करते हैं, यही नहीं आईईडी लगाने, फोर्स मूवमेंट कि सूचना देने और फोर्स की रेकी करने जैसे कार्य प्रमुखता से करते हैं. स्पष्ट शब्दों में कहें तो ये नक्सलियों के लिए स्लीपर सेल की तरह भी काम करते हैं. नारायणपुर पुलिस अधीक्षक (IPS) रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को अच्छी जिंदगी जीने के लिये 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया. आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाई जाएगी. इस दौरान नारायणपुर एसपी आईपीएस रोबिनसन गुरिया ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके. उन्होंने कहा कि हम सभी नक्सलियों से अपील करते हैं कि बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें. अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है, जहां वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके. वहीं पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस सुन्दरराज पी. ने कहा कि वर्ष 2025 में माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षा बलों के द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है. प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है. अतः माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ें.

मनोज यादव का नया सफर: हरियाणा पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन संस्थान के महानिदेशक नियुक्त

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज यादव को हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (हिपा), गुरुग्राम का महानिदेशक नियुक्त किया है। बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए। मनोज यादव 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वे मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर से पहले राज्य के पुलिस प्रमुख रहे। डीजीपी पद से हटने के बाद वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। अब सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें हरियाणा सरकार ने एक अहम जिम्मेदारी सौंपी है। डीजीपी रहते समय मनोज यादव और तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सार्वजनिक हुए थे। पुलिस कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर उस दौर में सरकार के भीतर खींचतान की स्थिति बनी थी। हालांकि, बाद में मनोज यादव ने केंद्र में सेवाएं दीं और अब उन्हें राज्य के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान हिपा का नेतृत्व सौंपा है। हिपा में आईएएस, एचसीएस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस संस्था का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। माना जा रहा है कि मनोज यादव के अनुभव से हिपा की कार्यप्रणाली और मजबूत होगी। मनोज यादव का कार्यकाल व विवाद 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज यादव जुलाई 2019 से अगस्त 2021 तक हरियाणा के डीजीपी रहे। कार्यकाल के दौरान गृह मंत्री अनिल विज के साथ टकराव चर्चा में रहा। विज ने कई बार सार्वजनिक मंचों से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। अगस्त 2021 में वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। अब सेवानिवृत्ति के बाद हिपा महानिदेशक नियुक्त।

मौसम अपडेट: बारिश का दौर थमा, आने वाले दिन होंगे धूप-भरे और गर्म

जयपुर राजस्थान में पिछले दिनों मानसून जमकर मेहरबान रहा। यहां औसत से करीब 300 मिलीमीटर ज्यादा बारिश हुई। हालात कुछ ऐसे हैं कि कई इलाकों में बारिश का दौर थमे 3-4 दिन बीत चुके हैं लेकिन निचले इलाकों में अब भी जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के बाद अब लोग खेतों में भरे बरसाती पानी को निकालने की जद्दोजहद में लगे हैं। इसी बीच राहत की खबर है कि 11 से 16 सितंबर तक किसी भी जिले में बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इन सभी जिलों में मौसम ज्यादातर समय साफ रहने की संभावना जताई गई है। दोपहर के समय मौसम साफ रहने पर धूप में तेजी भी रहेगी। दरअसल राजस्थान में मानसून अब एक्टिव नहीं है, वहीं पूर्वी हवा कमजोर होने के बाद अब राजस्थान में पश्चिमी हवा सक्रिय हो चुकी है। इसके चलते मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जयपुर मौसम केंद्र ने राजस्थान में अब अगले 4 से 5 दिन मौसम ड्राई रहने का अनुमान जताया है। मौसम केंद्र का कहना है कि तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। डूंगरपुर, बांसवाड़ा और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही रह सकती है लेकिन यहां भी बारिश होने की संभावना बेहद कम है। 17 सितंबर से एक बार फिर राजस्थान में बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी हालांकि उस दौरान भी पूर्वी राजस्थान में हल्की से सामान्य दर्जे की बारिश हो सकती है। गौरतलब है कि राजस्थान में बारिश का औसत 405.7 एमएम रहता है लेकिन इस बार राजस्थान में 701 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश के कारण माही और बीसलपुर जैसे बड़े बांध भी पानी से लबालब हैं। बात करें राजस्थान के बड़े शहरों में तापमान की तो अजमेर में 32, भीलवाड़ा में 32.4, जयपुर में 34.2, सीकर में 32.7, उदयपुर में 31.6, जैसलमेर में 33.6, बीकानेर में 33.8, झुंझुनू में 33.3 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।

