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रेप आरोपी विधायक के बयान से AAP में बढ़ी खींचतान, पंजाब बनाम दिल्ली का विवाद उभरा

चंडीगढ़  क्या आम आदमी पार्टी में पंजाब बनाम दिल्ली की जंग छिड़ी हुई है? इसे लेकर तमाम कयास रहे हैं और विपक्षी दल तो हमेशा आरोप लगाते रहे हैं कि पार्टी की दिल्ली टीम भगवंत मान सरकार पर हावी है और उन्हें काम नहीं करने दे रही। इस बीच रेप के आरोपी फरार विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी ऐसे ही बातें की हैं। उन्हें पंजाब पुलिस करनाल में गिरफ्तार करने उनके एक रिश्तेदार के घर तक पहुंच गई थी, लेकिन वह वहां से भाग निकले। यही नहीं इससे पहले ही एक वीडियो जारी कर पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि AAP की दिल्ली टीम मुझे दबा रही है। पठानमाजरा ने गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि पंजाब पुलिस ने मेरी पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले में रेप केस दर्ज किया है। इस तरह उनका आरोप है कि मुझे जानबूझकर फंसाने के लिए एक पुराने केस को खोला गया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी टीम पंजाब पर हावी होने की कोशिश कर रही है और मेरी आवाज दबाई जा रही है। उन्हें उनके करनाल में रहने वाले एक रिश्तेदार गुरनाम सिंह लाडी के यहां गिरफ्तार करने के लिए पंजाब की पुलिस पहुंची थी। लाडी हरियाणा में सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं और उनका राजनीतिक वजूद भी है। पठानमाजरा के बारे में जानकारी जुटाते हुए पुलिस करनाल में लाडी के घर तक पहुंची तो पठानमाजरा यहां से भी भाग निकले। पठानमाजरा और उनके साथी एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर में फरार हो गए, जिनमें से पुलिस ने फॉर्च्यूनर को पकड़ लिया है, जबकि पुलिस टीम स्कॉर्पियो में फरार विधायक का पीछा कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विधायक घर की दीवार फांदकर उस वक्त भाग निकले, जब पुलिस अंदर आ ही रही थी। हालांकि किसी भी तरफ से किसी तरह की फायरिंग आदि नहीं हुई है। पुलिस ने उनका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन पकड़ नहीं पाई। फिलहाल पठानमाजरा की तलाश जारी है। दूसरी पत्नी ने क्या आरोप लगाया था, जिस पर केस हुआ दर्ज दरअसल पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने मामले रेप के तहत आरोपी बनाए गए पंजाब की सन्नौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। दरअसल पठानमाजरा पर 2022 में उनकी दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहली शादी छिपाने और मारपीट का आरोप लगाया था। एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी वे सुर्खियों में रहे थे। अब उनके खिलाफ ऐक्शन हुआ है तो उनका कहना है कि दिल्ली की AAP टीम मुझे दबाने का प्रयास कर रही है।  

रायुपर : कुसमी नहर विस्तार कार्य हेतु करीब 76 लाख रुपये स्वीकृत

रायुपर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले की महानदी परियोजना के अतंर्गत शाखा नहर के गोड़ा से कुसमी (आर.सी.सी ट्रफ) नहर के विस्तार कार्य के लिए 75 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किये है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रीय किसानों को 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