बस्तर दशहरा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मिला कार्यक्रम में भाग लेने का आमंत्रण

देश-विदेश में है 75 दिनों तक मनाए जाने वाले "बस्तर दशहरा" की विशेष ख्याति रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बस्तर सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में बस्तर दशहरा समिति, जगदलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 2025 में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को  बताया कि 75 दिनों तक चलने वाला यह पर्व हरेली अमावस्या से प्रारंभ होकर आश्विन शुक्ल पक्ष के 13वें दिन तक मनाया जाता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत 24 जुलाई को पाटजात्रा पूजा विधान के साथ हुई है। आगामी प्रमुख आयोजनों में 21 सितंबर को काछनगादी पूजा, 29 सितंबर को बेल पूजा तथा 4 अक्टूबर को मुरिया दरबार का आयोजन शामिल है।मुख्यमंत्री साय ने बस्तर दशहरा के आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल का आभार व्यक्त किया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।  

ED ने मोहाली मुआवजा घोटाले में की सख्त कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति जब्त

चंडीगढ़ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जालंधर जोनल कार्यालय की टीम ने गुआवा ऑर्चर्ड (अमरूद बाग) मुआवजा घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9.87 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां और शेयर अस्थायी रूप से अटैच किए हैं। यह कार्रवाई विकास भंडारी, भूपिंदर सिंह, रितिका भंडारी, करम सिंह और गुरदीप सिंह के खिलाफ की गई है। कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। विजिलेंस ब्यूरो की एफआईआर पर जांच ईडी ने यह जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की उस एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें भूपिंदर सिंह, विकास भंडारी और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जानिए कैसे हुआ घोटाला ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि निजी व्यक्तियों ने सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से गुआवा के बागों का झूठा अस्तित्व दिखाकर मुआवजा हड़प लिया। यह भूमि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) द्वारा एरोसिटी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट (आईटी सिटी, एसएएस नगर, मोहाली) के लिए अधिग्रहित की जानी थी। अधिक मुआवजा पाने के लिए आरोपियों ने कई हथकंडे अपनाए। जमीन पर जहां अमरूद के पेड़ मौजूद नहीं थे, वहां भी पेड़ दिखाए। पेड़ों की घनत्व, उम्र और संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई। राजस्व अधिकारियों और बागवानी विभाग के अफसरों की मिलीभगत से नकली रिकॉर्ड तैयार कराए और फर्जी रिपोर्ट बनवाई। इस तरह अवैध तरीकों से आरोपियों ने करोड़ों रुपये का मुआवजा हासिल किया और उसे अपराध से अर्जित संपत्ति के रूप में बदल लिया। पत्नी और सहयोगियों को ट्रांसफर की रकम जांच में यह भी सामने आया कि विकास भंडारी ने फर्जी मुआवजे की रकम का बड़ा हिस्सा अपनी पत्नी रितिका भंडारी और अपने सहयोगियों भूपिंदर सिंह, करम सिंह और गुरदीप सिंह के पास ट्रांसफर किया। इन्हीं पैसों से खरीदी गई संपत्तियों और शेयरों को ईडी ने अब अटैच कर लिया है। आगे की जांच जारी : ईडी ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया है कि यह अटैचमेंट अस्थायी है और आगे की जांच के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले से जुड़ा पैसा किन-किन चैनलों और व्यक्तियों तक पहुंचा।