घोड़ा मालिक और हैदराबाद कंपनी के खिलाफ FIR, जबलपुर में 19 घोड़ों की मौत

जबलपुर : एमपी के जबलपुर में हैदराबाद से आए विभिन्न नस्लों के घोड़ों की मौत का मामला अब पुलिस थाने पहुंच गया है। बीते 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की मौत के बाद मरने वाले घोड़ों की कुल संख्या 19 पर पहुंच गई है। पशु पालन विभाग ने आखिर 4 महीने बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई हैं। जबलपुर के रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में हैदराबाद से चार महीने पहले 57 एलीट घोड़ों को व्यावसायिक उपयोग के लिए लाया गया था। इनमें से अभी तक कुल 19 घोड़ों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो चुकी है। हालांकि पूर्व में जब घोड़ों की मौतों पर हो—हल्ला मचा था उस समय जांच में एक घोड़े में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण पाए गए थे। अब फिर से आधा दर्जन घोड़ों की मौत से पशु पालन विभाग सहित प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में रैपुरा फॉर्म संचालक और हैदराबाद की हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पहले जारी की थी प्रेस रिलीज 23 मई को कलेक्टर ने प्रेस रिलीज जारी की थी और इसमें लिखा था कि 29 अप्रैल से 3 मई के बीच तिवारी घोड़े लेकर जबलपुर आए। उन्होंने ही इलाज के लिए आवेदन दिया। इसके बाद इलाज शुरू हुआ और ब्लड सैंपल हिसार लैब भेजे गए। उस समय 44 घोड़े स्वस्थ बनाए गए, जबकि 9 की रिपोर्ट आना बाकी थी। प्रेस रिलीज में मेनका गांधी के निर्देशों का भी जिक्र था। क्यों पलटा प्रशासन 5 मई से 31 अगस्त तक प्रशासन और वेटरनरी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन 1 सितम्बर को एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसमें कहा गया कि घोड़े जबलपुर लाने या रखने की अनुमति प्रशासन या ग्राम पंचायत से नहीं ली गई। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, माना जा रहा है कि इसी वजह से चार महीने बाद कार्रवाई हुई। हरियाणा स्थित अनुसंधान केंद्र भेजे थे सैंपल पूर्व में जब एक महीने में 13 घोड़ों की मौत हुई थी उस समय बीमारी का पता लगाने के लिए घोड़ों के ब्लड सीरम सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र भेजे गए थे। अनुसंधान केन्द्र से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एक घोड़े में ग्लैंडस के संभावित लक्षण पाए गए थे। घोड़े के स्वास्थ्य में सुधार होने के कारण जांच के लिए दोबारा सैंपल लैब में नहीं भेजे गए थे। रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई थी गौरतलब है कि हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी हैदराबाद से 29 अप्रैल से 3 मई के बीच 57 विभिन्न नस्लों के घोड़े को जबलपुर लाकर पनागर के रैपुरा ग्राम में रखा गया था। घोड़ों की तबीयत खराब होने के कारण केयरटेकर सचिन गुप्ता ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूचित किया था। घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी की सम्भावना तथा जूनोटिक रोगों की निगरानी व निदान के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत जिला कलेक्टर ने रैपिड रिस्पांस टीम गठित करने के आदेश जारी किए थे। हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका एनिमल लवर्स सिमरन इस्सर और अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अब तक प्रशासन, वेटरनरी विभाग, राज्य सरकार और आरोपी पक्ष की ओर से करीब 1600 पेज का जवाब कोर्ट में दिया गया है। अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी। 5 मई को सड़क के रास्ते लाए गए थे 57 घोड़े हैदराबाद से थोरो, काठियावाड़ी और मारवाड़ी प्रजाति के 57 घोड़े सड़क के रास्ते 5 मई को जबलपुर लाए गए थे। सभी को रैपुरा गांव में रखा गया। इनकी देखरेख के लिए स्टड फॉर्म मालिक सचिन तिवारी ने कुछ डॉक्टर और सेवक भी रखे। लेकिन 7 मई से 13 मई के बीच इनमें से 8 घोड़ों की मौत हो गई। उसके बाद एक-एक कर 5 और घोड़े मरे और एक और की मौत के साथ आंकड़ा 14 पहुंच गया। दो सप्ताह पहले तक बचे घोड़ों की संख्या 44 थी, लेकिन अब फिर 6 घोड़ों की जान चली गई और संख्या घटकर 38 रह गई है। 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की फिर मौत रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में रखे गए घोड़ों में से विगत 20 दिनों में आधा दर्जन घोड़ों की मौत हो गई थी। अभी तक 57 में से 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। घोड़े के केयर टेकर सचिन तिवारी ने पशुपालन विभाग की टीम को बताया गया था कि घोड़ों की मौत का कारण परिवहन के तनाव से हुई थी। घोड़ों की मौत को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग ने पनागर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। केयर टेकर और कंपनी के खिलाफ FIR पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने मीडिया केा बताया है कि पशुपालन विभाग की शिकायत पर घोड़ों के केयर टेकर सचिन तिवारी, हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घोड़ों की मेडिकल जांच तथा डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उनका पुनर्वास पर निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

पर्सनल कानूनों की आड़ में बाल विवाह नहीं चलेगा, सभी धर्मों पर लागू होना चाहिए अधिनियम: भुवन ऋभु

पर्सनल कानूनों की आड़ में जारी बाल विवाह की प्रथा पर रोक लगे और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सभी धर्मों व संप्रदायों पर समान रूप से लागू हो :  भुवन ऋभु भोपाल जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि बाल अधिकारों की सुरक्षा में मध्य प्रदेश अग्रिम मोर्चे पर है और इस राज्य के पास बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने की राष्ट्रीय लड़ाई के नेतृत्व की पूरी क्षमता व संभावना है।  मध्य प्रदेश की सात करोड़ तीस लाख की आबादी में 40 प्रतिशत हिस्सा बच्चों का है। ऐसे में राज्य के सामने एक बड़ी चुनौती है और इसने निर्णायक कदम उठाए हैं। बाल विवाह, ट्रैफिकिंग और यौन हिंसा की चुनौती से निपटने के लिए सरकार और नागरिक समाज ने साथ मिलकर तेजी से कदम उठाए हैं।      देश के 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सहयोग से अप्रैल 2023 से अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के 41 जिलों में 36,838 बाल विवाह रुकवाए, ट्रैफिकिंग के शिकार 4,777 बच्चों को मुक्त कराया और यौन शोषण के शिकार 1200 से अधिक पीड़ित बच्चों की मदद की।  नागरिक समाज संगठनों के पुलिस, अधिवक्ताओं, बाल कल्याण समितियों और समुदायों के साथ तालमेल व समन्वय से काम करने के इस अनूठे माडल ने बच्चों की सुरक्षा की राज्य की क्षमता को मजबूती दी है।मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बच्चियों के साथ बलात्कार के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया था। ऋभु ने कहा कि सरकार को यही संकल्प बाल विवाह के खिलाफ भी दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) एक धर्मनिरपेक्ष कानून है जो बच्चों की सुरक्षा के मकसद से बनाया गया था और इसे हर हाल में धार्मिक विश्वासों व पर्सनल लॉ पर तरजीह मिलनी चाहिए।    हाल ही में कुछ उच्च न्यायालयों के फैसलों जिसमें पीसीएमए पर पर्सनल लॉ को तरजीह दी गई थी, का जिक्र करते हुए भुवन ऋभु ने कहा कि मध्य प्रदेश को अगुआई करते हुए इसे सभी के लिए बाध्यकारी बनाना चाहिए।  भोपाल में  एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भुवन ऋभु ने कहा, “सैद्धांतिक रूप से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम किसी भी पर्सनल लॉ, प्रथा या संहिता से ऊपर है। मध्य प्रदेश सरकार को इस पर अमल की अगुआई करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून बगैर किसी समझौते के हर बच्चे की हिफाजत करे।”  भुवन ऋभु वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन से ‘मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय अधिवक्ता हैं। वे जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन की वैश्विक पहल जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन वर्ल्डवाइड (जेसीडब्ल्यू) के भी अध्यक्ष हैं। जेसीडब्ल्यू दुनियाभर के अधिवक्ताओं, जजों और न्यायविदों को एक मंच पर लाता है ताकि कानूनी सुधारों व कानून पर अमल के जरिए बच्चों की सुरक्षा को मजबूती दी जा सके। बेस्टसेलर किताब ‘व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन: टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज’ के लेखक भुवन ऋभु ने कहा, “बच्चों की वास्तविक सुरक्षा व संरक्षण तभी संभव है जब कानून एक मजबूत निवारक उपाय का काम करे।”    उन्होंने कहा, “अप्रैल 2023 से जुलाई 2025 के बीच महज इन दो सालों में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के कार्यों से यह साबित होता है कि यदि कानून को उसके उद्देश्य और तात्कालिकता के साथ लागू किया जाए तो बच्चे वास्तव में सुरक्षित होंगे। देश में 3,74,000 बाल विवाह रोक कर, ट्रैफिकिंग के शिकार 1,00,000 से अधिक बच्चों को मुक्त करा कर, यौन शोषण के शिकार 34,000 से भी ज्यादा बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा मुहैया कर और 63,000 से भी ज्यादा मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर भारत ने यह साबित किया है कि हम एक ऐसा राष्ट्र बन सकते हैं जहां बच्चों के खिलाफ अपराध करके कोई कानून से नहीं बच पाएगा। यहां तक कि साइबर जगत में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के 1,000 से अधिक मामले दर्ज कर हमने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का शासन हर बच्चे की सुरक्षा करेगा और हर जगह करेगा।” हालांकि मध्य प्रदेश में बाल विवाह की दर 23.1 है जो राष्ट्रीय औसत 23.3 के मुकाबले मामूली कम है लेकिन कुछ जिलों में स्थिति गंभीर है। जैसे राजगढ़ में बाल विवाह की दर 46.0, श्योपुर में 39.5, छतरपुर में 39.2, झाबुआ में 36.5 और आगर मालवा जिले में 35.6 प्रतिशत है। कानून पर सख्ती से अमल के अभाव में बाल विवाह से बच्चियों का पढ़ाई छोड़ना और उनका शोषण व गरीबी के अंतहीन दुष्चक्र में फंसना जारी रहेगा।  मध्य प्रदेश में जेआरसी नेटवर्क के 17 सहयोगी संगठन पिछले दो वर्षों से राज्य के 41 जिलों में काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क बाल विवाह, बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल यौन शोषण और बाल श्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता के प्रसार और कानूनी हस्तक्षेप उपायों की दोहरी रणनीति पर काम करता है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ‘चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया’ अभियान के सहयोग में भी अग्रिम मोर्चे पर है जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत से बाल विवाह का खात्मा है।    बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 बाल विवाह पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को बच्चे के तौर परिभाषित करता है। इस कानून के तहत बाल विवाह को प्रोत्साहित करने या उसमें किसी भी तरह का सहयोग करने जैसे बारात में शामिल मेहमानों, हलवाई, सजावट करने वाले, बैंड वाले या घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान है।