सनातन संस्कृति का मूल है कर्ता के प्रति आभार: मुख्यमंत्री का वक्तव्य

कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव सनातन का पहला संस्कार : मुख्यमंत्री सनातन संस्कृति का मूल है कर्ता के प्रति आभार: मुख्यमंत्री का वक्तव्य कृतज्ञता ही है सनातन का प्रथम संस्कार: मुख्यमंत्री ने कहा कर्तव्य और कृतज्ञता सनातन की नींव: मुख्यमंत्री का बयान राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज की 11वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह में बोले मुख्यमंत्री युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का समापन गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना सनातन धर्म का पहला संस्कार है। भारतीय मनीषा के ज्ञान दर्शन में इस बात को प्रतिष्ठित किया गया है कि जीवन में हमारे, समाज और राष्ट्र के प्रति जिस किसी ने योगदान दिया हो उसके प्रति कृतज्ञता का भाव होना ही चाहिए।  सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतिम दिन गुरुवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामायणकाल में हनुमानजी और मैनाक पर्वत के बीच हुए संवाद के मुख्य उद्धरण ‘कृते च कर्तव्यम एषः धर्म सनातनः’ को समझाते हुए कहा कि यह भाव सनातन से ही मिलता है। सनातन की परंपरा में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करने के लिए आश्विन माह का पूरा कृष्ण पक्ष ही समर्पित किया गया है। गोरक्षपीठ में ब्रह्मलीन पूज्य महंतद्वय की पुण्य स्मृति में साप्ताहिक आयोजन भी कृतज्ञता ज्ञापन का ही आयाम है।  सनातन और भारत के हित में हर मुद्दे पर आजीवन प्रतिबद्ध रहे गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय : सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का स्मरण करते हुए कहा कि महंतद्वय समाज, राष्ट्र और लोक जीवन से जुड़े हर मुद्दे पर सनातन धर्म और भारत के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहे।  महंत दिग्विजयनाथ जी ने सनातन धर्म, शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीयता के जिन मूल्यों और आदर्शों को स्थापित किया, उन्हें महंत अवेद्यनाथ जी ने आत्मसात कर आगे बढ़ाया। इन मूल्यों और आदर्शों के लिए, देश और धर्म के लिए महंतद्वय आजीवन समर्पित रहे। दोनों ने सदैव देश और धर्म को प्राथमिकता दी। गोरक्षपीठ आज भी उनके बताए मार्ग का अनुसरण कर रहा है।  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त राष्ट्र की बुनियाद मानते थे महंतद्वय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला माना। महंत दिग्विजयनाथ जी ने इसी ध्येय से देश की गुलामी के कालखंड में ही 1932 में महाराणा प्रताप जैसे वीर योद्धा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। 1932 में पहली संस्था खुली और फिर यह श्रृंखला बढ़ती गई। गोरखपुर में जब पहले विश्वविद्यालय की स्थापना की बात आई तो उन्होंने महाराणा प्रताप महाविद्यालय और महाराणा प्रताप महिला विद्यालय दान में देकर विश्वविद्यालय की स्थापना का शुभारंभ कराया। यह कार्य श्रेय के लिए नहीं था। उन्होंने महिला शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आयुष शिक्षा सहित शिक्षा के हरेक क्षेत्र को आगे बढ़ाया। उनके बाद महंत अवेद्यनाथ जी ने भी इस सिलसिले को जारी रखा।  अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने में महंतद्वय का अविस्मरणीय योगदान सीएम योगी ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय के अविस्मरणीय योगदान का भी उल्लेख किया। कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के यज्ञ का शुभारंभ महंत दिग्विजयनाथ जी ने किया था। उनके बाद 1983 से लेकर जीवन पर्यंत महंत अवेद्यनाथ मंदिर निर्माण के लिए संघर्षरत रहे।  सामाजिक समरसता को आजीवन बढ़ाते रहे महंत अवेद्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी समाज को तोड़ने वाली ताकतों से चिंतित रहे। उन्होंने अश्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई और आजीवन सामाजिक समरसता को बढ़ाते रहे।