उफनती नदियों ने मचाया हाहाकार, पंजाब के 1300 गांव डूबे

पठानकोट पंजाब पिछले एक महीने से भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है. 1 अगस्त से अब तक बाढ़ के कारण राज्य में 30 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2.56 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार ने इसे दशकों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदा करार दिया है. सूबे में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान के साथ मौसमी नालों में बढ़े जलस्तर से कई जिलों में भारी तबाही मची है. बाढ़ से सबसे ज्यादा असर अमृतसर में देखा गया है, जहां 35,000 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद फिरोजपुर में 24,015, फाजिल्का में 21,562, पठानकोट में 15,053, गुरदासपुर में 14,500, होशियारपुर में 1,152, एसएएस नगर में 7,000, कपूरथला में 5,650, मोगा में 800, जालंधर में 653, मानसा में 163 और बरनाला में 59 लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य सरकार के बुलेटिन के मुताबिक, सबसे ज्यादा 6 मौतें पठानकोट में दर्ज की गई हैं. अमृतसर, बरनाला, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा और रूपनगर में 3-3 लोगों की मौत हुई. बठिंडा, गुरदासपुर, पटियाला, मोहाली और संगरूर में 1-1 मौत दर्ज की गई. पठानकोट में तीन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. अब तक 15,688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सबसे ज्यादा 5,549 लोगों को गुरदासपुर में बचाया गया, जबकि फिरोजपुर में 3,321, फाजिल्का में 2,049, अमृतसर में 1,700 और पठानकोट में 1,139 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाला गया है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद उफनती सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों के कारण पंजाब के बड़े हिस्से में बाढ़ आई है. 1300 से ज्यादा गांवों में ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित पंजाब में बाढ़ की चपेट में अब तक कमोबेश गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें गुरदासपुर में 321, अमृतसर में 88, बरनाला में 24, फाजिल्का में 72, फिरोजपुर में 76, होशियारपुर में 94, जालंधर 55, कपूरथला में 115, मानसा में 77, मोगा में 39 और पठानकोट में 82 गांव शामिल हैं. मसलन, 12 जिलों के कमोबेश 1300 गांवों में कुल 2,56,107 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल कैंप फिरोजपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 400 मेडिकल कैंप लगाए गए, जिनमें अब तक 8,700 मरीजों का इलाज किया गया. मोबाइल मेडिकल टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को दवाइयां और ORS मुहैया करा रही हैं. गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष देखभाल पर जोर दिया जा रहा है. चंडीगढ़ और पंजाब में स्कूल-कॉलेज बंद चंडीगढ़ में भारी बारिश के चलते मंगलवार को सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया गया है. प्रशासन ने पाटियाला की राव नदी पर भी नजर रखने और निचले इलाकों में समय रहते अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं. इसी तरह पंजाब सरकार ने राज्यभर में कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पॉलीटेक्निक इंस्टिट्यूट्स को 3 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया है.  यूरोपीय स्पेस एजेंसी के Copernicus Sentinel-1 के डेटा का इस्तेमाल करके 25 से 31 अगस्त तक बाढ़ग्रस्त इलाकों का विश्लेषण किया. इसमें पता चला कि रावी नदी अपनी सामान्य चौड़ाई से 10 गुना तक फैल गई और हजारों घर, गांव और खेत जलमग्न हो गए. राज्यपाल करेंगे बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा, सीएम की केंद्र से ये अपील पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया 2 से 4 सितंबर तक राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे. इस संबंध में सोमवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई. सोमवार को राज्यपाल सड़क मार्ग से सीमावर्ती जिला फिरोज़पुर के लिए रवाना हुए. प्रेस रिलीज के मुताबिक राज्यपाल 2 सितंबर को फिरोज़पुर और तरनतारन, 3 सितंबर को अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट तथा 4 सितंबर को होशियारपुर और श्री आनंदपुर साहिब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. राज्य के कई हिस्से भीषण बाढ़ की चपेट में हैं. ऐसे हालात में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि इस संकट की घड़ी में लोगों को राहत देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा. उन्होंने इसे "हाल के इतिहास की सबसे भीषण बाढ़" करार दिया. सीएम मान ने यह भी बताया कि वह पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं और सरकार के पास फंसे राज्य के 60,000 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह खुद भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. लगातार हो रही भारी बारिश के चलते होशियारपुर जिले में हालात और बिगड़ रहे हैं. गढ़शंकर और होशियारपुर सब-डिवीजन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. हकूमतपुर, अलीवालपुर, भाना, ठक्करवाल और खानपुर गांवों में पानी घरों तक घुस गया. अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त महीने में 253.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा है और पिछले 25 वर्षों में सबसे अधिक दर्ज की गई है. गढ़शंकर SDM संजीव कुमार ने बताया कि प्रभावित परिवारों को गुरुद्वारों की मदद से पका हुआ खाना मुहैया कराया जा रहा है. वहीं, होशियारपुर SDM ने बताया कि कुकरां बंध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया. जिले में अब तक 100 गांवों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है और 5,971 हेक्टेयर खेत डूब चुके हैं. यहां 10 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 1,041 लोग रह रहे हैं. खेतीबाड़ी और बुनियादी ढांचे का नुकसान पंजाब में 96,061 हेक्टेयर खेतीबाड़ी की जमीन बाढ़ की चपेट में आई हैं. पशुधन का भी बड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन सही आंकड़े पानी उतरने के बाद ही सामने आएंगे. बुनियादी ढांचे की क्षति का भी आकलन जलस्तर घटने के बाद किया जाएगा. पूरे राज्य में NDRF, SDRF, आर्मी और पंजाब पुलिस राहत कार्यों में जुटी हैं. NDRF की 20 टीमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का और बठिंडा में तैनात की गई हैं. अब तक 14,936 लोगों को सेना, BSF और प्रशासन ने मिलकर सुरक्षित निकाला है. मसलन, पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राहत-बचाव कार्य लगातार जारी हैं, लेकिन अभी भी लाखों लोग प्रभावित हैं. प्रशासन ने साफ कहा है कि पानी उतरने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन किया जा सकेगा.

वाहन चालक मालक सामाजिक संघ कार्यक्षेत्र संपूर्ण भारत

कटनी केविजन के साथ संघ द्वारा ड्राइवर के सम्मान में 1 सितंबर को पन्ना जिले में सम्मान समारोह रखा मध्य प्रदेश पद कीऔर कटनी जिला टीम नवनिर्वाचित नई कार्यकारिणी सदस्य एवं पदाधिकारी घोषणा कीश्री अरुण तिवारी जी . मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्री रामचंद्र विश्वकर्मा जी  मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष  श्री राजेंद्र सिंह परिहार जी  मध्य प्रदेश सचिव  श्री गुड्डा टीडी कुशवाहा जी  मध्य प्रदेश महामंत्री  श्री अजय श्रीवास्तव जी  मध्य प्रदेश प्रचार मंत्री  एवं श्री सुरेश कुशवाहा जी  प्रदेश संपर्क प्रमुख एवं  श्री जावेद अहमद जी  जिला कटनी प्रभारी  श्री  शीलू साहू जी कटनी जिला अध्यक्ष  श्री विकास अग्रवाल जी  कटनी जिला संगठन मंत्री कई पदाधिकारी की घोषणा राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री सुनील मिश्रा जी द्वारा एवं श्री रमजान खान जी राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जी  एवं उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी अन्य लोगों वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे सम्मान पत्र एवं नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए

हरमीत सिंह की गिरफ्तारी, AAP विधायक ने सरकार पर लगाते रहे आरोप

पटियाला पंजाब के आम आदमी पार्टी (AAP) हरमीत पठानमाजरा को मंगलवार को हरियाणा की पटियाला पुलिस ने बलात्कार के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के कुछ ही समय में वह पुलिस के गिरफ्त से फरार हो गए. आरोप है कि पुलिस पर फायरिंग करने के बाद वह फरार हुए. उनके हमले में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी खबर है. पुलिस के हवाले से खबर आ रही है कि पटियाला पुलिस उन्हें एक बलात्कार और वीडियो लीक मामले में स्थानीय थाने ले जा रही थी, तभी हरमीत और उनके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग की. इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया. आरोप है कि भागने के दौरान हरमीत ने पुलिसकर्मी पर स्कॉर्पियो गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की.  वे एक स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर फरार हो गए. पुलिस ने फॉर्च्यूनर कार को पकड़ लिया है, लेकिन, हरमीत स्कॉर्पियो में फरार हैं. पंजाब और हरियाणा पुलिस मिलकर पीछा कर रही है. दरअसल, हरमीत के खिलाफ एक महिला ने आरोप लगाया कि 25 अगस्त को हरमीत पठानमाजरा ने प्राइवेट विडियो लीक करने और जान से मारने की धमकी दी. महिला के स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पंजाब पुलिस हरकत में आई. लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही हरमीत पंजाब से फरार होकर हरियाणा में जा छिपा. इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता और इनफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट (I&T ACT) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. समर्थकों से किया अपील पठान माजरा ने गिरफ्तारी से पहले बताया कि उनके खिलाफ धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि जो भी पंजाब की बात करता है, उसके खिलाफ मामले दर्ज कर दिए जाते हैं. उन्होंने अपील की कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग पटियाला एसएसपी और डीसी ऑफिस पहुंचकर उनका समर्थन करें. आप विधायक (AAP MLA) ने आरोप लगाया कि ‘जब भी वह पंजाब के पक्ष में आवाज उठाते हैं, उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है.’ उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया है. उनका कहना है कहा कि ‘दिल्ली AAP टीम’ पंजाब में उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने समर्थकों से पटियाला के SSP और DC ऑफिस पहुंचकर समर्थन देने की अपील की. इसी दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया. पूरा आरोप तो जान लीजिए- एक महिला ने 25 अगस्त 2025 को पठानमाजरा के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई. उसने आरोप लगाया कि हरमीत ने उसका निजी वीडियो लीक किया और जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद, 26 अगस्त को महिला ने एक और शिकायत दर्ज की, जिसमें दावा किया कि हरमीत ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया. शिकायत के आधार पर, पटियाला पुलिस ने हरमीत के खिलाफ IPC की धारा 376 और IT एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही हरमीत पंजाब से फरार होकर हरियाणा में छिप गया, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उसे करनाल से गिरफ्तार कर लिया. हरमीत का बयान जब तक पुलिस उनको गिरफ्तार करती हरमीत को खबर लग चुकी थी. उन्होंने एक फेसबुक लाइव वीडियो में दावा किया कि उनके खिलाफ पुरानी शिकायत, जो उनकी पूर्व पत्नी से संबंधित है. उसी के आधार पर मामला दर्ज किया गया. उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि ‘दिल्ली AAP टीम’ पंजाब में उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने समर्थकों से पटियाला के SSP और DC ऑफिस पहुंचकर समर्थन देने की अपील की.  

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक छतरपुर संपन्न

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक छतरपुर संपन्न पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने को लेकर दिया मांग पत्र छतरपुर  अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश महासचिव दीपू सोनी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी की मुख्य उपस्थिति में आयोजित की गई ! जिसमें राष्ट्रीय महासचिव रोहित यादव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश तिवारी एवं ए के स्वर्णकार प्रदेश सदस्यता प्रभारी,य छत्तीसगढ़ प्रदेश सदस्यता प्रभारी धर्मेंद्र वस्त्रकर, एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार के मुख्य उपस्थिति में सदस्यता अभियान के साथ-साथ बैठक आयोजित की गई  समिति को विस्तार एवं समिति में नए पदाधिकारी का चयन के साथ-साथ सदस्यता अभियान पर जोर दिया गया ! वहीं आए हुए अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम का आयोजन स्थान मीटिंग स्थल- गंगा अईस फैक्ट्री नौगांव रोड इंडस्ट्रीज एरिया छतरपुर मैं आयोजित किया गया जिसमें मुख्य गरिमा में उपस्थित छतरपुर विधायक ललिता यादव मुख्य रूप से उपस्थित रही इन्होंने पत्रकारों की पीड़ा को सुना और पत्रकारों के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अन्य पत्रकारों की उपस्थिति में एक मांग पत्र सोपा गया जिसमें यह उल्लेखित है कि  (१)पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए  (२) प्रधानमंत्री आवास योजना के योजना में पत्रकारों को भी विशेष दर्जा देकर लाभान्वित किया जाए  (३) अधिमान्यता पत्रकार संभागीय कमेटी भांग पड़ी उसे पुणे मध्य प्रदेश में चालू किया जाए  (४) अधिमान्य पत्रकारों को जो रेल किराया में छूट मिलती थी वह छूट पुनः चालू की जाए इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायक छतरपुर ललिता यादव जी को समस्त पत्रकारों की उपस्थिति में सोपा गया विधायक ने कहा कि शीघ्र कवरिंग लेटर लगाकर मुख्यमंत्री को आपका पत्र भेजा जाएगा सभी पत्रकारों ने विधायक ललिता यादव जी का धन्यवाद ज्ञापित कर साल सिर्फफल  से उन्हें सम्मानित किया

शिवराज सिंह यादव पहुंचे भोपाल में सीएम यादव के आवास, स्वागत हुआ जोरदार

भोपाल  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में डॉ. यादव ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि आज भोपाल निवास पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री आदरणीय भाईसाहब शिवराज सिंह चौहान जी से सौजन्य भेंट हुई।  

इनकम टैक्स का बड़ा कदम: भोपाल के साइंस हाउस पर कई शहरों में रेड

भोपाल आयकर विभाग ने मंगलवार सुबह भोपाल, इंदौर और मुंबई सहित कई शहरों में एक साथ कार्रवाई करते हुए तीस से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भोपाल के एमपी नगर स्थित साइंस हाउस और इंदौर में उससे जुड़े सहयोगी संस्थानों पर हो रही है। सूत्रों के अनुसार छापे के दौरान टैक्स चोरी से जुड़े भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी विभागीय टीम जांच कर रही है।इस दौरान साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड के संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके सहयोगियों से पूछताछ भी की जा रही है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर कर चोरी के खुलासे से जुड़ी है। टीम सुबह करीब 5 बजे साइंस हाउस पहुंची। फिलहाल अफसर, इसके संचालक जितेंद्र तिवारी और उनके सहयोगी सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित गुप्ता, कंसल्टेंट दिनेश बारोलिया, शिखा राजोरिया से पूछताछ कर रहे हैं। मेडिकल सर्जिकल कारोबार से जुड़ा मामला सूत्रों के मुताबिक यह रेड मेडिकल सर्जिकल उपकरणों का कारोबार करने वाले राजेश गुप्ता से संबंधित है। राजेश गुप्ता का मुख्य ऑफिस साइंस हाउस ग्रुप बिल्डिंग में ही है, जहां अधिकारी कागज़ात और अकाउंट से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। उनके कारोबार से जुड़े कई पहलुओं को आयकर विभाग खंगाल रहा है। कारोबारी के घर पर भी छापा सिर्फ ऑफिस ही नहीं, बल्कि राजेश गुप्ता के निजी आवास को भी इस कार्रवाई में शामिल किया गया। विभाग की एक टीम सीधे लालघाटी स्थित पंचवटी पार्क कॉलोनी में उनके घर पहुंची। वहां भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए और टीम ने भीतर जाकर तलाशी अभियान शुरू किया। दोनों जगहों पर अलग-अलग टीमें दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इलाके में मची सनसनी और लोगों की प्रतिक्रिया स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-सुबह अचानक पांच से अधिक गाड़ियां और भारी फोर्स देखकर वे हैरान रह गए। कई लोग यह देखने के लिए रुक गए कि आखिर इतनी भारी सुरक्षा और अधिकारी किस मकसद से आए हैं। धीरे-धीरे खबर फैलते ही पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई कि यह कार्रवाई किसी बड़े कारोबारी से जुड़ी है। अभी तक आधिकारिक पुष्टि का इंतजार फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस रेड को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि बिल्डिंग और घर पर छापामारी का असली कारण क्या है। हालांकि, अधिकारियों ने बिल्डिंग के भीतर मौजूद दस्तावेजों, लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य कागजात की गहराई से जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस कार्रवाई से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। साइंस हाउस का मेन ऑफिस भोपाल में गौतम नगर के मकान नंबर सी-25 में 1994 से चल रहा है। कंपनी देशभर में मेडिकल इक्विपमेंट्स की सप्लाई करती है। डायग्नोस्टिक सर्विस भी देती है। पैथालॉजी लैब और निजी अस्पताल की भी सेवाएं भी उपलब्ध कराती हैं।